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“एमसीडी उपचुनाव में बीजेपी की बंपर जीत से गदगद हई सीएम गुप्ता, कहा ”ये जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत का प्रमाण””

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राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने एमसीडी उपचुनावों में जीत का परचम लहरा दिया है। अपन दबदबा जमाते हुए बीजेपी ने 12 में से 7 सीटें जीत ली है। आम आदमी पार्टी 3 सीट और कांग्रेस सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल कर पाई है।

वहीं AIFB ने चांदनी महल सीट पर अपना कब्जा जमा लिया है।

सीएम गुप्ता ने व्यक्त किया आभार

एमसीडी उपचुनाव में 12 में सात सीट पर बीजेपी की बंपर जीत के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि बीजेपी की जीत कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत, समर्पण और संगठन की सामूहिक ताकत का मजबूत प्रमाण है।

सभी उम्मीदवारों को दी बधाई

उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को अपना अमूल्य आशीर्वाद देने के लिए दिल्ली के नागरिकों का हार्दिक धन्यवाद। उन्होंने पार्टी के विजयी उम्मीदवारों को भी बधाई दी और कहा कि सरकार दिल्ली के विकास के लिए निरंतर काम कर रही है।

समर्थन के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद

बीजेपी की जीत के बाद दिल्ली सरकार के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने ‘एक्स’ पर लिखा कि दिल्ली नगर निगम उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को दिए गए जनता के विश्वास और समर्थन के लिए दिल्लीवासियों का कोटि-कोटि धन्यवाद।

कार्यकर्ताओं की अथक तपस्या का प्रमाण

उन्होंने आगे लिखा कि यह सफलता बीजेपी कार्यकर्ताओं की अथक तपस्या और संगठन के मजबूत सामर्थ्य का प्रमाण है। जीते हुए सभी बीजेपी के उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई। हमारी सरकार दिल्ली के विकास के लिए निरंतर, ईमानदार और तेज गति से काम कर रही है।

केजरीवाल गैंग का सूपड़ा साफ: कपिल मिश्रा

वहीं दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने ‘एक्स’ पर चार लाइनों में लिखा ‘निगम उपचुनावों में भाजपा की शानदार विजय’,’भ्रष्टाचारी और झूठे केजरीवाल गैंग का सूपड़ा साफ’,’चांदनी चौक और चांदनी महल जैसी सीटों पर भी आम आदमी पार्टी की करारी हार’,’छठ पूजा का अपमान करने वालों को ग्रेटर कैलाश की जनता ने धूल चटाई’।

“सबसे ज्यादा वोटों से BJP तो सबसे कम वोटों से जीती AAP… दिल्ली MCD उपचुनाव नतीजों से चर्चा में ये 2 वार्ड”

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दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनाव के नतीजों से स्पष्ट हो गया है कि राजधानी में बीजेपी का दबदबा कायम है। दिल्ली के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव में से बीजेपी ने 7 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है।

आम आदमी पार्टी को इस चुनाव में सिर्फ 3 सीटें मिली हैं तो वहीं कांग्रेस सिर्फ 1 सीट पर सिमट गई है। इन 12 सीटों पर हुए उपचुनाव में दो वार्डों की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। ये 2 वार्ड हैं नारायणा और शालीमार बाग। इसमें से एक सीट पर आप ने मुश्किल से जीत दर्ज की है तो वहीं दूसरी सीट पर बीजेपी को बंपर जीत मिली है।

सिर्फ 148 वोटों से जीती AAP

दिल्ली नगर निगम उपचुनाव के नतीजों में सबसे कम वोट से नारायणा सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जीते। यहां AAP प्रत्याशी राजन अरोड़ा को 10423 वोट मिले। वहीं, दूसरे नंबर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चंद्रकांता शिवानी रहे। बीजेपी प्रत्याशी को 10275 वोट मिले और इस तरह जीत का अंतर सिर्फ 148 वोट रहा।

बीजेपी ने तोड़ा जीत का रिकॉर्ड

दिल्ली नगर निगम उपचुनाव के नतीजों में सबसे ज्यादा वोट से शालीमार बाग सीट पर बीजेपी पार्टी की उम्मीदवार जीतीं। यहां AAP प्रत्याशी बबीता राणा को 6742 वोट मिले। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अनीता जैन को 16843 वोट मिले और उन्होंने AAP प्रत्याशी को 10101 वोटों से रहा दिया।

AAP और BJP के बीच थी सीधी भिड़ंत

बता दें कि दिल्ली के इन 12 वार्डों पर हुए उपचुनाव को बेहद अहम माना जा रहा था। दरअसल, दिल्ली विधानसभा में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से यह पार्टी की पहली अग्नि परीक्षा थी। विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला चुनाव था, जहां AAP और बीजेपी के बीच सीधी भिड़ंत हुई थी। इस चुनाव में बीजेपी ने 50 फीसदी से ज्यादा सीटें जीत ली हैं।

“चीन की सेना में होने जा रहे 5 क्रांतिकारी बदलाव, 8 साल बाद जिनपिंग का इतना बड़ा फैसला”

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8 साल बाद चीन की सरकार ने सेना के भीतर 5 बड़े बदलाव किए हैं. यह बदलाव ऐसे वक्त में किया गया है, जब चीन आर्मी के भीतर भ्रष्टाचार को लेकर उथल-पुथल मची है. बदलाव को लेकर जो बयान जारी किया गया है, उसमें कहा गया है कि आने वाले वक्त में इन फेरबदल से चीन की आर्मी और शक्तिशाली होगी.

पीपुल्स डेली के मुताबिक सेना में अनुशासन बनाए रखने के लिए ये बदलाव किए गए हैं. 2017 में आखिरी बार चीनी सेना के भीतर बड़े बदलाव किए गए थे. उस वक्त 3 लाख सैनिकों को नौकरी से हटाया गया था. हालांकि, इस बार बदलाव में कितने लोगों को हटाया जाएगा, इसकी कोई आधिकारिक संख्या नहीं आई है.

कौन-कौन से 5 बड़े बदलाव हुए हैं?

1.नकली युद्ध को लेकर नकेल कसा गया है. इसका अर्थ है कि चीन की सेना अब झूठ का डंका नहीं पिटेगी. सेना से कहा गया है कि जमीन पर ही काम कीजिए. झूठ में यह नहीं बताइए कि हम कितने बड़े हैं. जो सच है, वही बताने के लिए चीन आर्मी से कहा गया है. अब तक चीन की आर्मी नकली युद्ध के जरिए सेना की संख्या और हथियार की संख्या को लेकर झूठ बोल रही थी. हाल के दिनों में इसको लेकर चीन की सेना को काफी नुकसान हुआ है.

2.सेना के भीतर राजनीतिक टिप्पणी कोई भी अधिकारी नहीं कर सकेंगे. ऐसा करना अनुशासन के खिलाफ माना जाएगा. जांच होने के बाद तुरंत कार्रवाई की जाएगी. इसे प्राथमिकता से लेने के लिए सभी अधिकारियों से कहा गया है.

3.चीन सेना के अधिकारी अनाधिकृत भोजन कहीं पर नहीं कर सकेंगे. ज्यादा शराब पीने पर भी बैन लगाने की तैयारी है. सेना के भीतर जो खरीद-फरोख्त होती है, उसे रोकने के लिए यह फैसला किया गया है. कई मौकों पर पाया गया है कि ज्यादा शराब पीने के बाद सेना के अधिकारी गलत फैसला कर लेते हैं और ट्रैप में फंस जाते हैं.

4.वफादारों को तरजीह दी जाएगी. चीन की सेना यह तय करेगी कि जो नियुक्ति हो, वो टिकाऊ और कम लागत की हो. चीन को सेना की सैलरी और संसाधन पर काफी खर्च करना पड़ रहा है. इससे छुटकारा पाने के लिए ये बदलाव किए गए हैं.

5.अधिकारियों की ज्यादती पर अंकुश लगाने से संबंधित बदलाव किए गए हैं. अधिकारी अब अपने मनोरंजन पर ज्यादा खर्च नहीं कर पाएंगे. बजट को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है. इमेज मेकिंग पर सेना के बड़े अधिकारी ज्यादा फोकस करेंगे.

चीन ने ये बड़ा बदलाव क्यों किया है?

स्टॉकहोम इंटरनेशनल के मुताबिक 2024 में जहा दुनिया के देशों ने खूब हथियार बेचे, वहीं चीन इस मामले में फिसड्डी रहा. चीन की कंपनियां भ्रष्टाचार की वजह से ज्यादा हथियार नहीं बेच पाई. चीन को इससे राजस्व का नुकसान भी हुआ. हाल ही में चीन ने भ्रष्टाचार के आरोप में सेना के दूसरे बड़े अफसर को पद से हटा दिया था.

“पश्चिम बंगाल के BJP सांसदों से मिले PM मोदी, SIR प्रक्रिया और चुनाव को लेकर कही ये बात”

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बिहार में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक दल अब अगले साल कुछ राज्यों में होने वाले चुनावों के लिए कमर कसते दिख रहे हैं. अगले साल जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उसमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है.

चुनाव से पहले वहां पर भी एसआईआर की प्रक्रिया कराई जा रही है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को संसद भवन में बंगाल के सांसदों से राज्य में जारी SIR अभियान पर उनका फीडबैक भी लिया. साथ ही चुनाव में जीत हासिल करने के लिए बीजेपी सांसदों को कड़ी मेहनत करने की सीख भी दी.

दिल्ली में पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसदों से मुलाकात की. सूत्रों का कहना है कि राज्य में जारी वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मसले पर पीएम मोदी ने अपने सांसदों से बातचीत की. पीएम ने उनसे कहा कि SIR शुद्धिकरण की प्रक्रिया है और ये होना ही है. यह एक सरल प्रक्रिया है और इसे जटिल नहीं बनाया जाना चाहिए. आम लोगों के बीच भी यही साफ संदेश जमीन तक पहुंचना चाहिए.

पात्र वोटर्स को ही शामिल करना लक्ष्यः PM मोदी

उन्होंने सांसदों से कहा, “SIR का मकसद सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि जो मतदाता पात्र हैं, उन्हें शामिल किया जाए और जो पात्र नहीं हैं उन्हें वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया जाए.”

पश्चिम बंगाल में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव कराए जाने हैं, और बीजेपी की कोशिश पहली बार राज्य में सत्ता पर काबिज होने की है. सूत्रों के मुताबिक सांसदों के साथ मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने सांसदों में जोश भरते हुए कहा, “हमें इसके लिए कड़ी मेहनत करनी है और यह सुनिश्चित करना है कि हम बंगाल में यह चुनाव जीतें. आप लोग बहुत आगे बढ़ चुके हैं. हमें इस सत्ता के खिलाफ लड़ाई को जारी रखना होगा.”

सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में रहने का निर्देश

सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से लगातार संपर्क करते रहना चाहिए. पीएम ने सांसदों से सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल करने का निर्देश दिया और कहा कि केंद्र सरकार के कामों को भी जनता तक पहुंचाया जाए.

दूसरी ओर, बीजेपी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने लीक हुए व्हॉट्सऐप मैसेज का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल प्रशासन एसआईआर में मर चुके वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट में बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. हालांकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस आरोप को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया.

“Bigg Boss 19 Finale: किसके जीतने के चांस सबसे ज्यादा, वोटिंग ट्रेंड में कौन चल रहा आगे?”

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बिग बॉस 19 का फिनाले तेजी से पास आ रहा है। बता दें कि शो से मालती चाहर का पत्ता कट गया है और उन्हें घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। अब घर में टॉप 5 कंटेस्टेंट्स बचे हैं। इनमें से कौन बाजी करेगा और किसका ट्रॉफी पर कब्जा हो सकता है, जानते हैं…

सलमान खान का मोस्ट फेमस और विवादित शो बिग बॉस 19 का फिनाले अब और पास आ गया है। फिनाले नजदीक आने के साथ-साथ घर में कंटेस्टेंट्स की संख्या भी कम होती जा रही है।

मीडिया में चल रही रिपोर्ट्स की मानें तो बिग बॉस 19 से मालती चाहर का सफर खत्म हो गया है। बता दें कि शो में उनकी बतौर वाइल्ड कार्ड एंट्री हुई थी। घर में आते ही मालती ने काफी गदर मचाया था।

मालती चाहर के बिग बॉस 19 से बाहर होने के बाद अब शो में टॉप 5 कंटेस्टेंट्स बचे हैं। इनके नाम गौरव खन्ना, तान्या मित्तल, फरहाना भट्ट, प्रणित मोरे और अमाल मलिक। बता दें कि फिनाले में इन पांचों के बीच ट्रॉफी के लिए टक्कर देखने को मिलेगी।

सलमान खान के शो बिग बॉस 19 के वोटिंग ट्रेंड में जबरदस्त उलट फेर देखने को मिल रहा है। 1-2 दिन पहले जहां फहराना भट्ट और प्रणित मोरे टॉप पर ट्रेंड कर रहे थे, वहीं, अब इसमें चेंज देखने को मिल रहा है।

बिग बॉस 19 से जुड़ी अंदर की खबरें शेयर करने वाले ट्विटर हैंडल द खबरी द्वारा किए गए प्रिडिक्शन की मानें तो शो के विनर गौरव खन्ना हो सकते हैं। वहीं दूसरे और तीसरे नंबर पर फरहाना भट्ट और प्रणित के होने के चांसेस हैं।

बिग बॉस 19 का फिनाले 5 कंटेस्टेंट्स के बीच होगा। फिनाले में एक-एक कंटेस्टेंट को बाहर किया जाएगा और आाखिरी में 2 फाइनलिस्ट में बीच मुकाबला होगा। खबरों की मानें तो 5 सदस्यों में से सबसे पहले अमाल मलिक आउट होंगे।

बिग बॉस 19 के फिनाले की बात करें तो ये 7 दिसंबर रविवार को रात 9 बजे जियो हॉटस्टार पर और 10.30 बजे से कलर्स टीवी पर प्रसारित होगा। फिनाले काफी मजेदार होने वाला है। सभी कंटेस्टेंट्स धमाकेदार परफॉर्मेंस देंगे। इनके साथ होस्ट सलमान खान भी रंग जमाएंगे।

“PM Fasal Bima Yojana 2025-26: रबी सीजन फसल बीमा शुरू, घर बैठे ऐसे करें रजिस्ट्रेशन”

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खेती हमेशा मौसम पर निर्भर होती है, कभी ओले, कभी तेज बारिश, कभी लंबी सूखा और इसी वजह से किसानों को अपने फसल के नुकसान का डर हमेशा बना रहता है।

लेकिन अब किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं, क्योंकि सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत रबी 2025-26 के लिए फसल बीमा सप्ताह शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत किसान प्राकृतिक आपदाओं से अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित कर सकते हैं और वित्तीय नुकसान से बच सकते हैं। जानिए रबी सीजन फसल बीमा योजना के लिए आवेदन कैसे-कहां करें और लास्ट डेट कब तक है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवेदन की लास्ट डेट

फसल बीमा के लिए आवेदन करने की लास्ट 31 दिसंबर 2025 है। किसानों को सलाह दी जाती है कि अंतिम तारीख तक प्रतीक्षा न करें, क्योंकि भीड़ या तकनीकी दिक्कतें कई किसानों को इस योजना का लाभ उठाने से वंचित कर सकती हैं। समय पर बीमा कराने से पूरे सीजन के लिए फसल की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

पीएम फसल बीमा योजना के फायदे: कम प्रीमियम, बड़ी सुरक्षा

कृषि में मौसम का अनुमान लगाना मुश्किल है। ओले, तूफान, जंगली-जानवर से होने वाले नुकसान या असमय बारिश जैसी घटनाएं कम होती हैं, लेकिन अगर नुकसान होता है तो बीमा कंपनी नियमों के अनुसार पूरी सहायता देती है। इससे किसान आर्थिक दबाव से बच जाते हैं और उनकी मेहनत बेकार नहीं जाती। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को मामूली प्रीमियम भरनी पड़ती है।

जिसमें-खरीफ: 2% रबी: 1.5% बागवानी/कैश क्रॉप: 5% बाकी प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भरती हैं।

PM Fasal Bima Yojana 2025: घर बैठे आवेदन कैसे करें?

आवेदन करने के लिए अब फसल बीमा के लिए कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। किसान मोबाइल ऐप या आधिकारिक PMFBY वेबसाइट से घर बैठे आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पहले से बहुत आसान और सुविधाजनक हो गई है।

  • सबसे पहले pmfby.gov.in साइट पर जाएं।
  • Farmer Corner- Guest Farmer पर क्लिक करें।
  • अपना नाम, पता, आधार और बैंक डिटेल्स भरें।
  • OTP के जरिए लॉगिन करें।
  • फॉर्म भरें और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • पेमेंट करें और रसीद डाउनलोड कर लें।
  • पीएम फसल योजना 2025 आवेदन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी
  • बैंक पासबुक
  • भूमि रिकॉर्ड या किरायेदारी का प्रमाण
  • बोई गई फसल की जानकारी/घोषणा

किसानों के पास अपने फसल को जोखिम से बचाने का यह सबसे अच्छा मौका है। समय पर रजिस्ट्रेशन कराएं और PM Fasal Bima Yojana 2025-26 के तहत अपने रबी सीजन की फसल को सुरक्षित करें।

“Fern Plants: घर के खाली कोने में छा जाएगी हरियाली, जान लें फर्न पौधों को बढ़ाने के 5 सिंपल टिप्स”

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घर में अगर खाली कोना है, तो आप वहां पर फर्न का पौधा लगाकर उसे खूबसूरत बना सकते हैं। फर्न पौधे को अगर हरा भरा रखना है, तो उसके लिए आपको कुछ खास टिप्स अपनानी होंगी। फर्न नाजुक होता है इसलिए इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत पड़ती है।

इसके लिए आपको कुछ जरूरी टिप्स अपनाने पड़ेगे। जानते हैं कि फर्न पौधे को जल्दी बढ़ाने के क्या टिप्स हैं।

फर्न की ग्रोथ के लिए बनाएं रखें नमी

फर्न पौधे को सूखी मिट्टी बिल्कुल पसंद नहीं होती। आप गमले में स्प्रे की मदद से मिट्टी को गीला करें। दिन में एक दो बार मिट्टी चेक करें और जरूरत हो, तो इसे पानी दें। ऐसा करने से फर्न की पत्तियां हरी-भरी रहेंगी।

फर्न को चाहिए इनडायरेक्ट लाइट

फर्न के पौधे को सीधे धूप में बिल्कुल ना रखें। फर्न को इनडायरेक्ट लाइट चाहिए होती है। तेज धूप में उसकी पत्तियां सूखने लगती हैं। आप इसे शेडेड बालकनी या खिड़की के पास रख सकते हैं क्योंकि फर्न को नमी वाली जगह बहुत पसंद होती है। इसलिए आप हफ्ते में 3 से 4 बार पेड़ में स्प्रे जरूर करें। पास में एक ट्रे भी रखें ताकि वह एरिया गीला न हो। आप चाहे तो फर्न को बाथरूम के आसपास भी रख सकते हैं।

समय पर फर्टिलाइजर का इस्तेमाल

फर्न की ग्रोथ के लिए इसमें फर्टिलाइजर का इस्तेमाल जरूर करें। आप वर्मी कंपोस्ट या लिक्विड फर्टिलाइजर 15 से 20 दिन में जरूर डाले। थोड़ी खाद का इस्तेमाल करें वरना फर्न की पत्तियां जल भी सकती हैं।

फर्न की समय पर करें सफाई

फंर्न की पत्तियों को समय-समय पर सूती कपड़े से साफ करते रहे। साफ न करने पर इनपर तेजी से धूल जम जाती है, जो कि आपके घर की सुंदरता को बिगाड़ सकता है।

टेम्परेचर का रखें ध्यान

अगर आपके कमरे में AC रखा है, तो एसी के सामने फर्न का पौधा रखने की भूल न करें। फर्न को 18 से 28 डिग्री का टेंपरेचर पसंद होता है। इसे कम या ज्यादा तापमान में इसकी ग्रोथ सही नहीं हो पाती।

“Heart Attack First Aid: अकेले में आ जाए हार्ट अटैक तो 15 सेकंड में बचाएं अपनी जान, जानिए कैसे?”

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हार्ट अटैक कोई भी उम्र देखकर नहीं आता। कई बार लोग घर पर अकेले होते हैं और अचानक सीने में दर्द, घबराहट या सांस फूलना शुरू हो जाता है। ऐसी स्थिति में घबराहट सबसे बड़ी दुश्मन है क्योंकि हार्ट अटैक में हर सेकंड जान बचाने वाला सेकंड होता है।

डॉक्टर्स के मुताबिक, अगर आप अकेले हैं और हार्ट अटैक जैसा महसूस हो रहा है, तो पहले 15 सेकंड में सही कदम उठाना आपकी जान बचा सकता है। यहां वही जरूरी स्टेप-बाय-स्टेप गाइड है, जो आपको तुरंत करने चाहिए।

हार्ट अटैक के संकेत पहचानें तुरंत सीने में दबाव, भारीपन या जकड़न बाएं हाथ, जबड़े, पीठ या गर्दन में दर्द पसीना आना, चक्कर, अचानक कमजोरी सांस फूलना या बेचैनी

1 दिन में डैंड्रफ कैसे हटाएं? मॉम की पुरानी टिप्स आएंगी काम 15 सेकंड का लाइफ-सेविंग प्लान तुरंत मेडिकल हेल्प को कॉल करें (0-5 सेकंड):

सबसे पहला कदम एम्बुलेंस या 112/108 पर कॉल करें। कॉल करने से इलाज की शुरुआत हो जाती है और डॉक्टर रास्ते में ही गाइड कर सकते हैं। फोन को स्पीकर मोड पर रख दें। साथ ही स्टेटिक पोजिशन में 5-8 सेकंड बैठ जाएं।

भागे नहीं, दौड़े नहीं। सीधा बैठें पीठ को सहारा दें जितना हो सके शांत रहें इससे दिल पर लोड कम पड़ता है।

दरवाजा तुरंत खोलकर रखें : अगर आप अकेले हैं, तो मुख्य दरवाजा खोल दें ताकि एम्बुलेंस/परिवार सीधा अंदर पहुंच सके। बहुत से मरीज बेहोश होने के बाद दरवाजा बंद रहने से बच नहीं पाते।

यदि संभव हो तो Aspirin चबाकर खाएं: अगर आपको Aspirin (325 mg) से एलर्जी नहीं है और ब्लीडिंग की कोई समस्या नहीं तो गोली चबाकर लें। यह खून के थक्के बनने की प्रक्रिया धीमी कर देता है, जिससे दिल को नुकसान कम होता है।

आगे क्या करें जब तक मदद न आ जाए?

धीरे-धीरे गहरी सांसें लें मोबाइल फोन पास रखें अचानक खड़े न हों उलझन, भारी सांस, बढ़ती बेचैनी लगे तो फिर से 112 पर अपडेट दें अगर किसी भी क्षण आप बेहोश होने लगें तो तुरंत जमीन पर लेट जाएं, बाईं करवट या पीठ के बल।

“इंस्टाग्राम बदलने जा रहा 2011 से चला आ रहा ये नियम, जानें यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?”

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इंस्टाग्राम अपने प्लेटफॉर्म पर एक बड़े बदलाव की टेस्टिंग कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा के मालिकाना हक वाली यह कंपनी एक पोस्ट में सिर्फ तीन हैशटैग की लिमिट लाने का एक्सपेरिमेंट कर रही है।

यह 2011 से चले आ रहे इंस्टाग्राम के नियम में एक बड़ा बदलाव है। कुछ रेडिट यूजर्स ने बताया है कि एक पोस्ट में तीन से ज्यादा हैशटैग जोड़ने पर उन्हें एक एरर मैसेज दिख रहा है। हालांकि, यह फीचर अभी सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है। इससे पता चलता है कि मेटा कुछ चुनिंदा यूजर्स पर इस हैशटैग कंट्रोल फीचर की टेस्टिंग कर रहा है और बाद में इसे पूरे प्लेटफॉर्म पर लागू कर सकता है। इंस्टाग्राम ने अभी तक इस एक्सपेरिमेंट के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। रिपोर्ट्स का कहना है कि पहले धीरे-धीरे जारी किए गए कई फीचर्स की तरह, यह बदलाव भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

2011 से ही इंस्टाग्राम पर यूजर्स के लिए कंटेंट खोजने का एक बड़ा जरिया हैशटैग रहे हैं। कंटेंट क्रिएटर्स एक पोस्ट में 30 हैशटैग तक जोड़कर अपनी पोस्ट की रीच बढ़ा सकते थे। लेकिन समय के साथ, इंस्टाग्राम का रेकमेंडेशन सिस्टम बदल गया है। अब, एक्सप्लोर सेक्शन कंटेंट, कैप्शन और यूजर के व्यवहार को प्राथमिकता देता है। इंस्टाग्राम के हेड एडम मोसेरी ने बार-बार कहा है कि रीच बढ़ाने में हैशटैग अब उतने असरदार नहीं रहे। उनका कहना है कि हैशटैग अब सिर्फ कंटेंट को कैटेगराइज करने का एक जरिया बनकर रह गए हैं।

यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?

यह बदलाव इस बात का संकेत है कि इंस्टाग्राम कंटेंट पेश करने के तरीके को बदलने की कोशिश कर रहा है। पिछले सालों में, खासकर 2010 के दशक के मध्य में, जिन यूजर्स ने हैशटैग सर्च के आसपास अपनी आदतें बना ली थीं, उन पर इस बदलाव का असर पड़ सकता है। वहीं, नई पीढ़ी के युवा यूजर्स अक्सर हैशटैग पर कम निर्भर रहते हैं। फिर भी, लंबे समय से इंस्टाग्राम इस्तेमाल कर रहे लोगों के बीच पोस्ट को टैग से भरने का पुराना तरीका अभी भी आम है।

अब आगे क्या?

वैसे भी, यह नया एक्सपेरिमेंट बताता है कि इंस्टाग्राम यूजर-बेस्ड टैगिंग से हटकर ऑटोमेटेड कंटेंट डिस्कवरी की ओर बढ़ रहा है। तीन-हैशटैग की यह लिमिट एक पक्का नियम बनेगी या नहीं, यह चल रही टेस्टिंग के नतीजों और मेटा की बड़ी प्लेटफॉर्म स्ट्रैटेजी पर निर्भर करेगा।

“पुतिन के एक साइन ने भारत को बना दिया Military Powerhouse, पड़ोसियों की उड़ी नींद:”

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जिओ-पॉलिटिक्स (Geo-politics) की दुनिया में कुछ खबरे ऐसी होती हैं जो सिर्फ हेडलाइन नहीं बदलतीं, बल्कि इतिहास बदल देती हैं। रूस और भारत के बीच हाल ही में जो हुआ है, वो कुछ ऐसा ही है।

अभी तक लोग कयास लगा रहे थे, लेकिन अब खबर पक्की है रूस ने भारत के साथ रक्षा संबंधों को उस लेवल पर पहुँचा दिया है जहाँ से भारत अब सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि एक ‘सैन्य महाशक्ति’ (Military Powerhouse) बनकर उभरेगा।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर माजरा क्या है और हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान (Pakistan) का “हाई बीपी” (High BP) क्यों हो गया है।

क्या है यह नया ‘सुपर डील’? (What is the Big Deal?) खबरों के मुताबिक, रूस ने RELOS (Reciprocal Exchange of Logistics Agreement) को मंजूरी देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सुनने में यह शब्द भारी-भरकम लगता है, लेकिन इसका मतलब बहुत सीधा और शानदार है।

इसे ऐसे समझिये-जैसे आपकी कार को लंबी यात्रा पर जगह-जगह रुकने और पेट्रोल भरवाने की सुविधा अपने दोस्त के घर मिल जाए। इस डील के बाद, भारतीय नौसेना (Indian Navy) और सेना, रूस के मिलिट्री बेस और पोर्ट्स का इस्तेमाल अपनी ज़रूरतों के लिए कर सकेगी।

अब भारतीय युद्धपोत (Warships) बेझिझक रशियन पोर्ट्स पर जाकर रुक सकते हैं, रिपेयरिंग करा सकते हैं, राशन-पानी ले सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं।

सबसे बड़ी बात? भारत को अब आर्कटिक (Arctic) क्षेत्र तक सीधी पहुँच मिल सकती है। दुनिया में बहुत कम देश हैं जिनके पास इतनी लंबी रेंज है, और अब भारत उस एलिट क्लब में शामिल होने जा रहा है।

पाकिस्तान के पैरों तले ज़मीन क्यों खिसक गई?

अब आप सोचेंगे कि डील भारत-रूस की है, तो पाकिस्तान क्यों परेशान है? इसकी तीन बड़ी वजहें हैं:

गलतफहमी का अंत:

पिछले कुछ सालों से पाकिस्तान यह माहौल बनाने की कोशिश कर रहा था कि रूस अब भारत को छोड़कर पाकिस्तान के करीब आ रहा है। लेकिन पुतिन प्रशासन ने इस डील को आगे बढ़ाकर साफ़ कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता “नई दिल्ली” है, न कि “इस्लामाबाद”।

भारत की असीमित पहुँच:

इस लॉजिस्टिक्स पैक्ट का मतलब है कि भारतीय सेना की नज़र अब बहुत दूर तक होगी। हिंद महासागर में अपनी चालबाजियां चलाने की सोचने वाला पाकिस्तान अब बैकफुट पर होगा क्योंकि भारतीय नेवी की आपरेशनल रेंज (Operational Range) अब बहुत विशाल हो जाएगी।

रक्षा कवच (Defense Shield):

बात सिर्फ लॉजिस्टिक्स की नहीं है। कयास लगाए जा रहे हैं कि व्लादिमीर पुतिन के आगामी दौरे में Su-57 फाइटर जेट्स और S-500 मिसाइल सिस्टम जैसे ‘ब्रह्मास्त्र’ भी भारत की झोली में गिर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ, तो पड़ोसी मुल्क की डिफेंस स्ट्रैटेजी धरी की धरी रह जाएगी।

2025 का सबसे बड़ा गेम-चेंजर

दुनिया इस वक़्त युद्धों और तनाव से गुज़र रही है। ऐसे समय में रूस का भारत के साथ इतना बड़ा कमिटमेंट (Commitment) करना यह बताता है कि वो भारत को एक ग्लोबल प्लेयर मानता है। पश्चिमी देशों (West) के दबाव के बावजूद रूस अपनी पुरानी दोस्ती निभा रहा है।

यह डील सिर्फ एक कागज का समझौता नहीं है; यह भारत के “सुपरपावर” बनने के रास्ते में एक बड़ा मील का पत्थर है। अब हमारे जहाजों को ईंधन खत्म होने या रसद की कमी की चिंता नहीं होगी, क्योंकि पुराना यार रूस समंदर के हर कोने में मदद के लिए तैयार खड़ा मिलेगा।