वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को ग्राहकों के लिए एक सलाह जारी की, जिसमें कहा गया कि बीमा से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए कंपनी या फिर आईआरडीएआई से संपर्क किया जा सकता है।
सलाह में आगे कहा गया कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने पॉलिसीधारकों की समस्याओं के समाधान के लिए सख्त और समयबद्ध प्रक्रिया निर्धारित की है। अनुचित दावा अस्वीकृति, देरी, गलत तरीके से बीमा पॉलिसी बेचने (मिस-सेलिंग) या सेवा से जुड़ी अन्य समस्याओं का सामना करने वाले ग्राहकों को एक निर्धारित शिकायत निवारण प्रक्रिया का पालन करने को कहा गया है। यह प्रक्रिया सबसे पहले बीमा कंपनी के स्तर से शुरू होती है और इसके बाद आईआरडीएआई के ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल तक पहुंचती है।
बीमा कंपनी का शिकायत निवारण अधिकारी (जीआरओ) शिकायतों से निपटने के लिए नोडल अधिकारी होता है। बीमा कंपनी के प्रत्येक कार्यालय के लिए अपने अधिकारियों में से एक को शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करना अनिवार्य है। प्रत्येक बीमा कंपनी द्वारा गठित पॉलिसीधारक संरक्षण, शिकायत निवारण और दावों की निगरानी समिति (पीपीजीआर और सीएम कमोटी), शिकायतों के प्रभावी और कुशल निवारण को सुनिश्चित करने वाली बोर्ड-स्तरीय समिति है।
बयान में कहा गया है कि बीमा कंपनी को डिजिटल माध्यम, सीधे पत्राचार या कॉल सेंटर के जरिए प्राप्त हर शिकायत को अपने शिकायत प्रबंधन सिस्टम (सीएमएस) में दर्ज करना होता है। बीमा कंपनियों के शिकायत प्रबंधन सिस्टम और ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल आपस में एकीकृत हैं। बीमा कंपनियों को शिकायत की तत्काल पुष्टि करनी होती है और 14 दिनों के भीतर उसका समाधान उपलब्ध कराना होता है।
शिकायतकर्ता ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल पर लॉग इन करके अपनी शिकायत दर्ज करने के साथ-साथ उसके निवारण की स्थिति की निगरानी भी कर सकते हैं। यह आईआरडीएआई द्वारा संचालित एक एकीकृत पोर्टल है, जिसके माध्यम से पूरे बीमा उद्योग में पॉलिसीधारकों की शिकायतों की निगरानी की जाती है। बीमा कंपनियों के खिलाफ शिकायत रखने वाले पॉलिसीधारकों को सबसे पहले संबंधित बीमा कंपनी के शिकायत/शिकायत निवारण प्रकोष्ठ से संपर्क करना होता है।
अगर बीमा कंपनी से उचित समय के भीतर कोई जवाब नहीं मिलता है या कंपनी के जवाब से पॉलिसीधारक संतुष्ट नहीं है, तो वह आईआरडीएआई के पॉलिसीधारक संरक्षण एवं शिकायत निवारण विभाग के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ से संपर्क कर सकता है। पॉलिसीधारक आईआरडीएआई के आधिकारिक ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं।
इसके अलावा, नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 155255 या 1800-4254-732 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतें आईआरडीएआई की आधिकारिक ईमेल के जरिए भी भेजी जा सकती हैं। डाक से भेजी गई शिकायतें या ईमेल के माध्यम से प्राप्त शिकायतें भी ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल में दर्ज की जाती हैं। प्राधिकरण द्वारा संचालित कॉल सेंटर बहुभाषी सहायता प्रदान करता है और 12 भाषाओं में काम करता है।



