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मध्य प्रदेश : (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का छह नवंबर से चुनाव प्रचार…

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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती इस माह छह नवंबर से मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगी। वह मध्य प्रदेश में कुल दस जनसभाओं को संबोधित करेंगी। उनके साथ पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद उनके साथ मंच पर मौजूद रहेंगी।

आकाश आनंद मायावती के भतीजे हैं। उनकी देखरेख में ही मध्य प्रदेश, छतीसगढ़ तथा राजस्थान में पार्टी के चुनाव लड़ रही है।

मायावती पार्टी की कमान धीरे-धीरे आकाश आनंद सौंप रही है, इसके चलते ही अब उन्हे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के चुनाव में आगे किया जा रहा है,

मायावती के बाद आकाश आनंद पर ही फोकस बने, इसीलिए अब बसपा का ब्राह्मण चेहरा माने जाने वाले और राज्यसभा सदस्य रहे सतीश चंद्र मिश्रा को चुनाव प्रचार से दूर रखा जा रहा है। जिसकी शुरुआत मध्य प्रदेश से की जा रही है, और अब उन्हे पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर रखा जाएगा।

बसपा नेताओं के अनुसार, मध्य प्रदेश के पांच जिलों में मायावती दस जनसभाओं को संबोधित करेंगी। उनकी जनसभाएं निवाड़ी, छतरपुर, सतना, दतिया और भिंड जिलें में होंगी।

मायावती की पहली जनसभा छह नवंबर को निवाड़ी और अशोकनगर में होगी। इसके बाद सात नवंबर को वह छतरपुर और सागर दमोह में जनसभा को संबोधित करेंगी। आठ नवंबर को सतना और रीवा में तथा 10 नवंबर को दतिया और सेंवड़ा में जनसभा को संबोधित करने पहुंचेंगी।

14 नवंबर को भिंड और मुरैना में जनसभा को संबोधित कर दिल्ली जाएंगी। इन सभी जनसभाओं में मायावती के साथ मंच पर आकाश आनंद के अलावा गोड़वाना गणतंत्र पार्टी (गोगपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर सिंह मरकाम भी मौजूद रहेंगे।

बसपा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गोगपा से चुनावी गठबंधन कर चुनाव लड़ रही है, इसलिए ही बसपा की रैली में तुलेश्वर सिंह मरकाम मंच पर मौजूद रहेंगे।

”मध्य प्रदेश में भी मायावती रोड शो नहीं करेगी। मायावती रोडशो को दिखावा मानती हैं, उनका ज़ोर हमेशा से ही रैली के जरिए अपने समर्थकों से नाता जोड़ने का रहा है। इसके चलते उन्होने रोड शो कराने का सुझाव देने वाले पार्टी नेताओं को सिर्फ चुनावी रैली आयोजित करने पर ही ध्यान देने की सलाह दी है।”

मध्य प्रदेश में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल के अनुसार, मध्य प्रदेश में बसपा 178 और गोगपा 53 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। मध्य प्रदेश में बसपा तीसरे नंबर की पार्टी हैं। बीते विधानसभा चुनावों में भाजपा को एमपी में 41.02 प्रतिशत वोट और कांग्रेस को 40.89 फीसदी वोट मिले थे। वही बसपा को 5.01 फीसदी वोट प्राप्त हुए थे और उसके दो उम्मीदवारों को जीत हासिल हुई थी। इस बार बसपा एमपी में गोंगपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है।

आदिवासी बहुल इलाकों में प्रभाव रखने वाली गोंगपा ने वर्ष 2003 में तीन सीटें हासिल की थी लेकिन उसके बाद उसके नेता दूसरी पार्टियों में पलायन कर गए।

बीते विधानसभा चुनाव में गोंगपा को 1.77% वोट मिले थे, पर गोंगपा का कोई उम्मीदवार चुनाव जीत नहीं सका था। इस बार बसपा और गोंगपा के उम्मीदवारों को जीत हासिल होगी और सरकार के गठबंधन में बसपा-गोंगपा गठबंधन अहम भूमिका अदा करेगा।

रमाकांत पिप्पल यह दावा कर रहे हैं, उनका कहना है कि पार्टी ज़ोरशोर से मध्य प्रदेश की हर विधानसभा सीट पर चुनाव प्रचार कर रही है। पार्टी के सीनियर नेता रामजी गौतम, श्रीकांत, मुकेश अहिरवार, भीम राजभर, रमेश डाबर, जियालाल अहिरवार, सुनील बघेल, रुस्तम सिंह, अच्छेलाल कुशवाहा, डीपी चौधरी, भगवती जाटव और भानुप्रताप सिंह गुर्जर समेत मप्र के तमाम नेता चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ : राहुल गांधी का केंद्र पर हमला… ”अडानी का नाम लेकर बीजेपी पर साधा निशाना”…

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव और कवर्धा में चुनावी सभा को संबोधित किया.

राहुल गांधी ने वादा किया कि जैसे ही हमारी सरकार देश में आती है हम जातिगत सर्वे के अपने आंकड़े जारी करेंगे ताकि देश को पता चले किस वर्ग की कितनी आबादी है.

राहुल गांधी ने कहा, ”मैं वर्षों से राजनीति में हूं. मैंने दो तरह की सरकार देखी हैं, एक वह जो गरीबों के लिए काम करती है और एक जो दो तीन अरबपतियों के लिए काम करती है और बीजेपी उन्हीं पार्टियों में से है जो केवल अपने मित्रों और अरबपतियों के लिए काम करती है. अगर आप कमल का बटन दबाएंगे तो आपकी जमीन और पैसा अडानी के पास जाएगा.”

पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, ”मोदी जी ने बोला था कि सबके अकाउंट में पंद्रह लाख आएंगे लेकिन आए क्या ?

मोदी जी अडानी को पैसा देते हैं और अपने अरबपतियों दोस्तों को पैसा देते हैं लेकिन हम किसानों मजदूरों को पैसा देते हैं. जब मोदी जी अडानी और अपने अरबपतियों दोस्तों को पैसा देते हैं तो यह लोग अपने पैसे को अमेरिका और जापान जैसे देशों में ले जाकर वहां अपना घर खरीदते हैं और वहां निवेश करते हैं लेकिन किसानों, मजदूरों और गरीब व्यक्ति यहीं अपने देश में पैसे को उपयोग करते हैं.”

राहुल गांधी ने कहा, ”बीजेपी की केंद्र सरकार अडानी को फायदा पहुंचाती है. अगर प्रधानमंत्री OBC की मदद करते हैं और उनके लिए काम करते हैं तो जातिगत जनगणना क्यों नहीं कराते.

मोदी जी की सरकार केवल 90 लोग चलाते हैं और इसमें भी केवल उच्च वर्ग के लोग हैं इन अफसरों में OBC कितने हैं दलित कितने हैं और आदिवासी कितने हैं यह देश को बताना चाहिए.”

देश में 50 फीसदी आबादी OBC की है और 12 से 14 फ़ीसदी आबादी आदिवासी हैं और तक़रीबन 15 फीसदी आबादी दलित है लेकिन इन 90 अफसरों में केवल 3 OBC वर्ग से हैं.

मोदी जी OBC के लिए काम नहीं करते यह केवल अडानी के लिए काम करते हैं. छत्तीसगढ़ में जैसे ही हमारी सरकार आती है हम जातिगत जनगणना कराएंगे. जितना पैसा प्रधानमंत्री अडानी को देंगे हम उतना ही पैसा गरीबों को देंगे. हमारी सरकार गरीबों के लिए काम करती है.”

छत्तीसगढ़ : नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन, दूसरे चरण में 70 विधानसभा क्षेत्र में 17 नवंबर को मतदान किया जाएगा…

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छत्तीसगढ़ में सोमवार (30 अक्टूबर) को दूसरे चरण के मतदान के लिए नामांकन की आखिरी तारीख है. दूसरे चरण में 70 विधानसभा क्षेत्र में 17 नवंबर को मतदान किया जाएगा.

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल दुर्ग कलेक्ट्रेट में जाकर अपना नामांकन दाखिल करेंगे. सीएम भूपेश बघेल पाटन विधानसभा क्षेत्र से एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरे हैं.

नामांकन दाखिल करने के बाद सीएम भूपेश बघेल वहां से सीधे राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ जाएंगे, जहां पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ वो एक बड़ी सभा में शामिल होंगे.

सीएम भूपेश बघेल एक बार फिर अपने विधानसभा क्षेत्र पाटन से कांग्रेस के उम्मीदवार बनाए गए हैं. उनका मुकाबला इस बार उनके ही भतीजे दुर्ग सांसद और बीजेपी प्रत्याशी विजय बघेल से है.

सीएम भूपेश बघेल और विजय बघेल के बीच कई बार पाटन विधानसभा क्षेत्र से आमने-सामने का मुकाबला हो चुका है. साल 2008 के विधानसभा चुनाव में विजय बघेल सीएम भूपेश बघेल को मात भी दे चुके हैं.

2013 के विधानसभा चुनाव में सीएम भूपेश बघेल ने विजय बघेल को हराया. 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने विजय बघेल को मौका ही नहीं दिया. 2019 में विजय बघेल को दुर्ग लोकसभा सीट के लिए बीजेपी से टिकट दिया गया था.

इस चुनाव में अब एक बार फिर 2023 विधानसभा चुनाव में सीएम भुपेश बघेल और विजय बघेल आमने-सामने होंगे.

उत्तराखंड की इस सीट से चुनाव लड़ेंगी प्रियंका गांधी? कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस वजह से की डिमांड…

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उत्तराखंड में हरिद्वार लोकसभा सीट काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि देश में सबकी नजर इस लोकसभा सीट पर बनी रहती है. हरिद्वार लोकसभा सीट पर बीजेपी और कांग्रेस काबिज रही हैं.

हरिद्वार लोकसभा सीट को कांग्रेस अपने कब्जे में करने के लिए हर प्रयास कर रही है. लोकसभा सीट से कांग्रेस इस बार भी अपनी किस्मत हरिद्वार से आजमाना चाहते हैं. इसके लिए लगातार हरिद्वार के कई इलाकों में कुछ कार्यकर्ताओं ने एक अलग ही मांग उठानी शुरू कर दी है.

प्रियंका गांधी के हरिद्वार से लड़ने की मांग

बड़े नेताओं की लड़ाई में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी इस सीट पर काबिज न हो जाए इसके डर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अब यहां से प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ाने की मांग की है. कांग्रेस के कई कार्यकर्ता चाहते हैं कि प्रियंका गांधी वाड्रा हरिद्वार से चुनाव लड़ें.

प्रियंका गांधी को लेकर कई कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं कि उन्हें हरिद्वार से चुनाव लड़ना चाहिए क्योंकि फिलहाल उत्तराखंड में एक भी महिला चेहरा कांग्रेस के पास मौजूद नहीं है. हरिद्वार से प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ाए जाने को लेकर कई कार्यकर्ता लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं.

प्रियंका गांधी को लेकर जिस तरह से आवाज उठने लगी है उससे साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि अब कार्यकर्ता नहीं चाहते कि कांग्रेस किसी भी हाल में चुनाव में हार का सामना करे क्योंकि कुछ नेताओं की आपसी लड़ाई के चलते कांग्रेस को कई बार विधानसभा से लेकर लोकसभा तक हार का सामना करना पड़ा है. ऐसे में कार्यकर्ता चाहते हैं कि कोई बड़ा चेहरा यहां से आकर चुनाव लड़े ताकि नेताओं की आपसी लड़ाई में कांग्रेस का नुकसान न हो.

दिल्ली शराब घोटाला मामले में आरोपी पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा झटका…

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दिल्ली शराब घोटाला मामले में आरोपी और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है.

कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में 336 करोड़ रुपये की मनी ट्रेल साबित हुई है.

कोर्ट ने इसके साथ ही 6 से 8 महीने में ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा, ‘हमने कहा था कि कुछ पहलू अब तक संदेहास्पद हैं, लेकिन 338 करोड़ रुपये ट्रांसफर होने का पहलू लगभग साबित हो रहा है. लिहाज़ा ज़मानत अर्जी खरिज की जा रही है.

लेकिन एक और बात कहना चाहते हैं कि जांच एजेंसी ने आश्वस्त किया है कि 6 से 8 महीने में ट्रायल पूरा हो जाएगा. तो अगर तीन महीने में ऐसा लगता है कि ट्रायल की रफ़्तार धीमी है तो दोबारा से ज़मानत के लिए याचिका डाल सकते हैं.’

सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर 17 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. तब सिसोदिया के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा था कि जांच एजेंसी के पास इस पूरे प्रकरण में सिसोदिया से सीधे जुड़ा कोई सबूत नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने 17 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कहा था कि अगर दिल्ली आबकारी नीति में बदलाव के लिए कथित तौर पर दी गई रिश्वत ‘अपराध से आय’ का हिस्सा नहीं है, तो संघीय एजेंसी के लिए सिसोदिया के खिलाफ धनशोधन का आरोप साबित करना कठिन होगा.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी नीति ‘घोटाले’ में कथित भूमिका को लेकर सिसोदिया को 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था. वह, तब से ही हिरासत में हैं.

ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी पर आधारित धनशोधन मामले में नौ मार्च को तिहाड़ जेल में पूछताछ के बाद सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया था. सिसोदिया ने 28 फरवरी को दिल्ली मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था.

हाईकोर्ट ने 30 मई को सीबीआई मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि उपमुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री के पद पर रहने के नाते, वह एक “प्रभावशाली” व्यक्ति हैं तथा वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. हाईकोर्ट ने धनशोधन मामले में तीन जुलाई को उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ आरोप ‘बहुत गंभीर प्रकृति’ के हैं.

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के जरिए सरकार दे रही है 6000 रुपये तक का लाभ…

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साल 2014 में केंद्र में आने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देश की महिलाओं की हित के लिए कई योजनाओं की शुरुआत कर चुकी है.

ऐसी ही एक योजना है- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना.

इस योजना के जरिए केंद्र सरकार गर्भवती महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करती है. साल 2017 के 1 जनवरी को मोदी सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत हुई थी. हालांकि साल 2022 में मिशन शक्ति के एक घटक के तौर पर संशोधित किया गया.

इसका मुख्य लक्ष्य महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान मजदूरी हानि के आंशिक मुआवजे के लिए नकद प्रोत्साहन देना है,

इस योजना के जरिए गर्भवती महिलाओं माताओं के बीच स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार में जोर दिया जाता है. सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आने वाली महिलाओं के लिए यह योजना दो किश्तों में दिए जाने वाला 5,000 रुपये का लाभ देती है.

मोदी सरकार ने इस लाभ का विस्तार अब दूसरे बच्चे के लिए भी कर दिया है. हालांकि बशर्ते दूसरा बच्चा लड़का हो. इस योजना की शुरुआत से 3.11 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को कुल 14,103 करोड़ रुपये की राशि का वितरण करते वित्तीय सहायता दी गई है.

इस योजना के जरिए कन्या भ्रूष हत्या को हत्सोत्साहित करके और श्रम बल की भागीदारी को बढ़ाकर जन्म के साथ सुधार करने में भी योगदान मिलेगा. इसके अलावा यह योजना समय पर टीकाकरण, प्रसव पंजीकरण और संस्थागत जन्म के लिए पंजीकरण को भी प्रोत्साहित करती है.

प्याज का इलेक्शन से क्या है कनेक्शन? प्याज की बढ़ी कीमतें और भ्रष्टाचार के साथ महंगाई का मुद्दा…

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पांच राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में विधानसभा चुनावों के बीच प्याज का महंगा होना सत्तारूढ़ दलों की ओर से देश में अब प्याज के बढ़े दामों की चर्चा होनी शुरू हो गई है।

उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक देश में रविवार 29 अक्टूबर को प्याज का अधिकतम औसत मूल्य 83 रुपये किलो पर पहुंच गया। हालांकि, कई शहरों में इसकी खुदर कीमत 100 रुपये प्रति किलो के पार चली गई है। आइए जानें प्याज का इलेक्शन से क्या है कनेक्शन ?

चुनावी राज्य मध्य प्रदेश में अभी प्याज की औसत खुदरा कीमत 44.28 रुपये है। राजस्थान में 34 रुपये, छत्तीसगढ़ में 42, मिजोरम में 65 और तेलंगाना में 38 रुपये किलो है। गैरचुनावी राज्यों के मुकाबले इन राज्यों में अभी राहत है, लेकिन प्याज ने कई सरकारों को हिला कर रख दिया है।

कुछ महीनों तक सब्जी बाजार में उपेक्षित-सा रहने वाला प्याज चुनावों के समय या अक्सर दिवाली से पहले अचानक उठता है और सरकारों की नींव हिला देता है।

कई पार्टियां बीते दौर में राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में प्याज का रुतबा देख चुकी हैं। भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली राज्य की सत्ता इस साल दिल्ली में प्याज के दाम 60 रुपये किलो तक चले गए । न्यूयार्क टाइम्स में प्याज की महंगाई को लेकर खबर छपी थी, जिसमें प्याज को भारत का सबसे गर्म मुद्दा बताया गया था।

चार दिन में दोगुनी हो गईं प्याज की कीमतें, ₹120 से ₹150 तक पहुंच सकते हैं भाव, जानें किसका है प्रभाव

दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्याज की महंगाई का मुद्दा जब गरमाया तो बीजेपी दिल्ली में महंगाई से प्याज ने उन्हें गलत साबित कर दिया। विधानसभा चुनाव में प्याज की महंगाई को जोर-शोर से उठाने वाली कांग्रेस ने प्याज की बढ़ी कीमतें और भ्रष्टाचार के साथ महंगाई का मुद्दा चुनाव में एक और बदलाव लाने वाला है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 106वें एपिसोड में राष्ट्र के नाम प्रेरक संबोधन दिया!

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 106वें एपिसोड में राष्ट्र के नाम प्रेरक संबोधन दिया.

उन्होंने भारतीय संस्कृति, विरासत और उपलब्धियों के विभिन्न पहलुओं को छुआ, साथ ही स्थानीय उत्पादों और पहलों के महत्व पर भी जोर दिया।

प्रधान मंत्री मोदी ने पारंपरिक भारतीय कपड़े खादी के उत्सव, खादी महोत्सव की उल्लेखनीय सफलता पर प्रकाश डालते हुए शुरुआत की। इस साल के आयोजन ने रिकॉर्ड-तोड़ बिक्री हासिल की, खासकर दिल्ली में, जो नागरिकों और उनकी सांस्कृतिक विरासत के बीच मजबूत संबंध का संकेत है।

प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल को दोहराते हुए लोगों को त्योहारों के दौरान स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय उद्योगों का समर्थन आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि, आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की यात्रा और वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने में योगदान देता है।

31 अक्टूबर का दिन भारतीयों के दिलों में एक विशेष स्थान रखता है क्योंकि वे भारत के लौह पुरुष कहे जाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाते हैं। प्रधान मंत्री मोदी ने 580 से अधिक रियासतों को एकजुट करने में पटेल की ऐतिहासिक भूमिका को श्रद्धांजलि अर्पित की, यह एक महत्वपूर्ण कार्य था, जिसने देश की नियति को आकार दिया।

इस महत्वपूर्ण अवसर के दौरान, प्रधान मंत्री मोदी ने MYभारत संगठन के शुभारंभ की घोषणा की। यह पहल युवाओं को भारत के भविष्य के लिए एक ठोस आधार स्थापित करते हुए विभिन्न राष्ट्र-निर्माण कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल होने का अवसर प्रदान करती है।

अमृत ​​कलश यात्राओं का महत्व पीएम मोदी ने साझा किया. इन यात्राओं में देश भर के प्रत्येक गाँव और घर से मिट्टी एकत्र करना शामिल था, जो एकता और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक था। इस पवित्र मिट्टी को एक विशाल भारत कलश में डाला जाएगा, जो राजधानी दिल्ली में ‘अमृत वाटिका’ के निर्माण में योगदान देगा।

समापन नोट के रूप में, प्रधान मंत्री ने आगामी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने की घोषणा की। यह दिन साहस, दृढ़ संकल्प और अटूट प्रतिबद्धता के प्रतीक एक प्रतिष्ठित व्यक्ति, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मनाने के लिए समर्पित है। इस संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी विरासत को संरक्षित करने, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने और उज्जवल भविष्य के लिए युवाओं को सशक्त बनाने की देश की प्रतिबद्धता दोहराई।

मध्य प्रदेश : विधानसभा चुनाव के लिए अमित शाह का बीजेपी पदाधिकारी के साथ बैठक…

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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए टिकट वितरण की बागडोर अमित शाह संभाल रहे है .

टिकट वितरण के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिवसीय मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को राजधानी भोपाल आ गए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने आज भोपाल, नर्मदापुरम संभाग के बीजेपी पदाधिकारी के साथ बैठक की. बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह पहुंचे थे, जो यूपी में विधायक हैं. बैठक में 36 सीटों की जिम्मेदारी संभालने वाले बाहरी विधायक भी मौजूद थे.

इस बैठक में जिला अध्यक्ष, महामंत्री सभी मोर्चों के अध्यक्षों को भी बुलाया था.

बता दें कि, अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज उज्जैन जाएंगे, जहां वो महाकाल के दर्शन के बाद रोड शो कार्यक्रम में शामिल होंगे.

जारी दौरे के कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज रविवार को रीवा, उज्जैन एवं 30 अक्टूबर को इंदौर एवं ग्वालियर प्रवास पर रहेंगे.

अमित शाह आज भोपाल के ताज होटल से जब एयरपोर्ट के लिए जाऐंगे, तब वीआईपी रोड स्थित राजाभोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे. इसके बाद खजुराहो के होटल रमाडा पहुंचकर सागर संभाग की संभागीय बैठक का मार्गदर्शन करेंगे.

ये है अमित शाह का पूरा कार्यक्रम


रीवा जिले के वृंदावन गार्डन झिरिया में रीवा एवं शहडोल संभाग की संभागीय बैठक में शामिल होंगे. उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन कर फ्रीगंज स्थित टावर चौक में जनसभा को संबोधित करेंगे. होटल रूद्राक्ष में उज्जैन संभाग की संभागीय बैठक में भाग लेंगे. अमित शाह 30 अक्टूबर को इंदौर के होटल ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर हाल विजय नगर में इंदौर संभाग की संभागीय बैठक को संबोधित करेंगे. होटल रेडीसन सिटी सेंटर ग्वालियर में ग्वालियर चंबल संभाग की संभागीय बैठक में मार्गदर्शन करेंगे.

राजस्थान : विधानसभा के लिए कई बड़े दिग्गज नेता निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे, देखें कुछ ऐसी स्थिति’

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राजस्थान में विधान सभा चुनाव के लिए मतदान 25 नम्बर को होगा कांग्रेस पार्टी एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है. सीटों पर कई दिग्गज नेता निर्दलीय लड़ेंगे जिसका असर अब कांग्रेस पर पड़ सकता है.

जयपुर की विराटनगर, दौसा और अजमेर की मसूदा और अन्य सीटों पर कांग्रेस में विरोध जारी है. कांग्रेस के दोनों बड़े नेता अशोक गहलोत और सचिन पायलट के लिए यह बड़ी चुनौती है.

यहां है कुछ ऐसी स्थिति

अजमेर, दौसा, जयपुर, टोंक इन जिलों की कई सीटें है जहां पर इस बार कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी हो रही है. इन जिलों में कांग्रेस वोटर्स का बड़ा फैक्टर है. अजमेर की मसूदा पर कांग्रेस, विराटनगर और दौसा पर कांग्रेस की पिछली बार जीत हुई थी. इस बार यहां पर स्थिति बदल रही है. यहां पर वोटर्स कांग्रेस को आँखें दिखा रहे हैं. कांग्रेस इसी वजह से अभी अपनी चौथी लिस्ट जारी नहीं कर रही है. इसलिए अब यहां के समीकरण बदल रहे हैं.

बगरू में कांग्रेस की गंगा देवी विधायक हैं. उनके खिलाफ बड़ी संख्या में दावेदार थे लेकिन अब गंगा देवी को टिकट मिल गया है फिर भी विरोध बढ़ता जा रहा है. मालवीय नगर में अर्चना शर्मा के खिलाफ विप्र कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश शर्मा ने इस्तीफा दे दिया था. कांग्रेस नेता राजीव अरोड़ा ने कई प्रयास किये मगर अब चुप है.

विराटनगर में भी विधायक इंद्राज गुर्जर विधायक के खिलाफ रामचंद्र सराधना दूसरी पार्टी ज्वाइन कर लिए हैं और चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर चुके हैं. जहां पर कांग्रेस को मुसीबत खड़ी हो रही है. देखा जाए तो इस बार कांग्रेस के लिए मतदाता निर्णायक की भूमिका में होंगे. सादुलशहर, डीडवाना, नदबई, किशनपोल, डूंगरपुर, करौली, सूरतगढ़, आदर्श नगर, मसूदा, सवाई माधोपुर, महुआ, बीकानेर, रामगढ़, केशवरायपाटन ऐसी सीटें हैं.