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CG: प्रधानमंत्री मोदी के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल का मामला भाजपा की साजिश, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल…

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CG: प्रधानमंत्री मोदी के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल का मामला भाजपा की साजिश, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल…

बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर उठे विवाद के बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा षड्यंत्रों में विश्वास रखती है और यह घटना भी संभवतः एक साजिश हो सकती है।

बघेल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को मिली जनता की प्रतिक्रिया से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बौखला गई है और इसका सीधा जवाब देने में असमर्थ होने के कारण अब वह दूसरे हथकंडे अपना रही है।

बघेल ने कहा, ”किसी के द्वारा भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है और हम इसका समर्थन नहीं करते। राहुल जी की यात्रा (बिहार में) को मिली प्रतिक्रिया से भाजपा बौखलाई हुई है। जिस मंच पर कथित टिप्पणी की गई, वहां न तो राहुल जी और न ही राजद नेता तेजस्वी यादव जी मौजूद थे। यहां तक कि हमारे गठबंधन के नेता भी वहां मौजूद नहीं थे। ऐसे में किसी ने अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया।”

उन्होंने कहा, ”सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों से पता चलता है कि इस मामले में गिरफ्तार किया गया व्यक्ति भाजपा का सदस्य है और एक तस्वीर में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ भी देखा गया है।”

बघेल ने कहा, ”वे (भाजपा) बौखलाए हुए हैं। अब तक राहुल जी की यात्रा को मिली प्रतिक्रिया देखकर वे सदमे में थे और अब दूसरे हथकंडे अपना रहे हैं। वैसे, वे षड्यंत्रकारी हैं। वे गोडसे के अनुयायी और प्रशंसक हैं और षड्यंत्रों में विश्वास रखते हैं। इसलिए यह भी एक षड्यंत्र का हिस्सा हो सकता है।”

बघेल ने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी के पुराने भाषण रिकॉर्ड में हैं, जिनमें ’50 लाख रुपये की गर्लफ्रेंड’, ‘जर्सी गाय’ और ‘कांग्रेस की विधवा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। यहां तक कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी पर भी मध्यप्रदेश के एक मंत्री ने टिप्पणी की थी, लेकिन भाजपा तब चुप रही। भाजपा नेताओं में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की परंपरा रही है। अगर भाजपा, कांग्रेस पर एक उंगली उठाती है, तो तीन उंगलियां उसकी ओर मुड़ जाती हैं।”

उन्होंने कहा कि मंच पर मौजूद न होने पर किसी के द्वारा कहे गए शब्दों के लिए राहुल गांधी से माफ़ी मांगने की मांग करना शर्मनाक है।

सियासी वार-पलटवार का दौर जारी बिहार में पीएम के अपमान पर उठा सियासी तूफान, ओबीसी के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल पर तीखे हमले..

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सियासी वार-पलटवार का दौर जारी बिहार में पीएम के अपमान पर उठा सियासी तूफान, ओबीसी के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल पर तीखे हमले..

‘सियासत में सब कुछ जायज है’ नेता अक्सर अपनी गलत बात को जायज ठहराने के लिए इसी जुमले का इस्तेमाल करते है, पर ये जुमला आज की सियासत की सबसे कड़वी सच्चाई बन चुका है, नेता अपने विरोधी पर निशाना साधने के लिए भाषा की मर्यादा को तार-तार करने पर तुले है, बीते कुछ घंटों के भीतर आए आपको ऐसे तीन बयान सुनाते है, जो ये बताने के लिए काफी है कि देश की राजनीति में बदजुबानी कैसे हावी होती जा रही है… शुरुआत करते है बिहार से जहां.. जहां राहुल गांधी के मंच से एक कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी की मां को लेकर अपशब्द कहे… जिसके खिलाफ देशभर में बीजेपी ने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया.. दूसरी तरफ कांग्रेस खुद के बचाव में सफाई पेश करती नजर आई.. लेकिन बिहार में पीएम के अपमान पर जो सियासी तूफान उठा.. उससे राजनीति भी अछूती नहीं रही..

पीएम मोदी की मां को का कांग्रेस नेता की ओर से गाली दिए जाने के बाद जहां पटना में जमकर बवाल मचा… तो सियासी वार-पलटवार का दौर भी जारी रहा… कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने X पोस्ट कर लिखा-

“सत्य औऱ अहिंसा के आगे, असत्य और हिंसा टिक नहीं सकते…मारो-तोड़ो, जितना मारना-तोड़ना है.. हम सत्य और संविधान की रक्षा करते रहेंगे..

”इधर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में एक सभा के दौरान कांग्रेस पर जमकर बरसे.. और कहा कि कांग्रेस और राहुल को अगर थोड़ी भी शर्म होगी तो मोदीजी और उनकी मां से माफी मांगे…”

”पीएम मोदी के अपमान पर केवल अमित शाह ही आक्रोशित नजर नहीं आए.. दरभंगा में दिए गए बयान के विरोध में बीजेपी ने भी मोर्चा संभाला.. और पूरी कांग्रेस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया..”

गालीबाजी को ओबीसी के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल पर तीखे हमले

बीजेपी ने जहां कांग्रेस नेता की गालीबाजी को ओबीसी के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल पर तीखे हमले किए.. तो कांग्रेस खुद का बचाव करती नजर आई…

<< इनकी चोरी पकड़ी गई है इसलिए यह लोग बौखलाए हुए हैं। वह व्यक्ति कौन है जो गिरफ्तार हुआ, वह किसका आदमी है, आप पता लगाइए… जनता सब देख रही है और पूरा देश भाजपा की गुंडागर्दी देख रही है”>>

<<“यह बयान किसने दिया या किसका यह बयान है, इसकी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस का कोई व्यक्ति नहीं चाहेगा कि प्रधानमंत्री या उनके निजी परिवार पर अपशब्द कहे जाएं। यह कांग्रेस की संस्कृति नहीं है… कार्रवाई कीजिए>>

कुल मिलाकर बिहार से लेकर देशभर में जिस तरह से पीएम मोदी के अपमान को लेकर बीजेपी आक्रामक है.. और इसे ओबीसी के अपमान से जोड़ रही है.. उससे साफ है कि- बीजेपी इस बार आर-पार के मूड में है.. तो कांग्रेस अपने नेता की गाली के कारण बैकफुट पर आ गई है..

CG: विदेश दौरा ख़त्म कर दिल्ली पहुंचे CM विष्णु देव साय.. डिप्टी CM विजय शर्मा ने किया स्वागत. .

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CG: विदेश दौरा ख़त्म कर दिल्ली पहुंचे CM विष्णु देव साय.. डिप्टी CM विजय शर्मा ने किया स्वागत. .

सीएम साय का दिल्ली एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत, जापान यात्रा पर बोले सीएम साय, पीएम मोदी की विदेश नीति की तारीफ की .. प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपना विदेश दौरा ख़त्म कर स्वदेश लौट आये है। राजधानी दिल्ली में उप मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री, मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा और युवा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने उनका पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। बताया जा रहा है कि आज दोपहर ढाई बजे सीएम साय रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहाँ सरकार के सीनियर मंत्री, पार्टी के बड़े पदाधिकारी और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।

पीएम मोदी भी जापान में सीएम साय के जापान दौरे से इतर 29 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिखर सम्मलेन में हिस्सा लेने के लिए जापान पहुंचे है। प्रधानमंत्री मोदी के इस यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, पीएम की यह यात्रा दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता को और गहरा बनाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा, “भारत और जापान की दोस्ती सदियों पुरानी है। पीएम मोदी का दौरा तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे दोनों देशों की जनता को लाभ मिलेगा और साझा समृद्धि का रास्ता खुलेगा।” सीएम साय ने जापान पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, पीएम का यह विदेश दौरा दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता को और गहरा बनाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा, “भारत और जापान की दोस्ती सदियों पुरानी है। पीएम मोदी का दौरा तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे दोनों देशों की जनता को लाभ मिलेगा और साझा समृद्धि का रास्ता खुलेगा।”

CG: पहली से 5वीं के बच्चों को पढ़ाया जाएगा छत्तीसगढ़ी, छत्तीसगढ़ की लोककथाएं होंगी शामिल, लोककला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा …

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CG: पहली से 5वीं के बच्चों को पढ़ाया जाएगा छत्तीसगढ़ी, छत्तीसगढ़ की लोककथाएं होंगी शामिल, लोककला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा …

छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए अब स्कूलों में पहली से 5वीं तक के बच्चों को छत्तीसगढ़ी एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। सरकार के इस फैसले के पीछे का उद्देश्य बच्चों को छत्तीसगढ़ी के अवगत कराना है। इसके लिए SCERT पाठ्यक्रम तैयार कर रही है।

प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए एक विषय के रूप में छत्तीसगढ़ी को शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य न सिर्फ बच्चों को उनकी मातृभाषा से जोड़ना है, बल्कि उन्हें छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान से भी परिचित कराना है।

यह पहल राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीइआरटी) द्वारा की जा रही है, जो इस नए पाठ्यक्रम को तैयार करने का जिम्मा संभालेगी। इस पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए परिषद छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों, लोक कलाकारों, गीतकारों, शिल्पकारों, संगीतकारों, नर्तकों और कहानीकारों से सहयोग लेगी। इन विशेषज्ञों की मदद से ऐसा कोर्स तैयार किया जाएगा जो बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़े रखे।

बच्चे अपनी मातृभाषा में तेजी से सीखते हैं

मनोवैज्ञानिकों और शिक्षाविदों का मानना है कि बच्चे अपनी मातृभाषा में अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझते हैं और उनमें सोचने की क्षमता का विकास तेजी से होता है। छत्तीसगढ़ी में पढ़ाई शुरू होने से बच्चे न केवल अपनी भाषा को लेकर गर्व महसूस करेंगे, बल्कि लोक गीतों, कहानियों और नाटकों के माध्यम से वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी करीब से जान पाएंगे। यह बच्चों में छत्तीसगढ़ की पहचान और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद करेगा।

पाठ्यक्रम होगा खास

एससीइआरटी का लक्ष्य केवल व्याकरण और भाषा ज्ञान तक सीमित नहीं है। बल्कि पाठ्यक्रम को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि वह बच्चों के लिए मनोरंजक और ज्ञानवर्धक हो। इसमें छत्तीसगढ़ की लोककथाएं जैसे लोरिक चंदा, ढोला मारु और देवारों की कथाएं शामिल की जा सकती हैं। इसके अलावा राज्य के प्रमुख त्योहारों जैसे पोला, हरेली और छेरछेरा के बारे में भी कहानियों और कविताओं के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।

इस पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल, शिल्प, और संगीत के वाद्य यंत्रों को भी शामिल किया जाएगा। इससे बच्चों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान मिलेगा, बल्कि वे अपनी संस्कृति के व्यावहारिक पहलुओं को भी सीख पाएंगे। यह बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह पहल इसी शिक्षा सत्र से शुरू होगी या अगले से, लेकिन सरकार इस पर गंभीरता से काम कर रही है।

SSC Exam 2025: एसएससी परीक्षा दोबारा क्यों हुई…..59 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने फिर से दिया एग्जाम

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एसएससी का फुल फॉर्म स्टाफ सिलेक्शन कमीशन है. इसे हिंदी में कर्मचारी चयन आयोग कहा जाता है. लेकिन हाल के दिनों में एसएससी परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभ्यर्थियों ने इसका नाम बदल दिया है. सोशल मीडिया और प्रदर्शन स्थलों पर एसएससी परीक्षा को स्पेशल स्कैम कमीशन कहा जा रहा है. अभ्यर्थियों ने एसएससी परीक्षा पर गड़बड़ियों का आरोप लगाया था. इसे देखते हुए एसएससी ने 29 अगस्त 2025 को परीक्षा दोबारा आयोजित करवाई.
शुक्रवार को यह परीक्षा 3 पालियों में हुई थी. इसमें 59,500 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. बीते कुछ समय से दिल्ली, जयपुर, पटना समेत कई बड़े शहरों में एसएससी परीक्षा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहे थे. खान सर, नीतू मैम समेत कई जाने-पहचाने शिक्षक भी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनने लगे थे. इससे न सिर्फ यह आंदोलन देशव्यापी हो गया था, बल्कि आम लोग भी इसकी चर्चा करने लगे थे. एसएससी सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 की परीक्षा 24 जुलाई से 2 अगस्त 2025 के बीच हुई थी. अब यही परीक्षा 29 अगस्त को दोबारा हुई.
SSC Exam Controversy: एसएससी परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी का आरोप
एसएससी सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 के परीक्षार्थियों ने तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायत की थी. इस पर कार्रवाई करते हुए एसएससी ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया. एसएससी चैयरमैन एस गोपालकृष्णन के मुताबिक, एक विस्तृत लॉग एनालिसिस के जरिए प्रभावित परीक्षार्थियों की पहचान की गई थी. इसके बाद एसएससी ने दोबारा परीक्षा के लिए 22 अगस्त 2025 को सिटी स्लिप जारी की थी. फिर 26 अगस्त को एसएससी एडमिट कार्ड रिलीज किए गए थे.

खतरे के निशान के पास पहुंचा यमुना का पानी, दिल्ली में लोगों की बढ़ी धड़कन

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देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को खूब हचलच देखी जा रही है. बीजेपी का आज यहां बड़ा हल्ला बोल है. बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहे जाने पर बीजेपी आग बबूला है और इसी कड़ी में आज राजधानी में बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही है. इसी बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं और आज अहमदाबाद में गणेशोत्सव में भाग लेंगे.
उधर दिल्ली पुलिस ने आज क्राइम पर ताबड़तोड़ प्रहार करते हुए दो जगह बदमाशों का एनकाउंटर किया है. स्पेशल सेल ने एक तरफ आउटर नॉर्थ जिले में नंदू गैंग के दो शार्प शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस की STF ने साउथ ईस्ट जिले में एनकाउंटर में बाद एक अन्य कुख्यात बदमाश को गिरफ्तार किया. पप्पू पाल नाम के इस आरोपी ने चार राज्यों में आतंक फैला रखा था.
दूसरी तरफ महाराष्ट्र के बीड में एक भयानक सड़क हादसा हो गया. यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर चल रहे 6 लोगों की कुचल दिया, जिससे 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 की हालत गंभीर बनी हुई है.

बिहार में ‘मल्लयुद्ध’ शुरू… राहुल गांधी ने पलट दी बाजी…..तेजस्वी हुए गायब, बीजेपी में भी हड़कंप

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का असर बिहार चुनाव 2025 में दिखने लगा है? क्या राहुल की बिहार यात्रा से बीजेपी में बेचैनी बढ़ गई है? गमछा लहराने वाले तेजस्वी यादव ने भी अपना गमछा समेट लिया है? क्यों बिहार में बीजेपी और कांग्रेसी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए हैं? क्या राहुल गांधी ने बिहार चुनाव 2025 का पूरा गणित उलट-पुलट कर दिया है? अगर इन सारे सवालों का जवाब आपको चाहिए तो शुक्रवार को पटना की सड़कों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं और कांग्रेसियों के बीच हुए ‘मल्लयुद्ध’ का वीडियो जरूर देख लें. आपको समझ में आ जाएगा कि बिहार चुनाव 2025 किस ओर जा रहा है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या बीजेपी को कांग्रेस के बढ़ते वोट बैंक से खतरा होने लगा है? क्या राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से बीजेपी का गणित बिगड़ जाएगा?
बता दें कि राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा से बीजेपी में जहां हड़कंप है तो वहीं तेजस्वी की चमक भी फीकी पड़ती जा रही है. राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने सियासी माहौल को गरमा दिया है. 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई यह यात्रा ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है. राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं खासकर आरजेडी के तेजस्वी यादव के साथ इस यात्रा ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है. लेकिन इस यात्रा ने न केवल बीजेपी को बैकफुट पर ला दिया है, बल्कि महागठबंधन के भीतर भी समीकरण बदल दिए हैं.

शुक्रवार को पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प ने सियासी माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया. कांग्रेस का दावा है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पटना में कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम पर हमला किया, जिसमें कार्यकर्ता घायल हुए और गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई. कांग्रेस ने इसे बीजेपी की बौखलाहट करार दिया, जबकि बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे महागठबंधन का ‘राजनीतिक नाटक’ बताया. पीएम मोदी पर भद्दी टिप्पणी के बाद बीजेपी के आम कार्यकर्ता से लेकर बड़े-बड़े नेता गुस्से में हैं.
राहुल का पावर-पंच, तेजस्वी किनारे

राहुल गांधी की यात्रा का असर बिहार के ग्रामीण इलाकों में साफ दिख रहा है. सासाराम, देहरी, सुपौल और सीतामढ़ी जैसे क्षेत्रों में उनकी सभाओं में युवाओं और महिलाओं की भारी भीड़ ने कांग्रेस को नई ताकत दी है. प्रियंका गांधी के सुपौल और दरभंगा दौरे ने भी महिला वोटरों को साधने में अहम भूमिका निभाई. एक हालिया सर्वे (जेवीसी पोल) के मुताबिक, अगर आज चुनाव हों तो एनडीए को 136 सीटें मिल सकती हैं, लेकिन इंडिया गठबंधन की बढ़त ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है.
बिहार में बिगड़ा सियासी संतुलन?
राहुल गांधी की इस यात्रा से न केवल बीजेपी में बेचैनी है बल्कि अंदर ही अंदर तेजस्वी यादव की चमक भी फीकी पड़ रही है. सियासी हलकों में चर्चा है कि राहुल गांधी की आक्रामक रणनीति ने आरजेडी की चमक को फीका कर दिया है. चिराग पासवान ने तंज कसते हुए कहा कि आरजेडी अब ‘कांग्रेस की पिछलग्गू’ बन गई है. विश्लेषकों का मानना है कि राहुल की यात्रा ने कांग्रेस को 2020 के 19 सीटों से ज्यादा की उम्मीद दी है, जिससे वह महागठबंधन में 70 सीटों की मांग कर रही है.

राहुल गांधी का बिहार मिशन कंप्लीट या इनकंप्लीट?
बीजेपी के लिए खतरा यह है कि राहुल की यात्रा ने दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वोटरों को लामबंद किया है. कांग्रेस का दावा है कि 65 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिनमें ज्यादातर गरीब और दलित हैं. यह मुद्दा बीजेपी के वोटबैंक, खासकर ग्रामीण और युवा मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है. बीजेपी ने जवाब में नीतीश कुमार और पीएम मोदी के विकास मॉडल को आगे रखा है, लेकिन राहुल की यात्रा ने उनके हिंदुत्व कार्ड को भी चुनौती दी है, खासकर प्रियंका की जानकी मंदिर पूजा के बाद.
ऐसे में बिहार की 243 सीटों पर अक्टूबर-नवंबर में होने वाले इस चुनाव में राहुल की यात्रा ने सियासी समीकरण को उलट-पुलट कर रख दिया है. आम लोगों के साथ-साथ चुनावी पंडित भी जानना चाह रहे हैं कि क्या बिहार चुनाव में कुछ बड़ा होने वाला है? क्या बीजेपी का वोटबैंक खिसकेगा या नीतीश की साख बरकरार रहेगी? यह सवाल बिहार की जनता के जवाब पर टिका है. बता दें कि मल्लयुद्ध भारत की एक कुश्ती या बाहुयुद्ध की शैली हैस जिसमें दो पहलवान बिना हथियार के लड़ते हैं. बिहार चुनाव में भी यह मल्लयुद्ध अब शुरू हो गया है.

पुतिन दिसंबर में आएंगे भारत, क्रेमलिन ने कंफर्म की डेट; और गहरी होगी दोस्ती

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर में भारत की यात्रा पर आएंगे. क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी यूरी उशाकोव ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सोमवार को चीन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन की मुलाकात होगी, जहां उनकी दिसंबर यात्रा की तैयारियों पर चर्चा होगी. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पहले ही संकेत दिया था कि पुतिन जल्द भारत आएंगे. हालांकि, तारीखें उस समय तय नहीं हुई थीं. डोभाल ने कहा था कि भारत-रूस के बीच खास और लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते हैं, जिनकी दोनों देश कद्र करते हैं.
रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत से नाराज हैं ट्रंप
यह घोषणा ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगा दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कदम रूस से भारत के तेल आयात को लेकर उठाया है. उनका आरोप है कि भारत डिस्काउंट पर रूसी तेल खरीदकर उसका एक हिस्सा खुले बाजार में ऊंचे दाम पर बेचकर बड़ा मुनाफा कमा रहा है. ट्रंप ने लिखा था, ‘भारत को फर्क नहीं पड़ता कि यूक्रेन में रूस की मशीनरी से कितने लोग मारे जा रहे हैं.’

अमेरिका का कहना है कि यह टैरिफ रूस पर दबाव बनाने की कोशिश का हिस्सा है, ताकि वह यूक्रेन पर हमला बंद करे. लेकिन भारत ने इसे ‘अनुचित, गैर-न्यायसंगत और अस्वीकार्य’ करार दिया है. भारत का तर्क है कि जब अमेरिका और यूरोप भी रूस से ऊर्जा खरीद रहे थे, तो उस पर ऐसे आरोप लगाना सही नहीं है.
फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस की कमाई रोकने की कोशिश की. यूरोप के बाजार बंद होने पर रूस ने अपना तेल भारत और चीन जैसे देशों की ओर मोड़ दिया. नतीजा यह हुआ कि रूस की अरबों डॉलर की कमाई जारी रही.
ट्रंप से मिलने के बाद पुतिन ने मोदी को किया था फोन
इसी महीने की शुरुआत में पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन कर अलास्का में ट्रंप से हुई अपनी मुलाकात का ब्यौरा दिया था. इस दौरान मोदी ने दोहराया कि भारत हमेशा युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है और बातचीत व कूटनीति ही इसका रास्ता है.
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के कई मुद्दों पर भी चर्चा की. खासकर भारत-रूस के स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और गहरा करने पर सहमति जताई. दिसंबर की प्रस्तावित यात्रा न केवल ऊर्जा और व्यापार के मुद्दों पर अहम होगी, बल्कि यह अमेरिका-भारत के बीच हालिया तनाव के बीच नई भू-राजनीतिक तस्वीर भी पेश करेगी.

क्वाड में दिखेगी भारत की धाक……सम्मेलन की मेजबानी कर दिखाएगा दम, ट्रंप के टैरिफ वॉर का मिलेगा माकूल जवाब

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे के दौरान जारी संयुक्त बयान में इस साल के अंत में भारत में होने वाले क्वाड लीडर्स सम्मेलन का औपचारिक ऐलान हुआ. ऑस्ट्रेलिया जापान और अमेरिका के साथ क्वाड के चारों बड़े नेता भारत की मेजबानी में एक मंच पर जुटेंगे. कूटनीतिक हलकों में इसे भारत की बढ़ती ताकत और नेतृत्व क्षमता का बड़ा संकेत माना जा रहा है. इस सम्मेलन पर नजरें खास तौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी पर होंगी, क्योंकि उनके कार्यकाल में शुरू हुआ “टैरिफ वॉर” क्वाड की चर्चा को और अहम बना देता है.
भारत पहली बार इतने बड़े पैमाने पर क्वाड लीडर्स समिट की मेजबानी कर रहा है. संयुक्त बयान में भारत और जापान दोनों ने कहा कि क्वाड अब सिर्फ एक बातचीत का मंच नहीं बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता का अहम स्तंभ बन चुका है. मोदी और जापानी प्रधानमंत्री ने साफ संकेत दिया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की राजनीति और सुरक्षा में भारत की भूमिका अब निर्णायक है.

हिंद-प्रशांत में भारत का बढ़ता दबदबा
दोनों प्रधानमंत्रियों ने “स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत” की अवधारणा को मजबूत करने का संकल्प दोहराया. भारत और जापान का मानना है कि इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता तभी संभव है जब समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और किसी भी तरह की एकतरफा आक्रामक कार्रवाई को रोका जाए. यही वजह है कि इस सम्मेलन से भारत के कूटनीतिक दबदबे में और बढ़ोतरी होगी.

ट्रंप की मौजूदगी और टैरिफ वॉर की गूंज
क्वाड लीडर्स सम्मेलन में अमेरिका का प्रतिनिधित्व डोनाल्ड ट्रंप करेंगे. ट्रंप के कार्यकाल के दौरान भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ वॉर ने कई बार दोनों देशों के रिश्तों में खटास पैदा की थी. ऐसे में भारत में होने वाला यह सम्मेलन उन आर्थिक मतभेदों को पीछे छोड़कर नई रणनीतिक एकजुटता दिखाने का अवसर माना जा रहा है. ट्रंप की मौजूदगी इस बात का संकेत भी होगी कि क्वाड मंच पर अमेरिका और भारत फिर से व्यापारिक और रणनीतिक मोर्चे पर एक मजबूत साझेदारी की दिशा में बढ़ रहे हैं.
चीन पर साझा सख्ती
भारत और जापान ने संयुक्त बयान में दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर की स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई. दोनों नेताओं ने कहा कि कोई भी कदम जो नौवहन की स्वतंत्रता या उड़ान की सुरक्षा को प्रभावित करे, उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा. खासतौर पर विवादित क्षेत्रों के सैन्यीकरण को लेकर दोनों देशों ने मिलकर चीन को अप्रत्यक्ष संदेश दिया.
क्षेत्रीय विकास के एजेंडे पर भी जोर
सम्मेलन में केवल सुरक्षा और रणनीति ही नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और समृद्धि भी मुख्य एजेंडे में रहेगा. भारत और जापान ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों को ठोस लाभ पहुंचाने के लिए व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स शुरू करना जरूरी है. इससे न सिर्फ व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी बल्कि भारत को एक कूटनीतिक लीडर के रूप में और मान्यता मिलेगी.
भारत की साख को मिलेगा नया आयाम
भारत की मेजबानी में होने वाला यह सम्मेलन न केवल क्वाड देशों के बीच सहयोग को मजबूत करेगा बल्कि यह संदेश भी देगा कि नई दिल्ली अब वैश्विक राजनीति के केंद्र में है. सुरक्षा, रणनीति और आर्थिक सहयोग तीनों मोर्चों पर भारत की सक्रियता इंडो-पैसिफिक को नई दिशा देगी. यही वजह है कि कूटनीतिक हलकों में इसे भारत की धाक जमाने का मंच माना जा रहा है.

सिंगापुर से तीन गुना बड़ी होगी रिलायंस की सौर ऊर्जा परियोजना, 100 एफिल टॉवर जितना लगा स्‍टील

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गुजरात के जामनगर में बन रहा धीरूभाई अंबानी गीगा एनर्जी कॉम्प्लेक्स अमेरिकी कंपनी टेस्ला की गीगाफैक्ट्री से चार गुना बड़ा है. 44 लाख वर्गफुट में फैले इस गीगा एनर्जी कॉम्प्लेक्स का काम रिकॉर्ड स्पीड से आगे बढ़ रहा है. इसे बनाने में अब तक 34 लाख क्यूबिक मीटर कंक्रीट का इस्तेमाल हो चुका है, जबकि 7 लाख टन स्टील लगा है. इतने स्‍टील से 100 एफिल टॉवरों का निर्माण किया जा सकता है. इसके लिए एक लाख किलोमीटर केबल डाली गई है, जो इतनी लंबाई है कि चांद तक जाकर वापस का सकती है. यह जानकारी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने शुक्रवार को 48वीं सालाना आम बैठक में दी.
न्यू एनर्जी का जिक्र करते हुए अनंत अंबानी ने कहा कि अपने निर्माण के बाद जामनगर का यह कॉम्प्लेक्स दुनिया का सबसे बड़ा पारंपरिक एनर्जी कॉम्प्लेक्स और दुनिया का सबसे बड़ा न्यू एनर्जी कॉम्प्लेक्स होगा. जामनगर नई रिलायंस और नए भारत का चेहरा बनेगा. गुजरात के कच्छ में हम एक ही स्थान पर दुनिया की सबसे बड़ी सौर परियोजनाओं में से एक को विकसित कर रहे हैं, जो 5.50 लाख एकड़ बंजर भूमि पर फैली है. यह सिंगापुर के आकार से तीन गुना बड़ी है. इस परियोजना से अगले दशक में भारत की लगभग 10% बिजली की ज़रूरतों को पूरा किया जा सकेगा.

हर साल बनाएंगे 10 गीगावाट बिजली
अनंत अंबानी ने कहा कि हम तेजी से विस्तार कर रहे हैं. आने वाली तिमाहियों में हम इंटीग्रेटिड सोलर पीवी निर्माण क्षमता का विस्तार 10 गीगावाट प्रति वर्ष तक करेंगे. फिर, हम इसे और बढ़ाकर 20 गीगावाट प्रतिवर्ष तक ले जाएंगे. यह दुनिया की सबसे बड़ी सौर निर्माण सुविधा होगी. साथ ही हम अपनी बैटरी और इलेक्ट्रोलाइजर गीगा फैक्टरियों का तेज़ी से निर्माण कर रहे हैं. हमारी बैटरी गीगा फैक्टरी साल 2026 में शुरू होगी.

कितनी होगी गीगा फैक्‍टरी की क्षमता
रिलायंस की इस गीगा फैक्‍टरी की शुरुआत 40 गीगावाट प्रतिवर्ष क्षमता के साथ होगी और बाद में 100 गीगावाट प्रति वर्ष तक बढ़ेगी. इलेक्ट्रोलाइज़र गीगा फैक्टरी भी साल 2026 के अंत तक चालू हो जाएगी. इसके शुरू होने के बाद बैटरी के निर्माण की क्षमता और ई-वाहनों को मिलने वाली एनर्जी की सप्‍लाई को भी बढ़ाया जा सकेगा. रिलायंस का लक्ष्‍य देश में रिन्‍यूवेबल एनर्जी को बढ़ाना और पर्यावरण को सुरक्षित बनाना है.