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राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामला

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अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बड़े पैमाने पर चल रही तैयारियों के बीच यहां मस्जिद निर्माण का कामकाज देख रही इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउन्डेशन (आईआईसीएफ़) ने कहा है कि वो अब मस्जिद के निर्माण के लिए अलग रास्ता अपनाएगी.

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण के लिए आदेश देते हुए धन्नीपुर में मस्जिद बनाए जाने के लिए ज़मीन देने का आदेश दिया था.

द हिंदू में छपी एक ख़बर के अनुसार पैसों की कमी और प्रशासनिक देरी के कारण अब तक धन्नीपुर में मस्जिद बनाने का काम चालू नहीं हो सका है. ऐसे में आईआईसीएफ़ ने कहा है कि वो अब राम मंदिर की ताक़त के साथ इसके लिए फिर से मुहिम की शुरुआत करेगी.

इसके लिए बीते साल नवंबर में नियुक्त किए मस्जिद विकास समिति के नए प्रमुख हाजी अरफ़ात शेख़ सामने आए हैं. शेख़ महाराष्ट्र से बीजेपी नेता हैं.

इससे पहले जामिया मिल्लिया इस्लमिया के आर्किटेक्चर फैकल्टी के पूर्व डीन प्रोफ़ेसर एसएम अख़्तर ने धन्नीपुर मस्जिद के लिए एक योजना पेश की थी. 4500 वर्ग मीटर के इलाक़े के लिए बनाई गई इस योजना में मस्जिद के साथ-साथ एक अस्पताल, एक सामुदायिक किचन, एक लाइब्रेरी और एक रिसर्च सेन्टर की जगह भी थी.

अब हाजी अरफ़ात शेख़ ने कहा है कि उनका इरादा भारत की सबसे बड़ी मस्जिद बनाने का है “जो ताजमहल से भी बेहतर हो.” इसके अलावा यहां “दुनिया का सबसे बड़ा क़ुरान रखा जाएगा जो क़रीब 21 फ़ीट का होगा.”

उन्होंने कहा, “पहले का डिज़ाइन अंडे के आकार की तरह दिखता था, मस्जिद जैसा बिल्कुल नहीं.”

‘मदीना से होकर आएगी मस्जिद की ईंट’

हाजी अरफ़ात शेख़ ने कहा ये ज़ीरो कार्बन फुट प्रिंट वाला डिज़ाइन होगा और इस पर पुणे के आर्किटेक्ट इमरान शेख़ काम कर रहे हैं, ये नया डिज़ाइन इस साल फरवरी के आख़िर तक तैयार हो जाएगा.

इसमें अस्पताल और सामुदायिक किचन को रखा जाएगा जबकि इसके अलावा और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी.

उन्होंने कहा कि ये पांच मीनारों वाली भारत की पहली मस्जिद भी होगी. इसमें एक वॉटर एंड लाइट शो के आयोजन की व्यवस्था भी की जा रही है.

अख़बार लिखता है कि उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या में सरयू नदी के किनारे हर शाम रामायण के नाटक का आयोजन करती है.

अरफ़ात शेख़ ने कहा, “मस्जिद में जिस वक्त अज़ान होगी उस वक्त वॉटर शो होगा. मस्जिद में रोशनी की व्यवस्था इस तरह की जाएगी कि शाम होते ही बत्तियां खुद जल जाएं और सवेरे अपने आप ही बुझ जाएं. युवाओं के लिए मस्जिद में एक विशाल एक्वारियम रखा जाएगा जो दुबई के एक्वारियम से भी बड़ा होगा.”

फऱवरी 2020 में अयोध्या के केंद्र से 25 किलोमीटर दूर धन्नीपुर में मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ की ज़मीन दी गई थी. इसे पहले सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2019 में अपने आदेश में 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद की जगह पर राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ कर दिया था.

हाजी अरफ़ात शेख़ ने कहा है कि मस्जिद निर्माण का काम इस साल शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा, “इससे पहले क़ुरान की आयतें लिखी हुई एक ईंट यहां से सऊदी अरब के मदीना भेजी जाएगी बाद में इस ईंट को भारत की सभी बड़ी दरगाहों पर ले जाया जाएगा और आख़िर में इस मस्जिद में लगा दिया जाएगा.”

मस्जिद निर्माण के काम को लोगों तक पहुंचाने के लिए टीवी सिरीज़ बिग बॉस से लोकप्रिय हुए कलाकार विजय विक्रम सिंह की आवाज़ में छोटे-छोटे वीडियो बनाए जाएंगे.

अयोध्या में मस्जिद के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए आईआईसीएफ़ के बनाए ट्रस्ट आईआईसीएफ़ के अध्यक्ष ज़फ़र अहमद फ़ारुख़ ने हाजी अरफ़ात शेख़ को मस्जिद विकास समिति का नया प्रमुख नियुक्त किया था.

शेख़ बीते साल आईआईसीएफ़ के सलाहकार थे. वो महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष हैं. उन्होंने मस्जिद का नाम मस्जिद-ए-अयोध्या करने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी और इसे बदलकर मोहम्मद बिन अब्दुल्ला मस्जिद कर दिया था.

उन्होंने ये भी साफ किया कि इसके लिए ट्रस्ट हर घर पहुंचने की मुहिम नहीं चलाएगी बल्कि एक वेबसाइट बनाएगी (जिसे इसी साल फरवरी या मार्च में) जहां क्यूआर कोड के ज़रिए आसानी से लोग पैसा दे सकेंगे.

उन्होंने कहा कि वो मस्जिद को लेकर इस तरह से विज्ञापन देंगे राम मंदिर आने वाले हर व्यक्ति एक बार इस मस्जिद को भी देखने के लिए आए.

उन्होंने कहा, “भारत के लिए अयोध्या अहम मुद्दा है. यहां मंदिर और मस्जिद निर्माण से समुदायों के बीच तनाव ख़त्म हो जाएगा. हम ये सुनिश्चित करेंगे कि अयोध्या भारत के गंगा-जमुनी तहज़ीब का बेहतरीन उदाहरण बने.”

Microsoft करने वाला है Windows 11 में बदलाव

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माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि वह विंडोज 11 में एक बदलाव की टेस्टिंंग कर रहा है, जो वाइडस्क्रीन डिवाइस पर विंडोज शुरू होने पर उसके एआई-संचालित कोपायलट फीचर को स्वचालित रूप से खोलने की अनुमति देगा.

कंपनी विंडोज 11 के अपने सबसे हालिया डेव चैनल पूर्वावलोकन के हिस्से के रूप में अपडेट का परीक्षण कर रही है, ताकि परीक्षक पूर्ण रिलीज से पहले फीडबैक दे सकें.

माइक्रोसॉफ्ट ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा, “जब डेव चैनल में कुछ विंडोज इनसाइडर्स के साथ वाइडस्क्रीन डिवाइस पर विंडोज शुरू होता है, तो हम कोपायलट को स्वचालित रूप से खोलने का प्रयास कर रहे हैं.”

माइक्रोसॉफ्ट यह निर्दिष्ट नहीं करता है कि वह किसे “वाइडस्क्रीन” डिवाइस मानता है, लेकिन इसकी विंडोज 11 सेटिंग में उल्लेख किया गया है कि यह “जब आप व्यापक स्क्रीन का उपयोग कर रहे हैं” कोपायलट लॉन्च करेगा, जो अल्ट्रावाइड डिस्प्ले को संदर्भित कर सकता है.

माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, “हम इस अनुभव को उन उपकरणों पर आजमा रहे हैं, जिनकी स्क्रीन का न्यूनतम विकर्ण आकार 27-इंच और पिक्सेल चौड़ाई 1920 पिक्सेल है और मल्टी-मॉनिटर परिदृश्यों में प्राथमिक डिस्प्ले स्क्रीन तक सीमित है.”

इस बीच, माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज पीसी कीबोर्ड के लिए एक नई कोपायलट की पेश की है, जो हिट होने पर विंडोज एक्सपीरिएंस में कोपायलट लॉन्च करेगी, इससे आपके रोजाना के लाइफ में कोपायलट का उपयोग करना आसान हो जाएगा.

कार्यकारी उपाध्यक्ष और उपभोक्ता मुख्य विपणन अधिकारी यूसुफ मेहदी ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा “कोपायलट कुंजी पीसी कीबोर्ड के मुख्य भाग के रूप में विंडोज की से जुड़ती है और जब दबाया जाता है, तो नई कुंजी विंडोज एक्सपीरिएंस में कोपायलट को एक्टिव कर देगी, इससे कोपायलट को आपके हर दिन के काम में शामिल करना सहज हो जाएगा.”

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में चलेंगी 50 इवी बस

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अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारियां जोरो पर हैं. वहां पहुंचने वालों के लिए हर सुविधा मुहैय्या कराए जाने की तैयारी है. इस कढ़ी में आज से इवी बसों की शुरुआत की जा रही है.

ये खास बस पॉल्यूशन फ्री होगी. सीएम हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत करेंगे. ये बसें सीसीटीवी कैमरे से लैस हैं, इसमें रामधुन बजेगी. ये एसी बस हैं, आज 50 बसों से शुरुआत होगी. जो अयोध्या के एंट्री प्वाइंट पर मौजूद रहेंगी और वहां से भक्तों को अयोध्या ले जाएंगी. आने वाले समय में ऐसी 150 बसें चलाने का प्लान है. ये बसें पूरी अयोध्या को नया रूप देंगी.

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने सेटेलाइट पुल से तीन ड्रग तस्कर गिरफ्तार

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यूपी के बरेली में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने सेटेलाइट पुल से तीन ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है. उनके कब्जे से 1.5 करोड़ की मॉर्फीन बरामद की गई है. पूछताछ में पता चला कि वे मणिपुर से मॉर्फीन लाकर यूपी, दिल्ली, मुंबई सप्लाई करते थे.

बारादरी पुलिस ने तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.

एएनटीएफ को तस्करों के बारे में सूचना मिली थी. टीम ने घेराबंदी कर ड्रग तस्करों को सेटेलाइट पुल से ढाई बजे गिरफ्तार कर लिया. उनके कब्जे से दो मोबाइल, 520 रुपये बरामद और 715 ग्राम मॉर्फीन बरामद की गई. आरोपियों की पहचान कटरा चांद खा निवासी संचित शर्मा, मोहित मौर्य उर्फ शूटर और जगतपुर निवासी हर्ष गुप्ता उर्फ सुनार के रूप में हुई है.

पूछताछ में तीनों तस्करों ने बताया कि वे मॉर्फीन को मणिपुर से खरीदकर ट्रेन के जरिए लाते हैं. फिर बाजार में कुछ बंधे हुए ग्राहकों को दिल्ली, मंबई और उत्तर प्रदेश में सप्लाई करते हैं. बारादरी पुलिस ने तीनों तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

नोएडा में ड्रग सप्लाई करने वाले गैंग का पर्दाफाश

इससे पहले नोएडा पुलिस ने ड्रग्स सप्लाई करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया था. यह गैंग नोएडा के विभिन्न कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को ड्रग्स सप्लाई करता था. यह पूरा गैंग ऑनलाइन माध्यम से ऑर्डर लेकर कई प्रकार के नशीले पदार्थ कॉलेज परिसर में पहुंचाता था. पुलिस ने कई ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया. इनमें से कई प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के छात्र भी हैं. यह कार्रवाई नोएडा के थाना सेक्टर-126 ने की. पुलिस ने बताया कि ड्रग्स की सप्लाई करने वाले 9 तस्करों को गिरफ्तार किया गया.

बीएसपी के इंडिया गठबंधन में शामिल होने के संकेत

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INDIA गठबंधन को मजबूत बनाने के लिए बसपा को शामिल करने की पूरी कोशिश चल रही है। कांग्रेस के कई बड़े नेता बीएसपी प्रमुख मायावती के संपर्क में बताए जा रहे हैं।

बीएसपी के इंडिया गठबंधन में शामिल होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का रुख भी बदल गया है।

गठबंधन में बीएसपी की एंट्री मुश्किल नजर आती है। इंडिया गठबंधन को और बड़ा बनाने के लिए सोमवार का दिन काफी अहम होने वाला है। राजनीति के जानकारों का दावा है कि अगर गठबंधन में शामिल होने पर बात बन जाती है तो मायावती सोमवार को अपने जन्मदिन पर बड़ा एलान कर सकती हैं।

हालांकि इसके लिए बसपा की तरफ से लगभग 30 सीटों पर शर्त रखी जा सकती है। 30 सीटों में दस सीटें वो होंगी जिनपर बसपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी।

IND vs AFG 2nd T20I: भारत और अफगानिस्तान टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला

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भारत और अफगानिस्तान के बीच जारी तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज (14 जनवरी) इंदौर स्थित होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा।

रोहित एंड कंपनी की कोशिश रहेगी कि वह इस मुकाबले में जीत हासिल कर ट्रॉफी पर अपना मुहर लगाए। वहीं विपक्षी टीम इस मुकाबले को हर हाल में जीतकर सीरीज में बराबरी करना चाहेगी। ऐसे में क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आज का मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला है।

होलकर स्टेडियम में अबतक टी20 फॉर्मेट के कुल तीन मुकाबले खेले गए हैं। इस बीच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को दो मुकाबलों में जीत मिली है, जबकि दूसरी पारी में खेलने वाली टीम को एक बार सफलता हाथ लगी है।

बल्लेबाजों के लिए होलकर का मैदान जन्नत माना जाता है। यहां की आउटफील्ड काफी तेज है यानी गेंद के बल्ले से संपर्क होने के बाद सरपट वह पवेलियन की तरफ रुख करती है।

होलकर स्टेडियम में पहली पारी का औसत स्कोर 209 रन है। टीम इंडिया ने इस मैदान में अबतक कुल तीन टी20 मुकाबले खेले हैं। यहां उसे दो मुकाबलों में जीत मिली है, जबकि एक मुकाबले में शिकस्त का सामना करना पड़ा है।

टी20 सीरीज के लिए दोनों टीमों की स्क्वॉड:

भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, आवेश खान और मुकेश कुमार।

अफगानिस्तान: इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इकराम अलीखिल (विकेटकीपर), हजरतुल्लाह जजई, रहमत शाह, नजीबुल्लाह जादरान, मोहम्मद नबी, करीम जनत, अजमुल्लाह उमरजई, शराफुद्दीन अशरफ, मुजीब उर रहमान, फजल हक फारूकी, फरीद अहमद, नवीन उल हक, नूर अहमद, मोहम्मद सलीम, क़ैस अहमद और गुलबदीन नायब।

कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’

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कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’, आज से शुरू होने जा रही है। राहुल गांधी इस यात्रा का नेतृत्व करेंगे। यात्रा रविवार को मणिपुर के इम्फाल में थौबल एरिया से शुरू होगी।

यात्रा शुरू करने से पहले राहुल गांधी थौबल में खोंगजोम युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे, जो 1891 में आखिरी एंग्लो-मणिपुर युद्ध में मारे गए लोगों की याद में बनाया गया था। लेकिन राहुल गांधी की इस यात्रा के लिए कांग्रेस के लिए क्या मायने हैं? आइए जानते हैं…

कांग्रेस का टारगेट 100 लोकसभा सीटें

भारत जोड़ो न्याय यात्रा मोदी सरकार के 10 साल के ‘अन्याय काल’ के खिलाफ है। इसके जरिए कांग्रेस करीब 100 लोकसभा सीटों को टारगेट करने निकली है। राहुल गांधी यात्रा के दौरान वह लोकसभा चुनाव 2024 के संसदीय चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं में उत्साह भरेंगे। पार्टी ने अपने सभी वर्करों, नेताओं, सहयोगियों को यात्रा का हिस्सा बनने के लिए कहा है। 2 महीनों में राहुल गांधी लोगों से मिलेंगे। सार्वजनिक बैठकें करेंगे और वह स्पष्ट करेंगे कि तीन मोर्चों आर्थिक समानता, सामाजिक समानता और राजनीतिक समानता पर देश की जनता को न्याय प्रदान करने के लिए कांग्रेस का दृष्टिकोण क्या है।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा फोकस रहेगा

राहुल गांधी की यात्रा उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा दिन बिताएगी। 11 दिन में 20 जिलों में 1074 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों से गुजरेगी, जिसमें अमेठी, गांधी परिवार का गढ़ रायबरेली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी शामिल है। 80 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों वाले उत्तर प्रदेश फोकस सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के लिए अनिवार्य है, क्योंकि पिछले चुनाव में कांग्रेस यहां केवल एक सीट जीत पाई थी। रायबरेली सीट से सोनिया गांधी एकमात्र कांग्रेस सांसद हैं।

इस तरह सफर करेंगे राहुल और यात्रा

राहुल गांधी की यात्रा यात्रा एक दिन के लिए मणिपुर में रहेगी। झारखंड-असम में 8-8 दिन, मध्य प्रदेश में 7 दिन, बिहार के 7 जिलों और झारखंड के 13 जिलों में, राहुल गांधी की यात्रा क्रमशः 425 किलोमीटर और 804 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। मणिपुर से यात्रा नागालैंड जाएगी और 2 दिन में 257 किलोमीटर और 5 जिलों को कवर करेगी। इससे पहले असम में 833 किलोमीटर और 17 जिलों को कवर करेगी। अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में यात्रा एक-एक दिन के लिए रुकेगी। इसके बाद यात्रा पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र जाएगी।

न्याय यात्रा 67 दिनों में करीब 110 जिलों का सफर करेगी। 6700 किलोमीटर से ज्यादा की दूसरी तय करेगी। यात्रा का समापन 20 मार्च को होगा।

भाारतीय रिजर्व बैंक की बड़ी कार्रवाई, 3 बैंकों पर ठोका ₹2.49 करोड़ जुर्माना

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RBI Action On Bank : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियामकीय अनुपालन का उल्‍लंघन करने पर अब तीन बैंकों के खिलाफ कार्रवाई की है. नियम विरुद्ध लोन देने, ग्राहक सेवा नियमों को न मानने और केवाई से संबंधित नियमों का पालन न करने पर इन तीनों बैंको पर 2.49 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

जो बैंक नपे गए हैं उनमें ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank), धनलक्ष्मी बैंक (Dhanlaxmi Bank) और पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab and Sind Bank) शामिल हैं.

भारतीय रिजर्व बैंक ने पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab and Sind Bank) पर 1 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई है. धनलक्ष्मी बैंक (Dhanlaxmi Bank) पर 1.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. इसी तरह ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक को 29.55 लाख रुपये जुर्माना भरना होगा. गौरतलब है कि हाल ही में आरबीआई ने गुजरात के पांच सहकारी बैंकों पर भी जुर्माना लगाया था.

क्‍यों लगा जुर्माना
रिजर्व बैंक ने पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab and Sind Bank) पर 1 करोड़ रुपये की नियम विरुद्ध जाकर एक कंपनी को लोन देने के कारण लगाई है. वहीं, धनलक्ष्मी बैंक (Dhanlaxmi Bank) ने लोन और एडवांस वैधानिक और अन्य प्रतिबंध, केवाईसी (KYC) और पर ब्याज दर से संबंधित कुछ मानदंडों का पालन नहीं किया था. इस वजह से धनलक्ष्मी बैंक पर 1.20 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया है.

ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank) पर ‘बैंकों में ग्राहक सेवा’ पर आरबीआई द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन न करने पर कार्रवाई की गई है. बैंक पर ₹29.55 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है. केद्रीय बैंक का कहना है कि यह जुर्माना बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46(4)(i) के साथ पठित धारा 47A(1)(c) के प्रावधानों के RBI को की मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है.

ग्राहकों पर नहीं होगा असर
आरबीआई ने एक बयान में कहा कि इन बैंकों के खिलाफ कार्रवाई नियामक अनुपालन में कमियों के आधार पर की गई है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता को प्रभावित करना नहीं था. इन बैंकों का कामकाज इस कार्रवाई से किसी तरह प्रभावित नहीं होगा और न ही ग्राहकों पर इसका असर होगा.

हूती विद्रोही बोले – ‘इसराइल को बचाने के लिए हो रहे हैं हमले,’ कहा – ‘क़रारा जवाब देंगे’

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यमन के हूती आंदोलन के नेताओं ने अमेरिका और ब्रिटेन की ओर से यमन पर किए गए हवाई हमले की आलोचना की है.

हूती-समर्थित अल-मसिराह टीवी की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ हमलों में यमन की राजधानी सना, तटीय प्रांत अल-हुदैदा, उत्तरी प्रांत सादा, हज्जाह, धमार और ताएज़ पर बम गिराए गए हैं.

हवाई हमलों में डिल्मी एयर बेस के अलावा ताएज़, हुदैदा और हज्जाह के एयरपोर्ट्स को भी निशाना बनाया गया है.

हूती विद्रोहियों के गुट के अल-मासरिहा टीवी प्रसारण में उनके प्रवक्ता याह्या सारेया ने एक बयान जारी किया है.

प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा है, “आज 73 हमले हुए हैं. इनमें राजधानी के अलावा हुदैदा, ताएज़, हज्जाह और सादा को निशाना बनाया गया है. इन हमलों में हमारे पांच सैनिक शहीद हुए हैं और छह घायल हुए हैं.”

याह्या सारेया ने कहा, “यमन के लोगों के विरुद्ध इस आपराधिक आक्रमण के लिए अमेरिकी और ब्रिटिश दुश्मनों की पूरी ज़िम्मेदारी है. इस आक्रमण का जवाब दिया जाएगा. इसकी सज़ा भुगतनी होगी.”

“यमन की सेना इस बात की पुष्टि करती है कि वे इसराइली समुद्री जहाज़ों और अधिकृत फ़लस्तीन के बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाज़ों को निशाना बनाती रहेगी.”

हूती विद्रोही नेतृत्व: ‘इसराइल को बचाने के लिए किया हमला’

हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाली समाचार एजेंसी सबा में छपी एक छोटी से पोस्ट में कहा गया है कि अमेरिकी और ब्रिटिश हमलावरों ने राजधानी सना पर हवाई हमले किए हैं.

मोहम्मद अब्दुलसलाम ने लिखा, “हम ज़ोर देकर कहना चाहते हैं कि इस हमले का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि लाल सागर या अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाज़ों को कोई ख़तरा नहीं है. लेकिन हूती (हूती विद्रोही) अब भी इसराइली समुद्री जहाज़ों को निशाना बनाते रहेंगे.”

‘नरसंहार करने वाले के साथ और उसके ख़िलाफ़’

इसी बीच हूती विद्रोहियों के वरिष्ठ नेता मोहम्मद अल-बुख़ैती ने एक्स पर इन हमलों की कड़ी आलोचना की है.

सुबह छपी एक पोस्ट में बुख़ैती ने कहा कि यमन इस युद्ध में विजयी होगा.

उन्होंने लिखा, “सिर्फ़ उन लोगों को डरना चाहिए जो फ़लस्तीनी भाइयों की मदद करने में विफल रहे हैं.”

बाद में उन्होंने कहा, “अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन के ख़िलाफ़ जंग छेड़कर ग़लती की है. वे अतीत से बिल्कुल कुछ नहीं सीख रहे हैं.”

उन्होंने याद दिलाया कि ऐसे ही वर्ष 2015 में सऊदी अरब की ओर से यमन पर बमबारी को भी अमेरिका और ब्रिटेन का समर्थन हासिल था और वो भी एक चूक थी.

बुखैती ने कहा, “मुझे कोई संदेह नहीं है कि अमेरिका और ब्रिटेन अतीत में की गई बेवकूफ़ियों पर ख़ेद कर रहे होंगे. ये लोग जल्द ही समझ जाएंगे कि यमन पर हमला उनके इतिहास की सबसे बड़ी ग़लती है.”

बुखैती ने इसके बाद अंग्रेज़ी में भी एक विस्तृत बयान जारी किया है. उस बयान में उन्होंने कहा कि मौजूदा युद्ध में ये पहचानना मुश्किल नहीं है कि कौन फ़लस्तीनियों के हक़ में है और कौन नहीं…

उन्होंने कहा, “एक पार्टी का मकसद है कि ग़ज़ा में नरसंहार रोकना और उसका प्रतिनिधित्व यमन कर रहा है. दूसरी पार्टी का उद्देश्य है, नरंसहार करने वाले की हिफ़ाज़त करना. और इस पार्टी का प्रतिनिधित्व अमेरिका और ब्रिटेन कर रहे हैं.”

“इसलिए दुनिया में हर शख़्स के पास इस वक़्त दो ही विकल्प हैं, कोई तीसरा विकल्प नहीं है…या तो वे नरसंहार का सामना कर रहे लोगों के साथ खड़े हों या नरसंहार को अंजाम देने वालों के साथ. आप किस ओर हैं.”

एक अन्य वरिष्ठ नेता मोहम्मद अली अल-हूती इस ग्रुप की सुप्रीम राजनीतिक परिषद के सदस्य हैं.

उन्होंने कहा है कि असल में अमेरिका और ब्रिटेन ही ग़ज़ा पर आक्रमण की अगुवाई कर रहे हैं और वे इसराइल के आतंकवाद की रक्षा कर रहे हैं.

“यमन गणराज्य पर ये हमले चुपचाप नहीं सहे जाएंगे. इंशाअल्लाह इनका जवाब दिया जाएगा.”

छत्तीसगढ़ : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के आटोमेटिक सिग्नलिंग और अन्य अपग्रेडेशन का काम, 13 लोकल ट्रेनों को रद किया गया…

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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के आटोमेटिक सिग्नलिंग और अन्य अपग्रेडेशन का काम 21 जनवरी को नौ बजे से 22 जनवरी की सुबह छह बजे तक चलेगा।

इस दौरान नान इंटरलाकिंग अपग्रेडेशन का काम रेलवे करायेगा। इसके चलते 13 लोकल ट्रेनों को रद कर दिया गया है। इससे रोज आना-जाना करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामाना करना पड़ेगा।

रेलवे मंडल से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन नंबर 08701 रायपुर-दुर्ग मेमू पैसेंजर स्पेशल रायपुर से 21 और 22 जनवरी को रद रहेगी। ट्रेन नंबर 08702 दुर्ग रायपुर मेमो पैसेंजर स्पेशल दुर्ग से 21-22 जनवरी को रद रहेगी ,ट्रेन नंबर 08703 रायपुर-दुर्ग मेमू पैसेंजर स्पेशल 21 व 22 जनवरी, 08704 दुर्ग रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल 21-22 जनवरी को रद रहेगी।

इसी तरह से ट्रेन नंबर 08707 रायपुर-दुर्ग मेमू पैसेंजर स्पेशल 21 जनवरी को रद रहेगी। ट्रेन नंबर 08708 दुर्ग-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल 21 जनवरी, 08717 रायपुर-दुर्ग मेमू पैसेंजर स्पेशल 21 जनवरी, 08718 दुर्ग-रायपुर पैसेंजर स्पेशल 21 जनवरी, 08709 रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल 21 जनवरी, 08710 डोंगरगढ़-रायपुर पैसेंजर स्पेशल 21 जनवरी, 08725 रायपु- दुर्ग मेमू पैसेंजर स्पेशल 21 जनवरी, 08726 दुर्ग-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल 21 जनवरी, 08705 रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल 21 जनवरी को रद रहेगी।

21 जनवरी को झारसुगुड़ा से चलने वाली 08862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल बिलासपुर में समाप्त कर दी जाएगी। यह ट्रेन बिलासपुर गोंदिया के मध्य रद रहेगी। 08861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर स्पेशल 21 जनवरी को गोंदिया के स्थान पर बिलासपुर से झारसुगुड़ा के लिए रवाना की जाएगी और गोंदिया-बिलासपुर के मध्य रद रहेगी। 08706 डोंगरगढ़-बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल को 21 जनवरी को डोंगरगढ़ के स्थान पर रायपुर से रवाना किया जाएगा और यह डोंगरगढ़-रायपुर के मध्य रद रहेगी।

उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के अयोध्या धाम जंक्शन-अयोध्या केंट व सलारपुर स्टेशनों के मध्य इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधित काम 18 से 20जनवरी तक किया जायेगा। इसके चलते ट्रेन नंबर 18205/18206 दुर्ग-नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से चलेगी।

रेलवे मंडल से मिली जानकारी के अनुसार 18 जनवरी को दुर्ग से चलने वाली ट्रेन नंबर 18205 दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया प्रयागराज-जंघई-वाराणसी-वाराणसी सिटी मार्ग होकर नौतनवा जाएगी। इसी तरह 20 जनवरी को नौतनवा से चलने वाली ट्रेन नंबर 18206 नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया वाराणसी सिटी-वाराणसी-जंघई-प्रयागराज मार्ग होकर दुर्ग आएगी।