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एलन मस्क ने NDA की जीत पर दी PM मोदी को बधाई, अपनी कंपनियों के लिए जताई बड़ी उम्मीद…

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एलन मस्क ने NDA की जीत पर दी PM मोदी को बधाई, अपनी कंपनियों के लिए जताई बड़ी उम्मीद…

टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनकी ऐतिहासिक चुनावी जीत पर बधाई देते हुए शुक्रवार को कहा कि उनकी कंपनियां भारत में ‘रोमांचक कार्य’ करने को लेकर उत्सुक हैं।

मस्क ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक चुनावों में जीत पर नरेन्द्र मोदी को बधाई! मेरी कंपनियां भारत में रोमांचक कार्य शुरू करने का इंतजार कर रही हैं।” मोदी नौ जून को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी का यह लगातार तीसरा कार्यकाल होगा। एनडीए की जीत के बाद भारत से तनाव के बावजूद जस्टिन ट्रूडो ने भी पीएम मोदी की बधाई दी।

ट्रूडो ने कहा, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनावी जीत के लिए बधाई। कनाडा उनकी सरकार के साथ मिलकर काम करने तैयार है ताकि दोनों देशों और लोगों के बीच संबंध और मजबूत हों। ये संबंध मानवाधिकार, विविधता और कानून के शासन पर आधारित है। इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी फोन करके नरेंद्र मोदी को जीत की बधाई दी थी। दोनों नेताओं के बीच बात के बाद ही अमेरिका के एनएसएस केक सुलिवन ने कहा है कि वह दोनों देशों के बीच नई सरकार में संबंध आगे बढ़ाने के लिए भारत का दौरा करेंगे। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी गुरुवार को नरेंद्र मोदी से बात की और जीत की बधाई दी।

घर के बाहर खड़ी थीं डेनमार्क की PM, पीछे से आया शख्स और… स्तब्ध रह गईं प्रधानमंत्री…

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घर के बाहर खड़ी थीं डेनमार्क की PM, पीछे से आया शख्स और… स्तब्ध रह गईं प्रधानमंत्री…

अपने घर के बाहर खड़ी डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ कुछ ऐसा हुआ कि वो हक्की-बक्की रह गईं। शुक्रवार शाम कोपेनहेगन में फ्रेडरिक्सन पर पीछे से एक शख्स ने हमला कर दिया जिससे प्रधानमंत्री ‘हैरान’ रह गईं। कोपेनहेगन पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है, लेकिन इस पर और जानकारी देने से इनकार कर दिया।

प्रधानमंत्री कार्यालय के हवाले अपना रिपोर्ट में बताया कि ‘शुक्रवार शाम को कोपेनहेगन के कुल्टोरवेट में प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन पर एक व्यक्ति ने हमला किया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। प्रधानमंत्री इस घटना से स्तब्ध हैं’। यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस हमले को ‘घिनौनी हरकत’ बताया है. वहीं यूरोपन काउंसिल के प्रेसिडेंट चार्ल्स मिशेल ने एक्स पर कहा, ‘मैं इस कायरता भरे कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं।’ स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन और विदेश मंत्री टोबियास बिलस्ट्रॉम ने भी हमले की निंदा की है।

46 साल की फ्रेडरिक्सन चार साल पहले सेंटर-लेफ्ट सोशल डेमोक्रेट्स की नेता के रूप में पदभार संभालने के बाद 2019 में प्रधानमंत्री बनीं। इस तरह वह डेनिश इतिहास की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बन गईं। इस घटना के चश्मदीदों ने बताया कि एक आदमी उलटी दिशा से आया और प्रधानमंत्री के कंधे पर जोर से धक्का मारा, जिससे वह गिर गईं। हालांकि उन्होंने खुद को संभाला और जमीन पर गिरने से बच गईं। हमलावर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन उसकी पहचान और हमले के पीछे का मकसद अभी तक पता नहीं चल पाया यह हमला डेनमार्क में यूरोपीय संघ के चुनाव के लिए मतदान से दो दिन पहले हुआ है.।

रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक रामोजी राव का 87 वर्ष की उम्र में निधन, हैदराबाद में जारी था इलाज

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रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक रामोजी राव का 87 वर्ष की उम्र में निधन, हैदराबाद में जारी था इलाज

रामोजी फिल्म सिटी और इनाडु के संस्थापक रामोजी राव को शनिवार को निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे। बताया गया है कि शुक्रवार को तबीयत खराब होने के बाद उन्हें फिल्म सिटी स्थित उनके घर से एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हालांकि, इलाज के दौरान ही उनकी तबीयत और बिगड़ गई। उन्होंने शनिवार सुबह करीब 3.45 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली।

रामोजी राव का पूरा नाम चेरूकुरी रामोजी राव था। उनका जन्म 16 नवंबर 1936 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में स्थित पेदापरुपुदी में हुआ था। उन्हें देश में बिजनेस, मीडिया और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने रामोजी ग्रुप की नींव रखी, जिसमें फिल्म स्टूडियो रामोजी फिल्म सिटी के अलावा ईटीवी नेटवर्क, डॉल्फिन होटल्स, मार्गदर्शी चिटफंड और ईनाडू तेलुगु अखबार भी आता है। 2016 में उन्हें शिक्षा, पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राव के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें भारतीय मीडिया में क्रांति लाने वाला दूरदर्शी व्यक्ति करार दिया। पीएम ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि राव के समृद्ध योगदान ने पत्रकारिता और फिल्म जगत पर अमिट छाप छोड़ी है। अपने उल्लेखनीय प्रयासों के माध्यम से उन्होंने मीडिया और मनोरंजन जगत में नवाचार और उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित किए।

प्रधानमंत्री ने पोस्ट किया,” रामोजी राव गारू में भारत के विकास को लेकर जुनून था। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे उनसे बातचीत करने और उनके ज्ञान से लाभ उठाने के कई अवसर मिले। इस कठिन समय में उनके परिवार, मित्रों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।”

1996 में बसाई थी रामोजी फिल्म सिटी, दुनियाभर में है नाम
दक्षिण भारत के मशहूर फिल्म निर्माता और पद्मविभूषित रामोजी राव ने इस फिल्म सिटी को 1996 में बसाया था। फिल्म निर्माण से जुड़ी मुश्किलों को देखते हुए उन्होंने ऐसी फिल्म सिटी की कल्पना की थी, जिसमें ऐसा कहा जाता है कि फिल्म मेकर यहां सिर्फ स्क्रिप्ट लेकर आते और बनी हुई फिल्म लेकर वापस जाते हैं। यहां हर साल करीब 200 फिल्मों की शूटिंग होती है। अब तक यहां करीब 2000 फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है।

इसमें हिंदी, भोजपुरी, तेलगू, तमिल, कन्नड़, मल्यालम, बंगाली, उड़िया और अन्य भाषाओं की फिल्में शामिल हैं। हिंदी फिल्मों में यहां कृष-3, जय हो, रोबोट, किस्मत कनेक्शन, सरकार राज, गोलमाल, हिम्मतवाला, चेन्नई एक्सप्रेस और दिलवाले आदि शामिल हैं। बाहुबली फिल्म के दोनों हिस्सों की शूटिंग यहीं पूरी हुई थी।

छत्तीसगढ़ : भीषण गर्मी जारी है. रायपुर-बिलासपुर संभाग में गर्मी से अब तक 7 लोगों की मौत, 21 जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी…

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छत्तीसगढ़ : भीषण गर्मी जारी है. रायपुर-बिलासपुर संभाग में गर्मी से अब तक 7 लोगों की मौत, 21 जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी…

छत्तीसगढ़ : भीषण गर्मी जारी है. रायपुर-बिलासपुर संभाग में गर्मी से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हालाँकि, अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पीएम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण सामने आएगा।

शुक्रवार को रायगढ़ शहर सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 47.3 डिग्री दर्ज किया गया. जबकि राजधानी रायपुर का तापमान 46.4, बिलासपुर का 46.8, दुर्ग का 46.2 और राजनांदगांव का तापमान 45.7 है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे तक लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी.

मौसम विभाग ने आज 21 जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि बस्तर संभाग में बूंदाबांदी होने की संभावना है. आईएमडी के मुताबिक, अगले 24 घंटों में राज्य के अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा. ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है. शनिवार को भी रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में लू चलने की संभावना है।

दंतेवाड़ा में आंगनवाड़ी का समय बदला गया “ दंतेवाड़ा में भीषण गर्मी के कारण आंगनबाडी केन्द्रों के कार्य समय में बदलाव किया गया है. अब आंगनवाड़ी केंद्र सुबह 7 बजे से 9 बजे तक संचालित होंगे। गर्मी के दौरान आंगनबाडी केन्द्रों की कार्य अवधि 4 घंटे निर्धारित की गई है। फिलहाल भीषण गर्मी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आंगनबाडी केंद्रों के समय में बदलाव किया गया है.

बिलासपुर में पक्षियों की मौत : बिलासपुर में भी भीषण गर्मी का दौर जारी है. अब लू का असर सिर्फ आम लोगों पर ही देखने को मिल रहा है बल्कि तेज धूप और गर्मी से पक्षियों की भी मौत हो रही है. जिले में पिछले 3 दिनों से तापमान 46 डिग्री के पार पहुंच गया है.

शनिवार को रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़, बलौदाबाजार, शक्ति, मानपुर, अंबागढ़ चौकी, राजनांदगंल, बिलासपुर, मुंगेली, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, चिरमनगर, कोरिया में बारिश, मौसम विभाग कहा होगा ,सूरजपुर,बलरामपुर जिले में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में बस्तर संभाग में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक बस्तर, सुकमा और कोंडागांव में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है. बस्तर में प्री-मानसून का असर 4 जून तक देखने को मिल सकता है.

भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में आज एनडीए के सभी नवनिर्वाचित सांसदों की बैठक.. आज होने वाली एनडीए बैठक की 10 बड़ी बातें…

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भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में आज एनडीए के सभी नवनिर्वाचित सांसदों की बैठक.. आज होने वाली एनडीए बैठक की 10 बड़ी बातें…

भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में आज एनडीए के सभी नवनिर्वाचित सांसदों की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में सभी सांसद नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुनेंगे। इस बीच टीडीपी ने अपने सभी सांसदों को बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

बता दें कि टीडीपी ने इस लोकसभा चुनाव में आंध्र प्रदेश में 16 सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि एनडीए की सहयोगी पार्टी जनसेना पार्टी ने 2 तो भाजपा ने आंध्र में 3 सीटों पर जीत दर्ज की है। नरेंद्र मोदी को नेता चुने जाने के बाद 9 जून को नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

आज होने वाली एनडीए बैठक की 10 बड़ी बातें…

  1. चंद्रबाबू नायडू दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात के लिए गुरुवार को पहुंचे थे। माना जा रहा है कि 9 जून तक दिल्ली में रहेंगे और नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में हिस्सा लेंगे।
  2. नरेंद्र मोदी के नेता चुने जाने के बाद एनडीए के सांसद, गठबंधन के वरिष्ठ सहयोगी चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह राष्ट्रपति को समर्थन पत्र भी सौपेंगे।
  3. नरेंद्र मोदी रविवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। एनडीए ने इस चुनाव में 293 सीटों पर जीत दर्ज की है और बहुमत के आंकड़े 272 से कहीं ज्यादा सीटों पर सफलता हासिल की है।
  4. चुनाव में टीडीपी निर्णायक भूमिका में पहुंची है और सरकार गठन में किंगमेकर बनकर उभऱी है। पार्टी के 16 सदस्य संसद चुनकर पहुंचे हैं। टीडीपी प्रवक्ता ने कहा कि हम केबिनेट का हिस्सा बनेंगे।
  5. टीडीपी सरकार में शामिल होने के बाद आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने लेने की कोशिश करेगी। आंध्र प्रदेश से हैदराबाद अलग होने के बाद प्रदेश को काफी नुकसान हुआ था।
  6. ऐसा पहली बार नहीं है जब टीडीपी एनडीए के साथ केंद्र सरकार का हिस्सा बनने जा रही है। इससे पहले टीडीपी नेता जीएमसी बालयोगी अटल बिहारी सरकार में लोकसभा स्पीकर रह चुके है। हालांकि उनकी 2002 में हेलीकॉप्टर क्रैश में मृत्यु हो गई थी।
  7. शिवसेना सूत्रों के अनुसार एकनाथ शिंदे अपने बेटे श्रीकांत शिंदे की बजाय पार्टी के तीन वरिष्ठ सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहते हैं।
  8. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी के 12 सांसद आज दिल्ली पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि जदयू को भी अहम मंत्रालय मिल सकता है। साथ ही जदयू के सांसद बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग कर सकते हैं। बिहार में 40 लोकसभा सीटों में से 30 पर एनडी ने जीत दर्ज की है।
  9. बिहार सरकार में मंत्री और जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा कि जदयू एनडीए का अहम हिस्सा है और आगे भी रहेगा। लेकिन जदयू की कुछ मांगें हैं, प्रदेश की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है, लिहाजा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। हम इस मांग पर अडिग हैं।
  10. लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी कर रहे प्रधानमंत्री मोदी ने 5 जून को एनडीए के सहयोगी दल के नेताओं के साथ बैठक की थी, जिसमे सभी एक साथ नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुना था।

”NDA की संसदीय बोर्ड की बैठक आज, सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं नरेंद्र मोदी”

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”NDA की संसदीय बोर्ड की बैठक आज, सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं नरेंद्र मोदी”

देश में तीसरी बार एनडीए की सरकार बनने जा रही है। नरेंद्र मोदी 9 जून को देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे लेकिन इससे पहले आज NDA की संसदीय बोर्ड की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में शामिल होने के लिए एनडीए के सभी दिग्गज नेता दिल्ली पहुंच रहे हैं। आशा की जा रही है कि पीएम मोदी आज सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2024 के चुनाव में एनडीए ने पूर्ण बहुमत हासिल किया है, भाजपा को 240 सीटें मिली हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी 9 जून को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगें, हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। यहां पढ़ें देश-दुनिया की तमाम बड़ी खबरें , पल-पल के अपडेट के लिए पेज को रीफ्रेश करते रहें।

छत्तीसगढ़ : आज दिल्ली में BJP की बैठक, बीजेपी सांसदों को केंद्र में मंत्री पद मिलने की संभावना…

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छत्तीसगढ़ : आज दिल्ली में BJP की बैठक, बीजेपी सांसदों को केंद्र में मंत्री पद मिलने की संभावना…

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार (6 जून) को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राज्य से बीजेपी सांसदों को केंद्र में मंत्री पद मिलेगा, लेकिन ऐसा करना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है.

उन्होंने यह दिल्ली रवाना होने से पहले रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुआ कहा. बीजेपी ने हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ में 11 सीटों में से 10 पर जीत हासिल की, जबकि एक पर कांग्रेस को जीत मिली है.

यह पूछे जाने पर कि क्या छत्तीसगढ़ के सांसदों को मंत्री पद मिलेगा? विष्णुदेव साय ने कहा कि मौका तो मिलेगा ही, ऐसा नहीं है कि मौका नहीं मिलेगा, लेकिन यह तो प्रधानमंत्री का अधिकार है. दिल्ली दौरे के बारे में उन्होंने कहा कि शुक्रवार को वहां सभी नवनिर्वाचित पार्टी सांसदों, बीजेपी शासित राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम और पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्षों की बैठक है.

आज दिल्ली में BJP की बैठक
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कहा, “मैं, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और अरुण साव, पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और राज्य से नवनिर्वाचित सांसद इसमें शामिल होने जा रहे हैं.” बता दें मोदी के दूसरे कार्यकाल में सरगुजा की सांसद रेणुका सिंह केंद्रीय आदिवासी मामलों की राज्य मंत्री थीं. विष्णुदेव साय ने खुद नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल 2014-19 के दौरान केंद्रीय इस्पात और खान राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया था.

इन्हें मिल सकता है मौका
बीजेपी नेता बृजमोहन अग्रवाल, दूसरे कार्यकाल के सांसद विजय बघेल और संतोष पांडे को मोदी के तीसरे कार्यकाल में संभावित मंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है. विष्णुदेव साय सरकार में निवर्तमान मंत्री बृजमोहन अग्रवाल रायपुर लोकसभा सीट से पांच लाख से अधिक मतों के भारी अंतर से चुने गए थे.

Chhattisgarh : लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे बीजेपी नीत एनडीए के पक्ष में रहे.

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Chhattisgarh : लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे बीजेपी नीत एनडीए के पक्ष में रहे.

यहां 11 लोकसभा सीटों में से 10 पर बीजेपी के उम्मीदवारों ने परचम लहराया. वहीं, चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा.

यहां 220 उम्मीदवारों में से 198 की जमानत जब्त हो गई.

चुनाव के परिणामों का विश्लेषण कर के देखा गया कि इन उम्मीदवारों के प्रदेश की जनता ने भारी रूप से नकारा है. साल 2000 में छत्तीसगढ़ के गठन के बाद से ही यहां सरकार बनाने के लिए बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर रही है. अन्य दलों और निर्दलीयों को हमेशा ही जनता ने अस्वीकारा है. चार जून 2024 को चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए नतीजों में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला.

बीजेपी-कांग्रेस के अलावा अन्य दल को नकारती रहा है छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के चुनावी परिणामों में जनता ने 10 संसदीय क्षेत्रों में बीजेपी के उम्मीदवारों को चुना है तो वहीं केवल कोरबा लोकसभा सीट ऐसी रही जहां से कांग्रेस की उम्मीदवार ज्योत्सना चरणदास महंत को चुना गया. इसके अलावा, चुनावी मैदान में कुल 220 उम्मीदवारों उतरे थे. यहां पहले तीन चरणों में मतदान संपन्न कराया गया और कुल वोटिंग 72.8 फीसदी हुई.

चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, उम्मीदवारों की जमानत तब जब्त की जाती है जब उन्हें कुल वोट का छठा हिस्सा भी न मिला हो. यानी जमानत बचाने के लिए कैंडिडेट को कुल मतों का 1/6 हिस्सा मिलना जरूरी है. आम चुनाव में अनारक्षित और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए जमानत राशि 25 हजार रुपये होती है. वहीं, एससी/एसटी कैंडिडेटे के लिए जमानत की राशि 12 हजार 500 रुपये होती है.

जीजीपी के उम्मीदवारों ने भी गंवाई जमानत राशि
बीजेपी और कांग्रेस के 11-11 प्रत्याशियों को इतने वोट मिले थे कि उनकी जमानत राशि जब्त नहीं की गई. बाकी सभी 198 उम्मीदवारों को अपना डिपॉजिट गंवाना पड़ा.

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कोरबा उम्मीदवार श्याम सिंह मारकम और सरगुजा से उदय सिंह अपने क्षेत्र में तीसरे स्थान पर रहे, लेकिन कुल वोट का एक छठा हिस्सा पाने में कामयाब नहीं हो सके. 2023 के दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव में जीजीपी को एक सीट पर कामयाबी मिली. पाली तानखर विधानसभा सीट से जीजीपी के उम्मीदवार की जीत हुई.

सभी बसपा उम्मीदवारों की जमानत जब्त
बसपा उम्मीदवार- रायगढ़ से इनोसंट कुजूर, बिलासपुर से अश्विनी राजक, दुर्ग से दिलीप राटेके, रायपुर से ममता राय साहू, जांजगीर चांपा से डॉ. रोहित डहरिया और कांकेर से तिलकराम मारकम सभी तीसरे स्थान पर रहे, लेकिन इनकी भी जमानत राशि जब्त हुई. इसी तरह बस्तर से सीपीआई प्रत्याशी फूलसिंग कचलम को भी जमानत राशि गंवानी पड़ी.

World Environment Day पर पीएम मोदी की नई पहल…

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World Environment Day पर पीएम मोदी की नई पहल…

5 जून को वर्ल्ड इनवायरमेंट डे पर पीएम मोदी ने लोगों को जागरुक करने के लिए एक नई पहल लॉन्च की है। पीएम मोदी ने खुद एक पेड़ लगाकर इसकी शुरुआत की है।

कैंपेन का मकसद देश में पौधारोपण करवाना है।

इस अभियान की शुरुआत 10.45 पर की गई। प्रधानमंत्री की योजना है कि इस अभियान के जरिए देश भर में पौधारोपण के प्रति लोगों जागरूक किया जाए ताकि बढ़ रहे ग्लोबल वार्मिंग से निपटा जा सके। भीषण गर्मी को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की सलाह दी है।

मोदी को बहुमत नहीं मिलने पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में क्या छपा है?

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मोदी को बहुमत नहीं मिलने पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में क्या छपा है?

लोकसभा चुनाव के नतीजे अब आ चुके हैं. एनडीए की सरकार बनने तो जा रही है लेकिन 234 सीटों पर इंडिया ब्लॉक की जीत ने चुनाव को एकतरफ़ा नहीं होने दिया.

चुनावी नतीजों ने ये तो साफ़ कर दिया है कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने वाले हैं लेकिन वो करिश्मा नहीं रहा जो अब तक था.

वाराणसी सीट से उनकी जीत इस बार सिर्फ़ 1.5 लाख से हुई है जो साल 2019 में लगभग पाँच वोटों से हुई थी.

भारत के इस चुनाव पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की भी नज़र थी. मंगलवार को आए चुनावी नतीजे को अंतरराष्ट्रीय मीडिया में मोदी के कमज़ोर होने के रूप में देखा जा रहा है.

न्यूयॉर्क टाइम्स ने क्या लिखा है?

अमेरिका से निकलने वाला अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स लिखता है, “नरेंद्र मोदी के सत्ता के बीते 10 सालों में कई ऐसे पल सरप्राइज़ से भरे थे लेकिन जो सरप्राइज मंगलवार की सुबह मिला वो बीते 10 सालों से बिल्कुल था क्योंकि नरेंद्र मोदी को तीसरा टर्म तो मिल गया, लेकिन उनकी पार्टी बहुमत नहीं ला पाई.”

इस हार के साथ ही 2014 के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी की वो छवि भी चली गई कि ‘वो अजेय’ हैं. बीजेपी ने अपने दम पर 240 सीटें जीती हैं जो 272 के बहुमत के आँकड़े से काफ़ी कम है. इंडिया ब्लॉक 234 सीटें जीती हैं. अपने सहयोगियों के साथ मोदी सत्ता के शीर्ष पर तो रहेंगे लेकिन उनकी करिश्माई छवि पहले जैसी नहीं रही.

बतौर नेता नरेंद्र मोदी सत्ता के बँटवारे में ज़्यादा रुचि नहीं रखते हैं. जब साल 2016 में उन्होंने नोटबंदी की तो उनकी सरकार के वित्त मंत्री को भी इसकी जानकारी नहीं थी. जब जम्मू-कश्मीर से संविधान से अनुच्छेद 370 को हटाया गया तो भी अमित शाह ने सीधे संसद में इसका एलान किया और ये बिना किसी चर्चा के प्रस्ताव ऐसे आया जैसे ये डन डील हो. लेकिन अब वो दिन चले गए हैं.

“वॉशिंगटन पोस्ट ने क्या लिखा है?

अमेरिका से ही निकलने वाले अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा है- भारत के मतदाताओं ने नरेंद्र मोदी की लीडरशिप पर एक अप्रत्याशित अस्वीकृति दिखाई है. दशकों के सबसे मज़बूत नेता के रूप में पेश किए जा रहे मोदी की छवि को इस जनादेश ने भेदा है और उनकी अजेय छवि भी ख़त्म की है.

बीजेपी सहयोगियों के साथ भले सरकार बना ले लेकिन साल 2014 के बाद से ये बीजेपी का सबसे कमज़ोर प्रदर्शन है. साल 2014 में मोदी विकास और भ्रष्टाचार को लेकर लोगों के बीच ग़ुस्से की लहर पर सवार हो कर सत्ता में आए और साल 2019 में राष्ट्रवाद और पाकिस्तान के साथ तनाव बड़ी वजह रही.

लेकिन इस बार बीजेपी बहुमत से दूर है और नरेंद्र मोदी जो अपने 23 साल के राजनीतिक करियर में कभी भी बहुमत लाने में फेल नहीं हुए, वो पहली बार ऐसी स्थिति में हैं.

मोदी की मज़बूत नेता की छवि है और चुनाव के बाद भी कई राजनीतिक पंडितों ने ये अनुमान लगाया था कि एक बार फिर उनकी लहर में देश का विपक्ष बह जाएगा.

इस चुनाव में नरेंद्र मोदी सरकार ने विपक्ष का बैंक खाता फ्रीज़ किया, कुछ विपक्ष के नेताओं को टैक्स और घोटाले के आरोप में जेल में डाला गया.

उन्हें मुख्यधारा मीडिया से कवरेज में एकतरफ़ा सपोर्ट मिलता रहा, वो मीडिया जिनके मालिक मोदी के क़रीबी हैं. देश और विदेश से इस तरह की चेतावनियां आने लगी थीं कि देश में प्रतिस्पर्धी चुनाव लगभग ख़त्म होने की कागार पर है.

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज में राजनीतिक वैज्ञानिक देवेश कपूर ने अख़बार से कहा कि “इन सबके अलग मंगलवार को जनता ने वो किया, जिससे लगा कि लोकतंत्र उतना कमज़ोर नहीं है, जितना इसे समझा जा रहा था. इस नतीजे ने बताया कि वोटर्स स्वतंत्र दिमाग़ से वोट करते हैं..वरना ये रथ नहीं रुकता.”

अलजज़ीरा ने क्या लिखा है क़तर के प्रसारक अलजज़ीरा ने भी मोदी की छवि को डेन्ट लगने की बात लिखी है.

अलजज़ीरा की रिपोर्ट लिखती है- मोदी सरकार तो बना लेंगे लेंकिन उनकी सरकार अपने सहयोगियों के हाथ में होगी.

साथ ही ये जनादेश बीजेपी की चुनावी नीति पर भी सवाल खड़े करता है. बीजेपी और नरेंद्र मोदी का कैंपेन सांप्रदायिक बँटवारे पर अधिक फोकस था. ऐसे दावे किए गए कि विपक्ष सत्ता में आने पर संसाधन मुसलमानों को दे देगा. लेकिन विपक्ष का कांपेन मोदी सरकार की स्कीम और उनकी आर्थिक विफलता पर आधारित रहा.

बीजेपी का नारा था- अबकी बार 400 पार लेकिन मोदी की बायोग्रफ़ी लिखने वाले निलांजन मुखोपाध्याय कहते हैं कि ” ये ओवरकॉन्फिडेंट वाली ज़ुबान थी.”

“टाइम पत्रिका का क्या कहना है?

अमेरिकी की चर्चित पत्रिका टाइम ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि एग्ज़िट पोल और राजनीतिक पंडितों ने मोदी की जीत का अनुमान लगाने में थोड़ी जल्दबाज़ी कर दी. सवाल था कि मोदी तीसरी बार सरकार बना लेंग लेकिन बीजेपी की अपने दम पर कितनी सीटें आएंगीं.

इसका जवाब मंगलवार को मिला. जो नतीजे आए हैं, उसमें मोदी की पार्टी बहुमत पाने वाली पार्टी तो नहीं रही है. उन्हें 240 सीटों पर जीत मिली है. जो 2019 के आंकड़ों से बहुत कम है, जब बीजेपी को अकेले 303 सीटें मिली थीं.

20 पार्टियों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक को 234 सीटें मिली है. उन्होंने उम्मीद से काफ़ी बेहतर किया है.73 साल के मोदी जिनकी करिश्माई और ध्रुवीकरण की राजनीति करने वाली छवि है, वो देश के दूसरे ऐसे नेता हैं जो लागातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे. इससे पहले जवाहरलाल नेहरू ही ऐसे एकमात्र नेता थे.

लेकिन इस बार अपने वादे के अनुसार, जब मोदी अपने हिंदू-राष्ट्रवादी एजेंडे और आर्थिक सुधारों पर आगे बढ़ेंगे तो बीजेपी की उम्मीद से कम सीटें और पावरफुल विपक्ष उन्हें ऐसा करने से रोकने की स्थिति में होंगे.

बीते 10 साल में उन्होंने मज़बूत विपक्ष नहीं देखा है. बीजेपी को इस बार छोटे गठबंधन दलों से भी बात करना होगा इसके बिना सरकार चलाना मुश्किल होगा.

बड़ा बहुमत लाने के लिए ज़रूरी था कि बीजेपी दक्षिण में बेहतर करे और यूपी जैसे अपने गढ़ में भी बेहतर करे.

बीजेपी ने दक्षिण में तो अच्छा किया. केरल जैसे राज्य में खाता खुला और आंध्र और तेलंगाना में भी उनके सहयोगी ने अच्छा किया है लेकिन यूपी में बीजेपी के प्रदर्शन ने सबको चौंकाया है.

बीजेपी ने तीस साल पुराना अपना राम मंदिर का वादा पूरा किया लेकिन इससे कोई असर नहीं दिखा. साल 2014 में बीजेपी ने यहां 80 में से 71 और 2019 में 62 सीटें जीती थीं लेकिन इस बार उसे 33 सीटें मिली हैं.