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खतरा बाकी है! हिमाचल, हरियाणा में रेड अलर्ट, दिल्ली में भी बाढ़ का खतरा; कब तक थमेगी बारिश

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Weather Update Today: मॉनसून की बारिश ने हिमाचल से लेकर एनसीआर तक बुरा हाल कर दिया है। दिल्ली जैसे शहर में कहीं कारें पानी में डूबती दिखीं तो हिमाचल में घर-मकान तक भरभराकर पानी में गिर गए।

कारों के दूर तक पानी में खिलौने की तरह बहने के वीडियो वायरल हो रहे हैं। शनिवार से शुरू हुई बारिश ने रविवार को भी जोर पकड़ा तो ज्यादातर इलाकों में बारिश से निपटने के इंतजामों की पोल खुल गई। एक तरफ हिमाचल के ऊना, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू जैसे जिलों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और कटाव हुआ तो मकान गिरने लगे। इन घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई और कई गाड़ियां भी बाढ़ के पानी में बह गईं।

यही नहीं दिल्ली-एनसीआर के भी ज्यादातर इलाकों में बारिश ने व्यवस्था बिगाड़ दी। दिल्ली में 16 तारीख तक स्कूलों को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा नोएडा और गाजियाबाद में सोमवार को स्कूलों को बंद रखा है। इस बीच मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार को भी अच्छी बारिश हो सकती है। हालांकि सुबह से थोड़ी राहत मिली हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में यमुना जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जा सकता है और इसके चलते बाढ़ आ सकती है। यमुना नदी पर हथिनीकुंड बैराज में भी जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते दिल्ली, पश्चिम यूपी और हरियाणा के जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।

हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने पर यमुना के अलावा हिंडन नदी में भी पानी का स्तर बढ़ जाता है। इस बैराज में फिलहाल जलस्तर 3 लाख क्यूसेक है, जो अधिकतम ढाई लाख ही रहना चाहिए। बैराज से यदि ज्यादा पानी छूटा तो फिर करनाल, पानीपत, सोनीपत जिलों के निचले इलाकों में पानी घुसने का खतरा है। इस बीच हरियाणा के 16 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन 16 जिलों में करनाल, कैथल, झज्जर, पलवल, फरीदाबाद, सोनीपत, रोहतक आदि शामिल हैं। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने भारी बारिश से निपटने के उपायों पर चर्चा के लिए हाईलेवल मीटिंग बुलाई है।

ऐसी ही एक मीटिंग दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी करने जा रहे हैं। दिल्ली में प्रगति मैदान टनल को पानी भरने के चलते अस्थायी तौर पर ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है। सड़कों पर पानी भरने के चलते आवाजाही प्रभावित है। एयरपोर्ट से पूर्वी दिल्ली तक आने में ढाई घंटे तक का वक्त लग रहा है। इस बीच मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार को भी दिल्ली-एनसीआर में अच्छी बारिश होगी। हालांकि मंगलवार से बारिश में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन इस पूरे सप्ताह मौसम में नमी बनी रहेगी और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। वहीं हिमाचल में इस पूरे सप्ताह भारी से भारी बारिश होने की संभावना है। सरकार ने रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों से घरों में ही रहने की अपील की है।

पहले देरी, पर जब आई तो बारिश ने मचाई तबाही

बारिश से हालात बिगड़ने की वजह यह है कि दो से तीन दिनों में ही भारी बारिश हुई है। जून महीने में बारिश औसतन 10 फीसदी कम थी, लेकिन 9 जुलाई तक ही इस महीने 2 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। खासतौर पर उत्तर पश्चिम भारत यानी हिमाचल, हरियाणा, पंजाब में औसत से 59 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। इसके अलावा सेंट्रल इंडिया में 4 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। हालांकि पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश में 17 से 23 फीसदी तक कमी आई है। इस तरह उत्तर भारत के राज्य हाल में हुई बारिश से ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

भारत में कोरोना मामले अब तक के सबसे निचले स्तर पर; रिकवरी रेट हुई 98.81 प्रतिशत

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साल 2020 से कोरोना महामारी वैश्विक रूप से गंभीर समस्या बनी हुई है। हालांकि हाल के दिनों में दुनियाभर में इसके संक्रमण की रफ्तार पर लगाम लगी हुई है। भारत में भी कोरोना के मामले इस समय सबसे निचले स्तर पर हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार यानी आज कोरोना के ताजा आंकड़े जारी किए हैं।

इन आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 24 नए कोरोना वायरस मामले दर्ज किए गए हैं, ये जनवरी 2020 के बाद से सबसे कम हैं। बता दें कि जनवरी 2020 में केरल में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था।

देश में हैं कोरोना के इतने सक्रिय मामले
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पेश किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में इस समय कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 1,431 है। वहीं, इस महामारी के कारण अब मरने वालों की संख्या 5,31,913 दर्ज की गई है। वहीं, कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 4.49 करोड़ (4,49,94,599) दर्ज की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर बताया गया है कि भारत में कोरोना रिकवरी दर 98.81 प्रतिशत दर्ज की गई है। साथ ही कोरोना से मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत दर्ज की गई।

इतनी दी जा चुकी हैं कोरोना खुराक
वहीं, अब तक कोरोना महामारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,44,61,255 हो गई है। वहीं, देशभर में चलाए गए टीकाकरण अभियान के तहत अब तक देश में 220.66 करोड़ कोविड वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है।

वैरिएंट्स में म्यूटेशन अब भी जारी, रहें सावधान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही शरीर में एंटीबॉडी का स्तर बेहतर है और कोरोना की वैश्विक रफ्तार काफी नियंत्रित है, फिर भी खतरा टला नहीं है। शोधकर्ताओं ने बताया है कि वायरस अब भी म्यूटेट हो रहा है जिससे भविष्य में नए वैरिएंट्स के जोखिमों से इनकार नहीं किया जा सकता है।

इसी जोखिम को ध्यान में रखते हुए अमेरिकी वैक्सीन निर्माता कंपनी मॉडर्ना ने नए वैरिएंट्स को टारगेट करने वाले टीकों को मंजूरी देने के लिए आवेदन किया है। भारत ने भी हाल ही में ओमिक्रॉन वैरिएंट्स के लिए खास बूस्टर वैक्सीन लॉन्च की है।

Chhattisgarh NMDC Steel Plant : 3 मिलियन टन क्षमता वाला एनएमडीसी स्टील प्लांटइस संयंत्र… पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन !

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Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के नगरनार में एनएमडीसी का स्टील प्लांट पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है. हाल ही में इस प्लांट में एचआर क्वाईल बनाने का ट्रायल किया गया था.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने पश्चात इस प्लांट का उद्घाटन किया जाएगा.

अगस्त महीने में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टील प्लांट का लोकार्पण करने बस्तर पहुंच सकते हैं. हालांकि, अब तक उनके बस्तर दौरे को लेकर इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है.

केंद्रीय इस्पात मंत्रालय के निर्देश पर स्टील प्लांट प्रबंधन इस परियोजना पर काम को अंतिम रूप देने में जुटी है.

MNDC पर आई है 25000 करोड़ की लागत

नगरनार एनएमडीसी स्टील प्लांट बस्तर के सपनों का कारखाना है, इस प्लांट से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की काफी उम्मीद है. वही इस प्लांट की उत्पादन क्षमता सालाना 3 मिलियन टन है. इस प्लांट को 25 हजार करोड़ की लागत से तैयार किया गया है. हालांकि, यह प्लांट 2 साल पहले ही तैयार होना था, लेकिन करोनाकाल में निर्माण ठप रहने के कारण इस प्लांट को पूर्ण होने में देरी हुई. अब जल्द ही कमीशनिंग करने की तैयारी चल रही है. एनएमडीसी के जनसंपर्क अधिकारी मोहम्मद रफीक ने बताया कि नगरनार स्टील प्लांट का संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एनएमडीसी ने मेकॉन कंपनी को दिया है, वर्तमान में स्टील प्लांट में अलग-अलग प्लांट का ट्रायल कर कमीशनिंग की जा रही है. इसके लिए एनएमडीसी और मेकॉन के अधिकारी यहां डटे हुए हैं. वही स्टील प्लांट कमिशनिंग को लेकर मेकॉन और एनएमडीसी के अधिकारियों की बैठक भी लगातार चल रही है. उन्होंने बताया कि पिछले दिनों ही प्लांट में एचआर क्वाईल बनाने का ट्रायल किया गया जो पूरी तरह से सफल रहा. उम्मीद है कि जल्दी इस प्लांट का लोकार्पण हो जाएगा…

पीएम मोदी कर सकते है प्लांट का लोकापर्ण

नगरनार में स्थापित एनएमडीसी स्टील प्लांट की कमीशनिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने की चर्चा है, क्योंकि यह स्टील प्लांट मोदी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है, ऐसे में इस प्लांट का लोकार्पण उनके हाथों ही किए जाने की चर्चा है, वहीं केंद्रीय इस्पात मंत्रालय की इस स्टील प्लांट पर सीधी निगरानी है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक स्टील प्लांट की कमीशनिंग पर बस्तर में प्रधानमंत्री की एक बड़ी आम सभा करने की भी योजना है, क्योंकि आगामी विधानसभा और उसके बाद लोकसभा चुनाव को देखते हुए बस्तर पर बीजेपी का सीधा फोकस है. फिलहाल, इस प्लांट के शुरू होने से बस्तर को और पूरे छत्तीसगढ़ राज्य को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है.

CG Weather : मौसम विभाग के अनुसार गरज-चमक और वज्रपात मध्यम वर्षा होने के आसार

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रायपुर। CG Weather Update: रायपुर में रविवार को बादलों की आंख मिचौली जारी रही। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भी बादल आंशिक रूप से छाए रहेंगे, जबकि देर शाम या रात तक हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार बन रहे हैं।

वहीं, प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है, जबकि एक से दो स्थानों पर भारी वर्षा के साथ गरज-चमक और वज्रपात होने के आसार हैं।

इसके अलावा प्रदेश के अधिकतम तापमान में अगले पांच दिनों तक कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं दिखाई दे रही है, जबकि कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान में कमी आ सकती है। वहीं, रविवार को प्रदेश के कई स्थानों में एक से लेकर छह सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। जिसमें सर्वाधिक वर्षा राजनांदगांव जिले में छह सेमी हुई।

सरगुजा में औसत से 61 प्रतिशत कम वर्षा

इस बार मानसून के आने के बाद अब तक सरगुजा जिले में सबसे कम वर्षा हुई है। नौ जुलाई तक सरगुजा जिले में 135 मिमी औसत वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में लगभग 346 मिमी औसत वर्षा होती है। यह मात्रा प्रदेश भर में सबसे कम है। अब तक सरगुजा में औसत वर्षा 61 प्रतिशत कम है। जिला मुख्यालय अंबिकापुर में भी औसत वर्षा सामान्य से काफी कम है। उत्तरी छत्तीसगढ़ में आषाढ़ के बाद अब सावन में भी वर्षा की झड़ी का इंतजार है। संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में एक जून से अब तक की स्थिति में औसत वर्षा पचास फीसदी कम हुई है।

मानसून द्रोणिका अब उत्तर-पश्चिम तक विस्तारित

मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका अब जैसलमेर, अजमेर, शिवपुरी, सीधी, डाल्टेनगंज, शांति निकेतन और वहां से पूर्व की ओर मणिपुर तक गुजरती है, जो कि समुद्र तल से डेढ़ किमी की ऊंचाई पर स्थित है। इस वजह से उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश के आसार ज्यादा दिखाई दे रहे हैं।

ऐसा रहेगा आज का तापमान और वर्षा के आंकड़े

शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान

रायपुर 30.0 25.0

बिलासपुर 30.4 25.2

दुर्ग 30.2 23.6

राजनांदगांव 32.0 24.2

जगदलपुर 31.8 23.4

Cg Raipur : आनलाइन सट्टा महादेव एप पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जोगी कांग्रेस प्रदेश महासचिव डोंगरगढ़ से गिरफ्तार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में आनलाइन सट्टा महादेव एप पर लगातार कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में रायपुर पुलिस ने महादेव एप बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर पुलिस ने जोगी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव नवीन अग्रवाल को गिरफ्तार किया है।

नवीन अग्रवाल को डोंगरगढ़ से गिरफ्तार किया गया है।

आनलाइन सट्टे में रायपुर से खाईवाल विनय अग्रवाल गिरफ्तार

इससे पहले कोरिया पुलिस ने आनलाइन सट्टे को लेकर रायपुर के विनय अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। विनय अग्रवाल के खिलाफ कोरिया में राज्य शासन के जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। जिसके बाद कोरिया पुलिस की स्पेशल टीम रायपुर पहुंचकर विनय अग्रवाल को गिरफ्तार किया। पुलिस की स्पेशल टीम आरोपी से खम्हारडीह थाना में प्रारंभिक पूछताछ के बाद देर रात कोरिया के लिए रवाना हुई।

गिरफ्तारी के बाद बड़े खुलासे होने की आशंका

जानकारी के मुताबिक आनलाइन सट्टा के करोड़ों के लेन-देन में विनय अग्रवाल की संलिप्तता पाई गई थी। जिसके बाद आरोपित के खिलाफ अपराध दर्ज कर लागतार तलाश जारी थी। बताया जा रहा है कि विनय अग्रवाल बीते कई सालों से आनलाइन सट्टे का काला कारोबार संचालित करता था। अब विनय की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस ने मामले में विनय के मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को आशंका है, इस पूरे कारोबार में अन्य लोगों के हाथ जुड़े हुए है। मामले को लेकर कोरिया जिला पुलिस ने बताया कि विनय अग्रवाल की गिरफ्तारी की गई है। आरोपित के विरुद्ध कोरिया में राज्य शासन के जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। जिसकी जांच की जा रही है।

पाकिस्तान में भारी बारिश ने मचाया कहर, 76 लोगों की मौत, 133 घायल.. पिछले साल की तरह भीषण बाढ़ आने की आशंका

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Pakistan Rain: भारत के साथ साथ पाकिस्तान में भी मॉनसून की भारी बारिश हो रही है, लेकिन पाकिस्तान में हो रही बारिश कहर बरपा रहा है। एआरवाई न्यूज ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के हवाले से बताया है, कि नकदी की कमी से जूझ रहा देश, जो अभी भी पिछले साल आई अभूतपूर्व बाढ़ से उबर रहा था, वो फिर से बाढ़ में डूब सकता है।

पाकिस्तान में पिछले एक हफ्ते से भारी बारिश हो रही है और अभी तक पूरे पाकिस्तान में बारिश की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 76 हो गई है, जबकि 133 लोग घायल हो गये हैं। एनडीएमए ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि पिछले 24 घंटों में देश भर में भारी बारिश के कारण नौ लोगों की मौत हो गई है, जिससे कुल संख्या 76 हो गई है।

पाकिस्तान में भारी बारिश का कहर

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 24 घंटों से हो रही भारी बारिश की वजह से कई जिलों में पानी भरने लगा है और बाढ़ जैसे हालात बन गये हैं। वहीं, घायलों की संख्या बढ़कर 133 हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मरने वालों 76 लोगों में 15 महिलाएं और 31 बच्चे शामिल हैं, जबकि मूसलाधार बारिश जारी रहने से अब तक 78 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

एनडीएमए की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में सबसे ज्यादा लोग मारे गए हैं, जहां भारी बारिश के कारण 48 लोगों की मौत हो गई और खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में 20 लोगों की जान चली गई है। बलूचिस्तान में पांच लोगों की मौत हो गई है।

डॉन न्यूज के अनुसार, 6 जुलाई को पाकिस्तान के पंजाब में 18 लोगों की मौत की सूचना मिली है क्योंकि प्रांत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी है। पंजाब में पिछले दो दिनों में मूसलाधार मॉनसून के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार की तुलना में लाहौर में बारिश थोड़ी कम हुई थी, लेकिन आज फिर से पाकिस्तान के साथ साथ भारत के कई हिस्से में भारी बारिश हो रही है। लाहौर में भारी बारिश से मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।

एआरवाई न्यूज ने सोमवार को बताया था, कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने देश भर में 3 से 8 जुलाई तक अनुमानित मानसून बारिश की पहली अवधि से पहले अपनी आपातकालीन योजना को अंतिम रूप दे रहा है। वहीं, पाकिस्तान में बाढ़ की आशंका देखते हुए राहत और बचाव टीमों को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है।

एनडीएमए के प्रवक्ता ने कहा कि मौसम विभाग ने 3 से 8 जुलाई तक देश के विभिन्न हिस्सों में तूफान के साथ मानसून की पहली बारिश की भविष्यवाणी की है। इसमें कहा गया है, कि भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है।

एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, प्राधिकरण ने अपेक्षित मौसम स्थितियों का हवाला देते हुए अपनी बारिश आपातकालीन योजना के संबंध में संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए हैं।

NCP किसके साथ है? इन 3 मानदंडों पर चुनाव आयोग दे सकता है फैसला

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एनसीपी कौन है और ‘अलार्म घड़ी’ चुनाव चिन्ह पर दावा किसका होगा- शरद पवार गुट का या अजित पवार गुट का, इसपर फैसला चुनाव आयोग को करना है। करीब एक साल पहले शिवसेना में जो यह विवाद हुआ था, उसमें चुनाव आयोग में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट को जीत मिली थी और उद्धव ठाकरे गुट नुकसान में रहा था।

टीओआई ने दो पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों से बातचीत के आधार पर एक रिपोर्ट दी है, इसके मुताबिक चुनाव आयोग इस मामले में 1971 के सादिक अली केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर निर्णय कर सकता है।

सादिक अली का फैसला लाइटहाउस की तरह-पूर्व सीईसी

पूर्व सीईसी सुनील अरोड़ा के मुताबिक, ‘सादिक अली केस का फैसला चुनाव आयोगों के लिए लगातार ‘लाइटहाउस’ (की तरह) रहा है।’ 1971 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की टूट के मामले में चुनाव आयोग के आदेश को कायम रखा था। इसमें पार्टी का सुरक्षित चिन्ह ‘जुए के साथ जोड़ा बैल’ जगजीवन राम वाले गुट को दिया गया था।

चुनाव चिन्ह पर फैसले के लिए तीन मौलिक मानदंड

उन्होंने कहा कि सादिक अली केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि चुनाव आयोग निश्चित तौर पर पैरा 15 (पार्टी का चुनाव चिन्ह) के तहत कुछ जरूरी कदम उठाए, ताकि इसकी जांच किसी तरह के संदेह में न फंसे। इस फैसले ने चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद होने पर निर्णय देने के लिए तीन मौलिक मानदंड तय कर दिया था।

ये तीन मानदंड हैं- पार्टी के लक्ष्यों और उद्दश्यों की जांच, पार्टी के संविधान की जांच और बहुमत की जांच। पहले मानदंड के मुताबिक ईसी यह देखता है कि क्या कोई गुट पार्टी के लक्ष्यों और उद्दश्यों से भटका है, जो उनके बीच मतभेद उभरने की मूल वजह है।

दूसरे मानदंड में आयोग यह तय करता है कि क्या पार्टी उसके संविधान के मुताबिक चलाई जा रही है, जिसमें आंतरिक लोकतंत्र की भी झलक दिखती हो। तीसरे मानदंड में यह देखना होता है कि गुटों के बीच विधायिका में और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में किसकी पकड़ ज्यादा मजबूत है।

जिस मानदंड में कोई संदेह नहीं होता, वही लागू किया जाता है

पूर्व सीईसी ओपी रावत के मुताबिक, ‘हालांकि मानदंड तीन हैं, लेकिन केवल वही जो संदेह से परे स्पष्ट परिणाम देता है, पार्टी चिन्ह के विवाद को तय करने के लिए लागू किया जाता है, बाकी को हटा दिया जाता है।’ क्योंकि, कई बार विभिन्न गुट इतने सारे हलफनामे भेज देते हैं, जिन्हें जांचना संभव नहीं होता है। उन्होंने एआईएडीएमके के ‘दो पत्ते’ निशान को लेकर चले विवाद का हवाला दिया, जिसमें चुनाव आयोग के पास दो ट्रकों पर भरकर हलफनामे पहुंचा दिए गए थे।

विधायिका में बहुमत के आधार पर ही शिंदे गुट के पक्ष में फैसला

शिवसेना विवाद में भी चुनाव आयोग ने इन्हीं मानदंडों की पड़ताल के बाद अपना आदेश जारी किया था। इसमें पार्टी के लक्ष्य और उद्देश्य, पार्टी का संविधान और संगठनात्मक शक्ति की जांच अनिर्णायक रही थी। तब आयोग ने विधायिका में बहुमत की जांच की और उसी आधार पर एकनाथ शिंदे गुट के लिए पार्टी चुनाव चिन्ह सुरक्षित कर दिया।

एनसीपी मामले में भी चुनाव आयोग संबंधित पक्षों के सभी दस्तावेजों और हलफनामा देखने के बाद यह तय करेगा कि क्या इसमें भी पैरा 15 के तहत सुनवाई की आवश्यकता है। फिर, उसी आधार पर आयोग फैसला ले सकता है कि एनसीपी के चुनाव चिन्ह पर किस गुट का दावा जायज है। यह तय होने से पहले यदि कोई चुनाव या उपचुनाव होता है तो किसी भी पक्ष को गैर-उचित फायदा न मिल जाए, इसके लिए आयोग अंतिम निर्णय होने तक सुरक्षित चुनाव चिन्ह को फ्रीज भी कर सकता है।

जब आयोग तय कर लेगा कि असली एनसीपी कौन है तब वह गुट ‘अलार्म घड़ी’ का इस्तेमाल पार्टी निशान के तौर पर कर सकता है।

पंचायत चुनाव के दौरान भारी हिंसा, बमबाजी-गोलीबारी में 18 की मौत; भाजपा ने की CBI जांच की मांग

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पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भारी हिंसा हुई। उत्तर से लेकर दक्षिण बंगाल तक आगजनी, बमबाजी और गोलीबारी में नौ जिलों में 18 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हो गए।

विपक्षी दलों ने 30 से अधिक लोगों की मौत की आशंका जताई है।

मारे गए लोगों में 10 सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के थे। भाजपा और कांग्रेस के तीन-तीन व माकपा के दो कार्यकर्ता भी हिंसा के शिकार हुए। ये हाल तब रहा, जब केंद्र और प्रदेश के 1.7 लाख सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। हिंसा के बीच बंगाल में 66.28 फीसदी मतदान हुआ। नतीजे 11 जुलाई को आएंगे।

भाजपा ने चुनावी हिंसा के लिए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है और केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमारी मांग है कि चुनावी हिंसा की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराई जानी चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि केंद्रीय बलों को मतदान केंद्रों पर तैनात नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि हम मारे गए लोगों के परिजनों के साथ अदालत का रुख करेंगे और हिंसा की घटनाओं की विस्तृत जांच कराने की मांग करेंगे। अधिकारी ने कहा कि वह राज्य चुनाव आयुक्त से सीएम ममता बनर्जी को मृतकों के परिजनों ने 50 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश देने को कहेंगे।

करीब 74 हजार सीटों के लिए शनिवार को वोटिंग शुरू होते ही मतदान केंद्रों पर मारपीट, बूथ लूटने जैसी घटनाएं सामने आने लगीं। मुर्शिदाबाद, कूचबिहार व दक्षिण 24 परगना जिले हिंसा के केंद्र रहे। कूचबिहार में तृणमूल समर्थकों पर मतपेटियां तोड़ने, बैलेट पेपर नष्ट करने और मतदान केंद्र में आग लगाने का आरोप लगा। उत्तर दिनाजपुर में कई जगह मतपत्र व अन्य सामग्री जलाई गई। सीसीटीवी कैमरों को ढंककर वारदातों को अंजाम दिया गया। दक्षिण दिनाजपुर में मतपेटियों में पानी डाल दिया गया। मुर्शिदाबाद में मतपेटियां तालाब में फेंक दी गईं। बैलेट पेपर भी पानी में तैरते मिले। यहां देर रात पुलिस की गाड़ी को भी आग लगा दिया गया। बैलेट पेपर भी पानी में तैरते मिले। पुरुलिया में भी मतदान केंद्र में तोड़फोड़ और मतपत्र फाड़ने की घटनाएं सामने आई। कूच बिहार के माथभंगा-1 ब्लॉक के हजराहाट गांव में एक युवक बैलेट बॉक्स लेकर भाग गया।

कूचबिहार में भाजपा के पोलिंग एजेंट की हत्या
अधिकारियों ने बताया कि कूचबिहार जिले में भाजपा के पोलिंग एजेंट माधब बिस्वास की फालीमरी ग्राम पंचायत में हत्या कर दी गई। आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगा है। वहीं टीएमसी ने आरोप लगाया कि तूफानगंज पंचायत समिति के सदस्य की भाजपा कार्यकर्ताओं ने हत्या कर दी। उत्तर दिनाजपुर में भी भारी हिंसा हुई और गोलपोखरा पंचायत में टीएमसी और कांग्रेस समर्थकों की बीच मारपीट हुई। इसमें टीएमसी के पंचायत प्रमुख शानशाह की हत्या कर दी गई। मुर्शिदाबाद जिले में मारे गए टीएमसी के एक कार्यकर्ता की पहचान बाबर अली के रूप में हुई है। इसी जिले के खारग्राम में टीएमसी के एक अन्य कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई।

चुनाव आयोग के दफ्तर पर लगाया ताला
भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी देर शाम सैकड़ों समर्थकों के साथ राज्य चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे और गेट पर ताला लगा दिया। फिर धरने पर बैठ गए। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि अराजकता के लिए राज्य चुनाव आयोग जिम्मेदार है। केंद्रीय बल तैनात नहीं किए और तृणमूल समर्थकों को मतपेटियां लूटने की छूट दे दी गई।

कांग्रेस : दहशतगर्दी का माहौल, चुनाव खारिज करें
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अधीररंजन चौधरी ने चुनाव खारिज करने की मांग करते हुए कहा, दहशतगर्दी का माहौल पैदा किया जा रहा है। तृणमूल-भाजपा की मिलीभगत से अराजकता हुई है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा-वामदलों पर हिंसा का आरोप लगाया। तृणमूल की शशि पांजा ने कहा, उनके दस कार्यकर्ताओं की हत्या की गई।

वोट के नाम पर हुआ तमाशा : राज्यपाल
हिंसा से नाराज राज्यपाल सी वी आनंदबोस ने कहा कि यहां वोट के नाम पर तमाशा चल रहा है। उन्होंने लोगों में भरोसा जगाने के लिए उत्तर 24 परगना जिले में कई मतदान केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि लोगों ने मतदान केंद्र नहीं जाने देने की शिकायत की है।

चुनाव रद्द करने के लिए मुख्य न्यायाधीश को पत्र
भाजपा और कांग्रेस ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर हिंसा का स्वत: संज्ञान लेने और चुनाव रद्द करने का अनुरोध किया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने और हिंसा की सीबीआई और एनआईए से जांच कराने की मांग की है।

Uddhav Thackeray Vidarbha Visit : यवतमाल में उद्धव ठाकरे ने खाई कसम, 2019 में बीजेपी के साथ डील की बात दोहराई

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महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के मुखिया और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे आज यवतमाल दौरे पर पहुंचे हुए हैं. यवतमाल में पोहरादेवी में दर्शन करने के बाद उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला.

ठाकरे ने कहा कि भाजपा कुछ भी बोलने लायक नहीं है. पोहरादेवी की शपथ खाकर कहता हूं, 2019 में अमित शाह ने ढाई-ढाई साल तक मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था, लेकिन बाद में वो अपने जुबान से पलट गए.

यवतमाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, अमित शाह अपने शब्दों से मुकरने के बाद हमें गठबंधन से बाहर ढकेल दिए. वहीं, एनसीपी में बड़ा लटफेर होने को लेकर उद्धव ने कहा, पार्टी तोड़ी नहीं जाती है, भगाई जाती है. पक्ष तोड़ने की यह शुरुआत महाराष्ट्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है. अजित पवार की वजह से महाविकास आघाड़ी छोड़कर जाने वाले अब चुप क्यों हैं?

शिवसेना में विवाद को लेकर उद्धव ठाकरे ने कहा कि स्पीकर को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार अपात्रता पर फैसला देने होगा. यदि स्पीकर कोर्ट के फैसले के बाहर जाकर कोई फैसला देते हैं तो हमारे लिए कोर्ट के रास्ते खुले हैं. ठाकरे आज दो दिनों तक यवतमाल, वाशिम, अमरावती, अकोला जिला, नागपुर, अमरावती में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और स्थानीय मुद्दों के बारे में लोगों से बात करेंगे.

एनसीपी में कलह के बीच दौरा

उद्धव ठाकरे की ओर से इस दौरे की शुरुआत ऐसे समय में की गई है जब एनसीपी दो फाड़ में बट गई है. एक तरफ शरद पवार हैं तो दूसरी ओर उनके भतीजे अजित पवार हैं. अजित पवार अपने कई विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए हैं. खुद डिप्टी सीएम भी बन गए हैं और 8 विधायक मंत्री बन गए हैं. अब उद्धव ठाकरे विदर्भ में जिन-जिन इलाकों का दौरा कर रहे हैं उन इलाकों में एनसीपी की अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है और सीटों पर अच्छा प्रभाव भी है.

विधायक रवि राणा ने बोला हमला

विदर्भ दौरे को लेकर अमरावती से विधायक रवि राणा ने उद्धव ठाकरे पर हमला बोला है. रवि राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते कभी इस क्षेत्र में मुंह नहीं दिखाया, कोविड काल में कभी मंत्रालय नहीं गए, किसानों के दरवाजे पर नहीं पहुंचे, लेकिन अब बरसाती मेंढ़क की तरह दौरा करने के लिए बाहर निकले हैं. सीएम थे तो पूरे महाराष्ट्र को छोड़कर मातोश्री में बैठे रहे जबकि जनता त्रस्त थी.

रवि बोले- वोट भी भीख मांग रहे उद्धव

राणा ने कहा, उद्धव ठाकरे विदर्भ में आकर वोट की भीख मांग रहे हैं. ये लोगों को गुमराह कर रहे हैं. इनके हाथ से मुख्यमंत्री पद चला गया, 40 विधायक चले गए, सत्ता चली गई, शिवसेना चली गई क्योंकि इन्होंने हनुमान चालिसा का विरोध किया था और एक सांसद और विधायक को केवल इसलिए जेल में डाल दिया क्योंकि वे हनुमान चालिसा पढ़ने जा रहे थे. विदर्भ की जनता इनको अच्छे तरीके से जानती है.

The worst floods in India: देश में बारिश ने मचाया ‘तांडव’, हजारों लोगों की हुई मौत

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भारत में मानसून की बारिश ने देश के कई इलाकों में कहर मचा रखा है. इस वजह से कई जगह भयंकर बाढ़ की स्थिति बन गई है. शनिवार को दिल्ली समेत उत्तर भारत में भारी बारिश हुई, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को भी उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है.

दक्षिण में केरल और कर्नाटक के कई इलाकों में भी बारिश का कहर जारी है.

केरल में भारी बारिश की वजह से 19 लोगों की मौत हो गई है. भारी बारिश की वजह से राजस्थान में 4, हिमाचल प्रदेश में 5 और दिल्ली में एक महिला की मौत की खबर है. वहीं जून के महीने में असम में बाढ़ का कहर जारी है. पिछले 24 घंटे में धेमाजी जिले में बाढ़ की स्थिति बहुत गंभीर हो गई है.

आइए जानते हैं कि भारी बारिश की वजह से देश में कब सबसे ज्यादा मौते हुईं. पिछले कुछ सालों में कब दक्षिणी पश्चिमी मानसून देश में कहर बनकर उभरा.

देश में कब बारिश ने मचाई तबाही?

  1. उत्तराखंड में साल 2013 में बाढ़ ने मचाई तबाही: सीएनबीसी18.कॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में साल 2013 में 13 जून से लेकर 17 जून तक लेकर भारी बारिशहुई. इस वजह से चारोबाड़ी ग्लेशियर में हिमस्खलन हुआ और मंदाकनी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया. भारी बारिश की वजह से 5000 से ज्यादा निवासियों और पर्यटकों की मौत हो गई. केदारनाथ में भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर दिखाई दिया. केदारनाथ और उसके आसपास इलाकों में बारिश की वजह से जमकर तबाही हुई.
  2. बिहार में 2007 में आई भयंकर बाढ़: बिहार में अगस्त 2007 में हुई भारी बारिश की वजह से भयानक तबाही हुई. इस बाढ़ में बिहार का 40 प्रतिशत से ज्यादा भू भाग जलमग्न हो गया था. इस बाढ़ में 19 जिलों के 4822 से अधिक गांव और 10,000,000 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई थी. संयुक्त राष्ट्र ने इसे बिहार की सबसे भीषण बाढ़ बताया था. इस बाढ़ में करीब 1287 लोगों की जान गई थी.<
  3. मुंबई में 2005 में आई भयानक बाढ़: 26 जुलाई 2006 को पूरा मुंबई भारी बारिश की वजह से थम गया. यहां लगातार 24 घंटे भारी बारिश हुई. इस दौरान 944 मिमी बारिश हुई, जो पिछले 100 सालों में सबसे ज्यादा थी. इस बारिश में हजारों लोग फंसे थे, कम से कम 1000 लोगों की जान 26 जुलाई 2005 को हुई बारिश में गई थी. इस बारिश ने 1400 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया था.
  4. तमिलनाडु में 2015 में आई भयानक बाढ़: साल 2015 में नवंबर के आखिर और दिसंबर के शुरुआत में हुई लगातार बारिश की वजह से तमिलनाडु में भयानक बाढ़ आई. इस बाढ़ से 18 लाख लोग प्रभावित हुए और कम से कम 470 लोगों की मौत हो गई, बाढ़ की वजह से करीब में 40,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए.
  5. केरल में साल 2018 में आई बाढ़: साल 2018 में केरल में भारी बारिश देखने को मिली. इस वजह से दक्षिण के इस राज्य में 1924 के बाद सबसे भयानक बाढ़ आई. इस बाढ़ में 400 से ज्यादा लोग मारे गए और 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित होने को मजबूर हुए.