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विदेश मंत्री एस जयशंकर सिंगापुर की तीन दिवसीय यात्रा, इन दो देशों के साथ भारत के संबंधों को लेकर पूछे गए सवालों पर ये टिप्पणियां…

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि रूस और अमेरिका के साथ भारत के संबंध विभिन्न तरीकों से संतुलन स्थापित करने की नीति पर आधारित है और भारत की मजबूत गुट निरपेक्ष संस्कृति के कारण इनमें से प्रत्‍येक के साथ गैर विशिष्ट आधार पर व्यवहार करने से यह संभव हो सका है।

सिंगापुर की तीन दिवसीय यात्रा पर आए जयशंकर ने सिंगापुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय (एनयूएस) के दक्षिण एशियाई अध्ययन संस्थान (आईएसएएस) में अपनी पुस्तक ‘व्हाई भारत मैटर्स’ पर व्याख्यान सत्र के बाद इन दो देशों के साथ भारत के संबंधों को लेकर पूछे गए सवालों पर ये टिप्पणियां कीं।

उन्होंने कहा कि रूस और अमेरिका के साथ भारत के संबंध विभिन्न तरीकों से संतुलन स्थापित करने की नीति पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इनमें से प्रत्‍येक के साथ गैर विशिष्ट आधार पर व्यवहार करने से यह संभव हो सका है। उनसे पूछा गया था कि भारत रूस और अमेरिका दोनों के साथ अपने संबंधों को लेकर कैसे संतुलन बना पाता है।

जयशंकर ने रूस और अमेरिका के साथ भारत के संबंधों की तुलना इसराइल और फलस्तीन के साथ भारत के संबंधों से की और उन्होंने गैर-विशिष्ट आधार पर देशों के साथ व्यवहार करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, जब मैं इसराइल-फलस्तीन आऊंगा तो यही तर्क लेकर जाऊंगा। आप जानते हैं, आज हम रूस के साथ अच्छे संबंध, यूरोप के साथ अच्छे संबंध, अमेरिका के साथ अच्छे संबंध, किसी अन्य देश के साथ अच्छे संबंध कैसे स्थापित कर पाते हैं।

जयशंकर ने कहा, जिन देशों में मजबूत गुट निरपेक्ष संस्कृतियां हैं, उन्हें यह दुविधा नहीं है, क्योंकि वे पहले ही, एक तरह से अपनी पसंद बना चुके हैं। आप जानते हैं, उन्होंने एक विशेष मुद्दे पर एक बड़े समूह के साथ समझौता किया है। जो देश किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें इस बारे में खुद सोचना होगा।

जयशंकर ने स्वीकार किया कि यह पहली बार है जब उन्होंने किसी को (भारत) को ‘युवा अमेरिका’ के रूप में वर्णित करते हुए सुना है और कहा, मैं ईमानदारी से नहीं जानता कि इसका क्या मतलब निकाला जाएगा।

”ED कस्टडी से सरकार चला रहे केजरीवाल, जारी किया पहला ऑर्डर”

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”ED कस्टडी से सरकार चला रहे केजरीवाल, जारी किया पहला ऑर्डर” दिल्ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल 28 मार्च तक ईडी कस्टडी में है। उन्होंने ईडी कस्टडी से ही पहला ऑर्डर जारी कर दिया।…

दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अरविंद केजरीवाल के लिए दिल्ली वाले सिर्फ उनके मतदाता नहीं है, वे दिल्ली वालों को अपने परिवार की तरह मानते हैं। यही कारण है कि आज इतनी मुश्किल परिस्थिति में होते हुए भी वे अपने परिवार यानी कि दिल्ली वालों के बारे में सोच रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली सीएम केजरीवाल को ईडी ने आबकारी नीति घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। वे 28 मार्च तक ईडी की हिरासत में रहेंगे।

दिल्ली में आप का प्रदर्शन : आम आदमी पार्टी ने ईडी द्वारा पार्टी प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ कैंडल मार्च निकालने और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की सरकार का पुतला जलाने का फैसला किया है।

राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस के साथ ही अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।

भाजपा मुख्यालय, आईटीओ की ओर जाने वाले मार्गों और प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय के सामने पहले से ही बड़ी संख्या में कर्मियों को तैनात किया गया है और बहुस्तरीय अवरोधक लगाए गए हैं। इन स्थानों पर ‘आप’ सदस्यों के मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में इकट्ठा होने की संभावना है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में आम आदमी पार्टी का बयान…

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”दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में आम आदमी पार्टी पूरी दिल्ली में प्रदर्शन करेगी. पार्टी ने कहा कि दिल्ली की सभी विधानसभाओं में रविवार को कैंडल मार्च निकाला जाएगा और पुतला दहन भी किया जाएगा.”

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के गिरफ्तार होने के बाद भाजपा ने हमलावर, इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आम आदमी पार्टी को घेरा है।

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Arvind Kejriwal : ”दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के गिरफ्तार होने के बाद भाजपा ने हमलावर रुख अपना रखा है। भाजपा ने कहा कि केजरीवाल ही शराब घोटाले के किंगपिन है। इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आम आदमी पार्टी को घेरा है।”

केजरीवाल पर सत्ता का नशा ”पूनावाला ने AAP के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केजरीवाल गिरफ्तार होने के बावजूद जेल से सरकार चलाएंगे इसका मतलब साफ है कि उनपर “सत्ता का नशा” सवार है।..

क्या सरकार की कैबिनेट बैठकें जेल में होंगी? पूनावाला ने आगे दिल्ली की जनता से पूछा कि क्या सरकार की कैबिनेट बैठकें जेल में होंगी? उन्होंने कहा कि “स्वराज’ से लेकर ‘शराब’ तक, ‘अन्ना हजारे’ से लेकर ‘लालू प्रसाद यादव’ तक, आज जो हम देख रहे हैं वो असल में ‘सत्ता का नशा’ है। जब ये सत्ता का नशा आपके सिर पर चढ़ जाए तो देखिए कैसे होता है।

भाजपा ने कहा कि पहले लालू और सोनिया के लिए आम आदमी पार्टी एक समय में इस्तीफा और फिर जांच की बात करते थे। वहीं, आज जब कोर्ट इन्हें रिमांड पर भेज रहा है तो कहते हैं इस्तीफा नहीं, कोई ‘जांच’ नहीं और हम तिहाड़ से अपनी ‘सरकार’ चलाएंगे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को अब इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यह पहला उदाहरण है जब सरकार जेल से काम करेगी।

विक्टिम कार्ड काम नहीं करेगा भाजपा नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता अब दिल्ली के लोगों के सामने “विक्टिम कार्ड” खेलकर शराब घोटाले में अपनी भूमिका से नहीं बच सकते हैं।

AAP बोली- ये जनता की मांग : अरविंद केजरीवाल के जेल से सरकार चलाने को लेकर आम आदमी पार्टी ने सफाई रखी है। मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केजरीवाल वही करेंगे जो लोग चाहेंगे। उन्होंने हमेशा जनहित में और व्यापक भलाई को ध्यान में रखते हुए अपने फैसले लिए हैं।

भारद्वाज ने कहा कि कोई भी निर्णय लेने से पहले हमने अपने सभी विधायकों से संपर्क किया, बैठकें कर पार्षदों से मुलाकात की। हमने सभी वार्डों में लोगों से भी बात की। सभी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को सीएम बने रहना चाहिए।

छत्तीसगढ़ : लोकसभा चुनाव इस बार तीन चरणों में होंगे, पिछले चुनाव में भाजपा ने यहां की 9 सीटों और कांग्रेस दो सीटों पर विजयी हुई।

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छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव इस बार तीन चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान एक सीट पर 19 अप्रैल को होगा। जबकि दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को तीन सीटों और तीसरे चरण का मतदान सात सीटों पर सात मई को होगा।

लोकसभा चुनाव 2024 सात चरणों में संपन्न होगा। 543 सीटों के लिए वोटों की गिनती चार जून को होगी। पिछले चुनाव में भाजपा ने यहां की 9 सीटों और कांग्रेस दो सीटों पर विजयी हुई।

  • छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव पहला चरण, 19 अप्रैल, 1 सीट 
  • बस्तर
  • छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव दूसरा चरण, 26 अप्रैल, 3 सीट
  • राजनंदगांव, महासमुंद, कांकेर
  • छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव तीसरा चरण, 7 मई, 7 सीट
  • सरगुजा, रायगढ़, जांजगीर-चम्पा, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग, रायपुर
  • महासमुंद में दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान

राज्य के एकमात्र नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर (एसटी) लोकसभा क्षेत्र में पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा जबकि तीन अन्य निर्वाचन क्षेत्र कांकेर (एसटी), राजनांदगांव और महासमुंद में दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान होगा।

शेष सात लोकसभा सीटों सरगुजा (एसटी), रायगढ़ (एसटी), जांजगीर-चांपा (एससी), रायपुर, दुर्ग, कोरबा और बिलासपुर में सात मई को मतदान होगा। राज्य में 19 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए अधिसूचना 20 मार्च को जारी की जाएगी, जिसके साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

30 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकते हैं

नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 27 मार्च होगी और नामांकन की जांच 28 मार्च को पूरी होगी।

उम्मीदवार 19 अप्रैल को मतदान से पहले 30 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। इसी तरह, 26 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए अधिसूचना 28 मार्च को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि चार अप्रैल होगी।

उम्मीदवार आठ अप्रैल तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। इसी तरह सात मई को होने वाले मतदान के लिए अधिसूचना 12 अप्रैल को जारी की जाएगी।

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 19 अप्रैल होगी और जांच 20 अप्रैल को पूरी होगी। उम्मीदवार 22 अप्रैल तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए वोटों की गिनती चार जून को होगी।

सीएम साय ने 11 सीटों पर जीत का दावा किया

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य की सभी 11 संसदीय क्षेत्रों में भाजपा की जीत का भरोसा जताया और कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फिर से सत्ता में लाएंगे और भारत को ‘विश्व गुरु’ (विश्व नेता) बनाएंगे।

साय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। समूचा भारत, लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए उत्साहित है। बीते दस वर्षों में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल और मजबूत नेतृत्व में सबका साथ-सबका विकास के ध्येय को फलीभूत करते हुए देश ने अभूतपूर्व प्रगति की।

‘ उन्होंने कहा, ”साथ ही सरकार में आते ही हमने केवल तीन महीनों में ही छत्तीसगढ़ में मोदी की प्रमुख गारंटियों को प्राथमिकता से पूरा किया। हम प्रदेश की सभी 11 लोकसभा सीटों में कमल खिलाने के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं। हम केंद्र में फिर से मोदी जी को लाएंगे और भारत को विश्वगुरु बनाएंगे।”

Vote From Home: घर से ही वोट डाल सकते हैं ऐसे लोग, चुनाव आयोग ने किया है खास इंतजाम, जानें तरीका…

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देश में लोकसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। चुनाव आयोग ने देश के सुपर सीनियर सिटीजन यानी 85 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति डाक मतपत्र का ऑप्शन चुन सकते हैं और अपना वोट घर से ही डाल सकते हैं।

साथ ही दिव्यांग नागरिक भी घर से वोट डालने के लिए डाक मतपत्र का विकल्प चुन सकते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने इस विकल्प का ऐलान किया है। राजीव कुमार ने कहा कि आम तौर पर ट्रेंड यह रहा है कि वरिष्ठ नागरिक प्रक्रिया में भाग लेना चाहते हैं और बूथ तक जाना भी चाहते हैं। लेकिन कई बार उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमने इस बार उन्हें अपने घर से ही मतदान करने का विकल्प दिया है।

मतदाताओं की संख्या

चुनाव आयोग के अनुसार, इस सुविधा का लाभ 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग व्यक्ति भी उठा सकते हैं। दोनों श्रेणियों के मतदाताओं को चुनाव अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर चुनाव आयोग के पास फॉर्म 12 डी दाखिल करना होगा। चुनाव आयोग ने कहा कि 10 मार्च 2024 तक देश में 85 साल से ऊपर के 81,87,999 वरिष्ठ नागरिक मतदाता और 100 साल से ऊपर के 2,18,442 मतदाता हैं।

चुनाव आयोग करेगा इंतजाम

देश के वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग नागरिक भी लोकसभा के चुनाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें, इसके लिए चुनाव आयोग ने यह व्यवस्था बनाई है। इस तरह बुजुर्ग मतदाता अपने घर बैठे ही वोट डाल पाएंगे। अपनी सेवाएं दे रहे वॉलिंटियर्स इसमें सहायता करेंगे। चुनाव आयोग इन वोटर्स के घर पर 12 भेजेगा। इसके जरिए लोग घर से ही अपना वोट डाल पाएंगे।

क्या है पूरा प्रोसेस

घर से वोट डालने की प्रक्रिया आसान है। जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) मुख्य मतदान दिन से पहले घरेलू मतदान के लिए दिन तय करता है। मतदाताओं को घर पर ही डाक मतपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। वे इस पर अपनी पसंद के उम्मीदवार को चिह्नित कर सकते हैं और चुनाव अधिकारी चुनाव की अधिसूचना के पांच दिन बाद उनसे इसे एकत्र करेंगे। प्र

त्येक 4-5 सदस्यों वाली टीमें- जिनमें चुनाव अधिकारी, एक वीडियोग्राफर और पुलिस शामिल हैं। टीम घर पर मतदाता से मुलाकात करती हैं। मतपेटी और प्राइवेसी के लिए एक पार्टिशन साथ रखती है। मतदान की वीडियोग्राफी की जाती है। कुल मिलाकर लगभग 20 मिनट का समय लगता है। ऐसे वोटर्स के वोटों की गिनती डाक मतपत्रों से की जाती है।

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने द्वीपसमूह राष्ट्र को ऋण राहत प्रदान करने का आग्रह किया।

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अपनी भारत विरोधी बयानबाजी के बाद, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने सुलह का रुख अपनाते हुए कहा कि भारत उनके देश का ”करीबी सहयोगी” बना रहेगा और उन्होंने नई दिल्ली से द्वीपसमूह राष्ट्र को ऋण राहत प्रदान करने का आग्रह किया।

पिछले साल के अंत तक मालदीव पर भारत का लगभग 40 करोड़ नौ लाख अमेरिकी डॉलर का बकाया था। पिछले साल नवंबर में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से चीन समर्थक मालदीव के नेता मुइज्जू ने भारत के प्रति सख्त रुख अपनाया था और मांग की थी कि तीन विमानन प्लेटफॉर्म का संचालन करने वाले भारतीय सैन्यकर्मियों को 10 मई तक उनके देश से वापस भेजा जाये।

पद संभालने के बाद स्थानीय मीडिया के साथ बृहस्पतिवार को अपने पहले साक्षात्कार में, मुइज्जू ने कहा कि भारत ने मालदीव को सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और ‘‘सबसे बड़ी संख्या” में परियोजनाओं को लागू किया है। मालदीव के समाचार पोर्टल ‘एडिशन डॉट एमवी’ की खबर के अनुसार, मुइज्जू ने कहा कि भारत मालदीव का करीबी सहयोगी बना रहेगा और इसमें कोई संशय नहीं है।

भारत पिछले कुछ वर्षों से दो हेलीकॉप्टर और एक डोर्नियर विमान के जरिये मालदीव के लोगों को मानवीय और चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। मुइज्जू ने भारत से आग्रह किया कि वह मालदीव के लिए ‘‘सरकारों द्वारा लिए गए भारी ऋणों” के पुनर्भुगतान में ऋण राहत उपायों को शामिल करे।

भारत के प्रति मुइज्जू की यह सकारात्मक टिप्पणियां अप्रैल के मध्य में मालदीव में होने वाले संसद चुनावों से पहले आईं है। उन्होंने कहा कि मालदीव ने भारत से बड़े पैमाने पर ऋण लिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘वह वर्तमान में मालदीव की आर्थिक क्षमताओं के अनुसार ऋण चुकाने के विकल्प तलाशने के लिए भारत सरकार के साथ चर्चा कर रहे हैं।” मुइज्जू ने दिसंबर 2023 में दुबई में सीओपी28 शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ दुबई में अपनी चर्चा का जिक्र करते हुए कहा,

‘‘मैंने अपनी बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को यह भी बताया कि मेरा इरादा किसी भी परियोजना को रोकने का नहीं है। इसके बजाय, मैंने इनमें तेजी लाने की इच्छा व्यक्त की थी।” भारतीय सैन्यकर्मियों के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए, मुइज्जू ने इसे मालदीव में भारतीय सेना की मौजदूगी के बारे में भारत के साथ उठे

‘‘विवाद का एकमात्र मामला” बताया और कहा कि भारत ने भी इस तथ्य को स्वीकार कर लिया है और सैन्यकर्मियों को वापस बुलाने पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘एक देश से दूसरे देश को दी जाने वाली सहायता को खारिज करना या उसकी उपेक्षा करना ठीक बात नहीं है।

” उन्होंने दावा किया कि उन्होंने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया या ऐसा कोई बयान नहीं दिया, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव आए। मुइज्जू ने कहा कि उनकी सरकार ने मालदीव में भारतीय सेना के मुद्दे से निपटने के लिए विचार-विमर्श के माध्यम से विवेकपूर्ण समाधान निकालने के लिए काम किया।

केजरीवाल की गिरफ्तारी में SC ने केंद्र को दिया झटका…

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”केजरीवाल की गिरफ्तारी में SC ने केंद्र को दिया झटका…” सुप्रीम कोर्ट ने अपने उस फैसले पर पुनर्विचार संबंधी केंद्र की याचिका खारिज कर दी है, जिसमें कहा गया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बिना किसी अपवाद के किसी आरोपी की गिरफ्तारी का आधार लिखित रूप में बताना होगा।

अदालत ने यह भी कहा कि उसके निर्णय में कोई त्रुटि नहीं है, जिसपर पुनर्विचार की आवश्यकता हो। जस्टिस ए. एस. बोपन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने ‘चैंबर’ में समीक्षा याचिका पर विचार किया और आदेश पारित किया।

पीठ ने 20 मार्च को सुनाए गए अपने आदेश में कहा, ‘‘हमने पुनर्विचार याचिकाओं और संबंधित कागजातों का ध्यानपूर्वक अध्ययन किया है। हमें विवादित आदेश में ऐसी कोई त्रुटि नहीं मिली है, जो अस्पष्ट हो और इस पर पुनर्विचार की आवश्यकता हो। तदनुसार, पुनर्विचार याचिकाएं खारिज की जाती हैं। (साथ ही) यदि कोई लंबित याचिका हो, तो उसका निपटारा किया जाता है।” अदालत ने पुनर्विचार याचिका की सुनवाई खुली अदालत में किये जाने के केंद्र के अनुरोध को भी खारिज कर दिया।

केंद्र ने शीर्ष अदालत के तीन अक्टूबर के उस आदेश की समीक्षा का अनुरोध किया था, जिसमें पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों के साथ-साथ गिरफ्तारी मेमो को भी रद्द कर दिया गया था। साथ ही न्यायालय ने धनशोधन के एक मामले में गुरुग्राम स्थित रियल्टी समूह एम3एम के निदेशकों- बसंत बंसल और पंकज बंसल- को रिहा करने का निर्देश दिया था।

शीर्ष अदालत ने ईडी को कड़ी फटकार लगाई थी और कहा था कि उससे अपने आचरण में ‘प्रतिशोधी’ होने की उम्मीद नहीं की जाती है और उसे पूरी ईमानदारी एवं निष्पक्षता के साथ काम करना चाहिए। अदालत के आदेश में कहा गया था कि देश में धनशोधन के आर्थिक अपराध को रोकने की कठिन जिम्मेदारी वाली जांच एजेंसी होने के नाते ईडी की हर कार्रवाई ‘पारदर्शी’ और निष्पक्षता के मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।

शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘वर्ष 2002 के कड़े अधिनियम के तहत दूरगामी शक्तियों से संपन्न ईडी से अपने आचरण में प्रतिशोधी होने की उम्मीद नहीं की जाती है और उसे अत्यंत ईमानदारी एवं उच्चतम स्तर की निष्पक्षता और तटस्थता के साथ काम करते हुए देखा जाना चाहिए।

” फैसले में कहा गया था कि ईडी द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देने में आरोपियों की विफलता जांच अधिकारी के लिए यह मानने के लिए पर्याप्त नहीं होगी कि उन्हें (आरोपी को) गिरफ्तार किया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा था,

‘‘वर्ष 2002 के (पीएमएलए) अधिनियम की धारा 50 के तहत जारी समन के जवाब में गवाह का असहयोग उसे धारा 19 के तहत गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।” शीर्ष अदालत ने गिरफ्तार व्यक्ति की गिरफ्तारी के आधार के बारे में सूचित करने के संबंध को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधान का उल्लेख करते हुए कहा था,

‘‘हमारा मानना है कि अब से यह आवश्यक होगा कि गिरफ्तार व्यक्ति को स्वाभाविक रूप से और बिना चूके गिरफ्तारी के लिखित आधार की एक प्रति दी जाए।” बसंत और पंकज बंसल को ईडी ने कथित रिश्वत मामले से जुड़ी धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।

Chandra Grahan ; 100 साल बाद होली पर लग रहा है चंद्र ग्रहण, इन राशियों को मिलेगा भाग्य का पूरा साथ

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शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ Chandra Grahan 2024: हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की रात को होलिका दहन किया जाता है और उसके अगले दिन होली मनाई जाती है। इस साल होली का त्योहार 25 मार्च को मनाया जाएगा।

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर ग्रह एक निश्चित समय के बाद अपनी राशि से दूसरी राशि में गोचर करता है। जिसका प्रभाव मानव जीवन और पृथ्वी पर पड़ता है।

साल का पहला चंद्र ग्रहण 25 मार्च को लगने जा रहा है। पंचांग के अनुसार, इस बार होली वाले दिन चंद्र ग्रहण का साया पड़ने वाला है। साल का यह पहला चंद्र ग्रहण 25 मार्च को सुबह 10 बजकर 23 मिनट से शुरू होकर दोपहर 03 बजकर 2 मिनट तक रहेगा।

ऐसे में इस चंद्र ग्रहण का असर सभी राशियों के जातकों पर देखने को मिलेगा लेकिन 3 राशियां ऐसी हैं, जिनका इस दौरान भाग्य चमक सकता है। तो आइए जानते हैं कि चंद्र ग्रहण के दौरान किन राशियों को मिलेगा भाग्य का पूरा साथ-

Taurus Horoscope वृषभ राशि होली पर लगने वाला चंद्र ग्रहण इस राशि के जातकों के लिए शुभ रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में किसी काम को पूरा करने में अधिकारियों की मदद मिलेगी। व्यापार कर रहे लोगों को कोई बड़ी डील मिल सकती है। परिवार के साथ बैठकर अपने मन की बात शेयर करेंगे। लव लाइफ में रोमांस की तड़का लगेगा। सेहत में सुधार होता हुआ नजर आएगा।

Libra Horoscope तुला राशि तुला राशि के जातकों पर होली पर लगने वाला चंद्र ग्रहण सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला है। जो छात्र किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अधिक मेहनत करने की जरूरत है। नौकरीपेशा लोगों को मनचाही सफलता मिलेगी। घर में बड़े भाई की शादी पक्की होने से मेहमानों का आना-जाना लगा रहेगा। कोर्ट-कचहरी का फैसला आपके पक्ष में रहेगा।

Capricorn Horoscope मकर राशि मकर राशि के जातकों के लिए साल 2024 का पहला चंद्र ग्रहण काफी लाभदायक रहने वाला है। नौकरी-कारोबार को आगे बढ़ाने के नए अवसर मिलेंगे। किसी को उधार दिया हुआ पैसा वापिस मिल सकता है। संतान की तरफ से कोई तोहफा मिल सकता है। छात्रों को परीक्षा में अच्छे परिणाम मिलेंगे। जीवनसाथी की तरफ से कई गुड न्यूज़ मिलेगी।

 

Arvind Kejriwal : केजरीवाल के काली कमाई का भंडाफोड़

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ईडी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रिमांड मांगते हुए गोवा विधानसभा चुनाव में दिल्ली एक्साइज पॉलिसी घोटाले के काले धन के इस्तेमाल की सबूतों के साथ विस्तृत जानकारी दी हैं।

  • ईडी ने पैसे देने वाले आरोपियों के साथ-साथ इसे पहुंचाने और इस्तेमाल करने वाले सभी गवाहों के बयानों की एक सूची पेश की।
  1. उनके मुताबिक, साउथ लॉबी से ली गई100 करोड़ रुपये की एडवांस रिश्वत में से 45 करोड़ रुपये गोवा चुनाव में खर्च किए गए।

ईडी ने यह भी बताया कि अब तक अपराध से अर्जित 128।79 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता लगाया गया है और जब्त किया गया है।

  • गोवा चुनाव के लिए भेजे गए 45 करोड़ रुपये

ईडी के मुताबिक, गोवा चुनाव के लिए चार रास्तों से 45 करोड़ रुपये भेजे गए थे। इनमें से लगभग 12 करोड़ रुपये अशोक चंदू भाई के माध्यम से भेजे गए, 7।1 करोड़ रुपये देवांग सोलंकी के माध्यम से भेजे गए, 16 करोड़ रुपये कीर्ति अंबा लाल के माध्यम से भेजे गए और 7।5 करोड़ रुपये मेसर्स नीलकंठ के माध्यम से भेजे गए। ये सभी हवाला कारोबार में एजेंट के तौर पर काम करते हैं।

मेसर्स मां अंबे ने दो करोड़ रुपये गोवा भेजे

आंगड़िया का काम करने वाली मेसर्स मां अंबे ने दो करोड़ रुपये गोवा भेजे थे। इन सभी के बयान ईडी के पास हैं। गोवा चुनाव में इस पैसे के इस्तेमाल में चैरियट प्रोडक्शंस के राजेश जोशी की अहम भूमिका थी। ईडी के पास गोवा में आप के चुनाव प्रचार से जुड़े कई लोगों के बयान भी हैं, जिनमें नकद भुगतान की बात कही गई है।

गोवा में AAP उम्मीदवारों को प्रदान की गई नकद राशि

गोवा में आप उम्मीदवारों को नकद राशि भी मुहैया करायी गयी। साउथ लॉबी से 100 करोड़ रुपये लेकर गोवा में इस्तेमाल करने का काम घोटाले के एक अन्य आरोपी विजय नायर और दिल्ली के आप विधायक दुर्गेश पाठक की देखरेख में किया जा रहा था।

ईडी ने केजरीवाल को मनी लॉन्ड्रिंग का जिम्मेदार माना

मनी लॉन्ड्रिंग के लिए केजरीवाल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए ईडी ने आप कोषाध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य एनडी गुप्ता के बयान का हवाला दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि पार्टी प्रमुख के तौर पर केजरीवाल ही सारे फैसले लेते थे। संबंधित राज्य के चुनाव प्रभारी इनका इस्तेमाल करते थे। लेकिन चुनाव प्रभारी किसे बनाया जाए ये केजरीवाल ने ही तय किया।