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CG: देश की ऊर्जा राजधानी बनेगा अपना छत्तीसगढ़, विभागीय सचिव डॉ. रोहित यादव ने बताया प्लान, गिनाई उपलब्धियां…

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छत्तीसगढ़ को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा प्रयास तेज कर दिये गये हैं।

छत्तीसगढ़ को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा प्रयास तेज कर दिये गये हैं। इसके लिये 32 हजार 100 मेगावाट क्षमता की नई परियोजनाओं के लिये विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं। इन परियोजनाओं में 12 हजार 100 मेगावाट ताप विद्युत, 4 हजार 200 मेगावाट न्यूक्लियर, 2 हजार 500 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर और 13 हजार 300 मेगावाट पंप स्टोरेज क्षमता शामिल है। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ हो गया है। इसमें कई प्रमुख संस्थाएं की भी भागीदारी है। ये बातें छत्तीसगढ़ ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने गुरुवार को नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ संवाद ऑडिटोरियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर जानकारी शेयर करते हुए कहीं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में शानदार प्रगति हुई है। आने वाले वर्षों के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिलाकर प्रदेश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 30 हजार 671.7 मेगावाट है। इसमें 28 हजार 824 मेगावाट ताप विद्युत, 220 मेगावाट जल विद्युत तथा सोलर, बायोमास आदि स्रोतों से 2,047 मेगावाट क्षमता शामिल है। ताप विद्युत क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की 2,840 मेगावाट, एनटीपीसी व निजी स्वामित्व के बिजलीघरों की 20 हजार 299 मेगावाट तथा कैप्टिव पॉवर प्लांट्स की 5 हजार 266 मेगावाट क्षमता है।

ताप विद्युत पर निर्भरता कम करने पर फोकस
आईएएस डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार का फोकस ताप विद्युत पर निर्भरता कम कर कार्बन उत्सर्जन घटाने पर है। नेट जीरो कार्बन लक्ष्य के तहत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी की जा सके। इस दिशा में जल विद्युत एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो ग्रिड संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगी।

पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा
राज्य शासन के पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नीति 2023 लागू की गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 8,300 मेगावाट क्षमता के छह स्थलों का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से पांच के फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और डीपीआर निर्माणाधीन है। निजी क्षेत्र में भी लगभग 5,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

यादव ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के तहत एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड एवं राज्य उत्पादन कंपनी के संयुक्त उपक्रम की ओर से लगभग 2 हजार मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें अटल बिहारी ताप विद्युत गृह के जलाशय में 6 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर, कोरबा पूर्व के बंद राखड़ बांध पर 32 मेगावाट सौर संयंत्र तथा 500 मेगावाट-ऑवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना प्रस्तावित है।

कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयां
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की तरफ से कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों एवं मड़वा में 800 मेगावाट की इकाई स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। पारेषण क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच उपकेन्द्रों की संख्या 132 से बढ़कर 137 हो गई है। ट्रांसफार्मरों की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 132 केवी लाइनों में पुराने कंडक्टरों को उच्च क्षमता वाले एचटीएलएस कंडक्टर से बदला जा रहा है। साथ ही 5 हजार 200 किमी ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर का इंस्टॉलेशन पूर्ण कर 131 उपकेन्द्रों को डिजिटल संचार नेटवर्क से जोड़ा गया है।

उपभोक्ताओं की संख्या 65 लाख से अधिक ज्यादा
ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या 65 लाख से अधिक हो गई है। विगत दो वर्षों में हजारों किमी नई लाइनें, उपकेन्द्र एवं ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम कुसुम, डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना एवं बीपीएल उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विद्युतीकरण हेतु नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत सैकड़ों गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है।

रायपुर में अंडरग्राउंड केबल योजना
ऊर्जा सचिव ने बताया कि राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में ओवरहेड लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इसे लेकर रायपुर में 7,600 करोड़ और बिलासपुर में 3,100 करोड़ रुपये का बजट अनुमानित है।

पीएम सूर्यघर योजना के लिए सवा लाख लोगों ने कराया पंजीयन
प्रदेश में  प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के व्यापर पैमाने पर प्रचार-प्रसार का असर देखने को मिल रहा है। योजना के तहत 1.32 लाख पंजीयन हुआ हैं। 8.30 लाख किसानों को कृषि पंपों पर सब्सिडी, 14.99 लाख बीपीएल उपभोक्ताओं को 30 यूनिट मुफ्त बिजली और मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत 400 यूनिट तक खपत पर रियायत दी गई है।

नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज पर कार्य
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 2000 MWh बैटरी स्टोरेज सिस्टम 2027-28 तक स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके साथ ही सोलर सिंचाई, सोलर पेयजल और सोलर हाईमास्ट योजनाओं के तहत हजारों इकाइयां स्थापित की जायेगी।

तीन वर्षों की कार्य योजना पर डाला प्रकाश
वहीं क्रेडा की उपलब्धियों पर ऊर्जा सचिव ने बताया कि विगत दो वर्षों में 26 हजार 794 सोलर सिंचाई पंप, 7 हजार 833 सोलर पेयजल पंप तथा 1 हजार 709 सोलर हाईमास्ट स्थापित किए गए हैं। आगामी वर्षों में ऑफग्रिड सोलर प्लांट्स एवं रूफटॉप सौर संयंत्रों के विस्तार की कार्ययोजना पर भी कार्य जारी है। डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में संतुलित मिश्रण, तकनीकी आधुनिकीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान पत्रकारों के सवालों के भी विस्तृत उत्तर दिए और विभाग की आगामी 03 वर्षों की कार्य योजना साझा की।

CG: भुगतान के इंतजार में गन्ना किसान, 8 करोड़ रुपए अटके, बोले- समय पर पैसा नहीं मिला तो कैसे करेंगे खेती?

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दंतेश्वरी मईया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना बेचने वाले किसानों को भुगतान करने के लिए राशि नहीं है। दो महीने से राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

बालोद जिले के दंतेश्वरी मईया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना बेचने वाले किसानों को भुगतान करने के लिए राशि नहीं है। दो महीने से राशि का भुगतान नहीं किया गया है। अब किसान राशि की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होगा तो गन्ना की फसल कैसे लेंगे।

जिले में दिसंबर से शक्कर कारखाना में गन्ना की पेराई शुरू हुई है। दिसंबर में ही किसानों को भुगतान किया गया। इसके बाद राशि की कमी के कारण भुगतान अटका है। किसानों कब भुगतान किया जाएगा, इसकी जानकारी कारखाना प्रबंधन ने नहीं दी है।

मात्र 3.68 करोड़ का ही हुआ भुगतान

शक्कर कारखाना के मुताबिक, 16 फरवरी की स्थिति में मात्र 3.68 करोड़ रुपए का ही भुगतान किसानों को किया गया है। जबकि 755 किसान गन्ना बेच चुके हैं। बेचे गए गन्ने की कुल कीमत लगभग 11 करोड़ 93 लाख रुपए है। वहीं अभी भी लगभग 8 करोड़ रुपए का भुगतान बाकी है।

शक्कर बिकेगी, इसके बाद होगा भुगतान

कारखाना के मुताबिक शक्कर कारखाना में लगभग 36 हजार 500 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। इसकी कीमत लगभग 10 करोड़ के करीब है। यह शक्कर बिकेगी, तब राशि आएगी। शक्कर का जिले की शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में राशन कार्डधारियों को वितरण किया जाता है। इस बार शक्कर की बिक्री देर से हो रही है। इसलिए राशि की कमी हो रही है।

गन्ना खरीदी और अब तक भुगतान

  • गन्ना खरीदी – 36,251 मीट्रिक टन
  • गन्ना पेराई – 35,940 मीट्रिक टन
  • शक्कर उत्पादन – 36,500 क्विंटल
  • गन्ना खरीदी राशि – 11.93 करोड़
  • भुगतान राशि – 3.68 करोड़ रुपए
  • गन्ना बेचने वाले किसान – 755

सिर्फ गन्ना किसानों से हो रहा भेदभाव

गन्ना उत्पादक किसान शुभाष साहू, रोहित साहू, जयंत साहू ने बताया कि धान खरीदी के कुछ दिन बाद किसानों के खाते में राशि आ जाती है, वह भी पूरी। गन्ना किसानों को एक-दो माह बाद भुगतान किया जाता है। उनके लिए भी ऐसी योजना बनाएं कि गन्ना बेचने के कुछ दिन में भुगतान हो जाए।

कोई प्रोत्साहन नहीं तो कैसे करें गन्ना उत्पादन

जिले में लगातार गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या घट रही है। इससे शक्कर कारखाना में भी खतरा मंडराने लगा है। जिला गन्ना उत्पादक किसान संघ के संरक्षक छगन देशमुख ने कहा कि गन्ना फसल के प्रति किसानों को सुविधाएं प्रदान करने प्रशासन को भी ध्यान देने की जरूरत है। किसानों की उपेक्षा करने पर वे गन्ना की फसल लेने कैसे आगे आएंगे।

जल्द भुगतान किया जाएगा

दंतेश्वरी मईया सहकारी शक्कर कारखाना के जिला अधिकारी राजेंद्र प्रसाद राठिया ने कहा कि जल्द किसानों को बेचे गए गन्ने का भुगतान किया जाएगा।

CG: युवाओं के लिए सुनहरा मौका, छत्तीसगढ़ में 5000 पदों पर होगी सीधी भर्ती, पढ़ें पूरी डिटेल…

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छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग फरवरी 2026 से 5000 पदों पर सीधी भर्ती शुरू होने जा रही है. इसमें सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता और लैब सहायक पदों पर लिखित परीक्षा से चयन होगा, जिससे शिक्षकों की कमी दूर होगी.

छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. जो अभ्यर्थी सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता और सहायक प्रयोगशाला जैसे पदों पर नौकरी की तलाश कर रहे हैं, उनके लिए स्कूल शिक्षा विभाग जल्द ही 5000 पदों पर सीधी भर्ती का विज्ञापन जारी करने जा रहा है. विभाग ने शिक्षक सीधी भर्ती 2023 की प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब फरवरी महीने में नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी है. लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं में इस खबर से खासा उत्साह देखा जा रहा है.

स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि कुल 5000 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. छत्तीसगढ़ शासन ने इस भर्ती परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ व्यापम को सौंपी है. विभाग द्वारा भर्ती विज्ञापन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया पूरी कर व्यापम को भेज दी गई है. इससे यह संकेत मिल रहा है कि भर्ती प्रक्रिया तय समय पर शुरू होगी और किसी तरह की देरी नहीं होगी.

शिक्षकों की कमी जल्द होगी पूरी  

मिली जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में 5000 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया फरवरी 2026 से शुरू करने जा रही है. इन सभी पदों पर चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा, जिसका आयोजन व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा किया जाएगा. मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद इस भर्ती को प्राथमिकता दी गई है, ताकि राज्य के अलग-अलग स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके.

स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर
सरकारी स्कूलों में होने वाली इस भर्ती से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. इस सीधी भर्ती में व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक जैसे कई पद शामिल किए जा रहे हैं. खास बात यह है कि अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को इसमें अवसर मिलेगा. इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है.

नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया
शिक्षक सीधी भर्ती 2023 के तहत सहायक शिक्षक पद के पांचवें चरण में एक अहम फैसला भी लिया गया है. माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किए गए 2621 बीएड अर्हताधारी अभ्यर्थियों के स्थान पर डीएड अर्हताधारी उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर दिया गया है. इस निर्णय से लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे डीएड योग्य अभ्यर्थियों को राहत मिली है और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है.

शिक्षा व्यवस्था को स्थायी मजबूती
स्कूल शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य भर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने में बड़ी मदद मिलेगी. भर्ती से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइंस आने वाले दिनों में जारी की जाएंगी. विभागीय सूत्रों का मानना है कि विज्ञापन फरवरी से मार्च 2026 के बीच जारी किया जा सकता है. यह सीधी भर्ती प्रदेश में प्रस्तावित 30,000 शिक्षकों की समग्र भर्ती योजना का अहम हिस्सा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को स्थायी मजबूती मिलने की उम्मीद है.

CG: बीजेपी शासित छत्तीसगढ़ में मुस्लिम कर्मचारियों को मिला तोहफा, रमजान में एक घंटे पहले मिलेगी ऑफिस से छुट्टी…

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रमजान के पाक महीने में छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी घोषणा की है। मुस्लिम समाज के शासकीय अधिकारी और कर्मचारी एक घंटा पहले ऑफिस छोड़कर जा सकते हैं। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने इस निर्णय का स्वागत किया है

मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटे पहले मिलेगी छुट्टी

रमजान के पाक महीने की शुरुआत हो गई है। बीजेपी शासित छत्तीसगढ़ में विष्णु देव की सरकार ने मुस्लिम कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। रमजान के महीने में कर्मचारियों को ऑफिस से एक घंटे पहले नमाज पढ़ने के लिए छुट्टी मिल जाएगी। 19 फरवरी से सभी शासकीय कार्यालयों में यह नियम लागू होगा।

एक घंटे पहले मिल जाएगी छुट्टी

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज ने कहा है कि मुस्लिम धर्म से सबसे पवित्र माह कहा जाने वाला रमजान महीना 19 फरवरी से शुरू हो गया है। इस माह में मुस्लिम समाज के लोग पूरे दिन रोजा रखकर खुदा की इबादत करते हैं। साथ ही हर दिन रात्रि में विशेष नमाज तरावीह का भी आयोजन किया जाता है। इसमें संपूर्ण कुरान का पाठ किया जाता है।

उन्होंने कहा कि रमजान को देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार ने राज्य समस्त शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों को एक घंटा पूर्व कार्यालय छोड़ने की अनुमति प्रदान की गई है। यह बहुत ही सराहनीय कार्य है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में हर जाति, धर्म, पंथ और समाज के आस्था का सम्मान किया जा रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का ही स्वरूप है।

मुस्लिम समाज के लोगों ने किया स्वागत

वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय का मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर भी इस आदेश की खूब चर्चा हो रही है। आम तौर पर लोगों ने यह धारणा बना रखी है कि बीजेपी की नीति अलग रहती है। मगर विष्णु देव साय की सरकार ने इस मिथक को तोड़ दिया है।

INDIA पर बड़ा दावा! राहुल गांधी का नाम लेकर संजय राउत ने मचाई सियासी हलचल, अब कांग्रेस का आया बयान…

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शिवसेना उद्धव बाला साहेब ठाकरे के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन यानी INDIA पर बड़ा बयान दिया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लेते हुए राउत के दावे के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया आई है.

शिवसेना (UBT) के MP संजय राउत ने कहा कि, ‘INDIA ब्लॉक का काम तब शुरू होता है जब लोकसभा चुनाव पास आते हैं. तब तक किसी के बीच कोई बातचीत नहीं होती. तब तक, INDIA ब्लॉक में लोग क्या कर रहे हैं, किसी को पता नहीं चलता. देश में बहुत सारी दिक्कतें हैं. अमेरिका के साथ हुई डील का नतीजा यह होगा कि देश के किसान मरेंगे, आत्महत्या करेंगे और भूखे मरेंगे. लेकिन INDIA ब्लॉक के सिर्फ पार्लियामेंट में आवाज उठाने से काम नहीं चलने वाला. वे राहुल गांधी को भी पार्लियामेंट में बोलने नहीं देते. क्या हम बाहर कुछ कर सकते हैं?

राउत के बयान पर क्या बोली कांग्रेस?

राउत ने कहा कि देश में बहुत सारे मुद्दे हैं, मणिपुर का मुद्दा, कानून-व्यवस्था का मुद्दा. INDIA ब्लॉक को हमेशा चौकन्ना रहना चाहिए. उन्हें एक-दूसरे से बातचीत करनी चाहिए. महीनों, सालों तक वे किसी से बात नहीं करते. चाहे वह उद्धव ठाकरे हों या दूसरे नेता, हम चाहते हैं कि INDIA ब्लॉक सिर्फ लोकसभा चुनाव से पहले ही नहीं, बल्कि उससे भी पहले एक्टिव हो. किसी ने सुझाव दिया है कि ममता बनर्जी को INDIA ब्लॉक को लीड करना चाहिए. दूसरे का कहना है कि स्टालिन को करना चाहिए. यह उनकी पर्सनल राय है. इंडिया ब्लॉक की एक मीटिंग होनी चाहिए.’

शिवसेना UBT MP संजय राउत के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया दी.उन्होंने कहा कि, वह एक सीनियर लीडर हैं. अगर उन्होंने कुछ कहा है, तो बेशक, INDIA के सभी अलायंस पार्टनर इसे सुनेंगे और देखेंगे कि क्या करना है.

Ramadan 2026: भारत में गुरुवार को पहला रोजा, देशभर में देखा गया Ramadan का चांद; यहां देखें सहरी-इफ्तार का टाइम टेबल…

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Ramadan 2026: देशभर में रमजान का चांद नजर आ गया है. ऐसे में गुरुवार को पहला रोजा रखा जाएगा. इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना रमजान मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि इसी महीने में पैगंबर मोहम्मद साहब को कुरान की आयतें प्राप्त हुई थीं.

रमजान का महीना सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, सब्र और अनुशासन की सीख देता है. रोजेदार सुबह सूर्योदय से पहले सहरी करता है और फिर सूर्यास्त तक कुछ भी खाता-पीता नहीं है, यहां तक कि पानी भी नहीं पीता है. शाम को सूर्यास्त के बाद रोजा खोला जाता है, जिसे इफ्तार कहते हैं. परंपरा के अनुसार खजूर से इफ्तार करना सुन्नत माना जाता है.

सहरी और इफ्तार का महत्व

सहरी वह समय है जब फज्र की नमाज से पहले भोजन किया जाता है. यह पूरे दिन की ऊर्जा का आधार होता है. वहीं इफ्तार पूरे दिन के रोजे के बाद राहत और शुक्राने का पल होता है. हर रोजेदार के लिए सही समय जानना जरूरी होता है, क्योंकि सहरी का समय खत्म होते ही रोजा शुरू हो जाता है और सूर्यास्त के साथ इफ्तार का समय होता है. नीचे 19 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक का सहरी और इफ्तार का तय समय दिया गया है.

रमजान 2026 सहरी और इफ्तार टाइम टेबल;
तारीख सहरी का समय इफ्तार का समय;

  • 19 फरवरी 05:36 सुबह 06:15 शाम
  • 20 फरवरी 05:35 सुबह 06:16 शाम
  • 21 फरवरी 05:35 सुबह 06:17 शाम
  • 22 फरवरी 05:34 सुबह 06:17 शाम
  • 23 फरवरी 05:33 सुबह 06:18 शाम
  • 24 फरवरी 05:32 सुबह 06:19 शाम
  • 25 फरवरी 05:31 सुबह 06:19 शाम
  • 26 फरवरी 05:30 सुबह 06:20 शाम
  • 27 फरवरी 05:29 सुबह 06:21 शाम
  • 28 फरवरी 05:28 सुबह 06:21 शाम
  • 1 मार्च 05:27 सुबह 06:22 शाम
  • 2 मार्च 05:26 सुबह 06:23 शाम
  • 3 मार्च 05:25 सुबह 06:23 शाम
  • 4 मार्च 05:24 सुबह 06:24 शाम
  • 5 मार्च 05:23 सुबह 06:25 शाम
  • 6 मार्च 05:22 सुबह 06:25 शाम
  • 7 मार्च 05:21 सुबह 06:26 शाम
  • 8 मार्च 05:20 सुबह 06:26 शाम
  • 9 मार्च 05:19 सुबह 06:27 शाम
  • 10 मार्च 05:18 सुबह 06:28 शाम
  • 11 मार्च 05:17 सुबह 06:28 शाम
  • 12 मार्च 05:15 सुबह 06:29 शाम
  • 13 मार्च 05:14 सुबह 06:29 शाम
  • 14 मार्च 05:13 सुबह 06:30 शाम
  • 15 मार्च 05:12 सुबह 06:31 शाम
  • 16 मार्च 05:11 सुबह 06:31 शाम
  • 17 मार्च 05:10 सुबह 06:32 शाम
  • 18 मार्च 05:08 सुबह 06:32 शाम
  • 19 मार्च 05:07 सुबह 06:33 शाम

बदलता समय और बढ़ती तैयारी

जैसा कि टाइम टेबल से साफ है, हर दिन सहरी का समय कुछ मिनट पहले हो रहा है और इफ्तार का समय थोड़ा आगे बढ़ रहा है. यह सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में बदलाव की वजह से होता है. रमजान के दौरान मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की जाती है. लोग जकात और सदका देकर जरूरतमंदों की मदद करते हैं. यह महीना समाज में बराबरी और भाईचारे का संदेश भी देता है.

रोजा रखना हर मुसलमान का फर्ज

इस्लाम धर्म में रोजा रखना हर बालिग और स्वस्थ मुसलमान पर फर्ज माना गया है, हालांकि बीमार, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और सफर करने वालों को छूट दी जाती है. रमजान 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर में इबादत, अनुशासन और रहमत का माहौल बन गया है. सही समय पर सहरी और इफ्तार करना रोजे की अहम शर्त है, इसलिए इस टाइम टेबल को ध्यान में रखना जरूरी है.

YouTube Global Outage: ‘Something Error’, भारत समेत कई देशों में यूट्यूब डाउन…

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मशहूर वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब कई देशों में डाउन हो गया। आउटेज ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर (DownDetector) पर लाखों यूजर्स ने यूट्यूब में आ रही दिक्कतों की जानकारी दी।

मुख्य समस्या यह थी कि कई देशों में यूजर्स यूट्यूब का होम पेज नहीं खोल पा रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूट्यूब खोलने पर होम पेज पर ‘समथिंग एरर’ का मैसेज दिख रहा था।

यूट्यूब को आखिर हुआ क्या?

डाउनडिटेक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय मीडिया इंडिया टुडे की रिपोर्ट है कि आज सुबह 6:30 से 7:30 बजे के बीच एक घंटे में यूट्यूब यूजर्स ने लगभग 20,000 शिकायतें दर्ज कीं। इनमें से 74 प्रतिशत समस्याएं यूट्यूब ऐप से जुड़ी थीं और 16 प्रतिशत वीडियो स्ट्रीमिंग से संबंधित थीं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मंगलवार सुबह 7:11 बजे तक यूट्यूब यूजर्स ने डाउनडिटेक्टर पर 19,097 शिकायतें दर्ज कीं। यूजर्स ने वीडियो स्ट्रीमिंग, ऐप एक्सेस और वेबसाइट लोडिंग में समस्याओं की सूचना दी है। यूजर्स की शिकायतों के बाद, यूट्यूब ने एक बयान में कहा कि वे इस मुद्दे की जांच कर रहे हैं और जल्द ही और जानकारी अपडेट करेंगे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूट्यूब की समस्या से जुड़े स्क्रीनशॉट की बाढ़ आ गई है। कई यूट्यूब यूजर्स ने अपने अलग-अलग डिवाइस से ‘समथिंग एरर’ मैसेज के स्क्रीनशॉट एक्स पर शेयर किए। इस वैश्विक गड़बड़ी ने दुनिया भर के यूट्यूब यूजर्स को चिंता में डाल दिया है।

BMW X3 M Sport Pro भारत में लॉन्च, सिर्फ 6.3 सेकंड में पकड़ती है 100 किमी की रफ्तार…

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जर्मन कार ब्रांड बीएमडब्ल्यू इंडिया ने एक्स3 30 एक्सड्राइव एम स्पोर्ट प्रो लॉन्च किया है। 74.50 लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत वाला यह नया ‘मेड-इन-इंडिया’ मॉडल ब्रांड के चेन्नई प्लांट में बनाया जा रहा है।

साथ ही, देश भर के बीएमडब्ल्यू शोरूम में इसकी बुकिंग शुरू हो गई है। इस नए मॉडल के आने से, एक्स3 सीरीज़ में अब पेट्रोल और डीज़ल इंजन के ज़्यादा ऑप्शन मिल रहे हैं, जिससे लग्जरी एसयूवी पसंद करने वालों को चुनने के लिए और भी वैरायटी मिलेगी।

इस नई कार में बहुत पावरफुल 2.0-लीटर चार-सिलेंडर पेट्रोल इंजन है। यह सिर्फ 6.3 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। इसमें आठ-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और बीएमडब्ल्यू का सिग्नेचर ऑल-व्हील-ड्राइव सिस्टम भी शामिल है। बेहतर माइलेज और परफॉर्मेंस के लिए इसमें एक माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम भी जोड़ा गया है।

स्पोर्टी लुक

आराम के लिए, इसमें एक खास \”अडेप्टिव सस्पेंशन\” दिया गया है, जो सड़क और आपके ड्राइविंग स्टाइल के हिसाब से एडजस्ट हो जाता है। अगर डाइमेंशन की बात करें, तो कार की लंबाई 4,755 मिमी और चौड़ाई 1,920 मिमी है। बाहर से देखने पर, इसकी स्लीक ब्लैक ग्रिल, अडेप्टिव एलईडी हेडलाइट्स, बड़े 20-इंच के अलॉय व्हील्स और रेड ब्रेक कैलिपर्स इसे एक स्पोर्टी लुक देते हैं।

फीचर्स

कार के अंदर 12.3-इंच और 14.9-इंच की स्क्रीन वाला एक बड़ा कर्व्ड डिस्प्ले है। म्यूजिक सुनने के लिए इसमें 15 स्पीकर वाला पावरफुल हरमन कार्डन साउंड सिस्टम, वेंटिलेटेड सीट्स और एक बड़ी सनरूफ भी दी गई है।

कलर ऑप्शंस

यह एसयूवी नए ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलती है और इसमें वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो का सपोर्ट है। सेफ्टी के लिए इसमें आठ एयरबैग और पार्किंग असिस्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं। यह कार ग्रे, व्हाइट, ब्लू और ब्लैक जैसे कई शानदार रंगों में उपलब्ध है, और इंटीरियर सीटों के लिए भी दो प्रीमियम कलर ऑप्शन मिलते हैं।

रजनीकांत लेने वाले हैं सिनेमा से संन्यास? 51 साल बाद आखिरी फिल्म को लेकर बड़ा सवाल, कौन करेगा प्रोड्यूस…

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साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री को ग्लोबल पहचान दिलाने वाले एक्टर रजनीकांत पिछले पांच दशकों से फैंस का मनोरंजन कर रहे हैं। फैंस आज भी उनकी फिल्मों का बेसब्री से इंतजार करते हैं। 2025 में वे फिल्म कुली में दिखे थे और उस फिल्म में उनकी एक्टिंग की भी काफी तारीफ हुई थी।

अब वे अपनी सफल फिल्म जेलर के सीक्वल में बिजी हैं। जेलर 2 थिएटर में रिलीज होने का इंतजार कर रही है। इसके अलावा, एक्टर के दूसरे प्रोजेक्ट्स के बारे में भी अपडेट्स आने लगे हैं।

हालांकि रजनीकांत का रिटायरमेंट का कोई प्लान नहीं है, और न ही उन्होंने ऐसी कोई इच्छा जताई है। फिर भी, उनकी आखिरी फिल्म के बारे में अपडेट्स आने लगे हैं। ऐसी खबरें हैं कि उनकी बेटी सौंदर्या रजनीकांत उनकी आखिरी फिल्म को प्रोड्यूस करेंगी। आइए जानते हैं इस प्रोजेक्ट के बारे में क्या डेवलपमेंट हो रहे हैं। वलाई पेचू की रिपोर्ट्स के मुताबिक, रजनीकांत अपनी आखिरी फिल्म के लिए उनके साथ कोलेबोरेट करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने यह फैसला अपनी फेयरवेल फिल्म के लिए किया है। हालांकि एक्टर ने अभी यह तय नहीं किया है कि उनकी आखिरी फिल्म कौन सी होगी, लेकिन वे पहले से ही इसकी तैयारी कर रहे हैं और इसे यादगार बनाना चाहते हैं।

वर्क फ्रंट पर रजनीकांत

रजनीकांत 75 साल के हैं, और इस उम्र में भी उनके ज़बरदस्त एक्शन सीक्वेंस देखने को मिले हैं। उनकी फिल्म कुली 2025 में रिलीज़ हुई थी, जिसने काफी अच्छी कमाई की थी। हालांकि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं किया, लेकिन विदेशों में इसने अच्छा प्रदर्शन किया। फिल्म में नागार्जुन ने भी अहम भूमिका निभाई थी, और बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान ने भी कैमियो किया था।

एक्टर अब अपनी सफल फिल्म जेलर के सीक्वल जेलर 2 में नज़र आएंगे। फिल्म को नेल्सन दिलीप कुमार ने डायरेक्ट किया है। फिल्म में मोहनलाल, शिव राजकुमार और बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन भी नज़र आएंगी। वह सुपरस्टार कमल हासन के साथ भी एक बड़ी फिल्म में काम करने की तैयारी कर रहे हैं। फिल्म का टेंटेटिव टाइटल थलाइवर 174 x KH 238 है। इस फिल्म में दोनों सुपरस्टार लगभग चार दशक बाद एक साथ स्क्रीन शेयर करते हुए नज़र आएंगे।

एंटीबायोटिक के दुरुपयोग से बढ़ रहा ‘सुपरबग’ का खतरा, भारत में मल्टी ड्रग रजिस्टेंस चिंताजनक…

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एंटीबायोटिक दवाओं के गलत और अनियंत्रित इस्तेमाल से बैक्टीरिया तेजी से ‘सुपरबग’ में बदल रहे हैं, जिससे जीवनरक्षक दवाएं भी बेअसर होती जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे एक उभरती हुई ‘मौन महामारी’ करार दिया है।

अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों की हालिया रिपोर्टों में भारत में मल्टी ड्रग रजिस्टेंस (एमडीआर) की बढ़ती समस्या को गंभीर खतरे के रूप में चिन्हित किया गया है।

World Health Organization (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि यदि एंटीबायोटिक का दुरुपयोग नहीं रोका गया तो सामान्य संक्रमण भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। वहीं Indian Council of Medical Research (आईसीएमआर) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कई प्रमुख संक्रमणों में मल्टी ड्रग रजिस्टेंस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका अर्थ है कि एक से अधिक एंटीबायोटिक दवाएं भी संक्रमण पर असर नहीं कर पा रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना, निर्धारित अवधि पूरी न करना, पशुपालन और कृषि में इनका अंधाधुंध उपयोग तथा अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण की कमी इस समस्या को और गंभीर बना रही है। बैक्टीरिया समय के साथ दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं, जिससे वे अधिक खतरनाक और इलाज में कठिन हो जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने भी हाल के संबोधन में एंटीबायोटिक प्रतिरोध को ‘मौन महामारी’ बताते हुए नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी लापरवाहियां भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि एंटीबायोटिक केवल बैक्टीरियल संक्रमण में प्रभावी होती हैं, जबकि वायरल बीमारियों जैसे सर्दी-जुकाम या फ्लू में इनका कोई लाभ नहीं होता। इसके बावजूद कई लोग मामूली बीमारी में भी एंटीबायोटिक का सेवन कर लेते हैं, जिससे प्रतिरोधक क्षमता तेजी से विकसित होती है।

इस खतरे से निपटने के लिए तीन प्रमुख उपाय सुझाए गए हैं-सही उपयोग, उचित निपटान और व्यापक जागरूकता। मरीजों को चाहिए कि वे केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह पर ही एंटीबायोटिक लें और पूरा कोर्स निर्धारित समय तक पूरा करें। बची हुई दवाओं को इधर-उधर फेंकने या दोबारा बिना सलाह के इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां एंटीमाइक्रोबियल रजिस्टेंस (एएमआर) पर निगरानी बढ़ाने और अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण को मजबूत करने पर जोर दे रही हैं। साथ ही, जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को एंटीबायोटिक के जिम्मेदार उपयोग के प्रति सचेत किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में साधारण संक्रमण भी घातक साबित हो सकते हैं। इसलिए एंटीबायोटिक का समझदारी से उपयोग ही इस बढ़ते खतरे से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।