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छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक आज, इन मुद्दों पर ले सकते हैं बड़े फैसले…

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छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक आज, इन मुद्दों पर ले सकते हैं बड़े फैसले…

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होगी। कैबिनेट की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में दोपहर तीन बजे से आयोजित होगी। इस बैठक में खेती-किसानी के मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं और कृषि के मुद्दों के लेकर साय सरकार कई अहम फैसले ले सकते हैं। 

कैबिनेट की बैठक में विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की तैयारी की समीक्षा हो सकती है। प्रदेश में खरीफ फसलों के लिए खाद बीज की उपलब्धता पर चर्चा की जाएगी। किसानों, अधिकारी, कर्मचारी और स्कूली बच्चों के हित में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये जा सकते हैं। साथ ही बैठक में अन्य विभागों से संबंधित अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

सावन मास 2024 : 22 जुलाई को पहला सावन सोमवार, यह संयोग भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाएगा।

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सावन मास 2024 : 22 जुलाई को पहला सावन सोमवार, यह संयोग भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाएगा।

इस बार सावन के महीने में कई अद्भुत संयोग बन रहे हैं। इस बार सावन के कृष्ण पक्ष में दो सोमवार और शुक्ल पक्ष में तीन सोमवार पड़ रहे हैं, जो भक्तों के लिए अत्यंत लाभकारी माने जा रहे हैं। यह संयोग भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाएगा।

इस साल 22 जुलाई को पहला सावन सोमवार, शिवालयों में गूंजायमान होगा हर-हर महादेव.

सावन का महीना भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के लिए समर्पित होता है। सावन का महीना भोलेनाथ को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पाने के लिए उत्तम माना गया है. भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस महाउत्सव में शामिल होते हैं। इस साल 22 जुलाई को पहला सावन सोमवार मनाया जाएगा।
22 जुलाई से सावन का पहला सोमवार मनाया जाएगा। सावन का समापन 19 अगस्त को होगा। इस साल चार के बजाए पांच सावन सोमवार होंगे.

शिवालयों में सावन के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। शिव भक्त विशेष रूप से शिवालयों में जाकर पूजा-अर्चना करेंगे। भक्तों के लिए विशेष आयोजन किए जाएंगे, जिसमें भजन-कीर्तन और रुद्राभिषेक शामिल हैं।

मंगला गौरी व्रत और मासिक शिवरात्रि : सावन के महीने में मंगला गौरी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत 23, 30 जुलाई और 6, 13 अगस्त को रखा जाएगा। मासिक शिवरात्रि तीन अगस्त को मनाई जाएगी। इन व्रतों और त्योहारों के दौरान भक्त भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करेंगे।

रक्षा बंधन का पर्व सावन पूर्णिमा
सावन के महीने की पूर्णिमा में भाई-बहन के पवित्र पर्व रक्षा बंधन है। 19 अगस्त को रक्षा बंधन मनाया जाएगा, जिसमें बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।

छत्तीसगढ़ : साय सरकार रेडी टू ईट योजना का काम महिला स्व सहायता समूहों को सौंपने का फैसला, भूपेश बघेल के रहते हुए यह काम एक निजी कंपनी को दिया था। 

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छत्तीसगढ़ : साय सरकार रेडी टू ईट योजना का काम महिला स्व सहायता समूहों को सौंपने का फैसला, भूपेश बघेल के रहते हुए यह काम एक निजी कंपनी को दिया था। 

छत्तीसगढ़ की साय सरकार रेडी टू ईट योजना का काम महिला स्व सहायता समूहों को सौंपने का फैसला कर सकती है। भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री रहते हुए यह काम एक निजी कंपनी को दिया गया था। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की है, जिसे कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सरकार की कैबिनेट की बैठक मंगलवार को होगी। रेडी टू ईट योजना का काम महिलाओं को सौंपा जा सकता है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने यह काम निजी कंपनी को सौंपा था।

प्रदेश में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महिलाओं से रेडी टू ईट का काम छीनकर एक निजी कंपनी को दे दिया था। इसके बाद महिलाएं लगातार अपने अधिकार के लिए लड़ती रहीं लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

प्रदेश में भाजपा सरकार आते ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूर्व सरकार के कई फैसलों को बदलती दिख रही है। इसमें अब कंपनी की जगह एक बार फिर गर्भवती माताओं और कुपोषित बच्चों को दिए जाने वाले रेडी टू ईट का काम स्व सहायता समूहों को देने की तैयारी है।

ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, झारखंड, केरल, उत्तर प्रदेश और गुजरात का दौरा करने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की चारों टीमों ने रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंप दिया है। साय सरकार की मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में रेडी टू ईट की जिम्मेदारी स्व सहायता समूह की महिलाओं को देने का निर्णय लिया जा सकता है। इससे प्रदेश की 20 हजार से अधिक महिलाओं को रेडी टू ईट का काम मिल जाएगा। प्रदेशभर में 1,786 महिला समूह हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार का हवाला देते हुए रेडी-टू-ईट योजना का संचालन महिला समूहों से लेकर राज्य बीज विकास निगम को सौंप दिया था। इससे महिलाओं के स्वजन को मिलाकर करीब तीन लाख लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए थे।

प्रदेश में रेडी-टू-ईट को स्व सहायता समूहों को देने विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मोदी की गारंटी में शामिल किया था। चुनाव के बाद सरकार बनते ही रेडी-टू-ईट का संचालन फिर से महिला समूहों को सौंपने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में रेडी-टू-ईट के बेहतर क्रियान्वायन के लिए दूसरे राज्यों में संचालन की स्थिति का अध्ययन करने का निर्णय लेकर महिला एवं बाल विकास की चार टीमें गठित की गई। टीम में आठ सदस्य थे। सूरजपुर, जशपुर, महासमुंद और कवर्धा के जिला कार्यक्रम अधिकारियों को भी शामिल किया गया था। आठ राज्यों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की गई है।

महिला एवं बाल विकास के गठित अध्ययन दल में संयुक्त संचालक, उप संचालक और सहायक संचालक को शामिल किया गया था। ओडिश और महाराष्ट्र का दौरा संयुक्त संचालक अर्चना राणा और उप संचालक श्रुति नेरकर, कर्नाटक का संयुक्त संचालक क्रिस्टिना लाल और सहायक संचालक शिव सोनी, मध्यप्रदेश और झारखंड का संयुक्त संचालक दिलदार सिंह व उप संचालक मुक्तानंद खुटे तथा केरल, उत्तरप्रदेश और गुजरात का उप संचालक प्रियंका केशर और सुनील शर्मा को दिया गया था।

छत्तीसगढ़ : पहले दिन जिला अध्‍यक्ष और वरिष्‍ठ नेताओं के साथ होगी बैठक, छत्‍तीसगढ़ कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में उपचुनाव पर होगी चर्चा…

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छत्तीसगढ़ : पहले दिन जिला अध्‍यक्ष और वरिष्‍ठ नेताओं के साथ होगी बैठक, छत्‍तीसगढ़ कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में उपचुनाव पर होगी चर्चा…

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संगठन ने चुनाव में हार की समीक्षा के बाद संगठन में गुटबाजी को खत्म करने के लिए बड़े बदलाव करने का निर्णय लिया है। संगठन में सभी रिक्त पदों को भरने के साथ-साथ नगरीय निकाय चुनाव और विधानसभा उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।

विधानसभा-लोकसभा चुनाव में करारी हार की समीक्षा के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने संगठन में गुटबाजी को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव करने का फैसला लिया है।

संगठन में सभी रिक्त पदों को भरने और नगरीय निकाय चुनाव और विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर सभी लोगों को एकजुट करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 9 और 10 जुलाई को बैठक बुलाई है, जिसमें 9 जुलाई को जिला अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक होगी।

पहले दिन दोपहर तीन बजे प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसके बाद वरिष्ठ नेताओं और जिला अध्यक्षों की बैठक होगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

जिला अध्यक्षों के साथ होने वाली बैठक में प्रदेश अध्यक्ष के साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता संगठन को मजबूत करने के लिए विचार-विमर्श और समीक्षा करेंगे।


प्रदेश कांग्रेस संगठन में इस समय प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश महामंत्री, सचिव और जिला अध्यक्ष सहित कई पद रिक्त हैं। इन रिक्त पदों पर नए लोगों की नियुक्ति का निर्णय लिया जाएगा, जिससे संगठन की कार्यक्षमता और एकजुटता बढ़ाई जा सके।

वहीं दूसरे दिन 10 जुलाई को रायपुर दक्षिण उप चुनाव को लेकर राजीव भवन में बैठक होगी। रायपुर के दक्षिण विधानसभा उपचुनाव की तैयारी को लेकर कांग्रेस रणनीति तैयार करने कांग्रेस के पदाधिकारियों से रायशुमारी करेगी।

राजनांदगांव : ग्राम झीका में आज स्कूल परिसर में बृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत शाला परिसर में ग्रामीणों एवं स्कूल के बच्चों द्वारा वृक्षारोपण किया गया…

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राजनांदगांव : ग्राम झीका में आज स्कूल परिसर में बृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत शाला परिसर में ग्रामीणों एवं स्कूल के बच्चों द्वारा वृक्षारोपण किया गया…

”बृक्षारोपण अभियान” राजनांदगांव ग्राम झीका में आज स्कूल परिसर में बृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत शाला परिसर में ग्रामीणों एवं स्कूल के बच्चों द्वारा वृक्षारोपण किया गया… इस अवसर पर अभियान संगठन की अध्यक्ष तथा छतीसगर महिला प्रदेश कांग्रेस- की महा सचिव श्रीमती रुबिना अल्वी तथा उपाध्यक्ष श्रीमति आरति श्रीवास्तव, समाजसेवा श्रीमति निदा अल्वी, स्तुति श्रीवास्तव सहित शाला की शिक्षिकायें /छात्र तथा ग्राम झीका के ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

“राहुल गांधी के हिंदू बयान पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने दिया ये जवाब, सुनकर हो जाएंगे हैरान, जानें क्या कहा ऐसा..”

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“राहुल गांधी के हिंदू बयान पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने दिया ये जवाब, सुनकर हो जाएंगे हैरान, जानें क्या कहा ऐसा..”

नई दिल्ली।  हालही में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सदन में भाषण के दौरान हिंदू धर्म को लेकर दिए गए बयान को लेकर उनकी जमकर आलोचना की जा रही है।

सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से लेकर धर्मगुरु तक उन पर हमलावर हैं। इस बीच, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि आजकल सभी में हिंदू बनने की होड़ लगी हुई है।

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि राहुल गांधी जी ने हिंदू समाज के खिलाफ कुछ नहीं कहा है। उन्होंने कहा की हिंदू धर्म में हिंसा की जगह नहीं है जो सत्य है। जो लोग उनके बात के एक अंश को फैला कर दुष्प्रचार कर रहे हैं, उन पर करवाई होनी चाहिए। राहुल गांधी के जो वीडियो वायरल हो रहे हैं उन्हें पूरा नहीं दिखाया गया है। हां ये सत्य है कि हिंदू धर्म में हिंसा को कोई स्थान नहीं है। स्वामी जी ने कहा कि जब राहुल गांधी ने ऐसा कहा ही नहीं है तो हम गलत कैसे मान सकते हैं।

राहुल गांधी ने कही थी ऐसी बात बीते दिन सोमवार (01 जुलाई) को राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा, “जो लोग अपने आप को हिंदू मानते हैं वो 24 घंटे हिंसा और नफरत करते रहते हैं। आप लोग हिंदू हो ही नहीं। हिंदू धर्म में साफ लिखा है कि सच का साथ देना चाहिए।” इस पर बीजेपी सांसदों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आपत्ति जताते हुए कहा कि ये बहुत ही गंभीर विषय है, पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना गंभीर है।

पीएम मोदी की आपत्ति पर राहुल ने दिया ये जवाब इस पर राहुल गांधी ने कहा, “नहीं, नरेंद्र मोदी पूरा हिंदू समाज नहीं हैं। बीजेपी और आरएसएस पूरा हिंदू समाज नहीं हैं। इसका ठेका बीजेपी ने नहीं ले रखा है।” इस दौरान सदन में सवाल उठा कि क्या राहुल गांधी हिंदू के बहाने बीजेपी को निशाने पर इसलिए ले रहे हैं क्योंकि इस बार बहुसंख्यक वोट एनडीए के लिए बढ़ा नहीं बल्कि घटा है। राहुल गांधी ने कहा, “हिंदू हिंसा नहीं फैला सकता। बीजेपी 24 घंटे नफरत और हिंसा फैलाती है।” इसको लेकर राहुल गांधी बुरी तरह से घिरे नजर आ रहे हैं।

नाग-नागिन के किस्से कहानियों में आपने बहुत बार सुने होंगे। यूपी के फतेहपुर में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। 

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नाग-नागिन के किस्से कहानियों में आपने बहुत बार सुने होंगे। यूपी के फतेहपुर में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। 

नाग-नागिन के किस्से कहानियों में आपने बहुत बार सुने होंगे। नाग-नागिन की फिल्में भी आपने कई बार देखी होंगी। कई फिल्मों में नाग के मरने के बाद नागिन दुश्मनों से बदला लेते हुए भी दिखाई गई है। नागिन मरते दम तक नाग को मारने वाले के पीछे पड़ जाती है। यूपी के फतेहपुर में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है।

फतेहपुर में एक सांप 34 दिनों से 24 वर्षीय विकास दुबे के पीछे पड़ा है। ये सांप हर सप्ताह एक बार विकास दुबे को काटता है और इलाज से वह ठीक भी हो जाता है। सांप से परेशान होकर पिछले दिनों विकास दुबे अपना घर छोड़कर मौसी के यहां रहने लगा तो सांप वहां भी पहुंच गया और उसे फिर डस लिया। रविवार को चाचा के घर रहने आया तो यहां भी सांप ने काट लिया। 34 दिन में सांप उसे छह बार काट चुका है। हालांकि सांप बार-बार उसे ही क्यों काट रहा है, इसको लेकर विकास दुबे और उसका परिवार दहशत हैं।

मलवां थाना क्षेत्र के सौरा निवासी विकास दुबे बताते हैं कि पहली बार दो जून की रात नौ बजे बिस्तर से उतरते हुए पहली बार सांप ने काटा था। परिजन शहर के प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज के लिए ले गए। वहां दो दिन भर्ती रहा। इलाज के बाद ठीक होकर घर आ गया। 10 जून की रात नौ बजे फिर सांप ने काटा। निजी अस्पताल से ठीक होकर घर चला आया। मन में डर बैठ गया और वह अतिरिक्त सावधानी बरतने लगा। सात दिन बाद 17 जून को घर के अंदर उसे सांप ने फिर डस लिया। वह अचेत होने लगा तो परिजन उसी अस्पताल में ले गए।

इलाज हुआ और वह फिर ठीक हो गया। चौथी बार सांप ने चार दिन बाद ही डस लिया। अस्पताल के डॉक्टर भी हैरान थे और इलाज कर उसे बचा लिया। नाते-रिश्तेदारों और डॉक्टर ने भी सलाह दी कि कुछ दिनों के लिए तुम अपने घर से दूर रहो। इसके बाद वह मौसी के घर राधानगर चला आया। पिछले शुक्रवार यानी 28 जून को देर रात मौसी के घर में उसे सांप ने फिर डस लिया। युवक का हर बार इलाज करने वाले डॉ. जवाहरलाल ने कहा- यह हैरान करने वाला संयोग है। हर बार उसे एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन और इमरजेंसी दवाएं देकर इलाज करते हैं। वह ठीक होकर घर चला जाता है।

हर बार उसके शरीर पर क्लियर स्नेक बाइट के निशान मिलते हैं। वहीं, विकास दुबे का कहना है कि वह परेशान हो गया है। हर पल दहशत बनी रहती है। पहले ही आभास होने लगता है कि सांप काटने वाला है। हर बार इलाज में रुपये भी लग रहे हैं। विकास के मामा कामतानाथ के मुताबिक सभी परेशान हैं कि ऐसा कैसे हो रहा है। जब विकास को तीसरी बार सांप ने काटा था तो घर के कई लोग सामने मौजूद थे और सांप काटकर निकल गया। काफी खोजा भी गया लेकिन सांप नहीं मिला।

“हार्ट अटैक से 10 दिन पहले शरीर देता है ये 7 संकेत, सामान्य समझने की न करें गलती” आइए जानते हैं!

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“हार्ट अटैक से 10 दिन पहले शरीर देता है ये 7 संकेत, सामान्य समझने की न करें गलती” आइए जानते हैं!

हार्ट अटैक से करीब 1 महीने से 10 दिन पहले मरीजों के शरीर में कई तरह के लक्षण दिखने लगते हैं। इन लक्षणों पर ध्यान देकर आप तुरंत इलाज शुरू करा सकते हैं।

आइए जानते हैं इस संकेतों के बारे में -: हार्ट डिजीज दुनियाभर में पुरुषों और महिलाओं दोनों में मृत्यु का प्रमुख कारण बना हुआ है। फिल्मों से लेकर रियल ही लाइफ में भी हार्ट अटैक से मौतें होने की घटनाएं आपने देखी होंगी।

ऐसे में अगर आप हार्ट अटैक से बचाव चाहते हैं, तो इससे कुछ देर पहले दिखने वाले लक्षणों को नजरअंदाज न करें। जी हां, हार्ट अटैक से कुछ देर पहले शरीर में कई तरह के संकेत देता है। इन संकेतों पर ध्यान देकर आप अपनी स्थिति में सुधार कर सकते हैं।

आइए जानते हैं हार्ट अटैक से पहले शरीर में दिखने वाले संकेत कौन-कौन से हैं?

1. असहज दबाव महसूस करना अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, हार्ट अटैक से कुछ देर पहले आपको छाती के आसपास काफी ज्यादा असहज महसूस होता है। इस दौरान मरीजों को छाती में निचोड़, भरापन या छाती के बीच में दर्द जैसा अनुभव हो सकता है।

2. शरीर के अन्य क्षेत्रों में दर्द हार्ट अटैक से कुछ दिनों पहले मरीजों को न सिर्फ छाती में दर्द महसूस होता है, बल्कि इसकी वजह से पीठ, कंधे, हाथ, गर्दन या जबड़ों में भी दर्द हो सकता है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब हार्ट में किसी तरह की समस्या होती है, तो धमनियों में अवरुद्ध उत्पन्न होने लगती है। इसकी वजह से शरीर के कई हिस्सों में दर्द हो सकता है।

3. चक्कर आना चक्कर आना भी हार्ट अटैक की ओर इशारा करता है। हालांकि, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें पर्याप्त पानी न पीना, दोपहर का भोजन न करना या बहुत तेज़ी से खड़े होना। लेकिन चक्कर आना या हल्का सिरदर्द, सीने में दर्द और सांस फूलने के साथ ब्लड की मात्रा में कमी और ब्लड प्रेशर में गिरावट का संकेत हो सकता है, इसका मतलब है कि दिल का दौरा पड़ने वाला है।

4. थकान महसूस होना अनिद्रा या फिर तनावपूर्ण दिन के कारण कई लोगों को थकान महसूस होती है। लेकिन हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग की रिपोर्ट के अनुसार, दिल का दौरा पड़ने से 10 दिन से एक महीने पहले तक मरीजों को थकान महसूस हो सकती है। नेशनल हार्ट, ब्लड और लंग इंस्टीट्यूट के अनुसार यह लक्षण पुरुषों की तुलना में महिलाओं में विशेष रूप से दिखता है।।

5. मतली या अपच स्टोनी ब्रूक मेडिसिन के अनुसार, पेट में ऐंठन, उल्टी या डकार जैसे गैस्ट्रिक लक्षण भी हार्ट अटैक के हो सकते हैं। जब हृदय और शरीर के अन्य क्षेत्रों में पर्याप्त रूप से ब्लड सर्कुलेट नहीं हो पाता है, तो इसकी वजह से एसिड रिफ्लक्स या हार्टबर्न हो सकता है। इसलिए अगर आपको ऐसे संकेत दिखे, तो तुरंत डॉक्टर के पास भागें।

6. पसीना आना हार्ट में ब्लड की आपूर्ति अच्छे से न होने की वजह से भी मरीजों के शरीर में काफी ज्यादा पसीना आने लगता है। इसे कई लोग सामान्य समझने की गलती कर देते हैं। अगर आपको ऐसे संकेत नजर आ रहे हैं, तो तुरंत एक्सपर्ट की मदद लें।

7. हार्टबीट तेज होना हृदय को पर्याप्त रूप से ब्लड न मिल पाने की वजह से शरीर में कई तरह की परेशानी हो सकती है। स्टोनी ब्रुक मेडिसिन के अनुसार, हार्ट अटैक से कुछ दिनों पहले मरीजों का अचानक से हार्टबीट तेज जैसा महसूस होने लगता है।

चूहा हो या छिपकली, मक्खी हो या मच्छर, चींटी हो या कॉकरोच ये आपके घर में कभी नहीं आएंगे, बस ये आसान सा उपाय करें!

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चूहा हो या छिपकली, मक्खी हो या मच्छर, चींटी हो या कॉकरोच ये आपके घर में कभी नहीं आएंगे, बस ये आसान सा उपाय करें!

ज हम आपको बतायेंगे की आप अपने घर से मक्खी, मच्छर, चींटी, क्रॉकरोच, छिपकली और चूहे को कैसे भगा सकते है। किसी को भी अपने घर में छिपकली या कॉकरोच दिखना अच्छा नहीं लगता। ये वास्तव में बहुत बड़ी परेशानी है तथा इनके साथ कई हानिकारक रोगाणु और सूक्ष्म जीव भी घर में आ जाते है।

हालाँकि छिपकली घर में रहने वाली मक्खियों और कीड़ों से छुटकारा दिलाती है परंतु फिर भी ये घर की दीवारों पर घूमती हुई अच्छी नहीं लगती। हम सभी छिपकली और कॉकरोच से छुटकारा पाने के लिए प्रभावी उपाय जानना चाहते हैं क्योंकि ये बिन बुलाये मेहमान घर में ऐसे घूमते हैं जैसे घर इनका ही हो। बाज़ार में कई तरह के इन्सेक्ट और छिपकली निरोधक (रिपेलेंट) उपलब्ध हैं परंतु ये सभी हानिकारक रसायनों से बने होते हैं तथा विषैले होते हैं।
यदि आपके घर में बच्चे या पालतू जानवर हैं तो इनका उपयोग कभी नहीं करना चाहिए। आज इस लेख में हम आपको छिपकली, मक्खी, चिंटी, खटमल, चूहों, मच्छरो और कॉकरोच से छुटकारा पाने के उपायों के बारे में बताएँगे जो न केवल सस्ते हैं बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। अपने घर से इन सभी को हमेशा के लिए दूर रखने के लिए ये उपाय अपनाएँ। छिपकली, मक्खी, चिंटी, खटमल, चूहों, मच्छरो और कॉकरोच से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय

1. कॉकरोच इस उपाय के डर से घबराये : खाली कॉलिन स्प्रे की बोटल में नहाने वाली साबुन का घोल भर लें । कॉकरोच दिखने पर उनके ऊपर इसका स्प्रे कर दें । साबुन का यह घोल कॉकरोच को मार देता है । रात के समय सोने से पहले वॉशबेसिन आदि के पाईप के पास भी इस घोल का अच्छी मात्रा में स्प्रे कर देना चाहिये ऐसा करने से कॉकरोच नाली के रास्ते घर में अंदर नही घुस पायेंगे।

2. चींटी नही आयेगी घर मे : चींटी अगर घर में एक जगह बना लेती हैं तो जगह जगह से निकलने लगती हैं। चींटी के रास्ते बंद करने का सबसे अच्छा उपाय यह है कि उनके निकलने की जगह पर एक दो स्लाईस कड़वे खीरे के रख दें। कड़वे खीरे की महक से चींटी दूर भागती हैं और जब उनके निकलने की जगह पर ही यह स्लाईस रखा होगा तो वे निकलेंगी ही नहीं। चींटियों के बिल के मुहाने पर लौंग फँसा कर रखदेने से चींटियॉ उस रास्ते का प्रयोग करना ही बंद कर देती हैं ।

3. मक्खियाँ निकट भी ना आये : घर में उड़ने वाली मक्खियों से मुक्ति पाने के लिये नीम्बू का इस्तेमाल करना चाहिये । नीम्बू मक्खियों को दूर करने का बहुत कारगर उपाय है । घर में पोछा लगाते समय पानी में 2-3 नीम्बू का रस निचोड़ देना चाहिये । नीम्बू की महक से कई घण्टे तक मक्खियॉ दूर रहती हैं और घर में ताजगी का भी अहसास होता रहता है ।

4. मच्छर को भगाये : मच्छर भगाने के लिये कमरे मे नीम के तेल का दीपक सावधानी के साथ जलायें इसके अलावा ऑलआउट की खाली बोतल में भी नीम का तेल भरकर मशीन में लगाकर प्रयोग किया जा सकता है । जो कि पूरी तरह सुरक्षित है।

6. घरेलु कीटों के इंफेक्शन से बचाव : घर से सभी तरह के इंफेक्शन को खत्म करने के लिये आम की सूखी टहनी पर कपूर और हल्दी पाउडर दालकर सुलगाना चाहिये। इस दौरान छोटे बच्चों को ध्यान से आग से दूर रखना चाहिये। यह प्रयोग किसी बड़े के द्वारा ही किया जाना चाहिये। लगभग 12 इंच लम्बी टहनी को जलाना पर्याप्त होता है ।

7. चूहे से छुटकारा : पुदीना : पुदीना यदि चूहे ने पूरे घर में आतंक सा फैला दिया है तो आप इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए पुदीने की पत्ती या फूल को लेकर कूट लें और इसे चूहे के बिल के पास या आने वाली जगहों के पास रख दें। इसकी गंध को पाकर चूहे तुरंत ही भाग जायेगें। तेज़ पत्ता : वैसे तो तेज पत्ते को चावल यां सब्जी में डाला जाता है लेकिन चूहे भगाने के लिए भी यह कारगर साबित होता है। लाल मिर्च : लाल मिर्च खाने में प्रयोग होने वाली लाल मिर्च चूहों को भगाने के लिए काफी कारगर है।

जहां से चूहें ज्यादा आते है वहां पर लालमिर्च का पाउडर डाल दें इतना करने से चूहें घर में नहीं घर से बाहर जाते दिखेंगे। फिनाइल की गोलियां : फिनाइल की गोलियों को कपड़ों में रखकर चूहों से बचाया जा सकता है। इस तरह से चूहें घर में भी नहीं आएंगे।

इंसानों के बाल : चूहों को घर से भगाने का सबसे असान तरीका है इंसानों के बाल। आप जानकर भले ही आपको आश्चर्य होगा पर चूहों को भगाने का यह सबसे सही तरीका है क्योंकि इंसानों के बाल से चूहे भागते हैं। क्योंकि इसको निगलने से इनकी मौत हो जाती है इसलिए इसके नजदीक आने से ये काफी डरते है।

प्याज : घर की सफाई के बाद भी, चूहों से परेशान हैं यदि आप चूहों को मारने के लिए रेट किल और पिंजरे का इस्तेमाल करके थक चुके हैं, तो आज हम आपको कुछ घरेलू तरीके बताएंगे जिससे आप घर से चूहों से छुटकारा पा सकते हैं। चूहे प्याज की गंध बिल्कुल पसंद नहीं करते। चूहे प्याज से बहुत दूर भागते हैं प्याज के टुकड़े वहाँ रखें जहां से चूहों आपके घर में आते हैं।

छिपकली नज़र भी ना आये :

अंडे के छिलके : छिपकलियाँ अंडे के छिलकों की गंध से दूर भागती हैं। दरवाजों तथा खिड़कियों और घर में एनी स्थानों पर अंडे के छिलके रख देने से छिपकली घर के अंदर नहीं घुसती।

लहसुन : छिपकली लहसुन की गंध से भी दूर भागती हैं। छिपकलियों को घर से दूर रखने के लिए घर में लहसुन की कलियाँ टांगें या घर में लहसुन के रस का छिडकाव करें।

कॉफ़ी और तंबाकू की छोटी गोलियाँ : कॉफ़ी तथा तंबाकू के पाउडर की छोटी छोटी छोटी गोलियाँ बनायें तथा इन्हें माचिस की तीली या टूथपिक पर चिपका दें। इन्हें अलमारियों में या ऐसे स्थान पर रख दें जहाँ छिपकली अक्सर दिखाई देती है। यह मिश्रण उनके लिए जानलेवा होता है इसलिए आपको बाद में उनके मृत शरीर को फेंकना पड़ेगा।

ये सरल उपाय अपनायेंगे तो निश्चित ही आप अपने घर से कॉकरोच, मक्खी, मच्छर, छिपकली, चूहों आदि अनचाहे मेहमानों को दूर रख सकते हैं और उनकी विदाई हमेशा के लिए कर दे। एक बार आजमा कर जरूर देखें।

छत्तीसगढ़ : मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर Bhupesh Baghel ने CM Sai से की चर्चा…

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छत्तीसगढ़ : मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर Bhupesh Baghel ने CM Sai से की चर्चा…


साय मंत्रिमंडल विस्तार में देर पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि मंत्री के दो पद रिक्त हैं। निश्चित रूप से फैसला करने में विलंब हो रहा है, जिसका नुकसान छत्तीसगढ़ सरकार को भी हो रहा है। शिक्षा सत्र भी चल रहा है। संसदीय कार्य मंत्री दोनों ही पद रिक्त हैं, इन्हें भरा जाना चाहिए।