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जैन मुनि को मिला खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता, अमेरिका से जाएंगे तेहरान… यह कार्यक्रम 4 और 5 जुलाई को तेहरान में होगा।

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जैन मुनि को मिला खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता, अमेरिका से जाएंगे तेहरान… यह कार्यक्रम 4 और 5 जुलाई को तेहरान में होगा।

“जैन संत और अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश मुनि को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का औपचारिक न्योता मिला, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।”

“जैन मुनि के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर निमंत्रण पत्र को पोस्ट कर लिखा गया, “ईरान सरकार के आमंत्रण पर शांतिदूत जैन आचार्य लोकेशजी अमेरिका से तेहरान पहुंचेंगे। आचार्य राष्ट्राध्यक्षों एवं वैश्विक नेताओं के साथ 3 जुलाई 2026 को तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसाल्ला कॉम्प्लेक्स में अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।”

पोस्ट के अनुसार जैन मुनि इस वक्त अमेरिका में हैं। इसमें आगे लिखा गया, “अमेरिका की शांति सदभाव यात्रा के दौरान गुरुदेव के “वी सपोर्ट पीस” अभियान को रिपब्लिक और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के नेताओं के अभूतपूर्व समर्थन के बाद तत्काल ईरान की यात्रा वैश्विक शांति की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।”

वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय की ओर से भेजे गए निमंत्रण पत्र में कहा गया, “भारत-ईरान के ऐतिहासिक रिश्तों को देखते हुए आचार्य लोकेश मुनि की मौजूदगी दोनों देशों के बीच गहरे सम्मान और मित्रता का प्रतीक होगी।”

ईरान की सरकारी मीडिया आईआरएनए के मुताबिक, अंतिम संस्कार में 1.2 करोड़ से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है। इस कारण पूरे तेहरान में सुरक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं। शहर में कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही भी सीमित रहेगी।”

“भारत सरकार का प्रतिनिधित्व बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा करेंगे।”

36 साल तक इस्लामिक रिपब्लिक के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को यूएस-इजरायल हमले में जान चली गई थी। यह घटना तेहरान पर हवाई हमलों के पहले दिन हुई थी। खामेनेई ने लंबे समय तक ईरान की राजनीति और शासन व्यवस्था को दिशा दी।”

ईरानी मीडिया के मुताबिक, अंतिम संस्कार की तैयारियों में कई बड़े धार्मिक आयोजन शामिल हैं। 7 जुलाई को पवित्र शहर कॉम में भी समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मशहद वही जगह है जहां खामेनेई का जन्म हुआ था।”

बैंकिंग सेक्टर में करियर तलाश रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर…

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बैंकिंग सेक्टर में करियर तलाश रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। दरअसल, इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (आईबीपीएस) ने कॉमन रिक्रूटमेंट प्रोसेस (सीआरपी) के तहत विभिन्न बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर्स/मैनेजमेंट ट्रेनीज के कुल 6,715 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके रिक्तियों की घोषणा की है।

आईबीपीएस ने जिन बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर/मैनेजमेंट ट्रेनी के हजारों पदों पर भर्ती निकाली है, उनमें बैंक ऑफ बड़ौदा के 1,900, बैंक ऑफ इंडिया के 500, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के 1,100, केनरा बैंक के 1,500, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 500, इंडियन ओवरसीज बैंक के 550, पंजाब नेशनल बैंक के 504 और पंजाब एंड सिंध बैंक के 161 पद शामिल हैं।

इन सभी रिक्तियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 21 जुलाई तय की गई है। ऐसे में जो उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपना रजिस्ट्रेशन फॉर्म जमा कर सकते हैं। वहीं, जिन अभ्यर्थियों से एप्लीकेशन फॉर्म भरते समय कुछ गलती हो जाएगी, उनके लिए फॉर्म को त्रुटि सुधार करने का विंडो रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद होने के 2 दिन बाद तक सक्रिय रहेगा।

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में प्रथम श्रेणी ग्रेजुएशन की डिग्री या केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कोई समकक्ष योग्यता होनी चाहिए।

आवेदकों की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना 1 जुलाई के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

योग्य अभ्यर्थियों का चयन ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा (ऑब्जेक्टिव टेस्ट), ऑनलाइन मुख्य परीक्षा (ऑब्जेक्टिव और डिस्क्रिप्टिव), व्यक्तित्व परीक्षण, सामान्य साक्षात्कार और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी 48,480 से 85,920 रुपए के बीच प्रति माह होगी। इसी के साथ कैंडिडेट्स को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे। वहीं, प्रारंभिक परीक्षा अगस्त में आयोजित होने की संभावना है।

एप्लीकेशन फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को अपने वर्ग अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस के लिए 850 रुपए और एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी के लिए 175 रुपए तय किया गया है।

आज से कार खरीदने वालों की जेब पर बढ़ेगा बोझ, Tata, Kia समेत कई कंपनियों ने बढ़ाई कीमतें…

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आज, 1 जुलाई 2026 से भारतीय बाज़ार में कार या SUV खरीदना काफी महंगा हो गया है।

भारत में कारों की बिक्री लगातार बढ़ रही है, जिसकी वजह से ऑटोमोबाइल कंपनियाँ अपनी नई गाड़ियों की कीमतें बढ़ा रही हैं; अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको झटका लग सकता है।

देश की कई ऑटोमोबाइल कंपनियों 

जिनमें टाटा मोटर्स से लेकर किआ इंडिया और MG मोटर शामिल हैं – ने अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत और महंगाई की वजह से यह कदम उठाना ज़रूरी हो गया है। आइए देखते हैं कि आज से किन गाड़ियों की कीमतें बढ़ी हैं।

टाटा मोटर्स की गाड़ियाँ महंगी हुईं

भारत में SUV बेचने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक, टाटा मोटर्स ने अपनी सभी गाड़ियों की कीमतों में 1.5% तक की बढ़ोतरी की है। खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी न सिर्फ़ पेट्रोल और डीज़ल कारों पर, बल्कि कंपनी की इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर भी लागू होगी। इसका मतलब है कि टाटा पंच, नेक्सॉन, हैरियर और सफारी जैसे लोकप्रिय मॉडल महंगे हो जाएँगे, और आपको पंच EV और नेक्सॉन EV खरीदने के लिए भी ज़्यादा पैसे खर्च करने होंगे। मॉडल और वैरिएंट के आधार पर कीमतें ₹30,000 से ₹45,000 तक बढ़ सकती हैं।

किआ की कारें भी महंगी होंगी

किआ, जो अपने बोल्ड, स्टाइलिश डिज़ाइन और प्रीमियम फ़ीचर्स के लिए जानी जाती है, ने भी अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने अपनी सभी गाड़ियों की कीमतों में 2% तक की बढ़ोतरी करने का फ़ैसला किया है।

इस फ़ैसले के बाद, लोकप्रिय मॉडल – जैसे कि किआ सेल्टोस (जो मिड-साइज़ SUV सेगमेंट में दबदबा रखती है), किआ सॉनेट (एक कॉम्पैक्ट SUV), और किआ कैरेंस (एक फ़ैमिली MPV) – अब ज़्यादा एक्स-शोरूम कीमतों पर उपलब्ध होंगे। कंपनी ने इस बढ़ोतरी की वजह इंटरनेशनल मार्केट में पार्ट्स की बढ़ती कीमतें और करेंसी में उतार-चढ़ाव को बताया है, जिससे प्रोडक्शन की लागत में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है।

MG मोटर ने उठाया बड़ा कदम

JSW MG मोटर इंडिया ने पहल करते हुए अपनी सभी गाड़ियों की कीमतों में 3% तक की बड़ी बढ़ोतरी की है। MG की ओर से 2026 में कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। इस फ़ैसले के बाद, MG Astor, Hector और Hector Plus जैसी पेट्रोल SUV – साथ ही कंपनी की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार Comet EV, हाल ही में लॉन्च हुई Windsor EV और फ़्लैगशिप SUV Gloster – की कीमतों में आज से काफ़ी बढ़ोतरी होगी।

 ” WhatsApp Web Login हुआ और आसान, QR Code के बिना भी लैपटॉप पर चला सकेंगे अपना अकाउंट…”

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WhatsApp कई शानदार फ़ीचर ला रहा है। हाल ही में, कंपनी ने यूज़रनेम फ़ीचर पेश किया है। अब, यह एक और फ़ीचर पर काम कर रही है जिससे लिंक्ड डिवाइस पर WhatsApp इस्तेमाल करने के लिए QR कोड स्कैन करने की परेशानी खत्म हो जाएगी।

पासकी-बेस्ड लिंकिंग फ़ीचर पर काम चल रहा है, जो पूरी प्रक्रिया को तेज़ और ज़्यादा सुरक्षित बना देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फ़ीचर सबसे पहले Android पर आएगा; iPhone के लिए इसकी उपलब्धता के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।

लिंक्ड डिवाइस के लिए अभी क्या प्रक्रिया है?

अभी, अगर आप अपने मोबाइल फ़ोन के अलावा लैपटॉप या डेस्कटॉप पर WhatsApp इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आपको QR कोड स्कैन करना पड़ता है। स्कैन पूरा होने के बाद ही आपका अकाउंट दूसरे डिवाइस पर लॉग इन होता है। अब, इस प्रक्रिया को बदलने की योजना है। नए फ़ीचर के साथ, यूज़र्स को QR कोड स्कैन करने की ज़रूरत नहीं होगी; इसके बजाय, वे दूसरे डिवाइस पर WhatsApp एक्सेस करने के लिए पासकी का इस्तेमाल कर सकेंगे। हालाँकि, यह फ़ीचर QR कोड वाले तरीके को पूरी तरह से नहीं हटाएगा, बल्कि यूज़र्स को एक अतिरिक्त और सुविधाजनक विकल्प देगा।

पासकी के क्या फ़ायदे हैं?

आइए पहले समझते हैं कि पासकी क्या है। पासकी आपके फ़ोन के इन-बिल्ट सिक्योरिटी फ़ीचर-जैसे फ़िंगरप्रिंट स्कैनिंग, फ़ेस अनलॉक या स्क्रीन लॉक-का इस्तेमाल करके आपकी पहचान वेरिफ़ाई करती है। पासकी को डिवाइस पर ही या पासवर्ड मैनेजर में स्टोर किया जा सकता है। एक बड़ा फ़ायदा यह है कि हमलावरों के लिए पासकी को बायपास करना बहुत मुश्किल होता है, जिससे हैकिंग से सबसे अच्छी सुरक्षा मिलती है।

नया फ़ीचर कैसे काम करेगा?

एक बार फ़ीचर उपलब्ध हो जाने पर, पासकी का इस्तेमाल करके डिवाइस को लिंक करने की कोशिश करने पर WhatsApp में एक कन्फर्मेशन रिक्वेस्ट आएगी। बस इस रिक्वेस्ट को आगे बढ़ाने से आपका डिवाइस लिंक हो जाएगा। हालाँकि, कुछ मामलों में, यूज़र्स से अतिरिक्त वेरिफिकेशन के लिए QR कोड स्कैन करने के लिए भी कहा जा सकता है, जिससे पता चलता है कि कंपनी QR कोड वाले तरीके को पूरी तरह से खत्म नहीं कर रही है। इस फ़ीचर का इस्तेमाल करने के लिए, यूज़र को अपने WhatsApp अकाउंट के लिए पासकी बनानी होगी। ऐसा करने के लिए, ऐप सेटिंग्स में जाएँ और ‘अकाउंट’ सेक्शन खोलें; वहाँ आपको पासकी का विकल्प मिलेगा। एक बार पासकी बन जाने के बाद, आप इसका इस्तेमाल डिवाइस को लिंक करने के लिए कर सकते हैं।

” यात्री वाहन बाजार” “मारुति सुजुकी इंडिया की बिक्री जून में 2 लाख यूनिट्स के पार…”

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भारत के यात्री वाहन बाजार के लिए जून का महीना काफी अच्छा रहा है। इस दौरान देश की बड़ी ऑटो मोबाइल कंपनियों ने मजबूत बिक्री दर्ज की है। इसमें मारुति सुजुकी इंडिया, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और हुंडई मोटर इंडिया का नाम शामिल है।

मारुति सुजुकी इंडिया ने जून में 2,00,390 यूनिट्स की बिक्री की है। इसमें घरेलू बाजार में बिक्री 1,50,150 यूनिट्स और निर्यात 41,768 यूनिट्स रहा है। इसमें से 7,472 यूनिट्स मारुति ने दूसरी वाहन कंपनियों को बेचे हैं।

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने जून में कुल 31,016 यूनिट की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल इसी महीने में हुई 28,869 यूनिट की बिक्री से 7 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की बिक्री में 28,441 घरेलू यूनिट्स और 2,575 यूनिट्स का निर्यात शामिल था।

कंपनी के प्रदर्शन पर टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के सेल्स-सर्विस-यूज्ड कार बिजनेस के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट सबरी मनोहर ने कहा कि कंपनी ग्राहकों की मांग पर ध्यान केंद्रित करने की अपनी नीति से मिली सकारात्मक गति से उत्साहित है। हाल ही में लॉन्च की गई नई इनोवा क्रिस्टा, जिसमें अपडेटेड स्टाइलिंग और डिजाइन एलिमेंट्स हैं, को उसकी अपील और वैल्यू प्रपोजिशन के लिए बाजार से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है।

हुंडई मोटर इंडिया ने जून 2026 में कुल 51,335 यूनिट्स की मासिक बिक्री दर्ज की, जिसमें घरेलू बाजार में बेची गई 39,635 यूनिट्स और निर्यात की गई 11,700 यूनिट्स शामिल हैं।

हुंडई मोटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ तरुण गर्ग ने कहा कि कंपनी ने यह बिक्री प्रदर्शन तब हासिल की जब उसके एक आपूर्तिकर्ता की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में आग लगने की घटना के कारण 13,900 यूनिट्स का प्रोडक्शन नुकसान हुआ, जिससे कुछ समय के लिए कंपोनेंट्स की सप्लाई बाधित हो गई थी। उन्होंने कहा कि हुंडई ने वैकल्पिक सोर्सिंग जगहों से पार्ट्स का इंतजाम किया और 22 जून 2026 से अपनी सभी फैसिलिटीज में सामान्य प्रोडक्शन बहाल कर दिया। कंपनी को उम्मीद है कि वह वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही के दौरान हुए प्रोडक्शन नुकसान की भरपाई कर लेगी।

 

” भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक” ” साझेदारी आर्थिक सहयोग और निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और नवाचार को बढ़ावा…”

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, आर्थिक और निवेश संबंधों को नई मजबूती देने पर रहेगा फोकस…

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को फ्रांस के आधिकारिक दौरे की शुरुआत की, जहां वह भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने, आर्थिक सहयोग को गहरा करने और निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगी।

इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम फ्रांस के ऐक्स-एन-प्रोवेंस में आयोजित होने वाला भारत-फ्रांस आर्थिक एवं वित्तीय संवाद (ईएफडी) होगा। इस बैठक की सह-अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त, औद्योगिक ऊर्जा और डिजिटल संप्रभुता मंत्री रोलैंड लेस्क्योर करेंगे।

इस संवाद के दौरान दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों की तलाश करेंगे और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे।

फ्रांस प्रवास के दौरान वित्त मंत्री कई वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगी। इसके अलावा वह शीर्ष उद्योगपतियों के साथ एक गोलमेज चर्चा (राउंडटेबल) में भी हिस्सा लेंगी।

इन बैठकों में भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, सरकार द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधार, बढ़ते निवेश अवसरों और दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

निर्मला सीतारमण ‘नई मध्यम वर्गीय आबादी के विकास को कैसे बढ़ावा दिया जाए’ विषय पर आयोजित एक विशेष पैनल चर्चा में भी भाग लेंगी। यह चर्चा लेस रेनकॉन्ट्रेंस इकोनॉमिक्स डी’ऐक्स-एन-प्रोवेंस के तहत आयोजित होगी, जिसे यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित वार्षिक आर्थिक और सार्वजनिक नीति मंचों में से एक माना जाता है।

इस सम्मेलन का आयोजन ले सर्कल डेस इकोनॉमिस्ट्स द्वारा किया जाता है, जिसमें विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री, केंद्रीय बैंक प्रमुख, उद्योगपति, अर्थशास्त्री, शिक्षाविद और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करते हैं।

अपने दौरे के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री कैडाराचे स्थित इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (आईटीईआर) परियोजना का भी दौरा करेंगी, जो दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु संलयन (न्यूक्लियर फ्यूजन) ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है, जिसमें भारत और फ्रांस सहित 30 से अधिक देश साझेदार हैं।

इसके अलावा, वह कैम्पस साइबर का भी दौरा करेंगी, जिसे फ्रांस का राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास केंद्र माना जाता है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा को मजबूत करने, डिजिटल अर्थव्यवस्था में नवाचार बढ़ाने और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान पर चर्चा होने की उम्मीद है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रोवेंस-आल्प्स-कोटे डी’अजूर (पीएसीए) क्षेत्र के अध्यक्ष रेनॉड मुसेलियर से भी मुलाकात करेंगी। इस बैठक में निवेश, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय आर्थिक साझेदारी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की जाएगी।

” छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस” समय बदला, नाम बदले, मगर शान वही, 2004 में मिला यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा…”

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भारत की विरासत सिर्फ इतिहास की किताबों में नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों, हमारी मिट्टी और हमारे किलों की दीवारों में आज भी जिंदा है। यह वो धरती है, जहां हर हर किला और हर इमारत कोई कहानी कहती है।

यह गाथा होती है वीरता, आत्मसम्मान और संस्कृति की। इसी अमिट गाथाओं में से एक है, मुंबई का छत्रपति शिवाजी टर्मिनस।

छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के लिए 2 जुलाई 2004 की तारीख सबसे अहम मायने रखती है, क्योंकि इस दिन छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन को यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति की ओर से विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था। पूरी इमारत का ढांचा आज भी वैसा ही है जैसा पहले था। इसका बाहरी हिस्सा, बाहर से दिखने वाला रूप और इस्तेमाल का तरीका ओरिजिनल है।

एक दौर था, जब मुंबई में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को विक्टोरिया टर्मिनस स्टेशन के रूप में जाना जाता था। यह इमारत भारत में विक्टोरियन गोथिक वास्तुकला के पुनरुद्धार का एक शानदार उदाहरण है, जिसमें भारतीय पारंपरिक वास्तुकला से प्रेरित तत्वों का मिश्रण है।

यह दो संस्कृतियों के संगम का भी बेहतरीन उदाहरण है, क्योंकि ब्रिटिश वास्तुकारों ने भारतीय शिल्पकारों के साथ मिलकर भारतीय वास्तुकला की परंपरा और शैलियों को शामिल किया, इस प्रकार मुंबई के लिए एक नई अनूठी शैली का निर्माण किया। इसका शानदार पत्थर का गुंबद, बुर्ज, नुकीले मेहराब और बारीक नक्काशी, इटैलियन गोथिक और भारतीय महल वास्तुकला, दोनों की झलक दिखाते हैं।

यह उपमहाद्वीप का पहला टर्मिनस स्टेशन था। मुंबई शहर के दक्षिणी हिस्से में स्थित इस स्टेशन का उद्घाटन 20 जून 1887 को ब्रिटिश महारानी विक्टोरिया के राज्याभिषेक की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर किया गया था। इसका निर्माण ब्रिटिश इंजीनियर फ्रेडरिक विलियम स्टीवंस की देखरेख में पूरा हुआ था। नए ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ की रिपोर्ट कहती है कि स्टेशन को बनाने में 10 साल लगे और कुल 260,000 स्टर्लिंग पाउंड का खर्च आया।

भारत की पहली ट्रेन 1853 में ठाणे और बोरीबंदर के बीच चली थी। 1853 से 1887 तक इस स्टेशन को बोरीबंदर स्टेशन के नाम से जाना जाता था। 1887 से 1996 तक इसका नाम विक्टोरिया टर्मिनस था और फिर 1996 से 2017 तक इसका नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस कर दिया गया। 2017 में, इसे इसका मौजूदा नाम ‘छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस’ मिला।

 ” पूरे देश में लागू हुई VB-G RAM G योजना, मजदूरी की दर, पात्रता और फायदे…”

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आज, 1 जुलाई से, देश भर में नई ग्रामीण रोज़गार योजना – ‘विकसित भारत गारंटी फॉर एम्प्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड मिशन (ग्रामीण) एक्ट 2025’ (VB-G RAM G) – पूरी तरह से लागू हो गई है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के ज़मीनी स्तर पर लागू होने से, यह लंबे समय से चल रही MGNREGA व्यवस्था से काफी बेहतर नज़र आ रही है। इस योजना के तहत मज़दूरों को मिलने वाली दिहाड़ी तो बढ़ी ही है, साथ ही साल भर मिलने वाले काम के दिनों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। आइए, इसके बारे में और जानते हैं।

हाथ में ज़्यादा मज़दूरी

केंद्र सरकार द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन के अनुसार, ग्रामीण मज़दूरों की औसत दिहाड़ी में 10 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी की गई है। जहाँ पहले MGNREGA के तहत देश भर में मज़दूरों को औसतन ₹298.8 प्रतिदिन मिलते थे, वहीं G RAM G योजना के तहत यह राशि अब बढ़कर ₹327.4 प्रतिदिन हो गई है। इसका मतलब है कि मज़दूरों को अब काम के हर दिन औसतन ₹28.6 ज़्यादा मिलेंगे। यह नई दर देश के सभी 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू कर दी गई है।

नई योजना के तहत कितने दिन का काम

इस नई योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका कानूनी ढांचा है। नए कानून के तहत, पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना रोज़गार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसका मतलब है कि मज़दूरों को अब 25 दिन का अतिरिक्त काम मिलेगा। इसके अलावा, सरकार ने देश भर में ₹300 प्रतिदिन की न्यूनतम मज़दूरी सीमा तय की है। इसका मतलब है कि देश के किसी भी हिस्से में किसी मज़दूर को ₹300 से कम का भुगतान नहीं किया जा सकता।

राज्यों को कितना फ़ायदा?

मंत्रालय के अनुसार, 21 राज्यों में मज़दूरी को ₹300 की नई न्यूनतम सीमा तक बढ़ाने के लिए उसमें बढ़ोतरी की गई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मौजूदा मज़दूरी दरों में 15% से 25% तक की उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में हुई है, जहाँ मज़दूरी दरों में लगभग 24.5% की वृद्धि हुई है। इस बदलाव से इन राज्यों के पिछड़े ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार होने की उम्मीद है।

हरियाणा और सिक्किम में कमाई

इस स्कीम के तहत मज़दूरी में बढ़ोतरी उन राज्यों में भी लागू की गई है जहाँ मज़दूरी की दरें पहले से ही ज़्यादा थीं। नई दरें लागू होने के बाद, मज़दूरों की रोज़ाना की कमाई हरियाणा में ₹409, गोवा में ₹406, केरल में ₹401 और सिक्किम के पहाड़ी इलाकों में ज़्यादा से ज़्यादा ₹450 होगी। सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹95,692.31 करोड़ की बड़ी अंतरिम राशि भी जारी की है।

cg’  नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना से बालिकाओं की शिक्षा को मिली नई रफ्तार…”

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” शासन की नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना जिले की बालिकाओं के लिए शिक्षा की राह को आसान बना रही है।”

इस योजना के माध्यम से छात्राओं को विद्यालय आने-जाने के लिए नि:शुल्क सायकल उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति बढऩे के साथ-साथ आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हो रही है।

पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालय राजनांदगांव में अध्ययनरत कक्षा 9वीं की छात्रा साधना साहू ने बताया कि उन्हें योजना के अंतर्गत नि:शुल्क सायकल मिली है।

साधना ने बताया कि वे वार्ड क्रमांक 1 बजरंगपुर नवागांव से विद्यालय आती हैं। पहले उन्हें स्कूल आने के लिए ऑटो का इंतजार करना पड़ता था या अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय पर विद्यालय पहुंचने में कठिनाई होती थी।

अब सायकल मिलने से वे बिना किसी परेशानी के समय पर स्कूल पहुंच सकेंगी और पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे पाएंगी। इसी विद्यालय की कक्षा 9वीं की छात्रा पूजा भिमनानी ने भी योजना के अंतर्गत नि:शुल्क सायकल प्राप्त की है।

उन्होंने कहा कि यह योजना बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। सायकल मिलने से विद्यालय आने-जाने की सुविधा आसान हो गई है, जिससे नियमित रूप से अध्ययन करने में मदद मिलेगी।

विद्यालय की अन्य छात्राओं खुशबू साहू एवं लता साहू को भी नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना का लाभ मिला है। छात्राओं ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना न केवल उनकी शिक्षा को गति दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी दे रही है।

नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना बालिकाओं के लिए केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ाया गया एक सशक्त कदम है। यह योजना शिक्षा तक आसान पहुंच सुनिश्चित कर बालिकाओं के सपनों को नई उड़ान देने का कार्य कर रही है।

cg” व्यापारिक संगठनों की शिकायतों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी के विरूद्ध जांच समिति गठित…”

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिले के विभिन्न व्यापारी एवं व्यावसायिक संगठनों द्वारा अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री तरूण बिरला के कार्य व्यवहार एवं कार्यप्रणाली को लेकर प्रस्तुत शिकायतों के आधार पर जांच समिति का गठन किया है।

प्राप्त जानकारी अनुसार छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज, थोक किराना व्यापारी संघ, होटल हलवाई संघ, फूड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सहित अन्य व्यापारी संगठनों द्वारा अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री तरूण बिरला के कार्यप्रणाली के कारण व्यापारियों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अनावश्यक रूप से प्रताडि़त एवं परेशान करने की शिकायत की गई है। साथ ही व्यापारिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे के संबंध में आरोप लगाए गए है।

कलेक्टर ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित किया है। जांच समिति द्वारा प्राप्त शिकायतों में लगाए गए आरोपों की बिंदुवार जांच करते हुए संबंधित पक्षों के कथन एवं उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण किया जाएगा तथा तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन, स्पष्ट अभिमत एवं आवश्यक अनुशंसाओं सहित 7 दिवस के भीतर कार्यालय कलेक्टर राजनांदगांव में प्रस्तुत करने निर्देशित किए गए है।