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दिल्ली एयरपोर्ट पर अफगान विमान की गलत लैंडिंग का मामला, AAIB की रिपोर्ट!

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बीते साल 23 नवंबर 2025 को दिल्ली एयरपोर्ट पर Ariana Afghan Airlines की फ्लाइट AFG311 को रनवे 29L पर उतरने की अनुमति मिली थी. इसे लेकर AAIB ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की है.

दिल्ली एयरपोर्ट पर अफगान विमान की गलत लैंडिंग का मामला

बीते साल 23 नवंबर 2025 को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर एक बड़ा विमानन हादसा होते-होते टल गया था. असल में काबुल से दिल्ली आ रही Ariana Afghan Airlines की फ्लाइट AFG311 ने निर्धारित रनवे के बजाय गलत रनवे पर लैंडिंग कर दी थी. इस मामले में अब Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की है.

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में क्याक्या पता चला
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक पायलटों ने 29L की क्लीयरेंस सही तरह से दोहराई थी फिर भी रनवे की पहचान में चूक हुई. विमान 29L की जगह 29R पर उतर गया, जबकि उसी समय एक एयर इंडिया का विमान 29R से उड़ान भर रहा था गनीमत रही कि कोई टकराव नहीं हुआ. 29R उस वक्त केवल टेकऑफ के लिए कॉन्फ़िगर था और वहां लैंडिंग लाइट्स व ILS बंद थे.

लैंडिंग के दौरान गंभीर चूक हुई. जांच में सामने आया कि खराब दृश्यता (poor visibility) के कारण और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) का सिग्नल रनवे से लगभग 4 मील पहले ही खो जाने के कारण पायलट से गलती हो गई. इसके चलते ही विमान गलती से रनवे 29R पर उतर गया, जो उस समय केवल टेकऑफ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.

एयरपोर्ट्स के कंट्रोल टावरों को लेकर AAIB की मांग
रनवे 29R की स्थिति भी चिंताजनक थी. असल में इस रनवे पर लैंडिंग के लिए ILS सिस्टम पूरी तरह बंद थे. यानी तकनीकी रूप से वहां किसी भी विमान की लैंडिंग की अनुमति नहीं थी. इसके बाद भी विमान का वहां उतर जाना सुरक्षा मानकों की बड़ी अनदेखी मानी जा रही है. इस गंभीर चूक के बाद AAIB ने सिफारिश की है कि देश के सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स के कंट्रोल टावरों में वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की सटीक जांच हो सके और सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके.

संक्रांति पर घर वापसी की जंग, NH-65 पर मीलों लंबा जाम

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हैदराबाद में संक्रांति के पावन पर्व पर अपने पैतृक गांवों की ओर जाने के कारण हाईवे पर तगड़ा जाम देखने को मिल रहा है. हैदराबाद-विजयवाड़ा NH-65 पर वाहनों का रेला उमड़ पड़ा है.

संक्रांति पर घर वापसी की जंग

हैदराबाद में संक्रांति के पावन पर्व पर अपने पैतृक गांवों की ओर रुख करने वाले आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के निवासियों के लिए इस बार का सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं साबित हो रहा है. शुक्रवार रात से ही हैदराबाद-विजयवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-65) पर वाहनों का रेला उमड़ पड़ा है. विशेष रूप से चौटुप्पल के पास स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जहां अधूरी सड़क परियोजनाओं ने ट्रैफिक की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है.

शैक्षणिक संस्थानों में आधिकारिक छुट्टियों की घोषणा के बाद शुक्रवार रात से ही हजारों परिवारों ने अपने निजी वाहनों, विशेष बसों और टैक्सियों के जरिए हैदराबाद से विदाई ली. एनएच-65 जो राजधानी को तटीय आंध्र और मध्य तेलंगाना के जिलों से जोड़ता है, पर अचानक दबाव 200% तक बढ़ गया है.

5 किलोमीटर तक वाहनों की कतारें 
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र चौटुप्पल टाउन और पंतंगी टोल प्लाजा है. चौटुप्पल में सड़क चौड़ीकरण और फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से चल रहा है. संक्रांति की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने काम रोकने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्माणाधीन ढांचों, सर्विस रोड की कमी और सड़कों पर पड़े मलबे के कारण रास्ता संकरा हो गया है. इसके चलते वाहनों की कतारें 3 से 5 किलोमीटर तक लंबी हो गई हैं.

यात्री ने बयां किया दर्द
नेशनल हाईवे पर फंसे यात्रियों का दर्द बयां करते हुए एक यात्री ने बताया, “हमें हैदराबाद से चौटुप्पल पार करने में ही तीन घंटे लग गए. छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ तपती धूप में इस तरह जाम में फंसना बहुत थकाऊ है.” वाहनों के रेंगने के कारण न केवल ईंधन की बर्बादी हो रही है, बल्कि यात्रियों को पीने के पानी और भोजन के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है. प्रशासनिक स्तर पर, सूर्यपेट पुलिस और राचकोंडा पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली है.

अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे वैकल्पिक मार्गों जैसे नार्केटपल्ली-नलगोंडा-मिर्यालगुडा मार्ग का उपयोग करें ताकि मुख्य राजमार्ग पर दबाव कम हो सके. संक्रांति का यह उत्सव हर साल लाखों लोगों को जोड़ता है, लेकिन बुनियादी ढांचे की धीमी गति इस खुशी के सफर को साल-दर-साल मुश्किल बना रही है.

कोहरे की चादर में उत्तर भारत, शीतलहर के साथ बारिश का भी अटैक, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

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IMD Alert: उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का प्रकोप जारी है. मौसम विभाग ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार और मध्य प्रदेश में अगले 2-3 दिनों के दौरान कोल्ड डे की चेतावनी जारी की है.

कोहरे की चादर में उत्तर भारत

उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का प्रकोप जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मध्य भारत, पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में अगले 2-3 दिनों के दौरान सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की बहुत संभावना है. इसके अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अगले 2-3 दिनों के दौरान कोल्ड डे की स्थिति रहने की संभावना है.

कहांकहां होगी बारिश
हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, ओडिशा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में 10-11 जनवरी और उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में 10 जनवरी और राजस्थान में 11-14 जनवरी के दौरान शीतलहर की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार 10-11 जनवरी को अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं.

दिल्ली का मौसम
IMD के मुताबिक आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी रहने का अनुमान है. वहीं दिल्ली में शुक्रवार को इस सर्दी की सबसे ज्यादा ठंडी दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. कई स्थानों पर हल्की बारिश भी हुई.

यूपी में राहत मिलने की उम्मीद
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश के लोगों को अगले 2-3 दिनों में कड़ाके की ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना है. धूप निकलने के कारण कोहरे और ठंड में कुछ कमी आएगी. कई इलाकों में बूंदाबांदी के भी आसार हैं. राजधानी लखनऊ और आस-पास के इलाकों में आने वाले दिनों में सुबह के समय हल्की धुंध देखने को मिलेगी.

हिमाचल में कैसा है मौसम
हिमाचल प्रदेश में शीतलहर के चलते कई स्थानों का न्यूनतम तापमान माइनस में पहुंच गया है. मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर में भीषण शीतलहर देखने को मिली. शुक्रवार को बिलासपुर में घना कोहरा छाया रहा. वहीं पालमपुर, सोलन, मनाली, नारकंडा, रिकांगपिओ और ताबो में न्यूनतम पारा माइनस में दर्ज किया गया. राजधानी शिमला और समदो में न्यूनतम पारा एक समान 1.6 डिग्री सेल्सियस रहा.

ट्रंप के ‘राइट हैंड’ सर्जियो गोर भारत पहुंचे, 12 जनवरी से संभालेंगे दूतावास की कमान, जानें उनके बारे में सबकुछ

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Sergio Gor: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त किया है. गोर ट्रंप के बेहद करीबी माने जाते हैं.

Sergio Gor: अमेरिका में दूसरी बार सत्ता में लौटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त किया है. 22 अगस्त 2025 को ट्रंप ने इसकी घोषणा की थी. इस नियुक्ति के साथ ही सर्जियो गोर को दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका का विशेष दूत भी बनाया गया है.

अमेरिकी सीनेट से अक्टूबर 2025 में मंजूरी मिलने और 11 नवंबर को शपथ लेने के बाद सर्जियो गोर अब भारत में कार्यभार संभालने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं. वह 12 जनवरी को औपचारिक रूप से भारत में अमेरिकी राजदूत का पद ग्रहण करेंगे. भारत पहुंचने के बाद सर्जियो गोर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा, ‘भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है. हमारे दोनों देशों के लिए आगे अविश्वसनीय अवसर हैं.’

पहले भी चुके हैं भारत

इससे पहले अक्टूबर 2025 में सर्जियो गोर भारत आए थे. उस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की थी. प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के बाद गोर ने लिखा था, ‘प्रधानमंत्री मोदी से मिलना सम्मान की बात है. आने वाले महीनों में भारत के साथ हमारा रिश्ता और मजबूत होगा.’

कौन हैं सर्जियो गोर?

सर्जियो गोर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बेहद करीबी माना जाता है. भारत में राजदूत बनने से पहले वह ट्रंप प्रशासन में हेड ऑफ प्रेसिडेंशियल पर्सनल अपॉइंटमेंट्स के पद पर कार्यरत थे. अमेरिका में उन्हें ट्रंप का दाहिना हाथ कहा जाता है. जब ट्रंप ने गोर की नियुक्ति की घोषणा की थी, तब उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा था, “सर्जियो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं. वह कई सालों से मेरे साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने मेरे ऐतिहासिक चुनाव अभियान में काम किया है और मेरी सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबें प्रकाशित की हैं. दक्षिण और मध्य एशिया के लिए मुझे ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी, जिस पर मैं पूरा भरोसा कर सकूं और जो मेरे एजेंडे को आगे बढ़ा सके. सर्जियो गोर एक बेहतरीन राजदूत साबित होंगे.’

जन्म, शिक्षा और अनुभव

39 वर्षीय सर्जियो गोर का जन्म साल 1986 में उज्बेकिस्तान में हुआ था. 1999 में उनका परिवार अमेरिका चला गया. उन्होंने जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई की है. गोर ने अमेरिकी राजनीति में लंबा अनुभव हासिल किया है. वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा, अमेरिकी सीनेट और कई राष्ट्रपति चुनाव अभियानों में अहम भूमिका निभा चुके हैं.

अमेरिकी सीनेट में वह उप मुख्य स्टाफ के रूप में भी काम कर चुके हैं, जहां उन्हें संचार और विधायी मामलों का वर्षों का अनुभव मिला. सर्जियो गोर कई भाषाएं जानते हैं और अब तक 85 से ज्यादा देशों की यात्रा कर चुके हैं.

ट्रेड डील के बीच अहम जिम्मेदारी

सर्जियो गोर ऐसे समय में भारत में कार्यभार संभाल रहे हैं, जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर बातचीत जारी है. इस ट्रेड डील पर पूरी दुनिया की नजर है. हालांकि बातचीत फरवरी 2025 से ही शुरू हो गई थी, लेकिन अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है. अमेरिका की ओर से भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ भी लगाया जा चुका है. दोनों देशों के प्रतिनिधि इस समझौते को जल्द पूरा करने की कोशिश में लगे हैं. ऐसे में ट्रंप के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले राजदूत के भारत आने से उम्मीद की जा रही है कि ट्रेड डील पर बातचीत में तेजी आ सकती है.

ट्रंप के भारत दौरे पर भी नजर

राजदूत गोर के भारत आने के बाद अब सबकी नजर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर भी है. अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप अब तक भारत नहीं आए हैं. भारत को साल 2025 में क्वाड (QUAD) सम्मेलन की मेजबानी करनी थी, जो अब तक नहीं हो सका है. ऐसे में माना जा रहा है कि ट्रंप के अगले भारत दौरे में सर्जियो गोर की भूमिका काफी अहम हो सकती है.

वीजा समस्या पर भी उम्मीद

भारतीय नागरिकों के लिए अमेरिकी वीजा एक बड़ा मुद्दा रहा है. फिलहाल वीजा अपॉइंटमेंट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर इस वीजा वेटिंग समय को कम कराने के लिए कोई ठोस पहल कर सकते हैं. सर्जियो गोर पर भारत अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी. साथ ही दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने का भी दायित्व रहेगा.

‘हिजाब पहनने वाली लड़की बनेगी एक दिन PM’, ओवैसी के बयान पर भाजपा का पलटवार, जानें क्या कहा?

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Asaduddin Owaisi:ओवैसी ने भारत और पाकिस्तान के संवैधानिक ढांचे की तुलना करते हुए कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को समान अवसर देता है, चाहे उसका धर्म या पहनावा कुछ भी हो.

असदुद्दीन ओवैसी

Asaduddin Owaisi: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को सोलापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत और पाकिस्तान के संवैधानिक प्रावधानों की तुलना करते हुए समान नागरिक अधिकारों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को बराबर अवसर देता है, जबकि पाकिस्तान के संविधान में प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च पद के लिए धार्मिक शर्तें तय की गई हैं.

ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान के संविधान में साफ लिखा है कि केवल एक विशेष धर्म का व्यक्ति ही प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए भारत के संविधान में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है. उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया.

हिजाब पहनने वाली बेटी बनेगी प्रधानमंत्री: ओवैसी

अपने संबोधन में AIMIM प्रमुख ने कहा कि उनका सपना है कि भविष्य में एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने. उन्होंने कहा कि यह सपना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस संविधान की भावना को दर्शाता है, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर देता है. ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान धर्म, जाति या पहनावे के आधार पर किसी भी तरह के भेदभाव की इजाजत नहीं देता.

युवाओं और अल्पसंख्यकों से की अपील

ओवैसी ने युवाओं और अल्पसंख्यक समुदायों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता के जरिए ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है. उन्होंने यह भी कहा कि देश की विविधता ही उसकी असली पहचान है और इसे कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत करने की जरूरत है. ओवैसी ने जोर देकर कहा कि संविधान से मिले अधिकारों की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना लोकतंत्र का अहम हिस्सा है.

ओवैसी के बयान पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

ओवैसी के इस बयान के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है. महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने उनके बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. राणे ने कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और यहां हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं न तो प्रधानमंत्री बनेंगी और न ही मुंबई की मेयर. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसे पदों की इच्छा रखते हैं, उन्हें इस्लामिक देशों में जाना चाहिए.

AIMIM का पलटवार

नितेश राणे की टिप्पणी पर AIMIM नेता वारिस पठान ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि भारत किसी व्यक्ति की सोच से नहीं, बल्कि संविधान से चलता है. पठान ने कहा कि संविधान के अनुसार कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, राज्यपाल या मेयर बन सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ओवैसी के बयान में कुछ भी गलत नहीं है और AIMIM किसी भी तरह की धमकियों से डरने वाली नहीं है.

‘वोट घटाने नहीं बढ़ाने के चक्कर में BJP…ECI ले संज्ञान’, SIR पर ये क्या बोल गए अखिलेश यादव

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UP SIR: अखिलेश यादव ने UP में SIR और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल उठाया. उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की.

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि हाल में SIR की एक्सरसाइज कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में अधिकारियों को लगाया गया था, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल ने इसका विरोध नहीं किया.

अब जब मतदाता सूची सामने आई है तो यह साफ हो रहा है कि लगभग तीन करोड़ वोट काटे जाने की आशंका सच साबित हो रही है. अखिलेश यादव ने कहा कि यह वही आशंका थी, जो पहले जताई गई थी, जबकि ड्राफ्ट लिस्ट आने से पहले यूपी के मुख्यमंत्री स्वयं लगभग चार करोड़ वोट कटने की बात कह चुके थे.

हमने सोचा 3 लाख वोट कटेंगे- अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान सार्वजनिक रूप से सुने गए हैं और कन्नौज के पूर्व सांसद ने भी यह कहा कि अभी तो तीन लाख वोट कटे हैं, आगे और भी काटे जाएंगे. उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा नेता इस तरह की बातें खुलेआम कह रहे हैं, तो चुनाव आयोग की जिम्मेदारी और भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया किसी साजिश और षड्यंत्र की ओर इशारा करती है. अखिलेश यादव ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि क्या कोई कल्पना कर सकता है कि हर जगह 200 वोट बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है और इसके लिए जिलों में अधिकारियों को भेजा जा रहा है.

मतदाता सूची को आधार से जोड़ा जाए- अखिलेश यादव

SP अध्यक्ष ने बाई इलेक्शन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान भी चुनाव आयोग पर सवाल खड़े हुए थे. रामपुर चुनाव के समय फोटो और वीडियो सार्वजनिक होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी एक्सरसाइज हो रही है तो यह जरूरी है कि सही और वास्तविक वोटर ही सूची में शामिल रहें. अखिलेश यादव ने मांग की कि कम से कम उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को आधार से जोड़ा जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे. उन्होंने कहा कि BLO एक ही हैं, लेकिन नेशनल और यूपी के आंकड़े अलग-अलग सामने आ रहे हैं, जो संदेह को और गहरा करता है. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने 200 वोट बढ़ाने का निर्देश दिया है और इसके लिए एफआईआर का प्रारूप भी तैयार किया गया है, जिसमें कार्यकर्ताओं को केवल नाम भरना होगा.

वोट हटाने नहीं बल्कि बढ़ाने के चक्कर में BJP- अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यह सब BJP के फायदे के लिए किया जा रहा है और यूपी में बड़े स्तर पर हेराफेरी की तैयारी है. उनका कहना है कि वोट हटाने के बजाए बीजेपी डबल करने के चक्कर में है, जिसे लेकर चुनाव आयोग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए.

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ही यह बताए कि एक ही समय पर, समान बीएलओ द्वारा किए गए एसआईआर में पूरे प्रदेश के मतदाताओं की संख्या केवल ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं से लगभग 13 लाख कम कैसे हो सकती है. उन्होंने कहा कि आयोग की जानकारी के अनुसार करीब 1 करोड़ 93 लाख की मैपिंग के बाद उन्हें अनमैप किया गया, जबकि लगभग 2 करोड़ वोट मैप होने की बात कही जा रही है और अब इसे एरर बताया जा रहा है.

ट्रंप भारत को वेनेजुएला का तेल बेचने को तैयार, अमेरिकी अधिकारी ने बताई क्या होगी बड़ी शर्त!

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Venezuela Oil: अमेरिकी बैन से पहले भारत वेनेजुएला के सबसे बड़े तेल ग्राहकों में एक था, जो उसकी जटिल रिफाइनरियों को चलाने के लिए भारी कच्चे तेल की खरीद करता था.

अमेरिका भारत को वेनेजुएला का तेल बेचने को तैयार

ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि वो अमेरिका कंट्रोल्ड नियमों के तहत भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए तैयार हैं, जिससे अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ठप पड़े व्यापार के फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ गई है.

IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, जब पूछा गया कि क्या अमेरिका वेनेजुएला की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए भारत को वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद फिर से शुरू करने की अनुमति देने के लिए तैयार है, तो जवाब स्पष्ट था. प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया हां, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि इस पर अभी काम चल रहा है.

अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस्टोफर राइट की हालिया टिप्पणियों का अधिकारी ने जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि वाशिंगटन लगभग सभी देशों को वेनेजुएला का तेल बेचने के लिए तैयार होगा. फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में राइट ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला से तेल निकालने की फिर से अनुमति दे रहा है, लेकिन केवल सख्त नियमों के तहत ही ऐसा होगा.

वेनेजुएला के सबसे बड़े तेल ग्राहकों में था भारत 
बता दें कि अमेरिकी बैन से पहले भारत वेनेजुएला के सबसे बड़े तेल ग्राहकों में एक था, जो उसकी जटिल रिफाइनरियों को चलाने के लिए भारी कच्चे तेल की खरीद करता था. ये दोबारा शुरू होने से भारत को एनर्जी इंपोर्ट में विविधता लाने में मदद मिल सकती है, क्योंकि मांग लगातार बढ़ रही है. न्यूयॉर्क में एक एनर्जी कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए राइट ने कहा कि अमेरिका वर्तमान में वेनेजुएला के 30 से 50 मिलियन बैरल तेल को बेचने की योजना बना रहा है, जिसके बाद भविष्य के प्रोडक्शन की लगातार बिक्री होगी.

क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप
इस बीच ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद हुए नए समझौते के तहत अमेरिका वेनेजुएला के 5 करोड़ बैरल तक कच्चे तेल की बिक्री करेगा. प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और दुनिया की कुछ सबसे बड़ी तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक बैठक में बोलते हुए ट्रंप ने इस कदम को आर्थिक अवसर  बताया. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला बहुत सफल होने जा रहा है. उन्होंने देश के तेल क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि हम वह वापस ले रहे हैं जो हमसे छीन लिया गया था.

‘मादुरो की तरह ट्रंप की भी गिरफ्तारी…’, ईरानी अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को दी धमकी…

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Iran-US Tensions: विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में तनाव और गहरा गया है. ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर विवादित बयान दिया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

Iran-US Tensions: ईरान में देशभर में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर विवादित बयान दिया है. ईरान की सुप्रीम काउंसिल ऑफ द कल्चरल रिवॉल्यूशन के सदस्य हसन रहिमपोर आज़घदी ने ट्रंप को पकड़ने की धमकी दी है.

हसन रहिमपोर आज़घदी ने कहा कि ईरान को ट्रंप के बयानों का जवाब उसी तरह देना चाहिए, जैसा अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ किया. उन्होंने कहा कि जिस तरह अमेरिकी बलों ने मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा, ट्रंप को भी वैसा ही अंजाम भुगतना चाहिए. आजघदी ने कहा, ‘ईरान को ट्रंप के साथ वही करना चाहिए, जो उन्होंने मादुरो के साथ किया. ट्रंप को ईरान में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर अपने रुख की कीमत चुकानी होगी.’

उठाई कार्रवाई की मांग

ईरान के अधिकारी कहा कि ट्रंप को उनके राष्ट्रपति रहते हुए या उसके बाद भी पकड़ा जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद चाहते हैं कि ट्रंप को गिरफ्तार किया जाए. ईरानी अधिकारी यहीं नहीं रुके. उन्होंने अमेरिका के अंदर कार्रवाई करने की बात भी कही. उनका कहना था कि ट्रंप के रवैये को देखते हुए अमेरिका के किसी भी राज्य या शहर में किसी भी तरह का ऑपरेशन किया जा सकता है. यहां तक कि अमेरिकी अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ बड़ी और नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई भी जायज मानी जानी चाहिए. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. वहीं अमेरिका भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. इन बयानों के बाद तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है.

लोगों को मारा गया तो हम दखल देंगे

इससे पहले शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में तेल और गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कहा कि अमेरिका ईरान की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है. उन्होंने ईरानी सरकार को चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर घातक बल का इस्तेमाल किया गया तो अमेरिका जवाब देगा. ट्रंप ने कहा, “ईरान बड़ी मुसीबत में है. हम बहुत करीब से देख रहे हैं. अगर उन्होंने पहले की तरह लोगों को मारना शुरू किया, तो हम दखल देंगे.”

ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिकी प्रतिक्रिया में जमीनी सैनिकों की तैनाती नहीं होगी. उन्होंने कहा, “इसका मतलब जमीन पर सेना भेजना नहीं है, बल्कि वहां वार करना है, जहां सबसे ज्यादा दर्द हो.” ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनों को अभूतपूर्व बताया और कहा कि सालों के दमन ने लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहेंगे और ईरानी नेताओं को चेतावनी दी कि वे लोगों पर गोलियां न चलाएं.

2 किलो घरेलू गैस के नए रेट जारी, शहर के अनुसार LPG कीमतों में बदलाव, उज्ज्वला लाभार्थियों को सब्सिडी राहत…

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नए साल पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडर के दाम में हुए इजाफे के बाद उपभोक्ताओं की नजर घरेलू गैस के नए दामों पर टिक गई है। हर महीने की तरह तेल कंपनियों ने 14.2 किलो LPG सिलेंडर के ताजा रेट अपडेट कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपया विनिमय दर के चलते गैस के दामों में बदलाव देखने को मिला है। कहीं सिलेंडर सस्ता (LPG Cylinder Price Today 10th January 2026) हुआ है तो कहीं कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में आम परिवारों के मासिक खर्च पर इसका सीधा असर पड़ना तय है, क्योंकि रसोई गैस हर घर की बुनियादी जरूरत बन चुकी है।

वेबसाइट पर देखें सिलेंडरों के दाम.गैस सिलेंडर के दाम शहर-दर-शहर अलग-अलग हो सकते है’

दिल्लीमुंबईकोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी नए रेट लागू कर दिए गए हैं। सब्सिडी वाले और बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमतों में फर्क साफ देखा जा सकता है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी नजदीकी गैस एजेंसी या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने शहर का लेटेस्ट रेट जरूर चेक करें, ताकि बुकिंग के समय किसी तरह की परेशानी न हो।

कर सकते है गैस बचाकर बड़ी बचत (LPG Gas Cylinder Price in India 10th January 2026)

गैस सिलेंडर के कीमतों का असर कम करने के लिए गैस का सही और सोच-समझकर इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। उज्ज्वला योजना (Ujjawala Scheme) के लाभार्थियों को मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी अपडेट रखें और समय पर सिलेंडर (LPG Cylinder Price Today 10th January 2026) बुक करें। इसके अलावा, गैस की बचत करने वाले उपाय अपनाकर भी महीने के खर्च को कंट्रोल किया जा सकता है। कुल मिलाकर, आज जारी हुए 14.2 किलो LPG के नए दाम हर परिवार के लिए अहम हैं, इसलिए अपने शहर का ताजा रेट जरूर चेक करें।

 ⁠नीचे देखें भारत के प्रमुख शहरों में आज एलपीजी की कीमत (LPG Gas Cylinder Metro Cities 10th January 2026)

शहर घरेलू गैस (14.2 किग्रा) वाणिज्यिक गैस (19 किग्रा)
नई दिल्ली ₹853.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,691.50 (₹111.00 बढ़ोतरी)
कोलकाता ₹879.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,795.00 (₹111.00 बढ़ोतरी)
मुंबई ₹852.50 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,642.50 (₹111.00 बढ़ोतरी)
चेन्नई ₹868.50 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,849.50 (₹110.00 बढ़ोतरी)
गुरुग्राम ₹861.50 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,708.50 (₹111.50 बढ़ोतरी)
नोएडा ₹850.50 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,691.50 (₹111.00 बढ़ोतरी)
बेंगलुरु ₹855.50 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,764.50 (₹110.50 बढ़ोतरी)
भुवनेश्वर ₹879.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,835.50 (₹111.00 बढ़ोतरी)
चंडीगढ़ ₹862.50 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,710.50 (₹111.00 बढ़ोतरी)
हैदराबाद ₹905.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,912.50 (₹111.00 बढ़ोतरी)
जयपुर ₹856.50 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,719.50 (₹111.00 बढ़ोतरी)
लखनऊ ₹890.50 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,814.00 (₹111.00 बढ़ोतरी)
पटना ₹942.50 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,940.00 (₹111.00 बढ़ोतरी)
तिरुवनंतपुरम ₹862.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,719.00 (₹111.00 बढ़ोतरी)

राजधानी रायपुर में आज एलपीजी की कीमत (LPG Gas Cylinder Price in Raipur 10th January 2026)

प्रकार कीमत कीमत में बदलाव
घरेलू गैस (14.2 किग्रा) ₹924.00 कोई बदलाव नहीं
वाणिज्यिक गैस (19 किग्रा) ₹1,892.50 ₹111.00 की बढ़ोतरी
घरेलू गैस (5 किग्रा) ₹342.50 कोई बदलाव नहीं
वाणिज्यिक गैस (47.5 किग्रा) ₹4,726.50 ₹276.00 की बढ़ोतरी

छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में आज एलपीजी की कीमत (LPG Gas Cylinder Price in Chhattisgarh 10th January 2026)

शहर घरेलू गैस (14.2 किग्रा) वाणिज्यिक गैस (19 किग्रा)
बालोद ₹943.50 (₹11.00 बढ़ोतरी) ₹1,920.00 (₹126.00 बढ़ोतरी)
बलौदाबाजार ₹933.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,903.50 (₹111.00 बढ़ोतरी)
बलरामपुर ₹941.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,932.00 (₹112.00 बढ़ोतरी)
बस्तर ₹877.50 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,768.50 (₹112.00 बढ़ोतरी)
बेमेतरा ₹924.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,899.00 (₹111.00 बढ़ोतरी)
बीजापुर ₹941.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,928.50 (₹111.50 बढ़ोतरी)
बिलासपुर ₹941.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,932.00 (₹112.00 बढ़ोतरी)
दंतेवाड़ा ₹941.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,930.00 (₹111.50 बढ़ोतरी)
धमतरी ₹941.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,918.50 (₹111.50 बढ़ोतरी)
दुर्ग ₹924.50 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,893.50 (₹110.50 बढ़ोतरी)
गरियाबंद ₹941.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,923.00 (₹111.50 बढ़ोतरी)
गौरेलापेंड्रामरवाही ₹941.00 (₹1.00 की कमी) ₹1,932.00 (₹112.00 बढ़ोतरी)
जांजगीर ₹941.50 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,932.00 (₹112.00 बढ़ोतरी)
जशपुर ₹941.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,932.00 (₹112.00 बढ़ोतरी)
कांकेर ₹941.00 (कोई बदलाव नहीं) ₹1,922.00 (₹112.00 बढ़ोतरी)

 

रायपुर में IPL का सट्टा रैकेट! सीजन से पहले विदेशी ट्रेनिंग वाले गिरोह का पर्दाफाश, कैश और लैपटॉप सहित 4 बुकी गिरफ्तार…

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Raipur IPL Online Betting: IPL सीजन से पहले बड़ी गिरफ्तारी, विदेशी ट्रेनिंग वाले सट्टा गिरोह का खुलासा, मास्टरमाइंड विक्रम कोरी समेत 4 गिरफ्तार…

आईपीएल (क्रिकेट टूर्नामेंट) के नए सीजन की शुरुआत से पहले ऐसा ही एक सट्टा गिरोह राजधानी रायपुर पहुंचा। यहां वह पैनल आईडी के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालन के लिए लोगों की तलाश में था।

IPL सीजन से पहले ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश

इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने सतर्कता बढ़ाते हुए पूछताछ और निगरानी तेज कर दी। पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड समेत 4 ऑनलाइन बुकी को गिरफ्तार किया। पूरा मामला गंज थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम की पड़ताल में सामने आया कि चार युवक विदेश से वापस आकर ऑनलाइन सट्टा के लिए युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड विक्रम कोरी, रितेश गोविंदानी और अकरम शामिल हैं।

इन आरोपियों के पास से 50 लाख रुपए कैश, मोबाइल और लैपटॉप भी बरामद हुए। कुल 75 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया गया है। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि “आल पॉवर” और “क्लासिक गेमिंग” एप के नाम से ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था। सटोरियों के पास कई म्यूल अकाउंट भी पाए गए हैं।