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बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि डिजिटल युग का इस्तेमाल युवाओं को नकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए नहीं होने दिया जाएगा….

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रांची में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि डिजिटल युग का उपयोग युवाओं को गलत दिशा में ले जाने के लिए नहीं होने दिया जाएगा. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दूसरी ओर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन चल रहा था.

डिजिटल युग के दुरुपयोग पर चेतावनी

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि देश का युवा अपनी मेहनत और ताकत से देश को आगे बढ़ा रहा है. उन्होंने कहा कि जो लोग युवाओं को नकारात्मक राजनीति की ओर ले जाना चाहते हैं, उन्हें चेतावनी दी जाती है कि भारत का युवा सकारात्मक राजनीति करेगा. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जा सकता है, लेकिन लोकतंत्र की मर्यादा को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा.

विदेश से आए नेता औरसैटायरराजनीति पर टिप्पणी

उनका इशारा अभिजीत दीपके की ओर माना जा रहा है, जिन्होंने हाल ही में ‘Cockroach Janta Party’ नाम से वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल शुरू किया था. दीपके एक पब्लिक रिलेशन ग्रेजुएट हैं और पहले अमेरिका में रह चुके हैं. वे आज सुबह भारत लौटे और दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्होंने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया.

दीपके की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर भी चर्चा रही है, जहां उनके अकाउंट्स ने कुछ ही हफ्तों में लाखों फॉलोअर्स हासिल कर लिए.

युवाओं कोप्लेटफॉर्मके रूप में इस्तेमाल करने का आरोप

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कुछ लोग विदेशों में बैठकर भारत के युवाओं को दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत का युवा गांव, खेत, कोचिंग सेंटर और कॉलेजों में रहता है और किसी के प्रभाव में आकर गलत दिशा में नहीं जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल कर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही हैं.

डिजिटल मीडिया और राजनीति पर बयान

उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम का उपयोग देश के विकास और युवाओं की प्रगति के लिए होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देश के युवाओं को नकारात्मक दिशा में ले जाने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने युवाओं से सतर्क रहने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की.

जंतरमंतर पर CJP का प्रदर्शन

इधर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. यह मांग CBSE परीक्षा संचालन में कथित अनियमितताओं और NEET-UG परीक्षा से जुड़े आरोपों को लेकर की गई. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और समर्थक शामिल हुए.

LPG Gas Supply through Hormuz: क्या होर्मुज में फंसे हैं भारतीय जहाज? क्या भारत में है गैस की किल्लत?

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ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच होर्मुज स्ट्रेट से होकर भारत आने वाले एलपीजी जहाजों की स्थिति को लेकर कई तरह की खबरें सामने आ रही है. इससे गैस सप्लाई पर सवाल खड़े हो रहे.

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों की शुरुआत बीते 28 फरवरी, 2026 को हुई थी. इसके बाद से ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इस रूट पर नाकेबंदी का ऐलान कर दिया. यह रास्ता दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई के लिए अहम है. इस रुकावट से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में हलचल मच गई और सरकारों तथा शिपिंग कंपनियों को व्यापार जारी रखने के लिए नई रणनीतियां बनानी पड़ी.

भारत के लिए यह मामला बहुत अहम था, जो ऊर्जा की अपनी जरूरतों के लिए काफी हद तक इसी जलमार्ग पर निर्भर है. भारत का लगभग 30 प्रतिशत कच्चा तेल और करीब 70 प्रतिशत लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) इसी रास्ते से आता है. हालांकि, हालात बिगड़ने के बावजूद भारत इस इलाके से जहाजों की आवाजाही को लगातार बनाए रखने में कामयाब रहा है.

क्या होर्मुज में फंसे हैं भारतीय जहाज?

फरवरी के आखिर में जब तनाव बढ़ा और होर्मुज पर पाबंदियां लगाई गईं, तो भारतीय झंडे वाले 36 से 38 कमर्शियल जहाज या तो खाड़ी इलाके में फंसे हुए थे या होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास मौजूद थे. इन जहाजों पर 1,100 से ज्यादा भारतीय नाविकों की भी संख्या थी. कई जहाजों में भारत की ऊर्जा जरूरतों और कमर्शियल सप्लाई चेन से जुड़े जरूरी सामान लदे हुए थे. कुछ अन्य जहाज औद्योगिक उत्पादन और घरेलू खपत के लिए जरूरी सामान ले जाने का इंतजार कर रहे थे.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च के मध्य से अब तक भारतीय झंडे वाले लगभग 23 से 25 जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज से बाहर निकल चुके हैं. मई के आखिर तक, खबर है कि भारतीय झंडे वाले सिर्फ 13 ही जहाज खाड़ी देशों के आसपास या जलडमरूमध्य वाले इलाके में बचे हुए हैं. इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सरकार हाई-प्रॉयोरिटी इमरजेंसी ऑपरेशन कर रही है.

क्या भारत में है गैस की किल्लत?

सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक देश में घरेलू सिलेंडराें की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य और सुरक्षित है. होर्मुज पर निर्भरता कम करने के लिए देश के भीतर तेल रिफाइनरियां अपनी अधिकतम कैपेसिटी पर काम कर रही हैं. इससे दैनिक एलपीजी उत्पादन बढ़कर 50000 मीट्रिक टन हो गया है, जो देश की कुल जरूरत का 60% से अधिक हिस्सा पूरा कर रहा है.

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए साफ कहा है, ”घरेलू उपभोक्ताओं के लिए देश में LPG सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है और गैस सप्लाई पूरी तरह से सामान्य है. नागरिकों को किसी भी तरह से घबराने की कोई जरूरत नहीं है.”

CJP Protest: क्या होगा कॉकरोच जनता पार्टी का अगला कदम? 

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है.

शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के एक दिन बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत  दीपके ने केंद्र सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाया गया या उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया, तो आंदोलन को देशव्यापी रूप दिया जाएगा.  दीपके ने साफ कहा कि यह विरोध प्रदर्शन यहीं समाप्त नहीं होगा और आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा.

प्रदर्शन को बताया ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण

प्रदर्शन के बाद जारी बयान में अभिजीत दीपके ने आंदोलन में शामिल हुए सभी लोगों का आभार जताया. उन्होंने इस प्रदर्शन को ऐतिहासिक और पूरी तरह शांतिपूर्ण बताया.  दीपके ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी प्रदर्शन में शामिल हुए, जिन्होंने पहली बार किसी आंदोलन में भाग लिया और शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है. उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर एक पूरी पीढ़ी प्रभावित हुई है और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए.

धर्मेंद्र प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप

अभिजीत  दीपके ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक पूरी पीढ़ी के साथ अन्याय किया है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अगले सात दिनों के भीतर मंत्री पद से हटाए जाने या इस्तीफा देने की कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को जमीन पर और व्यापक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा. दीपके ने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर लोगों को आगे की रणनीति बताने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लाइव आकर संबोधित करेंगे.

CJP प्रवक्ता ने दी देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

जंतर-मंतर पर शनिवार को कई घंटों तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद कार्यक्रम समाप्त कर दिया गया, लेकिन आयोजकों ने सरकार को एक सप्ताह का समय दिया है. CJP के प्रवक्ता आशीष रांका ने कहा कि सरकार के पास सात दिन का समय है. उन्होंने कहा कि या तो धर्मेंद्र प्रधान सम्मानपूर्वक इस्तीफा दें या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पद से हटाएं. यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन पूरे देश में फैलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का समय आ गया है और इस बदलाव की शुरुआत जंतर-मंतर से हो चुकी है.

बीजेपी ने भी किया पलटवार

वहीं, इस प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि कुछ लोग विदेश में बैठकर भारत के युवाओं की दिशा तय करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा. उनका यह बयान उस समय आया जब जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

”CG: वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी” शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्राथमिकता…”

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श्री चौधरी ने कहा कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है जब वह शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्राथमिकता देता है। उन्होंने समाज के युवाओं से शिक्षा, नवाचार और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़कर राज्य एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी शनिवार को धमतरी जिले के ग्राम छाती में आयोजित चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाजजनों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ एवं देश के विकास में समाज की भूमिका और योगदान को और अधिक प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।

श्री चौधरी ने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपनी सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाए। उन्होंने समाज की गौरवशाली परंपराओं, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए आने वाली पीढि़यों को संस्कारवान एवं सक्षम बनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों, वरिष्ठजनों, युवाओं एवं बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में समाज के विकास और राष्ट्र की उन्नति के संकल्प के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में “राजा रामचंद्र की जय” एवं “छत्रपति शिवाजी महाराज की जय” के उद्घोष किए गए।

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण बना जनआंदोलन, रोजगार और ग्रामीण समृद्धि को मिली नई गति’

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जल संरक्षण का महाअभियान: मनरेगा से गांवों में बढ़ रहा जल भंडार, हरियाली और आजीविका…

जलवायु परिवर्तन, अनिश्चित वर्षा और बढ़ते जल संकट के बीच छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर एक व्यापक जनअभियान आकार ले रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण, रोजगार सृजन, हरित विकास और आजीविका संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी से संचालित एक व्यापक सामाजिक पहल के रूप में विकसित हो रहा है।

अभियान के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1610 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें तालाब, डबरियां, चेकडैम, जल संवर्धन संरचनाएं, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच, खेत तालाब और अन्य जल संरक्षण कार्य शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में भूमि में रोकना, भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को सुदृढ़ करना है।

इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन 11 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है, जिनमें 57 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस प्रकार जल संरक्षण का यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी बन रहा है।

जल संरक्षण से आजीविका का सृजन

राज्य सरकार ने जल संरक्षण को सीधे ग्रामीण आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाज के संवेदनशील और कमजोर वर्गों की निजी भूमि पर 13,065 आजीविका डबरियों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इन परिसंपत्तियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को मत्स्य पालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर मिल रहे हैं।

इसी प्रकार ‘नवा तरिया-आय के जरिया’ पहल के अंतर्गत 624 सामुदायिक तालाब विकसित किए जा रहे हैं। इन जल संरचनाओं को स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर महिला समूहों की आजीविका से जोड़ने की पहल की गई है, जिससे जल संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी मॉडल विकसित हो रहा है।

पहाड़ियों पर ट्रेंच, मैदानों में जल संचयन

प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में ढलान और पहाड़ी भूभागों पर स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (SCT) का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के तेज बहाव को रोककर उसे भूमि में समाहित होने का अवसर देती हैं। इससे मिट्टी का कटाव कम होता है, भू-जल स्तर में सुधार होता है और वृक्षारोपण को आवश्यक नमी उपलब्ध होती है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण के इस समन्वित प्रयास से हरित आवरण में वृद्धि हो रही है तथा पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिल रही है।

तकनीक से जल संरक्षण को नई दिशा

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान की एक प्रमुख विशेषता आधुनिक तकनीकों का उपयोग है। कार्यों की वैज्ञानिक योजना और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए GIS आधारित युक्तधारा प्लानिंग, CLART एप तथा वाटरशेड सिद्धांतों का उपयोग किया जा रहा है।

भू-जल स्तर की निगरानी के लिए जलदूत प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से खुले कुओं के जल स्तर का नियमित मापन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर जल स्तर की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर जल बजट तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

पारदर्शिता और जनभागीदारी का मॉडल

मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने गांव में स्वीकृत और पूर्ण कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार दिवस, आवास दिवस, सामाजिक अंकेक्षण और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों की भागीदारी और निगरानी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

भागीदारी से साझेदारी की ओर

जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण का यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है। ग्राम सभाओं, जागरूकता अभियानों और सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण को लोगों के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ का ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान आज यह दिखा रहा है कि जल संरक्षण, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर ग्रामीण विकास का एक स्थायी और समावेशी मॉडल विकसित किया जा सकता है। यह अभियान केवल पानी बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि गांवों में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संतुलन की नई नींव रख रहा है।

नैनो उर्वरकों ने बदली किसान की तस्वीर, कम लागत में बेहतर उत्पादन से बढ़ा आत्मविश्वास….

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किसानों को आधुनिक खेती अपनाने का संदेश’

कृषि में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसानों की आय बढ़ाने और लागत कम करने की दिशा में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी प्रभावी साबित हो रहे हैं।

इसका सकारात्मक उदाहरण मुंगेली विकासखंड के ग्राम चकरभट्ठा निवासी किसान टीकाराम जायसवाल हैं, जिन्होंने अपनी फसल में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया।

किसान टीकाराम जायसवाल ने बताया कि वे लंबे समय से पारंपरिक उर्वरकों का उपयोग करते आ रहे थे, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी।

कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने पिछले खरीफ सीजन में अपनी फसल में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का प्रयोग किया। इसका परिणाम यह हुआ कि फसल की बढ़वार बेहतर रही, पौधे अधिक स्वस्थ दिखाई दिए और उत्पादन में भी संतोषजनक वृद्धि हुई।

टीकाराम जायसवाल ने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से उर्वरक की मात्रा कम लगी, जिससे लागत में कमी आई।

साथ ही खेत की मिट्टी की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।

बेहतर उत्पादन मिलने से उन्हें आर्थिक लाभ हुआ और खेती के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी आधुनिक खेती की दिशा में एक प्रभावी कदम हैं।

अन्य किसानों से भी वैज्ञानिक सलाह के अनुसार नैनो उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को नई तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयास खेती को अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने पिछड़ा वर्ग समाजों के प्रतिनिधियों से की मुलाकात, जानी समस्याएं…

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राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आज राज्य अतिथि गृह (पहुना) में विभिन्न पिछड़ा वर्ग समाजों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने समाजों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना।

इस अवसर पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद, उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांती वर्मा, पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा तथा लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा सहित पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न समाजों के प्रमुख एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि पिछड़ा वर्ग समाजों के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई और समाधान का भरोसा दिलाया।

इस दौरान शिक्षा, रोजगार, सामाजिक उत्थान तथा कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

समाज के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और अपेक्षाओं से आयोग की अध्यक्ष को अवगत कराया। साध्वी निरंजन ज्योति ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विषयों पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।

सुशासन तिहार अंतर्गत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन…

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सुशासन तिहार के अंतर्गत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन कोंडागांव जिले  के विकासखंड फरसगांव के ग्राम पंचायत बड़ेडोंगर में किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत बड़ेडोंगर की सरपंच श्रीमती चंद्रवती पुजारी ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद सदस्य श्रीमती मनीषा नेताम, सरपंच श्री झाड़ीराम सलाम, श्री रामभरोश कुंवर, श्री मंगलराम नेताम, श्री हीरालाल नेताम, श्री चंदूलाल कांगे, मंडल अध्यक्ष श्री महेंद्र सलाम, श्री विद्यासागर नायक, श्री पाण्डिराम सलाम, श्री यदुदास मानिकपुरी, श्री भानुराम नाग तथा श्री दुलम सिंह नाग सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ’’एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत माध्यमिक विद्यालय बड़ेडोंगर परिसर में पौधरोपण कर किया गया।

शिविर में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई, एसडीएम श्री अश्वन कुमार पुसाम, तहसीलदार श्री जयकुमार नाग, जनपद पंचायत सीईओ श्री रूपेंद्र नेताम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, सचिव एवं रोजगार सहायक उपस्थित थे।

शिविर में कुल 248 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 183 मांग संबंधी, 58 निर्माण संबंधी तथा 7 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल थे। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 11 आयुष्मान कार्ड, 7 जन्म प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा 120 लोगों का ओपीडी परीक्षण किया गया। खाद्य विभाग द्वारा 18 राशन कार्ड, आधार केंद्र के माध्यम से 13 आधार अपडेट एवं 7 नए आधार पंजीयन किए गए। कृषि विभाग द्वारा 7 किसानों को कीटनाशक सामग्री वितरित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 6 विद्यारंभ प्रमाण पत्र, 3 गोदभराई, 3 अन्नप्राशन तथा 3 सुपोषण किट प्रदान किए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा 4 दिव्यांग हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 3 व्हीलचेयर, 3 श्रवण यंत्र तथा 5 स्टील छड़ी वितरित की गईं। राजस्व विभाग द्वारा 10 बी-1 एवं खसरा प्रतियां तथा 16 किसान किताबों का वितरण किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा 12 जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वन विभाग द्वारा 2 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा 2 तेंदूपत्ता संग्राहकों को चेक वितरित किए गए। मनरेगा अंतर्गत 15 जॉब कार्ड प्रदान किए गए तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के 27 हितग्राहियों को आवास की चाबियां सौंपी गईं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 11 हितग्राहियों को उन्नत किस्म के पौधे, मत्स्य विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को मछली पकड़ने के जाल, क्रेडा विभाग द्वारा 5 ड्यूल सोलर पंप तथा पशुधन विकास विभाग द्वारा 7 हितग्राहियों को अनुदान प्रमाण पत्र वितरित किए गए। विभिन्न योजनाओं की सामग्री एवं प्रमाण पत्रों का वितरण मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों के हाथों किया गया। शिविर के अंत में एसडीएम श्री अश्वन कुमार पुसाम ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश…

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सायकिलिंग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखता हैश्री अरुण साव’

सन्डे ऑन सायकल  कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री’

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित सन्डे ऑन सायकल (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पाण्डेय और कलेक्टर श्री आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।

श्री साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

Vladimir putin on india: su-57 लड़ाकू विमान पर पुतिन का बयान…

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर प्रतिबंधों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश उल्टा असर करेगी.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार (5 जून 2026) को कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर प्रतिबंधों के जरिए दबाव बनाने की कोई भी कोशिश आखिरकार उल्टा असर करेगी. उन्होंने कहा कि भारत एक संप्रभु देश है और उसे अपने रक्षा तथा आर्थिक साझेदार चुनने का पूरा अधिकार है.

सेंट पीटर्सबर्ग अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच में एक बातचीत के दौरान पुतिन ने कहा कि भारत हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर फैसले लेता है. उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने स्वतंत्र नीति अपनाई है और बाहरी दबाव के बावजूद आगे भी उसी रास्ते पर चलता रहेगा. उन्होंने कहा कि भारत पर किसी भी तरह के प्रतिबंध या दबाव की कोशिश सफल नहीं होगी बल्कि उसका उल्टा असर पड़ेगा.

सुखोई su-57 लड़ाकू विमान पर पुतिन का बयान

पुतिन ने बताया कि रूस ने पहले भारत के साथ सुखोई su-57 लड़ाकू विमान को मिलकर विकसित करने का प्रस्ताव दिया था. हालांकि यह साझेदारी आगे नहीं बढ़ सकी, जिसके बाद रूस ने इस विमान को अपने दम पर विकसित किया. उन्होंने कहा कि su-57 दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में से एक है और रूस इसे भारत को बेचने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि यह विमान कई तरह की भूमिकाएं निभा सकता है और इसकी तकनीक बेहद एडवांस है. उनके अनुसार, यह सिर्फ एक लड़ाकू विमान नहीं बल्कि कई तरह के सैन्य अभियानों में इस्तेमाल किया जा सकता है.

भारत और रूस के रक्षा संबंधों पर क्या बोले पुतिन?

भारत और रूस के रक्षा संबंधों पर बात करते हुए पुतिन ने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता केवल खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि दोनों देश संयुक्त शोध और तकनीकी विकास पर भी साथ काम करते हैं और यही इस साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने उदाहरण देते हुए ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना का उल्लेख किया. पुतिन ने कहा कि इस मिसाइल के विकास में शुरू से भारतीय और रूसी विशेषज्ञों ने मिलकर काम किया और इसका परिणाम बेहद सफल रहा. उनके अनुसार, यह भारत और रूस के रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है.

भारत एक स्वतंत्र देश है- पुतिन

पुतिन से जब पूछा गया कि अगर भारत रूस से su-57 या s-500 जैसे रक्षा सिस्टम खरीदता है तो क्या उसे अमेरिका की ओर से प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है तो पुतिन ने कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश है और वह अपने हितों के अनुसार सबसे उपयुक्त रक्षा उपकरण चुनने के लिए आज़ाद है. उन्होंने कहा कि भारत हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता आया है और आगे भी ऐसा ही करेगा. पुतिन ने यह भी कहा कि उन्हें वह समय याद है जब प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी को अमेरिका का वीज़ा नहीं दिया गया था. उन्होंने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और भारत तथा अमेरिका के संबंध मजबूत हो रहे हैं. उनके अनुसार, यह भारत की बदलती वैश्विक भूमिका और परिस्थितियों के अनुसार आगे बढ़ने की क्षमता को दिखाता है.