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‘हमारा इतिहास, सभ्यता और परंपरा, दुनिया के लिए…’, केरल के व्याख्यान में क्या बोले जयशंकर

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि आज की विश्व व्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाने के लिए भारत को तैयारी करनी चाहिए और उसे यह काम ऐतिहासिक एवं सभ्यतागत उत्तरदायित्व के बोध के साथ करना चाहिए.

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वर्तमान में हमारी परंपरा से विश्व के लोगों को सिखाने के लिए बहुत कुछ है. उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण के इस दौर में इतिहास, परंपरा एवं संस्कृति के कोण से देखने पर विश्व से संपर्क साधने का एक ठोस आधार प्राप्त होता है.

जयशंकर संघ परिवार की एक प्रमुख संस्था भारतीय विचार केंद्रम (बीवीके) द्वारा आयोजित परमेश्वरनजी स्मृति व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे.

बैंक हैं कि मानते ही नहीं, 5 बैंकों ने फिर तोड़े नियम, अब झेलना होगा RBI का ‘क्रोध’

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नियमों का पालन न करने वाले बैंकों पर काफी लंबे समय से सख्‍त है. लेकिन, फिर भी बैंक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं, खासकर सहकारी बैंक. केंद्रीय बैंक द्वारा बनाए नियमों और बैंक अधिनियम के प्रावधानों का उल्‍लंघन करने पर आरबीआई न प्राइवेट बैंकों को बख्‍श रहा है और न ही सरकारी और सहकारी बैंकों को. अब 5 सहकारी बैंक फिर से नियमों को ताक पर रखकर कामकाज करते पाए गए हैं. आरबीआई ने इन बैंकों पर 50 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है.

जिन बैंकों पर कार्रवाई की गई है, उनमें द को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक, श्री भारत को-ऑपरेटिव बैंक, द लिमडी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, द संखेड़ा नागरिक सहकारी बैंक और द भुज कमर्शियल को-ऑपरेटिव बैंक का नाम शामिल है. इन सभी बैंकों पर केंद्रीय बैंक ने 50,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है.

किस पर कितना और क्‍यों लगाया जुर्माना?
गुजरात के श्री भारत को-ऑपरेटिव बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक ने 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. श्री भारत को ऑपरेटिव बैंक पर जुर्माना लगाने की वजह बैंक द्वारा इंटर बैंक ग्रॉस एक्सपोजर लिमिट के नियमों का पालन नहीं करना और टर्म डिपॉजिट स्कीम पर ब्याज देने में देरी करना है

द संखेड़ा नागरिक सहकारी बैंक पर भी आरबीआई ने 5 लाख रुपये फाइन लगाया है. इस बैंक के डायरेक्टर्स कई जगह पर लोन गारंटर बने हुए थे. यह आरबीआई द्वारा बनाए नियमों का उल्‍लंघन है. इसके साथ ही बैंक ने दो बैंकों के बीच ग्रॉस एक्सपोजर लिमिट के नियम का भी उल्लंघन किया है. ऐसे में आरबीआई ने बैंक पर जुर्माना ठोक दिया.

इसके अलावा आरबीआई ने द को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक और द भुज कमर्शियल को-ऑपरेटिव बैंक के ऊपर 1.50-1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. एक और सहकारी बैंक, द लिमडी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर भी भारतीय रिजर्व बैंक ने 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

अग्निवीर भर्ती के बदल गए नियम, अब होगा यह नया टेस्ट, जल्द शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

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सेना में अग्निपथ स्कीम के तहत होने वाली अग्निवीर भर्ती को लेकर सेना बोर्ड ने एक बड़ा बदलाव किया है. अब अग्निवीर क्लर्क और स्टोरकीपर कैटेगरी के पदों के लिए टाइपिंग टेस्ट देना अनिवार्य कर दिया गया है. यह नया नियम अग्निवीर बहानी सत्र 2024-25 से लागू होगा. भारतीय सेना ने इसे लेकर एक अधिसूचना जारी की है. साथ ही देश के सभी सेना बोर्ड को एक पत्र भी भेजा है. जिसमें नए नियम के अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं.

अग्निवीर भर्ती में टाइपिंग टेस्ट के मानक क्या होंगे, हालांकि इसे बारे में अभी सेना ने जानकारी नहीं दी है. हालांकि अंग्रेजी टाइपिंग के लिए 35 शब्द और हिंदी टाइपिंग के लिए 30 शब्द प्रति मिनट स्पीड की चर्चा है. इसको लेकर स्पष्ट जानकारी सेना की ओर से जारी नई अधिसूचना में दी जाएगी. सेना नेअग्निवीर क्लर्क और स्टोरकीपर भर्ती टाइपिंग टेस्ट का नोटिफिकेशन अपनी भर्ती वेबसाइट https://www.joinindianarmy.nic.in/ पर जारी किया है.

स्टोरकीपर और क्लर्क पद के लिए योग्यता

सेना में अग्निवीर क्लर्क और स्टोरकीपर पद पर भर्ती होने के लिए 12वीं कम से कम 60 फीसदी मार्क्स से पास होना चाहिए. साथ ही सभी विषयों में भी कम से कम 50 फीसदी मार्क्स जरूरी हैं. क्लर्क पद के लिए अंग्रेजी, गणित, अकाउंट एवं बुक कीपिंग अनिवार्य है. साथ ही इन पदों के लिए उम्र सीमा साढ़े 17 से 21 साल है.

कब जारी होगा अग्निवीर भर्ती 2024 का नोटिफिकेशन ?

भारतीय सेना के एडिशनल डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ पब्लिक इन्फॉर्मेशन (AGDPI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया है कि अग्निवीर भर्ती के लिए होने वाले कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी. साथ ही यह भी बताया है कि अग्निवीर क्लर्क कैटेगरी के लिए टाइपिंग टेस्ट भी होगा.

दो घंटे की होती है लिखित परीक्षा

अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में चरण हैं. फिजिकल टेस्ट और लिखित परीक्षा. लिखित परीक्षा दो घंटे की होती है. जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं. प्रत्येक गलत उत्तर पर 25 फीसदी की माइनस मार्किंग होती है. लिखित परीक्षा में पास होने के लिए कम से कम 35 नंबर पाना जरूरी होता है. हालांकि टेक्निकल के कैंडिडेट्स को 80 नंबर हासिल करना जरूरी होता है.

नोएडा में दौड़ेगी पॉड टैक्‍सी, बैठते ही आएगी दुबई-लंदन वाली फील, जानें कब हो रही शुरू

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नोएडा देश का बेहतरीन सुविधाओं वाला शहर बनने जा रहा है. अभी तक विदेशों में चलने वाली पॉड टैक्‍सी अब नोएडा में भी दौड़ेगी और लोग इनमें बैठकर दुबई-लंदन वाली फील ले सकेंगे. सबसे खास बात है कि नोएडा एनसीआर का ही नहीं बल्कि देश का पहला शहर होगा जहां ये सुविधा शुरू की जाने वाली है. इस परियोजना को उत्‍तर प्रदेश सरकार से मंजूरी मिल चुकी है और इसकी डीपीआर बनवाई जा रही है.

पॉड टैक्सी ऐसी इलेक्ट्रिक कार होती हैं जो बिना ड्राइवर के चलती हैं. देखने में बेहद ही सुंदर ये कारें कुछ यात्रियों को बैठा कर बहुत तेज गति से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए डिजाइन की जाती हैं. पॉड टैक्सी में मात्र एक छोटा का डब्बा नुमा कोच होता है. यह इलेक्ट्रिक वाहन स्टील के ट्रैक पर चलती है. अगर सब ठीक रहा तो इस साल के अंत तक पॉड टैक्‍सी में बैठने का मौका मिल सकता है.

बता दें कि पहले पॉड टैक्सी को नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सेक्टर 21 में फिल्म सिटी तक जोड़ना था लेकिन अब रूट को बदलकर एयरपोर्ट से परी चौक तक बनाने का फैसला लिया गया है. करीब 37,000 यात्री इन नए युग की आधुनिक पॉड टैक्सियों में रोजाना सफर कर सकेंगे. इसका रूट 28 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 12-14 स्टेशन होंगे. पॉड टैक्सी का किराया 10 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से होगा यहीं नहीं अगले पांच साल तक किराया बढ़ाया नहीं जाएगा. यह टैक्‍सी 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से दौड़ेगी.

यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह का कहना है कि पॉड टैक्सी परियोजना के लिए दोबारा टेंडर निकाले जाएंगे. इसके बिड डाक्यूमेंट में बदलाव किए जाएंगे. इस संबंध में शासन में जल्द बैठक होगी.

अभी इन देशों में चलती है पॉड टैक्‍सी
वर्तमान में पॉड टैक्सी का संचालन कई देशों में किया जा रहा है. इसमें दक्षिण कोरिया, दुबई, सिंगापुर, अमेरिका और लंदन जैसे देश शामिल हैं. उम्‍मीद की जा रही है कि जल्‍द ही भारत का नाम भी इस लिस्‍ट में जुड़ जाएगा.

पॉड टैक्‍सी से बदलेगी नोएडा की सूरत…
गुलशन ग्रुप के डायरेक्टर दीपक कपूर कहते हैं कि मेट्रो, रैपिड रेल और एयरपोर्ट आने से नोएडा व ग्रेटर नोएडा के विकास में तेजी आई है. लोग इन शहरों को वरीयता दे रहे हैं. यहां लगातार नए प्रोजेक्ट आ रहे हैं और निवेश बढ़ रहा है. पॉड टैक्सी आने के बाद यहां ट्रांसपोर्ट और बेहतर होगा. वहीं एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा ने बताया क‍ि ट्रांसपोर्ट के बेहतर साधनों की वजह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा रहने के लिए बेहद लग्जरी स्थान बन चुके हैं. यही कारण है कि लगातार यहां न सिर्फ नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट आ रहे हैं बल्कि डिमांड बढ़ने से निवेश भी बढ़ रहा है.

1000 करोड़ से अधिक का मामला, झारखंड CM के प्रेस एडवाइजर को ED ने किया तलब, मनी लॉन्ड्रिंग का है आरोप

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में कथित अवैध खनन से जुड़ी धनशोधन की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद और साहिबगंज के उपायुक्त राम निवास यादव को तलब किया है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू को 16 जनवरी को संघीय एजेंसी के रांची कार्यालय में, यादव को 11 जनवरी को और एक अन्य व्यक्ति बिनोद सिंह को 15 जनवरी को पेश होने के लिए कहा गया है. सूत्रों ने कहा कि उनके बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किए जाएंगे.

ईडी ने तीन जनवरी को इन लोगों और साहिबगंज के पुलिस उपाधीक्षक राजेंद्र दुबे और कुछ अन्य के परिसरों पर छापेमारी की थी. एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई साहिबगंज में अवैध पत्थर खनन के मामले से संबंधित थी, जिसमें “अपराध से अर्जित 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की आय शामिल थी.”

इसने बताया, “साहिबगंज क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन गतिविधियां की जा रही थीं और इन गतिविधियों की सीमा का पता लगाने के लिए, झारखंड सरकार के प्रशासनिक, वन, खनन और प्रदूषण नियंत्रण विभागों के साथ ईडी के अधिकारियों ने 20 संयुक्त निरीक्षण किये थे.”

ईडी ने कहा कि धनशोधन का मामला बिष्णु यादव, पवित्रा यादव और सोरेन के राजनीतिक सलाहकारों में से एक पंकज मिश्रा और अन्य के खिलाफ झारखंड पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित है. इसने कहा कि बाद में झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले लिया था. जांच में पता चला कि अवैध खनन के इस मामले का ‘सरगना’ पंकज मिश्रा था.

ईडी ने जुलाई 2022 में पंकज मिश्रा को गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है. संघीय एजेंसी ने छापेमारी के बाद एक बयान में कहा कि “आपत्तिजनक” दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त करने के अलावा, उसने उपायुक्त(डीसी) राम निवास यादव के कार्यालय से 7.25 लाख रुपये सहित 36.99 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की थी.

अभी नहीं थमा है नए कानून का बवाल, 17 जनवरी से बेमियादी हड़ताल पर जाएंगे कर्नाटक के ट्रक मालिक

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फेडरेशन ऑफ कर्नाटक ट्रक ओनर्स एसोसिएशन ने शनिवार को नए हिट-एंड-रन कानून के खिलाफ 17 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया. फेडरेशन ऑफ कर्नाटक ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सी. नवीन रेड्डी ने कहा कि एसोसिएशन के सदस्यों ने नए कानून को लेकर एक बैठक की और 17 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का फैसला किया.

सी. नवीन रेड्डी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि नए कानून से सबसे ज्यादा मुश्किल ट्रक चालकों को होगी. उन्होंने कहा कि उनकी मांगों में दुर्घटनाओं के मामले में जब्त किए गए ट्रकों को रिहा करना और अनावश्यक यातायात भीड़ के आधार पर लगाए गए जुर्माने को कम करना शामिल है. 10 साल की कैद समेत भारी जुर्माना लगाने के नए प्रस्ताव से देशभर के ड्राइवर चिंतित हैं.

उन्होंने आक्रोश व्यक्त किया कि सरकार ने ट्रक मालिकों या परिवहन बिरादरी से किसी से परामर्श किए बिना एकतरफा निर्णय लिया. केंद्र सरकार के इस कदम से ऐसी स्थिति पैदा होगी, जहां ड्राइवर अपना पेशा जारी रखने में झिझकेंगे. ट्रक उद्योग और ड्राइवरों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित अधिनियम में शामिल कड़े कानूनों में ढील दी जानी चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपाध्यक्ष श्रीनिवास राव, सुरेश, मंसूर इब्राहिम, महासचिव नारायण प्रसाद मौजूद थे.

पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन के बाद ट्रक चालक संघ अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने मंगलवार को सरकार के इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी ट्रक चालकों से अपनी हड़ताल खत्म करने की अपील की थी कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत ‘हिट-एंड-रन’ मामलों के लिए जेल और जुर्माने के सख्त प्रावधानों को लागू करने का निर्णय संघ के साथ परामर्श के बाद लिया जाएगा. ‘हिट-एंड-रन’ मामलों के लिए कड़े प्रावधानों का मुद्दा उठाने के लिए एआईएमटीसी के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला से मुलाकात की थी.

मकान खरीदरों को राहत! बुकिंग कैंसिल कराने पर नहीं देना होगा मोटा पैसा, जीएसटी भी वापस मिलेगा

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कई बार ऐसा होता है कि मकान की बुकिंग कराने के बाद पैसों का जुगाड़ नहीं हो पाता और ग्राहक को उसे कैंसिल कराना पड़ता है. ऐसा करने पर बिल्‍डर कैंसिलेशन चार्ज और एग्रीमेंट तोड़ने का हवाला देकर ग्राहक से मोटा पैसा वसूल लेते हैं. लेकिन, रियल एस्‍टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने मकान खरीदारों के हित में नया नियम लागू कर दिया है. अब बिल्‍डर मकान कैंसिल कराने पर मनमाना पैसा नहीं वसूल सकेंगे.

महाराष्‍ट्र RERA के अनुसार, नया नियम मकान खरीदारों के लाखों रुपये बचाएगा. अभी तक बिल्‍डर मकान कैंसिल कराने कुल रकम का 10 फीसदी वसूल लेते थे. अब इस रकम को सीमित करके सिर्फ 2 फीसदी कर दिया गया है. इसका मतलब है कि किसी ने मकान की बुकिंग कैंसिल कराई तो उसे कुल कीमत का सिर्फ 2 फीसदी पैसा ही बिल्‍डर को नुकसान के तौर पर देना पड़ेगा. महारेरा ने एक आदेश में कहा था कि बिल्‍डर और मकान खरीदार के बीच इस तरह के करार रद्द होने पर 10 फीसदी राशि वसूला जाना पूरी तरह अनुचित है.

वापस ले सकेंगे जीएसटी का पैसा
सरकार ने दिसंबर, 2022 में एक और नियम में बदलाव किया था. सरकार ने कहा था कि अब मकान की बुकिंग रद्द कराने पर ग्राहक खरीद के समय उस पर चुकाए जीएसटी के पैसे को वापस ले सकेंगे. इसके लिए बाकायदा नियम बनाए गए हैं और बुकिंग कैंसिल कराने पर बिल्‍डर अब ग्राहक के जीएसटी के पैसा नहीं रोक सकेंगे. करार रद्द होने के 2 साल के भीतर कभी भी ग्राहक अपना जीएसटी वापस ले सकता है.

बाजार में पैसा बनाना चाह रहे हैं तो इन शेयरों से जोड़ लें हाथ, पकड़ लें इनका हाथ, मार्केट गिरा भी तो बच जाएंगे

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शेयर मार्केट के जानकारों का कहना है कि इस साल बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है. बीता साल शेयर मार्केट के लिए शानदार रहा और ये साल इसके उलट साबित हो सकता है. हालांकि, जियोजीत फाइनेंशियल्स सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि लंबी अवधि में भारतीय शेयर बाजार का शानदार प्रदर्शन जारी रहने की उम्मीद है. उनका कहना है कि इसका एक बड़ा कारण राजनीतिक स्थिरता और मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ है.

वहीं, इन्वेस्टमेंट व ब्रोकिंग फर्म एंजेल वन के टेक्निकल और डेरिवेटिव के सीनियर एनालिस्ट ओशो कृष्ण का कहना है कि निवेशकों को कंसोलिडेशन (गिरावट) के लिए तैयार रहना चाहिए. वह कहते हैं, “हम इस समय प्राइस बेस्ड करेक्शन के दौर में हैं. कई शेयरों में एडजेस्टमेंट देखने को मिल सकती है.” वहीं, नायर का कहना है कि दोनों प्रमुख इंडेक्स में इस साल केवल 10-12 फीसदी के रिटर्न की ही उम्मीद है.

इन शेयरों से बनाएं दूरी
जियोजीत फाइनेंशियल्स के अनुसार, निवेशकों को ऐसे शेयरों से दूर रहना चाहिए जिनके फंडामेंटल्स कमजोर हों. फंडामेंटल्स में कंपनी के कैश फ्लो और रिटर्न ऑन एसेट्स को देखा जाता है. एनालिस्ट्स इन पर अध्ययन करके उस कंपनी के शेयरों को ओवरवैल्यूड या अंडरवैल्यूड बताते हैं. इसमें शेयरों की हिस्ट्री को भी शामिल किया जा सकता है. यानी उन्होंने पहले कैसा रिटर्न दिया है. इन सब के आधार पर कंपनी का प्रोफाइल तैयार किया जाता है. अगर फंडामेंटल्स ठीक नहीं है तो संभव है कि उस कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने को मिले. एनालिस्ट्स मानते हैं कि जब बाजार करेक्शन यानी गिरावट के दौर से गुजरता है तो सबसे ज्यादा पिटाई कमजोर फंडामेंटल्स वाले शेयरों की ही होती है.

I-N-D-I-A में सीट शेयरिंग: कांग्रेस का कौन सा फॉर्मूला जेडीयू को रास नहीं आ रहा

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बिहार में इंडी अलायंस में सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा तेज है. माना जा रहा है जल्द औपचारिक तौर पर सीट शेयरिंग पर जेडीयू आरजेडी कांग्रेस और लेफ्ट के बीच बात शुरू हो जाएगी. लेकिन, सीट शेयरिंग पर बात से पहले ही कांग्रेस की तरफ से पोजिशनिंग शुरू हो गई है. पार्टी के बिहार अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने पिछली बार लोकसभा चुनाव में महा गठबंधन में सीट बंटवारे का हवाला देते हुए इस बार फ्लेक्सिबल होने की सलाह दे दी है. यानी अखिलेश सिंह चाहते हैं कि कांग्रेस भी फ्लेक्सिबल होगी, लेकिन गठबंधन में शामिल जेडीयू आरजेडी और लेफ्ट को भी थोड़ा लचीला होना पड़ेगा.

इस बीच इंडी गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बड़ी खबर यह भी आ गई है कि 14 जनवरी तक सीट बंटवारे का मामला टल गया है. दरअसल, 14 जनवरी तक कांग्रेस कोई बात नहीं करेगी. कांग्रेस प्रभारी मोहन प्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह, विधायक दल के नेता शकील अहमद खान की बैठक में यह निर्णय लिया गया है. बता दें कि 14 जनवरी से राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू हो रही है. दूसरी ओर यह भी जानकारी सामने आई है कि सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस ने गठबंधन को अपनी सूची भेज दी है.

आखिर क्या है अखिलेश सिंह का फॉर्मूला?
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष का तर्क है कि बिहार में पिछली बार कांग्रेस 9 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. लिहाजा इस बार भी एक दो सीटों का ही अंतर हो. क्योंकि पिछली बार उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी पांच, जीतन राम मांझी की पार्टी तीन और मुकेश सहनी की पार्टी तीन सीटों पर चुनाव लड़ी थी.यानी कुल 11 सीटों पर ये तीनों क्षेत्रीय पार्टी चुनाव लड़ी थी. इस बार यह तीनों पार्टियां इंडिया अलायंस में नहीं हैं. उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी दोनों एनडीए का हिस्सा भी हो चुके हैं.

जदयू और राजद से क्या चाहती है कांग्रेस?
दूसरी तरफ जेडीयू जिसके 16 सांसद हैं वह बाद में इंडिया अलायंस में आई है. ऐसे में 16 सांसद वाली पार्टी आई है तो 11 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली तीनों पार्टियां गठबंधन से बाहर गई हैं. कुल अंतर 5 सीटों का ही है. यानी केवल पांच सीटें ही जेडीयू के आने के बाद सबको एडजस्ट करना पड़ेगा. ऐसे में कांग्रेस चाहती है कि यह पांच सीट जदयूस, राजद, कांग्रेस सभी मिलकर आपस में कम करें और सभी दल लचीला रुख अपनाए.

44 दरवाजे…392 खंभे, बड़े-बड़े महलों पर भारी है राम मंदिर, 8 तीव्रता वाले भूकंप का भी नहीं होगा असर

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अयोध्या के राम मंदिर की मजबूती और खासियत जानकर भी आप हैरान हो जाएंगे. मंदिर को इतनी मजबूती से बनाया जा रहा है कि आने वाले हजारों साल तक मंदिर वैसे का वैसा बना रहे. वैज्ञानिक तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है तो वहीं देश के बड़े संस्था के इंजीनियर भी राम मंदिर में अपना योगदान दे रहे हैं. मंदिर को पत्थरों से बनाया जा रहा है. कहीं पर भी लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा. इतना ही नहीं सरयू की जलधारा से मंदिर को कोई प्रभाव न पड़े इसका भी ध्यान राम मंदिर बनाने वाली संस्थाओं ने रखा है. राम मंदिर के चारों ओर रिटेनिंग वॉल की मोटी चादर बिछाई गई है. जिसे परकोट के नाम से जाना जाता है.

मंदिर की लंबाई 380 फिट है तो चौड़ाई भी 250 फिट है और मंदिर की ऊंचाई 161 फीट रखी गई है. मंदिर तीन मंजिला बनाया जा रहा है. प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई भी 20 फिट है. अयोध्या के राम मंदिर में 44 दरवाजे लगाए जाएंगे. जिसमें से 18 दरवाजे सोने से जड़ित होंगे. इसके अलावा मंदिर में 392 खंबे होंगे खंभे पर भी देवी देवताओं की मूर्तियां बनाई जाएगी. इतना ही नहीं मंदिर तीन चरणों में बनाया जा रहा है. प्रथम चरण का कार्य पूरा हो गया है. 22 जनवरी को प्रभु राम अपने भव्य महल में विराजमान होंगे तो वही जनवरी 2024 तक दूसरे चरण का काम पूरा होगा और जनवरी 2025 तक संपूर्ण मंदिर का निर्माण कर लिया जाएगा.

नहीं होगा भूकंप का आसार
पूरा मंदिर पत्थर और कंक्रीट से बनाया जा रहा है. मंदिर के परकोट की बात अगर करें तो मंदिर का परकोटा भी आयताकार रहेगा. चारों दिशाओं में इसकी कुल लंबाई 732 मीटर तथा चौड़ाई 14 फिट रहेगी. अगर 8.0 तीव्रता से भूकंप भी आता है. तब भी मंदिर का कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है.