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खेतों में घूमते हुए फोटो खींच रहा था शख्स, नजर आया खरगोश का बिल, अंदर झांककर देखा तो..

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जाने-अनजाने में इंसान कभी-कभी ऐसी खोज कर देता है जो पूरी दुनिया के लिए रहस्य बन जाता है . ऐसा ही इंग्लैंड के रहने वाले फोटोग्राफर माइकल स्कोट श्रोपशायर के साथ हुआ. यह फोटोग्राफर खेतों में फोटो खींचते हुए गुजर रहा था तो उसकी नजर 1 खरगोश के बिल पर पड़ी. फोटोग्राफर ने पास जाकर खरगोश की अच्छी तस्वीर लेने के बारे में सोचा. लेकिन खरगोश को देखने के लिए जब माइकल ने बिल में गौर से देखा तो वहां 700 साल पुरानी गुफा मिली. इस गुफा ने माइकल को रातों-रात प्रसिद्ध कर दिया.

माइकल ने बताया कि इस गुफा की जानकारी उन्हें पहले से थी. आज तक इन्होंने इस गुफा की खोज की थी, लेकिन उसे तलाश ना पाए. अभी वो बर्मिंघम से श्रॉफशायर गुफा की खोज में आए थे. खुशकिस्मती से खरगोश के चक्कर में उन्होंने यह खोज कर डाली.

मिली अच्छी हालात में

यह गुफा कई सालों से इस खेत में दबी पड़ी थी. लेकिन इस गुफा को देख कर कोई भी यह नहीं कह सकता था कि यह सदियों पुरानी है. इस गुफा में मौजूद चैंबर्स अब भी अच्छी हालत में थे.

किसने बनाई थी ये गुफा?

इस गुफा का निर्माण नाइट्स टेंपलर ने किया था. यह एक ऐसा ग्रुप था जो क्रिश्चियन मिलिट्री ग्रुप के लिए काम करता था. माना जाता है कि इस गुफा का निर्माण साल 1129 से 1312 की बीच सीक्रेट मीटिंग के लिए किया जाता था. 700 साल पुरानी यह गुफा अब भी काफी अच्छी हालत में है.

अब हुआ रेनोवेशन

जब माइकल को इस गुफा के बारे में पता चला तो उन्होंने किसान और लोकल अथॉरिटी की परमिशन से यहां फोटोग्राफी की. इस गुफा के राज का खुलासा होने के बाद लोगों ने इसके इंटीरियर को सुधारा. बताया जा रहा है कि यह गुफा फिल्म इंडियाना जॉन्स की गुफा की तरह ही दिखती है.

जानिए किस राज्य में हैं सबसे अधिक राजपूत, भारत के पांच सर्वाधिक राजपूतों वाले राज्य

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हमने भारत में ब्राह्मण जाति की आबादी के बारे में पहले ही बता दिया है। आप लोगों के अनुरोध पर आज सर्वाधिक राजपूत जाति वाले पांच राज्यों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए अब शुरू करें-

5.कर्नाटक, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश

इन तीनों राज्यों राजपूतों की संख्या लगभग बराबर है। यहां राजपूत जाति के लोगों की संख्या लगभग 45 लाख के आस-पास है।

4.गुजरात

गुजरात में राजपूतों की संख्या लगभग 60 लाख के करीब है। यह भारत का तीसरा चौथा सबसे अधिक राजपूत जनसंख्या वाला राज्य है।

3.राजस्थान

राजाओं के इस राज्य में राजपूतों की संख्या लगभग 78 लाख है। राजस्थान देश का तीसरा सबसे अधिक राजपूत आबादी वाला राज्य है।

2.बिहार

राजपूत आबादी के मामले में बिहार दूसरे स्थान पर है। बिहार में राजपूतों की कुल जनसंख्या लगभग 90 लाख के आस-पास है। हालांकि यहां इनकी दबंगई थोड़ी कमजोर है।

1.उत्तर प्रदेश

भारत के सर्वाधिक राजपूत उत्तर प्रदेश में रहते हैं। उत्तर प्रदेश में राजपूत जाति के लोगों की संख्या लगभग 2 करोड़ है।

यहाँ बचने के लिए ग्रामीण ले रहे तंत्र-मंत्र सहारा, नाग की मौत के बाद नागिन के इंतकाम का डर

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मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक बेहद अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. जबलपुर के गुजराती मोहल्ले में इन दिनों एक नाग की मौत के बाद से दहशत का माहौल बना हुआ है. लोगों में दहशत एक नागिन की है जो नाग की मौत का बदला लेने के फिराक में है. दरअसल, कुछ दिनों पहले स्थानीय लोगों ने नाग-नागिन के जोड़े में से नाग को मार दिया था, लेकिन नागिन वहां से बच निकली थी. अब स्थानीय लोगों में इस बात का डर है कि नागिन अपने नाग की मौत का बदला लेगी. बस इसी डर से स्थानीय लोग तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहे हैं.

तांत्रिक से तंत्र-मंत्र करा रहे ग्रामीण

लिहाजा, यहां ये कहना गलत नहीं होगा कि नाग-नागिन फिल्मों की कहानी जबलपुर के गुजराती मोहल्ले में भी देखने को मिल रही है. स्थानीय लोगों को डर है कि नाग की मौत का बदला नागिन लेगी. इसका शिकार मोहल्ले के लोग बन सकते हैं. डर का माहौल इस कदर है कि लोग तांत्रिक से तंत्र-मंत्र कराकर मंत्र अपने घरों के बाहर मंत्र लिखवा रहे हैं.

लोगों की मानें तो नाग की मौत के बाद से नागिन हर दिन किसी न किसी के घर में घुस जाती है. इससे मोहल्ले में रहने वाले लोग काफी डरे हुए हैं. इसलिए नागिन से बचने के लिए उन्होंने तांत्रिक को बुलाया है, लेकिन यहां चिंता की बात यह है कि आज भी लोग इस तरह के अंधविश्वास को मानते हैं.

मुख्यमंत्री का आभार माना : व्हील चेयर वाली दीदी अब अपने कार्य से बनी ‘स्वच्छता दीदी’

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मन में दृढ़ इच्छा हो तो दिव्यांगता जीवन में बाधा नहीं होती, यह साबित कर दिखाया जिला बलौदा बाजार-भाटापारा की दोनों पैरो से दिव्यांग स्वच्छता दीदी बीना साहू ने। अब बीना साहू को व्हील चेयर वाले दीदी से नहीं बल्कि ‘स्वच्छता दीदी’ के नाम से जाना जाता है।


 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज रायपुर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की महत्ता पर आयोजित कार्यक्रम में कचरा संग्रहण एवं स्वच्छता कार्य में भूमिका निभाने वाली स्वच्छता दीदीयों को सम्मानित किया। बीना साहू इनमें एक है। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया की अनुशंसा को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने समारोह में ही दीदीयों की मानदेय राशि 5 हजार रूपए से बढ़ाकर 6 हजार रूपए करने की घोषणा की।

 
 नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी तर्ज पर स्वच्छता दीदीयां नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। दीदीयों का कहना है कि मिशन क्लीन सिटी में साथ जुड़कर उन्हें जीने का मौका मिला है। कोई काम छोटा बडा न मानते हुए स्वच्छता के संदेश के माध्यम से उन्होंने नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का संकल्प लिया।

 
 राज्य सरकार द्वारा शहरी गरीब महिलाओं को मिशन क्लीन सिटी योजना के तहत स्व-सहायता समूह के जरिए स्वच्छता संबंधी प्रशिक्षण और रोजगार दिए जा रहे हैं। इससे ये महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर हो रही हैं बल्कि अपने मोहल्ले और शहर के परिवेश को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ परिवार का भी भरण-पोषण भी कर रहीं है।


 समारोह में बलौदाबाजार-भाटापारा की वर्षा सोनी, गंडई की सुश्री राखी, मनेन्द्रगण की सुश्री सीता मिंज नारायणपुर की अमोली नेताम, रायपुर की सुश्री सावित्री बाई और सगुन बाई, पाटन की चंद्रिका देवांगन, भिलाई की मोहम्मद रफी, आरंग की शशि मेहर, दुर्ग की सुशीला वर्मा और संगीता तथा कुम्हारी के किशन को सम्मानित किया। 

इन बीमारियों को बारिश के मौसम में भुट्टा खाएं और दूर भगाएं

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बारिश के मौसम में भरपूर मात्रा में भुट्टे आते हैं, कुछ लोगों को भुट्टा खाना पसंद नहीं होता है लेकिन आपको बता दें कि भुट्टा स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें पाया जाने वाला कार्बोहाईड्रेट शरीर को एनर्जी प्रदान करता है। आइए जानते हैं भुट्टों के इन फायदों के बारे में ……….

भुट्टा में विटामिन होता है, इसी वजह से इसका सेवन करने से तनाव और चिंता से छुटकारा मिलता है। जिन लोगों को बीपी की शिकायत रहती हैं उन्हें भुट्टा खाने से काफी फायदा होता है।

टीबी के मरीजों के लिए भी भुट्टा काफी फायदेमंद होता है, इसका सेवन करने से इस बीमारी से निजात मिलती है।

अगर सही मात्रा में भुट्टा ख्राया जाए तो इससे पेट की बीमारियों से छुटकारा मिलता है और गैस, कब्ज जैसी समस्या नहीं होती है।

इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होता है, जो बढ़ती उम्र के लक्षणों को रोकता है और कैंसर से लड़ने में मदद करता है।

भुट्टा बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी ये बहुत फायदेमंद है और ये दिल की सेहत के लिए भी बहुत अच्छा है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री एस जयपाल रेड्डी का 77 साल की उम्र में निधन

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रेड्डी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, उनका तेलंगाना स्थित एक अस्पताल में इलाज़ चल रहा था.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एस जयपाल रेड्डी का 27-28 जुलाई की दरमियानी रात को निधन हो गया.

रेड्डी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, इसलिए उनका तेलंगाना स्थित एक अस्पताल में इलाज़ चल रहा था. शनिवार रात को पूर्व केंद्रीय मंत्री की तबीयत एक बार फिर से बिगड़ी.

जिसके बाद उन्हें एआईजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उनकी मौत हो गई.

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जयपाल रेड्डी 77 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए.

जयपाल रेड्डी का जन्म 16 जनवरी 1942 को हैदराबाद के मदगुल में हुआ था. हालांकि, अब यह तेलंगाना राज्य के अंतर्गत आता है. उन्होंने 7 मई 1960 को लक्ष्मी से शादी रचाई थी. उनके दो बेटे और एक बेटी है.

जयपाल रेड्डी यूपीए सरकार के दौरान केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री रह चुके हैं.

जयपाल रेड्डी ने 1998 में आईके गुजराल कैबिनेट में सूचना और प्रसारण के लिए केंद्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया था. उन्होंने हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय से एम.ए. की पढ़ाई पूरी की थी.

जयपाल रेड्डी 1969 से 1984 के बीच आंध्र प्रदेश के कलवाकुर्ती से चार बार विधायक रहे थे. वह कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे लेकिन आपातकाल के दौरान उन्होंने पार्टी छोड़ दी और 1977 में जनता पार्टी में शामिल हो गए थे.

मुख्यमंत्री ने सभी महापौरों, सभापतियों और अध्यक्षों से : घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने की अपील की

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर आधारित एक कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य के भाग लेने आए सभी नगर निगम के महापौरों, सभापतियों, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत के अध्यक्षों से आग्रह किया कि वे अपने शासकीय आवास के साथ-साथ अपने निजी घरों में सबसे पहले वाटर हार्वेस्टिंग लगाएं। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महापौर और अध्यक्ष अपने शहर के प्रथम नागरिक होते है। उन्होंने कहा आज पूरी दुनिया में जल संकट बढ़ता जा रहा है और हम नागरिकों से वाटर हार्वेस्टिंग लगाने की अपील कर रहे हैं। इसके लिए जरूरी है सबसे पहले हमारे यहां वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे।
 
    मुख्यमंत्री ने इसी तरह नगरीय निकायों से अधिकारियों से पूछा कि उनके घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है कि नहीं ? उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने शासकीय आवास के साथ निजी घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थापित करने के निर्देश दिए और सभी नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे अपने घरों में अनिवार्य रूप से इसे लगाएं। 

रेन वाटर हार्वेस्टिंग का एक अच्छा उदाहरण राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोरबंदर स्थित निवास का..

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर आधारित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोरबंदर स्थित निवास रेन वाटर हार्वेस्टिंग का एक अच्छा उदाहरण है। इस मकान में बरसात का पानी मकान के प्रांगण में बनाए गए कुएं में संग्रहित होता है और यह पानी साल भर रहता है।  

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2001 से उनके निवास स्थल में भी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित हैं। उन्होंने बताया इस हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के बाद उनका ट्यूबवेल कभी नहीं सूखा और ना ही निस्तारी और शुद्ध पेयजल में कोई परेशानी नहीं आई, जबकि आस-पास के क्षेत्रों में पानी सूख जाता है।  

देखने के बाद कहीं डर न जाएं आप, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है यह इंसानी चेहरे वाला पर्स

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वायरल वीडियो में देखा साफ देखा जा सकता है कि यह पर्स देखने में बिल्कुल किसी इंसान के मुंह के आकार का है. इस पर्स को खोलने के लिए पहले इसके होंठों को खोलना पड़ता है. जिसे खोलने पर आप देख सकते हैं कि इसके अंदर दांत भी दिखाई देते हैं.

नई दिल्लीः आज के समय में हर कोई पर्स यूज करता है. लोग अलग-अलग तरह के पर्स में अपने पास रखते हैं, लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पर्स इतना अजीब है कि इसे देखकर आप डर जाएंगे. जी हां, यह एक ऐसा पर्स है, जिसे देखकर आपकी चीख निकल जाएगी. दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पर्स का आकार इंसानी चेहरे जैसा है, जो की बीच से कटा हुआ है. ऐसे में जो कोई भी इस पर्स को पहली बार देखता है, डर से उसकी चीख निकल जाती है. यहां तक की कई लोग तो इसे देखने के बाद डर कर फेंक भी देते हैं.

बता दें इस पर्स को सिक्के रखने के लिए बनाया गया है. हालांकि, यह बात और है कि इसे देखने वाला इसे पर्स की जगह कुछ और ही समझ बैठता है. वैसे तो यह पर्स देखने में काफी विचित्र लगता है, लेकिन साथ ही साथ लोगों को आकर्षित भी करता है. इंसानी मुंह वाले इस पर्स का वीडियो सोशल मीडिया पर जब से शेयर किया गया है, तब से लेकर अब तक इसे लाखों बार देखा जा चुका है. वहीं हजारों लोग इसे शेयर भी कर चुके हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में पर्स एक आदमी के मुंह की तरह दिखाई दे रहा है, जिसकी दाढ़ी भी है.

https://twitter.com/44doooo/status/1134776852784877569

इस पर्स को बनाने वाली कंपनी का कहना है कि उन्हें इस पर्स को बनाने में करीब 2 महीने का समय लगा. हालांकि, यह बात और है कि अब यह बिकने की बजाय चर्चा का विषय बना हुआ है. वायरल वीडियो में देखा साफ देखा जा सकता है कि यह पर्स देखने में बिल्कुल किसी इंसान के मुंह के आकार का है. इस पर्स को खोलने के लिए पहले इसके होंठों को खोलना पड़ता है. जिसे खोलने पर आप देख सकते हैं कि इसके अंदर दांत भी दिखाई देते हैं. इंसानी चेहरे वाले इस पर्स के होंठ खोलने के बाद आप इसके दांतों के बीच सिक्के रख सकते हैं और इसे बंद कर दें. इस पर्स के होठों, मुंह और जबड़ों को देखकर ऐसा लगता है, जैसे यह सच में किसी इंसान का चेहरा है.

लोकसभा सांसद श्री अधीर रंजन चौधरी ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में लोकसभा सांसद श्री अधीर रंजन चौधरी ने सौजन्य मुलाकात की।