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उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सर्वमंगला मंदिर में की पूजा अर्चना, जिले और प्रदेशवासियों के खुशहाली और समृद्धि की कामना की

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वाणिज्य, उद्योग,आबकारी श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन आज सोमवार को शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन के अवसर पर कोरबा के मां सर्वमंगला मंदिर पहुंचकर मां सर्वमंगला की पूजा अर्चना कर जिले वासियों और प्रदेशवासियों के खुशहाली और समृद्धि की कामना की। साथ ही सभी श्रद्धालु को नवरात्रि की बधाई एवं शुभकामनाए दी।

इसी तरह श्री अग्रसेन जयंती के अवसर पर श्री अग्रवाल सभा कोरबा द्वारा आयोजित भव्य शोभायात्रा में भी मंत्री श्री देवांगन शामिल हुए। जहाँ श्री गोपाल मोदी और महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत के साथ श्री अग्रसेन जी महराज की पूजा अर्चना कर सभी को इस पावन अवसर की बधाई एवं शुभकामनाए दी।

श्रीरामलला दर्शन एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से पूरे हो रहे श्रद्धालुओं के सपने : वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

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रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम ऑडिटोरियम में श्रीरामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में भव्य सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने भगवान श्रीराम की छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। रामायण आरती के साथ वातावरण राममय हो उठा।

श्री चौधरी ने श्रद्धालुओं का चरणस्पर्श कर आशीर्वाद लिया और कहा कि यह योजना वास्तव में बुजुर्गों के सपनों को साकार करने वाली योजना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी का भगवान श्रीराम से गहरा नाता है। माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी थीं, इसलिए भगवान श्रीराम को हम भांजा मानते हैं। उन्होंने कहा कि त्रेतायुग में 14 वर्षों का वनवास समाप्त हुआ था, लेकिन कलियुग में राममंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों का संघर्ष करना पड़ा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक अयोध्या का भव्य मंदिर आज साकार हुआ है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि श्रद्धालुओं को श्रीरामलला और प्रमुख तीर्थों का दर्शन कराया जाएगा। आज श्रीरामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना हजारों परिवारों के लिए आशीर्वाद बन चुकी हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने गांवों में राम के आदर्शों और उनके चरित्र का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं।

यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं

जिला पंचायत सीईओ श्री जितेंद्र यादव ने बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए आवास, भोजन, परिवहन और चिकित्सा की संपूर्ण व्यवस्था की जाती है। प्रत्येक यात्री को विशेष पहचान पत्र भी प्रदान किया गया। इच्छुक श्रद्धालु आगामी यात्राओं के लिए जिला पंचायत और नगर निगम कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव

जिले के विभिन्न विकासखण्डों से अब तक 1206 श्रद्धालु (745 पुरुष एवं 461 महिलाएं) अयोध्या, काशी और अन्य तीर्थों का दर्शन कर चुके हैं। सम्मेलन में श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया।

पुसौर निवासी श्री खगेश्वर पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, वर्तमान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रयास से ही यह संभव हुआ। राजकुमारी साव ने यात्रा को सहज और सुखद बताते हुए कहा कि पूरी यात्रा परिवार जैसे वातावरण में पूरी हुई। उमेश सिंह सिदार ने कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान हेतु लगातार कार्य कर रही है। वहीं सावित्री भगत ने कहा कि अयोध्या दर्शन उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। सुनील थवाईत ने बताया कि यात्रा में स्वच्छ भोजन, सुरक्षा और स्वागत की उत्कृष्ट व्यवस्था रही। काशी और अयोध्या के दर्शन उनके जीवन के सबसे सुखद क्षण रहे।

सम्मेलन में योजनाओं से जुड़ी अविस्मरणीय स्मृतियों को समेटे हुए वीडियो प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक ग्रुप फोटो लिया गया। श्रद्धालुओं को स्मृति स्वरूप रामचरितमानस की पुस्तक, शाल, श्रीफल और यात्रा के फोटोग्राफ भेंट किए गए। इस अवसर पर नगर निगम रायगढ़ महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, नगर निगम सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ श्री जितेंद्र यादव और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

“देश का डिफेंस सेक्टर होगा और मजबूत, भारत ने मोरक्को के साथ की अहम डील”

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देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मोरक्को के रक्षा मंत्री अब्देलतिफ लौदियी ने सोमवार को रबात में एक बाइलैटरल मीटिंग की, जिसमें दोनों ने डिफेंस कोऑपरेशन के लिए एक MoU साइन किया. भारत के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये MoU इंडिया और मोरक्को के बीच बढ़ती पार्टनरशिप को मजबूत करने के लिए एक सॉलिड फ्रेमवर्क देता है.

इससे डिफेंस इंडस्ट्री में कोलैबोरेशन, जॉइंट एक्सरसाइज, मिलिट्री ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग का रास्ता खुलता है. यह डील भारत के डिफेंस सेक्टर को आने वाले दिनों में और मजबूत करेगी.

भारत और मोरक्को दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने इंडिया-मोरक्को की पुरानी दोस्ती को और गहरा करने का इरादा जाहिर किया. उन्होंने काउंटर-टेरेरिजम, मैरीटाइम सिक्योरिटी, साइबर डिफेंस, पीसकीपिंग ऑपरेशन्स, मिलिट्री मेडिसिन और एक्सपर्ट एक्सचेंज जैसे मुद्दों पर एक रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई. राजनाथ सिंह ने रबात में इंडियन एम्बेसी में एक नया डिफेंस विंग खोलने का ऐलान किया. उन्होंने इंडिया की डिफेंस इंडस्ट्री की मेच्योरिटी और अडवांस्ड कैपेबिलिटीज़, जैसे ड्रोन और काउंटर-ड्रोन टेक्नोलॉजीज़, को हाइलाइट किया और मोरक्को को भरोसा दिया कि इंडियन कंपनियां उनकी डिफेंस फोर्सेज की जरूरतें पूरी कर सकती हैं.

दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने आर्म्ड फोर्सेज के बीच एक्सचेंज बढ़ाने, ट्रेनिंग प्रोग्राम्स को सपोर्ट करने और डिफेंस सेक्टर में को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन के मौके तलाशने की जरूरत पर ज़ोर दिया. उन्होंने ग्लोबल और रीजनल सिक्योरिटी चैलेंजेस से निपटने के लिए मल्टीलैटरल कोऑपरेशन और इंडियन ओशन और अटलांटिक कॉरिडोर्स की स्ट्रैटेजिक अहमियत को देखते हुए मैरीटाइम सिक्योरिटी में क्लोज़र कोऑर्डिनेशन की बात भी कही.

डिफेंस के लिए माइलस्टोन- राजनाथ सिंह भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लौदियी को इंडिया में डिफेंस कोऑपरेशन बढ़ाने के लिए डिस्कशन के लिए औपचारिक न्योता भी दिया. भारत के रक्षा मंत्रालय ने इस मीटिंग को इंडिया-मोरक्को के डिफेंस रिलेशनशिप में एक अहम माइलस्टोन बताया, जो दोनों देशों के स्ट्रैटेजिक इंटरेस्ट्स के बीच बढ़ती साझेदारी को दिखाता है. मोरक्को एक मैरीटाइम नेशन है और इंडिया की तरह मेडिटरेनियन और अटलांटिक ओशन के कोस्टलाइन्स के साथ एक यूनीक जियोग्राफिकल पोजिशन रखता है. इंडिया-मोरक्को के रिलेशन्स 14वीं सदी से हैं, जब मशहूर ट्रैवलर और राइटर इब्न बतूता इंडिया आए थे. जॉइंट वर्किंग ग्रुप्स रेगुलरली मिलते हैं ताकि बाइलैटरल रिलेशनशिप्स को और मजबूत किया जा सके.

“महतारी सदन योजना से बदलेगा छत्तीसगढ़, महिला केन्द्रित विकास का बनेगा मॉडल- विष्णु देव साय”

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के करेली बड़ी गांव से प्रदेश के 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया. नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान शुरू की गई महतारी सदन योजना को सीएम साय ने प्रदेश की माताओं और बहनों की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण बताया.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माताओं-बहनों, के लिए गांवों में ही केंद्र बनाने महतारी सदनों के निर्माण की घोषणा सरकार ने की थी ताकि आप वहां एकत्रित होकर एक बड़ी सुविधापूर्ण जगह में मिल-जुलकर अपना काम कर सकें. आज यह बड़ा काम पूरा हुआ है.

महतारी सदन का हस्तांतरण प्रमाण पत्र इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद रूप कुमारी चौधरी, पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक अजय चन्द्राकर सहित सचिव निहारिका बारिक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने आस्था महिला संकुल संगठन करेली बड़ी की महिला समूह सदस्यों को महतारी सदन का हस्तांतरण प्रमाण पत्र भी सौंपा. मुख्यमंत्री ने परिसर मौलश्री का पौधा भी रोपा.

माताओं-बहनों की शक्ति और सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महतारी सदन माताओं-बहनों की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र होगा. महतारी सदन शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के द्वार खोलेंगे. उन्होंने कहा कि इन सदनों में महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा. माताएं-बहनों के लिए महतारी सदन में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, हस्तशिल्प, कृषि-आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे.

“बिहार में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, प्रियंका गांधी  26 को मोतिहारी में करेंगी बड़ी जनसभा”

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कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी बिहार के दौरे पर हैं। 26 सितंबर को वे मोतिहारी में अपनी पहली चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगी। विधानसभा चुनाव 2025 के दृष्टिकोण से इसे कांग्रेस का महत्वपूर्ण ‘शक्ति प्रदर्शन’ माना जा रहा है।

मोतिहारी के ऐतिहासिक गांधी मैदान से सभा की शुरुआत होगी। इसके अलावा पटना में सदाकत आश्रम में उनका कार्यक्रम है। कांग्रेस मुख्यालय में प्रियंका गांधी ‘महिला संवाद’ भी करेंगी।

मोतिहारी में जनसभा का कार्यक्रम प्रियंका गांधी की जनसभा दोपहर करीब 1 बजे शुरू होगी। वे लगभग 12.30 बजे मोतिहारी पहुंचेंगी। बता दें कि हाल ही में वे ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल होने बिहार आई थीं। चुनाव से पहले यह उनकी पहली बड़ी जनसभा होगी, जिससे कांग्रेस को वोटरों तक अपने संदेश को मजबूती से पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

अखिलेश सिंह का दावा: गांधी मैदान होगा छोटा राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश सिंह सोमवार (22 सितंबर, 2025) को मोतिहारी पहुंचे और प्रेस वार्ता में प्रियंका गांधी की ‘हर घर अधिकार यात्रा’ रैली के बारे में जानकारी दी। उनका कहना था कि 26 सितंबर का कार्यक्रम तय है और प्रियंका गांधी की रैली में मोतिहारी का गांधी मैदान भी छोटा पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी की रैली के मुकाबले इस सभा में तीन गुना अधिक लोग पहुंचेंगे। यह महागठबंधन की चुनावी रैली का शंखनाद भी साबित होगी।

पप्पू यादव का बयान: प्रियंका गांधी असली उत्तराधिकारी पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी मोतिहारी के सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता की। उन्होंने प्रियंका गांधी को इंदिरा गांधी का असली उत्तराधिकारी बताया। उनका कहना था कि प्रियंका गांधी की रैली बापू की कर्मभूमि मोतिहारी से शुरू होकर पूरे बिहार में कांग्रेस की ताकत का संदेश फैलाएगी।

सांसद पप्पू यादव ने यह भी कहा कि देश का बागडोर आजादी के बाद पहली बार एक कमजोर प्रधानमंत्री के हाथों में सौंपा गया है, जिनके हाथों में देश की सुरक्षा का प्रश्न खड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के निर्माण में सबसे बड़ा योगदान बिहार कांग्रेस का रहा है।

“फिर चौंकाने की तैयारी में मोदी-शाह की जोड़ी, सुधा यादव बन सकती हैं पार्टी की पहली महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष!”

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भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में फेरबदल को लेकर नवरात्रि के पावन अवसर पर नई सुगबुगाहट तेज हो गई है। लंबे समय से लंबित भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर अब जिस नाम पर अंदरखाने मंथन चल रहा है, वह है-डॉ. सुधा यादव।

 संसदीय बोर्ड की सदस्य और राष्ट्रीय सचिव के रूप में पहले से ही संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहीं सुधा यादव का नाम अब इस पद के लिए गंभीरता से चर्चा में है।

भाजपा नेतृत्व से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी एक बार फिर चौंकाने वाले फैसले की ओर बढ़ रही है। इस बार नजरें टिकी हैं उस महिला पर जो एक शहीद की पत्नी हैं, ओबीसी समुदाय से आती हैं और जिनका राजनीति में प्रवेश भी एक असामान्य परिस्थिति में हुआ था।

डॉ. सुधा यादव का भाजपा सफर वर्ष 1999 से शुरू होता है, जब नरेंद्र मोदी हरियाणा भाजपा के प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री हुआ करते थे। महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह के खिलाफ भाजपा उम्मीदवार उतारने के लिए मोदी ने जिस नाम पर भरोसा जताया, वह थीं डॉ. सुधा यादव-एक शिक्षिका, एक शहीद की पत्नी, और तब तक राजनीति से कोसों दूर।

प्रधानमंत्री मोदी के फोन कॉल और आग्रह ने डॉ. सुधा यादव को राजनीति में प्रवेश करने का मन बनाया। आर्थिक सहयोग की भी व्यवस्था मोदी ने स्वयं की-अपनी मां द्वारा दिए गए 11 रुपये से शुरुआत कर, उन्होंने पूरे हरियाणा से ₹7 लाख से अधिक की राशि जुटाकर उन्हें चुनाव लड़वाया। नतीजा? एक लाख से अधिक वोटों से ऐतिहासिक जीत। यह वह दौर था जब भाजपा हरियाणा में पैर जमाने के लिए संघर्ष कर रही थी, और सुधा यादव की जीत ने पार्टी के आत्मविश्वास को नया आधार दिया।

आज, जब भाजपा नेतृत्व महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशिता और शहीद परिवारों के प्रति सम्मान का संदेश देना चाहता है-डॉ. सुधा यादव का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ में एक रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है।

डॉ. सुधा यादव के शैक्षणिक रिकॉर्ड भी उतने ही प्रभावशाली हैं। रुड़की विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में एमएससी, पीएचडी, और गोल्ड मेडलिस्ट होने के साथ-साथ, वे एक शिक्षिका के रूप में अपने करियर की शुरुआत करना चाहती थीं। लेकिन पति के शहीद होने के बाद, देशसेवा का मार्ग राजनीति के रूप में उनके सामने आया।

2022 में जब भाजपा ने अपने संसदीय बोर्ड में बड़े बदलाव किए, तब नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान जैसे वरिष्ठ नेताओं को बाहर कर सुधा यादव को सदस्य बनाया गया। तब से वे भाजपा के निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई में एकमात्र महिला सदस्य हैं। यह पद उन्हें केवल प्रतीकात्मक रूप से नहीं, बल्कि संगठनात्मक सोच और विश्वसनीयता के आधार पर सौंपा गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से भी अब महिला नेतृत्व को प्राथमिकता दिए जाने के संकेत मिल रहे हैं। हाल ही में संघ द्वारा “मातृ शक्ति”, “नारी वंदन”, और “राष्ट्रीय सेविका समिति” के विस्तार कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में, शहीद परिवार से आने वाली, शिक्षित, और ओबीसी वर्ग की प्रतिनिधि सुधा यादव को भाजपा का शीर्ष चेहरा बनाना पार्टी के लिए न केवल सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से सटीक निर्णय होगा, बल्कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव और 2026 की राजनीतिक जमीन तैयार करने के लिहाज से भी अहम होगा।

बिहार में महिला मतदाताओं का प्रतिशत करीब 45% है और हाल ही में भाजपा-जेडीयू सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के तहत ₹10,000 की सहायता राशि देने की शुरुआत की गई है। यदि भाजपा अध्यक्ष पद पर एक महिला, और वह भी ओबीसी समुदाय से हो, तो यह विपक्ष-विशेष रूप से यादव बहुल आरजेडी और इंडिया गठबंधन-के लिए एक राजनीतिक चुनौती बन सकती है।

डिजिटल जनगणना और 33% महिला आरक्षण जैसे राष्ट्रीय मुद्दों के परिप्रेक्ष्य में भी भाजपा की यह रणनीति उसे ‘विकास और समावेशिता’ के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत कर सकती है।

राजनीतिक गलियारों में डॉ. सुधा यादव को प्रधानमंत्री मोदी की कोर टीम का हिस्सा माना जाता है। संगठन में वह कई बार ओबीसी मोर्चा की प्रभारी भी रही हैं और 2015 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया था। उनके अनुभव, संगठन में पकड़ और सामाजिक पृष्ठभूमि को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि यदि भाजपा उन्हें अपनी पहली महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाती है, तो यह पार्टी के लिए इतिहास रचने जैसा होगा।

“23 महीने बाद आज़ाद हुए आज़म खान, समर्थकों ने गर्मजोशी से किया स्वागत, रामपुर रवाना”

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समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म खान मंगलवार, 23 सितंबर 2025 को लगभग दो साल बाद सीतापुर जेल से रिहा हो गए। उनकी रिहाई की खबर मिलते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

जेल के बाहर सुबह से ही कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी रही, जिन्होंने फूल-मालाओं और नारेबाजी के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर उनके दोनों बेटे-अब्दुल्ला आज़म और अदीब आज़म-भी मौजूद रहे। रिहाई के बाद आज़म सीधे अपने गृहनगर रामपुर जाएंगे, जहां स्वागत के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं।

जेल के बाहर उमड़ा समर्थकों का सैलाब आज़म खान की रिहाई का इंतज़ार उनके समर्थक लंबे समय से कर रहे थे। जैसे ही वह जेल से बाहर आए, कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूलों की माला पहनाकर अभिवादन किया। सुबह से ही लोग ढोल-नगाड़ों के साथ उनके स्वागत के लिए पहुंचने लगे थे। रामपुर में भी पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत करने की तैयारियां पहले से कर रखी थीं।

कानूनी अड़चन बनी देरी की वजह हालांकि आज़म की रिहाई सुबह सात बजे तय थी, लेकिन कुछ कानूनी प्रक्रियाओं की वजह से इसमें देरी हो गई। अदालत में दो ज़रूरी बॉन्ड दाखिल होने बाकी थे, जिन्हें कोर्ट खुलने के बाद ही पूरा किया जा सका। जैसे ही अदालत ने दस्तावेज़ पूरे किए, रिहाई का आदेश जारी हो गया और आखिरकार आज़म खान जेल से बाहर आए।

बेटे अदीब की प्रतिक्रिया आज़म खान के बेटे अदीब आज़म ने पिता की रिहाई पर खुशी जताते हुए कहा, “आज का दिन पूरे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और भावुक है। हमारे अब्बा आज़म खान आज़ाद होकर बाहर आ रहे हैं। अब जो भी संदेश देना होगा, वे खुद देंगे।” समर्थकों के बीच यह बयान सुनकर माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।

अभी बाकी हैं कई मुकदमे गौरतलब है कि आज़म खान पर ज़मीन कब्ज़ाने सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से कुछ मामलों में उन्हें हाईकोर्ट से ज़मानत मिल चुकी है, जबकि कुछ मामलों की कानूनी प्रक्रिया अब भी जारी है। इन सबके बावजूद रिहाई को लेकर सपा कार्यकर्ताओं और आज़म खान के समर्थकों में गहरी राहत और उत्साह है।

“कोलकाता में भारी बारिश से तबाही, करंट लगने से 5 की मौत. कई जिलों में अलर्ट जारी”

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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। सोमवार देर रात से शुरू हुई तेज बारिश के बाद कई जगहों पर सड़कों ने नालों का रूप ले लिया।

घुटनों तक भरे पानी ने यातायात को ठप कर दिया और लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। घरों में घुसा पानी, बिजली का खतरा बारिश के पानी ने शहर के कई आवासीय इलाकों और घरों में भी दस्तक दी। जलभराव के बीच हादसे भी सामने आए। कई जगहों पर बिजली के तार टूटकर पानी में गिर गए, जिससे करंट फैल गया और इसकी चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई। हालात को देखते हुए सीईएससी ने कुछ इलाकों में एहतियातन बिजली आपूर्ति काट दी है।

मेट्रो सेवा पर पड़ा असर भारी जलभराव के कारण महानायक उत्तम कुमार और रवींद्र सरोबर स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुईं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए शहीद खुदीराम से मैदान तक की सेवाएं पूरी तरह रोक दी गईं। वहीं, दक्षिणेश्वर से मैदान के बीच मेट्रो आंशिक रूप से चल रही है। प्रशासन को आशंका है कि अगले कुछ घंटों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके असर से दक्षिण बंगाल के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, बांकुड़ा और झारग्राम जिलों में बुधवार तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

नगर निगम ने बताया बारिश का आंकड़ा कोलकाता नगर निगम (KMC) ने कहा कि शहर के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। गरिया कामदहारी में 332 मिलीमीटर, जोधपुर पार्क में 285, कालीघाट में 280, तोपसिया में 275 और बल्लीगंज में 264 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं, उत्तरी कोलकाता के थंटानिया क्षेत्र में 195 मिलीमीटर पानी दर्ज किया गया।

नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक और लो-प्रेशर एरिया विकसित हो सकता है। इसके सक्रिय होने पर बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।

“H1B वीजा फीस बढ़ने से भारतीय IT कंपनियों को कितना नुकसान? ब्रोकरेज कंपनियों ने जानें क्या बताया”

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अमेरिका द्वारा H-1B वीजा फीस में $100,000 की भारी बढ़ोतरी के ऐलान ने आईटी इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है और लागत बढ़ने की आशंकाएं पैदा कर दी हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसका भारतीय घरेलू आईटी सर्विसेज कंपनियों पर वित्तीय प्रभाव सीमित ही रहेगा।

कई ब्रोकरेज कंपनियों ने इसको लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इनका कहना है कि यह नई फीस केवल अल्पकालिक बाजार में अस्थिरता ला सकती है, लेकिन कंपनियों के मार्जिन और मुनाफे पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इसके पीछे प्रमुख कारण यह है कि अमेरिकी कंपनियां अब H-1B वर्कर्स पर अपनी निर्भरता धीरे-धीरे कम कर चुकी हैं और उन्होंने वैकल्पिक डिलीवरी मॉडल्स विकसित कर लिए हैं, जिससे नए शुल्क का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

फीस केवल नए आवेदन पर लागू ट्रम्प प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि $100,000 की यह अतिरिक्त फीस केवल नई H-1B वीजा आवेदन पर लागू होगी और यह वित्त वर्ष 2027 (FY27) से प्रभावी होगी। FY26 के लिए आवेदन पहले ही फाइनल हो चुके हैं, इसलिए वे इस बढ़ोतरी से अछूते रहेंगे। साथ ही वर्तमान वीजा धारकों और रिन्युअल पर यह बढ़ोतरी लागू नहीं होगी, जिससे इसका तात्कालिक प्रभाव भी सीमित रहेगा। कहा यह भी जा रहा है कि हालांकि इस निर्णय से उद्योग में कुछ अस्थायी अनिश्चितता और हलचल बनी रहेगी, लेकिन दीर्घकालीन दृष्टिकोण से भारतीय आईटी कंपनियां इस बदलाव को अपने व्यवसाय मॉडल में समायोजित कर लेंगी और इस चुनौती का सामना करने में सक्षम होंगी।

क्यों होगा सीमित असर? ब्रोकरेज फर्मों ने इस बात पर जोर दिया है कि बड़ी आईटी कंपनियां इस तरह की चुनौतियों के लिए पहले से ही तैयार हैं।

ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए के अनुसार, अगर कंपनियां बढ़ी हुई लागत को पूरी तरह खुद वहन करती हैं, तो इससे वित्त वर्ष 2027 (FY27) की आय में लगभग 6% तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि, व्यावसायिक रणनीतियों को देखते हुए उनका अनुमान है कि शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) पर वास्तविक प्रभाव केवल 1-3% के बीच ही रहेगा।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज: इस फर्म ने भी माना कि अगर कंपनियां नई H-1B नियुक्तियों पर निर्भर रहती हैं, तो इससे मार्जिन में लगभग 100 आधार अंकों का नुकसान हो सकता है, लेकिन कंपनियां इस लागत को कम करने के लिए नए तरीके अपनाएंगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज: इस फर्म का कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियां लंबे समय से अपने बिजनेस मॉडल में लोकलाइजेशन (स्थानीयकरण) और उप-ठेकेदारी को अपना रही हैं। यही वजह है कि अचानक हुए नीतिगत बदलावों से उन्हें सुरक्षा मिलती है। फर्म ने यह भी बताया कि H-1B वीजा के लिए सबसे ज्यादा आवेदन भारतीय आईटी कंपनियों से नहीं, बल्कि गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों से आते हैं।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज: नुवामा का मानना है कि कंपनियां इस बढ़ी हुई लागत से निपटने के लिए अधिक कुशल स्टाफिंग मॉडल का उपयोग करेंगी, जिससे मार्जिन और आय पर प्रभाव कम होगा। वे लागत-कुशल तरीके तलाशेंगी ताकि व्यवसाय प्रभावित न हो।

कुल मिलाकर, ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि यह बढ़ोतरी आईटी कंपनियों के लिए एक चुनौती जरूर है, लेकिन उनकी मजबूत रणनीतियां और ऑपरेशनल मॉडल इस असर को काफी हद तक कम कर देंगे।

“Navratri Navami 2025 Date: नवरात्रि की नवमी कब है 30 सितंबर या 1 अक्टूबर? जानिए ये राम नवमी है या महा नवमी”

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महा नवमी नवरात्रि पर्व का आखिरी दिन होता है। इस दिन मां सिद्धिदात्री (Maa Siddhidatri) की पूजा की जाती है। इस दिन के महत्वपूर्ण अनुष्ठान में कन्या पूजन (Kanya Pujan) और हवन पूजन (Havan Pujan) शामिल है।

चैत्र नवरात्रि की नवमी को राम नवमी (Ram Navami) के नाम से जाना जाता है तो वहीं शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि को महा नवमी (Maha Navami) या दुर्गा नवमी (Durga Navami) कहा जाता है। चूंकि इस समय शारदीय नवरात्रि चल रही हैं तो इसलिए इस बार की नवमी महा नवमी कहलाएगी। चलिए जानते हैं इस साल महा नवमी कब मनाई जाएगी।

नवरात्रि महा नवमी कब है 2025 (Navratri Maha Navami 2025 Date) इस बार नवमी की तारीख को लेकर काफी कन्फ्यूजन चल रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस साल एक नवरात्र बढ़ गया है। जिस कारण से इस बार नवरात्रि की नवमी 1 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी।

नवरात्रि नवमी हवन पूजन मुहूर्त 2025 (Navratri Navami Havan Pujan Muhurat 2025) नवरात्रि की नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ हवन पूजन किया जाता है। 1 अक्टूबर को हवन पूजन मुहूर्त सुबह 06:14 से शाम 06:07 बजे तक रहेगा। नवमी तिथि का प्रारम्भ 30 सितम्बर 2025 को 06:06 पी एम बजे होगा और इसका समापन 1 अक्टूबर 2025 को 07:01 पी एम बजे होगा।

नवरात्रि नवमी पर कन्या पूजन का महत्व (Navratri Navami Par Kanya Pujam Ka Mahatva) नवरात्रि नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं इस दिन कन्याओं को भोजन कराने से नौ दिन की पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त हो जाता है। साथ ही माता रानी की असीम कृपा प्राप्त होती है।