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उत्तराखंड: बढ़ते कैंसर मामलों पर सरकार सतर्क, खाद्य मिलावट रोकने को हर महीने चलेगा जांच अभियान…

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उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में बढ़ रहे कैंसर के मामलों और खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई. भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावट और उनमें मौजूद हानिकारक रसायनों की पहचान करना बेहद जरूरी हो गया है.

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार अब उन रसायनों को चिन्हित करने के लिए नई नियमावली तैयार करेगी जो खाद्य पदार्थों में मिलावट के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं. इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश भर में नियमित रूप से जांच अभियान चलाने की भी योजना बनाई गई है.

चेकिंग अभियान अब नियमित चलेगा

उन्होंने कहा कि अभी तक त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की ओर से निरीक्षण और सैंपल लेने की कार्रवाई अधिक होती रही है, लेकिन अब इसे नियमित प्रक्रिया बनाने पर जोर दिया जाएगा. सरकार ने निर्णय लिया है कि हर महीने प्रदेश में एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत बाजारों, दुकानों और प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उनकी जांच की जाएगी.

प्रेमचंद अग्रवाल ने उठाया था सवाल

विधानसभा में भाजपा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने भी इस विषय पर सवाल उठाते हुए कहा कि मिलावट रोकने के लिए सिर्फ त्योहारों के समय ही नहीं बल्कि पूरे साल नियमित रूप से सख्ती की जरूरत है. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने सहमति जताते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने जा रही है और जांच की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा.

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में लगने वाले हॉट बाजारों में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी. इन बाजारों में बड़ी संख्या में लोग स्थानीय उत्पाद खरीदते हैं, इसलिए वहां बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उनकी जांच करना भी जरूरी है.

देहरादून में लैब हो रही तैयार

खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जांच को तेज और प्रभावी बनाने के लिए देहरादून में एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह लैब 31 मार्च 2026 तक तैयार हो जाएगी. इसके शुरू होने के बाद सैंपलों की जांच में तेजी आएगी और रिपोर्ट मिलने में भी कम समय लगेगा.

इसके अलावा खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को मजबूत करने के लिए 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की भर्ती का प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को भेजा गया है. जब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक अन्य विभागों से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों की तैनाती करने पर भी विचार किया जा रहा है.

विधानसभा में भाजपा विधायक विनोद चमोली के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में एफडीए विभाग खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उनकी जांच के लिए भेजता है. भविष्य में निकायों को भी सैंपल लेने और निरीक्षण का अधिकार देने पर नीतिगत निर्णय लिया जा सकता है.

300 से अधिक सैंपल हुए फेल

सरकार की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान कुल 3311 खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे. इनमें से 330 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे. ऐसे मामलों में संबंधित निर्माता और विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है. सरकार का मानना है कि नियमित जांच और सख्त नियमों के जरिए खाद्य मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा और लोगों को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकेंगे.

Hyundai Creta 2027: पहले से ज्यादा बड़ी और एडवांस लुक के साथ आ रही नई Creta, जानें क्या होगा नया…

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Hyundai अपनी सबसे पॉपुलर SUV Creta का नेक्स्ट जनरेशन मॉडल 2027 में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. नई Creta मौजूदा मॉडल के मुकाबले आकार में बड़ी और ज्यादा प्रीमियम हो सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस SUV का डिजाइन काफी फ्यूचरिस्टिक होगा और इसमें Hyundai की इलेक्ट्रिक SUV Ioniq 9 से इंस्पायर्ड स्टाइलिंग देखने को मिल सकती है.

Creta भारत में Hyundai की सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में से एक है. यही वजह है कि कंपनी इसके अगले जेनरेशन मॉडल में कई बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है.

आकार में होगी बड़ी SUV

नई जनरेशन की Hyundai Creta मौजूदा मॉडल से काफी बड़ी हो सकती है. इसकी लंबाई करीब 4.5 मीटर होने की उम्मीद है, जिससे यह अपने सेगमेंट की कई SUVs से बड़ी हो सकती है. बड़े आकार का फायदा यह होगा कि कार के अंदर ज्यादा केबिन स्पेस और बेहतर कम्फर्ट मिलेगा. खासकर पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए लेगरूम और हेडरूम पहले से बेहतर हो सकता है.

डिजाइन होगा ज्यादा फ्यूचरिस्टिक

नई Creta का डिजाइन भी काफी अलग और मॉडर्न हो सकता है. इसमें पिक्सेल-स्टाइल LED हेडलाइट्स, एयरोडायनामिक डिजाइन और थोड़ा बॉक्सी लेकिन फ्यूचरिस्टिक लुक देखने को मिल सकता है. इसका डिजाइन कुछ हद तक Hyundai Ioniq 9 SUV से इंस्पायर्ड हो सकता है. इससे नई Creta का लुक पहले से ज्यादा प्रीमियम और अट्रैक्टिव बन सकता है.

नए प्लेटफॉर्म पर बनेगी SUV

नई Creta को कंपनी K3 प्लेटफॉर्म पर तैयार कर सकती है, जिस पर आने वाली Kia Seltos भी बेस्ड हो सकती है. नए प्लेटफॉर्म का फायदा यह होगा कि कार की राइड क्वालिटी, हैंडलिंग और सेफ्टी बेहतर हो सकती है. इसके अलावा नए प्लेटफॉर्म की वजह से कार में ज्यादा जगह और बेहतर ड्राइविंग एक्सपीरियंस भी मिल सकता है.

हाइब्रिड इंजन का भी मिल सकता है विकल्प

नई Hyundai Creta में इंजन विकल्प भी पहले से ज्यादा हो सकते हैं. उम्मीद है कि इसमें पेट्रोल, डीजल और टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ एक हाइब्रिड वेरिएंट भी दिया जा सकता है. हाइब्रिड तकनीक की मदद से कार का माइलेज बेहतर हो सकता है और फ्यूल खर्च भी कम हो सकता है.

इंटीरियर और टेक्नोलॉजी होगी अपग्रेड

नई Creta के इंटीरियर में भी कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. इसमें बड़ी टचस्क्रीन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और नई इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलने की उम्मीद है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें OTA अपडेट्स, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स भी मिल सकते हैं. इसका इंटीरियर कुछ हद तक नई Hyundai Venue की तरह टेक्नोलॉजी से भरपूर हो सकता है.

“PM Kisan: किसानों का इंतजार खत्म! आज ठीक इतने बजे खाते में आएंगे 2000 रुपये”

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देशभर के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए आज का दिन एक बड़ी राहत लेकर आया है. लंबे समय से जिस आर्थिक मदद की राह देखी जा रही थी, वह इंतजार अब चंद घंटों में खत्म होने वाला है. आज, 13 मार्च को केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी करने जा रही है.

यह महज एक सरकारी घोषणा नहीं है, बल्कि उन 9 करोड़ से अधिक किसानों के लिए सीधे तौर पर 2000 रुपये की वह संजीवनी है, जो उनके रोजमर्रा के कृषि खर्चों में एक बड़ी भूमिका निभाती है.

शाम 5 बजे बजेगा बैंक के मैसेज का अलर्ट

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आज शाम ठीक 5 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी से सिंगल क्लिक के जरिए यह राशि ट्रांसफर करेंगे. इस प्रक्रिया में कुल 18,640 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी. जैसे ही यह बटन दबेगा, लाभार्थियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बैंक का मैसेज फ्लैश होने लगेगा. खास बात यह है कि इस योजना ने ग्रामीण आधी आबादी को भी आर्थिक रूप से सशक्त किया है. इस 22वीं किस्त का सीधा लाभ 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसानों को भी मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया बल मिलेगा.

क्या आपके खाते में आ रही है किस्त? ऐसे करें पक्का

अक्सर यह देखा गया है कि पैसे जारी होने के बाद कई किसानों को यह असमंजस रहता है कि उनका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं. इस दुविधा से बचने का तरीका बेहद आसान है. आप घर बैठे ही अपना स्टेटस जान सकते हैं.

इसके लिए आपको योजना की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर जाना होगा. वहां आपको ‘Know Your Status’ का विकल्प दिखाई देगा. उस पर के अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर दर्ज करें. स्क्रीन पर दिखने वाले कैप्चा कोड को भरकर मोबाइल पर आने वाले ओटीपी (OTP) से उसे प्रमाणित कर दें. यह छोटी सी प्रक्रिया आपको तुरंत स्पष्ट कर देगी कि आपकी 2000 रुपये की किस्त बैंक खाते में आने के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं.

पैसे निकालने के लिए अब बैंक के चक्कर नहीं

एक बार खाते में रकम पहुंच जाए, तो उसे निकालना भी अब पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक हो गया है. अगर आपका बैंक घर से दूर है, तो परेशान होने की आवश्यकता नहीं है. आप अपने आसपास मौजूद कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), फेयर प्राइस शॉप (FPS), सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) या किसान प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (FPO) की मदद ले सकते हैं. इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे ‘डिजीपे’ (DigiPay) या ‘डिजीपे लाइट’ का इस्तेमाल करके भी आसानी से नकदी प्राप्त की जा सकती है.

हालांकि, एक बात का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है. सरकार ने इस योजना का निरंतर लाभ उठाने के लिए ई-केवाईसी (eKYC) और बैंक खाते का आधार से लिंक होना अनिवार्य कर दिया है. यदि आपने अब तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो आपकी किस्त बीच में ही अटक सकती है. किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर पोर्टल पर जाकर उसे तुरंत सुधारना समझदारी होगी ताकि आपकी आर्थिक सहायता निर्बाध रूप से जारी रहे.

साल 2019 में शुरू हुई यह योजना आज छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक मजबूत आर्थिक ढाल बन चुकी है. हर साल 6000 रुपये की यह मदद, जो चार-चार महीने के अंतराल पर 2000 रुपये की तीन किस्तों में मिलती है, किसानों को बीज, खाद और कीटनाशक खरीदने में बड़ी राहत देती है.

आखिर कब तक यह चलता रहेगा देश का खजाना आखिर कब तक ऐसे ही बर्बाद होता रहेगा, वो इस लिए कि ऐसे बहुत फर्जी किसान हैं जो नहीं खेती करते उन्होंने अपनी जमीन ठेके पर दे रखी हैं उनके पास भी ये पैसा जा रहा है, और असली मेहनती किसान हैं उनको नहीं मिल पा रहा है.

LPG के लिए रहें टेंशन फ्री, भारत में आ रही गैस की बड़ी खेप, इन देशों से होगी सप्लाई…

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मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से भारत में हो रहे गैस संकट से निपटने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने LPG की ज्यादा खेप अब नए स्रोतों जैसे अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा और रूस से मंगा रहा है.

इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र से भी जहां सप्लाई उपलब्ध है, वहां से खरीद जारी है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को यह जानकारी दी. दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक होने के कारण भारत इस समय सीमित सप्लाई की चुनौती से जूझ रहा है.

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र के पर्यावरण मंत्रालय ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को सलाह दी है कि होटल और रेस्तरां सेक्टर को एक महीने तक वैकल्पिक ईंधन जैसे बायोमास, केरोसिन और कोयले के इस्तेमाल की अनुमति दी जाए, ताकि LPG की खपत कम हो सके.

खाड़ी देशों से मंगाता था 60% गैस

पुरी ने संसद में बताया कि पहले भारत अपनी LPG जरूरत का करीब 60% खाड़ी देशों से आयात करता था, लेकिन अब खरीद के स्रोत बढ़ा दिए गए हैं. केंद्र सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने और उद्योगों को बिक्री कम करने का आदेश दिया है, ताकि देश के करीब 33.3 करोड़ घरों को गैस की कमी न हो. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि घरेलू LPG सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और गैस सिलेंडर की डिलीवरी का चक्र भी पहले जैसा ही है. पुरी ने कहा कि कुकिंग गैस की सप्लाई को लेकर जो घबराहट फैली है, वह असल कमी से ज्यादा उपभोक्ताओं की चिंता की वजह से है.

होर्मुज के बाहर से तेल की खरीद बढ़ी

अमेरिका और इजराइल के ईरान के साथ युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही रुकने से दुनिया भर में शिपिंग प्रभावित हुई है. इसका असर भारत की कच्चे तेल, LPG और LNG सप्लाई पर भी पड़ा है. सरकार के कदमों के बावजूद रेस्तरां, होटल और कई उद्योगों को LPG की सीमित सप्लाई का असर महसूस होने लगा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खाना पकाने में होता है.

कालाबाजारी को रोकने उठाया ये कदम

पुरी ने कहा कि तेल कंपनियां गुरुवार से औसत मासिक कमर्शियल LPG जरूरत का 20% हिस्सा राज्यों की सरकारों के साथ मिलकर आवंटित करेंगी, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके. पिछले साल भारत ने 3.315 करोड़ टन कुकिंग गैस की खपत की थी, जिसमें करीब 60% हिस्सा आयात से पूरा हुआ.

युद्ध के बीच नहीं होगी गैस की कमी

पुरी ने यह भी कहा कि भारत की मौजूदा कच्चे तेल की सप्लाई स्थिति सुरक्षित है, क्योंकि कुल आयात में होर्मुज के बाहर से आने वाले तेल की हिस्सेदारी बढ़कर 70% हो गई है. उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता भी पूरी तरह सुरक्षित है और वैकल्पिक रास्तों से LNG की खेप लगभग रोज आ रही है. पुरी ने कहा, अगर संघर्ष लंबे समय तक चलता है तब भी भारत के पास गैस उत्पादन और LNG सप्लाई के पर्याप्त इंतजाम हैं, जिससे यह स्थिति संभाली जा सकती है.

देश में अर्धसैनिक बलों में जवानों के 93000 से अधिक पद खाली, सरकार ने संसद में दी जानकारी…

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देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं. सरकार ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न अर्धसैनिक बलों और असम राइफल्स में कुल 93 हजार से अधिक पद रिक्त हैं.

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जवाब में इन खाली पदों का ब्यौरा दिया, उन्होंने यह भी कहा कि इन पदों को भरने की प्रक्रिया लगातार जारी है और भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार के मुताबिक, उपलब्ध संसाधनों के साथ सुरक्षा बल अपने कर्तव्यों को प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं. इन रिक्तियों में सबसे ज्यादा पद CISF और CRPF में हैं.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, CISF में 28,342 पद खाली हैं, जबकि CRPF में 27,400 पद रिक्त हैं. इसके अलावा BSF में 14,531 पद, ITBP में 12,333 पद और सशस्त्र सीमा बल में 6,784 पद खाली हैं. वहीं असम राइफल्स में 3,749 पदों पर भर्ती बाकी है.

सुरक्षा व्यवस्था पर असर को लेकर उठे सवाल

खाली पदों की बड़ी संख्या को देखते हुए कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और आपदा राहत जैसे कामों पर असर पड़ने को लेकर सवाल उठाए गए. इस पर जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सुरक्षा बल उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए अपनी जिम्मेदारियां प्रभावी तरीके से निभा रहे हैं और उनकी कार्यक्षमता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है.

भर्ती प्रक्रिया तेज करने के लिए उठाए कदम

सरकार के अनुसार इन पदों को भरना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है. भर्ती मुख्य रूप से Union Public Service Commission और Staff Selection Commission के माध्यम से की जाती है.

भर्ती को तेज करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. इनमें एसएससी के जरिए कांस्टेबल (जीडी) की हर साल भर्ती, प्रमुख पदों की भर्ती के लिए नोडल बल की नियुक्ति और शारीरिक परीक्षा के दौरान आरएफआईडी तकनीक का इस्तेमाल शामिल है. इसके अलावा मेडिकल जांच में लगने वाले समय को भी कम किया गया है.

Ladli Behna Yojana: लाडली बहनों के खाते में आने वाले हैं 1500 रुपये, महिलाएं घर बैठे ऐसे चेक करें अपना स्टेटस…

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Ladli Behna Yojana:  मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है. लाडली बहना योजना के तहत मार्च महीने की 34वीं किस्त सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी. शुक्रवार 13 मार्च को 1 करोड़ 25 लाख से ज्यादा महिलाओं को 1500 रुपये की राशि मिलेगी.

यह रकम डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से उनके खाते में जाएगी.

”ग्वालियर जिले के भितरवार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सीधे लाभार्थियों के खातों में पैसा ट्रांसफर करेंगे. इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक तौर पर सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है. पिछले महीने भी 33वीं किस्त में लाखों महिलाओं को राहत मिली थी. महिलाओं घर बैठे चेक करें अपना स्टेटस.”

”लाभार्थी लिस्ट में नाम कैसे चेक करें?

अगर आप जानना चाहती हैं कि आपकी लिस्ट में नाम है या नहीं तो इसे घर बैठे ऑनलाइन चेक कर सकती हैं.

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं.वहां ‘फाइनल लिस्ट’ के ऑप्शन पर क्लिक करें.अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालें.

”रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए ओटीपी को भरें ओटीपी डालते ही स्क्रीन पर आपका नाम दिख जाएगा.इस तरीके से आप आसानी से पता कर सकती हैं कि आप इस किस्त के लाभार्थी हैं या नहीं.”

पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • लाभार्थी महिलाएं 34वीं किस्त का पेमेंट स्टेटस भी ऑनलाइन देख सकती हैं.
  • आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं.
  • ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ पर क्लिक करें.
  • स्क्रीन पर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी दर्ज करें.
  • कैप्चा कोड डालें और ‘ओटीपी भेजें’ पर क्लिक करें.
  • मोबाइल पर आए ओटीपी को भरें और Search करें.
  • इसके बाद आपके खाते में राशि का पेमेंट स्टेटस दिखाई देगा.

इसके साथ ही राशि ट्रांसफर होने के बाद बैंक की ओर से भी SMS के जरिए जानकारी मिल जाएगी.

लाडली बहना योजना का फायदा

लाडली बहना योजना हर महीने महिलाओं को घरेलू खर्च, बच्चों की जरूरत और छोटी-मोटी आवश्यकताओं में मदद देती है. इसमें रकम सीधे बैंक खाते में आती है. पिछले किस्तों में जमा रकम ने लाखों महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार किया. योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य व जरूरतों में सहारा देना है. इस किस्त के आने से लाभार्थी महिलाएं अपने खर्चों का प्रबंधन आसानी से कर पाएंगी.

“Cash for query केस में SC ने खारिज की याचिका, MP महुआ और CBI को नोटिस जारी”

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सुप्रीम कोर्ट ने आज शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट के दिसंबर 2025 के उस आदेश के एक हिस्से पर रोक लगा दी, जिसमें लोकपाल को तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कथित सवाल पूछने के बदले पैसे लेने ( cash-for-query case) मामले में CBI को चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी देने पर विचार करने की अनुमति दी गई थी.

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ लोकपाल की याचिका पर महुआ मोइत्रा को नोटिस जारी किया है. महुआ के अलावा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद व शिकायतकर्ता निशिकांत दुबे को भी नोटिस जारी किए. सुप्रीम कोर्ट ने 3 हफ्ते में नोटिस का जवाब मांगा है.

दिसंबर में HC ने सुनाया था फैसला

इससे पहले हाईकोर्ट ने 19 दिसंबर, 2025 को अपने फैसले में लोकपाल के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें सीबीआई को कथित ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ घोटाले में महुआ मोइत्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी दी गई थी.

हाईकोर्ट ने अपने उस फैसले के पैरा 89 में कहा था, “लोकपाल से अनुरोध है कि वे लोकपाल अधिनियम की धारा 20 के तहत मंजूरी देने पर विचार करें. यह विचार पूरी तरह से कानून के उन प्रावधानों के अनुरूप होना चाहिए, जिनकी व्याख्या ऊपर की गई है. और यह विचार आज से एक महीने की अवधि के भीतर पूरा किया जाना चाहिए.”

सांसद महुआ को भी थमाया नोटिस

CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले के पैरा 89 पर रोक लगा दी. साथ ही, बेंच ने लोकपाल अधिनियम की धारा 20 के तहत दी गई शक्तियों और प्रक्रियाओं से संबंधित याचिकाओं के एक समूह पर नोटिस भी जारी किए.

‘कैश-फॉर-क्वेरी’ केस उस आरोप से जुड़ा है, जिसमें यह कहा गया है कि टीएमसी मोइत्रा ने एक कारोबारी से पैसे और तोहफों के बदले लोकसभा में सवाल पूछे थे. हाईकोर्ट का यह फैसला मोइत्रा की उस याचिका पर आया था, जिसमें उन्होंने लोकपाल के पिछले साल 12 नवंबर के आदेश को चुनौती दी थी. उस आदेश में लोकपाल ने CBI को उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी दी थी.

हाईकोर्ट द्वारा अपने आदेश को रद्द किए जाने के बाद लोकपाल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए महुआ मोइत्रा को नोटिस जारी उनसे जवाब मांगा गया है.

जंग के बीच ईरान ने मांगी भारत से मदद! विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया बड़ा वादा, ‘हम अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय….’

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ईरान और भारत के बीच मौजूदा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर उच्च स्तर पर बातचीत हुई है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत कर मध्य पूर्व की स्थिति, वैश्विक सुरक्षा और द्विपक्षीय व बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की.

क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर हुई चर्चा

फोन पर हुई इस बातचीत में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की.

अमेरिका और इजरायल पर लगाए हमले और अपराध के आरोप

अराघची ने अपने भारतीय समकक्ष को अमेरिका और जियोनिस्ट शासन द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए हमलों और अपराधों से उत्पन्न ताजा हालात के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इन घटनाओं के कारण क्षेत्र और दुनिया कीो स्थिरता और सुरक्षा पर असर पड़ा है.

आत्मरक्षा के अधिकार पर दिया जोर

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार, जनता और सशस्त्र बल आक्रमणकारियों के खिलाफ आत्मरक्षा के वैध अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह दृढ़ हैं. अराघची ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मंचों तथा संगठनों से ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रमण की निंदा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

ब्रिक्स की भूमिका को बताया अहम

उन्होंने बहुपक्षीय सहयोग के मंच के रूप में ब्रिक्स की भूमिका और महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा समय में इस संगठन को क्षेत्र और दुनिया की स्थिरता तथा सुरक्षा का समर्थन करने के लिए रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए.

भारत ने सहयोग बढ़ाने की जताई तैयारी

इस बातचीत के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए अपने देश की तत्परता व्यक्त की. जयशंकर ने यह भी कहा कि क्षेत्र में स्थिरता और टिकाऊ सुरक्षा को मजबूत करने का रास्ता खोजना सभी के लिए एक सामूहिक आवश्यकता है.

फोन निर्यात पर मंडरा रहा संकट, ईरान युद्ध से भारत को हो सकता है अरबों का नुकसान…

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भारत के लगातार बढ़ते मोबाइल फोन निर्यात की वजह से मौजूदा वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में $11 अरब (लगभग 1,01,651 करोड़) का राजस्व (रेवेन्यू) मिला था लेकिन अब कंजप्शन, आयात और माल ढुलाई पर ईरान युद्ध का असर पड़ने के कारण कई अरब डॉलर का झटका लगने की आशंका है.

कार्यकारी, विश्लेषक और ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 2 (18,494 करोड़) से 3 अरब डॉलर (27,723 करोड़) का नुकसान हो सकता है. इसकी मुख्य वजह यह है कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज कंपनियां बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन खाड़ी क्षेत्र को निर्यात करती हैं जो कि व्यापार और उपभोग का एक प्रमुख केंद्र है.

मोबाइल फोन पर पड़ा सबसे ज्यादा असर

ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ के विश्लेषक सुवोदीप रक्षित और स्वरूपजीत पालित ने 6 मार्च को निवेशकों को भेजे एक नोट में लिखा कि इजरायल और अमेरिका के ईरान के साथ युद्ध में खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया क्षेत्र के सीधे तौर पर प्रभावित होने के कारण मोबाइल फोन उन टॉप पांच वस्तुओं में से है जिन पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है.

विश्लेषकों ने भारत के वाणिज्य मंत्रालय के डेटा का हवाला देते हुए कहा कि FY25 में खाड़ी और पश्चिम एशिया को मोबाइल फोन का निर्यात बढ़कर $3.1 बिलियन (लगभग 28,647.1 करोड़) हो गया, जो देश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का 12 फीसदी है. EMS कंपनियां मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग पर काफी हद तक निर्भर हैं, उन्हें कम से कम मौजूदा और अगले क्वार्टर में भारी नुकसान हो सकता है.

कंपनियां नुकसान से बचने के लिए उठा सकती हैं ये कदम

कोटक के विश्लेषकों ने कहा कि अगर यह टकराव जारी रहता है, तो अगले वित्त वर्ष में निर्यात से होने वाली पूरी 3 अरब डॉलर की कमाई खत्म हो सकती है. इस असर से बचने के लिए, EMS कंपनियां दूसरे क्षेत्रों में अपना निर्यात बढ़ा सकती हैं, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, जापान, नीदरलैंड, जर्मनी और मेक्सिको शामिल है.

भारत में मोबाइल फोन के निर्यात में लगातार बढ़ोतरी हुई है. इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय ने 27 अक्टूबर को बताया कि केंद्र सरकार के मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव और निर्यात को बढ़ावा देने की कोशिशों की वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स भारत की तीसरी सबसे ज्याजा निर्यात की जाने वाली चीज (कमोडिटी) बन गई है.

World Largest LPG Producer: दुनिया के किस देश में होता है सबसे ज्यादा LPG प्रोडक्शन, भारत किस नंबर पर?

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संयुक्त राज्य अमेरिका अभी एलपीजी उत्पादन में दुनिया में सबसे आगे है. इसके मजबूत तेल और शेल गैस उद्योग ने उत्पादन को काफी ज्यादा बढ़ाया है. इससे यह देश किसी भी दूसरे देश के मुकाबले ज्यादा एलपीजी बना पाता है.

LPG Price: दुनिया में सबसे महंगी एलपीजी अब भारत में, समझें क्या है ये पूरी  गणित - Indians are paying world highest lpg price on purchasing power  parity meter tutk - AajTak

संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद चीन, सऊदी अरब और रूस जैसे देश एलपीजी के मुख्य उत्पादकों में शामिल हैं. इन देशों को अपने मजबूत पेट्रोलियम उद्योग और बड़े हाइड्रोकार्बन भंडारों का फायदा मिलता है. इससे वे घरेलू इस्तेमाल और निर्यात दोनों के लिए बड़ी मात्रा में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस बना पाते हैं.

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भारत भी दुनिया के टॉप 5 एलपीजी उत्पादक देशों में शामिल है. हालांकि अपनी मजबूत रिफायनिंग क्षमता के बावजूद देश की भारी मांग को पूरा करने के लिए घरेलू उत्पादन काफी नहीं है. भारत अभी अपनी खपत का सिर्फ 40% एलपीजी ही बना पाता है.

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क्योंकि घरेलू उत्पादन कुल मांग को पूरा नहीं कर पाते इस वजह से भारत एलपीजी का लगभग 60% अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से आयात करता है. सबसे बड़े सप्लायरों में से एक कतर है. यह भारत के कुल एलपीजी आयत का लगभग 34% हिस्सा देता है.

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आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए भारत सरकार ने हाल ही में घरेलू रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है. इन उपायों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में पहले ही लगभग 25% की वृद्धि देखने को मिली है.