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‘हम दुनिया को…’, रिपब्लिक डे पर EU चीफ ने भारत को लेकर क्या कहा…

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भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर अंतिम मुहर लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठता दिख रहा है. इसी क्रम में भारत दौरे पर पहुंचीं यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने रविवार को अहम बयान देते हुए कहा कि भारत और यूरोप ने रणनीतिक साझेदारी, संवाद और खुलेपन का स्पष्ट विकल्प चुना है.

उन्होंने इस प्रस्तावित समझौते को दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बताया.

रणनीतिक साझेदारी का स्पष्ट संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली शिखर वार्ता से पहले वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोप की यह साझेदारी पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश दे रही है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘भारत और यूरोप ने एक स्पष्ट विकल्प चुना है,रणनीतिक साझेदारी, संवाद और खुलेपन का विकल्प. अपनी ताकतों का लाभ उठाना और आपसी समझ बनाना. हम एक विभाजित दुनिया को दिखा रहे हैं कि यह रास्ता भी संभव है.’

गणतंत्र दिवस समारोह में EU के शीर्ष नेता होंगे मुख्य अतिथि

गौरतलब है कि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा सोमवार को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. वहीं एंटोनियो कोस्टा ने भारत को यूरोपीय संघ का एक अहम साझेदार बताया. यूरोपीय संघ के एक संक्षिप्त बयान में कोस्टा के हवाले से कहा गया, ‘साथ मिलकर हम नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करने की क्षमता और जिम्मेदारी साझा करते हैं.

जयशंकर ने जताई नई शुरुआत की उम्मीद

इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को यूरोपीय संघ के दोनों शीर्ष नेताओं से मुलाकात की. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करेगा. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है. 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में पाकर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी आगामी चर्चा भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करेगी.

सभी समझौतों की जननी

इससे पहले 20 जनवरी को दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान भी वॉन डेर लेयेन ने इस प्रस्तावित समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ एक ऐसे ऐतिहासिक व्यापार समझौते की दहलीज पर हैं, जिससे दो अरब लोगों का विशाल बाजार बनेगा और जो वैश्विक जीडीपी के लगभग एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगा. उन्होंने इस समझौते को ‘सभी समझौतों की जननी’ करार दिया था.

136 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार

उल्लेखनीय है कि बीते कुछ वर्षों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध लगातार मजबूत हुए हैं. यूरोपीय संघ, एक समूह के रूप में, वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच कुल वस्तु व्यापार लगभग 136 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें करीब 76 अरब डॉलर का निर्यात और लगभग 60 अरब डॉलर का आयात शामिल है.