Home Blog Page 972

नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री, पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां शामिल हुईं.

0

नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री, पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां शामिल हुईं.

रेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बन गए हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए ने बहुमत हासिल किया है.

नरेंद्र मोदी (73) भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने वाले दूसरे नेता होंगे. नेहरू ने 1952, 1957 और 1962 के आम चुनावों में जीत हासिल की थी.

पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफ, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे शामिल हुए.

पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां शामिल हुईं. इसमें गौतम अडानी, मुकेश अंबानी समेत तमाम उद्योगपति शामिल हुए. इसके अलावा अभिनेता शाहरुख खान, अक्षय कुमार, रजनीकांत समेत तमाम अभिनेताओं ने हिस्सा लिया.

बीजेपी को इस लोकसभा चुनाव में 240 सीटें मिलीं जो बहुमत के आंकड़े से 32 कम हैं. हालांकि, एनडीए को 293 सीटों पर जीत मिली है. बीजेपी को 2019 के चुनावों में 303 सीट पर जीत हासिल हुई थी.

लोकसभा चुनाव के नतीजे 4 जून को आए थे, इस बार नतीजों के 5 दिन बाद नरेंद्र मोदी ने पीएम पद की शपथ ली. इससे पहले 2019 में उन्होंने 30 मई को शपथ ली थी, तब नतीजे 23 मई को घोषित किए गए थे. वहीं, 2014 में नरेंद्र मोदी ने 26 मई को शपथ ली थी. तब नतीजों के 10 दिन बाद शपथ ग्रहण कार्यक्रम रखा गया था.

शपथ ग्रहण से पहले पीएम मोदी ने संभावित मंत्रियों के साथ चाय पर चर्चा की. इस दौरान पीएम मोदी ने 100 दिन के रोडमैप पर चर्चा की और उसे लागू करने के निर्देश दिए. पीएम मोदी ने बैठक के दौरान कैबिनेट के अपने साथियों से कहा कि 100 दिन के एजेंडे की कार्ययोजना को जमीन पर उतारना है और पेंडिंग योजनाओं को पूरा करना है.

छत्तीसगढ़ : लोक संगीत सम्राट, लोक कलाकार स्व. खुमान साव जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

0

छत्तीसगढ़ : लोक संगीत सम्राट, लोक कलाकार स्व. खुमान साव जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर सीएम विष्णुदेव साय अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं।

सीएम विष्णुदेव ने साय ने एक्स पर लिखा कि छत्तीसगढ़ लोक संगीत सम्राट, लोक कलाकार स्व. खुमान साव जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

ज्ञात हो कि खुमान साव एक लोककलाकार थे। उनका जन्म 5 सिंतबर 1929 को डोंगरगांव के पास खुर्सीटिकुल गांव में एक संपन्न मालगुजार परिवार में हुआ। उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोक सांस्कृतिक परम्पराओं में रची बसे संगीत को संजोने का काम किया था। खुमान साव ने अपने जीवनकाल में लोक कला को हर परिस्थिति में जीवित रखने के लिए संघर्ष किया। इस वजह से लोक संस्कृति के संरक्षकों में उनका नाम बड़े अदब से लिया जाता है। लोक संगीतकार खुमान लाल साव संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित थे। 9 जून 2019 को 90 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था।

”नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह आज ;शामिल होंगे कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ;कांग्रेस संसदीय दल के नए अध्यक्ष”

0

”नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह आज ;शामिल होंगे कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ;कांग्रेस संसदीय दल के नए अध्यक्ष”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार शाम राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की पुष्टि की है।सूत्रों ने बताया कि खड़गे राज्यसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) की हैसियत से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

अन्य भारतीय ब्लॉक भागीदारों के साथ बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया।इस बीच, भारत रक्षा समिति (बीआरएस) के प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।

कांग्रेस की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था, सीडब्ल्यूसी की शनिवार को हुई बैठक में सर्वसम्मति से राहुल गांधी से लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद संभालने का आग्रह किया गया, क्योंकि उत्साहित पार्टी ने आक्रामक तरीके से नई सरकार का मुकाबला करने और अपनी ताकत बनाने का संकल्प व्यक्त किया। लोकसभा चुनाव में बढ़त।

जबकि राहुल गांधी ने कहा कि वह “बहुत जल्द” निर्णय लेंगे, पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लोकसभा के नवनिर्वाचित सांसदों और राज्यसभा के सदस्यों द्वारा एक बैठक में कांग्रेस संसदीय दल के अध्यक्ष के रूप में फिर से चुना गया। पूरे संसद के मध्य में।

लोकसभा परिणामों के पार्टी के आकलन और संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर तीन घंटे से अधिक विचार-विमर्श के बाद, कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने पार्टी शासित राज्यों सहित सभी राज्यों में अपने प्रदर्शन की समीक्षा के लिए अलग-अलग समितियां गठित करने का निर्णय लिया। जहां प्रदर्शन उम्मीद से कम था।

विपक्ष के नेता का पद लेने का अनुरोध

सीडब्ल्यूसी द्वारा अपनाए गए एक प्रस्ताव में, पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा, सीडब्ल्यूसी ने राहुल गांधी से लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद लेने का अनुरोध किया।

“संसद के अंदर इस अभियान का नेतृत्व करने के लिए राहुल गांधी सबसे अच्छे व्यक्ति हैं, यही सीडब्ल्यूसी का विचार था… संपूर्ण सीडब्ल्यूसी एक बेहतर और मजबूत सतर्क विपक्ष के लिए महसूस करती है, जो लोग संविधान की रक्षा करना चाहते हैं, उन्हें भी नेतृत्व में सुरक्षित रहना चाहिए।

” विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी का सीडब्ल्यूसी का प्रस्ताव यही है।” उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”राहुल गांधी ने कहा कि वह सीडब्ल्यूसी सदस्यों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और उनसे कहा कि वह इस पर जल्द ही फैसला लेंगे।”

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज, चलिए जानते है… सोना-चांदी के लेटेस्ट रेट…

0

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज, चलिए जानते है… सोना-चांदी के लेटेस्ट रेट…

”सोना-चांदी के दाम, 24 कैरेट 100 ग्राम सोने की कीमत आज 20,800 रुपये गिरी, चेक करें नए रेट”

भारत में आज सोने का रेट;

सोने की कीमतों में आज बड़ी गिरावट देखी गई है। आज 22 कैरेट सोने की कीमत आज 1900 रुपये घटकर 65,700 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई और 22 कैरेट गोल्ड के 100 ग्राम की कीमत आज भारत में 19,000 रुपये कम हो गई है। 24 कैरेट प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत आज 2080 रुपये घटकर 71,670 रुपये हो गई है।

वहीं, 100 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 20,800 रुपये की भारी गिरावट के साथ 7,16,700 रुपये हो गई। 18 कैरेट सोने की कीमत आज 1550 रुपये घटकर 53,760 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई और शनिवार को भारत में 18 कैरेट गोल्ड के 100 ग्राम 15,500 रुपये सस्ते होकर 5,37,600 रुपये हो गया है।

हाजिर सोना, हाजिर चांदी की कीमतों की बात करें तो आज 1123 GMT तक हाजिर सोना 1.8% गिरकर 2,333.69 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। रॉयटर्स के अनुसार, हाजिर चांदी 2.9% गिरकर 30.39 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, प्लैटिनम 1.3% गिरकर 989.55 डॉलर पर आ गया और पैलेडियम 1.1% गिरकर 919.50 डॉलर पर आ गया।

भारत में आज चांदी की कीमत ‘की कीमतें 4,500 रुपये की भारी गिरावट के साथ 91,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गईं और 100 ग्राम चांदी की कीमतें आज 450 रुपये सस्ती होकर 9,150 रुपये पर आ गईं।

भारत में पिछले 10 दिनों में 22 कैरेट प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव

सोने की कीमत में आज 1900 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई है, 7 जून को 300 रुपये की तेजी आई, 6 जून को 700 रुपये की तेजी आई, 5 जून को 200 रुपये की गिरावट आई, 4 जून को 700 रुपये की तेजी आई, 3 जून को 400 रुपये की गिरावट आई, 2 जून को कोई बदलाव नहीं हुआ, 1 जून को 200 रुपये की गिरावट आई, 31 मई को स्थिर रही थी, 30 मई को 400 रुपये की गिरावट आई, 29 मई को 250 रुपये की तेजी आई और 28 मई को 200 रुपये की तेजी आई।

पिछले 10 दिनों में भारत में 1 किलोग्राम चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव

चांदी की कीमत में आज 4500 रुपये की भारी गिरावट आई है, 7 जून को 2500 रुपये की तेजी आई, 6 जून को 1800 रुपये की तेजी आई, 5 जून को 2300 रुपये की भारी गिरावट आई, 1 जून को कोई बदलाव नहीं हुआ 4, 3 जून को 700 रुपये फिसला, 2 जून को अपरिवर्तित रहा, 1 जून को 2000 रुपये की गिरावट आई, 31 मई को 1000 रुपये की गिरावट आई, 30 मई को 1200 रुपये की गिरावट आई, 29 मई को 1200 रुपये की उछाल आई, 28 मई को 3500 रुपये की तेजी आई और 27 मई को 1500 रुपये की तेजी आई।

8 जून, 2024 को भारत के 5 प्रमुख महानगरों में 1 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमतें-

चेन्नई में सोने की कीमत

चेन्नई में आज 22 कैरेट सोने के 1 ग्राम की कीमत 6,650 रुपये है।

मुंबई में गोल्ड की कीमत

8 जून को मुंबई में 22 कैरेट सोने के 1 ग्राम की कीमत 6,570 रुपये है।

दिल्ली में गोल्ड की कीमत

8 जून को दिल्ली में 22 कैरेट सोने के 1 ग्राम की कीमत 6,585 रुपये है।

कोलकाता में सोने की कीमत

8 जून, 2024 को कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 6,570 रुपये है।

केरल में सोने की कीमत

8 जून को केरल में 22 कैरेट सोने के 1 ग्राम की कीमत 6,570 रुपये है।

बेंगलुरु में गोल्ड की कीमत

8 जून को बैंगलोर में 22 कैरेट सोने के 1 ग्राम की कीमत 6,570 रुपये है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमते, WTI क्रूड 75.53 डॉलर प्रति बैरल, ब्रेंट क्रू़ड 79.62 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड, देश में तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट जारी…

0

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमते, WTI क्रूड 75.53 डॉलर प्रति बैरल, ब्रेंट क्रू़ड 79.62 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड, देश में तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट जारी…

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं है. रविवार सुबह करीब 6 बजे WTI क्रूड 75.53 डॉलर प्रति बैरल पर बिक रहा है. वहीं, ब्रेंट क्रू़ड 79.62 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है.

देश में तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट जारी कर दिए हैं. भारत में हर सुबह 6 बजे ईंधन के दामों में संशोधन किया जाता है. जून 2017 से पहले कीमतों में संशोधन हर 15 दिन के बाद किया जाता था.

बता दें कि 9 जून को राज्य स्तर पर किसी भी स्टेट में पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है.

चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

– दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर
– मुंबई में पेट्रोल 104.21 रुपये और डीजल 92.15 रुपये प्रति लीटर
– कोलकाता में पेट्रोल 103.94 रुपये और डीजल 90.76 रुपये प्रति लीटर
– चेन्नई में पेट्रोल 100.75 रुपये और डीजल 92.34 रुपये प्रति लीटर

इन शहरों में कितने बदले दाम

– नोएडा में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.83 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
– गाजियाबाद में 94.65 रुपये और डीजल 87.75 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
– लखनऊ में पेट्रोल 94.56 रुपये और डीजल 87.66 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
– पटना में पेट्रोल 105.18 रुपये और डीजल 92.04 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
– पोर्टब्‍लेयर में पेट्रोल 84.10 रुपये और डीजल 79.74 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

हर सुबह 6 बजे जारी होते हैं नए रेट

सुबह 6 बजे हर दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है और नए रेट जारी किए जाते हैं. पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, वैट और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसकी कीमत मूल भाव से लगभग दोगुना हो जाती है. यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल हमें इतना महंगा खरीदना पड़ता है.

ऐसे पता कर सकते हैं आज के ताजा दाम

आप SMS के जरिए भी पेट्रोल डीजल का रोज का रेट जान सकते हैं. इंडियन ऑयल के कस्टमर RSP और अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर और बीपीसीएल उपभोक्ता RSP व अपने शहर का कोड लिखकर 9223112222 नंबर पर SMS भेज जानकारी हासिल कर सकते हैं. वहीं, एचपीसीएल उपभोक्ता HPPrice व अपने शहर का कोड लिखकर 9222201122 नंबर पर भेजकर भाव पता कर सकते हैं.

नरेंद्र मोदी रिकॉर्ड तीसरी बार लेंगे PM पद की शपथ, 7 देशों के मेहमान सहित 8000 लोग होंगे शामिल, पढ़ें 10 बड़ी बातें… 

0

नरेंद्र मोदी रिकॉर्ड तीसरी बार लेंगे PM पद की शपथ, 7 देशों के मेहमान सहित 8000 लोग होंगे शामिल, पढ़ें 10 बड़ी बातें… 

ज नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। देश की राजधानी में भव्य शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। आज के इस कार्यक्रम में कई विदेशी मेहमान भी हिस्सा लेंगे, जिसमे पड़ोसी देशों के भी मुखिया हिस्सा लेंगे।

इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई है। लेकिन एनडीए बहुमत के आंकड़े से कहीं आगे है। इस बार नरेंद्र मोदी सरकार मुख्य रूप से एनडीए और जदयू के समर्थन से चलेगी। दोनों दलों के पास 28 लोकसभा सीट हैं।

आज नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले सांसद भी शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम शाम 7.15 बजे से शुरू होगा। जिसमे तकरीबन 8000 लोग हिस्सा लेंगे।

आज होने वाले शपथ ग्रहण कार्यक्रम की 10 बड़ी बातें

कई देशों के मुखिया कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जिसमे श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, सिसली के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफ, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगनौथ, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्पा कमल दहल प्रचंड, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे हिस्सा लेंगे।

तमाम पड़ोसी देश के शीर्ष नेताओं के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने को पड़ोसी प्रथम नीती के तहत देखा जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने इसे सागर विजन के तहत अहम बताया है।

वर्ष 2014 और 2019 में सार्क के नेताओं और बिम्सटेक देश के नेताओं ने शपथ ग्रहण कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।

आज शपथ लेने के साथ ही नरेंद्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। जो लगातार दो बार अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद तीसरी बार शपथ लेने जा रहे हैं।

शपथ ग्रहण कार्यक्रम को देखते हुए देश की राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली में 9 और 10 जून को नौ फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है। तकरीबन 1100 ट्रैफिक पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है, जो वीवीआईपी मूवमेंट पर नजर रखेंगे।

एनडीए के सहयोगी दलों के साथ लंबी बातचीत के बाद आज यह शपथ ग्रहण समारोह होने जा रहा है। वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह राजनाथ सिंह,भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने टीडीपी चीफ एन चंद्रबाबू नायडू , जदयू चीफ नीतीश कुमार , शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से इस सिलसिले में बात की है।

टीडीपी के राम मोहन नायडू, जदयू के ललन सिंह, संजय झा, रामनाथ ठाकुर, एलजेपी के चिराग पासवान को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को अपने साथ लाने की हर संभव कोशिश की थी। इंडिया गठबंधन के बाद 234 सांसद हैं। विपक्षी गठबंधन ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल को लेकर संशय जाहिर किया है कि यह अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेगी। कांग्रेस ने भाजपा को चेतावनी दी है कि वह सही समय पर उचित कदम उठाएगी।

शपथ ग्रहण समारोह के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विदेशी मेहमानों से मुलाकात करेंगी और उन्हें पुष्प गुच्छ भेंज करेंगी।

इस बीच कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष को सरकार की ओर से नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं दी गई है

छत्तीसगढ़ : भगवान बिरसा मुंडा जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। सीएम विष्णुदेव”

0

छत्तीसगढ़ : भगवान बिरसा मुंडा जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। सीएम विष्णुदेव”

भारत के महान क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की आज पुण्यतिथि है। उन्हें आदिवासी अपना भगवान भी मानते हैं। बिरसा मुंडा ने 25 साल की कम उम्र में ही अंग्रेजों को भयभीत कर रखा था।

महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी नेता बिरसा मुंडा को उनकी पुण्य तिथि पर पूरे भारतवर्ष में याद किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर बिरसा मुंडा को को नमन किया है।

सीएम विष्णुदेव ने साय ने एक्स पर लिखा कि महान क्रांतिकारी, आदिवासी जननायक, भगवान बिरसा मुंडा जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

ज्ञात हो कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर, 1875 को मुंडा जनजाति में हुआ था। उन्होंने न केवल देश आजादी में योगदान दिया था, बल्कि उन्होंने आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए भी कई काम किए थे।

भले ही बिरसा मुंडा बेहद कम उम्र में शहीद हो गए थे, लेकिन उनके साहसिक कामों के कारण वह आज भी अमर हैं। बिरसा मुंडा ने बहुत कम आयु में अंग्रेज़ों के विरुद्ध विद्रोह का बिगुल बजा दिया था।

बिरसा मुंडा की शुरुआती शिक्षा सलगा से हुई थी, किंतु उन्हें जर्मन मिशन स्कूल भेज दिया गया, जहां वह ईसाई बन कर बिरसा डेविड हो गए थे। वहां पढ़ाई करने के मध्य उन्हें ब्रिटिशों द्वारा धर्मांतरण कराने जाने का पूरा खेल समझ आ गया था, जिसकी वजह से उन्होंने स्कूल छोड़ दिया और साथ ही साथ ईसाई धर्म का त्याग भी किया था। ईसाई धर्म छोड़ने के बाद उन्होंने अपना नया धर्म ‘बिरसैत’ शुरू किया था।

देखते ही देखते ही मुंडा और उराँव जनजाति के लोग उनके धर्म को मानने लगे और बिरसा मुंडा को भगवान माना गया। बिरसा मुंडा ने अग्रेजों के खिलाफ कई लड़ाइयां लड़ी।

फिरंगी उनसे खौफजदा रहते थे। बिरसा मुंडा को 3 मार्च साल 1900 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। जेल में उन्हें काफी प्रताड़ना दी गई कि 9 जून, 1900 को सुबह 9 बजे दम तोड़ दिया।

छत्तीसगढ़ : सीएम विष्णुदेव साय ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

0

छत्तीसगढ़ : सीएम विष्णुदेव साय ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

छत्तीसगढ़ : सीएम विष्णुदेव साय ने महाराणा प्रताप को उनकी की जयंती पर नमन किया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर सीएम विष्णुदेव साय अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। सीएम विष्णुदेव ने साय ने एक्स पर लिखा कि अदम्य साहस और स्वाभिमान के प्रतीक, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। ज्ञात हो कि भारत वर्ष के महान योद्धा महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को राजस्‍थान के मेवाड़ में राजपूत राजघराने में हुआ था। वह उदय सिंह द्वितीय और महारानी जयवंता बाई के सबसे बड़े पुत्र थे। वह एक महान पराक्रमी और युद्ध रणनीति कौशल में दक्ष थे। महाराणा प्रताप ने मुगल आक्रमणकारियों से अपने मेवाड़ की रक्षा की थी। महान योद्धा महाराणा प्रताप ने कभी अपनी आन, बान और शान के लिए कभी समझौता नहीं किया। भारत में लोग उनकी वीरता के किस्से कई पीढ़ियों से सुनते आ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ : पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने दावा किया है कि छह महीने या एक साल के भीतर देश में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं.पीएम मोदी पर भूपेश बघेल का निशाना… 

0

छत्तीसगढ़ : पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने दावा किया है कि छह महीने या एक साल के भीतर देश में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं.पीएम मोदी पर भूपेश बघेल का निशाना… 

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने दावा किया है कि छह महीने या एक साल के भीतर देश में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं. बघेल ने साथ ही कार्यकर्ताओं से तैयार रहने के लिए कहा है.

उन्होंने यह बात तब कही है जब बीजेपी बहुमत का आंकड़ा छूने से चूक गई है और सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकार बना रही है.

पूर्व सीएम बघेल ने कहा, ”कार्यकर्ता साथी तैयार रहें. 6 महीने- 1 साल के भीतर मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं. (देवेंद्र) फडणवीस इस्तीफ़ा दे रहे हैं, योगी (आदित्यनाथ) जी की कुर्सी डोल रही है. भजनलाल शर्मा भी डगमग-डगमग कर रहे हैं. सरकार बनी नहीं है लेकिन जदयू प्रवक्ता अग्निवीर योजना रद्द करने और जातिगत जनगणना की बात कर रहे हैं. ये सब वो मुद्दे हैं जो राहुल गांधी जी लेकर चले हैं.”

पीएम मोदी पर भूपेश बघेल का निशाना

भूपेश बघेल ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ”ऊंट अब पहाड़ के नीचे आ चुका है. दिन में 3 कपड़ा बदलने वाले अब एक ही कपड़े में तीन कार्यक्रम निपटा रहे हैं. खाने-पीने, पहनने-ओढ़ने की अब सुध नहीं है.” बीजेपी को बहुमत न मिलने पर भूपेश बघेल ने तंज करते हुए कहा, ”पार्टी तोड़ने, चुने हुए मुख्यमंत्रियों को जेल में डालने, डराने-धमकाने वालों को जनता ने अच्छा सबका सिखाया है.”

बता दें कि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में बीजेपी का प्रदर्शन पिछले चुनाव के मुकाबले काफी निऱाशाजनक रहा है. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने तो इस्तीफे की पेशकश तक कर दी थी लेकिन पार्टी ने इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है. कांग्रेस प्रदर्शन में 2019 के मुकाबले सुधार हुआ है लेकिन यह भी कई राज्यों में अपना खाता नहीं खोल पाई है तो कुछ राज्य में केवल एक सीट ही मिली है. खुद भूपेश बघेल राजनांदगांव सीट से हार गए हैं.

CISF अफसर नहीं भूलते यह ‘मूल मंत्र’, तो थप्‍पड़ खाने से बच जातीं कंगना रनौत…

0

CISF अफसर नहीं भूलते यह ‘मूल मंत्र’, तो थप्‍पड़ खाने से बच जातीं कंगना रनौत…

्‍या चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर अभिनेत्री और नवनिर्वाचित भाजपा सांसद कंगना रनौत को थप्पड़ मारने की घटना के लिए सिर्फ सीआईएसएफ की लेडी कांस्टेबल कुलविंदर कौर ही जिम्‍मेदार है? या फिर, वह आला अधिकारी भी इस घटना के लिए जिम्‍मेदार हैं, जो अपनी प्राथमिकताओं के सामने सीआईएसएफ का मूल मंत्र ही भूल गए, जिसका नतीजा चंडीगढ़ एयरपोर्ट में हुई इस घटना के रूप में सामने आया है.

ऐसा नहीं है कि एयरपोर्ट पर यात्रियों से दुर्व्यवहार की यह पहली घटना है. इससे पहले भी सीआईएसएफ कर्मियों के खराब व्यवहार को लेकर लगातार यात्रियों के बीच शिकायत बनी रही है. चूंकि, वे सभी आम यात्री थे, लिहाजा उनकी सुनने वाला कोई नहीं था. इस घटना में मामला देश की एक जानी-मानी अभिनेत्री के साथ-साथ भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद का था, लिहाजा इस मामले को तूल तो पकड़ना ही था.

अब इस मामले में आरोपी लेडी कांस्टेबल कुलविंदर कौर को सस्पेंड कर दिया गया है. उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो गई है और शायद आने वाले दिनों में उसे नौकरी से बर्खास्त भी कर दिया जाए. लेकिन, क्या सीआईएसएफ इस बात की भी समीक्षा करेगी कि इस घटना के लिए असल जिम्मेदार कौन है? क्या वह अधिकारी इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं हैं, जिन्होंने इस लेडी कांस्टेबल की मानसिक स्थिति का आंकलन किए बगैर उसे पब्लिक इंटरेक्शन वाली एक ड्यूटी पर तैनात कर दिया.

अब बात सीआईएसएफ के मूल मंत्र की..
चंडीगढ़ एयरपोर्ट की घटना के बाद सीआईएसएफ की मौजूदा कार्यप्रणाली को लेकर सवाल और भी हैं, लेकिन अभी बात करते हैं सीआईएसएफ के ‘मूल मंत्र’ की. यह बात उस दौर की है, जब उत्‍तर प्रदेश के पूर्व महानिदेशक ओपी सिंह सीआईएसएफ के महानिदेशक हुआ करते थे. उस दौर में सीआईएसएफ के व्‍यवहार को लेकर एक खास गाइडलाइन तैयार की गई थी, जिसका मूल मंत्र था ‘ड्यूटी विद स्‍माइल’.

इस मूल मंत्र का मकसद था कि सीआईएसएफ के जवान न केवल अपनी ड्यूटी को पूरी मुस्तादी के साथ निभाए, बल्कि अपनी मीठी मुस्‍कान के जरिए यात्रियों के बीच ऐसा भावनात्मक रिश्ता तैयार करें, जिससे वह सुरक्षा जांच के दौरान खुद को सहज महसूस कर सके. इतना ही नहीं, एयरपोर्ट पर किसी को किसी भी प्रकार की दिक्‍कत होने पर वह खुलकर सीआईएसएफ कर्मियों को अपनी समस्या बता सके.

क्‍या था मूल मंत्र का असल मकसद?
ड्यूटी विद इस्‍माइल को लागू करने के पीछे सीआईएसएफ के पूर्व डीजी ओपी सिंह का एक और मकसद था कि जवानों के चेहरे की मुस्‍कान को देखकर एयरपोर्ट पर यह आसानी से पतला लगाया जा सकता था कि जवान की मानसिक स्थिति क्‍या है? यानी, एयरपोर्ट पर तैनात इंस्‍पेक्‍टर रैंक के शिफ्ट हेड और असिस्‍टेंट कमांडेंट रैंक के अफसर इस मूल मंत्र के जरिए बेहद आसानी से पता लगा सकते थे कि उनकी जवान की मनोस्थिति कैसी है. उसे हथियार देना या पब्लिक इंटरेक्‍शन वाली पोस्‍ट देना सही है या नहीं.

ड्यूटी विद इस्‍माल को लेकर सीआईएसएफ के पूर्व महानिदेशक ओपी सिंह बताते हैं कि उन्‍होंने अपने कार्यकाल के दौरान एयरपोर्ट पर तैनात जवानों की बिहेवियरल ट्रेनिंग पर खास ध्‍यान दिया. साथ ही इस दौर में, साइकोलॉजिक प्रोफाइलिंग के जरिए एयरपोर्ट पर तैनात जवानों की मानसिक स्थित का आंकलन भी शुरू किया गया. उन्‍होंने बताया कि कोई महिला या पुरुष जवान अचानक हिंसात्‍मक घटना को अंजाम नहीं देता है. उसके साथ यह मनोदशा लंबे समय से सफर कर रही होती है, जिसे उसके व्‍यवहार से आसानी से पहचाना जा सकता है.

क्‍या हुई थी साइकोलॉजिकल प्रोफाइलिंग?
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर नव‍निर्वाचित भाजपा सांसद कंगना रनौत के साथ हुई घटना का उदाहरण लेते हुए पूर्व महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाली लेडी कॉन्‍स्‍टेबल कई महीनों से अपने साथियों या अन्‍य लोगों से ऐसी बात कर रही होगी. लेकिन, समय रहते डिटेक्‍ट नहीं किया गया. इसको डिटेक्‍ट किया जाना बहुत आवश्‍यक था, इसीलिए पब्लिक इंटरेक्‍शन वाली पोस्‍ट में तैनात जवानों की साइकोलॉजिकल प्रोफाइलिंग बहुत जरूरी है.

पूर्व महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि साइकोलॉजिकल प्रोफाइलिंग के जरिए इस तरह की बातों को ध्‍यान में रखते तो शायद चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर इस तरह की घटना नहीं होती. इस घटना को ध्‍यान में रखते हुए ट्रेनिंग में इस बात को अब ध्‍यान में रखने की जरूरत है कि कैसे हम मेनस्‍ट्रीमिंग कर सकें. हम किसी को राष्‍ट्रीय धारा में किसी को कैसे ला सकें और किसी धर्म, जाति या स्‍थानीय मुद्दे के आधार पर नहीं, बल्कि ड्यूटी संविधान के प्रति समर्पित होकर काम कर सकें.

क्‍या भावनात्‍मक रूप से बंट चुकी है सीआईएसएफ?
अब घूमफिर कर सवाल फिर यही आता है कि जब सीआईएसएफ से ड्यूटी विद इस्‍माइल जैसी साइकोलॉजिकल प्रैक्टिस कहां गायब हो गई. तो चलिए इसका जवाब हम आपको बताते हैं. दरअसल, पूर्व डीजीपी ओपी सिंह के बाद सीआईएसएफ के नए मुखिया बने सीनियर आईपीएस अधिकारी राजेश रंजन. डीजी राजेश रंजन के कार्यकाल में भी ड्यूटी विद इस्‍माइल को विशेष प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया गया.

इसी बीच करोना का काल आया गया. इस करोना काल में लंबी समयावधि तक अधिकारियों की जवानों से और जवानों की जनता से लंबी दूरी हो गई. समय के साथ, हवाई यात्राएं फिर शुरू हुई, लेकिन बीते इस काल में आई दूरियां कम होने की जगह बढ़ती चली गईं. गुपचुप तरीके से बात तो यहां तक होती है कि इस बीते समय में सीआईएसएफ भावनात्‍मक रूप से दो हिस्‍सों में बंट गई. पहला हिस्‍सा प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों का था और दूसरा हिस्‍सा सीआईएसएफ के कॉडर अफसरों का.

क्‍या काबिल अफसर हुए नजरअंदाज?
दबी जबांन से आरोप तो यहां तक लगाए जाते हैं इस दौर में एयरपोर्ट की हर नब्‍ज से वाकिफ सीआईएसएफ के कॉडर अफसरों की जगह प्रतिनियुक्ति पर आए पसंदीदा अफसरों को प्राथमिकता के आधार पर एयरपोर्ट पर तैनाती दी गई. यहां तक तो बात ठीक थी, लेकिन गड़बड़ यहां हुई कि एयरपोर्ट पर तैनात होने वाले ज्‍यादातर पसंदीदा अफसरों ने खुद को अपने चेंबर में बंद कर लिया.

बताया जाता है कि इन अफसरों ने जनता छोडि़ए, एयरपोर्ट पर साथ में काम करने वाली उन एजेंसियों और मीडिया से भी दूरी बना ली, जो सीआईएसएफ के लिए कभी आंख और कान का काम करती थी. इसका नतीजा यह हुआ कि एयरपोर्ट पर क्या हो रहा है, सीआईएसएफ कर्मियों का व्यवहार कैसा है, इसके बाबत तभी बातें सामने तभी आती है, जब पीड़ित यात्री अपनी व्यथा को सोशल मीडिया के जरिए साझा करते हैं.

और हासिए में गया सीआईएसएफ का मूल मंत्र
सच्‍चाई यह भी है कि एयरपोर्ट में होने इस तरह की कुछ ही घटनाएं सामने आ जातीं हैं, जबकि ज्यादातर घटनाएं पीछे दब कर रह जाती है. वहीं सामने आने वाली घटनाओं में कार्रवाई के नाम पर या तो खाना पूर्ति कर दी जाती है, या‍ फिर कांस्‍टेबल स्‍तर के जवानों के निलंबन जैसी कार्रवाई कर मामले पर लीपापोती कर दी जाती है. कहा तो यह भी जा रहा है कि आला अफसरों के इस रुख के चलते, कुछ ही समय में ड्यूटी विद इस्‍माइल का मूल मंत्र हासिए में चला गया.

ऐसा नहीं है कि इस बीच काम नहीं हुआ. हैदराबाद एयरपोर्ट पर सवर्णिम सेवा जैसे योजनाओं के जरिए यात्रियों और सीआईएसएफ कर्मियों के बीच बेहतर संवाद की कोशिश की गई. लेकिन, इस तरह की कोशिशों ने वहीं पर दम तोड़ दिया, जहां से वह शुरू हुईं थीं. सीआईएसएफ में सेवाएं दे चुके तमाम पूर्व अधिकारी इस बात से इत्‍तेफाक रखते हैं कि इस तरह की घटनाओं को रोकना है तो आला अधिकारियों को अपना नजर‍िया बदल संवाद का स्‍तर बढ़ाना होगा.