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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 26 से 28 अगस्त तक दिल्ली के प्रगति भवन में समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद करेंगे…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 26 से 28 अगस्त तक दिल्ली के प्रगति भवन में समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद करेंगे. यह आयोजन आरएसएस के शताब्दी वर्ष की शुरुआत से पहले एक बड़ी कवायद है, जिसका उद्देश्य संघ के कार्यों और उद्देश्यों को स्पष्ट करना तथा समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना है. इस तीन दिवसीय संवाद में शिक्षाविद, समाजसेवी, वैज्ञानिक, उद्योगपति, साहित्यकार और पत्रकार शामिल होंगे. इससे पहले 2018 में भागवत ने दिल्ली के विज्ञान भवन में ऐसा ही संवाद किया था. आरएसएस का शताब्दी वर्ष 2 अक्टूबर 2025 को नागपुर में विजयादशमी के अवसर पर शुरू होगा. इस मौके पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में विशेष संवाद सत्र होंगे, जहां समाज के प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया जाएगा. मार्च 2025 से अब तक 28,000 से अधिक लोगों ने ‘जॉइन आरएसएस’ के लिए नाम दर्ज कराया है, जो संगठन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है.

शताब्दी वर्ष के तहत देशभर में खंड, बस्ती और मंडल स्तर पर हिंदू सम्मेलन आयोजित होंगे, जहां सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होगी. हर शाखा पर विजयादशमी का आयोजन होगा, और नवंबर में 21 दिनों तक गृह संपर्क अभियान चलेगा. इस अभियान में स्वयंसेवक घर-घर जाकर संघ के उद्देश्यों को साहित्य के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएंगे. इसके अलावा, सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन हर जिला स्तर पर होगा, जिसमें हिंदू समाज के सभी समुदायों को एकजुट कर कुरीतियों को दूर करने और सद्भाव बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. अक्टूबर के बाद सभी जिला केंद्रों पर प्रमुख नागरिक गोष्ठियां आयोजित होंगी. युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम भी होंगे, ताकि उन्हें सामाजिक कार्यों से जोड़ा जा सके. ये आयोजन सामाजिक एकता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होंगे.

संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी का बड़ा बयान, ऑपरेशन सिंदूर पर बहस कराना विपक्ष की भूल

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पीएम मोदी ने आज एनडीए के संसदीय दल की बैठक को संबोधित किया. बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर देश की सेना का सम्मान है और इसे देश के सामने लाना जरूरी है. पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष ने इस मसले पर बहस की मांग कर खुद ही सेल्फ गोल कर लिया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि 5 अगस्त का दिन बेहद खास है क्योंकि इसी दिन राम जन्मभूमि का भूमि पूजन हुआ था. उन्होंने इसे देश की सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा ऐतिहासिक क्षण बताया.पीएम मोदी ने बिहार वोटर लिस्ट SIR पर क्या कहा बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में संविधान लागू करना ही नहीं चाहती थी, लेकिन एनडीए सरकार ने 370 हटाकर वहां संविधान को पूरी तरह लागू करने का काम किया.

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष SIR (Special Revision of Electoral Rolls) जैसे मुद्दों पर देश को गुमराह कर रहा है, लेकिन जनता सब देख रही है. ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पीएम ने बताया प्रेरणादायक पीएम मोदी ने यह भी कहा कि एनडीए सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को संसद में प्रभावी तरीके से रखा, और विपक्ष की रणनीति उलटी पड़ गई. उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को एक अच्छा और प्रेरणादायक अभियान बताया, और सभी सांसदों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की. बैठक के दौरान एनडीए के 25 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि गठबंधन के सभी घटक दलों को अपनी उपलब्धियों को देश के सामने रखना चाहिए.

पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना पीएम मोदी ने भाजपा संसदीय दल की बैठक में सांसदों से आगामी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की. उन्होंने खास तौर पर तिरंगा यात्रा और राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) जैसे आयोजनों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में कराने पर जोर दिया. बैठक में पीएम मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की मांग कर विपक्ष ने गलती की, और अब उन्हें फजीहत झेलनी पड़ रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ऐसा विपक्ष कहां मिलेगा जो अपने ही पैर पर पत्थर मारता है.

“प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया ऑब्जर्वेशन का जिक्र करते हुए कहा, “हम क्या कहें, जब सुप्रीम कोर्ट ने ही कह दिया… ये तो पत्थर मारना ही नहीं, ये ‘आ बैल मुझे मार’ है.” उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा, “ऐसे डिबेट रोज कराए… ये मेरा फील्ड है… इस फील्ड पर भगवान मेरे साथ है.” उन्होंने दोहराया कि विपक्ष ने बहस की मांग कर अपने ही पैर पर पत्थर मारा. प्रधानमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर कहा, “इतनी बड़ी फटकार कोई हो ही नहीं सकती जो कल सुप्रीम कोर्ट ने लगाई है.”

“Putrada Ekadashi: आज एकादशी की रात इन 3 उपायों से विष्णु जी को करें खुश, पूरी हो सकती है मनचाही इच्छा”

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“Putrada Ekadashi: आज एकादशी की रात इन 3 उपायों से विष्णु जी को करें खुश, पूरी हो सकती है मनचाही इच्छा”

_आज 5 अगस्त 2025 को श्रावण माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिस दिन पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। ये तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है, जिस दिन उनकी पूजा करने का विधान है। आमतौर पर ये व्रत निसंतान दंपति संतान सुख पाने के लिए रखते हैं। लेकिन अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी कई महिलाएं ये व्रत रखती हैं। हालांकि कई विष्णु भक्त श्री हरि को खुश करने के लिए भी ये उपवास रखते हैं। मान्यता है कि जिन लोगों के ऊपर विष्णु जी की विशेष कृपा रहती है, उन्हें जीवन का हर सुख मिलता है और सेहत भी अच्छी रहती है।

शास्त्रों में बताया गया है कि श्रावण पुत्रदा एकादशी के दिन प्रदोष काल व रात के समय विष्णु जी, धन की देवी मां लक्ष्मी और माता तुलसी की पूजा करना शुभ होता है। साथ ही कुछ विशेष उपाय भी किए जाते हैं। ये उपाय वो लोग भी कर सकते हैं, जिन्होंने आज व्रत नहीं रखा है। आइए अब विस्तार से जानते हैं पुत्रदा एकादशी की रात करने वाले तीन प्रभावशाली उपायों के बारे में।

ग्रह क्लेश दूर करने का उपाय जिन लोगों के घर में हर वक्त अशांति का माहौल रहता है, वो आज रात विष्णु जी की पूजा करें। साथ ही मंदिर में घी का एक दीपक जलाएं और 108 बार विष्णु मंत्र का जाप करें। पूजा करने के बाद पूरे घर में धूप का धुआं करें। इस दौरान ‘ॐ’ का उच्चारण करें। ऐसा करने से आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा और आए-दिन हो रहे लड़ाई-झगड़े कम होंगे।

पैसों की कमी दूर करने का उपाय जो लोग लंबे समय से धन संकट का सामना कर रहे हैं, वो आज एकादशी की रात विष्णु जी की तस्वीर के सामने घी का एक दीपक जलाएं और उन्हें गोमती चक्र अर्पित करें। इस दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें। मंत्र जाप के बाद आरती करें और अपनी गलतियों के लिए माफी मांगें। फिर विष्णु जी को अर्पित किए गोमती चक्र को शुद्ध लाल रंग के कपड़े में बांधकर घर की तिजोरी में रख दें।

ऐसा करने से आपके घर में धन का वास होगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। रोगों से मुक्ति पाने का उपाय यदि आप आए-दिन बीमार हो जाते हैं या घर का कोई सदस्य हर समय अस्वस्थ रहता है तो आज रात विष्णु जी की पूजा करें। घर के मंदिर, मुख्य द्वार, रसोई और हर कमरे में एक घी का दीपक जलाएं। साथ ही विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। इससे आपको और घरवालों को मानसिक शांति मिलेगी और सेहत भी अच्छी रहेगी।

यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ दिलाने 15 अगस्त तक विशेष अभियान…

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”प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ दिलाने 15 अगस्त तक विशेष अभियान”

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नवीन पात्र हितग्राहियों के लिए 15 अगस्त 2025 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत योजना का लाभ लेने से वंचित पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केन्द्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार एवं मजदूरी के क्षति के एवज में नकद राशि के रूप में आंशिक क्षतिपूर्ति प्रदान करना है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जिले की हजारों महिलाएं लाभान्वित हो रही है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरूप्रीत कौर ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 7293 एवं वर्ष 2025-26 में 2000 से अधिक गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को संबल मिला है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को पहले बच्चे के जन्म पर 2 किस्तों में गर्भावस्था के पंजीयन पर एवं 6 महीने के भीतर एक बार प्रसव पूर्व जांच कराएं जाने पर पहली किस्त के रूप में 3000 रूपए एवं दूसरी किस्त के रूप में 2000 रूपए बच्चे के जन्म के पंजीकरण तथा बीसीजी, पोलियो, डीटीपी एवं हिपेटाइसिस बी या इसके समानांतर प्रथम चक्र का टीका लगाये जाने के बाद प्रदान की जाती है। वही दूसरी संतान बालिका होने पर एकमुश्त 6000 रूपए प्रदान किया जाता है। योजना का लाभ लेने महिला का बैंक खाता आधार सिडिंग होना आवश्यक है। राशि का भुगतान डीबीटी मोड के माध्यम से लाभार्थी के खाते में किया जाता है। हितग्राही को आंगनबाड़ी केन्द्र में पंजीकरण कराना आवश्यक है। फार्म के साथ स्वयं, पति व परिवार के सदस्य का मोबाईल नंबर, महिला के बैंक खाते का विवरण, जच्चा-बच्चा कार्ड जमा करना, आधार कार्ड का विवरण जमा करना होता है।

पात्रता हेतु एक आवश्यक दस्तावेज राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, ई-श्रम कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड जमा करना होता है। साथ ही द्वितीय संतान बालिका का जन्म पंजीकरण एवं बालिका के प्रथम चक्र का संपूर्ण टीकाकरण की जानकारी जमा करना आवश्यक है। योजना का लाभ लेने हेतु एलएमपी (अंतिम माहवारी) से 570 दिवस अथवा बच्चे के जन्म के 270 दिवस के भीतर आवेदन किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ लेने से निर्धारित अवधि और पात्रता को पूरा करने वाले वंचित हितग्राही अपने निकटस्थ आंगनबाड़ी केन्द्र से सीधे संपर्क कर सकते है। इसके आवा अथवा मोबाईल एप (https://pmmvy.wcd.gov.in/apk/PMMVYsoft.apk) से भी आवेदन कर सकते है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के दूरभाष के 9406136904 एवं 7804905439 पर कार्यालयीन समय पर या हेल्प लाईन नंबर 14408 पर भी संपर्क कर सकते है।

“अडानी ग्रुप के इस दावे से निकल गई चीन के साथ डील की हवा, बीजिंग तक मचा हड़कंप”

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अडानी ग्रुप ने उस मीडिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें यह दावा किया गया था कि वह बैटरी विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चीन की कंपनियों BYD और बीजिंग वेलियन न्यू एनर्जी टेक्नोलॉजी के साथ गठजोड़ की संभावना तलाश रहा है.अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने सोमवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में स्पष्ट किया कि चीन की कंपनियों के साथ गठजोड़ की खबरें बेबुनियाद और गलत हैं. एक बयान में अडानी ग्रुप ने स्पष्ट रूप से कहा, “अडानी ग्रुप भारत में बैटरी विनिर्माण के लिए BYD के साथ किसी भी प्रकार के सहयोग की संभावना नहीं तलाश रहा है. इसी तरह, हम बीजिंग वेलियन न्यू एनर्जी टेक्नोलॉजी के साथ भी किसी प्रकार की साझेदारी के लिए कोई चर्चा नहीं कर रहे हैं. रिपोर्टों को अडानी ग्रुप ने किया खारिज बयान में आगे कहा गया कि कुछ खबरों में यह दावा किया गया था कि समूह के चेयरमैन गौतम अडानी भारत में बैटरी निर्माण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए BYD के अधिकारियों के साथ ‘व्यक्तिगत रूप से चर्चा का नेतृत्व’ कर रहे हैं. हालांकि, अडानी ग्रुप के पास पहले से ही सौर मॉड्यूल निर्माण से लेकर पवन ऊर्जा उपकरण और हरित हाइड्रोजन तक, स्वच्छ ऊर्जा का एक विशाल पोर्टफोलियो है. समूह अपने सौर मॉड्यूल निर्माण को 10 गीगावाट प्रति वर्ष तक बढ़ा रहा है और अपनी पवन टरबाइन निर्माण क्षमता को लगभग दोगुना करके 5 गीगावाट प्रति वर्ष करना चाहता है. समूह, हरित हाइड्रोजन के उत्पादन में उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रोलाइज़र के विनिर्माण के लिए भी एक सुविधा स्थापित करने पर विचार कर रहा है. अगले 5 वर्षों में 1000 बिलियन निवेश का लक्ष्य गौरतलब है कि अडानी ग्रुप ने अगले पांच वर्षों में 1000 बिलियन (1 लाख करोड़) के पूंजीगत निवेश का लक्ष्य रखा है. माना जा रहा है कि इससे देश के बुनियादी ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन आएगा. अडानी ग्रुप का कारोबार थर्मल और रिन्यूएबल पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, एलएनजी, पीएनजी, सीएनजी, एलपीजी, बैटरी स्टोरेज, हाइड्रोजन ट्रक्स, ईवी चार्जिंग स्टेशन, पंप्स, हाइड्रो और माइनिंग में फैला हुआ है. इसके अतिरिक्त, यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट निर्माता है, और एयरोस्पेस, डिफेंस, डेटा सेंटर और रियल एस्टेट क्षेत्रों में भी सक्रिय है.

CG शराब घोटाला : ” शराब घोटाला मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट जाने का आदेश “

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CG शराब घोटाला : ” शराब घोटाला मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट जाने का आदेश “

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को दोनों की याचिकाओं पर सुनवाई से साफ इनकार करते हुए उन्हें अंतरिम राहत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को कहा है।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश भी दिया है कि वह दोनों की अर्जियों पर जल्द सुनवाई करे। भूपेश बघेल और उनके बेटे की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कई सख्त टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने कहा कि दोनों ने एक ही याचिका में पीएमएलए (पीएमएलए) के विभिन्न प्रावधानों को चुनौती देने के साथ-साथ जमानत जैसी व्यक्तिगत राहत की मांग भी की है, जो उचित नहीं है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने पिता-पुत्र के सीधे सुप्रीम कोर्ट आने पर भी सवाल उठाया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि जब किसी मामले में कोई प्रभावशाली व्यक्ति शामिल होता है, तो वो सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाता है। अगर हम ही हर मामले की सुनवाई करेंगे, तो अन्य अदालतों का क्या उपयोग रह जाएगा? अगर ऐसा होता रहा तो फिर गरीब लोग कहां जाएंगे? एक आम आदमी और साधारण वकील के पास सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने की कोई जगह ही नहीं बचेगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रावधानों की वैधता को चुनौती देने के नाम पर याचिकाकर्ता सीधे अंतिम राहत नहीं मांग सकते। कोर्ट ने कहा कि एक ही याचिका में आप सब कुछ नहीं मांग सकते। इसके लिए तय प्रक्रिया और मंच हैं। कोर्ट ने चैतन्य बघेल को जमानत याचिका के लिए हाईकोर्ट जाने को कहा और यह भी निर्देश दिया कि हाईकोर्ट इस पर जल्द सुनवाई करे। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए की धारा 50 और 63 को चुनौती देने के लिए अलग से याचिका दाखिल करने की सलाह दी।

CG : ”राज्योत्सव के अवसर पर नए विधानसभा भवन का उद्घाटन किया जायेगा : माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय”

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छतीसगढ़ प्रदेश को एक नवंबर को राज्योत्सव के अवसर पर नया विधानसभा भवन मिलेगा। नया रायपुर में भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। प्रदेश की 90 सीट वाली विधानसभा में अब 200 विधायकों के लिए बैठने की जगह होगी। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए विधानसभा भवन में बैठने की क्षमता को बढ़ा दिया गया है। इसके साथ-साथ 500 दर्शकों की क्षमता वाले अत्याधुनिक आडिटोरियम का भी निर्माण हो रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने रविवार को निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समयसीमा सितंबर तक हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि राज्योत्सव के अवसर पर लोगों को समर्पित किया जा सके।

52 एकड़ क्षेत्रफल में निर्माणाधीन विधानसभा में आधुनिक तकनीकी विशेषताओं और सांस्कृतिक सौंदर्य से युक्त एक भव्य परिसर बनाया जा रहा है। परिसर में 700 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। डेढ़-डे़ढ एकड़ में दो सरोवर विकसित किए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान अजय जामवाल, पवन साय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डा. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी आदि उपस्थित थे। भवन में तीन प्रमुख विंग का निर्माण नवीन विधानसभा भवन में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का समुचित समावेश किया गया है। भवन में तीन प्रमुख विंग निर्मित किए जा रहे हैं। विंग-ए में विधानसभा सचिवालय, विंग-बी में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय सहित विधानसभा सदन व सेंट्रल हाल और विंग-सी में उपमुख्यमंत्रियों व अन्य मंत्रियों के कार्यालय स्थित होंगे।

पीएम मोदी को आमंत्रित किया है- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि रजत जयंती वर्ष पर राज्य को एक नया, भव्य विधानसभा भवन प्राप्त होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राज्योत्सव कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है। उनके करकमलों से नये भवन का लोकार्पण प्रस्तावित है। इसके अलवा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा, ‘ नये विधानसभा भवन का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। विधानसभा सदन, अध्यक्ष व मुख्यमंत्री के कक्ष समेत पूरे परिसर के निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया गया। निर्धारित समय पर नेय भवन का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।’ नया विधानसभा भवन लेकर राज्य के उपमुख्यमंत्री ने बताया कि नया विधानसभा भवन केवल एक शासकीय संरचना नहीं बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक भव्यता व वैभव का प्रतीक बनेगा। देशभर में अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली और उन्नत सुविधाओं के कारण एक मिसाल के रूप में स्थापित होगा।

‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’…भले ट्रंप हों जाएं नाराज मगर पुतिन से यारी खत्म नहीं करेंगे PM मोदीuyjhmn

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‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे…’ यह बॉलीवुड का क्लासिक गाना पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के रिश्ते का परफेक्ट डिस्क्रिप्शन है. डोनाल्ड ट्रंप भले ही इस दोस्ती से नाखुश हों, मगर पीएम मोदी अपने रुख पर अडिग हैं. वह यह कि भारत दुनिया के सबसे शक्तिशाली शख्स के साथ दोस्ती बढ़ाने के लिए अपने सबसे भरोसेमंद सहयोगी से संबंध यानी रिश्ते नहीं तोड़ेगा.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘ऐसे समय में जब दुनिया चाहती है कि रूस यूक्रेन में हत्याएं रोके, वे (भारत) चीन के साथ-साथ रूस के सबसे बड़े ऊर्जा खरीदार हैं. उन्होंने रूस के साथ लेन-देन के लिए भारत को जुर्माने की धमकी दी है.
हाल ही में खबर आई कि भारतीय कंपनियों ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत इसे सकारात्मक कदम बताया और सराहा. मगर भारत ने जल्द ही स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं है. भारतीय तेल रिफाइनरियां अभी भी रूसी आपूर्तिकर्ताओं से तेल खरीद रही हैं.
हालांकि जुलाई में तेल की आपूर्ति में थोड़ी कमी आई है, लेकिन ये फैसले कीमत, कच्चे तेल की गुणवत्ता, स्टॉक, रसद और अन्य आर्थिक कारकों से प्रभावित हैं. स्पष्ट रूप से भारत-रूस संबंध अभी भी कायम रहेंगे.
क्यों और नाराज होंगे ट्रंप
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर इसी महीने रूस की यात्रा कर सकते हैं. इससे डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी और बढ़ सकती है.
भारत रूस से एस-400 डिफेंस सिस्टम और संभवतः Su-57 लड़ाकू विमान भी चाहता है. ट्रंप ने भारत को अमेरिकी F-35 बेचने की कोशिश की है, लेकिन पीएम मोदी ने अभी तक कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है. केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद को बताया कि F-35 खरीदने के बारे में अमेरिका के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है.
भारत-रूस की दोस्ती पुरानी
केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि भारत और रूस के बीच एक स्थिर और टाइम टेस्टेड साझेदारी है. विदेश मंत्रालय ने अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका को संबोधित करते हुए कहा, ‘विभिन्न देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंध अपने आप में महत्वपूर्ण हैं और इन्हें किसी तीसरे देश के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए.’
ये कड़े शब्द भारत-रूस मित्रता को रेखांकित करते हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी आने वाले महीनों में भारत आने वाले हैं, जो 2021 के बाद उनका पहला दौरा होगा. स्पष्ट रूप से भारत रूस के साथ अपनी मित्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे ट्रंप काफी निराश हैं.
नाराजगी की एक और वजह
ट्रंप एक और वजह से भी नाराज हैं. वह है- ट्रेड डील में रुकावट. पीएम मोदी ने उनके खिलाफ मजबूती से खड़ा होकर व्यापार रियायतें देने से इनकार कर दिया है और दबाव में नहीं आए हैं. यह सब 7 अगस्त से भारतीय आयातों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बावजूद है.
ट्रंप को भारत का संदेश स्पष्ट है कि भारत-अमेरिका संबंधों ने कई चुनौतियों और बदलावों का सामना किया है. भारत पीछे हटने वाला नहीं है.
अमेरिका को रियायत नहीं
टॉप सरकारी सूत्रों ने कहा कि कृषि क्षेत्र में कोई रियायत नहीं दी जाएगी, अमेरिकी कंपनियों के लिए डेयरी उद्योग नहीं खोला जाएगा, और आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों या बीफ आधारित डेयरी उत्पादों को भी अस्वीकार कर दिया जाएगा. भारत के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है. यह एक महत्वपूर्ण मतदाता आधार भी है.
भारत 25 प्रतिशत टैरिफ से होने वाले 0.2 प्रतिशत जीडीपी नुकसान को झेलने के लिए तैयार है. और इसे प्रबंधनीय और न्यूनतम मानता है. भारत सितंबर या अक्टूबर तक एक छोटे समझौते पर हस्ताक्षर होने का धैर्यपूर्वक इंतजार करेगा. तब तक ध्यान मजबूती से खड़े रहने और कुछ अरब डॉलर के लिए मुख्य हितों से समझौता न करने पर है.मझौता न करने पर है.

चीन के ‘आंगन’ का सबसे बड़ा खिलाड़ी, ब्रह्मोस मिसाइल का पहला खरीदार, साउथ चाइना सी में भारत का स्‍पेशल पार्टनर

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भारत और फिलीपींस के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं. बायलेटरल ट्रेड के साथ ही रक्षा संबंध भी लगातार स्‍ट्रॉन्‍ग हो रहे हैं. दोनों देशों के बायलेटरल रिलेशन की मजबूती को इसी से समझा जा स‍कता है, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सबसे पहले फिलीपींस को ही बेचा गया. मनीला ने अन्‍य इंडियन डिफेंस प्रोडक्‍ट को खरीदने में अपना इंट्रेस्‍ट दिखाया है. द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देने के लिए फिलीपींस के राष्‍ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस चार दिनों की यात्रा पर भारत पहुंचे हैं. इंडो-पैसिफिक रीजन में फिलीपींस भारत का बड़ा रणनीतिक साझेदार है. फिलीपींस का चीन के साथ साउथ चाइना सी में अधिकार क्षेत्र को लेकर लगातार टकराव चलता रहता है. चीन दक्षिण चीन सागर को अपना कोर्टयार्ड यानी आंगन मानता है और पूरे क्षेत्र पर अपना दावा ठोकता है. फिलीपींस के प्रतिरोध में भारत मनीला का साथ देता रहा है. भारत और फिलीपींस की नेवी साउथ चाइना सी में मिलिट्री एक्‍सरसाइज भी कर रही है, जिससे दोनों देशों के आपसी संबंधों की मजबूती को समझा जा सकता है.
भारत और फिलीपींस के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूती की ओर बढ़ रहे हैं. दोनों देशों ने हाल के वर्षों में न सिर्फ अपने रक्षा और रणनीतिक सहयोग को विस्तार दिया है, बल्कि व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को नया आयाम देने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं. भारत और फिलीपींस के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग हाल के दिनों में विशेष रूप से चर्चा में रहा है. वर्ष 2022 में भारत ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली की पहली बड़ी निर्यात डील फिलीपींस के साथ की थी. इस सौदे की कीमत करीब 375 मिलियन डॉलर आंकी गई थी, जिसके तहत भारतीय डिफेंस कंपनियां फिलीपींस को तीन बैटरियों के साथ मिसाइल प्रणाली आपूर्ति कर रही हैं. यह भारत की ‘मेक इन इंडिया’ नीति और रक्षा निर्यात को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.

मनीला स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट के अनुसार, मार्कोस से पहले फिलीपींस के चार राष्‍ट्रपति भारत की यात्राएं कर चुके हैं. राष्ट्रपति फर्डिनेंड ई. मार्कोस द्वारा 1976 में, राष्ट्रपति फिदेल रामोस द्वारा 1997 में, राष्ट्रपति ग्लोरिया मैकापगल अरोयो द्वारा 2007 में, और राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते द्वारा जनवरी 2018 में. अब मार्कोस (जूनियर) नई दिल्‍ली पहुंचे हैं. भारत की ओर से प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1981 में उसके बाद राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन ने 1991 में, राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने 2006 में और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2007 में फिलीपींस का दौरा किया. हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने 2017 में और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने 2019 में फिलीपींस का दौरा किया.
भारत और फिलीपींस के बीच व्यापारिक रिश्ते भी सुदृढ़ हो रहे हैं. फिलीपींस, भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का एक अहम स्तंभ है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2024 में लगभग 3 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. आईटी, फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल और कृषि क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं बढ़ी हैं. भारत की कई कंपनियां फिलीपींस में निवेश कर रही हैं, जबकि मनीला भी भारतीय निवेश को प्रोत्साहित कर रहा है. डिजिटल क्षेत्र, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवा में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी है. इसके अलावा भारत और फिलीपींस के बीच सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंध भी गहरे होते जा रहे हैं. दोनों देशों के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ा है. फिलीपींस में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र खासकर मेडिकल की पढ़ाई के लिए जाते हैं. साथ ही भारतीय दूतावास विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और योग दिवस जैसे आयोजनों के माध्यम से आपसी सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती दे रहा है.

स्‍ट्रैटज‍िक पार्टनरशिप
भारत और फिलीपींस ने 2023 में अपने संबंधों को स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप के स्तर तक ले जाने पर चर्चा की थी, जिसे अगले कुछ वर्षों में औपचारिक रूप से अपनाए जाने की संभावना है. दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा हितों को देखते हुए बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत कर रहे हैं. भारत और फिलीपींस के संबंध अब पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़ते हुए रणनीतिक, रक्षा, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में गहराई पा रहे हैं. बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच यह साझेदारी न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बल्कि भारत की पूर्वी नीति और फिलीपींस की विदेश नीति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण बन चुकी है.

आरआरबी एनटीपीसी यूजी एडमिट कार्ड जल्द, rrbapply.gov.in पर देखें अपडेट

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आरआरबी एनटीपीसी अंडरग्रेजुएट परीक्षा 2025 के एडमिट कार्ड जारी होने वाले हैं. उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट rrbapply.gov.in, rrbcdg.gov.in और rrb. digialm.com पर डायरेक्ट लिंक से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. रेलवे भर्ती बोर्ड आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा 07 अगस्त 2025 से आयोजित करेगा. आरआरबी एनटीपीसी यूजी एडमिट कार्ड संबंधित ऑफिशियल क्षेत्रीय आरआरबी वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे.
चंडीगढ़ क्षेत्र के उम्मीदवार ऑफिशियल क्षेत्रीय आरआरबी वेबसाइट rrbcdg.gov.in से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे (RRB NTPC Admit Card 2025). आरआरबी एनटीपीसी अंडरग्रेजुएट मॉक टेस्ट 2025 से परीक्षा की तैयारी का आकलन कर सकते हैं. आरआरबी एनटीपीसी एडमिट कार्ड 2025 के बिना उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र के अंदर एंट्री नहीं दी जाएगी. उसके साथ ही उन्हें सरकारी वैध पहचान पत्र समेत कुछ डॉक्यूमेंट्स भी लेकर जाने होंगे.
आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा पैटर्न 2025
आरआरबी एनटीपीसी सीबीटी 1 परीक्षा 7 अगस्त, 2025 से 9 सितंबर, 2025 के बीच आयोजित की जाएगी. आरआरबी की हर परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को 90 मिनट दिए जाएंगे. आरआरबी एनटीपीसी यूजी परीक्षा में सामान्य जागरूकता के लिए (40 अंक), गणित के लिए (30 अंक), सामान्य बुद्धि और तर्क के लिए (30 अंक) निर्धारित किए गए हैं. आरआरबी एनटीपीसी यूजी परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी. इस सरकारी भर्ती परीक्षा में हर गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक काटे जाएंगे.

आरआरबी एनटीपीसी भर्ती परीक्षा 2025 कुल 19 दिनों तक चलेगी. सरकारी नौकरी के लिए होने वाली आरआरबी एनटीपीसी 2025 परीक्षा में सफल स्नातक स्तर के उम्मीदवारों को कई बड़े और महत्वपूर्ण पदों पर अलॉट किया जाएगा. आरआरबी एनटीपीसी भर्ती 2025 की लिस्ट में मालगाड़ी प्रबंधक, मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट पर्यवेक्षक, वरिष्ठ क्लर्क सह टाइपिस्ट, जूनियर अकाउंट असिस्टेंट सह टाइपिस्ट और स्टेशन मास्टर जैसे पद शामिल हैं.
RRB NTPC UG 2025 Exam Shift: आरआरबी एनटीपीसी शिफ्ट टाइमिंग और रिपोर्टिंग
आरआरबी एनटीपीसी यूजी परीक्षा 2025 एक दिन में 3 शिफ्ट में आयोजित की जाएगी-
शिफ्ट 1: सुबह 9:00 -10:30 AM (रिपोर्टिंग टाइम: 7:30 AM)
शिफ्ट 2: 12:45 -2:15 PM (रिपोर्टिंग टाइम: 11:15 AM)
शिफ्ट 3: 4:30 -6:00 PM (रिपोर्टिंग टाइम: 3:00 PM)
उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड पर शिफ्ट और रिपोर्टिंग टाइम चेक कर सकते हैं.
RRB NTPC Admit Card 2025: आरआरबी एनटीपीसी एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें?
आरआरबी एनटीपीसी यूजी एडमिट कार्ड 2025 डाउनलोड करने के लिए नीचे लिखे स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं-
1- आरआरबी एनटीपीसी यूजी एडमिट कार्ड 2025 डाउनलोड करने के लिए अपने क्षेत्र की ऑफिशियल RRB वेबसाइट पर जाएं.
2- होम पेज पर दिए गए ‘Download Admit Card’ लिंक पर क्लिक करें.
3- रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि जैसी डिटेल्स डालकर लॉगिन करें.
4- इतना करते ही आरआरबी एनटीपीसी एडमिट कार्ड 2025 आपकी स्क्रीन पर डिसप्ले हो जाएगा.
5- इसे डाउनलोड करके प्रिंटआउट निकालकर रख लें.