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BMC मेयर चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका, एक सीट का नुकसान, पार

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मुंबई में होने वाले मेयर के चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है. वार्ड नंबर 157 से बीजेपी को हराने वालीं सरिता म्हस्के ने उद्धव ठाकरे गुट को छोड़ दिया है. सरिता के अब एकनाथ शिंदे गुट के साथ जाने की खबरें हैं.

अगर ऐसा हुआ तो बीएमसी में उद्धव गुट की एक सीट कम हो जाएगी और ये आंकड़ा 65 से घटकर 64 हो जाएगा. ठाकरे गुट की सरिता म्हस्के ने प्रभाग 157 से बीजेपी की आशा तायडे को हराया था.

यूबीटी के पार्षदों की बैठक से रहीं गायब

एक तरफ कल्याण-डोंबिवली में चार नगरसेवकों ने चुने जाने के तुरंत बाद साथ छोड़ दिया था, वहीं अब मुंबई में ठाकरे की शिवसेना को पहला झटका लगा है. सरिता के शिंदे गुट में जाने की खबरों को और बल तब मिला जब सेना भवन में हुई नगरसेवकों की बैठक में वो गैरहाजिर रहीं. इस बैठक में किशोरी पेडनेकर को पार्षदों का नेता चुना गया है. किशोरी पेडनेकर बीएमसी की मेयर रह चुकी हैं. बीएमसी के वार्ड नंबर 194 से फिर चुनाव जीती हैं.

सरिता म्हस्के

कल्याण में ठाकरे गुट के चार नगरसेवक टूटे

कल्याण-डोंबिवली में ठाकरे की शिवसेना के 11 में से चार नगरसेवक टूट गए हैं और उनके शिंदे की शिवसेना को समर्थन देने की चर्चा है. शेष सात नगरसेवकों ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि हम सभी एकजुट हैं, सत्ता गठन के लिए फोन आते हैं, लेकिन वरिष्ठ नेतृत्व के रुख के बाद ही निर्णय लिया जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हम महापालिका में एक मजबूत विपक्ष के रूप में काम करेंगे. शिंदे और MNS का साथ देने वाले चार नगरसेवकों पर कार्रवाई करने की चेतावनी उद्धव ठाकरे की ओर से दी गई है.

कल का दिन अहम

महाराष्ट्र के लिए गुरुवार (22 जनवरी) का दिन अहम है. कल सभी 29 महानगरपालिकाओं में मेयर पद के लिए आरक्षण तय होगा. लॉटरी सिस्टम से आरक्षण तय किया जाएगा. इसके बाद राजनीतिक दल आरक्षण के हिसाब से मेयर पद के लिए उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे.

वनडे-टेस्ट की हार के बाद टी20 में भिड़ेंगे भारत-न्यूजीलैंड, जानिए अब त

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया यह दौर भारतीय क्रिकेट के लिए कई मायनों में चौंकाने वाला रहा. जहां एक तरफ टीम इंडिया को घरेलू हालात में मजबूत माना जाता है, वहीं इस बार न्यूजीलैंड ने वनडे और टेस्ट दोनों फॉर्मेट में भारत को कड़ी चुनौती दी और इतिहास रच दिया.

वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड का दबदबा

इस साल के शुरु में खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत भारत ने वडोदरा में जीत के साथ की. पहले वनडे में भारत ने 306 रन बनाए और न्यूजीलैंड को 300 रन पर रोकते हुए 4 विकेट से मुकाबला जीत लिया. लगा कि टीम इंडिया सीरीज पर पकड़ बना लेगी, लेकिन इसके बाद कहानी पूरी तरह बदल गई.

राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत के 284 रन के जवाब में सिर्फ 3 विकेट खोकर 286 रन बना लिए और 7 विकेट से जीत दर्ज की. इसके बाद निर्णायक तीसरा वनडे इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला गया, जहां न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रन से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली. कीवी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 337 रन बनाए, जबकि भारत 296 रन पर सिमट गया. यह भारत में न्यूजीलैंड की पहली वनडे सीरीज जीत रही.

टेस्ट सीरीज में भी भारत को झटका

वनडे से पहले खेले गए टेस्ट सीरीज में भी हालात भारत के पक्ष में नहीं रहे. अक्टूबर-नवंबर 2024 में खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया. बेंगलुरु टेस्ट में भारत पहली पारी में सिर्फ 46 रन पर ढेर हो गया, जो घरेलू क्रिकेट में एक शर्मनाक रिकॉर्ड रहा. इसके बाद पुणे और मुंबई में भी न्यूजीलैंड ने दबाव बनाए रखा और करीबी मुकाबलों में जीत हासिल की.

अब टी20 सीरीज की बारी, जानिए पूरा शेड्यूल

वनडे और टेस्ट में करारी शिकस्त के बाद भारत और न्यूजीलैंड अब टी20 फॉर्मेट में आमने-सामने होंगे. दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जाएगी, जिसकी शुरुआत 21 जनवरी से होगी. यह सीरीज टीम इंडिया के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगी, वहीं न्यूजीलैंड अपनी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगा.

टी20 सीरीज का पूरा कार्यक्रम इस प्रकार है-

पहला टी20 मुकाबला: 21 जनवरी (बुधवार), शाम 7 बजे
स्थान: विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, नागपुर

दूसरा टी20 मुकाबला: 23 जनवरी (शुक्रवार), शाम 7 बजे
स्थान: शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम,

रायपुर तीसरा टी20 मुकाबला: 25 जनवरी (रविवार), शाम 7 बजे
स्थान: ACA स्टेडियम, गुवाहाटी

चौथा टी20 मुकाबला: 28 जनवरी (बुधवार), शाम 7 बजे
स्थान: डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी ACA-VDCA क्रिकेट स्टेडियम, विशाखापट्टनम

पांचवां टी20 मुकाबला: 31 जनवरी (शनिवार), शाम 7 बजे
स्थान: ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम

यूपी में भीख मांगने वाले बच्चे गणतंत्र दिवस परेड में होंगे शामिल

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उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सड़कों पर भीख मांगने और इधर-उधर काम करने वाले 30 बच्चे प्रशासन और एक गैर सरकारी संस्था की पहल के बाद अब 26 जनवरी को लखनऊ में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होंगे.

अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

एक अधिकारी ने बताया कि बच्चों के लिए यह अभाव से राष्ट्रीय पहचान तक का एक दुर्लभ सफर है. ये बच्चे परेड के दौरान मार्चिंग बैंड टुकड़ी में हिस्सा लेंगे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रदर्शन करेंगे.

अधिकारियों ने बताया कि यह पहल संभल जिला प्रशासन और गैर-सरकारी संगठन ‘उम्मीद’ के संयुक्त प्रयास का नतीजा है. ‘उम्मीद’ की प्रमुख रैना शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के निर्देश पर किए गए एक जिला-व्यापी सर्वेक्षण में भीख मांगने वाले 268 बच्चों की पहचान की गई. इनमें से 30 बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया गया और परेड के लिए चुना गया. इन 30 बच्चों ने भीख मांगना बंद कर दिया था और इनके आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्‍तावेज पूरे हो गए थे.

शर्मा ने कहा, ‘ये बच्चे सात से 14 साल की उम्र के हैं. उन्हें बहजोई पुलिस लाइन में प्रशिक्षित किया गया है और सभी बैंड वाद्य यंत्र जिला प्रशासन द्वारा दिए गए हैं.’

उन्होंने कहा कि बाकी बच्चों के दस्‍तावेज पूरे करने और उन्हें औपचारिक शिक्षा प्रणाली में लाने के प्रयास जारी हैं.

Republic Day 2026: नई दिल्ली की परेड में भी होंगे शामिल?

शर्मा ने कहा कि चुने गए बच्चे लखनऊ की गणतंत्र दिवस परेड में संभल का प्रतिनिधित्व करेंगे और अगले साल नयी दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने के लिए उन पर विचार किया जा सकता है.

जिलाधिकारी पेंसिया ने कहा कि ‘भीख से सीख’ नाम की इस पहल का मकसद भीख मांगने पर निर्भर परिवारों का पुनर्वास करना है.

जिलाधिकारी ने कहा, ‘लखनऊ में जो गणतंत्र दिवस की परेड होनी है उसके लिए जिन बच्चों को चुना गया है, पहले उनका यहां प्रशिक्षण हुआ और वर्तमान में उनकी परेड लखनऊ में चल रही है.’

मनरेगा बचाओ संग्राम: खरगे और राहुल गांधी पहली बार साथ मंच पर, देशव्याप

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कांग्रेस के ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ (Manrega Bachao Abhiyan) के तहत एक बड़ा कार्यक्रम गुरुवार (22 जनवरी, 2026)दिल्ली के जवाहर भवन में आयोजित किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष (Congress President) मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) एक साथ मंच साझा करेंगे.

कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस पूरे देश में मनरेगा को लेकर चल रहे आंदोलन की दिशा और रणनीति तय करेगी.

इस कार्यक्रम में देश के 25 राज्यों से मनरेगा कार्यकर्ता और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे. खास बात यह है कि अलग-अलग राज्यों से आए कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र की मिट्टी साथ लाएंगे, जिससे जवाहर भवन परिसर में एक पौधा लगाया जाएगा. इसे मनरेगा और मजदूरों के संघर्ष के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है.

रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप दीक्षित (Sandeep Dixit) ने बताया कि 22 जनवरी को होने वाले इस कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी होगी. उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी आंदोलन को नई दिशा देगा.

कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा सरकार मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. पार्टी का दावा है कि मनरेगा करोड़ों गरीब और मजदूर परिवारों के लिए सम्मान और आजीविका का प्रमुख साधन है.

कार्यक्रम में इस बात पर भी विस्तृत चर्चा होगी कि मनरेगा का नाम और स्वरूप कैसे बदला गया, इसके पीछे की मंशा क्या है और आगे आंदोलन को किस तरह तेज किया जाए. बैठक के दौरान आंदोलन की रणनीति, जनसंपर्क अभियान और आगामी कार्यक्रमों का रोडमैप भी तय किया जाएगा.

पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश फिर बढ़ाएगी दिल्ली-NCR में ठंड, IMD

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने वाला है, जिससे अगले सात दिनों तक बारिश की संभावना है. 22-23 जनवरी को कश्मीर घाटी में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान है.

23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी ऐसी ही स्थिति रहने की उम्मीद है.

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी कुछ जगहों पर घना कोहरा छाए रहने की बहुत ज्यादा संभावना है. कोहरे की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात बाधित हो सकता है. IMD ने यात्रियों को सावधान रहने और एहतियाती उपाय करने की सलाह दी है. साथ ही चेतावनी दी है कि कम विजिबिलिटी के कारण सड़क दुर्घटनाएं हो सकती हैं.

जम्मू सहित हिमाचल-उत्तराखंड में बर्फबारी

IMD के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 21 जनवरी के दौरान जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. इसके बाद इसकी तीव्रता बढ़ने की उम्मीद है. 22-26 जनवरी के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में काफी बड़े स्तर पर बारिश और बर्फबारी का अनुमान है. 22-23 जनवरी को कश्मीर घाटी में और 23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में अलग-अलग जगहों पर भारी बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है.

कब जताई बारिश की संभावना?

22-24 जनवरी के दौरान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, 23-24 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 22-23 जनवरी को राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.

IMD के एक सीनियर साइंटिस्ट ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है. हालांकि, अगले पांच दिनों में तापमान में धीरे-धीरे 3-5°C की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे ठंड की स्थिति में धीरे-धीरे कमी आएगी.

नीतियां स्थिर, सोचने का तरीका साफ. अश्विनी वैष्णव ने दावोस में बताया

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दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत की तरफ से आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव भी पहुंचे हैं. यहां उन्होंने भारत के डिजिटल भविष्य को लेकर एक दमदार रोडमैप पेश किया. इसके साथ ही वैष्णव ने कहा कि भारत एक भरोसेमंद भागीदार है.

जिसकी स्थिर नीतियां और स्पष्ट सोच उसे वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण बनाती हैं. इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए.

उन्होंने AI के दुरुपयोग पर वैश्विक चिंताओं को उजागर किया है. इसके साथ ही कहा कि अधिकतर देश और यहां तक कि तकनीकी कंपनियां भी AI मॉडलों में सुरक्षा उपायों और विनियमन पर विचार कर रही हैं, जो समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं.

क्या बोले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव?

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “उथल-पुथल से भरी इस दुनिया में हर कोई भरोसेमंद पार्टनर ढूंढ रहा है, जिनकी नीतियां स्थिर हों, जिनका सोचने का तरीका साफ हो. भारत निश्चित रूप से इसमें बहुत ऊपर आता है. आप किसी भी देश के नेता से मिलें, वे भारत को एक बड़ा पार्टनर, एक अर्थव्यवस्था, एक सह-डेवलपर, एक सह-निर्माता, एक ऐसा देश मानते हैं. जिस पर भरोसा किया जा सकता है, यही सोच है, यही भावना हमें बातचीत से मिली.

AI का हो रहा गलत इस्तेमाल

अश्विनी वैष्णव ने इस बात को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है कि AI का गलत इस्तेमाल हो रहा है.ज्यादातर देश किसी न किसी तरह के रेगुलेशन पर विचार कर रहे हैं. यहां तक कि टेक कंपनियां भी आज AI मॉडल में वे सुरक्षा उपाय लगाने की सोच रही हैं. समाज बड़े पैमाने पर कुछ ऐसी चीजों से परेशान हो रहा है जो कुछ मॉडल बना रहे हैं.”

वैष्णव ने बताया कि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, सामग्री, गैस और उपकरणों समेत पूरे इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है. भारत सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में तेजी से मजबूत आधार तैयार कर रहा है.

कार्यक्रम में क्या बोले सीएम देवेंद्र फडणवीस?

महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “दावोस में भारत की मौजूदगी बहुत असरदार तरीके से दर्ज की जा रही है. दस अलग-अलग राज्यों की भागीदारी कोऑपरेटिव और कॉम्पिटिटिव फेडरलिज्म की भावना को दिखाती है, जो प्रधानमंत्री मोदी ने हममें पैदा की है. हम सभी यहां इसी भावना के तहत अपना प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. मेरा मानना है कि आज की जियो पॉलिटिक्स और कनेक्टेड इकॉनमी में प्रासंगिक बने रहने के लिए दावोस ज़रूरी है. अगर आप इस कनेक्टेड इकॉनमी में प्रासंगिक रहना चाहते हैं, तो आपको दावोस आना होगा. यह एक ऐसी जगह है जहां बिज़नेस मिलते हैं और जहां आप इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और बिज़नेस प्रोसेस के बारे में सीखते हैं.

उन्होंने कहा कि आप यहां कई नई चीजें सीखते हैं. हम यह भी सीखते हैं कि दुनिया कैसे बदल रही है, और सबसे ज़रूरी बात यह है कि जब बिज़नेस जुड़ते हैं, तो हमें फायदे होते हैं.

Biggest Film Of Khans: शाहरुख, सलमान और आमिर खान के करियर की सबसे बड़ी फिल्में ..

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Biggest Film Of Khans: पिछले तीन दशकों से अगर किसी का सिक्का चल रहा है, तो वो हैं- शाहरुख, सलमान और आमिर खान. इन ‘तीन खानों’ के नाम से ही फिल्में पहले ही दिन छप्परफाड़ कमाई कर लेती हैं.

और देखते ही देखते हिट, सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर कैटेगरी में एंट्री कर लेती हैं. इन तीनों ने मिलकर भारतीय सिनेमा की परिभाषा बदल दी है. वैसे को तीनों खान्स के फैन्स के बीच हमेशा यह बहस छिड़ी रहती है कि बॉक्स ऑफिस का असली ‘सुल्तान’ कौन है? लेकिन शाहरुख की ‘बादशाहत’, सलमान का ‘स्वैग’ और आमिर के ‘परफेक्शन’ ने सबका खूब दिल जीता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन तीनों सुपरस्टार्स के करियर की वो कौन सी फिल्में हैं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त किए? आइए बताते हैं, पर एक खान अब भी 1000 करोड़ के जादुई आंकड़े तक पहुंचने में कामयाबी हासिल नहीं कर पाया है.

साल 2026 फैन्स के लिए बेहद सॉलिड साबित होगा, जिसकी सबसे बड़ी वजह शाहरुख, सलमान और आमिर खान भी हैं. 8 साल बाद तीनों एक साथ धमाल मचाएंगे. जहां हाल ही में रिलीज हुई हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस में आमिर खान कैमियो करते दिखे थे. तो वहीं सलमान खान की ‘बैटल ऑफ गलवान’ और शाहरुख खान की ‘किंग’ रिलीज होगी. इससे पहले जिस साल तीनों की फिल्में आईं थी, वो है- साल 2018. जब आमिर की ‘ठग्स ऑफ हिन्दुस्तान’ आई. वहीं, शाहरुख खान की ‘जीरो’ और सलमान ‘रेस 3’ ने थिएटर्स में दस्तक दी थी. अब जानिए तीनों की सबसे बड़ी फिल्में

तीनों खान्स में बॉक्स ऑफिस का असली ‘किंग’ कौन?

  1. सलमान खान: इस लिस्ट की शुरुआत बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान से करेंगे. जिनकी अबतक कोई भी फिल्म 1000 करोड़ रुपये का कारोबार नहीं कर पाई है. जी हां, सलमान खान के करियर की सबसे बड़ी फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ ही है. जिसने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर लगभग 969 करोड़ का कलेक्शन किया. लेकिन कुछ करोड़ से 1000 करोड़ के क्लब में एंट्री नहीं कर पाई. अब फैन्स को उम्मीद है कि सलमान की आने वाली मेगा बजट फिल्में इस रिकॉर्ड को तोड़ेगी. वहीं, जल्द ही उन्हें इस एलीट क्लब में शामिल कराएंगी.
  2. शाहरुख खान: अब बारी है बॉलीवु्ड के किंग शाहरुख की. जिन्होंने साल 2023 में दो 1000 करोड़ी फिल्में दी. लिस्ट में पहला नाम है- ‘पठान’ और दूसरा- ‘जवान’. हालांकि, शाहरुख खान के करियर की सबसे बड़ी और कमाऊं फिल्म ‘जवान’ ही हैं. जिसने न सिर्फ घरेलू, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट में भी सफलता के झंडे गाड़े थे. साथ ही साबित कर दिया कि जब कंटेंट और स्टार पावर का सही मेल होता है, तो बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा जाता है.
  3. आमिर खान: इन्हें तो मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से भी जाता है और आमिर हैं भी. जब भी बात भारतीय सिनेमा के बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स की होगी, तो आमिर खान टॉप पर आएंगे. साथ ही उनकी ‘दंगल’ का नाम सबसे ऊपर सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. क्योंकि यह न केवल आमिर खान के करियर की सबसे बड़ी फिल्म है, बल्कि सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म भी है. जिसने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर लगभग 2000 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था. जिसे आज तक कोई भी दूसरी भारतीय फिल्म छू नहीं पाई है.

Basant Panchami 2026: घर में कैसे करें मां सरस्वती की पूजा? जानें

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Saraswati Puja at home: बसंत पंचमी का पावन पर्व हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. यह दिन मां सरस्वती के प्राकट्य से जुड़ा माना जाता है, जिन्हें विद्या, बुद्धि, वाणी और विवेक की अधिष्ठात्री देवी कहा गया है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन घर में नियमपूर्वक सरस्वती पूजा करने से ज्ञान में वृद्धि होती है, मानसिक स्पष्टता आती है और अध्ययन में एकाग्रता बढ़ती है. इसलिए बसंत पंचमी पर घरेलू पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में पंचमी तिथि 23 जनवरी को सुबह 02:28 बजे से प्रारंभ होकर 24 जनवरी को रात्रि 01:46 बजे तक रहेगी, इसलिए बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी, शुक्रवार को श्रद्धा और विधि विधान के साथ मनाया जाएगा.

सरस्वती पूजा से पहले की तैयारी और शुभ समय

बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा के लिए प्रातः काल का समय सबसे उत्तम माना गया है. सूर्योदय के बाद स्नान कर स्वच्छ और हल्के रंग, विशेष रूप से पीले या सफेद वस्त्र धारण करने चाहिए. पूजा से पूर्व घर की साफ सफाई कर पूजा स्थल को पवित्र करना आवश्यक माना गया है. ईशान कोण (North-East direction) या शांत स्थान पर पीले वस्त्र बिछाकर मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. मान्यता है कि मां सरस्वती को स्वच्छता और शांति प्रिय है. पूजा सामग्री जैसे दीपक, धूप, चंदन, अक्षत, पीले पुष्प और नैवेद्य पहले से तैयार रखें. पूजा से पहले मन को शांत कर सकारात्मक भाव बनाए रखना भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है.

“घर में सरस्वती पूजा की विधि और नियम

पूजा प्रारंभ करते समय सबसे पहले दीप जलाकर कर संकल्प लें. इसके बाद मां सरस्वती के चित्र या प्रतिमा पर चंदन, अक्षत और पुष्प अर्पित करें. मां को पीले फूल और पीले वस्त्र विशेष रूप से प्रिय माने जाते हैं. पूजा के दौरान पुस्तकों, कॉपियों, कलम और वाद्य यंत्रों को पूजा स्थल के पास रखना शुभ माना गया है. मान्यता है कि इससे विद्या से जुड़े कार्यों में सफलता मिलती है. पूजा करते समय शुद्ध मन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें. घर में सरस्वती पूजा करते समय किसी भी प्रकार का शोर या अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए. अंत में मां से ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि की प्रार्थना करें.

भोग, मंत्र और पूजा में सावधानियां

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को सात्विक भोग अर्पित करने की परंपरा है. खीर, मीठे चावल, बूंदी या पीले रंग के मिष्ठान्न शुभ माने जाते हैं. पूजा के दौरान तामसिक भोजन और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाए रखना आवश्यक बताया गया है. मंत्र जाप के लिए सरस्वती वंदना या सरल स्तुति का पाठ किया जा सकता है. मान्यता है कि शांत मन से किया गया मंत्र जाप अधिक फलदायी होता है. पूजा के समय क्रोध, जल्दबाजी या आलस्य से बचना चाहिए. यदि घर में बच्चे हैं तो उन्हें भी पूजा में शामिल करना शुभ माना जाता है, क्योंकि इससे उनमें संस्कार और विद्या के प्रति सम्मान विकसित होता है.

पूजा के बाद क्या करें और क्या न करें?

सरस्वती पूजा के बाद कुछ समय अध्ययन, लेखन या संगीत अभ्यास करना अत्यंत शुभ माना गया है. मान्यता है कि इस दिन पढ़ाई की गई विद्या लंबे समय तक स्मरण रहती है. छोटे बच्चों के लिए अक्षर अभ्यास या विद्यारंभ करना भी लाभकारी माना गया है. पूजा के बाद पुस्तकों का अपमान न करें और उन्हें जमीन पर न रखें. इस दिन बाल कटवाना या अनावश्यक विवाद से बचने की सलाह दी जाती है. पीले रंग का दान करना और जरूरतमंदों की सहायता करना पुण्यकारी माना गया है. बसंत पंचमी पर किया गया संकल्प जीवन में सकारात्मक दिशा प्रदान करता है और मां सरस्वती की कृपा प्राप्त करने में सहायक होता है.

“IPL 2026: RCB – RR को डेडलाइन, 27 जनवरी तक इस मामले में देनी होगी जानक”

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RCB-RR Deadline: आईपीएल के दिन करीब आ रहे हैं. 26 मार्च से नए सीजन का बिगुल बज जाएगा. लेकिन, उससे पहले एक सवाल है. क्या मुकाबले बेंगलुरु और जयपुर में होंगे? इसे लेकर आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स से जवाब मांगा है.

गवर्निंग काउंसिल की तरफ से दोनों फ्रेंचाइजियों को इस मामले में जवाब देने के लिए 27 जनवरी तक की मोहलत दी गई है. दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ही फ्रेंचाइजियों को संबंधित स्टेट क्रिकेट बोर्ड से बात कर 27 जनवरी तक नतीजे पर पहुंचना होगा.

कब होगा आईपीएल शेड्यूल का ऐलान?

आईपीएल 2026 का आयोजन 26 मार्च से शुरू होकर 31 मई तक होगा. हालांकि, अभी टी20 लीग के शेड्यूल का ऐलान नहीं हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक आईपीएल मैचों के कार्यक्रमों का ऐलान तमिलनाडु, असम और बंगाल में इलेक्शन की तारीख के सामने आ जाने के बाद होगा.

कर्नाटक सरकार के कानून को लेकर डरी RCB

रिपोर्ट में कहा गया कि भले ही RCB ये दिखाने की कोशिश करे कि सबकुछ ठीक है और वो चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच कराना चाहती है. लेकिन ऐसा है नहीं. BCCI के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि कर्नाटक सरकार ने चिन्नास्वामी पर हुई घटना के बाद एक कानून पास किया है, जिसके मुताबिक जहां पर कोई बड़ा मैच या कार्यक्रम होता है और उस दौरान उसके आसपास कोई घटना घटती है तो उसका जिम्मेदार आयोजक होगा. ऐसा कहा जा रहा है कि RCB के मालिक इस बात से डरे हुए हैं.

RCB को इस मामले में MI से लेनी होगी NOC

रिपोर्ट के मुताबिक RCB अपने 5 मैच मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में कराना चाहती है. लेकिन, उसके लिए नियमों के मुताबिक उसे मुंबई इंडियंस से NOC लेनी होगी. अगर कोई फ्रेंचाइजी किसी दूसरे फ्रेंचाइजी के शहर में अपने मैच कराना चाहती है तो उसके लिए आईपीएल के नियमों के मुताबिक उसे NOC लेनी होती है. RCB का प्लान रायपुर में भी 2 मैच कराने का है.

इन शहरों में खेले जा सकते हैं आईपीएल मुकाबले

दिल्ली, लखनऊ, मुंबई (वानखेड़े), कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, न्यू चंडीगढ़, नवी मुंबई (डीवाई पाटिल), तिरुअनंतपुरम, हैदराबाद, धर्मशाला, विशाखापत्तनम, गुवाहाटी, जयपुर, बेंगलुरु, पुणे, रायपुर, रांची

पति जान ले लेंगे. सुनीता विलियम्स ने क्यों कहा ऐसा? भारत को लेकर…

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NASA की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स भारत आई हुई हैं. मंगलवार को दिल्ली में उन्होंने दिवंगत कल्पना चावला की 90 साल की मां मुलाकात की. दोनों ने इस मुलाकात में पुरानी यादों को ताजा किया.

भारत में जन्मी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री चावला उन सात क्रू मेंबर्स में से एक थीं, जिनकी फरवरी 2003 में स्पेस शटल कोलंबिया दुर्घटना में मौत हो गई थी, जब अंतरिक्ष यान पृथ्वी आने से पहले दुर्घटना का शिकार हो गया था.

सुनीता विलियम्स की जड़े भी भारत से जुड़ी हैं, उनके पिता गुजरात से आते हैं. मंगलवार को 60 साल की विलियम्स ने दिल्ली में अमेरिकन सेंटर में आयोजित ‘आंखें सितारों पर, पैर ज़मीन पर’ नाम के एक इंटरैक्टिव सेशन में हिस्सा लिया. जहां उन्होंने कहा भारत आना घर वापसी जैसा है.

भारत आना घर वापसी जैसा- सुनीता विलियम्स

इंटरैक्टिव सेशन में हिस्सा लेने के दौरान सुनीता विलियम्स ने अपनी करियर से जुड़ी कई खास बातें शेयर की. उन्होंने भारत के लिए कहा कि भारत आना उनके लिए घर वापसी जैसा हैं. उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उन्हें भारतीय कल्चर से रू-बा-रू कराया और वह भगवान गणेश में विश्वास रखती हैं.

वहीं भारत के चंद्रयान के बारे में सुनीता ने कहा कि वह इसको लेकर काफी आशावादी हैं और अमेरिका और भारत के स्पेस में बढ़ते सहयोग को भी सकारात्मक रूप में देखती हैं. उन्होंने उम्मीद जताई की भारतीय स्पेस एजेंसी जल्द ही बड़े और खास मिशन पूरा करेंगी.

चांद पर जाना चाहती हैं, लेकिन पति ‘मार’ देंगे!

सुनीता विलियम्स से जब चांद पर जाने की इच्छा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह चांद पर जाना चाहती हैं, लेकिन उनके पति उनकी जान ले लेंगे. उन्होंने कहा कि अब वह अपनी फैमिली को वक्त देना चाहती हैं और मां का ध्यान रखना चाहती हैं.

स्टारलाइनर मिशन में फंसने पर क्या बोली सुनीता?

सुनीता विलियम्स ने बोइंग के स्टारलाइनर पर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में अपने अप्रत्याशित रूप से 9.5 महीने लंबे मिशन के बारे में बात करते हुए, इस दावे को खारिज कर दिया कि वह फंस गई थीं और NASA ने उन्हें छोड़ दिया था. विलियम्स ने कहा कि क्रू के पास हमेशा घर लौटने का रास्ता था और उन्हें NASA के स्टेप-बाय-स्टेप सेफ्टी प्रोसेस पर भरोसा था.