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E-Chalan Scam: रायपुर में तेजी से बढ़े ई-चालान स्कैम, ट्रैफिक पुलिस को करनी पड़ी ये अपील, जानें क्या है ई-चालान SCAM?

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ई-चालान स्कैम को लेकर जारी अपील में रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि वाहन मालिक भुगतान के लिए फर्जी RTO E-CHALLAN.apk फाइल को डाउनलोड न करें, बल्कि अधिकृत वेबसाइट का उपयोग करें वरना अनजान लिंक को क्लिक करने से स्कैम के शिकार हो सकते हैं.

राजधानी रायपुर में ई-चालान स्कैम तेजी से पांव पसार रहा है. परिवहन विभाग के बाद अब ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से इससे सावधान रहने की अपील की है. ई-चालान स्कैम को लेकर बुधवार को रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने वाहन मालिकों से व्हॉट्सएप पर आए फर्जी आरटीओ ई-चालान फाइल को डाउनलोड नहीं करने की अपील की है.

ई-चालान स्कैम को लेकर जारी अपील में रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि वाहन मालिक भुगतान के लिए फर्जी RTO E-CHALLAN.apk फाइल को डाउनलोड न करें, बल्कि अधिकृत वेबसाइट का उपयोग करें वरना अनजान लिंक को क्लिक करने से स्कैम के शिकार हो सकते हैं.

लोगों से अपील व्हाट्सएप पर आए लिंक से ना करें भुगतान

राजधानी रायपुर ेने लगातार हो रहे ई-चालान स्कैम को लेकर लोगों को सतर्क करते हुए परिवहन विभाग ने कहा है कि वो अनजाने लिंक के जरिेए अपने ई-चालान का भुगतान न करें, यह स्कैम हो सकता है. वहीं, ऑनलाइन मैसेंजर एप व्हाट्सएप पर आए लिंक को क्लिक नहीं करने की भी सलाह दी, जिसके जरिए साइबर लोगों से ठगी को अंजाम दे रहे हैं.

ई-चालान के नाम पर कारोबारी से ठगों ने लूट लिए 4 लाख

गौरतलब है ई-चालान के नाम पर साइबर अपराधियों ने गुढ़ियारी के कारोबारी से 4 लाख और पुरानी बस्ती के युवक से 2 लाख की ठगी का मामला सामने आया है. परिवहन विभाग में ही ई-चालान के नाम पर ठगी की कई शिकायत दर्ज हो चुकी है, जिसके बाद परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने सभी को सतर्क करने के लिए यह अपील जारी की है.

ऑनलाइन ठगी के लिए लगातार पैतरे बदल रहे साइबर ठगों ने रायपुर में फर्जी ई-चालान लिंक को वाहन मालिकों को ठगने का नया हथियार बनाया है. साइबर ठग लोगों को ई चालान भरने के लिए एक लिंक भेजते हैं, जिसको क्लिक करते ही लोग ई-चालान स्कैम के शिकार हो रहे हैं.

ई-चालान के भुगतान के लिए अधिकृत पोर्टल का करें उपयोग

ट्रैफिक पुलिस आईटीएमएस के कैमरों से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का ई-चालान तैयार कर उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजती है, जिसमें ई-चालान को देखने व भुगतान के लिए अधिकृत वेबसाइट लिंक भी इम्बेड किया जाता है, जिसमें चालान कर्ता के लिए अथॉरिटी से संपर्क करने का निर्देश रहता है.

ई-चालान का फर्जी SMS भेजकर डिवाइस हैक कर लेते हैं ठग

साइबर ठगों ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के बारे में ट्रैफिक पुलिस व परिवहन विभाग के नाम से फर्जी एसएमएस भेजकर लोगों से ठगी करते हैं. वाहन मालिकों को ई- चालान का जुर्माना भरने के लिए फर्जी लिंक दिया जाता है. लिंक पर क्लिक करते ही RTOE-CHALLAN.apk नामक फाइल डाउनलोड हो जाता है, जिससे मोबाइल को हैक हो जाता है.

ठगी से बचने के लिए वाहन मालिक मोबाइल पर आने वाले लिंक को क्लिक नहीं करना चाहिए. परिवहन विभाग के लिंक पर संदेह दूर करने के लिए अधिकृत वेबसाइट https://echallan. parivahan.gov.in पर जाकर लिंक की सत्यता की पुष्टि आसानी से किया जा सकता है.

डिवाइस हैक कर साइबर ठग देते हैं ऑनलाइन ठगी को अंजाम

रिपोर्ट के मुताबिक फोन पर आए ई-चालान के फर्जी लिंक को क्लिक होते ही मोबाइल फोन या कम्प्यूटर को हैक करने वाली एक फाइल डाउनलोड हो जाता है, जिसके जरिए फोन का नियंत्रण ठगों के हाथ में चला जाता है, जिससे साइबर ठग वाहन मालिक के बैंक खातों पर आसानी से डाका डालने में सफल हो जाते हैं.

सहमति पर परिवहन विभाग व्हॉट्सएप पर भेजती है ई-चालान

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक जिन वाहन मालिकों को मोबाइल संदेश या डाकघर के माध्यम से चालान प्रेषित नही हो पाता है उन मामलों में ट्रैफिक पुलिस वाहन स्वामी के मोबाइल नंबर पर कॉल कर ई-चालान की सूचना देती है और वाहन स्वामी की सहमति पर उनके वाट्सअप में चालान को भेजती है.

विभाग किसी भी वाहन स्वामी के व्हॉट्सएप पर सीधे ई-चालान नही भेजती है. यदि व्हाट्सएप पर ई-चालान प्राप्त हो रहा है तो तब भी चालान डाउनलोड नहीं करना चाहिए. ऐसे फर्जी ई-चालान की लिंक की पुष्टि के लिए विभाग के अधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करना जरूरी है.

ऐसे ई-चालान भरकर ठगी से बच सकते हैं वाहन मालिक

रायपुर पुलिस के मुताबिक ई-चालान देखने के लिए परिवहन विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर ई-चालान के पेज में जाकर पे ऑनलाईन पर क्लिक करें. उसके बाद चालान नंबर एवं कैप्चा कोड भरकर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी डालकर चालान का पूरा विवरण प्राप्त किया जा सकता है, जो सबसे सुरक्षित एवं विश्वसनीय है.

ई-चालान को जांचने के बाद वाहन माालिक भुगतान करें

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने वाहन स्वामियों से अपील किया है कि वाहन मालिक अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, ई-चालान का संदेश प्राप्त होने पर परिवहन विभाग की अधिकृत वेबसाइट के जरिए उसकी सत्यता जांच करने के बाद ही ई-चालान का भुगतान करें. व्हॉट्सएप पर आए लिंक को क्लिक करने से बचें.

पीएम सूर्यघर योजना के प्रचार के लिए सूर्य रथ रवाना

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर सूरजपुर जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के उद्देश्य से आज सीएसपीडीसीएल सूरजपुर संभाग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी पैकरा एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती स्वाति सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया। यह रथ आगामी एक सप्ताह तक जिले के विभिन्न ब्लॉक मुख्यालयों और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर योजना से संबंधित जानकारी का प्रसार करेगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ना और उन्हें सौर ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना है।

यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का शुभारंभ 15 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। इस योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को छतों पर सौर पैनल लगाने के लिए 55 से 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। यह योजना न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत प्रदान करेगी, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होगी।

इस योजना के तहत एक किलोवाट सोलर प्लांट लगाने पर अनुमानित लागत 70,000 रूपए आती है, जबकि लाभान्वित हितग्राही को केन्द्र सरकार और राजय सरकार द्वारा संयुक्त रूप से 45 हजार रूपए अनुदान दिया जाता है। इसी तरह 2 किलोवाट की अनुमानित लागत एक लाख 40 हजार रूपए आती है और 90 हजार रूपए अनुदान के रूप में दिए जाते हैं। 3 किलोवाट सोलर प्लांट की लागत 2 लाख रूपए अनुमानित है, जिसका केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कुल एक लाख 8 हजार रूपए अनुदान के रूप में दिए जाते हैं।

छत्तीसगढ़ शासन की हाफ बिजली बिल योजना में किए गए संशोधन के तहत 100 यूनिट तक की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत रियायत दी जा रही है, जिससे राज्य के लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ हो रहा है। वहीं, 100 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है, जिसके माध्यम से वे न केवल अपनी आवश्यकता की बिजली उत्पादित कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आमदनी भी अर्जित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। छत्तीसगढ़ में सूर्य रथ का संचालन इसी उद्देश्य से किया जा रहा है कि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ें और स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर न केवल अपने घरों को रोशन करें, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दें। सभी नागरिकों से अपील है कि इस योजना का लाभ उठाकर सौर ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना प्रदेशवासियों के लिए सस्ती, स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा उपलब्ध कराते हुए बिजली आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त पहल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय को बस्तर दशहरा कार्यक्रम में शामिल होने का मिला न्यौता

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति, जगदलपुर के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व 2025 में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि 75 दिनों तक चलने वाला यह पर्व हरेली अमावस्या से प्रारंभ होकर आश्विन शुक्ल पक्ष के 13वें दिन तक मनाया जाता है। इस वर्ष इसकी शुरुआत 24 जुलाई को पाटजात्रा पूजा विधान के साथ हुई है। आगामी प्रमुख आयोजनों में 21 सितंबर को काछनगादी पूजा, 29 सितंबर को बेल पूजा तथा 4 अक्टूबर को मुरिया दरबार का आयोजन शामिल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर दशहरा के आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल का आभार व्यक्त किया और आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की आत्मीयता ने छुआ श्रमिक परिवार का दिल, बेटी प्रतिज्ञा ने थामा सपनों का रास्ता

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एक माँ की आँखों में उमड़ी खुशी, चेहरे पर झलकता गर्व और शब्दों में छलकता भावातिरेक इस बात का प्रमाण है कि सरकार की दिशा सही है और योजनाएँ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच रही हैं। रायपुर की नंदिनी यादव, जो रोज़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, आज अपनी बेटी प्रतिज्ञा को छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध में प्रवेश दिलाकर गदगद हैं। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से।

नंदिनी यादव बताती हैं कि वह हमेशा चाहती थीं कि उनके बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ें, लेकिन सीमित आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। घर के अन्य बच्चों को देख वह कई बार सोचती थीं कि उनकी बिटिया भी अच्छे स्कूल में पढ़े। जब प्रतिज्ञा का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में हुआ तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। उन्होंने कहा मेरे लिए यह क्षण अविस्मरणीय है। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान नंदिनी यादव ने अपने मन की भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब बेटी का भविष्य संवर जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी नंदिनी यादव को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन की नई दिशा देने का माध्यम बनेगी।

नंदिनी ने बताया कि बेटी प्रतिज्ञा का सपना बड़ा है। वह हमेशा से कहती आई है कि उसे फौज में जाना है और देश की सेवा करनी है। बिटिया का यह सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता से वह अपने लक्ष्य तक पहुँच सकेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्ची की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सपनों से ही देश की नींव मजबूत होती है।

नंदिनी यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि केवल बच्ची की शिक्षा की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें पक्का मकान मिला है, उज्ज्वल योजना से रसोई गैस कनेक्शन मिला और उनकी सासू माँ को शासन से सिलाई मशीन भी प्राप्त हुई है। इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा सरकार की योजनाएँ मेरे परिवार के लिए संबल बन गई हैं, यही तो सच्चा अंत्योदय है।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के कारण आज मेरी बच्ची को बेहतर शिक्षा मिल रही है। मैं मुख्यमंत्री जी के पास अपनी भावनाएँ व्यक्त करने आई हूँ। यह खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। माँ की भावुकता देखकर उपस्थित लोग भी प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि बेटी की पढ़ाई पूरी जिम्मेदारी से होगी और परिवार को लगातार सहयोग मिलता रहेगा।

उल्लखेनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत छठी से बारहवीं तक पढ़ाई का पूरा दायित्व सरकार उठाती है। नंदिनी यादव अब निश्चिंत हैं कि उनकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है। यह कहानी केवल एक माँ-बेटी की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों की है जिनके सपने सरकार की योजनाओं से साकार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कोरबा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की।

जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्व सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी रही। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है।

प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके।

पीएम जनमन योजना ने खोलीं नई संभावनाएँ

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति समृद्ध है। हमें जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की व्यवस्थाओं में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा, खेल और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु स्थायी पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आए हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट राशि बढ़ाए जाने से आदिवासी बहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी।

शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई को मिली सौगात

मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष घोषणाएँ कीं। उन्होंने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए दो बालक-बालिका खेल परिसरों हेतु 10-10 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की।

आधारभूत संरचना और पर्यटन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपये की घोषणा की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

मध्य क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 539 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रुपये के कुल 491 स्वीकृत कार्यों में से 482 कार्य पूर्ण हो गए। वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के कुल 464 स्वीकृत कार्यों में से 424 कार्य पूर्ण हुए। वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख रुपये के कुल 508 स्वीकृत कार्यों में से 123 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में मंत्रीगण श्री रामविचार नेताम, श्री दयालदास बघेल, श्री केदार कश्यप, श्री लखनलाल देवांगन, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री ओ.पी. चौधरी, श्री टंकराम वर्मा, श्री गजेंद्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब, श्री राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा श्री संतोष पांडेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, श्री मनोज पिंगुआ, प्राधिकरण के सचिव श्री बसवराजू, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, प्रभारी आईजी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव, कलेक्टर कोरबा श्री अजीत वसंत सहित अन्य जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

बेटियों की शिक्षा से पीढ़ियाँ होती हैं शिक्षित : मुख्यमंत्री श्री साय

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बेटियों को शिक्षा मिलने से हमारी पीढ़ियाँ शिक्षित होती हैं। प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना से हजारों बेटियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हुआ है और इसमें बेटियों ने भी अपनी भूमिका निभाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। बेटियाँ आर्थिक दिक्कतों के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़ें—इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। यह योजना प्रदेश में बालिकाओं की उच्च शिक्षा में नामांकन दर को और अधिक बढ़ाने में सहायक होगी।
श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संकल्प को यह स्कॉलरशिप आगे बढ़ाएगी। इसके माध्यम से शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली निम्न आय वर्ग की छात्राओं को विशेष रूप से मदद मिलेगी और वे अपनी उच्च शिक्षा जारी रख पाएँगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बेटियाँ पढ़ती हैं तो वे केवल दो परिवारों को ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ियों को शिक्षित करती हैं। उन्होंने सभी महाविद्यालयों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए।

उल्लेखीय है कि इस योजना के तहत प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली नियमित छात्राएँ पात्र होंगी। जो छात्राएँ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक के प्रथम वर्ष अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में देश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेंगी, उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।योजना का लाभ पाने के लिए वेबसाइट
https://azimpremjifoundation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship
पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर भी आवेदन किया जा सकता है।

आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएँगे—पहला चरण 10 सितम्बर से 30 सितम्बर 2025 तथा दूसरा चरण 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक। फाउंडेशन द्वारा छात्रवृत्ति योजना की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क संचालित की जाएगी। यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की धोखाधड़ी या शिकायत की जानकारी हो, तो उसे
scholarship@azimpremjifoundation.org
पर प्रेषित किया जा सकता है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष देवांगन, संचालक तकनीकी शिक्षा श्री विजय दयाराम के., तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड श्री सुनील शाह उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बड़ी सौगात कुनकुरी में बनेगा अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व में जशपुर जिले को लगातार विकास की सौगातें मिल रही हैं। खेल प्रतिभाओं को पहचान और बेहतर अवसर दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। जिले के कुनकुरी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए शासन द्वारा 63 करोड़ 84 लाख 89 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह खेल कॉम्प्लेक्स न केवल जशपुर बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधा इस कॉम्प्लेक्स के निर्माण से मिलेगा l ग्रामीण और आदिवासी अंचल के खेल में रुचि रखने वाले युवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अब खिलाड़ियों को बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यहीं पर उन्हें प्रशिक्षण, प्रतियोगिताएं और खेल आयोजन की बेहतर सुविधाएं मिलेगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की छुपी हुई खेल प्रतिभाएं निखरकर सामने आएंगी। युवाओं के लिए खेलों में कैरियर और रोजगार की नई संभावनाएं भी खुलेंगी। स्थानीय खेल प्रेमियों और युवाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि इस कॉम्प्लेक्स के बनने से जशपुर जिले की पहचान खेलों के क्षेत्र में और भी मजबूत होगी।

ये होंगी विशेष सुविधाएं

इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अत्याधुनिक खेल ढांचे और सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसमें शामिल होंगे—
एथलेटिक्स ट्रैक एवं पवेलियन, बास्केटबॉल कोर्ट, कबड्डी और खो-खो के मैदान,आधुनिक स्विमिंग पूल एवं ड्रेस चेंजिंग रूम, वॉलीबॉल ग्राउंड , जंपिंग गेम और खेल उपकरण इन सभी व्यवस्थाओं से खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

जशपुर का खेलों में नया स्वर्णिम अध्याय

जशपुर जिला पहले से ही अपनी खेल प्रतिभाओं के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। अब इस इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से यह परंपरा और मजबूत होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का यह कदम न केवल खेल प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है, बल्कि यह जशपुर को खेलों की भूमि के रूप में नई पहचान भी दिलाएगा।

पड़ोसी देश नेपाल में जारी हिंसा और राजनीतिक उथलपुथल के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आश्वासन दिया…

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पड़ोसी देश नेपाल में जारी हिंसा और राजनीतिक उथलपुथल के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार राज्य के उन पर्यटकों की सुरक्षित वापसी के लिए तेजी से कार्रवाई कर रही है। ये सभी वर्तमान में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच नेपाल में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन अपने नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए भारत सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

सीएम साय ने किया ट्वीट

एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मुझे जानकारी मिली है कि छत्तीसगढ़ के कुछ पर्यटक इस समय नेपाल में हैं। उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए मैंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, तथा भारत सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस चुनौतीपूर्ण समय में हमारी सरकार प्रत्येक नागरिक की सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

राज्यों के मुख्यमंत्री हुए सक्रिय

इस बीच, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के पर्यटकों से बात की और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। अधिकारियों के अनुसार, जनरल जेड के नेतृत्व में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन के कारण महाराष्ट्र के लगभग 150 पर्यटक नेपाल में फंस गए हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी नेपाल में फंसे पर्यटकों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और उन्हें जल्द ही वापस लाने की व्यवस्था की जाएगी। बनर्जी ने कहा, “मैं नेपाल में फंसे पर्यटकों के मुद्दे को गंभीरता से लेती हूँ। मैं उनसे कहना चाहती हूँ कि स्थिति सामान्य होने तक कुछ समय इंतज़ार करें। हम स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और जल्द ही आप सभी को वापस लाएँगे।”

नेपाल में जारी है हिंसा

बता दें कि, नेपाल में 8 सितम्बर को जेन-जेड के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है, स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्रालय ने बुधवार शाम को यह घोषणा की।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि देशभर में 1,033 घायलों के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 713 घायलों को पहले ही छुट्टी दे दी गई है, जबकि 55 को आगे के उपचार के लिए अन्य स्थानों पर रेफर कर दिया गया है। 253 नए मरीज़ अभी भी भर्ती हैं। काठमांडू का सिविल सर्विस अस्पताल इस समय सबसे ज़्यादा मामलों का भार संभाल रहा है, जहाँ 436 लोगों का इलाज चल रहा है। नेशनल ट्रॉमा सेंटर 161 मरीज़ों की देखभाल कर रहा है, और एवरेस्ट अस्पताल 109 मरीज़ों का इलाज कर रहा है।

मंत्रालय ने बताया कि देश भर के कुल 28 अस्पताल प्रभावित लोगों की देखभाल कर रहे हैं। जेन-जेड नेपाल के बैनर तले हुए इस विरोध प्रदर्शन में संसद में घुसने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पहले गोलियां चलाईं और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े।

राज्यपाल श्री डेका ने पासपोर्ट कार्यालय की राजभाषा पत्रिका महतारी का विमोचन किया

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राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राजभवन में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय रायपुर की राजभाषा पत्रिका महतारी-2025 का विमोचन किया। कार्यालय में हिन्दी भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने तथा कार्मिकों में हिन्दी के प्रति स्नेह, लगाव व रूचि पैदा करने के लिए यह पत्रिका प्रकाशित की गई है।

इस अवसर पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी श्री गौरव गर्ग एवं कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा होगी पूरी, पत्थलगांव में बनेगा आधुनिक बस स्टैंड

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप जशपुर जिले के पत्थलगांव नगर पालिका को आधुनिक बस स्टैंड की सौगात मिलने जा रही है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इसके लिए करीब पांच करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण के लिए संचालनालय द्वारा चार करोड़ 99 लाख 75 हजार रुपए की मंजूरी के आदेश जारी कर दिए गए हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट से अधोसंरचना मद के तहत यह राशि स्वीकृत की गई है। श्री साव ने कार्य की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जगदलपुर में 11 सितम्बर को छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का करेंगे शुभारंभ

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 11 सितम्बर को जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का शुभारंभ करेंगे। इस आयोजन से बस्तर अंचल में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी, वहीं रोजगार के अवसरों के नए द्वार खुलेंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में बस्तर का विकास सदैव अग्रणी रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट इसी संकल्प को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की इस सोच के अंतर्गत उद्योग और निवेश को केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे मूलभूत क्षेत्रों से जोड़ा गया है, ताकि बस्तर का विकास केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित न रहकर सामाजिक उन्नति का आधार भी बन सके।

इन्वेस्टर कनेक्ट न केवल बस्तर में नए उद्योगों और व्यापक रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि विकास की प्रत्येक उपलब्धि का लाभ सीधे स्थानीय समुदायों तक पहुँचे और वे इस प्रगति यात्रा के सक्रिय भागीदार बनें।