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छत्तीसगढ़ के 11 लोकसभा क्षेत्र में से एक राजनांदगांव लोकसभा सीट हाई हाइप्रोफाइल सीटों में एक है। ये मुद्दे तय करेंगे भाजपा-कांग्रेस की जीत-हार..

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छत्तीसगढ़ के 11 लोकसभा क्षेत्र में से एक राजनांदगांव लोकसभा सीट हाई हाइप्रोफाइल सीटों में एक है। छत्तीसगढ़ में पिछले दो लोकसभा चुनाव के आंकड़ों को देखें तो बीजेपी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। 2014 में बीजेपी ने यहां 9 और 2019 में 10 सीटें जीती थी। इन सबके बीच बात करें दूसरे चरण में होने जा रहे मतदान की तो 26 अप्रैल को राजनांदगांव, महासमुंद और कांकेर (ST) सीट पर मतदान होगा। इस लोकसभा में धर्मांतरण बनेगा बड़ा मुद्दा!

ये मुद्दे तय करेंगे भाजपा-कांग्रेस की जीत-हार

बीजेपी का गढ़ है राजनांदगांव; राजनांदगांव सीट बीजेपी का गढ़ कही जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि साल 1999 से पांच बार बीजेपी इस सीट पर जीत दर्ज कर चुकी है। बता दें कि यहां कुल 15 प्रत्याशी मैदान पर हैं। एक तरफ जहां इस बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मैदान में उतारा है तो वहीं बीजेपी ने यहां अपने मौजूदा सांसद संतोष पांडे पर ही भरोसा जताया है।

18,69,229 मतदाता करेंगे वोट : कुल मतदाता- 18,69,229 हैं। जिसमें पुरुष – 9,29,669, महिला – 9,38,334, अन्य- 08 मतदाता है। वहीं, 2330 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जनगणना 2011 के अनुसार लोकसभा क्षेत्र में जातिगत देखें तो लगभग 15.7% साहू , 7.1% यादव, 4.9% वर्मा, 4.9% पटेल व इसके बाद सभी जातियां है।

चुनावी मुद्दें : लोकसभा क्षेत्र के पिछली रिकार्ड को देखा जाय तो जातिगत मुद्दे यहां हावी नही रहते हैं। 8 विधानसभा क्षेत्र के राजनांदगांव लोकसभा में कांग्रेस से भूपेश बघेल व भाजपा से वर्तमान सांसद संतोष पांडे के बीच सीधा मुकाबला है। महतारी वंदन, भूपेश बघेल के शासनकाल में राजनांदगांव की उपेक्षा, हिंदुत्व व नरेंद्र मोदी के नाम पर ही वोट पडे़गा। स्थानीयता व दोनों ही पार्टियों में भीतरघात जीत- हार के एक और कारण हो सकते हैं.

Lok Sabha Elections 2024: ‘हम हिंदुस्तान में करोड़ों लखपति बनाएंगे’, राहुल गांधी…

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Lok Sabha Elections 2024: ‘हम हिंदुस्तान में करोड़ों लखपति बनाएंगे’, राहुल गांधी…

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि ‘महालक्ष्मी योजना’ और ‘अप्रेंटिसशिप’ (प्रशिक्षुता) का उनकी पार्टी का वादा करोड़ों ‘लखपति’ बनाकर देश का चेहरा बदल देगा. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य गरीबों, महिलाओं और युवाओं का उत्थान करना है. राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के अमरावती जिले में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में कोई ताकत भारत के संविधान को नहीं बदल सकती. विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में किए गए विभिन्न वादों में ‘महालक्ष्मी योजना’ और प्रशिक्षुता के अधिकार को सूचीबद्ध किया है.

‘खाते में ठकाठक, ठकाठक आएगा पैसा’

कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के 10 साल के शासनकाल में 22-25 लोग अरबपति बन गए, वहीं यदि ‘इंडिया’ गठबंधन सरकार में आता है तो करोड़ों लखपति बनाएगा. उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी ने 25 लोगों को अरबपति बनाया- हम हिंदुस्तान में करोड़ों लखपति बनाएंगे. साल के 1 लाख रु, महीने के 8,500 सीधा गरीब महिलाओं और शिक्षित युवाओं के खातों में- ठकाठक, ठकाठक.’

‘भाजपा चाहती है संविधान बदलना’

उन्होंने दावा किया कि भाजपा संविधान बदलना चाहती है क्योंकि वह नहीं चाहती कि देश की 90 प्रतिशत आबादी को उनकी वास्तविक क्षमता पता चले जिनमें पिछड़े, आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक शामिल हैं. गांधी ने कहा, ‘दुनिया में कोई भी ताकत संविधान को नहीं बदल सकती. हैरानी होती है कि भाजपा को ऐसा करने के बारे में सोचने का हौसला भी कहां से मिलता है.’

‘हम करोड़ों लोगों को लखपति बना देंगे’

राहुल गांधी ने कहा कि ‘महालक्ष्मी योजना’ का उद्देश्य गरीब महिलाओं को हर साल एक लाख रुपये प्रदान करना है, वहीं प्रशिक्षुता का अधिकार प्रदान करने का उद्देश्य स्नातक और डिप्लोमा धारकों को प्रशिक्षु के रूप में एक साल की नौकरी पाने में सक्षम बनाना और उनके बैंक खातों में एक लाख रुपये डालना है. उन्होंने कहा, ‘देश का चेहरा बदल देंगे और करोड़ों लोगों को लखपति बना देंगे.’

कांग्रेस धर्म के आधार पर लागू करना चाहती है आरक्षण’, PM मोदी बोले- ‘ये OBC के लिए खतरे की घंटी…

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‘कांग्रेस धर्म के आधार पर लागू करना चाहती है आरक्षण’, PM मोदी बोले- ‘ये OBC के लिए खतरे की घंटी’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को मध्य प्रदेश में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जोरदार प्रहार किया. उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम जातियों को एक ही श्रेणी में रखकर कर्नाटक में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण कम करने का आरोप लगाया और दावा किया कि वह इसे पूरे देश में दोहराने की योजना बना रही है. मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक चुनावी रैली में उन्होंने विपक्षी दल को ओबीसी का सबसे बड़ा दुश्मन करार दिया. पीएम मोदी ने दावा किया कि अतीत में, कांग्रेस ने धर्म के आधार पर आरक्षण प्रदान किया था जिसकी देश का संविधान अनुमति नहीं देता है. ‘कांग्रेस ओबीसी की सबसे बड़ी दुश्मन’ उन्होंने कहा, ‘एक बार फिर कांग्रेस ने सभी मुस्लिम जातियों को ओबीसी के साथ रखकर पिछले दरवाजे से कर्नाटक में धर्म के आधार पर आरक्षण दिया है. ऐसा करके उसने ओबीसी समुदाय से आरक्षण का एक बड़ा हिस्सा छीन लिया है. कांग्रेस इस खतरनाक खेल में शामिल हो गई है जो आपकी (आने वाली) पीढ़ियों को नष्ट कर देगी. वह ओबीसी की सबसे बड़ी दुश्मन है.’ ‘धर्म के आधार पर किसी को आरक्षण नहीं’ उन्होंने कहा कि 2004 में कांग्रेस ने संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर की पीठ में छुरा घोंपकर धर्म के आधार पर आरक्षण दिया. उन्होंने कहा, ‘हमारा संविधान साफ कहता है कि धर्म के आधार पर किसी को आरक्षण नहीं दिया जाएगा. बाबा साहेब आंबेडकर स्वयं धर्म के आधार पर आरक्षण के विरोधी थे, लेकिन कांग्रेस ने वर्षों पहले धर्म के आधार पर आरक्षण देने का खतरनाक संकल्प लिया और संकल्प को पूरा करने के लिए वह तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है.’ पीएम मोदी ने कहा कि कर्नाटक में पार्टी ने पिछले दरवाजे से गैर कानूनी तरीके से ऐसा आरक्षण मुहैया कराया और ओबीसी समाज के साथ ‘गुनाह’ किया है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इसके लिए मुसलमानों की सभी जातियों को ओबीसी कोटा (आरक्षण) में डाल दिया. ऐसा करके कांग्रेस ने ओबीसी समाज का बड़ा हिस्सा छीन लिया और धर्म के आधार पर दूसरों को दे दिया.’ ‘ये खतरनाक खेल आपकी पीढ़ी को खत्म कर देगा’ मोदी ने दावा किया, ‘कांग्रेस यही फार्मूला पूरे देश में लागू करना चाहती है. ये खतरनाक खेल आपकी पीढ़ी को खत्म कर देगा. कांग्रेस ओबीसी समुदाय की सबसे बड़ी दुश्मन है. कांग्रेस ने सामाजिक न्याय की हत्या की है, संविधान की भावना का उल्लंघन किया है और बाबा साहेब का घोर अपमान किया है.’ ‘इनहेरिटेंस टैक्स लेगी कांग्रेस’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज कांग्रेस का हिडेन एजेंडा बाहर आया है. आज कांग्रेस ने कहा है कि वह इनहेरिटेंस टैक्स लेगी. मेहनत करके, मुसीबतों को झेल कर जो सं​पत्ति आपने बचाई है, कांग्रेस सरकार बनने के बाद वह आपसे लूट लेगी. कांग्रेस, भारत के सामाजिक मूल्यों और भारत के सामाज की भावनाओं से कितना कट चुकी है. कांग्रेस को पारिवारिक मूल्यों का अंदाजा नहीं रहा है.’ कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा, ‘कुछ दिन पहले तेलंगाना के सीएम ने कहा था कि वह मुसलमानों को आरक्षण देंगे. कांग्रेस अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. देश की जनता की संपत्ति छीनकर अपना वोट बैंक मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी, अगर किसी के पास एक से अधिक कार, मोटरसाइकिल, एक मकान है तो कांग्रेस कहती है कि हम ऐसा कानून बनाएंगे कि कांग्रेस सरकार उसे छीन लेगी. वे ऐसा कानून लाएंगे कि आप केवल एक ही घर रख सकेंगे.’

‘शराब कंपनियों से लालू यादव को मिला करोड़ों का चंदा’, इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर JDU का दावा…

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‘शराब कंपनियों से लालू यादव को मिला करोड़ों का चंदा’, इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर JDU का दावा…

देशभर में चुनाव का माहौल है इस बीच नेताओं की ओर से बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. बुधवार (24 अप्रैल) को जेडीयू प्रदेश कार्यालय में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार (JDU Neeraj Kumar) और राष्ट्रीय सचिव राजीव रंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. दोनों नेताओं ने इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर बड़ा दावा किया है. जेडीयू नेताओं ने लालू यादव (Lalu Yadav) पर शराब कंपनियों से करोड़ों का चंदा लेने का आरोप लगाया है. नीरज कुमार ने कहा, “तेजस्वी यादव के पिता लालू प्रसाद यादव ह्यूमन चेन एवं शराबबंदी की शपथ में शामिल होते हैं और शराब कंपनियों से करोड़ों का चंदा लेते हैं. जुलाई 2023 से जनवरी 2024 तक आरजेडी को कुल 70 करोड़ रुपये का इलेक्ट्रोल बॉन्ड आया. आरजेडी ने 46 करोड़ 64 लाख रुपये शराब कंपनियों से इलेक्ट्रोल बॉन्ड के रूप में चंदा लिया. शराब व्यापारियों से क्या डील हुई थी यह तेजस्वी को बताना चाहिए. ये शराब की कंपनी बंगाल की थी जिनसे आरजेडी को करोड़ों का एलेक्ट्रोरेल बांड मिला था.” आगे जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी शराब कंपनियों के साथ लुकाछिपी का खेल खेल रहे थे. तेजस्वी यादव बताएं कि शराब कंपनियों से बिहार में शराब खुलवाने के नाम पर कितने की डील हुई थी? 2023-24 में जिस शराब कंपनी का प्रॉफिट 13.78 करोड़ है वह आरजेडी को 46 करोड़ चंदा दे रही है. शराबबंदी कानून मानव सूचकांक को बेहतर बनाने के लिए बनाया गया है, लेकिन तेजस्वी यादव ने महिला, युवाओं के हितों की अनदेखी करते हुए शराब कंपनियों से डील की. ‘…नहीं तो जेडीयू की ओर से किए जाएंगे और खुलासे’ वहीं राजीव रंजन ने कहा कि 12 अप्रैल 2019 से जनवरी 2024 तक जेडीयू को केवल 14 करोड़ इलेक्टोरल बॉन्ड के रूप में मिले. तेजस्वी बताएं कि आखिर शराब कंपनियों ने उन्हें यह चंदा क्यों दिया नहीं तो इस मामले में आगे और खुलासे जेडीयू की ओर से किए जाएंगे.

Lok Sabha Elections 2024: यूपी में दूसरे चरण के लिए मतदान होना है, बीजेपी के खिलाफ विपक्ष ने बदली रणनीति?

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Lok Sabha Elections 2024: यूपी में दूसरे चरण के लिए मतदान होना है, बीजेपी के खिलाफ विपक्ष ने बदली रणनीति?

लोकसभा चुनाव में बीजेपी पूरे आक्रामक अंदाज के साथ विरोधी दलों पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर तमाम बड़े नेता राम मंदिर और सनातन धर्म को लेकर बयान दे रहें हैं. पीएम मोदी ने राजस्थान की रैली में अल्पसंख्यकों को लेकर जो बयान दिया उसे भी ध्रुवीकरण की राजनीति से जोड़कर ही देखा जा रहा है लेकिन इन तमाम बातों का जवाब देने के लिए विपक्ष नई रणनीति के साथ दिख रहा है. यूपी में पहले चरण की आठ लोकसभा सीटों पर वोटिंग हो चुकी है और शुक्रवार को दूसरे चरण के लिए मतदान होना है. इन सीटों पर अल्पसंख्यक वोटर्स अहम भूमिका निभाते हैं ऐसे में बीजेपी के चुनाव प्रचार में हिंदू, सनातन, राम मंदिर और मथुरा-काशी जैसे कई मुद्दों का शोर सुनाई पड़ता है. बीजेपी के खिलाफ विपक्ष ने बदली रणनीति विपक्षी दल फिर चाहे वो समाजवादी पार्टी हो या कांग्रेस या बसपा सभी दल इन मुद्दों पर सीधे तौर से बोलने पर बचते दिख रहे हैं वो लगातार अपनी हर रैली और जनसभा में महंगाई, भ्रष्टाचार, आरक्षण, संविधान और पीडीए जैसे मुद्दों पर बात कर रहे हैं. यही वजह है कि इस बार प्रदेश की राजनीति में ध्रुवीकरण की बजाय जाति की ज्यादा बात हो रही है, विपक्ष की इस रणनीति के पीछे बीते दो चुनावों को अहम माना जा रहा है, बीजेपी ने जब क़ब्रिस्तान-श्मशान, रमज़ान-दिवाली जैसे मुद्दे उठाएं तो विपक्ष का इन मुद्दों पर बोलना उनके लिए ही भारी पड़ गया. जिसके चलते बड़ी संख्या में हिन्दू मतदाता एकजुट होते चले गए और बड़ी संख्या में उन्होंने बीजेपी के पक्ष में वोट किया है. बीजेपी ने इस बार भी चुनाव से पहले अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कर चुनाव को आस्था का रंग देने की कोशिश की और समारोह से विपक्ष के बहिष्कार पर आक्रामक रुख़ अपनाया लेकिन विपक्ष की ओर से हमेशा संयमित टिप्पणियां देखने को मिली ताकि ध्रुवीकरण को धार न मिल पाए. यही नहीं विपक्षी दलों के मुस्लिम नेता भी ऐसी कोई बात नहीं कर रहे जिससे चुनाव में उसका फ़ायदा उठाया जा सके. सपा नेता आज़म खान इन दिनों जेल में बंद हैं वहीं सहारनपुर से कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद भी इस बार अलग अंदाज में दिख रहे हैं वो हिन्दू बहुल इलाकों में जाकर लोगों से मिल रहे हैं. यही नहीं उनकी बातों और भाषणों में भगवान श्री राम का ज़िक्र देखने को मिल रहा है. ध्रुवीकरण के मुद्दों पर विपक्ष की ठंडी प्रतिक्रिया के चलते इस बार ये मुद्दा जोर नहीं पकड़ रहा. लोग भी महंगाई जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं.

Lok Sabha Elections 2024: वन नेशन-वन इलेक्शन पर क्या है पीएम मोदी का प्लान?

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Lok Sabha Elections 2024: वन नेशन-वन इलेक्शन पर क्या है पीएम मोदी का प्लान?

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार के बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार (24 अप्रैल) को एक देश-एक चुनाव (वन नेशन-वन इलेक्शन) पर सरकार के प्लान पर आंध्र प्रदेश में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि देश में संसद और सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होने चाहिए, इससे खर्चों पर रोक लगेगी. राजनाथ सिंह ने एक देश-एक चुनाव को लेकर बयान ऐसे समय में दिया है, जब देश के कई राज्यों में लोकसभा चुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनाव भी होने हैं. इनमें आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में चुनाव होना है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ”वन नेशन-वन इलेक्शन के पीछे हमारे प्रधानमंत्री मोदी का विचार है कि देश में बार-बार चुनाव होते हैं और जनता चुनाव में समान रूप से लगी रहती है. इससे बार-बार खर्च होता है. साथ ही जब चुनाव होते हैं तो आचार संहिता लागू होती है और विकास कार्य भी रुक जाता है.” उन्होंने कहा, ”मेरा मानना है कि एक देश, एक चुनाव इस समस्या को हल करने का बहुत अच्छा साधन होगा. इसलिए हमने सोचा है कि इस बार आंध्र प्रदेश में संसद और विधानसभा चुनाव एक साथ हो रहे हैं, फिर भविष्य में भी भारत के सभी राज्यों की संसद और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होने चाहिए. हम संसाधनों को बचा पाएंगे और साथ ही समय भी बचा पाएंगे.” उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश में लोकसभा की 25 सीटें आती हैं. यहां सभी 25 सीटों पर मतदान 13 मई को वोट डाले जाएंगे. इसके अलावा आंध्र प्रदेश में विधानसभा सीटों के लिए भी वोट डाले जाएंगे. फिलहाल आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की सरकार है. बीजेपी ने यहां टीडीपी और जनसेना के साथ गठबंधन किया है.

Weather Forecast:  IMD का हीटवेव पर एक और अलर्ट, जानें कब मानसून बरसाएगा राहत!

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Weather Forecast:  IMD का हीटवेव पर एक और अलर्ट, जानें कब मानसून बरसाएगा राहत!

देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है. मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल कुछ दिनों तक इससे राहत मिलती नहीं दिख रही है. आईएमडी के अनुसार पूर्वी भारत में अगले पांच दिनों के दौरान तेज हीटवेव होने की संभावना है.

वहीं दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में भी हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी.

अगले पांच दिनों तक हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी

मौसम विभाग ने बताया कि गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर अगल पांच दिनों के दौरान तेज हीटवेव की संभावना है. वहीं आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, उप हिमालयी पश्चिम बंगचाल के अलग-अलग स्थानों में अगले पांच दिनों के दौरान हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी. दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु में अगले 24 घंटों में हीटवेव की संभावना है. आईएमडी की ओर से झारखंड, बिहार, तेलंगाना, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 अप्रैल से 27 अप्रैल तक हीटवेव की भविष्याणी की गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और कोंकण में 25 से 27 अप्रैल के दौरान हीटवेव की संभावना है.

पश्चिम बंगाल के लिए रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने गंगीय पश्चिम बंगाल के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, क्योंकि यहां तेज गर्मी से होने वाली बीमारी से बचने और हीट स्ट्रोक से सावधान रहने की सलाह दी गई है. आईएमडी ने विशेष रूप से कमजोर व्यक्तियों के लिए अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है. अरुणाचल प्रदेश में 24 अप्रैल से 27 अप्रैल के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश में गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. जम्मू कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, मुजफ्फराबाद में 27 अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. पंजाब और हरियाणा में 26 और 27 अप्रैल को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना है.

पूर्वोत्तर के राज्य में बारिश की संभावना

असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 24 से 28 अप्रैल तक छिटपुट वर्षा होने की संभावना है. मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना, दक्षिण तमिलनाडु में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, छत्तीसगढ़, दक्षिण मध्य प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में 24 से 27 अप्रैल के दौरान गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटे) के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है.

Lok Sabha Elections 2024: अगर चुनाव में सबसे अधिक वोट नोटा को मिले तो क्या होगा, जानें चुनावी नियम!

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Lok Sabha Elections 2024: अगर चुनाव में सबसे अधिक वोट नोटा को मिले तो क्या होगा, जानें चुनावी नियम!

लोकसभा चुनाव पूरे देश में शुरू हो चुका है. सभी दल ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए लोगों को लुभाने में लगी हैं. पार्टियां लोगों को मनाने के लिए तरह-तरह के वादे और उनके विकास के लिए काम करने की बात कर रही है. इसके लिए पार्टियों ने अपना घोषणा पत्र भी जारी किया है. लोकतंत्र में लोगों का सबसे बड़ा संवैधानिक अधिकार वोटिंग होता है, लेकिन अगर जनता ने सभी पार्टियों के उम्मीदवारों को नकार दिया और नोटा को सबसे अधिक दिया तो क्या होगा ? चुनाव आयोग के इस संबंध में नियम क्या कहते हैं ? इलेक्शन ज्ञान की इस सीरीज में बताएंगे कि किसी सीट पर चुनाव में नोटा को सबसे अधिक वोट अगर मिलते हैं तो ऐसे में इलेक्शन कमीशन का फैसला क्या होगा. क्या जीत नोटा की मानी जाएगी?. 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान नोटा को 1.06 फिसदी वोट मिले थे. वहीं, बात 2014 के लोकसभा चुनाव की करें तो उस वक्त 1.08 फिसदी वोटिंग नोटा को मिले थे. इसका मतलब है कि लोगों में नोटा को लेकर रुझान कम हुए हैं. वहीं, सबसे अधिक वोट नोटा को बिहार में मिले जो राज्य के कुल वोट का 2 फिसदी था.

क्या हैं नियम

नियम के मुताबिक किसी भी क्षेत्र में अगर सबसे अधिक वोट नोटा को पड़ते हैं तो ऐसे कंडीशन में जीत नोटा का नहीं माना जाएगा. इसका मतलब है कि न ही चुनाव रद्द होंगे और न ही फिर से कराए जाएंगे. नोटा सिर्फ एक विकल्प है. किसी कैंडिडेट की जीत को खारिज करने का अधिकार नोटा को नहीं है. ऐसे कंडीशन में नोटा के बाद जिस कैंडिडेट के सबसे अधिक वोट होंगे उसकी जीत मानी जाएगी. उदाहरण के तौर पर A उम्मीदवार को 100 वोट मिले, B उम्मीदवार को 200 वोट मिले और नोटा को 700 वोट मिल गए तो चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक 200 वोट पाने वाले B को जीता माना जाएगा.

2013 में हुआ लागू

नोटा को लागू हुए 11 साल हो चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट के एतिहासिक फैसले के बाद इसे चुनाव आयोग ने पूरे देश में लागू किया था. पॉलिटिकल पार्टियों को अपने उम्मीदवार के बारे में सोचने के लिए ये विकल्प लाया गया. इसका मतलब होता है कि अगर वोटरों को कोई भी कैंडिडेट पसंद नहीं आ रहा है तो वो नोटा पर वोट कर सकते हैं.

Guruwar Mantra: गुरुवार के दिन करें इन मंत्रों का जाप, हर मुश्किल हो जाएगी दूर…

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Guruwar Mantra: गुरुवार के दिन करें इन मंत्रों का जाप, हर मुश्किल हो जाएगी दूर… Guruwar Mantra: ग्रह-नक्षत्रों की चाल का असर हर जातक पर पड़ता है. कुंडली में ग्रहों की अशुभ स्थिति का दुष्प्रभाव जातकों को झेलना पड़ता है. कुंडली में अगर बृहस्पति की स्थिति कमजोर हो तो कोई भी काम करने में बहुत अड़चनें आने आती हैं.

कुंडली में गुरु की अशुभ स्थिति से व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत कष्ट झेलने पड़ते हैं. जिनका बृहस्पति कमजोर हो उन्हें गुरुवार का व्रत रखना चाहिए. गुरुवार के दिन कुछ खास मंत्रों का जाप करना बहुत लाभकारी माना गया है. जानते हैं इन मंत्रों के बारे में.

  • बृहस्पति शांति ग्रह मंत्र

देवानाम च ऋषिणाम च गुरुं कांचन सन्निभम।
बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्।।

ॐ बृं बृहस्पतये नमः।।

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः।।

ॐ ह्रीं नमः।

ॐ ह्रां आं क्षंयों सः ।।

  • बृहस्पति मंत्र

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः।

ॐ बृं बृहस्पतये नमः।

  • ध्यान मंत्र:

रत्नाष्टापद वस्त्र राशिममलं दक्षात्किरनतं करादासीनं,

विपणौकरं निदधतं रत्नदिराशौ परम्।

पीतालेपन पुष्प वस्त्र मखिलालंकारं सम्भूषितम्,

विद्यासागर पारगं सुरगुरुं वन्दे सुवर्णप्रभम्।।

  • बृहस्पति विनियोगा मंत्र:

ॐ अस्य बृहस्पति नम:

ॐ अनुष्टुप छन्दसे नम:

ॐ सुराचार्यो देवतायै नम:

ॐ बृं बीजाय नम:

ॐ शक्तये नम:

ॐ विनियोगाय नम:

  • गुरु का वैदिक मंत्र

ओम बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेषु

यद्दीदयच्छवस ऋतप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम्।।

कब करें इन मंत्रों का जाप

कुंडली में गुरु की स्थिति को मजबूत करने के लिए गुरुवार के दिन पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं. गुरुवार के दिन बृहस्पति देव की पूजा करने के बाद इन मंत्रों का जाप करना विशेष फलदायी होता है. लाभ प्राप्ति के लिए कम से कम एक माला जाप जरूर करें.

Iran vs Israel: इजरायल के खिलाफ एकजुट हुए ईरान और पाकिस्तान, युद्ध के बीच UNSC से की ये मांग…

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Iran vs Israel: इजरायल के खिलाफ एकजुट हुए ईरान और पाकिस्तान, युद्ध के बीच UNSC से की ये मांग…

ईरान और पाकिस्तान ने बुधवार को एक संयुक्त बयान जारी कर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इजरायल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने साझा बयान में कहा कि इजरायल ने अपने पड़ोसी देशों और विदेशी राजनयिक केंद्र को अवैध रूप से निशाना बनाया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जारी संयुक्त बयान में बताया कि ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान इजरायल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

ईरान और पाकिस्तान ने UNSC से की मांग

ईरान और पाकिस्तान ने अपने संयुक्त बयान में कहा, ”इजरायली बलों ने पहले ही गैर-जिम्मेदाराना हरकत कर क्षेत्र की अस्थिरता में इजाफा किया है. दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इजरायली सरकार की ओर से पड़ोसी देशों पर किए गए अवैध हमलों को रोकने की मांग की है.”

ईरानी राष्ट्रपति ने दी इजरायल को धमकी

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने अपने पाकिस्तान दौरे पर इजरायल को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी. उन्होंने कहा कि अगर इजरायल ने कोई हमला किया तो ईरान उसे तबाह कर देगा. इजरायल के हमले के बाद क्षेत्र में बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है, जिससे इजरायल के पास कुछ भी नहीं बचेगा.

इजरायल के हमले से दहला इस्फहान शहर

उल्लेखनीय है कि बीते शुक्रवार को ईरान के इस्फहान शहर में धमाकों की आवाज सुनाई दी गई थी. सूत्रों ने इन आवाजाों को इजरायल का एक हमला बताया था. हालांकि, ईरान ने इस हमले को सिरे से नकार दिया और कहा कि वह कोई जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा.

ईरान ने लिया था बदला

इससे पहले 13 अप्रैल को ईरान ने इजरायल की ओर से उसके दूतावास पर किए गए हमले का करारा जवाब दिया था. ईरान ने दमिश्क दूतावास पर हुए हमले का बदला लेते हुए इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था. हालांकि, इजरायल ने इस हमले को नाकाम कर दिया था.