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Vishwakarma Jayanti 2023; विश्वकर्मा पूजा आज, इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, जानें क्या है इसका महत्व!

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Vishwakarma Jayanti 2023 : आज विश्वकर्मा जयंती मनाई जा रही है. विश्वकर्मा जयंती हर वर्ष कन्या संक्रांति के दिन मनाई जाती है. भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर कहा जाता है.

आज के दिन चार शुभ योगों का निर्माण भी हो रहा है, जिसकी वजह से इस दिन का महत्व और अधिक बढ़ गया है. भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार आज के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, द्विपुष्कर योग, ब्रह्म योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है. ये सभी योग मनुष्य की मनोकामना पूर्ति में सहायक माने जाते हैं. आइए जानते हैं आज के दिन का महत्व.

आज है विश्वकर्मा पूजा 2023

आज दिनांक 17 सितंबर 2023, दिन रविवार को कन्या संक्रांति है. कन्या संक्रांति का क्षण दोपहर 01:43 बजे है. ये वह समय है जब सूर्य देव कन्या रा​शि में प्रवेश करेंगे. जिसके कारण आज ही विश्वकर्मा पूजा की जा रही है. आज के दिन भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है.

विश्वकर्मा पूजा का महत्व

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान विश्वकर्मा ब्रह्म देव के पुत्र हैं. भगवान विश्वकर्मा को सभी देवताओं का ​शिल्पी भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस सृष्टि की रचना में भगवान विश्वकर्मा ने ब्रह्म देव की मदद की थी. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार विश्वकर्मा जी ने ही सोने की लंका, द्वारका नगरी, पुष्पक विमान, देवी-देवताओं के अस्त्र-शस्त्र बनाए थे. कहा जाता है यदि व्यापार में तरक्की पाना चाहते हैं तो भगवान विश्वकर्मा की पूजा करना बेहद शुभ होता है. जो लोग मशीन और निर्माण से जुड़े हैं उन्हें विशेष रूप से भगवान विश्वकर्मा की पूजा करनी चाहिए. क्योंकि भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर कहा जाता है.

विश्वकर्मा जयंती 2023 पर शुभ योगों का निर्माण

विश्वकर्मा जयंती पर चार योगों का निर्माण हो रहा है. इनमें सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत योग, द्विपुष्कर योग और ब्रह्म योग शामिल हैं. मान्यता है कि ये शुभ योग आपकी हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं.

1. सर्वार्थ सिद्धि योग – 17 सितंबर 2023, सुबह 06:07 से सुबह 10:02 बजे तक.

2. द्विपुष्कर योग – 17 सितंबर 2023, सुबह 10:02 से सुबह 11.08 बजे तक.

3. ब्रह्म योग – 17 सितंबर 2023, प्रात:काल 04:13 से 18 सितंबर 2023, प्रात:काल 04:28 बजे तक.

4. अमृत सिद्धि योग – 17 सितंबर 2023, सुबह 06:07 से सुबह 10:02 बजे तक.

Petrol Diesel Prices; पंजाब में सस्ता हुआ पेट्रोल, राजस्थान में बढ़े दाम, जानें कहां-कितनी बदली कीमतें!

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है. WTI क्रूड 90.77 डॉलर प्रति बैरल पर बिक रहा है. वहीं, ब्रेंट क्रू़ड 93.93 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है.

देश में तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी कर दिए हैं. भारत में हर सुबह 6 बजे ईंधन के दामों में संशोधन किया जाता है. जून 2017 से पहले कीमतों में संशोधन हर 15 दिन के बाद किया जाता था.

आज देश के अधिकांश राज्यों में पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. हालांकि, पंजाब में पेट्रोल 48 पैसे सस्ता हुआ है. वहीं, राजस्थान में पेट्रोल की कीमत में 6 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. उत्तर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमत में 10 पैसे का इजाफा हुआ है. हिमाचल में भी पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है.

चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

– दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल 90.08 रुपये प्रति लीटर

– मुंबई में पेट्रोल 106.31 रुपये और डीजल 94.27 रुपये प्रति लीटर

– कोलकाता में पेट्रोल 106.03 रुपये और डीजल 92.76 रुपये प्रति लीटर

– चेन्नई में पेट्रोल 102.63 रुपये और डीजल 94.24 रुपये प्रति लीटर

इन शहरों में कितने बदले दाम

– नोएडा में पेट्रोल 96.94 रुपये और डीजल 90.11 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

– गाजियाबाद में 96.44 रुपये और डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

– लखनऊ में पेट्रोल 96.57 रुपये और डीजल 89.76 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

– पटना में पेट्रोल 107.24 रुपये और डीजल 94.04 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

– पोर्टब्‍लेयर में पेट्रोल 84.10 रुपये और डीजल 79.74 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

हर सुबह 6 बजे जारी होते हैं नए रेट

सुबह 6 बजे हर दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है और नए रेट जारी किए जाते हैं. पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, वैट और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसकी कीमत मूल भाव से लगभग दोगुना हो जाती है. यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल हमें इतना महंगा खरीदना पड़ता है.

ऐसे पता कर सकते हैं आज के ताजा दाम

आप SMS के जरिए भी पेट्रोल डीजल का रोज का रेट जान सकते हैं. इंडियन ऑयल के कस्टमर RSP और अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर और बीपीसीएल उपभोक्ता RSP व अपने शहर का कोड लिखकर 9223112222 नंबर पर SMS भेज जानकारी हासिल कर सकते हैं. वहीं, एचपीसीएल उपभोक्ता HPPrice व अपने शहर का कोड लिखकर 9222201122 नंबर पर भेजकर भाव पता कर सकते हैं.

यशोभूमि’ में पारंपरिक कारिगरों से मिले PM मोदी, करेंगे ‘विश्वकर्मा योजना’ की शुरुआत!

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PM Narendra Modi’s Birthday: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Mod) आज 17 सितंबर को अपना 73वां जन्मदिन मना रहे हैं. पूरे भारत में बीजेपी ने उनके जन्मदिन को अलग-अलग तरीकों से मनाने की योजना बनाई है.

भारत को आजादी मिलने के तीन साल बाद और गणतंत्र बनने से कुछ महीने पहले 17 सितंबर 1950 को जन्में नरेंद्र मोदी अपने पिता दामोदरदास मोदी और मां हीराबा मोदी की छह संतानों में से तीसरे थे. अपने जीवन के शुरुआती समय से ही पीएम नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवक थे. 1970 के दशक से राजनीति में शामिल होने के बावजूद, 1990 के दशक के अंत तक उनके राजनीतिक करियर को कोई खास गति नहीं मिली.

1987 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात में भाजपा के महासचिव के रूप में काम करना शुरू किया. 1995 में पार्टी ने गुजरात में बहुमत हासिल किया और वह तेजी से आगे बढ़े. 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली संवैधानिक भूमिका निभाई, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने. उस तारीख के बाद से उन्होंने चुनी गई सरकार के नेता के रूप में काम करना जारी रखा है. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी न केवल सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं, बल्कि एक निर्वाचित सरकार के प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल सबसे लंबा है. 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने लोकसभा के चुनाव में जीत हासिल की और तीन दशकों में पहली बार बहुमत हासिल करने वाली पहली पार्टी बन गई.

प्रधानमंत्री के रूप में उनका दूसरा कार्यकाल अगले साल खत्म होने वाला है, इसके बावजूद पीएम नरेंद्र मोदी अभी भी भारतीय राजनीति और देश के अधिकांश राजनीतिक विमर्श पर हावी हैं. रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 73वें जन्मदिन के मौके पर देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है. अपने जन्मदिन पर पीएम मोदी नई दिल्ली के द्वारका में ‘यशोभूमि’ के नाम से मशहूर इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (IICC) के पहले चरण का उद्घाटन कर रहे हैं. पीएम मोदी ने द्वारका सेक्टर 21 को द्वारका सेक्टर-25 में नवनिर्मित मेट्रो स्टेशन से जोड़ने वाली दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस लाइन के विस्तार को भी देश को समर्पित किया. पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर बीजेपी एक ‘सेवा पखवाड़ा’ कार्यक्रम शुरू कर रही है. जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचना और देश भर में विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन करना शामिल है. यह कार्यक्रम महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक चलेगा. पीएम मोदी आज ‘विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना’ और ‘आयुष्मान भव:’ कार्यक्रम का भी शुभारंभ कर रहे हैं.

(AAP) के सांसद राघव चड्ढा और मशहूर अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा की शादी की डिटेल्स आई सामने…

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा और मशहूर अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा की शादी की डिटेल्स सामने आ चुकी हैं। इनकी शादी राजस्थान के उदयपुर स्थित होटल लीला पैलेस में पंजाबी रीति-रिवाज के साथ होगी, वहीं इस दौरान कई चीजें देखने को मिलेंगी, जो फैन्स के दिलों में रोमांच पैदा करने वाली हैं।

जानें फंक्शन की पूरी डिटेल.

गौरतलब है कि 11 नवंबर 1988 को सेंट्रल दिल्ली में जन्मे राजनेता (आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद) राघव चड्ढा और एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा आगामी 24 सितंबर को शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। उनकी शादी की रस्माें के लिए राजस्थान के उदयपुर स्थित होटल लीला पैलेस को बुक किया गया है।

सूत्रों की मानें तो पहले पिछोला झील के बीच स्थित होटल ताज में राघव की सेहराबंधी होगी। इसके बाद दुल्हन परिणीति को लेने के लिए राघव चड्ढा की बारात ताज होटल से रवाना होगी। दरअसल, लीला पैलेस होटल पिछोला झील के पास स्थित है। इसके सुइट से झील, ताज होटल, सिटी पैलेस आदि को देखा जा सकता है। इस होटल में मेवाड़, मेवाड़ टेरिस और मारवाड़ तीन स्पेशल वेडिंग वेन्यू हैं। शादी की सभी रस्में इन्हीं में होंगी। उधर, आठ कैटेगरीज में बंटे होटल में कमरों का एक दिन का किराया 47 हजार से 10 लाख रुपए तक है।

इसके अलावा भी कई रोमांचक बातें इस शादी समारोह में सामने आने वाली हैं। सूत्रों के अनुसार इस मधुर वेला को यादगार बनाने के लिए बारात अपने शाही अंदाज के लिए जानी जाती रॉयल गणगौर बोट में जाएगी। मेवाड़ी परम्परा के हिसाब से बोट्स की सजावट की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं दूल्हा-दुल्हन के कमरों के अलावा होटल में मेहमानों के लिए बुक किए गए सुइट्स को भी खूबसूरती से डिजाइन किया गया है। होटल लीला को सजाने के लिए कोलकाता और दिल्ली से खास किस्म के फूल मंगवाए जाएंगे। शादी के दिन सफेद फूल इस्तेमाल किए जाएंगे, वहीं होटल को भी पर्ल व्हाइट थीम पर सजाया जाएगा।

इतना ही नहीं, परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा पर्ल व्हाइट के साथ गोल्डन कलर कॉम्बिनेशन के आउटफिट में नजर आएंगे। मेहमाननवाजी के राजस्थानी अंदाज ‘पधारो म्हारे देश’ के लिए मशहूर उदयपुर उन खास पलों का साक्षी बनने को तैयार है, वहीं बड़ी दिलचस्पी दुल्हन की चचेरी बहन प्रियंका चोपड़ा के फैमिली के साथ भारत आने को लेकर भी है। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि वह कब आ रही हैं।

Govt Jobs 2023; पांचवीं पास से ग्रेजुएट तक के लिए नौकरियां, ड्राइवर सहित कई पदों पर निकली भर्ती!

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Govt Jobs 2023 : छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (CGSLSA)ने ड्राइवर और ट्रांसलेटर सहित कई पदों पर भर्ती निकाली है. नोटिफिकेशन के अनुसार प्राधिकरण में कुल 112 वैकेंसी है. इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख 9 अक्टूबर 2023 है.

विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस भर्ती का पीडीएफ नोटिफिकेशन अपनी वेबसाइट cgslsa.gov.in पर अपलोड किया है. जिसमें शैक्षिक योग्यता, आयु सीमा, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की डेट, चयन प्रक्रिया, अप्लीकेशन फीस सहित तमाम जानकारियां मिलेंगी.

जरूरी योग्यता

छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा न्यायिक प्राधिकरण में विभिन्न पदों पर निकली भर्ती के लिए योग्यता भिन्न-भिन्न है. जो इस प्रकार है-

ट्रांसलेटर (हिंदी से अंग्रेजी)- हिंदी में पोस्ट ग्रेजुएशन अंग्रेजी में दक्षता सहित या अंग्रेजी में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हिंदी में दक्षता के साथ. कंप्यूटर करने में दक्ष होना चाहिए. यदि एलएलबी की डिग्री है तो पांच नंबर का वेटेज दिया जाएगा.

सहायक ग्रेड-3/कंप्यूटर ऑपरेटर/प्रोसेस राइटर के लिए- मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना चाहिए. या ग्रेजुएशन और कंप्यूटर में हिंदी टाइपिंग का 5000 की डिप्रेशन प्रति घंटा होनी चाहिए. साथ में डेटा एंट्री ऑपरेटर/प्रोग्रामिंग में एक साल का डिप्लोमा/प्रमाण पत्र होना जरूरी है.

चपरासी- किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पांचवीं की परीक्षा पास की होनी चाहिए.

नोट- नोटिफिकेशन के अनुसार ड्राइवर, कुक, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, माली, पेंटर जैसे पदों पर भर्ती में अनुभवी उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी.

इसके लिए अनुभव का प्रमाण पत्र लगाना होगा.

आयु सीमा

उम्मीदवारों की उम्र कम से कम 18 साल और अधिकतम 35 साल होनी चाहिए. हालांकि छत्तीसगढ़ के मूल निवासी उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 40 साल है. साथ ही छत्तीसगढ़ के उन उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र सीमा में छूट प्रदान की जाएगी जो आरक्षित वर्ग में आते होंगे.

कैसे करना है आवेदन

छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा आयोग में निकली भर्ती के लिए आवेदन ऑफलाइन मोड में करना है. आवेदन फॉर्म भेजने का पता है-

छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा आयोग, विधिक सेवा मार्ग एसबीआई एटीएम के विपरीत, छत्तीसगढ़- 495001. आवेदन की आखिरी तारीख नौ अक्टूबर है

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PM In Chhattisgarh: कांग्रेस के डिप्टी सीएम ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ, कहा- कभी महसूस नहीं किया भेदभाव!

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PM Modi In Chhattisgarh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (13 सितंबर 2023) को चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ के दौरे पर गए हुए थे. वहां पर उनके स्वागत में प्रोटोकॉल के तहत राज्य के डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव भी मौजूद थे.

इस दौरान पीएम मोदी के भाषण देने के बाद जब राज्य के सीएम टीएस सिंह देव के बोलने की बारी आई तो उन्होंने मुक्त कंठ से पीएम की तारीफ कर दी. जिसके बाद से उनकी पार्टी में विवाद हो गया और उनको सार्वजनिक तौर पर सफाई देनी पड़ गई.

छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने कहा था, ‘मैं यहां यह कहने से नहीं चूकना चाहुंगा कि हमारे राज्य के साथ कभी भी केंद्र सरकार ने भेदभाव नहीं किया, राज्य से हम लोगों ने अगर काम किया और मांगा तो बतौर एक साथी केंद्र सरकार की ओर से कभी हाथ तंग नहीं रहे और मेरा विश्वास है कि आने वाले समय में इस देश को, इस प्रदेश को मिल के अपनी संघीय ढांचे की व्यवस्था में निरंतर हम आगे बढ़ाते रहेंगे.’

बयान के बाद टीएस सिंह देव ने दी सफाई
टीएस सिंह देव के इस बयान के सामने आने के बाद कांग्रेस में और बाकी पब्लिक प्लेटफॉर्म पर उनके समर्थक उनकी आलोचना करने लगे जिसके बाद उनकी सफाई सामने आ गई है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘हमारे प्रदेश, पूरे देश में सदा अतिथि सत्कार की परंपरा रही है. एक शासकीय मंच पर, प्रधानमंत्री जी की गरिमा को ध्यान में रखते हुए कुछ बातें कही गईं थी. मंच के माध्यम से मैं आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में नहीं पड़ना चाहता था. और, मेरा वक्तव्य केवल अपने विभाग की मांगों से संबंधित था.’

टीएस सिंह देव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि, “आज आप देने आये हैं. बहुत सारी चीजें देते रहे हैं, दे रहे हैं और भविष्य में भी मिलती रहेंगी, ऐसा मेरा विश्वास है. आज रेल कॉरिडोर, ब्लॉक, सिकल सेल के ग्रसित नागरिकों को उनकी बेहतर पहचान और बेहतर उपचार के लिए जो कार्य का सिलसिला चालू है, उसमें आज आपने अपनी उपस्थिति से गति दी है.”

साल के अंत में प्रस्तावित हैं छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव
इस साल के अंत में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं. बीजेपी ने राज्य की सत्ताधारी भूपेश बघेल सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है. हालांकि, एक रणनीति के तहत छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी लगातार हिंदुत्व की पिच पर उसी तरह से खेल रहे हैं, जैसे भाजपा खेला करती है. ऐसे में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के दिग्गज नेता और बघेल सरकार के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने ऐसा बयान दे दिया है, जिसने कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी.

सरकार ने क्रूड ऑयल पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स, ATF और डीजल में की कटौती!

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सरकार ने विंडफॉल टैक्स में बदलाव किया है. एक बार डोमेस्टिक प्रोड्यूस क्रूड ऑयल पर सरकार ने विंडफॉल टैक्स को 6,700 पर टन से बढ़ाकर 10,000 प्रति टन कर दिया है. हालांकि, इस दौरान डीजल एक्सपोर्ट और ATF को लेकर राहत मिली है.

डीजल पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी को 6 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 5.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. ATF यानि एविएशन टर्बाइन फ्यूल की एक्सपोर्ट ड्यूटी में भी सरकार ने कटौती की है. इसको चार रुपए से बढ़ाकर 5.50 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है. जारी हुई नई दरें आज 16 सितंबर से लागू हो गयी हैं.

विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी

सरकार ने दो सितंबर को विंडफॉल टैक्स में कटौती की थी. केंद्र सरकार ने डोमेस्टिक प्रोड्यूस कच्चे पेट्रोलियम पर विंडफॉल टैक्स को 7,100 रुपये प्रति टन से मामूली रूप से घटाकर 6,700 रुपये प्रति टन कर दिया था. जिसे आज 6,700 पर टन से बढ़ाकर 10,000 प्रति टन कर दिया है.

पेट्रोल और डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी

नोटिफिकेशन के मुताबिक डीजल पर SAED को ₹6/लीटर से घटाकर ₹5.50/लीटर कर दिया गया है, जबकि पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर SAED शून्य रहेगा. 2 सितंबर को पिछले रिव्यू में सरकार ने क्रूड पेट्रोलियम पर SAED को ₹7100 प्रति टन से घटाकर ₹6700 प्रति टन कर दिया था.

केंद्र ने सबसे पहले 1 जुलाई 2022 से डोमेस्टिक प्रोड्यूस क्रूड ऑयल की बिक्री पर विंडफॉल टैक्स कर लगाया था, क्योंकि रूस के यूक्रेन की लड़ाई के बाद तेल के एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन कंपनियों ने कई साल की ऊंची कच्चे तेल की कीमतों के बीच भारी मुनाफा कमाया.

इसके अलावा पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया क्योंकि निजी रिफाइनर घरेलू बाजार के बजाय बेहतर अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बीच बड़े पैमाने पर विदेशों में बिक्री कर रहे थे.

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चा तेल

ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल के दाम में पिछले कुछ समय से बढ़ोतरी जारी है. कई देशों ने कच्चे तेल के प्रोडक्शन में भी कटौती की है. डब्लूटीआई कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल पर जा पहुंचा है. वहीं ब्रेंट कच्चा तेल 94 डॉलर प्रति बैरल पर है.

तप रही धरती, बढ़ रहा खतरा. अगस्त की विकराल गर्मी ने 65 देशों में तोड़ा रिकॉर्ड!

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धरती पर तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. गर्मी दिन पर दिन विकराल रूप लेती जा रही है. एक नए रिसर्च के मुताबिक, दुनियाभर के 65 देशों में पृथ्वी की 13 प्रतिशत सतह पर अगस्त महीने में रिकॉर्ड अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है.

वहीं, बाकी देशों में थोड़ी राहत रही फिर भी साल 1951 से 1980 के औसत के मुकाबले इस साल अगस्त के महीने में काफी अधिक तापमान दर्ज किया गया.

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका स्थित एक स्वतंत्र गैर-लाभकारी संगठन की ओर से किए गए विश्लेषण में दावा किया गया है कि 1880 में जब से तापमान के रिकॉर्ड को रखने की शुरुआत हुई है तब से लेकर अभी तक पिछला महीना अब तक का सबसे गर्म अगस्त का महीना रहा है. विश्लेषण में दावा किया गया है कि अगस्त में भारत के कुछ हिस्सों में भी तापमान में बेतहाशा बढ़ोतरी देखने को मिली थी.

इन देशों में भी अगस्त में जमकर पड़ी गर्मी

इसके अलावा जापान, उत्तरी अटलांटिक, उत्तरी दक्षिण अमेरिका, मध्य अमेरिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भी अगस्त के महीने में काफी गर्मी महसूस की गई. अमेरिका की सरकारी एजेंसी नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन ने गुरुवार को कहा कि 174 साल के जलवायु रिकॉर्ड में इस साल अगस्त का महीना सबसे गर्म महसूस किया गया.

सात साल में 0.31 डिग्री सेल्सियस बढ़ा तापमान

विश्लेषण के मुताबिक, अगस्त 2016 की तुलना में अगस्त 2023 ज्यादा गर्म महसूस किया गया और इस दौरान 0.31 डिग्री सेल्सियस का अंतर महसूस किया गया जो कि हैरान करने वाला है. वहीं, धरती के बाकी 87 फीसदी हिस्सों में 1951 से 1980 के बीच औसत तापमान के मुकाबले ज्यादा गर्मी देखने को मिली है. रिसर्च में बताया गया है कि अगस्त महीने में वैश्विक औसत तापमान 1850 से 1900 के औसत तापमान से 1.68 डिग्री सेल्सियस अधिक था.

बता दें कि तापमान में बढ़ोतरी को दुनिया के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है. तापमान बढ़ने की वजह से हिमालय समेत अन्य बर्फ के पहाड़ तेजी से पिघल रहे हैं. अगर यह सिलसिला चलता रहा तो आगे चलकर समुद्र के जलस्तर में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

अमेरिका तय करेगा भारत में पेट्रोल सस्ता होगा या महंगा?

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मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 94 डॉलर के करीब हैं. जबकि 15 सितंबर को कारोबारी सत्र के दौरान दाम 95 डॉलर के करीब पहुंच गए थे. जानकारों को उम्मीद है कुछ हफ्तों में दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच सकते हैं.

उसका कारण सऊदी अरब और रूस की ओर से प्रोडक्शन कट को दिसंबर महीने तक बढ़ाना है. वहीं दूसरी ओर लीबिया में तूफान और चीन जैसे देशों की ओर से डिमांड की वजह से लगातार कच्चे तेल की कीमत में तेजी देखने को मिल रही है. जिसकी वजह से भारत जैसे देशों की धड़कनें लगातार बढ़ रही है.

इसका कारण भी है. अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल पर बनी रहती है तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफा होना तय है. भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पिछले एक साल में मुनाफे में लौटी हैं. कैलेंडर वर्ष की चौथी तिमाही में देश के 5 राज्यों में चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफा हो. वहीं दूसरी ओर अमेरिका में भी गैसोलीन की बढ़ती कीमतों की वजह से महंगाई में इजाफा देखने को मिला है.

ऐसे में अब कई बड़े सवाल सामने खड़े हो चले हैं. आखिर महंगाई की इस रफ्तार पर ब्रेक लगाई कैसे जाए? क्या अब वाकई अमेरिका को इस मामले में सामने आना होगा? क्या अब अमेरिका को ही अपना क्रूड ऑयल प्रोडक्शन बढ़ाना होगा? और सबसे बड़ा सवाल क्रूड ऑयल और गैसोलीन की कीमतों में कम करने के लिए अमेरिका को अपने स्ट्रैटिजिक रिजर्व की ओर देखना होगा? उसे बाहर निकालकर रूस और सऊदी अरब को संदेश देना होगा? साथ ही कहना होगा कि मनमानी बहुत हो चुकी, अब ओपेक और ओपेक प्लस को प्रोडक्शन बढ़ाना होगा और कीमतों में कमी लानी होगी.

आइए आज सिलेसिलेवार तरीके से समझने की कोशिश करते हैं कि अगर अमेरिका इन सवालों के जवाब के साथ सामने आता है तो भारत में पेट्रोल और डीजल कितना सस्ता हो सकता है और अगर नहीं तो फ्यूल के दाम में कितनी तेजी देखने को मिल सकती है?

तो शुरुआत क्रूड ऑयल की कीमतों से करते हैं…

इंटरनेशनल मार्केट में शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमत में फिर से इजाफा देखने को मिला है और ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम करीब 94 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुए. वैसे कारोबारी सत्र के दौरान कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंची जरूर थी. उसके बाद बाजार थोड़ा हल्का पड़ा और 94 डॉलर पर सेटल हुआ. वहीं दूसरी ओर अमेरिकी कच्चे तेल डब्ल्यूटीआई के दाम में भी इजाफा देखने को मिला और दाम 91 डॉलर प्रति बैरल के काफी करीब पहुंच गए. ये वो परिस्थिति है जब ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई के बीच अंतर काफी कम रह गया है. जबकि दोनों के बीच का यह अंतर 7 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा होता है. कमोडिटी एक्सपर्ट का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहने वाली है.

कुछ हफ्तों 100 डॉलर के पार हो जाएगा क्रूड ऑयल

बैंक ऑफ अमेरिका अपने तौर पर पहले बता चुका है कि कच्चे तेल की कीमतें कैलेंडर वर्ष आखिरी तिमाही में 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती है. वहीं कमोडिटी एक्सपर्ट की यही राय है. कुछ जानकारों का यह तक कहना है कि अगर दिसंबर के बाद भी प्रोडक्शन कट जारी रहा तो कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है. खैर यह स्थिति तो सऊदी अरब और रूस पर निर्भर करेगी. ऐसे में मौजूदा समय में और दिसंबर तक की परिस्थितियों को परखने की कोशिश करें तो उन देशों के बीच संकट काफी गहराया हुआ है जो कच्चे तेल के आयात पर डिपेंड हैं. भारत सरकार की चिंताओं में इसलिए भी इजाफा हो रहा है कि अगर कच्चा 100 डॉलर के पार चला जाता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफा करना पड़ेगा. कुछ उपाय इंटरनेशनल मार्केट में नहीं किए गए तो परिस्थितियां फिर वहीं आकर खड़ी हासे जाएंगी जो फरवरी-मार्च 2022 में थी.

भारत को अमेरिका से आस

मौजूदा वक्त में सिर्फ अमेरिका ही ऐसा देश है जो मौजूदा और आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभा सकता है. अमेरिका इस मसले पर क्या कदम उठाता? भारत में यही बात तय करेगी कि देश में पेट्रोल और डीजल सस्ता होगा या फिर महंगा? अमेरिका भी अपने तौर पर क्रूड ऑयल का एक्सपोर्टर है. जब से जो बाइडन सत्ता में आए है तब से अमेरिकी कच्चे तेल का प्रोडक्शन कम हुआ है. मौजूदा समय में जिस तरह से कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है, ऐसे में क्या अमेरिका अपने प्रोडक्शन में इजाफा कर सकता है. ये अपने आप में बड़ा सवाल है? अगर अमेरिका प्रोडक्शन में इजाफा करता है और अपने तौर पर उन देशों से प्रतिबंध हटाने का सिलसिला शुरू करता है, जिन पर क्रूड ऑयल बेचने पर लगाया हुुआ है तो परिस्थितियां अपने आप अनुकूल हो जाएंगी और ओपेक और ओपेक प्लस को झुकना पड़ेगा.

क्या स्ट्रैटिजिक रिजर्व ओर देखेगा अमेरिका?

ये परिस्थिति अपने आप में काफी अलग होगी. जी हां, मौजूदा समय में सिर्फ भारत या वो विकासशील देश क्रूड ऑयल की कीमतों से परेशान नहीं है जो पूरी तरह से इंपोर्ट से निर्भर हैं. पूरा यूरोप भी काफी परेशानी में है. जोकि कभी अपनी जरुरत का 40 फीसदी से ज्यादा क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस इंपोर्ट करते थे. लेकिन यूक्रेन के साथ युद्ध की वजह से यूरोपीय यूनियन और अमेरिका के साथ ब्रिटेन तक ने रूस के क्रूड की खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया. ऐसे में अमेरिका कच्चे तेल की कीमतों को स्टेबल करने के लिए अपने क्रूड ऑयल स्ट्रटिजिक रिजर्व की ओर देख सकती है. इंटरनेशनल मार्केट में उसका कुछ हिस्सा जारी कर कच्चे तेल की कीमतों को थामने की कोशिश कर सकती है. अगर आंकड़ों नजर दौड़ाएं तो अमेरिका के पास 8 सितंबर तक 350.63 मिलियन बैरल कच्चा तेल रिजर्व में मौजूद था. इस बारे में अमेरिका की ओर अगला अपडेट 20 सितंबर को जारी किया जाएगा.

भारत पर क्या होगा असर?

इस बात को दो परिस्थितियों से समझने की कोशिश करनी होगी. वो भी अमेरिका की ओर से किए गए उपाय पर निर्भर करेगी. आइये समझने कोशिश करते हैं…

यूएस रिजर्व से भारत में कितना सस्ता होगा फ्यूल : अगर यूएस अपने स्ट्रैटिजिक रिजर्व से कच्चे तेल की सप्लाई इंटरनेशनल मार्केट में करता है और यूरोप भी ऐसे ही प्रयास करता है तो इंटरनेशनल मार्केट एक झटके कच्चे तेल की कीमतें 20 डॉलर प्रति बैरल कम हो जाएंगी और ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल पर आ जाएंगे. इसका मतलब है कि भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम 5 से 7 रुपये तक कम हो सकते हैं.

यूएस रिजर्व नहीं आता है तो भारत में कितना महंगा होगा फ्यूल : अगर यूएस अपने स्ट्रैटिजिक रिजर्व को नहीं छेड़ता है और मौजूदा परिस्थितियों को जारी रहने देता है तो भारत में आने वाले महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 से 5 रुपये प्रति लीटर का इजाफा देखने को मिल सकता है. जिसके बाद देश की रालधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें फिर से 100 रुपये तक पहुंच सकती है.

अमेरिकी देशों की रिफाइनरीज में मेंटेनेंस का काम चल रहा है और रूस और सऊदी की ओर से प्रोडक्शन कट किया हुआ है. जिसकी वजह से कीमतें तेजी के साथ बढ़ रही है, जिसके कुछ हफ्तों में 100 डॉलर के पार जाने की उम्मीदें हैं. अक्टूबर में अमेरिका और कुछ खाड़ी देशों के मेंटेनेंस काम खत्म होने के कच्चे तेल का प्रोडक्शन में इजाफा होगा और सप्लाई तो कच्चे तेल के दाम नीचे आएंगे. उन्होंने आगे कहा कि वैसे ऐसी नौबत नहीं आएगी कि अमेरिका को अपने रिजर्व से कच्चा तेल निकालने की जरुरत पड़े. कीमतों के 100 डॉलर के पार जाने के बाद अमेरिका ओपेक पर सप्लाई बढ़ाने का दबाव भी बना सकता है.

अजय केडिया ने आगे कहा कि मौजूदा समय में अमेरिका इरान, वेनेजुएला और लीबिया जैसे देशों से प्रतिबंधों को भी धीरे-धीरे हटा रहा है. लेकिन समस्या ये है कि इन देशों की स्थिति बीते पांच सालों इतनी खराब हो चली है कि वो प्रोडक्शन में इजाफा करने के परिस्थिति में नहीं है. ऐसे में आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें कम होने वाली नहीं है.

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत

वहीं दूसरी ओर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है. देश के महानगरों में आखिरी पेट्रोल और डीजल की कीमत में 21 मई के दिन बदलाव देखने को मिला था. उस वक्त देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में टैक्स को कम किया था. उसके बाद कुछ प्रदेशों ने वैट को कम या बढ़ाकर कीमतों को प्रभावित करने का प्रयास किया था. दिलचस्प बात ये है कि जब से देश में इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से पेट्रोल और डीजल की कीमत में रोज बदलाव होने की शुरुआत हुई है, तब से यह पहला मौका है जब पेट्रोलियम कंपनियों ने रिकॉर्ड टाइमलाइन के दौरान कोई बदलाव नहीं किया है.

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत

  1. नई दिल्ली: पेट्रोल रेट: 96.72 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 89.62 रुपये प्रति लीटर
  2. कोलकाता: पेट्रोल रेट: 106.03 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 92.76 रुपये प्रति लीटर
  3. मुंबई: पेट्रोल रेट: 106.31 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 94.27 रुपये प्रति लीटर
  4. चेन्नई: पेट्रोल रेट: 102.63 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 94.24 रुपये प्रति लीटर
  5. बेंगलुरु: पेट्रोल रेट: 101.94 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 87.89 रुपये प्रति लीटर
  6. चंडीगढ़: पेट्रोल रेट: 96.20 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 84.26 रुपये प्रति लीटर
  7. गुरुग्राम: पेट्रोल रेट: 97.18 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 90.05 रुपये प्रति लीटर
  8. लखनऊ: पेट्रोल रेट: 96.57 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 89.76 रुपये प्रति लीटर
  9. नोएडा: पेट्रोल रेट: 96.79 रुपये प्रति लीटर, डीजल रेट: 89.96 रुपये प्रति लीटर

घास में रहने वाला कीड़ा ले रहा लोगों की जान, देश में अब तक 14 मौतें, फैला रहे ये बीमारी!

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भारत में इस समय कई बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है. डेंगू फैल रहा है और केरल में निपाह ने फिर से दस्तक दे दी है. इस बीच देश में स्क्रब टाइफस बीमारी भी फैल रही है. इस बीमारी की चपेट में आने से ओडिशा और शिमला में मिलाकर 14 लोगों की मौत हो चुकी है.

स्क्रब टाइफस एक ऐसी बीमारी है जो कीड़े के काटने से होती है. इस कीड़े को चिगर्स कहते हैं. ये कीड़ा घास में और जंगलों में रहता है. अगर ये किसी इंसान को काट लेता है तो उसको स्क्रब टाइफस का संक्रमण हो जाता है. इस बीमारी के लक्षण एक से दो सप्ताह बाद दिखते हैं. ये कीड़ा कुछ जानवरों के शरीर पर भी रहता है. जंगल वाले इलाकों में रहने वाले लोग आसानी से इस कीड़े के संपर्क में आ जाते हैं. अगर समय पर इलाज ने मिले तो 15 से 20 दिन में मरीज की मौत हो जाती है.

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक,स्क्रब टाइफस बीमारी को बूश टाइफस भी कहा जाता है. इस बीमारी के होने के बाद पहले बुखार आता है और उसके बाद शरीर में तेज दर्द होने लगता है. शरीर के जिस हिस्से पर कीड़े ने काटा है वहां लाल रंग का निशान होने लगता है. चिंता की बात यह है कि संक्रमित होने के काफी दिनों बाद इसके लक्षण दिखते हैं. इतने समय में इस बीमारी का संक्रमण पूरे शरीर में फैलने लगता है. ऐसे में मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है.

इन लोगों को खतरा

सीडीसी ने कहा है कि स्क्रब टाइफस से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को बुखार की समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर बुखार है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. इस मामले में की गई देरी मौत का कारण बन सकती है. जो लोग जंगल के इलाकों में रहते हैं या अपने रोजाना के काम के लिए जंगल जाते हैं उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. कीड़े के काटने के बाद होने वाली इस बीमारी में मृत्यु दर काफी ज्यादा है. ऐसे में इसको हल्के में नहीं लेना चाहिए.

क्या है इलाज

स्क्रब टाइफस के लक्षण फ्लू या वायरल बुखार की तरह ही होते हैं. फर्क बस इतना है कि इस बीमारी में कीड़ा काटने वाले स्थान पर लाल रंग का घाव हो जाता है. यही इस बीमारी की सबसे बड़ी पहचान है. अगर ऐसी कोई परेशानी दिख रही है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.

डॉक्टर ब्लड टेस्ट के जरिए बीमारी की पहचान कर सकता है. कुछ एंटीबायोटिक दवाओं से बीमारी का को काबू में किया जा सकता है.हालांकि इस बीमारी का कोई निर्धारित इलाज नहीं है और न ही आज तक कोई वैक्सीन बन चुकी है. स्क्रब टाइफस को दुनियाभर में आए 100 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन ये अब भी लोगों की मौत का कारण बन रही है. एक कीड़े से होने वाली ये बीमारी काफी खतरनाक है.