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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मॉरीशस के समकक्ष नवीनचंद्र रामगुलाम दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर रणनीति…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मॉरीशस के समकक्ष नवीनचंद्र रामगुलाम ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम भारत की 8 दिवसीय (9 से 16 सितंबर तक) यात्रा पर हैं और वर्तमान में वाराणसी में हैं। प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार की सुबह वाराणसी पहुंचे, जहां उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने समकक्ष नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संस्कृति और संस्कार, सदियों पहले भारत से मॉरीशस पहुंचे और वहां की जीवन-धारा में रच-बस गए। काशी में मां गंगा के अविरल प्रवाह की तरह भारतीय संस्कृति का सतत प्रवाह मॉरीशस को समृद्ध करता रहा है।

उन्होंने कहा, “आज जब हम मॉरीशस के दोस्तों का स्वागत काशी में कर रहे हैं, यह सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि एक आत्मिक मिलन है। इसलिए मैं गर्व से कहता हूं कि भारत और मॉरीशस सिर्फ पार्टनर नहीं, बल्कि एक परिवार हैं।”

इससे पहले, मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी मुलाकात की और दोनों देशों के बीच बहुआयामी द्विपक्षीय साझेदारी पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात की। बहुआयामी साझेदारी पर चर्चा की और साझा इतिहास, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों पर आधारित भारत-मॉरीशस संवर्धित रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।”

गौरतलब है कि मॉरीशस, हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का महत्वपूर्ण साझेदार और निकटवर्ती समुद्री पड़ोसी है, जो भारत के ‘महासागर (म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ एक्रॉस रीजन) विजन और ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का प्रमुख हिस्सा है। दोनों देशों के बीच गहरे सहयोग का महत्व न सिर्फ दोनों देशों की जनता की समृद्धि के लिए है, बल्कि ग्लोबल साउथ की सामूहिक आकांक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है।

“वोट चोर गद्दी छोड़” प्रदेशव्यापी अभियान के दौरान ऐसा नजारा सामने आया जिसने न केवल कार्यकर्ताओं को चौंकाया बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारे में चर्चा छेड़ दी।

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छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के भीतर जारी मतभेद अब खुले मंच पर दिखाई देने लगे हैं। मंगलवार को बिलासपुर में आयोजित “वोट चोर, गद्दी छोड़” प्रदेशव्यापी अभियान के दौरान ऐसा नजारा सामने आया जिसने न केवल कार्यकर्ताओं को चौंकाया बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारे में चर्चा छेड़ दी।

इस कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंच पर भाषण दे रहे पूर्व मंत्री और आदिवासी नेता अमरजीत भगत से माइक छीने जाने की घटना कैद है।

कार्यक्रम का माहौल और विवाद मंगलवार को कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ “वोट चोर, गद्दी छोड़” अभियान के तहत राज्यभर में सभाएं आयोजित की थीं। इसी कड़ी में बिलासपुर में भी एक सभा रखी गई। कार्यक्रम में कई बड़े नेता मौजूद थे और मंच से भाजपा सरकार पर जमकर प्रहार किया जा रहा था। इस बीच जब पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भाषण दे रहे थे, तभी अचानक मंच संचालन कर रहे नेता ने उनसे माइक छीन लिया।

वीडियो हुआ वायरल यह घटना वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और मीडिया के कैमरों में कैद हो गई। वीडियो इंटरनेट मीडिया पर आते ही वायरल होने लगा। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि अमरजीत भगत कुछ महत्वपूर्ण बातें कह रहे थे, तभी मंच पर मौजूद एक नेता ने आकर उनका माइक ले लिया। इस दौरान मंच पर बैठे अन्य नेता भी असहज नजर आए।

कांग्रेस के भीतर असहमति की तस्वीर राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के भीतर बढ़ते मतभेदों की ओर इशारा करती है। पिछले कुछ समय से पार्टी नेताओं के बीच रणनीति और नेतृत्व को लेकर असहमति की खबरें आती रही हैं, लेकिन सार्वजनिक मंच पर इस तरह का दृश्य पहली बार सामने आया है। यह न केवल संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल खड़े करता है बल्कि कार्यकर्ताओं में भी गलत संदेश जाता है।

विपक्ष के निशाने पर कांग्रेस वीडियो वायरल होते ही विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि कांग्रेस अपनी ही अंतर्कलह में उलझी हुई है और जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय आपसी विवाद में समय बर्बाद कर रही है। उनका कहना है कि जब पार्टी मंच पर ही अपने वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं कर पा रही है, तो वह प्रदेश की जनता का क्या ख्याल रखेगी।

कांग्रेस नेताओं की सफाई हालांकि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इस घटना को हल्के में लेने की अपील की है। उनका कहना है कि मंच संचालन के दौरान समय प्रबंधन को लेकर ऐसी स्थिति बनी। इसे मतभेद या विवाद के रूप में देखना सही नहीं होगा। मगर राजनीतिक जानकार मानते हैं कि वीडियो का प्रभाव संगठन की एकजुटता की छवि पर जरूर पड़ेगा।

आगे की रणनीति पर निगाहें अब देखना होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस घटना को किस नजर से देखता है। क्या वे आंतरिक कलह को सुलझाने के लिए कोई कदम उठाएंगे या इसे केवल एक सामान्य घटना मानकर छोड़ देंगे। फिलहाल इतना तय है कि बिलासपुर की यह सभा प्रदेश कांग्रेस में उभरते मतभेदों की नई मिसाल बन गई है।

PM मोदी से फोन पर बातचीत के बाद जॉर्जिया मेलोनी ने किया पोस्ट, बताया किन मुद्दों पर हुई बातचीत?

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PM मोदी से फोन पर बातचीत के बाद जॉर्जिया मेलोनी ने किया पोस्ट, बताया किन मुद्दों पर हुई बातचीत?

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बुधवार (10 सितंबर,2025) को फोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर संतोष व्यक्त किया और भारत-इटली स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029 को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया.

इस दौरान दोनों पक्षों ने वाणिज्य, निवेश और कनेक्टिविटी में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया, साथ ही भारत-मिडल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) के माध्यम से कनेक्शन को भी मजबूत करने पर सहमति जताई.

द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की पहल प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ट्वीट में बताया कि भारत और इटली ने द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति जताई है. खास तौर पर वाणिज्यिक क्षेत्र, निवेश और कनेक्टिविटी पर काम बढ़ाने की योजना बनाई गई है. दोनों नेताओं ने भारत-मिडल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) के माध्यम से कनेक्शन को और प्रभावी बनाने की बात भी की.

यूक्रेन युद्ध पर साझा चिंता और संवाद बातचीत का एक अहम हिस्सा यूक्रेन युद्ध की वर्तमान स्थिति पर विचार-विमर्श रहा. दोनों नेताओं ने युद्ध को समाप्त करने के लिए हर अंतरराष्ट्रीय प्रयास का समर्थन करने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने शांति वार्ता और संघर्ष विराम को फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि एक न्यायसंगत और स्थायी समाधान निकल सके. प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस अहम बातचीत को साझा करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्थिरता और शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

गौरतलब है कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) इस साल के अंत तक प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को पक्का करने पर काम कर रहे हैं. इस सप्ताह नई दिल्ली में दोनों पक्षों के बीच इस समझौते पर बातचीत का 13वां दौर चल रहा है. भारत और यूरोपीय संघ ने जून 2022 में आठ साल के अंतराल के बाद FTA की बातचीत फिर से शुरू की थी.

द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी का मूल्यांकन भारत और यूरोपीय संघ के नेताओं ने निवेश, रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान और तकनीक, शिक्षा, नागरिकों के आपसी संबंध और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में अपनी द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की सकारात्मक समीक्षा की. दोनों पक्षों ने संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29 के तहत साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई.

हिमाचल बारिश से राहत पर रास्ते अभी भी ठप, 586 सड़कें बंद, कुल्लू-मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित…

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हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश अब कम जरूर हो गई है, लेकिन राज्य की सड़कों पर हालात अभी भी बिगड़े हुए हैं. बुधवार तक कुल 586 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं. कुल्लू जिले में सबसे ज्यादा 216 सड़कें अवरुद्ध हैं, जबकि मंडी में 150 सड़कें बंद हैं.

बाकी सड़कें भी अलग-अलग जिलों में विभिन्न कारणों से बंद हैं. राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी रोक राज्य में हालात ऐसे हैं कि चार बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग भी पूरी तरह से बंद हैं. इनमें अटारी-लेह रोड (एनएच-3), ओल्ड हिंदुस्तान-तिब्बत रोड (एनएच-5), औट-सैंज रोड (एनएच-305) और अमृतसर-भोटा रोड (एनएच-503 ए) शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि इन मार्गों पर बारिश और भू-स्खलन के कारण यातायात पूरी तरह ठप है.

हिमाचल में इस साल 20 जून से मानसून की शुरुआत हुई थी. इसके बाद लगातार बारिश के कारण राज्य में कई जगह भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं. मौसम विभाग की जानकारी के मुताबिक, राज्य में बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक कुल 380 लोगों की जान जा चुकी है.

आर्थिक नुकसान भी भारी सिर्फ जान का ही नहीं, बल्कि आर्थिक नुकसान भी बहुत बड़ा हुआ है. सरकार की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, बारिश और उसके कारण हुई घटनाओं से राज्य को अब तक लगभग 4,306 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. कई जगह खेती, आवास और सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है.

राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत और बचाव कार्यों को बढ़ा दिया है. भारी बारिश वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर लाया जा रहा है. साथ ही, अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा टालें और बंद रास्तों से गुजरने की कोशिश न करें.

यात्रियों के लिए सावधानी सड़क बंद होने और मौसम के अनिश्चित हालात को देखते हुए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी चेतावनी जारी की गई है. प्रशासन ने कई मार्गों पर वैकल्पिक रास्ते सुझाए हैं, लेकिन लोगों से अपील की गई है कि वे यात्रा के समय पूरी सावधानी बरतें और सरकारी निर्देशों का पालन करें.

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मौसम में अब धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है, फिर भी कई इलाकों में भूस्खलन और पानी भराव की स्थिति बनी हुई है. इसके चलते यातायात को पूरी तरह बहाल होने में अभी कुछ समय लगेगा.

राहुल गांधी, अखिलेश और तेजस्वी के पोस्टर पर भड़के साक्षी महाराज, विपक्ष को बताया सनातन विरोधी…

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उत्तर प्रदेश के रायबरेली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्व सीएम अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव का एक पोस्टर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. पोस्टर के माध्यम से राहुल गांधी, तेजस्वी यादव व अखिलेश यादव को ब्रह्मा, विष्णु और महेश बताया गया है.

रायबरेली में लगे इस पोस्टर पर बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने तीखा हमला बोला है.

उन्नाव से भारतीय जनता पार्टी सांसद साक्षी महाराज ने पोस्टर को लेकर विपक्ष पर हमला बोला है. साक्षी महाराज ने कहा है कि यह जो विरोधी पार्टियां हैं, जिन्हें ND गठबंधन कहा जाता है, भारतीय संस्कृति विरोधी है, सनातन के विरोधी हैं.

साक्षी महाराज ने कहा कि यह हिंदू के विरोधी है, हिंदू देवी देवताओं के विरोधी हैं, यह क्या न कर ले थोड़ा है.

उपराष्ट्रपति चुनाव पर दी प्रतिक्रिया साक्षी महाराज ने विपक्ष पर हमला तेज करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़ा नेता की मां को अपमानित करते हैं. साक्षी महाराज ने कहा कि उपराष्ट्रपति का चुनाव हुआ वह वॉलेट से हुआ, जितनी हमारी संख्या है उससे ज्यादा हमको वोट मिले हैं. वोट मशीन से पड़े होते तो विपक्ष दीवार से सिर्फ मारकर सिर फोड़ लेता.

विपक्ष में विकृत मानसिकता के लोग बीजेपी सांसद ने कहा कि विपक्ष में विकृत मानसिकता के लोग हैं, ट्रीटमेंट की आवश्यकता है. ये सत्ता के लिए छटपटा रहे हैं. सांसद साक्षी महाराज उक्त बातें उन्नाव कैम्प कार्यालय में कही है. आपको बता दें कि सांसद साक्षी महाराज अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं. एक बार उन्होंने विपक्ष पर बड़ा जुबानी हमला बोला है.

दरअसल, रायबरेली सांसद राहुल गांधी दो दिवसीय अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पहुंच रहे हैं. राहुल गांधी के दौरे से पहले यह पोस्टर उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का विषय बना हुआ है. पोस्टर में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव को ब्रह्मा विष्णु और महेश बताया गया है.

नेपाल में Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों के चलते प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केपी शर्मा ओली का पहला रिएक्शन…

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नेपाल में Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों के चलते प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केपी शर्मा ओली का पहला रिएक्शन सामने आया है. बुधवार (10 सितंबर, 2025) को जारी एक बयान में ओली ने खुलासा किया कि वह वर्तमान में नेपाल सेना के शिवपुरी बैरक में हैं.

ओली ने सत्ता छोड़ने के बाद भी भारत के खिलाफ बोलना बंद नहीं किया है.

पीएम पद से हटने के बाद ओली भारत के खिलाफ जहर उगलने लगे हैं. ओली का कहना है कि उन्होंने सत्ता इसलिए खो दी क्योंकि उन्होंने ‘अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान की बात का विरोध किया था.

कहां छिपे हैं केपी शर्मा ओली ? नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली ने कहा कि अगर उन्होंने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा का मुद्दा नहीं उठाया होता तो वह सत्ता में बने रहते. ऐतिहासिक रूप से भारत का हिस्सा रही इन जगहों को नेपाल अपना क्षेत्र बनाता है. ओली ने अपने बयान के जरिए उन रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि वह देश छोड़कर भाग गए हैं. ओली ने कहा कि वो काठमांडू के उत्तर में स्थित शिवपुरी में हैं.

खुद को बताया जिद्दी स्वभाव का व्यक्ति अपने पत्र में खुद को स्वभाव से जिद्दी बताते हुए ओली ने कहा कि अगर जिद्दी न होते तो बहुत पहले हार चुके होते. उन्होंने कहा, ‘इसी जिद के साथ मैंने यहां काम करने वाली सोशल मीडिया कंपनियों से हमारे नियमों का पालन करने और स्थानीय स्तर पर पंजीकरण कराने की मांग की थी. मैंने जोर देकर कहा था कि लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा नेपाल के हैं. मैंने यह भी कहा था कि भगवान श्री राम का जन्म नेपाल में हुआ था भारत में नहीं. जैसा कि शास्त्रों में कहा गया है.

मेरे लिए पद और प्रतिष्ठा मायने नहीं रखती ओली ने आगे कहा, ‘अगर मैंने इन बातों पर समझौता कर लिया होता तो मैं कई आसान रास्ते चुन सकता था और कई लाभ प्राप्त कर सकता था. अगर लिंपियाधुरा समेत नेपाल का नक्शा संयुक्त राष्ट्र को न भेजा गया होता, या अगर मैंने दूसरों को अपने लिए फैसला लेने दिया होता तो मेरा जीवन बहुत अलग होता. ओली ने कहा कि उनके लिए पद और प्रतिष्ठा मायने नहीं रखती.

राधाकृष्णन की जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस ( TMC) ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया…

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उपराष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया. राधाकृष्णन की जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस ( TMC) ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया.

TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा ने वोट खरीदने के लिए प्रति सांसद 15 से 20 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.

लोकसभा में TMC संसदीय दल का नेतृत्व करने वाले अभिषेक ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए धनबल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता मंगलवार (9 सितंबर) को हुए चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के लिए पैसों की बोरियां लेकर आए थे.

भाजपा ने वोट खरीदने के लिए खर्च किए करोड़ों – अभिषेक बनर्जी अभिषेक ने कहा, ”कुछ लोगों से बात करने के बाद मैं कह सकता हूं कि भाजपा ने वोट खरीदने के लिए प्रत्येक व्यक्ति पर 15-20 करोड़ रुपये खर्च किए. जनप्रतिनिधि के रूप में चुने गए सदस्य लोगों के विश्वास और भावनाओं को बेच रहे हैं. प्रतिनिधियों को खरीदा जा सकता है, लेकिन लोगों को नहीं.” उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के सभी 41 सांसदों (28 लोकसभा सदस्य और 13 राज्यसभा सदस्य) ने विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के पक्ष में मतदान किया.

उन्होंने सवाल किया कि NDA के आंकड़े अनुमान से अधिक कैसे हो गए, जबकि विपक्षी इंडिया गठबंधन के आंकड़े कम रह गए, जबकि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पहले दावा किया था कि 315 सांसदों ने रेड्डी को समर्थन देने का वादा किया था.

अभिषेक बनर्जी ने लगाया विश्वासघात का आरोप अभिषेक ने विपक्षी खेमे में विश्वासघात की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया, ”गुप्त मतदान होने के कारण यह कहना मुश्किल है कि क्या ‘क्रॉस वोटिंग’ हुई या विपक्षी सदस्यों के वोट खारिज कर दिए गए. अगर मैं ‘क्रॉस वोटिंग’ को स्वीकार भी कर लूं, तो आम आदमी पार्टी (आप) जैसी कुछ पार्टियां हैं, जिसकी एक महिला सांसद खुलेआम भाजपा का समर्थन करती है और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बोलती है. ऐसे दो-चार सांसद हैं.’

GST के बाद अब गैस सिलेंडर हुआ सस्ता! देखें नई रेट…

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जैसा कि आप सभी को पता है कि हाल ही में सरकार द्वारा जो गुड्स और सर्विस टैक्स लगाया जाता था उसे टैक्स को लेकर यानी जीएसटी के टैक्स को लेकर सरकार ने हाल ही में एक बैठक आयोजित करवाई थी और बैठक में बहुत ही बड़ा और अच्छा निर्णय लिया गया और इस बैठक में आम नागरिकों के लिए बहुत ही अच्छे फैसले लिए गए जो आपके यहां पर जानकारी दी जाएगी ।

GST LPG Gas Cylinder New Price 2025 सबसे जरूरी GST LPG Gas Cylinder New Price 2025 क्या था पहले दाम GST LPG Gas Cylinder New Price 2025 अब क्या रहेगा रेट जैसा कि आप सभी जानते हैं कि भारतीय आम नागरिकों के लिए जो भी नित्य रोज की आवश्यकता वाली वस्तुएं हैं उन वस्तुओं पर सरकार द्वारा जीएसटी लगा दी गई थी और जीएसटी लगने के बाद उन वस्तुओं की कीमत में भारी मात्रा में बढ़ोतरी देखी गई थी इसको देखते हुए सरकार ने आखिरकार यह फैसला लिया है और सभी जो घर में रसोई में काम आने वाली आवश्यक वस्तु में है उन पर जीएसटी हटाने का फैसला लिया है ।

GST LPG Gas Cylinder New Price 2025 सबसे जरूरी कैसे की आप जानते हैं कि भारतीय घर हो या किसी का भी घर हो सभी प्रकार के घरों में गैस सिलेंडर होना बहुत ही जरूरी है क्योंकि आजकल बारिश का मौसम है और बारिश के मौसम में गांव में रहने वाले लोग हैं वह लोग भी सबसे ज्यादा गैस सिलेंडर का उपयोग करते हैं क्योंकि जो चूल्हे पर खाना बनाते थे उन सभी को पता होगा कि अभी बारिश के मौसम में सूखी लकड़ी नहीं मिलती है इस कारण से चूल्हे पर खाना बनाना संभव नहीं है इसलिए सभी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं ।

GST LPG Gas Cylinder New Price 2025 क्या था पहले दाम गैस सिलेंडर का पहला दाम क्या था और अब गस्त हटाने के बाद क्या रेट रहेगा इसको लेकर आपको बता दे की सिलेंडर पर जीएसटी लगाई गई थी उसे समय आपको बता दे कि कैसे सिलेंडर का दाम ₹1000 प्रति सिलेंडर हो गया था लेकिन जब GST हटाई गई थी तो इस समय गैस सिलेंडर के रेट में भारी गिरावट देखने को मिली है आपको बता दे की गैस सिलेंडर के दाम में अचानक से हुई गिरावट के बाद लगातार गैस सिलेंडर एक के बाद एक बिक रहे हैं और उनकी डिमांड बहुत ही ज्यादा बढ़ चुकी है ।

GST LPG Gas Cylinder New Price 2025 अब क्या रहेगा रेट मुकेश सिलेंडर का रेट अब क्या रहेगा इसको लेकर आपको बता दे की जीएसटी हटाने के बाद गैस सिलेंडर के एग्जाम में भारी गिरावट हो चुकी है आपको बता दीजिए इस पर लगभग 8% से लेकर 12% तक जीएसटी लगाई जाती थी यानी आपको बताने की जब गस्त हटाई जाएगी तो इसका दाम प्रति सिलेंडर लगभग ₹200 से लेकर ₹300 कम हो जाएगा जिसमें अलग-अलग गैस सिलेंडर का दाम अलग-अलग रहेगा कि इस प्रकार अब गैस सिलेंडर आपको काफी सस्ता मिलेगा ।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अगर आप आज गैस सिलेंडर खरीदना चाहते हैं तो आपको गैस सिलेंडर के दाम भी कम देने पड़ेंगे और इसके साथ ही सब्सिडी भी आपको मिलेगी इस प्रकार आपको अब के सिलेंडर सिर्फ ₹350 रुपए तक मिलना शुरू हो जाएगा इसलिए आज ही गैस सिलेंडर बुकिंग करवा सकते हैं आपको बता दे की बुकिंग करवाना जरूरी है बुकिंग करवाने के बाद ही आपको गैस सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी अन्यथा सब्सिडी नहीं मिलेगी ।

आज 11 सितंबर पेट्रोल डीजल के रेट जारी, जाने आज प्रति लीटर के हिसाब से ताजा भाव…

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भारत के तेल कंपनियों ने आज 11 सितंबर 2025 की सुबह-सुबह पेट्रोल डीजल के दाम अपडेट कर दिए हैं। ये नए रेट हर रोज सुबह 6 बजे जारी किए जाते हैं। आप अपने शहर में चल रहे पेट्रोल डीजल के रेट नीचे दी गई लिस्ट में चेक कर सकते हैं।

  • मुंबई : डीजल 92.15 पेट्रोल 104.21 रुपए प्रति लीटर।
  • दिल्ली : पेट्रोल 94.72 डीजल 87.62।
  • कोलकाता : पेट्रोल 103.94 डीजल 90.76 रुपए प्रति लीटर।
  • चेन्नई : पेट्रोल 100.75 डीजल 92.34 रुपए।
  • अहमदाबाद : पेट्रोल 94.49 डीजल 90.17।
  • बेंगलुरु : पेट्रोल 102.92 डीजल 89.02।
  • हैदराबाद : पेट्रोल 107.46 डीजल 95.70।
  • जयपुर : पेट्रोल 104.72 डीजल 90.21।
  • लखनऊ : पेट्रोल 94.69 डीजल 87.80।
  • पुणे : पेट्रोल 104.04 डीजल 90.57।
  • चंडीगढ़ : पेट्रोल 94.30 डीजल 82.45।
  • इंदौर : पेट्रोल 106.48 डीजल 91.88।
  • पटना : पेट्रोल 105.58 डीजल 93.80।
  • सूरत : पेट्रोल 95.00 डीजल 89.00।
  • नासिक : पेट्रोल 95.50 डीजल 89.50।

अपने शहर की कीमतें एसएम एस से करें चेक अगर आप घर बैठे पेट्रोल डीजल की कीमत जानना चाहते हैं तो ऐसे करें चेक Indian oil. ग्राहक अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे RSP के साथ 9224992249 पर भेज दे उसके बाद आपके पास आपके शहर के पेट्रोल डीजल के रेट आ जाएंगे BPCL ग्राहक RSP लिखकर 9223112222 पर भेज दे फिर आपके पास अपने शहर की रेट लिस्ट आ जाएगी।

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17 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश, कई राज्यों में स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे…

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17 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश, कई राज्यों में स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे…

सार्वजनिक अवकाश: उत्तर प्रदेश में छात्र, अभिभावक और शिक्षक मध्य सितंबर की छुट्टी का आनंद ले सकते हैं क्योंकि राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर 17 सितंबर 2025 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

इस दिन, राज्य भर के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। यह घोषणा कई लोगों के लिए एक राहत की बात है, क्योंकि इससे छात्रों को अपनी पढ़ाई से थोड़ा आराम मिलेगा और परिवारों को एक साथ कुछ अतिरिक्त समय बिताने का मौका मिलेगा।

17 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश क्यों है? 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के उपलक्ष्य में अवकाश घोषित किया गया है, जो भारत के कई हिस्सों में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व रखने वाला त्योहार है। भक्ति और उत्साह के साथ मनाई जाने वाली विश्वकर्मा पूजा, देवताओं के दिव्य वास्तुकार और इंजीनियर, भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है। इस दिन, विभिन्न उद्योगों के लोग, विशेष रूप से तकनीकी, इंजीनियरिंग और यांत्रिक कार्यों से जुड़े लोग, अपने औजारों, मशीनों और कार्यस्थलों की पूजा करते हैं।

उत्तर प्रदेश में, यह त्योहार व्यापक रूप से मनाया जाता है, और इसे वर्ष की शुरुआत से ही 2025 के लिए राज्य के आधिकारिक अवकाश कैलेंडर में शामिल किया गया है। शिक्षा विभाग की हाल की घोषणा से अब सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए अवकाश आधिकारिक हो गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि छात्र और शिक्षक समान रूप से समारोह में भाग ले सकते हैं या बस एक दिन की छुट्टी का आनंद ले सकते हैं।

सिर्फ़ उत्तर प्रदेश ही नहीं – अन्य राज्य भी मना सकते हैं विश्वकर्मा पूजा उत्तर प्रदेश ने औपचारिक रूप से इस अवकाश की घोषणा कर दी है, लेकिन बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे अन्य राज्य भी विश्वकर्मा पूजा को बड़े उत्साह के साथ मनाने के लिए जाने जाते हैं। इन क्षेत्रों में, इस दिन सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान बंद रहना आम बात है। हालाँकि इन राज्यों की आधिकारिक सूचनाएँ अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन इस बात की प्रबल संभावना है कि इन क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेज भी 17 सितंबर को बंद रहेंगे।

छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए अवकाश छुट्टी की अचानक घोषणा अक्सर छात्रों के लिए खुशी का स्रोत होती है, खासकर जब यह पढ़ाई के दबाव, होमवर्क और परीक्षाओं के लंबे दौर को तोड़ती है। सप्ताह के मध्य में इस तरह का अवकाश छात्रों को तरोताज़ा होने, ऊर्जा प्राप्त करने और अपने परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका देता है। अभिभावकों, खासकर कामकाजी अभिभावकों के लिए, यह आराम करने या निजी काम निपटाने का एक अवसर होता है, साथ ही अपने बच्चों के साथ जुड़ाव भी बढ़ाता है।

शिक्षकों को भी ऐसी छुट्टियों से लाभ होता है। इससे उन्हें अपनी आगामी कक्षाओं की योजना बनाने, लंबित काम निपटाने, या अपने व्यस्त कार्यक्रम से थोड़ा आराम करने का मौका मिलता है। कुल मिलाकर, यह लघु अवकाश शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र में शामिल सभी लोगों के लिए फायदेमंद है।

सितंबर में छुट्टियों का भरपूर कैलेंडर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा बोर्ड और राज्य शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अवकाश कैलेंडर के अनुसार, सितंबर 2025 पहले से ही छुट्टियों से भरा हुआ है। यहाँ प्रमुख छुट्टियों पर एक नज़र डालते हैं: 6 सितंबर (शनिवार) – अनंत चतुर्दशी: गणेश चतुर्थी उत्सव के समापन का प्रतीक इस हिंदू त्योहार के लिए स्कूल, कॉलेज और इंटर कॉलेज बंद रहेंगे।

7 सितंबर (रविवार) – नियमित साप्ताहिक अवकाश, जिसका अर्थ है कि छात्रों को लगातार दो दिन की छुट्टी मिलेगी।

17 सितंबर (बुधवार) – विश्वकर्मा पूजा: अब सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए सार्वजनिक अवकाश की पुष्टि हो गई है।

इसके अलावा, मानक नियमों के अनुसार प्रत्येक रविवार और दूसरे व चौथे शनिवार को नियमित साप्ताहिक अवकाश भी रहेंगे।

इतने सारे अवकाशों के साथ, छात्रों के लिए सितंबर अपेक्षाकृत आरामदायक रहेगा, जो उन्हें अपने शैक्षणिक कार्यक्रम के बीच आराम करने के कई अवसर प्रदान करेगा।

स्थानीय छुट्टियों की संभावना यद्यपि यह अवकाश पूरे राज्य में लागू होता है, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि कई जिले क्षेत्रीय त्योहारों, मेलों या सांस्कृतिक आयोजनों के आधार पर अतिरिक्त स्थानीय छुट्टियों की भी घोषणा करते हैं। उदाहरण के लिए, स्थानीय अधिकारी जिला-स्तरीय धार्मिक समारोहों, स्थानीय मंदिर मेलों या अन्य पारंपरिक समारोहों जैसे प्रमुख आयोजनों के लिए छुट्टियों की घोषणा कर सकते हैं।

अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी किसी भी जानकारी के लिए अपने स्कूल के नोटिस बोर्ड या आधिकारिक सूचना पर नज़र रखें। शैक्षणिक संस्थान आमतौर पर राज्य और स्थानीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करते हैं, और बदलाव एक ज़िले से दूसरे ज़िले में भिन्न हो सकते हैं।

विश्वकर्मा पूजा का सांस्कृतिक महत्व विश्वकर्मा पूजा का भारतीय परंपरा में एक महत्वपूर्ण स्थान है। इसे भगवान विश्वकर्मा के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें ब्रह्मांड के दिव्य शिल्पकार, वास्तुकार और इंजीनियर माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने द्वारका और हस्तिनापुर जैसे पवित्र शहरों का निर्माण किया था और देवताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों को डिज़ाइन करने का श्रेय उन्हें ही जाता है।

इस दिन, विभिन्न क्षेत्रों के श्रमिक – जिनमें कारखाने, निर्माण स्थल, यांत्रिक कार्यशालाएँ और यहाँ तक कि स्कूल भी शामिल हैं – अपने औज़ारों और मशीनों की सफाई और सजावट करते हैं। कई लोग अपने काम में सुरक्षा, समृद्धि और उत्पादकता की कामना के लिए अनुष्ठान करते हैं और प्रार्थना करते हैं। कई तकनीकी संस्थानों और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में, यह त्योहार विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है, जिसमें सामुदायिक कार्यक्रम, प्रसाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होते हैं।

शिक्षा विभाग की भूमिका उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को एक आधिकारिक आदेश जारी करके 17 सितंबर की छुट्टी की पुष्टि की है। विभाग ने भ्रम से बचने के लिए समय पर सूचना देने और आधिकारिक अवकाश कैलेंडर का पालन करने के महत्व पर भी ज़ोर दिया है। इस छुट्टी का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और परिवारों को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम को एक साथ मनाने और पारंपरिक प्रथाओं में शामिल होने का अवसर प्रदान करना है।

अंतिम विचार संक्षेप में, 17 सितंबर 2025 उत्तर प्रदेश और संभवतः अन्य राज्यों में भी कई लोगों के लिए एक विशेष दिन होगा। विश्वकर्मा पूजा के लिए स्कूल और कॉलेज आधिकारिक रूप से बंद होने के कारण, छात्र आराम कर सकते हैं, परिवार कुछ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने की योजना बना सकते हैं, और शिक्षक अपने काम निपटा सकते हैं। पूरे महीने की अन्य छुट्टियों के साथ, सितंबर शैक्षणिक समुदाय के लिए अपेक्षाकृत आरामदायक और उत्सवपूर्ण समय साबित हो रहा है।

अस्वीकरण: उपरोक्त जानकारी उत्तर प्रदेश राज्य सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा की गई आधिकारिक घोषणाओं पर आधारित है। छुट्टियों की नीतियाँ राज्य या ज़िले के अनुसार भिन्न हो सकती हैं, और पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे सबसे सटीक अपडेट के लिए अपने स्थानीय स्कूल या प्राधिकरण से पुष्टि करें।