Home Blog Page 1086

20 दिन पहले मोदी सरकार की तारीफ… अब आतंक के बहाने चीन ने लगाए गंभीर आरोप

0

चीन की सरकारी मीडिया ने करीब तीन हफ्ते पहले नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की थी, लेकिन अब उसी चीनी मीडिया ने मोदी सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं.

चीन ने पाकिस्तान में आतंकवाद का दावा करते हुए इसके लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार बताया है. चीन के ग्लोबल टाइम्स ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान में आतंकवाद फैलाने में भारत का हाथ है.

चीनी मीडिया ने ये भी दावा किया है कि आरोपों के संबंध में उसके पास पुख्ता सबूत हैं. उसने कहा कि भारत, बलूचिस्तान में आतंक फैला रहा है और इसके लिए फंडिंग, हथियार और ट्रेनिंग भी दी जा रही है. बता दें कि ग्लोबल टाइम्स चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी का अखबार है. ये अखबार चीनी राष्ट्रवादी दृष्टिकोण से अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर टिप्पणी करता है.

चीन ने भारत के खिलाफ षड्यंत्र रचते हुए ग्लोबल टाइम्स के हवाले से आरोप लगाया है कि भारत ने दक्षिण एशियाई देश के विभिन्न हिस्सों, जैसे कि अलगाववाद से त्रस्त बलूचिस्तान में स्थानीय अलगाववादियों को उकसाकर गुप्त रूप से आतंकवादी ताकतों को फंडिंग की है. आरोप लगाया गया कि आतंकवादी हमलों के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर किया जा रहा है.

अखबार में कहा गया है कि पाकिस्तानी और भारतीय दोनों मीडिया रिपोर्टों को देखने के अलावा बलूचिस्तान की स्थिति से परिचित सोर्स और पर्यवेक्षकों से बात की गई. इसके बाद ग्लोबल टाइम्स ने पाया कि भारत का पाकिस्तान में आतंकवाद को समर्थन देने का एक लंबा इतिहास है.

चीन ने भारत के खिलाफ पक्के सबूत का किया दावा

चीन ने अखबार के जरिए सबूत की बात करते हुए कहा कि दिसंबर 2023 में अलगाववादी आतंकवादी समूह बलूच नेशनल आर्मी (बीएनए) के एक कमांडर ने पाकिस्तानी सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था. उसने खुलासा किया कि भारत गुप्त रूप से बलूचिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन कर रहा है और क्षेत्र में अलगाववादी ताकतों को फंड मुहैया करा रहा है.

अखबार में पाकिस्तानी मीडिया सूत्रों का हवाला देते हुए लिखा गया कि कमांडर सरफराज अहमद बुंगुलजई ने बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उसे लगा कि उसका सशस्त्र संघर्ष बलूच अधिकारों के लिए था, लेकिन बाद में उसे एहसास हुआ कि भारत इन सभी साजिशों में शामिल है.

बुंगुलजई ने 2022 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना का जिक्र किया, जिसमें एक जनरल समेत छह पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी शहीद हो गए थे. उसने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत के आदेश पर अलगाववादी समूह बलूच राज आजोई संगर (बीआरएएस) ने इस घटना की जिम्मेदारी ली थी.

चीनी मीडिया की तर्ज पर पाकिस्तानी अखबार ने भी उगला जहर

चीनी मीडिया की तर्ज पर पाकिस्तानी समाचार वेबसाइट डॉन ने भी भारत के खिलाफ जहर उगला. पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट ‘डॉन’ के अनुसार, बुंगुलजई ने कहा कि भारत से पैसे लेने के बाद उसने अपने ही बलूच भाइयों का खून बहाया.

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारत की ओर इशारा करने वाले ताज़ा मामले के अलावा, कुछ साल पहले एक और मामला सामने आया था, जिसने संकेत दिया था कि भारत शायद पाकिस्तान में आतंकवाद का समर्थन कर रहा है.

कुछ साल पहले वाली घटना का जिक्र करते हुए ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि मार्च 2016 में, पाकिस्तान के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने कुलभूषण यादव नाम के एक भारतीय जासूस एजेंट का इकबालिया वीडियो बयान जारी किया, जिसे कथित तौर पर उस महीने की शुरुआत में सीमा क्षेत्र से पाकिस्तान में घुसपैठ करने का प्रयास करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था.

एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) के एक रिपोर्ट के अनुसार, कुलभूषण यादव ने वीडियो में कहा कि वो भारतीय नौसेना का अधिकारी था और हुसैन मुबारिक पटेल के नाम से भारतीय एजेंसियों के लिए खुफिया जानकारी जुटाता था.

रिपोर्ट में दावा किया गया कि कुलभूषण यादव ने कहा कि मेरा उद्देश्य बलूच विद्रोहियों के साथ बैठकें करना और उनके सहयोग से गतिविधियों को अंजाम देना था. ये गतिविधियां आपराधिक प्रकृति की थीं, जिससे पाकिस्तानी नागरिकों की मौत या अपंगता हो रही है.

भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स का भी दिया हवाला

चीनी मीडिया ने ‘द हिंदू’ का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय अखबार ने जुलाई 2019 में एक लेख प्रकाशित किया था, जिसमें कहा गया था कि ये स्थापित हो गया है कि बीएलए (बलूच लिबरेशन आर्मी) कमांडरों ने अक्सर भेष बदलकर या नकली पहचान के साथ, भारत के अस्पतालों में चिकित्सा उपचार की मांग की थी.

द हिंदू का हवाला देते हुए चीनी मीडिया ने दावा किया कि बीएलए के आतंकवादी कमांडर का उल्लेख किया गया था, जो किडनी से संबंधित बीमारियों के लिए इलाज के लिए 2017 में कम से कम छह महीने के लिए दिल्ली में था.

आतंकवाद फैलाने के कारणों के संबंध में दिया ये तर्क

भारत पर पाकिस्तान में आतंक फैलाने को लेकर लगाए गए आरोपों के कारणों के पीछे चीनी मीडिया ने तर्क भी दिया है. चीनी मीडिया के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में चीन, पाकिस्तान की आर्थिक विकास में मदद कर रहा है, जिससे पूरे पाकिस्तान में विभिन्न निवेश और सहायता परियोजनाओं का लाभ स्थानीय लोगों को मिला हैै.

उदाहरण के लिए, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC), चीन की ओर से प्रस्तावित बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत एक प्रमुख परियोजना है. इसे 2013 में लॉन्च किया गया, यह पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम ग्वादर बंदरगाह को उत्तर-पश्चिमी चीन के झिंजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र में काशी से जोड़ता है, जो ऊर्जा, परिवहन और औद्योगिक सहयोग के माध्यम से पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे में योगदान देता है.

पाकिस्तानी मीडिया जीएनएन न्यूज के मीडिया सलाहकार नौमान राशिद ने कहा, चीन सीपीईसी और बीआरआई परियोजनाओं के माध्यम से पाकिस्तान का सच्चा विकास भागीदार रहा है. रशीद ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि चाहे कितनी भी समस्याएं आएं या कोई भी पाकिस्तानी राजनीतिक दल सत्ता में आए, ये परियोजनाएं लोगों की भलाई के लिए हैं.

आखिर भारत के खिलाफ जहर उगलने का क्या है चीनी मकसद?

दरअसल, भारत के खिलाफ आतंकवाद का आरोप लगाने वाला चीन पहले भी कई बार चालबाजी कर चुका है. चीन ने संयुक्त राष्ट्र जैसे ग्लोबल प्लेटफार्म पर अक्सर पाकिस्तान और वहां पनाह लिए दहशतगर्दों का समर्थन करता रहा है. इन दहशतगर्दों में हाफिज मोहम्मद सईद से साजिद मीर, अब्दुल रहमान मक्की, मसूद अजहर, अब्दुल रऊफ असगर अल्वी जैसे नाम शामिल है, जिनका बचाव चीन ने कई मौकों पर किया है.

इसके अलावा, कई अन्य मौकों पर चीन ने भारत को अलग-अलग मुद्दों पर घेरने की नाकाम कोशिश की है और हर बार उसे मुंहतोड़ जवाब मिला है. अरुणाचल की 11 जगहों के नाम बदलने का उदाहरण ले लें. इसके अलावा, अनुच्छेद 370 और कश्मीर मुद्दे पर भी कई बार चीन ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया है.

दिसंबर 2023 के आखिरी सप्ताह में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी बलूच में आतंक के तार भारत से जोड़ने की कोशिश की थी.

दरअसल, चीन बलूच में जारी हिंसा का ठीकरा भारत के सिर पर फोड़ने की कोशिश की है. लेकिन राजनीतिक जानकारों की माने तो चीन ने बलूचिस्तान में अरबों रुपये का इन्वेस्टमेंट किया है.

इसे लेकर बलूच के लोगों का कहना है कि चीन के जरिए पाकिस्तान हमारी हितों और हक की अनदेखी कर रही है और यहां की संपदा को लूटने का हक ड्रैगन को दे दिया गया है. शायद यही कारण है कि बलूचिस्तान में अलगाववादी चीन और पाकिस्तान की इन दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं, जिसे पाकिस्तान और चीन आतंक कृत्य करार देता है.

छत्तीसगढ़ : प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान…

0

एमपी के प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रायपुर में बड़े बयान दिए हैं.

उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को चंद्रखूरी का नाम बदलने का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा कि इसका नाम कौशल्या धाम रखना चाहिए. पिछली सरकार की लालच की वजह से छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण बढ़ा.

वे दिशाहीन लोग थे, इसलिए यहां धर्मांतरण बढ़ा. उन्होंने कहा कि मैं जल्द शादी करूंगा. पंडित शास्त्री ने ये बयान 24 जनवरी को मीडिया से चर्चा में कहीं. उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा कि जातिवाद की गणना नहीं होनी चाहिए. इस बात की गणना होनी चाहिए कि गरीब कितने हैं, परेशान कितने हैं.

पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मंदिरों को मत तोड़ा. आगे हम कथा करने कवर्धा और बस्तर भी जाएंगे.

एक सवाल के जवाब में शास्त्री ने कहा कि चादर चढ़ाना चमत्कार है, कैंडल जलाना चमत्कार है, तो मैं अगर दिव्य दरबार करता हूं, हनुमान चालीसा पढ़ता हूं.

गौरतलब है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के ही कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया था.

उन्होंने कहा था कि राज्य में जबरदस्त धर्मांतरण होता है. खासकर जशपुर में लोग धर्म परिवर्तन कराते थे. लेकिन, बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप सिंह जूदेव के परिवार ने घर वापसी अभियान चलाया. उन्होंने लोगों के पैर धो-धोकर लोगों की घर वापसी कराई. दिलीप सिंह के जाने के बाद उनके बेटे इस उत्तरदायित्व को निभा रहे हैं.

दूसरी ओर, रायपुर, पंडित धीरेंद्र शास्त्री के घर वापसी के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है.

कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब बीजेपी विपक्ष में थी तो कह रही थी कि धर्मान्तरण हो रहा है. अब सत्ता में हैं तो कहते हैं घर वापसी कराएंगे. केंद्र में बीजेपी की सरकार है. इसलिए बीजेपी को कोरी बयानबाजी कर लोगों को भ्रमित नहीं करना चाहिए. धर्मांतरण के खिलाफ कानून लाना चाहिए.

इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ से भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या जाने वालों की चिंता कर रहे हैं. 60 दिनों तक वहां भंडारा विशाल भंडारा किया जाएगा.

सभी सदस्य इसके लिए बधाई के पात्र हैं. मुख्यमंत्री के नाते मुझे बार-बार आयोजन में शामिल होने का अवसर मिल रहा है. यह राम की कृपा है. हमारे भगवान राम कई वर्षों तक टेंट में रहने के बाद भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं. राम भक्तों को भोजन कराने वालों को यहां से विदा करने का अवसर मिला, यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है. भक्तों को ट्रेन से अयोध्या भेजा जा रहा है. पहली ट्रेन दुर्ग से चल रही है.

छत्तीसगढ़ : ठंडी हवाओं की वजह से एक बार फिर मौसम बदल गया कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं कुछ जगहों पर हल्की बारिश…

0

उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं की वजह से एक बार फिर छत्तीसगढ़ का मौसम बदल गया है. पिछले एक हफ्ते से प्रदेश के कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं तो वहीं कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हुई.

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर से आने वाली सर्द और शुष्क हवाओं के असर से ठिठुरन बढ़ गई है. आने वाले दिनों में उत्तर से और सर्द हवाएं आएंगी जिससे प्रदेश के न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी.

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 3 दिनों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है. गुरुवार सुबह से ही राजधानी रायपुर समेत छत्‍तीसगढ़ के कई इलाकों में ठिठुरन बनी हुई है.

वहीं धमतरी में भी सुबह से कोहरा छाया हुआ है. प्रदेश के कई इलाकों में बादल छाने के साथ ही उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं.

ठंडी हवाओं के चलते दोपहर में भी इन दिनों गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ने लगी है. बुधवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 4.9 डिग्री कम रहा. तो वहीं बिलासपुर, पेंड्रा रोड, अंबिकापुर, जगदलपुर में भी अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.

मौसम विभाग का कहना है कि हवा की दिशा में बदलाव होने की संभावना है. इसके चलते उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं का असर छत्तीसगढ़ पर अभी ज्यादा रहेगा और न्यूनतम तापमान भी गिरेगा. हालांकि बस्तर संभाग में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा.

Aadhar Card : आधार कार्ड अब देश के हर नागरिक के लिए एक बहुत ही जरूरी पहचान पत्र बन गया है…

0

Aadhaar Security Update: आधार कार्ड अब देश के हर नागरिक के लिए एक बहुत ही जरूरी पहचान पत्र बन गया है। आधार कार्ड सिर्फ एक पहचान पत्र ही नहीं है, बल्कि अगर यह आपके पास नहीं होगा तो आप कई सारी सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाएंगे और बैंक की भी कई सुविधाओं से वंचित रह जाएंगे।

अब तो सरकार ने कई ऐसे काम अनिवार्य कर दिए हैं, जो बिना आधार कार्ड के हो ही नहीं सकते हैं। आपको स्कॉलरशिप या फिर किसी भी परीक्षा का फॉर्म भरना हो या कहीं पर एडमिशन करवाना हो आधार कार्ड लगभग हर जगह जरूरी हो गया है।

आज की डेट में अगर आपका आधार कार्ड अपडेटेड नहीं है, तो आपके कई काम अधूरे रह जाते हैं। लेकिन आधार कार्ड हमारे लिए जितने फायदे की चीज है, आधार कार्ड हमारी लाइफ को जितना आसान बना रहा है। इससे धोखाधड़ी के मामले भी उतने ही बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में अगर आपको इस बात की जानकारी रहेगी कि आपके आधार कार्ड में किसने क्या गड़बड़ी की है या किस गलत जगह पर इस्तेमाल किया है, तो आप अपने आधार कार्ड को सुरक्षित करके इसकी शिकायत भी कर सकते हैं। आज हम आपको इसी तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप बड़ी आसानी से अपने आधार कार्ड को सुरक्षित रख सकते हैं। 

अपने आधार कार्ड को ईमेल आईडी से लिंक करके आप कई सारे फ्रॉड से बच सकते हैं। हालांकि यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने आधार की सुरक्षा के लिए कई और तरीका भी अपनाए हैं। जिसमें बायोमेट्रिक लॉक अनलॉक की सुविधा भी उपलब्ध है।

ईमेल आईडी लिंक करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आपको पता चल जाता है कि आपका आधार कार्ड का उपयोग कहां-कहां किया जा रहा है। इससे क्राइम और धोखाधड़ी के मामलों में रोक लगाने में काफी हद तक मदद मिल सकती है। आधार कार्ड के जरूरी है बैंक अकाउंट में होने वाली धोखाधड़ी के केस भी काफी हद तक काम हो जाते हैं।

अगर आपको आधार कार्ड से अपनी ईमेल आईडी लिंक करना नहीं आता है तो परेशान होने की कोई बात नहीं है, तो परेशान होने की कोई बात नहीं है। हम यहां पर ऐसे ही बेहतरीन और आसान तरीकों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप बिना किसी दिक्कत के आधार कार्ड से ईमेल आईडी लिंक कर सकते हैं।

आपको बताते की आप अपनी ईमेल आईडी को आधार कार्ड से लिंक करवाने के लिए आपको अपने नजदीकी आधार केंद्र पर जाना होगा। आप ऑनलाइन अपने नजदीकी आधार को केंद्र को यूआईडीएआई की वेबसाइट पर देख सकते हैं। शहर क्या आजकल लगभग हर गांव में आधार केंद्र उपलब्ध होते हैं, जहां पर आपका काम आसानी से हो जाता है। ग्राहक सेवा केंद्र में मौजूद कर्मचारी आपकी ईमेल आईडी से आधार कार्ड को लिंक कर देता है। अगर आपके पास आधार सेंटर जानने का समय नहीं है, तो आप इसे खुद ही ऑनलाइन भी अपडेट कर सकते हैं। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया का यह भी कहना है कि अगर आपने अपना आधार कार्ड 10 साल पहले बनवाया है, तो उसे अपडेट करवा लें।

आधार कार्ड को नियमित तौर पर अपडेट करते रहने से आपको उसे सुरक्षा संबंधी ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है और आपका आधार ज्यादा सुरक्षित रहता है। आधार सेंटर पर जाकर या खुद से ही अपने आधार कार्ड को ईमेल आईडी से लिंक कर लिया उसके बाद उसके इस्तेमाल की पूरी जानकारी आपको लगातार मिलती रहेगी। अगर कोई व्यक्ति धोखे से आपका आधार का इस्तेमाल करता है, तो उसका ईमेल भी आपकी ईमेल अकाउंट पर आ जाएगा, इससे आप अपने आधार कार्ड को सुरक्षित कर सकते हैं।

असम में हिंसा फैलाने के आरोप में सांसद राहुल गांधी समेत अन्य कांग्रेसी नेताओं पर एफआईआर दर्ज…

0

असम :राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल समेत पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है.

राहुल गांधी इस समय असम राज्य में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’का नेतृत्व कर रहे हैं. इस यात्रा में मौजूद कांग्रेसी नेताओं और समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने गुवाहाटी में प्रवेश करने की कोशिश में बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस के साथ भी हिंसक झड़प की.

इन धाराओं में हुई एफआईआर

राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट करते हुए बताया कि कांग्रेसी नेताओं द्वारा आज हिंसा और सार्वजनित संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व पुलिस कर्मियों पर हमले के अनियंत्रित कृत्यों के संदर्भ में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, कन्हैया कुमार व अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धारा 120 (बी),143/ 147/ 188/ 283/ 353/ 332/ 333/ 427 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है. मुख्यमंत्री सरमा ने पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह को भीड़ द्वारा बैरिकेड तोड़ने के लिए उकसाने के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था. इसके साथ ही जीपी सिंह ने कहा है कि गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के कारण दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा रही है.

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आ रहे हैं…

0

Republic Day 2024: हर साल की तरह इस साल भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा. 26 जनवरी 1950 का ही वो दिन था, जब संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था. इस दिन कर्तव्य पथ पर झांकियां निकाली जाती है.

जिसे देखने के लिए देश-भर से लोग आते हैं. इस दौरान कर्तव्य पथ पर विभिन्न राज्यों की झांकियों का प्रदर्शन किया जाता है.

इस बार गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आ रहे हैं. 26 जनवरी को परेड सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी.

देश-भर से हजारों लोग गणतंत्र दिवस परेड देखने आते हैं. इसमें शामिल होने के लिए आपको टिकट खरीदनी पड़ती है. 10 जनवरी से ही गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने की टिकट की बुकिंग शुरू हो गई थी.

इसके अलावा दिल्ली पर्यटन विकास निगम (डीटीडीसी) काउंटरों, भारत पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) यात्रा काउंटरों और दिल्ली के भीतर विभागीय बिक्री काउंटरों से ऑफलाइन भी खरीद सकते हैं.

इसके साथ ही आप सेना भवन, प्रगति मैदान, जंतर मंतर, शास्त्री भवन, संसद भवन रिसेप्शन ऑफिस और जनपथ स्थित भारत सरकार पर्यटक कार्यालय के बूथ से भी टिकट खरीद कर गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं.

कितने रूप में मिलेगी कौन सी टिकट?

गणतंत्र दिवस कार्यक्रम स्थल पर 77 हजार लोगों की बैठने की क्षमता है, जिसमें से 42 हजार सीटें आम जनता के लिए आरक्षित है.

इसके साथ ही परेड की टिकटों के लिए लगने वाली रुपयों की बात करें तो ये बैठने की जगह के अनुसार अलग-अलग है.

फ्रंट रो में बैठने वालों के लिए आरक्षित सीटों की टिकट की कीमत 500 रुपए है, मिडिल रो में बैठने वालों के लिए 100 रुपए और पीछे बैठने वालों के लिए 20 रुपए की टिकट है.

500 रुपए वाली सीट आरक्षित है जबकि 100 रुपए और 20 रुपए वाली सीट अनारक्षित है. इसके अलावा, पाँच साल से छोटे बच्चों के लिए टिकट की आवश्यकता नहीं होगी.

छत्तीसगढ़ : CM विष्णुदेव साय का दो दिवसीय बस्तर दौरा, जानें- गणतंत्र दिवस पर जनता को क्या मिलेगी सौगात…

0

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार (25 जनवरी) को अपने दो दिवसीय दौरे पर बस्तर आ रहे हैं. तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 25 जनवरी को बस्तर जिले के जगदलपुर शहर पहुंचेंगे और बाबू सेमरा में एमआरएफ सेंटर का उद्घाटन करेंगे.

इसके अलावा अन्य विकास कार्यों का भी भूमि पूजन और लोकार्पण करेंगे. साथ ही जगदलपुर के धरमपुरा में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और ज्ञानगुड़ी केंद्र का भी लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों किया जाएगा.

25 जनवरी को देर शाम मुख्यमंत्री सर्किट हाउस में बस्तर जिले के सभी समाज के प्रमुखों से मुलाकात करने के साथ ही बीजेपी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक भी लेंगे.

वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने प्रवास के दूसरे दिन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रदेश के चौथे मुख्यमंत्री के रूप में जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे. बता दें इस साल कोविड काल के तीन साल बाद लालबाग मैदान में शासकीय विभागों के द्वारा झांकी भी निकाली जाएगी.

लालबाग मैदान में स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा.

मुख्यमंत्री प्रदेश के लोगों को संबोधित करने के बाद बस्तर में नक्सली घटना में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए सीएम सिरासार के शहीद स्मारक पहुंचेंगे.

मुख्यमंत्री के दो दिवसीय प्रवास को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरे जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रही है. बस्तर एसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रवास को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं.

जिले में 500 से ज्यादा सुरक्षा बलों को तैनात किया जा रहा है. नक्सलियों की ओर से इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाने के चलते अंदरूनी इलाकों में ऑपरेशन तेज कर दिया गया है. साथ ही नेशनल हाइवे पर बने चेक पोस्ट नाके पर बाहर से आने वाले सभी वाहनों की चेकिंग की जा रही है.

छत्तीसगढ़ : कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की याचिका ख़ारिज…

0

छत्तीसगढ़ : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर की एक अदालत ने जमानत दे दी है. दो साल पहले उन्होंने कथिततौर पर कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया था, जिसे लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था.

महामारी के दौरान सीआरपीसी की धारा 144 के तहत लगाए गए नियमों के उल्लंघन के लिए नोएडा पुलिस ने बघेल पर मामला दर्ज किया था. तब वह यहां कांग्रेस विधानसभा उम्मीदवार पंखुड़ी पाठक के लिए प्रचार करने आए थे.

बघेल का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील रजनीश यादव ने कहा कि सूरजपुर में एमपी/एमएलए अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री को मामले में सुनवाई के लिए सोमवार को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था. यादव ने पीटीआई को बताया, “बघेल हाल ही में अपने पिता के निधन के बाद पिछली अदालत की तारीख में शामिल नहीं हुए थे. न्यायमूर्ति प्रदीप कुशवाह की अदालत ने तब जमानती वारंट जारी किया था.”

वकील ने बताया कि सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने महामारी के दौरान दर्ज किए गए सभी समान मामलों को वापस ले लिया है. हालांकि, अखिलेश यादव और भूपेश बघेल सहित राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया है.

उन्होंने बताया कि इसके बाद न्यायाधीश ने बघेल को जमानत दे दी और मामले में सुनवाई की अगली तारीख एक फरवरी तय की है. बघेल सोमवार को अदालत में पेश हुए, जहां उनके साथ पंखुरी पाठक और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अनिल यादव सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता भी थे.

छत्तीसगढ़ : सुभाष चंद्र बोस की 23 जनवरी को उनकी 127वीं जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नमन”

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम के महानायक और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 23 जनवरी को उनकी 127वीं जयंती पर उन्हें नमन किया है।

श्री साय ने कहा है कि नेताजी ने भारत की आजादी के लिए कठिन संघर्ष किया और ”तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” जैसे नारों से देशवासियों में नये जोश का संचार किया।

उन्हें आजादी के लिए लड़ने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया। नेताजी ने आजाद हिंद फौज का गठन कर स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की। भारत की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष और अतुल्य योगदान के लिए नेताजी सदैव याद किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ : मौसम का मिजाज बदलने वाला है ठंड में और बढ़ोतरी न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट…

0

छत्तीसगढ़ : मौसम का मिजाज बदलने वाला है ठंड में और बढ़ोतरी होगी. मौसम विभाग ने बताया की दो दिनों बाद न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।

द्रोणिका के प्रभाव से मंगलवार को रायपुर और दुर्ग संभाग के कई जिलों व जांजगीर, रायगढ़, जशपुर जिले से लगे क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं।

सोमवार को प्रदेश भर में अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, यहां का न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा भी हुई।

मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक द्रोणिका दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक 0.9 किमी ऊंचाई तक है।

प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण बादल छाए रहेंगे। उत्तरी छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना है। आने वाले दिनों में प्रदेश में ठंडकता बनी रहने की उम्मीद है। न्यूनतम तापमान में जहां गिरावट आएगी, वहीं अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा।

उत्तरी छत्तीसगढ़ में अभी भी शीतलहर चल रही है और मध्य छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा है।

सोमवार को रायपुर का न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा रहा। अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम 5.0 डिग्री रहा। पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 8.2 डिग्री रहा।