स्वामी विवेकानंद स्कूल खुलने से शिक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी’

छत्तीसगढ़ में 150 नए स्वामी विवेकानंद स्कूल खुलेंगे. हर ब्लॉक में एक विवेकानंद स्कूल होगा. इन नए स्कूलों को अत्याधुनिक बनाया जाएगा. इसमें स्मार्ट भवन, लैब और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं होंगी.
वहीं कंप्यूटर के लिए भी विशेष सुविधाएं दी जाएंगी. इन स्कूलों के लिए करीब 100 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति दी गई है. राज्य में वर्तमान में 751 आत्मानंद स्कूल और 343 पीएम श्री स्कूल हैं. ऐसे में स्वामी विवेकानंद स्कूल खुलने से शिक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी.
इन स्कूलों को ग्रामीण ब्लॉक में विकसित करने की योजना है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गांवों के छात्रों को भी शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके.
छत्तीसगढ़ विधानसभा में पिछले माह स्कूल शिक्षा विभाग का 22466 करोड़ रुपये का बजट पारित हुआ था, जिससे उम्मीद लगाई जा रही है कि जल्द राज्य में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.
सरकार ने पहली क्लास से योग और वैदिक गणित को पढ़ाने का निर्णय लिया. इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करने की घोषणा भी इस बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा रही थी.
इन योजनाओं का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ सरकारी स्कूलों की छवि को मजबूत करना है. बजट के प्रावधानों से राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा की शुरुआत होने जा रही है.
राजनीतिक दृष्टि से भी शिक्षा विभाग का बजट महत्वपूर्ण माना जा रहा है. शिक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश के जरिए राज्य सरकार यह संदेश देना चाहती है कि प्रदेश में शिक्षा सुधार उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है.
ग्रामीण क्षेत्रों में उत्कृष्ट स्कूल खोलने का फैसला उन इलाकों के छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जहां अब तक प्राइवेट स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों की सुविधाएं सीमित रही हैं.
डिजिटल मार्कशीट और ऑनलाइन ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसी व्यवस्थाएं भी प्रशासनिक पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश मानी जा रही हैं.



