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जिसने अपनाया बन गया करोड़पति, क्या आप जानते हैं सेविंग के ये टिप्स

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हर किसी की ख्वाहिश होती है जिंदगी में उसकी भी करोड़ों की सेविंग हो. लेकिन इसके लिए जरूरी होता है खर्च और आमदनी का सही अनुपात. पर्सनल फाइनेंस और निवेश की योजनाएं इस बात पर टिकी हैं कि आप बचत कितनी करते हैं. लेकिन बचत करना आसान नहीं है. जाने कहां से खर्च आ जाते हैं और जेब खाली हो जाती है. बचत करने के लिए जांचा परखा तरीका है – ‘पे योर सेल्फ फर्स्ट (Pay Yourself First).’ ये नियम आपकी कुल बचत और आगे चलकर नेटवर्थ में भारी अंतर ला सकता है. यानी आपकी बचत आपकी बहुत से कहीं बढ़कर होगी.

क्या है ‘पे योर सेल्फ फर्स्ट.’ का नियम 
ये बेहद सरल तरीका है. Pay Yourself First के तहत सबसे जरूरी बात है कि बचत या निवेश की राशि को एक बिल की तरह ट्रीट कीजिए और किसी भी दूसरे बिल से पहले इसका भुगतान कीजिए. डिजिटल बैंकिंग के दौर में ऐसा करना बहुत आसान है. आप एकाउंट की सेटिंग्स में जाकर सिस्टमेटिक मंथली ट्रांसफर का ऑप्शन चुन सकते हैं. इस तरह आपकी बचत अपने आप होने लगेगी. इसके बाद जो पैसे बचें, उससे बाकी खर्च चलाइए. पैसे कम पड़े तो दो तरीके आपके पास हैं – आमदनी बढ़ाइए या खर्च कम कीजिए. लेकिन बचत के लक्ष्य को न बदलिए. इस नियम को Pay Yourself First इसलिए कहते हैं क्योंकि आपने जो बचाया, बस वही आपने कमाया.

ये नियम क्यों काम करता है 
Pay yourself first इस बात पर आधारित है कि पैसा पानी की तरह है. अगर आप इसे सही दिशा नहीं देंगे, तो ये कहीं न कहीं बह जाएगा. इस नियम के तहत आप अगर शेयर में पैसे लगाना चाहते हैं तो बैंक एकाउंट की सेटिंग ऐसी कर दीजिए कि हर महीने निश्चित राशि आपके मनपसंद शेयर खरीदने के लिए चली जाए. सुरक्षित निवेश के रूप में आप पीएफ खाते में स्वैच्छिक इनवेस्टमेंट कर सकते हैं या फिर बैंक एकाउंट से एटैच आरडी खुलवा सकते हैं.

बोनस या इंक्रीमेंट का इस्तेमाल 
अप्रैल-मई के महीने में कॉरपोरेट कंपनियां अपने कर्मचारियों को बोनस इंसेंटिव और सैलरी हाइक देती है. ये वह राशि है, जिसके बिना आपका काम अभी तक चल रहा था. तो उसे खर्च करने की जगह Pay yourself first के तहत निवेश कर दीजिए. जिनती सैलरी बढ़ी हो, भले वह राशि 500 हो या 50,000 उसे किसी नियमित निवेश प्लान में लगा दीजिए. ऐसा करने से आपके बचत लक्ष्य कभी अधूरे नहीं रहेंगे.

वाहनों की चोरी रोकने के लिए एप बनाने वाले 12 वर्षीय छात्र से मिले गडकरी

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सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने सड़क दुर्घटना तथा वाहनों की चोरी रोकने के लिए कुछ ऐप तैयार किये हैं. वह अभी बमुश्किल 12 साल का है, लेकिन अब तक पेटेंट के लिए चार आवेदन कर चुका है.

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के इस प्रतिभावान छात्र बीएस रेवंत नम्बुरि से मुलाकात की और प्रस्तुति को देखा. गडकरी ने उसकी प्रौद्योगिकी को इस्तेमाल में लाने में हर संभव मदद का आश्वासन दिया.। हालांकि इन ऐप को अभी तकनीकी मंजूरी नहीं मिली है. रेवंत नागपुर के माउंट लिटेरा जी स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र है. उसने यातायात के नियमों के उल्लंघन पर पल-पल की तत्काल निगरानी के लिए ऐप तैयार किये हैं. ऐप में सीटबेल्ट सेंसर, ब्रीथेलाइजर, हर्ट रेट एनालाइजर और सीपीयू शामिल है जो सूचनाओं को जमा करता है तथा प्राधिकरणों को सावधान करता है. 

दूसरा ऐप क्यूआर कोड पर आधारित है तथा बिना नेटवर्क कनेक्टिविटी के कहीं भी डेटा या दस्तावेज का प्रिंट निकालने की सुविधा देता है. एक अन्य पेटेंट वाहनों की चोरी रोकने से संबंधित है. यह एक स्मार्ट की, पहले से लगे सिम कार्ड का इस्तेमाल करता है. रेवंत ने कहा, उसकी प्रौद्योगिकी वृहद स्तर पर लोगों को फायदा पहुंचा सके, यही सोचकर पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है ताकि इन्हें सरकार या किसी निजी निकाय को हस्तांतरित किया जा सके.

दोस्तों ने खेल-खेल में छह वर्षीय बच्चे के शरीर में पंप से भर दी हवा, मौत

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घर के पास खेल रहे छह वर्षीय मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई. मासूम अपने हमउम्र बच्चों के साथ खेल रहा था कि तभी शैतानी विचार आते ही बच्चों ने पास ही रखे कम्प्रेशर का पाइप उठाया और मुंह में हवा भर दी. इससे मासूम कान्हा का पेट फूल गया. घबराये परिजनों ने मासूम को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया. लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. 

की भंवरकुआ पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, भंवरकुआ थाना इलाके के पालदा इलाके में रहने वाले रामचंद्र यादव एक दलिया फैक्ट्री में काम करते हैं. वह मूलतः खरगोन जिले का रहने वाले हैं और रोजगार के लिए इंदौर आए थे. वह कुछ काम से फैक्ट्री की छत पर गए था और उनका छह वर्षीय मासूम बेटा कान्हा फैक्ट्री में ही खेल रहा था. बता दें कि रामचंद्र का पूरा परिवार फैक्ट्री में ही रहता है.

कान्हा अपने अन्य मित्रों के साथ खेल रहा था. खेल के दौरान अचानक बच्चों ने फैक्ट्री में ही रखे कम्प्रेशर के पाइप को कान्हा के मुंह में लगा दिया और थोड़ी ही देर में कान्हा जमीन पर गिर गया. उसका पेट फूल गया था. क्षण भऱ में ही वहां आस पास के लोग एकत्रित हो गए. इसकी सूचना पिता रामचंद्र को दी गई. रामचंद्र समेत अन्य लोग मासूम को तत्काल इलाज हेतु एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे जहां इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई.

खरगोन का रहने वाला यादव परिवार रोजगार की तलाश में इंदौर आया था और दाल दलिया मिल में काम करता था. लेकिन काम करते करते उन्हें अपने बच्चे की सुरक्षा का ख्याल नहीं रहा. परिवार अगर बच्चे पर निगाह रखता तो यह दर्दनाक घटना नहीं होती. इस घटना से कान्हा के साथ खेल रहे बच्चों के साथ-साथ परिवार की भी लापरवाही स्पष्ट हो रही है. मौत की सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्चे की लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. साथ ही पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.

दलित विधायक ने दिया धरना तो जगह को ‘शुद्ध’ करने गाय के गोबर लेकर पहुंचे युवा कांग्रेस नेता

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एक विचित्र घटनाक्रम में केरल के त्रिशूर जिले के युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कथित तौर पर एक स्थान को शुद्ध करने के लिए गाय के गोबर-मिश्रित पानी का छिड़काव किया, जहां एक दलित विधायक ने विरोध प्रदर्शन किया था.

त्रिशूर में नट्टिका निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली गीता गोपी ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जातिगत भेदभाव के खिलाफ चेरपू पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और कहा है कि वह मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और केरल विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन के समक्ष शिकायत दर्ज करेंगी. यह घटना शनिवार को हुई जब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के विधायक ने चेरपु मिनी सिविल स्टेशन के परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें त्रिपयार से चेरपु राज्य राजमार्ग पर रखरखाव कार्य की मांग की गई. रखरखाव के काम के बारे में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया.

विधायक के धरनास्थल से चले जाने के बाद, युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक दल प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा और कथित तौर पर ‘जगह को शुद्ध करने’ के लिए गोबर-मिश्रित पानी छिड़का.

गीता गोपी ने कहा, ‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विरोध के कई अन्य लोकतांत्रिक तरीकों का सहारा लेना चाहिए, उन्होंने केवल एक दलित महिला विधायक को परेशान करने के लिए धरनास्थल पर गोबर मिश्रित पानी का छिड़काव किया.’ 

भाकपा नेता ने कहा कि

भाकपा नेता ने आगे कहा कि पानी छिड़कने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं में चेरपु ग्राम पंचायत अध्यक्ष भी शामिल हैं, वह सोमवार को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से मिलेंगी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग करेंगी.

हाल ही में, एक दोपहिया यात्री को सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटना में चोट लगी थी, जिसके बाद लोगों ने विधायक के खिलाफ विरोध किया था.

केरल के स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और महिला और बाल विकास मंत्री केके शैलजा ने हमले की निंदा की और कहा कि कांग्रेस अपने कार्यों के माध्यम से पार्टी की संस्कृति को दिखा रही है.

शैलजा ने कहा कि ‘गीता गोपी के खिलाफ जातिवादी भेदभाव चौंकाने वाला है. शैलजा ने कहा कि यह आपराधिक और बेहद निंदनीय है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक स्थान पर गाय के गोबर-मिश्रित पानी डाला, जहां विरोध प्रदर्शन किया गया. ऐसे काम को अंजाम देने वाले लोग अपनी संस्कृति दिखा रहे हैं. यह अस्पृश्यता का डर वापस ला रहा है. उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.’

मुख्यमंत्री ने दी सुश्री नित्या पाण्डेय को बधाई…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आदिवासी बहुल कोण्डागांव जिले की मेधावी शोधार्थी सुश्री नित्या पाण्डेय का फ्रांस के इंटरनेशनल स्पेस यूनिवर्सिटी में इस साल कल्पना चावला स्कालरशिप प्रोग्राम के लिए चयनित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा है कि उनकी सफलता से छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरा देश गौरवान्वित हुआ है। 
    कल्पना चावला को आदर्श मानने वाली सुश्री नित्या पाण्डेय देश की उन चार मेघावी शोधार्थियों में शामिल हैं, जिन्हें फ्रांस के इंटरनेशनल स्पेस यूनिवर्सिटी पढ़ने का मौका मिला। उनका चयन कल्पना चावला स्कालरशिप के लिए हुआ है। इस कार्यक्रम के तहत वर्तमान में सुश्री पाण्डेय 65 दिन के फेलोशिप कर रही है। 

छत्तीसगढ़ के पास अपार प्राकृतिक संसाधन हैं : प्रकृति को सहेजते हुए इसका दोहन करें, तो जरूर सफलता मिलेगी: मुख्यमंत्री

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जिला दुर्ग के पाटन ब्लॉक में मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित डॉ. खूबचंद बघेल जयंती समारोह कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि डॉ. खूबचंद बघेल दूरदर्शी एवं महान व्यक्ति थे, वे हमेशा संसाधनों को सहेज कर स्थायी विकास की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। पंजाब में 5 नदियां हैं जिन्हें सहेज कर वे 3 बार फसल लेते हैं। छत्तीसगढ़ में छोटी-बड़ी 255 नदियां और 3000 नाले हैं। इसके बावजूद हम पानी का सिंचाई के रूप में केवल 30 फीसदी ही उपयोग में लाते है। ऐसे समय में जब बारिश की अनिश्चितता है, बारिश की एक-एक बूंद को सहेजना महत्वपूर्ण है इस कारण ही नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना लाई गई है। हम इसरो की मदद से नालों के रिचार्ज पर काम कर रहे हैं। डॉ. खूबचंद बघेल भी यही सोचते थे। ये मिट्टी अमूल्य संसाधनों वाली है, उचित कार्ययोजना से हम सतत् विकास की ओर बढ़ पाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्जमाफी और 2500 रुपये में धान खरीदी जैसे निर्णयों से किसान आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है, उसकी क्रय शक्ति बढ़ी है। बाजार को भी इसका लाभ पहुंचा है। जहां दूसरे राज्यों में ऑटोमोबाइल सेक्टर की ग्रोथ कमजोर हुई, वहीं छत्तीसगढ़ में 25 फीसदी इजाफा हुआ है। बरसों से किसान अपने खेतों के सुधार के लिए काम करना चाहते थे, इस बार उनको इसके लिए पर्याप्त पूंजी मिली साथ ही वे आश्वस्त भी हुए कि भविष्य में भी उनकी उपज का अच्छा मूल्य मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किये बगैर सुराज नहीं आ सकता। वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगे तो शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे सूचकांक भी बेहतर होगा। हमारे लिए कृषि आधारित संरचना विकास बेहद जरूरी है, साथ ही मानव संसाधन का कुशल संवर्धन होना भी अति-आवश्यक है। हम सबसे ज्यादा शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार सृजन की ओर लक्ष्य कर कार्य कर रहे हैं। अभी मीडिया में यह खबर आई कि तंजावूर के किसानों ने अपने कलेक्टर को ज्ञापन दिया और कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने किसानों की बेहतरी के लिए अच्छे निर्णय लिए हैं वैसे ही निर्णय हमारे राज्य में भी किसानों के हित में लिए जाने चाहिए। जब हमारे प्रदेश की तारीफ होती है तो बहुत अच्छा लगता है। जब यह तारीफ देश के अन्नदाताओं की ओर से हो तो गर्व से सीना चौड़ा हो जाता है। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अपनी विशिष्टता भी हमारे महत्वपूर्ण स्थलों में नजर नहीं आती थी। हमने निर्णय लिया कि हमारी संस्कृति की खुशबू दूसरे राज्य के लोग भी महसूस करें। छत्तीसगढ़ भवन, दिल्ली में जाएंगे तो वहां आपको ठेठरी-खुरमी खाने को मिल जाएगा। हमने कहा है कि छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की व्यवस्था एयरपोर्ट पर तथा रेलवे स्टेशन पर भी होनी चाहिए। हमारा कोसा सिल्क छत्तीसगढ़ भवन में भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि हमने अपने छत्तीसगढ़ी तीज-त्योहारों पर अवकाश घोषित किया है। इस बार हरेली में गेड़ी भी चढ़ेंगे और बिल्लस भी खेलेंगे।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मुम्बई नवी मुम्बई हो सकता है तो नया रायपुर नवा रायपुर क्यों नहीं कहा जाना चाहिए। आज डॉ. खूबचंद बघेल के सम्मान में आयोजित इस समारोह में  संकल्प लें कि अपने राज्य को नई ऊंचाई देना है। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर बुल्गारिया में आयोजित वर्ल्ड योग स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने वाले ग्राम मर्रा के श्री धीरेंद्र वर्मा को सम्मानित किया गया।

पाकिस्तानी जालसाज ने भारत को लगाया छह हजार टन चावलों का चूना

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दुबई में बैठकर एक पाकिस्तानी ने भारत के दो दर्जन कारोबारियों के छह हजार टन चावल पर रातोंरात हाथ साफ कर दिया. 30 करोड़ रुपये के इतने चावल से पूरा UAE पांच दिन तक खाना खा सकता है. भारत के करोड़ों रुपये के चावल की ठगी करने का यह मामला इतना अनोखा है कि करोड़ों रुपये के नुकसान के बावजूद अलरौनक अलताबी की फर्म चलाने वाले पाकिस्तानी तारिक ओवैस के खिलाफ न तो UAE की पुलिस और न ही भारतीय उच्च आयोग कोई कार्रवाई कर पा रहा है.

दरअसल दुबई बैठकर अलरौनक अलताबी नाम की फर्म ने बासमती चावल भारत से मंगवाने का काम शुरू किया. दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की 23 कंपनियों ने चावल दुबई भेजने की पेशकश की. पहले छोटे आर्डर करके इस फर्म ने भारतीय चावल मिल का भरोसा जीता. फिर इन 23 फर्मों से 6000 टन चावल UAE मंगाए. चावल के पैसे UAE Exchange के तहत तारीक नाम के जालसाज ने अलग-अलग फर्मों के खाते में 30 करोड़ के TT यानि टेलीग्राफिक ट्रांसफर किए. लेकिन दस-दस दिन तक तारिक का TT का स्टेटस प्रोसेसिंग में ही दर्शाता रहा.

जब दिल्ली, करनाल और पंजाब से चावल के कंटेनर दुबई पहुंच गए. इस जालसाज ने चावल उतार लिए उसके गायब होने के बाद TT यानि टेलीग्राफिक ट्रांसफर फेल हो गया. जब इन दो दर्जन व्यापारियों ने तारिक और उसकी फर्म से फोन, ईमेल और पते पर संपर्क किया तब तक वो 30 करोड़ की चपत लगाकर दुबई से वो कंपनी फरार हो चुकी थी. करीब ढ़ाई करोड़ के चावल की ठगी के शिकार कमला राइस मिल के मालिक विपिन गोयल बताते हैं कि दो बार UAE भी गए लेकिन जहां कंपनी का दफ्तर था वो जगह कोई दूसरी कंपनी ने किराए पर ले लिया है. जिस आलीशान मकान में वो तारिक और उसकी पत्नी से मिले थे उसके बारे में पता चला कि ये 200000 रुपए महीने के किराए पर ले रखा था. भारतीय उच्चायोग में भी शिकायत की लेकिन फिलहाल कोई हल नहीं निकला है. वो कहते हैं कि ये एक बड़ा रैकेट है जिसमें एक्सचेंज के भी कुछ लोग शामिल हो सकते हैं.

पाकिस्तानी तारिक ओवैस के साथ कुछ भारतीयों के शामिल होने की बात भी पता चल रही है. तारिक की फर्म अल रौनक अलताबी नाम की फर्म ने अमृतसर राइस, AS impex, हरमन राइस फर्म, एनएम फूड जैसी दर्जनों कंपनियों को करोड़ों की चपत लगाई. इंडीग्रेन ग्लोबल के डायरेक्टर हिमांशु बताते हैं कि ठगी अलरौनक अलताबी के चेक की TT यानि टेलीग्राफिक ट्रांसफर करने वाली रकम अधिकतम 72 घंटे में या तो खाते में आ जाती है या चेक रद्द हो जाता है लेकिन इस मामले में चेक का स्टेटस इन प्रोसेस ही दिखाता रहा है जिसके चलते व्यापारियों का चावल पोर्ट पर उतार लिया गया.

इसमें यूएई एक्सचेंज के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से फ्रांड करने का इंटरनेशनल सिंडीकेट चल रहा है. फिलहाल करोड़ों गंवाने वाले भारतीय चावल व्यापारी भारत से दुबई चक्कर लगा रहे हैं.

अपाचे हेलीकॉप्टर की पहली खेप पहुंची हिंडन एयरबेस, इसकी खासियतों से घबराएगा दुश्मन

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भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टरों के बेड़े में आज एक नया सदस्य शामिल हो गया। ये है अमेरिकी लड़ाकू एएच-64ई अपाचे गार्डियन अटैक हेलीकॉप्टर जिसका इंतजार भारतीय वायुसेना को काफी समय से था और आज यह इंतजार खत्म हो गया। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, इसकी पहली खेप बोइंग एएच-64 ई अपाचे गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पहुंच गया है।

शनिवार (27 जुलाई) को इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर की पहली खेप भारतीय वायुसेना के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पहुंच रही है। इस खेप में 3-4 हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। भले ही शनिवार को अपाचे हेलीकॉप्टर आज भारत पहुंच रहे हैं लेकिन पठानकोट में इन्हें रूसी विमान एमआई-35 की जगह लेने में और स्क्वाड्रन में तैनाती के लिए एक महीने का इंतजार करना होगा।

मालूम हो कि भारत ने अमेरिका से 22 हेलीकॉप्टर खरीदे हैं। बताया जा रहा है कि आज (27 जुलाई) यह एन 224 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पहुंच जाएगा। अगस्त के आखिरी हफ्ते में यह भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से पठानकोट में तैनात हो जाएगा।

भारतीय सेना में शामिल होने वाला नया जंगी जहाज (हेलीकॉप्टर) अपाचे अनूठी और अपार युद्धक क्षमताओं से लैस है। अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय सेना की रक्षात्मक क्षमता तो बढ़ाएगा ही इससे सेना को जमीन पर मौजूद खतरों से लड़ने में भी मदद मिलेगी। अपाचे भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को भी रफ्तार देगा।

अमेरिका ने इस हेलीकॉप्टर का भरपूर इस्तेमाल इराक और अफगानिस्तान में किया और इजरायल भी गाजा में इसी हेलीकॉप्टर के दम पर अपने दुश्मनों पर कहर ढाता रहा है। अपाचे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह वॉर जोन में लड़ाई के समय कतई फेल न हो।

जानकारी के अनुसार पठानकोट में एएच-64ई अपाचे के पहले कमांडिंग अफसर ग्रुप कैप्टन एम शायलू होंगे। पठानकोट में तैनात वायुसेना की 125 हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन वर्तमान में एमआई-35 उड़ाती है और अब ये देश की पहली अपाचे स्क्वाड्रन होगी। दूसरी स्क्वाड्रन असम के जोरहाट में तैनात होगी। आगे जानिए इसकी खासियतें…

अपाचे की खासियतें * इसकी अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा है। 
* अपाचे को रडार से पकड़ना बेहद मुश्किल है।
* सबसे खतरनाक हथियार : 16 एंटी टैंक मिसाइल छोड़ने की क्षमता।
* हेलीकॉप्टर के नीचे लगी राइफल में एक बार में 30 एमएम की 1,200 गोलियां भरी जा सकती हैं।
* अपाचे की फ्लाइंग रेंज करीब 550 किलोमीटर है। 
* अपाचे हेलीकॉप्टर एक बार में पौने तीन घंटे तक उड़ सकता है।
* नाइट विजन सिस्टम की मदद से रात में भी दुश्मनों की टोह लेने, हवा से जमीन पर मार करने वाले रॉकेट दागने और मिसाइल आदि ढोने में सक्षम।
* अपाचे दुनिया के उन चुनिंदा हेलीकॉप्टर्स में शामिल है जो किसी भी मौसम या किसी भी स्थिति में दुश्मन पर हमला कर सकता है।

मेरा जन्मदिन धूमधाम से मनाने के बजाए, सरकारी योजनाओं का प्रचार करते : CM बघेल बोले

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पीसीसी की बैठक में CM बघेल ने नाराजगी जाहिर करते होते हुए कहा कि मेरे जन्मदिन पर आपने फ्लैक्स और होर्डिंग तो बहुत लगाए, लेकिन ये बताइए कितनों ने सरकारी योजनाओं की होर्डिंग्स लगाई हैं. ये सुनकर नेता इधर-उधर देखने लगे.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में बीते शनिवार को पीसीसी की बैठक चली. बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अफसरों द्वारा काम न करने की शिकायत की है. एक कार्यकर्ता ने सीएम भूपेश बघेल से कहा कि “पिछले 15 साल से छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार रही है. इस लिए मैदानी अमला हमारी नहीं सुनता. आप उन्हें हटा दीजिए.”

कार्यकर्ता बोले- ‘अफसर हमारी नहीं सुनते, उन्हें हटा दीजिए’ 

वहीं इस पर सीएम बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि “हमारे पदाधिकारी सरकार की योजनाओं को सही तरीके से धरातल पर नहीं पहुंचा पा रहे हैं. कितनों को हटाएंगे, आप लोग बात कीजिए काम होगा.” वहीं बघेल ने नाराजगी जाहिर करते होते हुए कहा कि मेरे जन्मदिन पर आपने फ्लैक्स और होर्डिंग तो बहुत लगाए, लेकिन ये बताइए कितनों ने सरकारी योजनाओं की होर्डिंग्स लगाई हैं. ये सुनकर नेता इधर-उधर देखने लगे.

सीएम बघेल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि बीजेपी के 15 साल के कुशासन, भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को लोगों तक पहुंचाएं. आप अफसरों से बात कर उन्हें अपना बनाएं. वहीं पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने कहा कि कार्यकर्ताओं की जायज मांगों के लिए वे मुख्यमंत्री से भी लड़ना पड़े तो लड़ेंगे. कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही पार्टी सत्ता में आई है. उन्होंने कहा कि बार-बार मेरे पास आने की जरूरत नहीं, क्योंकि मैं जानता हूं कौन काम कर रहा है कौन नहीं.

इन 6 चीजों का सेवन आज ही कम कर दें , हो सकती है पथरी…

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ऐसी चीजें जिनमें ऑक्सिलेट की मात्रा ज्यादा होने की वजह से ये शरीर के अंदर मौजूद कैल्शियम से मिलकर पत्थरी बनाता है

हम जाने-अनजाने कुछ ऐसी चीजों को अपने डाइट में शामिल कर लेते हैं जो बाद में शरीर में स्टोन या पथरी का कारण बनती है. ऐसी चीजें जिनमें ऑक्सिलेट की मात्रा ज्यादा होने की वजह से ये शरीर के अंदर मौजूद कैल्शियम से मिलकर पत्थरी बनाता है. ये चीजें शरीर में जाकर जल्दी से नहीं पचती है और बाद में पत्थरी का रूप ले लेती है. आइए जानते हैं कुछ ऐसी चीजों के बारे में जिससे दूर रहकर आप पथरी से छुटकारा पा सकते हैं. इन्हें अपनी डाइट से जल्दी दूर भगाएं. पालक और भिंडी 

इनमें ऑक्सिलेट होता है जो हमारे कैल्शियम को जमा कर लेता है और यूरिन के रास्ते शरीर से बाहर नहीं निकलने देता. इसके बाद धीरे-धीरे यह कैल्शियम किडनी में पत्थरी का रूप लेने लगता है.

चाय ज्यादातर लोग चाय पीना पसंद करते हैं लेकिन क्या आपको मालूम है चाय पत्थरी का बहुत बड़ा कारण है. अगर आपको पहले से ही पत्थरी की शिकायत है तो आपको बता दें, आपकी एक प्याली चाय आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यादा चाय पीने से पत्थरी का साइज बढ़ना शुरू हो जाता है.

टमाटर 

किचन में बनने वाली हर सब्जी टमाटर की मोहताज होती है. लोग अक्सर सलाद में खाने के साथ टमाटर लेना पसंद करते हैं लेकिन शायद ही लोगों को यह पता हो कि टमाटर में भी ऑक्सिलेट पाया जाता है, जो हमारे शरीर के अंदर जाकर पत्थरी का कारण बनता है.नमक 

खाने में नमक का इस्तेमाल हमें कम करना चाहिए. इसमें मौजूद सोडियम शरीर के अंदर जाकर कैल्शियम बन जाता है जो बाद में पत्थरी बनना शुरू कर देता है.

नॉनवेज फूड 

ज्यादा नॉनवेज खाने वाले लोगों को पत्थरी का खतरा ज्यादा होता है. नॉनवेज में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा पाई जाती है. यह किडनी में प्यूरीन की मात्रा बढ़ा देता है, प्यूरिन की मात्रा बढ़ने से यूरिक एसिड बढ़ने लगता है, जिसके बाद शरीर में स्टोन बनना शुरू हो जाता है.

चुकंदर 

चुकंदर वैसे तो हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है लेकिन कहते है ना जरूरत से ज्यादा कोई भी चीज बहुत हानिकारक होती है. ठीक वैसे ही अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर में स्टोन बन सकता है.