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स्टॉक मार्केट! सेंसेक्स 75,502 अंकों के पार, इन कारणों से बाजार ने पकड़ी रफ्तार…

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अगर बात आंकड़ों की करें तो Sensex 939 अंक, या 1.26% बढ़कर 75,502.85 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 258 अंक, या 1.11% की बढ़त के साथ 23,408.80 पर सेटल हुआ.

दिन के निचले स्तर 73,949.76 से, सेंसेक्स 1,553 अंक ऊपर उछला, जबकि Nifty 50 अपने इंट्राडे निचले स्तर 22,955.25 से 450 से ज़्यादा अंक, या लगभग 2 फीसदी ऊपर चढ़ा. हालांकि, यह बढ़त हर तरफ दिखाई नहीं दी. BSE 150 Midcap इंडेक्स 0.42% की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि BSE 250 Smallcap इंडेक्स 0.47% नीचे गिरा. सेक्टोरल इंडेक्स में, निफ्टी बैंक 1.22 फीसदी चढ़ा, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज़ इंडेक्स में 1.50% की उछाल देखने को मिली. निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.24% ऊपर बंद हुआ. मिड- और स्मॉल-कैप सेगमेंट में गिरावट की वजह से, BSE में लिस्टेड शेयरों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन मात्र 45,486.92 करोड़ रुपए का मामूली इजाफा देखने को मिला.

Sensex और Nifty 50 में क्यों आई तेजी?

HDFC Bank, ICICI Bank, Reliance और SBI जैसे बड़े शेयरों में खरीदारी की वजह से मार्केट बेंचमार्क ऊपर चढ़े. निवेशकों ने अच्छी क्वालिटी वाले बड़े शेयरों को खरीदा. हाल की बड़ी गिरावटों ने उनकी कीमतें कम कर दी थीं, जिससे एंट्री का एक अच्छा मौका मिला. Geojit Investments के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा कि इक्विटी मार्केट में सेशन के आखिर में रिकवरी देखने को मिली. इसे ऑटो, बैंकिंग और FMCG जैसे घरेलू सेक्टरों में वैल्यू बाइंग का सहारा मिला. यह हाल की बिकवाली के बाद आई एक राहत भरी तेज़ी थी. नायर ने बताया कि मार्केट के लिए, नजदीकी समय में चुनौतियां बनी हुई हैं, भले ही वैल्यूएशन कुछ कम हुए हैं, जिससे कई अहम सेक्टरों में प्रीमियम वैल्यूएशन का अंतर कम हुआ है.

नायर ने कहा कि आने वाले दिनों में निवेशकों का मूड Strait of Hormuz में होने वाले घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा. वहां सप्लाई चेन में रुकावटों में कोई भी कमी आने से मार्केट को और सहारा मिल सकता है. हालांकि, तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जिससे पूरे मार्केट की दिशा पर दबाव बना हुआ है. अमेरिका-ईरान वॉर के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपए की कमजोरी और विदेशी पूंजी का बाहर जाना घरेलू बाज़ार के लिए मुख्य चुनौतियां बनी हुई हैं, और बाजार में कोई भी उछाल थोड़े समय के लिए ही रह सकता है.

रुपए में गिरावट, कच्चे तेल में उछाल

PTI द्वारा जारी शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को भारतीय रुपया 12 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.42 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ. ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ही ट्रेड कर रहा है, और मध्य-पूर्व की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, ऐसा नहीं लगता कि तेल की कीमतें जल्द ही कम होंगी.