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ई-संवर्ग ऑनलाइन ओपन काउंसिलिंग का द्वितीय दिवस सफलतापूर्वक संपन्न

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रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी  आदेश के अनुसार व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.) तथा प्रधानपाठक (माध्यमिक शाला) ई-संवर्ग की ऑनलाइन ओपन काउंसिलिंग 21 से 24 नवंबर 2025 तक शासकीय शिक्षा शिक्षक महाविद्यालय, शंकर नगर, रायपुर में आयोजित की जा रही है। वरिष्ठता सूची के आधार पर नियमानुसार काउंसिलिंग की प्रक्रिया व्यवस्थित रूप से जारी है।

22 नवंबर 2025 को काउंसिलिंग के द्वितीय दिन प्रथम पाली में कुल 150 में से 143 अभ्यर्थी उपस्थित हुए तथा 7 अनुपस्थित रहे। वहीं द्वितीय पाली में कुल 149 में से 141 अभ्यर्थी उपस्थित हुए और 8 अनुपस्थित रहे। इस प्रकार दो दिनों में कुल 599 अभ्यर्थियों में से 568 ने काउंसिलिंग में भाग लिया जबकि 31 अनुपस्थित रहे। इनमें से 36 अभ्यर्थियों ने स्थान चयन से इंकार किया तथा 532 अभ्यर्थियों ने अपनी स्वेच्छा से विद्यालय चयन किया। अब तक काउंसिलिंग में उपस्थिति का कुल प्रतिशत 94.82 दर्ज किया गया है।

काउंसिलिंग में सम्मिलित सभी व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.) एवं प्रधानपाठक (माध्यमिक शाला) ई-संवर्ग के अभ्यर्थियों को ऑनलाइन ओपन काउंसिलिंग के माध्यम से मनोनुकूल शाला में पदस्थापना हेतु सहमति पत्र प्रदान किए गए हैं। विभाग द्वारा संपूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है।

“G20 में पीएम मोदी की 4 फोटो-1 वीडियो: देखिए ग्लोबल लीडर्स के साथ उनकी खास बॉन्डिंग”

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दुनिया के सबसे बड़े मंचों में से एक जी20 समिट इस बार साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में हो रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस समिट में शामिल होने पहुंचे हैं।

जहां वर्ल्ड लीडर्स के साथ उनकी बॉन्डिंग साफ देखने को मिली। जब पीएम मोदी नासरेक एक्सपो सेंटर पहुंचे तो पूरा माहौल ही बदल गया। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने खुद आगे बढ़कर उनका स्वागत किया। इसके बाद दुनियाभर के नेताओं ने भारतीय प्रधानमंत्री से मुलाकात की।

G20 में पीएम मोदी की दुनियाभर के नेताओं से मुलाकात

इस समिट में पीएम मोदी ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी से बातचीत की और हाथ मिलाया। इस दौरान दोनों लीडर हंसते हुए नजर आए। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला को गले लगाया। राष्ट्रपति लूला पीएम मोदी भारत के लिए कितना खास G20 समिट?

दक्षिण अफ्रीका में हो रहे जी20 समिट भारत के लिए बेहद खास है। इसकी एक नहीं कई वजहे हैं। 2023 में जब भारत जी20 की अध्यक्षता कर रहा था, तब भारत ने अफ्रीकन यूनियन को इस समिट की स्थायी सदस्यता दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। आज, जब पहली बार यह समिट अफ्रीका की धरती पर हो रही है, तो अफ्रीकी देशों के दिल में भारत के लिए एक अलग ही सम्मान दिख रहा है। पीएम मोदी जब शुक्रवार को अफ्रीका पहुंचे तो वहां के कलाकारों ने जमीन पर लेटकर उनका स्वागत किया। इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रूस के प्रेसीडेंट पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के न आने से भी भारत की मौजूदगी और भी ज्यादा अहम हो गई है। पीएम मोदी तीनों अहम सत्रों में पीएम मोदी आर्थिक विकास, जलवायु से जुड़े मुद्दों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारत की सोच दुनिया के सामने रखेंगे। यह समिट भारत को ग्लोबल साउथ की आवाज और विकासशील देशों के लीडर के रूप में और ज्यादा मजबूत तरीके से सामने आने का मौका दे रही है। यही वजह है कि इस बार G20 भारत के लिए बहुत खास माना जा रहा है।

“Medicine Price Hike: बढ़ सकती हैं दवाओं की कीमत! सरकार के एक फैसले से MSME सेक्टर को लगेगा बड़ा झटका, जानें वजह”

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देश में दवाओं की कीमतें आने वाले दिनों में महंगी हो सकती हैं। सरकार फार्मास्यूटिकल सेक्टर में उपयोग होने वाले कच्चे माल यानी फार्मा इनपुट्स पर मिनिमम इंपोर्ट प्राइस (MIP) लागू करने की तैयारी कर रही है। इस बदलाव का सीधा असर दवाएं बनाने वाली कंपनियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।

क्यों बढ़ सकती हैं दवाओं की कीमतें?

फार्मा इंडस्ट्री के अनुसार, कई महत्वपूर्ण कच्चे माल पर MIP लागू होने से API (Active Pharmaceutical Ingredients) की लागत बढ़ेगी। जब इनपुट महंगे होंगे तो दवाएं भी महंगी होना तय है। कंपनियों का कहना है कि यह कदम घरेलू उत्पादकों की रक्षा के लिए तो जरूरी है, लेकिन इसका असर दवा निर्माताओं पर भारी पड़ेगा, खासकर छोटे और मझोले MSME यूनिट्स पर।

किस कच्चे माल पर विचार कर रही है सरकार? सरकार तीन अहम कच्चे माल पर MIP लागू करने पर विचार कर रही है:

➤ Penicillin-G ➤ 6-APA ➤ Amoxicillin ➤ ये सभी एंटीबायोटिक दवाएं बनाने में इस्तेमाल होने वाले सबसे जरूरी तत्व हैं। ➤ उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इनकी कीमत बढ़ने से देश में आम दवाइयां भी सस्ती नहीं रहेंगी।

MSME सेक्टर पर बड़ा असर रिपोर्ट्स के अनुसार: ➤ 10,000 से अधिक MSME यूनिट्स प्रभावित हो सकती हैं ➤ करीब 2 लाख नौकरियां जाने का खतरा ➤ कई छोटी फैक्ट्रियां लागत बढ़ने के कारण बंद होने की कगार पर आ सकती हैं ➤ सितंबर में सरकार ने ATS-8 के आयात पर 30 सितंबर 2026 तक 111 डॉलर/kg का MIP तय किया था। ➤ इसके बाद सल्फाडायजीन पर भी 1,174 रुपये/kg का MIP लागू किया गया। अब नई घोषणा और दबाव बढ़ा सकती है।

सरकार का नजरिया – आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

➤ कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि MIP लागू करना भारत की आत्मनिर्भर फार्मा इंडस्ट्री बनाने की दिशा में जरूरी कदम है। भारत कच्चे माल के लिए काफी हद तक चीन पर निर्भर है।  ➤ 2020 में सरकार ने PLI (Production Linked Incentive) स्कीम शुरू की थी ➤ घरेलू उत्पादन बढ़ाना और विदेशी निर्भरता कम करना ➤ सरकार की सोच है कि MIP से भारतीय कंपनियों को वैश्विक बाजार के मुकाबले टिकने का मौका मिलेगा।

इंडस्ट्री की चिंता – संदेश गलत न जाए

➤ कुछ उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि: ➤ PLI स्कीम का मकसद इन कच्चे माल की कीमतें नियंत्रित करना नहीं था। ➤ अगर MIP लागू हुआ तो यह संकेत जा सकता है कि PLI लाभ लेने वाले निर्माता अतिरिक्त सुरक्षा चाहते हैं। ➤ इससे प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है और बाजार में असंतुलन बढ़ सकता है।

क्या आगे हो सकता है?

➤ दवाओं के दामों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी ➤ MSME पर दबाव, कुछ यूनिट्स बंद होने का खतरा ➤ घरेलू उत्पादकों को संरक्षण, लेकिन मरीजों पर महंगाई का बोझ ➤ फार्मा सेक्टर में नई नीतियों पर आगे और चर्चा संभव’

“कांग्रेस नेताओं ने दुर्भावनापूर्ण कारणों से सरदार पटेल के योगदान की अनदेखी की: जे पी नड्डा”

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शनिवार को देश को एकजुट करने में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान की सराहना की और आरोप लगाया कि कांग्रेस की ”साजिश” के कारण भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री को आजादी के बाद चार दशकों तक इतिहास में वह सम्मान नहीं मिल सका जिसके वह ”सच्चे हकदार” थे

नड्डा ने कहा कि अगर किसी ने सरदार पटेल को देश के इतिहास में ”सही और उचित स्थान” दिया है, तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। भाजपा अध्यक्ष ने पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में ”ऐट 150 यूनिटी मार्च’ को हरी झंडी दिखाने के बाद एक कार्यक्रम में ये टिप्पणियां कीं। पटेल भारत के पहले गृह मंत्री भी रहे। नड्डा ने कहा, ”अंग्रेज चाहते थे कि भारत कमजोर और विभाजित रहे।

हमें उस मानसिकता से भी मुक्ति मिली। हमारा देश 562 रियासतों में बंटा हुआ था। हम विदेशी शासन के अधीन रहे क्योंकि हम विभाजित थे।” उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने दो साल के भीतर इन रियासतों को एकजुट कर एक राष्ट्र बनाया। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा, ”उन्होंने एक विभाजित भूमि को एक मजबूत और एकजुट भारत – ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ में बदल दिया।

लेकिन दुर्भाग्य से इतिहास और देश में उन्हें जो सम्मान मिलना चाहिए था, उसकी कांग्रेस के शासनकाल में कांग्रेस नेताओं ने दुर्भावनापूर्ण और स्वार्थी कारणों से अनदेखी की।” भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आजादी के बाद चार दशकों (1950 से 1991) तक कांग्रेस सत्ता में रही, फिर भी तब के किसी भी प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल को भारत रत्न नहीं दिया। नड्डा ने आरोप लगाया, ”यह सुनिश्चित करने के लिए षड्यंत्र रचे गए कि इतिहास में उन्हें वह सम्मान न मिले जिसके वह हकदार थे।” उन्होंने कहा कि अगर किसी ने यह सुनिश्चित किया है कि सरदार पटेल को इतिहास में उनका उचित स्थान मिले, तो वह प्रधानमंत्री मोदी हैं। नड्डा ने कहा, ”वास्तव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि दी। उनके नेतृत्व में केवडिया में सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा का निर्माण किया गया।”

“Weather Update: 70 घंटे में इस भयानक तूफान की दस्तक, समुद्र में उठेगा उफान; इन राज्यों में बढ़ा खतरा”

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देश में इन दिनों ठंडी अपने चरम पर है खासतौर से उत्तर भारत में कोहरे की चादर बिछ रही है. दिल्ली NCR में भी हल्की ठंड पड़ने लगी है. यहां प्रदूषण के चलते समस्या और बढ़ गई है.

मौसम विभाग के मुताबिक 22 नवंबर 2025 को पश्चिम और मध्य भारत में अगले 3 दिनों में न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है. वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में रात के समय तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी जा सकती है.

दिल्ली में सांस लेना दूभर

दिल्ली में इन दिनों सांस लेना दूभर हो गया है. शहर में प्रदूषण के चलते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है. शुक्रवार को भी 370 AQI के साथ एयर क्वालिटी बेहद खराब रही. मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहने वाला है. वहीं अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने वाला है. IMD के मुताबिक शनिवार और रविवार को आसमान साफ रहेगा और प्रदूषण को छोड़ दें तो मौसम खुशनुमा रहेगा.

पहाड़ों में बर्फबारी

पहाड़ों में ठंडी बढ़ चुकी है. हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के ऊंचे इलाके में मौसम विभाग ने 3-4 डिग्री सेल्सियस तापमान गिरने की संभावना जताई है. वहीं बर्फबारी के चलते रोहतांग दर्रा को भी बंद कर दिया गया है. उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी भारी बार्फबारी होने वाली है. खासतौर पर बदरीनाथ और कैदारनाथ के आसपास तापमान माइनस में पहुंचने वाला है. जम्मू-कश्मीर में अगले हफ्ते गुलमर्ग, श्रीनगर और सोनमर्ग में भारी बर्फबारी पड़ने वाली है. यहां बर्फ पड़ने से ठंड और बढ़ गई है.

सेन्यार साइक्लोन लाएगा तबाही?

मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में नए चक्रवाती सर्कुलेशन की संभावना के बीच साउथ इंडिया में तूफान और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. 22-24 नवंबर 2025 को केरत समेत आंध्र प्रदेश और तटीय तमिलनाडु में भी भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान 55 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज हवा चलने की संभावना है. बताया जा रहा है कि सेन्यार साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते भारी तबाही भी हो सकती है.

“कॉन्सेप्ट ही कुछ ऐसा है, हिंदू नहीं रहेगा तो दुनिया भी नहीं रहेगी… मोहन भागवत का बड़ा बयान”

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दुनिया के सबसे बड़े समसामयिक और राष्ट्रवादी और हिंदुत्ववादी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू समाज के अस्तित्व से जुड़ा बड़ा प्रासंगिक बयान दिया है.

मणिपुर में भागवत ने कहा, ‘दुनिया का अस्तित्व हिंदू समाज के अस्तित्व से जुड़ा है. हिंदू समाज ही दुनिया का अस्तित्व बनाए रखने के लिए जरूरी है. हिंदुओं के बिना तो दुनिया का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा’. कूकी और मैतेयी के बीच लंबे जातीय संघर्षों के बाद मणिपुर की अपनी पहली यात्रा पर आए आरएसएस प्रमुख ने हिंदू समाज को धर्म का वैश्विक संरक्षक बताते हुए ये बयान दिया.

‘कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी’

भागवत ने ये भी कहा, ‘हिंदू समाज अमर है. भारत ने युनान (ग्रीस), मिस्र (मिस्र) और रोम जैसे साम्राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है. दुनिया के हर देश ने हर तरह की परिस्थितियां देखी हैं. युनान (ग्रीस), मिस्र (मिस्र) और रोमा, सभी सभ्यताएं धरती से विलुप्त हो गईं. हमारी सभ्यता में कुछ तो है जिसकी वजह से हम आज भी यहां हैं. जातीय संघर्षों के बाद मणिपुर की अपनी पहली यात्रा पर आए आरएसएस प्रमुख ने हिंदू समाज को धर्म का वैश्विक संरक्षक बताया.

हिंदू समुदाय हमेशा रहेगा: भागवत

सरसंघचालक मोहन भागवत ने बात आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘भारत एक अमर सभ्यता का नाम है. हमने अपने समाज में एक ऐसा जाल बिछाया है जिसकी वजह से हिंदू समुदाय हमेशा रहेगा. अगर हिंदू धर्म नष्ट हो गया, तो दुनिया की तमाम सभ्यताएं भी नष्ट हो जाएंगी. अगर हिंदू नष्ट हो गए, तो दुनिया का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा.’

‘भारत में सब हिंदू’

इससे पहले, भागवत ने इस बात पर जोर दिया था कि भारत में कोई भी गैर-हिंदू नहीं है, क्योंकि मुसलमान और ईसाई एक ही पूर्वजों के वंशज हैं. भाजपा के वैचारिक संरक्षक, आरएसएस प्रमुख ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि देश को मज़बूत बनाने के लिए उसकी अर्थव्यवस्था का पूरी तरह आत्मनिर्भर होना ज़रूरी है. भागवत ने आगे कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए सैन्य क्षमता और ज्ञान क्षमता समान रूप से महत्वपूर्ण हैं.

“उत्तर और दक्षिण गोवा में AAP ने 22 जिला पंचायत उम्मीदवार उतारे, सभी 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान”

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गोवा की राजनीति में आम आदमी पार्टी ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है. जिला पंचायत चुनावों के लिए पार्टी अब तक 22 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है और साफ कह दिया है कि इस बार वह सभी 50 सीटों पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी.

यह ऐलान सिर्फ नामों की सूची भर नहीं है, बल्कि यह उस नई राजनीतिक दिशा का संकेत है जिसमें AAP गोवा के गांवों, कस्बों और स्थानीय निकायों को सक्रिय और मजबूत बनाना चाहती है. यह कदम यह भी दिखाता है कि पार्टी ने गोवा में अपनी संगठनात्मक पकड़ को पिछले कुछ वर्षों में न सिर्फ बढ़ाया है, बल्कि उसे चुनाव जीतने की क्षमता वाली ठोस संरचना में बदल दिया है.

विकसित गोवा का मॉडल

AAP की यह सूची साफ-सुथरी राजनीति, पारदर्शिता और जनसेवा पर आधारित उसकी पहचान को दोहराती है. जिन चेहरों को टिकट दिया गया है, उनमें युवाओं, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अलग-अलग समुदायों के प्रतिनिधियों का संतुलित और समावेशी मिश्रण है. यह वही मॉडल है जिसके चलते दिल्ली और पंजाब में पार्टी पंचायतों से लेकर सरकार तक बदलाव का प्रतीक बनी. अब यही ऊर्जा पूरे गोवा में भी दिखाई देने लगी है. गांवों में पानी, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और पारदर्शी प्रशासन की मांग को लेकर जनता जिस पार्टी की तरफ देख रही थी, यह घोषणा उसी भरोसे की पुष्टि करती है.

‘बीजेपी से नाराजगी’

इसके विपरीत, गोवा में बीजेपी सरकार पर जनता की नाराज़गी बढ़ती दिख रही है. विकास के दावे सोशल मीडिया और पोस्टरों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर पंचायतों की शक्तियों को लगातार कमजोर किया गया है. ग्रामीण इलाकों में महंगाई, रोजगार की कमी और भ्रष्टाचार के मुद्दे लगातार उठ रहे हैं, लेकिन सरकार की प्राथमिकता केवल राजनीतिक प्रचार और बड़े-बड़े वादों में नज़र आती है. ऐसे माहौल में आम आदमी पार्टी का यह आक्रामक प्रवेश बीजेपी के लिए सीधी चुनौती है.

AAP ने यह साफ कर दिया है कि वह चुनाव लड़ने नहीं, बल्कि गोवा की राजनीति को एक नया रास्ता दिखाने आई है, वह रास्ता जिसमें जनता, पंचायतें और स्थानीय नेतृत्व केंद्र में हों, न कि सत्ता का एकाधिकार. घोषित उम्मीदवारों की सूची और पार्टी की तैयारी को देखकर यह साफ हो रहा है कि गोवा का यह चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है. आज की इस घोषणा के बाद एक बात बिल्कुल तय है, गोवा की राजनीति अब पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगी. आम आदमी पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतर चुकी है और इस बार मुकाबला सीधा, तेज़ और बेहद असरदार होने वाला है.

“दिल्ली धमाका ही नहीं अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट से भी जुड़ा था फरीदाबाद के ‘अल-फलाह’ का नाम, अब अल्पसंख्यक दर्जे पर मिला नोटिस”

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दिल्ली कार ब्लास्ट की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है. वैसे-वैसे राजधानी से सटे फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी से रची गई भारत विरोधी साजिशों और गुनाहों की लिस्ट लंबी होती जा रही है.

अब सूत्रों के हवाले से पता चला है कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (NCMEI) ने अल-फलाह यूनीवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. एजेंसी ने यूनिवर्सिटी के कर्ताधर्ताओं से पूछा है कि दिल्ली ब्लास्ट से इसके कनेक्शन लगातार जुड़ने के मद्देनजर इसका अल्पसंख्यक दर्जा क्यों न वापस ले लिया जाए.

दिल्ली ब्लास्ट और अलफलाह यूनिवर्सिटी

फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय तब सुर्खियों में आया था जब डॉ. उमर नबी, जो 10 नवंबर को लाल किले के पास विस्फोटकों से लदी कार चला रहे थे, और आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील गनई विश्वविद्यालय में काम करते थे. दिल्ली धमाके में 15 लोग मारे गए थे, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे. अब एनसीएमईआई के सूत्रों ने एएनआई को बताया कि शुक्रवार को उन्होंने नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई की तारीख 4 दिसंबर तय की गई है.

सवालों के घेरे में कर्ताधर्ता

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के साथ-साथ हरियाणा के शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को रिपोर्ट सौंपने के लिए नोटिस जारी किया गया है. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (एनसीएमईआई) एक अर्ध-न्यायिक निकाय है और इसे इस उद्देश्य के लिए न्यायिक, सलाहकार और अनुशंसात्मक शक्तियां प्रदान की गई हैं. केंद्र सरकार ने मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी और जैन सहित छह धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों को अधिसूचित किया है.

साजिश ही साजिश

शनिवार सुबह फरीदाबाद पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास स्थित धौज गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया. इससे पहले इंदौर के महू कैंटोनमेंट बोर्ड ने अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी की पैतृक संपत्ति को हटाने का नोटिस जारी हुआ. प्रशासन के मुताबिक उसका निर्माण रक्षा मंत्रालय की जमीन पर अवैध रूप से हुआ था.

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की जांच में हाल ही में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक डॉक्टर उमर नबी ऐसा पहला बंदा नहीं है जिसका नाम अल-फलाह और आतंकवाद दोनों से जुड़ा हो. अल-फलाह के एक और पूर्व छात्र मिर्ज़ा शादाब बेग का नाम आतंकी गतिविधियों में शामिल पाया गया था. इंडियन मुजाहिदीन के मेंबर बेग ने 2007 में फरीदाबाद के अल-फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन में बीटेक पूरा किया था. अगले साल 2008 के उसकी अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में सीधी भूमिका दिखी थी.

“G-20 समिट के लिए साउथ अफ्रीका पहुंचे PM मोदी का रेड कार्पेट वेलकम, एजेंडे में क्या-क्या?”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में हो रहे G-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को जोहान्सबर्ग पहुंचे। PM मोदी गौतेंग स्थित वाटरलूफ वायुसैनिक अड्डा पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

दक्षिण अफ्रीकी वायु सेना की ओर से उन्हें रेड कार्पेट पर सलामी भी दी गई। एयरपोर्ट पर दक्षिण अफ्रीका के ‘मिनिस्टर इन द प्रेसिडेंसी’ ने मोदी की अगवानी की। एक सांस्कृतिक दल ने उनके स्वागत में पारंपरिक नृत्य और गीत प्रस्तुत किए। एक सांस्कृतिक दल ने पारंपरिक नृत्य और गीतों की प्रस्तुति देकर प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया।

पीएम मोदी यहां पहली बार अफ्रीका महाद्वीप में आयोजित हो रहे G20 समिट में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। जोहान्सबर्ग पहुंचते ही PM मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से मुलाकात की है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। वहीं इस दौरान अल्बानीज ने दिल्ली में हुए हालिया ब्लास्ट और सऊदी अरब में हुए बस हादसे में भारतीयों की मौत पर संवेदना भी व्यक्त की।

एजेंडे में क्या-क्या?

PM मोदी ने अफ्रीका पहुंचने पर सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “G20 समिट से जुड़े कार्यक्रमों के लिए जोहान्सबर्ग पहुंचा हूं। वैश्विक मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ उपयोगी चर्चा का इंतजार है।” गौरतलब है कि यह समिट इसलिए भी खास है क्योंकि भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान 2023 में अफ्रीकन यूनियन को G20 का सदस्य बनाया गया था और अब पहली बार अफ्रीका में यह सम्मेलन हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बैठक का लक्ष्य वैश्विक सहयोग को मजबूत करने, विकास से जुड़ी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और सभी के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने पर रहेगा।

भारतीय समुदाय से मुलाकात

PM रवानगी से पहले पीएम मोदी ने कहा था कि वे समिट में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ की सोच के साथ भारत का पक्ष रखेंगे। वह जोहान्सबर्ग में हो रही भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की त्रिपक्षीय IBSA समिट में भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वह दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे, जो भारत के बाहर सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक है। समिट में मौजूद कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं भी प्रस्तावित हैं।

भारत की अहम भूमिका

G-20 समिट के दौरान PM मोदी तीनों सत्रों में नेताओं को संबोधित करेंगे। इन सत्रों में समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास, कर्ज संकट, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा, प्राकृतिक आपदा जोखिम, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सम्मानजनक रोजगार और महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच जैसे विषयों पर चर्चा होगी। गौरतलब है कि जोहान्सबर्ग में होने वाला यह सम्मेलन कई वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए अहम माना जा रहा है और इस मंच पर भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना से प्रदेश के विकास में जुड़ा नया आयाम

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना से प्रदेश के विकास में नया आयाम जुड़ रहा है। छत्तीसगढ़ के युवा अब दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक में अपनी जगह बना रहे हैं। सेमीकंडक्टर क्रांति के साथ छत्तीसगढ़ देश के उच्च-प्रौद्योगिकी मानचित्र पर उभर रहा है।

पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा राज्य में सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विज़न और केंद्र सरकार की अग्रणी तकनीकी नीतियों का परिणाम है।

पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, जो भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप निर्माता कंपनी है, छत्तीसगढ़ में ₹1143 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई स्थापित कर रही है। डेढ़ लाख वर्ग फीट क्षेत्र में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स का उत्पादन करेगा, जो टेलीकॉम, 6G/7G, लैपटॉप, पावर-इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उभरती तकनीकों में उपयोग होंगे। इस प्लांट से छत्तीसगढ़ के अनेक युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है।

पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स ने छत्तीसगढ़ के चयनित युवाओं की पहली सूची जारी की है, जिनमें अधिकांश छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग और कॉमर्स ग्रेजुएट्स शामिल हैं। चयनित युवाओं में में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से कुल 12 युवा शामिल हैं।

इनमें दुर्ग से आभार मेहूंकर (B.Tech–EEE), भिलाई से अभिषेक काशी (B.Tech–E&T), बालोद से नवीन कुमार देवांगन (B.Tech–ME), रायपुर से कुणाल यादव (BE–Mechanical), बस्तर से तुषार देवांगन (B.Tech–E&T), रायपुर से अपूर्व देवांगन (B.Tech–E&T), भिलाई की धारा सरपे (B.Tech–EEE), रायपुर के अरिन सोनी (B.Tech–E&T), रायगढ़ की तरू यादव (B.Tech–E&T), भिलाई के तुषार कुमार ठाकुर (BE–Mechanical), रायपुर के भूपेंद्र यादव (B.Com) तथा बालोद के अबिश सी. थॉमस (M.Com) को प्रशिक्षण एवं नियुक्ति के लिए चयनित किया गया है।

कंपनी के अधिकारियों ने बताया है कि चयनित युवाओं को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए चेन्नई में ट्रेनिंग दी जाएगी। युवाओं के एयर ट्रैवल, आवास, भोजन सहित सभी खर्च कंपनी वहन करेगी। इसके बाद चयनित युवाओं को एस्टोनिया, सिंगापुर और फ्रांस स्थित पॉलीमैटेक के वैश्विक प्लांट्स में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सभी चयनित उम्मीदवार फ्रेश इंजीनियर्स हैं। मार्च 2026 तक चयनित युवाओं की संख्या बढ़कर 200 से 250 तक हो जाएगी।

सीएम साय ने कहा कि “सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना से प्रदेश के विकास में एक नया तकनीकी अध्याय जुड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विज़न के अनुरूप छत्तीसगढ़ अब उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेज़ी से उभर रहा है। पॉलीमैटेक द्वारा राज्य के युवाओं को चयनित कर उन्हें चेन्नई सहित एस्टोनिया, सिंगापुर और फ्रांस के वैश्विक प्लांट्स में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करना इस बात का प्रमाण है कि हमारे युवाओं की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है। यह अवसर न केवल रोजगार का माध्यम बनेगा, बल्कि युवाओं को अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर तकनीक की गहन समझ देकर उन्हें भविष्य का तकनीकी नेतृत्व प्रदान करेगा। हमारी सरकार हर निवेशक को पूर्ण सहयोग और हर युवा को विश्वस्तरीय कौशल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।”