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”जापान की धरती से PM मोदी ने पूरी दुनिया को दिया बड़ा संदेश”

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”जापान की धरती से PM मोदी ने पूरी दुनिया को दिया बड़ा संदेश”

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की धरती से पूरी दुनिया को बड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और चीन के बीच अच्छे संबंध पूरे एशिया के लिए फायदेमंद हैं।

उन्होंने यह बात जापान के एक अखबार, ‘द योमिउरी शिंबुन’ को दिए इंटरव्यू में कही। जापान में वे भारत-जापान के 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। पीएम मोदी जापान दौरे के बाद चीन के तियानजिन शहर में आयोजित होने वाले SCO शिखर सम्मेलन में भी भाग लेने वाले हैं।

‘दुनिया की अर्थव्यवस्था को स्थिर करना है’ उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों देशों को मिलकर दुनिया की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए काम करना चाहिए। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत आपसी सम्मान और हितों के आधार पर चीन के साथ अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने कहा कि चीन के साथ अच्छे रिश्ते बहुत जरूरी हैं। इससे पूरे एशिया में शांति बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बुलावे पर वह तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने जा रहे हैं। पिछले साल कजान में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार हुआ है।

जापान को बताया मजबूत साझेदार पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान भी मिलकर एशिया और दुनिया में शांति लाएंगे। दोनों देश रक्षा, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष और व्यापार के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। पीएमओ इंडिया ने भी इस बारे में ट्वीट किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और चीन पड़ोसी हैं। दोनों दुनिया के सबसे बड़े देश हैं, इसलिए दोनों के बीच अच्छे संबंध होने से पूरे क्षेत्र में शांति और तरक्की आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, उसे देखते हुए भारत और चीन का एक साथ आना जरूरी है, इससे दुनिया में स्थिरता आएगी।

 

“चीन और भारत का वार? हिलने लगी अमेरिकी नींव” डॉलर का साम्राज्य डगमगाने लगा, टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर भी चीन ने बड़ा दांव ”

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“चीन और भारत का वार? हिलने लगी अमेरिकी नींव” डॉलर का साम्राज्य डगमगाने लगा, टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर भी चीन ने बड़ा दांव ”

नई दिल्ली। विश्व मंच पर अमेरिकी वर्चस्व को अब दो बड़े एशियाई देशों की नीतियों और रणनीतियों से गहरी चुनौती मिल रही है, चीन और भारत। जहां चीन लंबे समय से अमेरिका के साथ आर्थिक, तकनीकी और सैन्य प्रतिस्पर्धा में लगा हुआ है, वहीं भारत ने हाल के वर्षों में जिस तरह से अपनी वैश्विक स्थिति को मजबूत किया है, उसने भी अमेरिकी दबदबे को संतुलित करने की दिशा में नया मोर्चा खोल दिया है।

चीन की रणनीतिक चालें चीन बीते दशक से ही अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती देने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रहा है। ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (BRI) के जरिए चीन ने दुनिया के तमाम विकासशील देशों में अपना आर्थिक दबदबा बना लिया है। इसके अलावा, डॉलर पर निर्भरता को खत्म करने के लिए युआन में व्यापार बढ़ाने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं। रूस और ईरान जैसे देशों के साथ मिलकर चीन ने डॉलर की जगह स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन को बढ़ावा दिया है।

टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर भी चीन ने बड़ा दांव खेला है। हुवावे जैसी कंपनियों को प्रतिबंधित करने के बावजूद, चीन ने 5G, AI और चिप टेक्नोलॉजी में स्वदेशीकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। अमेरिका के लिए यह एक चेतावनी है कि तकनीकी मोर्चे पर भी अब उसे एक शक्तिशाली प्रतिस्पर्धी का सामना करना होगा।

भारत की चढ़ती आर्थिक हैसियत भारत, जो कभी विकासशील देशों की कतार में गिना जाता था, अब विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। तेज़ी से बढ़ती GDP, मजबूत युवा जनसंख्या, तकनीकी स्टार्टअप्स का विस्फोट और वैश्विक निवेशकों का आकर्षण, ये सभी कारक भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभार रहे हैं।

भारत ने भी हाल ही में अमेरिकी दबदबे को संतुलित करने के प्रयासों में हिस्सेदारी ली है, जैसे ब्रिक्स में डॉलर-मुक्त व्यापार की पहल, या वैश्विक साउथ की आवाज़ बनने की कोशिश। अमेरिका को यह भी ध्यान में रखना होगा कि भारत अब केवल रणनीतिक साझेदार नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र वैश्विक खिलाड़ी बनना चाहता है।

डॉलर का साम्राज्य डगमगाने लगा? अमेरिकी अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा हथियार उसका डॉलर आधारित वैश्विक वित्तीय ढांचा रहा है। लेकिन चीन और भारत सहित कई देश अब इस व्यवस्था से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। ब्रिक्स देशों द्वारा एक साझा करेंसी या स्थानीय मुद्राओं में व्यापार की बात अमेरिका के लिए सीधा आर्थिक खतरा बनती जा रही है।

“बिहार के दरभंगा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान विवादित घटना टिप्पणी पर अमित शाह”

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“बिहार के दरभंगा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान विवादित घटना टिप्पणी पर अमित शाह”

बिहार के दरभंगा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान विवादित घटना हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय मां के खिलाफ अपमानजनक शब्द बोले गए।

अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। शाह असम के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने राजभवन में नए ब्रह्मपुत्र विंग और कई अन्य प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। गुवाहाटी में रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस की यह हरकत शर्मनाक है और इससे भाजपा की जीत का रास्ता और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यह देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और राहुल गांधी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाला शख्स गिरफ्तार शाह ने बताया कि यह घटना नई नहीं है। जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, कांग्रेस के कई नेता उन्हें अपशब्द कह चुके हैं। शाह ने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ नेताओं ने मोदी जी को ‘मौत का सौदागर, ‘जहरीला सांप, ‘नीच आदमी, ‘रावण, ‘भस्मासुर और वायरस तक कहा गया।’ दरभंगा में हुई इस घटना के बाद भाजपा ने पटना के गांधी मैदान थाने में FIR दर्ज करने की मांग की थी। भाजपा प्रवक्ता दानिश इकबाल और कृष्ण सिंह ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दी। मामले में एक दिन बाद ही शुक्रवार को दरभंगा पुलिस ने गुरुवार देर रात आरोपी रिजवी उर्फ राजा को गिरफ्तार कर लिया। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो आरोपी सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भपुरा गांव का रहने वाला है और वह पिकअप ड्राइवर है।

“हर बार गालियां दी लेकिन जीत भाजपा की हुई” अमित शाह ने अपने भाषण में कहा,”मैं कांग्रेस से कहना चाहता हूं कि जितनी ज्यादा गालियां मोदी जी को दोगे, कमल का फूल उतना ही खिलकर ऊंचाइयों को छुएगा। हर चुनाव में कांग्रेस ने यही कोशिश की। उन्होंने हर बार गालियां दी लेकिन जीत भाजपा की हुई। फिर इसे झुठलाने के लिए उन्होंने घुसपैठिया बचाओ यात्रा निकाली।”

”हम सच्चाई, संविधान की रक्षा करते रहेंगे, बिहार में बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प पर राहुल गांधी”

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”हम सच्चाई, संविधान की रक्षा करते रहेंगे, बिहार में बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प पर राहुल गांधी”

नई दिल्ली : बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। बीजेपी कार्यकर्ताओं की तरफ से कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन से यह घटना हुई।

झड़प में पत्थरबाजी से लेकर झंडे की लाठियां भी चली। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की है। इस बीच बिहार दौरे पर पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने सत्यमेव जयते का जिक्र करते हुए सत्य और संविधान के रक्षा की बात कही है।

राहुल गांधी ने किया ट्वीट कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा कि सत्य और अहिंसा के आगे असत्य और हिंसा टिक ही नहीं सकते।

”उन्होंने आगे लिखा कि मारो और तोड़ो, जितना मारना-तोड़ना है – हम सत्य और संविधान की रक्षा करते रहेंगे। सत्यमेव जयते। राहुल गांधी इस समय बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाल रहे हैं।\”

”इस क्रम में राहुल गांधी गुरुवार को सीतामढ़ी में थे। बिहार में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण के बाद वोटर लिस्ट से 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसा और इसे मतदाताओं के खिलाफ गहरी साजिश बताया।”

”कांग्रेस-बीजेपी कार्यकर्ताओं में झड़प राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से संबंधित एक मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिवंगत मां के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर बीजेपी आक्रामक हो गई है।”

”इस क्रम में बीजेपी की तर फ से पटना में मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।”

”बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दरभंगा में प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत मां के लिए अपशब्द बोले जाने की घटना के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम तक मार्च निकाला।”

”कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सदाकत आश्रम के अंदर तोड़फोड़ की और उसके कार्यकर्ताओं पर हमला किया।”

“गुजरात बिटकॉइन घोटाले में बड़ा फैसला, पूर्व MLA नलिन कोटडिया और IPS समेत 14 को उम्रकैद”

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“गुजरात बिटकॉइन घोटाले में बड़ा फैसला, पूर्व MLA नलिन कोटडिया और IPS समेत 14 को उम्रकैद”

गुजरात के बहुचर्चित बिटकॉइन घोटाले में अहम फैसला सुनाते हुए स्पेशल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व विधायक नलिन कोटडिया, अमरेली के पूर्व एसपी जगदीश पटेल और पूर्व पीआई अनंत पटेल सहित 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने पाया कि सभी आरोपी 2018 में सामने आए 12 करोड़ रुपये मूल्य के 176 बिटकॉइन और 32 लाख रुपये नकद की जबरन वसूली और अपहरण की साजिश में शामिल थे। यह मामला नोटबंदी के बाद सुर्खियों में आया था। 2012 में धारी सीट से विधायक रह चुके नलिन कोटडिया ने केशुभाई पटेल की गुजरात परिवर्तन पार्टी (GPP) के टिकट पर कांग्रेस के उम्मीदवार को हराया था। इस केस में कुल 15 लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से 14 को कोर्ट ने दोषी ठहराया, जबकि एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट के फैसले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।

“भारत की क‍िलर मिसाइलें अब ​किसको बनाएगी अपना निशाना? अग्नि 5-ब्रह्मोस की ताकत से पूरी दुनिया हैरान”

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“भारत की क‍िलर मिसाइलें अब ​किसको बनाएगी अपना निशाना? अग्नि 5-ब्रह्मोस की ताकत से पूरी दुनिया हैरान”

भारत ने कुछ दिन पहले (20 अगस्त) अग्नि 5 मिसाइल का परीक्षण किया था। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज में किया गया। इस दौरान मिसाइल ने अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

अग्नि 5 17.5 मीटर लंबी मिसाइल है, जिसका वज़न 50,000 किलोग्राम है। यह 1,000 किलोग्राम से ज़्यादा का परमाणु या पारंपरिक पेलोड ले जा सकती है। अग्नि 5 लगभग 30,000 किलोमीटर प्रति घंटे की हाइपरसोनिक गति से 5,000 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लक्ष्यों को भेद सकती है। यह दुनिया की सबसे तेज़ उड़ान भरने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक है।

अग्नि 5 मिसाइल के बारे में इतनी चर्चा क्यों है? भारत ने अग्नि 5 का परीक्षण पाकिस्तान द्वारा नई आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड (ARFC) के गठन की घोषणा के ठीक एक हफ़्ते बाद किया है। लेकिन, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का यह नया परीक्षण चीन के साथ-साथ पाकिस्तान के लिए भी एक संदेश हो सकता है। वर्तमान में, भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार ज़रूर हो रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच सीमा पर अभी भी तनाव बना हुआ है। अग्नि 5 की मारक क्षमता एशिया के अधिकांश हिस्सों तक फैली है, जिसमें चीन के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्र और यूरोप के कुछ हिस्से शामिल हैं। 2012 के बाद से भारत द्वारा अग्नि 5 मिसाइल का यह 10वाँ परीक्षण है।

अग्नि 5 मिसाइल चीन के लिए एक संदेश कैसे है अग्नि 5 मिसाइल के परीक्षण के समय को लेकर काफ़ी चर्चा हो रही है। भारत ने यह परीक्षण ऐसे समय किया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। इससे भारतीय बाज़ार को बड़ा झटका लगा है। वहीं, चीन ने भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ की कड़ी आलोचना की है।

मिसाइल शक्ति में भारत पाकिस्तान से कहीं आगे मिसाइलों के मामले में भारत पाकिस्तान से पूरी तरह आगे है। पाकिस्तान के पास ऐसी कोई मिसाइल नहीं है जो भारत के लिए कोई बड़ा ख़तरा बन सके। वहीं, मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान को अपनी मिसाइल शक्ति का एहसास कराया। भारत ने ब्रह्मोस मिसाइलों से दर्जनों पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और हवाई अड्डों को तबाह कर दिया। इस दौरान पाकिस्तान ने कम से कम 5 लड़ाकू विमान भी गंवाए। साथ ही, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जो भी मिसाइल दागने की कोशिश की, उसे हवा में ही मार गिराया गया।

भारत और पाकिस्तान के बीच मिसाइल प्रतिस्पर्धा भारत और पाकिस्तान दशकों से अपने मिसाइल शस्त्रागार को बढ़ाने में लगे हुए हैं। रॉकेट फोर्स के गठन से कुछ दिन पहले, पाकिस्तान ने 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फ़तेह 5 मिसाइल का अनावरण किया। फ़तेह 4 एक क्रूज़ मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता 750 किलोमीटर है। यह पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है। वहीं, भारत अग्नि-6 पर काम कर रहा है, जिसकी मारक क्षमता 10,000 किलोमीटर से ज़्यादा होने की उम्मीद है। यह मिसाइल मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) से भी लैस होगी, जिससे इसकी मारक क्षमता और बढ़ जाएगी।

पाकिस्तान की सबसे शक्तिशाली मिसाइल कौन सी है? पाकिस्तान की सबसे लंबी दूरी की मिसाइल शाहीन-III है, जिसकी मारक क्षमता 2,750 किलोमीटर है। “पाकिस्तान के पास दक्षिण एशिया की पहली MIRV-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल, अबाबिल भी है, जो 2,200 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है, लेकिन यह किसी भी परमाणु-सशस्त्र देश द्वारा तैनात सबसे कम दूरी की MIRV-सक्षम प्रणाली है।” पाकिस्तान का मिसाइल कार्यक्रम पूरी तरह से भारत-केंद्रित और रक्षात्मक प्रकृति का है, जबकि भारत की महत्वाकांक्षाएँ दक्षिण एशियाई उपमहाद्वीप से परे हैं। भारत अग्नि मिसाइल के कई अलग-अलग संस्करणों पर काम कर रहा है। इन सभी की क्षमताएँ अलग-अलग हैं।

इस मामले में भारत पाकिस्तान से आगे है। भारत पनडुब्बी से प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइलें (SLBM) भी ​​विकसित कर रहा है। पाकिस्तान के पास ऐसी कोई क्षमता नहीं है। भारत वर्तमान में K-15 और K-4 पनडुब्बी से प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग करता है। इनमें से K-15 की मारक क्षमता 750 से 1500 किलोमीटर और K-4 की मारक क्षमता 3500 से 4000 किलोमीटर है। इसके अलावा, भारत K-5 और K-6 मिसाइलें भी विकसित कर रहा है, जिनकी मारक क्षमता 5000 से 9000 किलोमीटर तक होगी। भारत के पास दो परमाणु ऊर्जा चालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियाँ भी हैं, लेकिन पाकिस्तान के पास एक भी नहीं है।

चीन के पास सबसे शक्तिशाली मिसाइलें मिसाइलों के मामले में, चीन अपने पड़ोसी देशों भारत और पाकिस्तान से कहीं आगे है। चीन के पास DF-41, DF-31 बैलिस्टिक मिसाइलें और JL-2 पनडुब्बी से प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। ये तीनों मिसाइलें भारत की अग्नि 5 मिसाइल से भी ज़्यादा दूरी तक वार कर सकती हैं। इसके अलावा, ये मिसाइलें कई वारहेड्स से लैस हैं। जो एक साथ अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बना सकती हैं।

“छत्तीसगढ़ में मौसम का कहर: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब से भारी बारिश और बाढ़ का खतरा”

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“छत्तीसगढ़ में मौसम का कहर: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब से भारी बारिश और बाढ़ का खतरा”

छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मौसम की मार लगातार जारी है। दक्षिणी ओड़िसा के पास बंगाल की खाड़ी में बनी निम्न दाब की स्थिति का प्रभाव प्रदेश के मौसम पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, इस स्थिति के कारण पिछले 3-4 दिनों से प्रदेश के दक्षिणी जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।

मौसम विभाग ने बताया कि इस निम्न दाब की वजह से प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ गई है।

रायगढ़, बलरामपुर, दंतेवाड़ा और जगदलपुर जैसे जिलों में पिछले दिनों हुई तेज बारिश ने नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा दिया है। कई ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र पानी में डूब गए हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों की सक्रियता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाढ़ के कारण कई सड़कों और पुलों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण इलाकों में पानी भर जाने से किसानों की फसलें भी जलमग्न हो गई हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत शिविरों की व्यवस्था शुरू कर दी है और बचाव कार्य में सेना और एनडीआरएफ की टीमों को भी तैनात किया गया है।

मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

”रायपुर समेत अन्य प्रमुख शहरों में भी बौछारों का प्रभाव दिख सकता है।

विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे नदी और नाले के किनारे जाने से बचें और प्रशासन की जारी की गई चेतावनियों का पालन करें।”

”विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दाब के कारण मौसमी अस्थिरता बढ़ रही है। यह स्थिति मानसून की सक्रियता को बढ़ा रही है और आने वाले दिनों में दक्षिणी और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में और बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और गंभीर हो सकता है।”

”प्रशासन ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। उन्होंने ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और घरों के आसपास के पानी के निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही, आवश्यक सामान और दवाओं की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है।”

”स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों को समय-समय पर अलर्ट किया जाएगा। इस बीच, नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार चैनलों के जरिए जारी चेतावनियों पर ध्यान दें।”

”अधिकारियों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब की स्थिति फिलहाल सक्रिय है, लेकिन आने वाले 2-3 दिनों में इसका असर कम होने की संभावना है। तब तक सभी संबंधित एजेंसियां और प्रशासनिक विभाग 24 घंटे तैयार रहेंगे।”

”छत्तीसगढ़ के मौसम पर यह प्रभाव यह दिखाता है कि प्राकृतिक परिस्थितियां किस प्रकार स्थानीय जीवन और कृषि पर असर डाल सकती हैं। ऐसे समय में प्रशासन और नागरिकों के समन्वित प्रयास ही जान-माल की हानि को कम करने में मददगार साबित होंगे।”

“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जापान और दक्षिण कोरिया दौरे से देर रात नई दिल्ली लौट आए हैं। कल दोपहर वे रायपुर पहुंचेंगे।

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“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जापान और दक्षिण कोरिया दौरे से देर रात नई दिल्ली लौट आए हैं। कल दोपहर वे रायपुर पहुंचेंगे।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने दस दिवसीय जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास के बाद देर रात नई दिल्ली लौट आए हैं। कल दोपहर वे रायपुर पहुंचेंगे। इस विदेश यात्रा को केवल एक औपचारिक कूटनीतिक दौरा नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जापान और दक्षिण कोरिया के प्रमुख निवेशकों और उद्योगपतियों से संवाद किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए निवेश गंतव्य के रूप में पेश किया और राज्य में उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी साझा की। राज्य सरकार की नीति और निवेश संवर्द्धन योजनाओं को विशेष रूप से उद्योग जगत के सामने रखा गया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध खनिज संपदा, उभरता हुआ औद्योगिक ढांचा और तकनीकी नवाचारों को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि राज्य में औद्योगिक और तकनीकी निवेश के लिए पूरी तरह से अनुकूल वातावरण उपलब्ध है और निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाएं एवं समर्थन दिया जाएगा।

इस विदेश दौरे का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना ही नहीं था, बल्कि छत्तीसगढ़ और इन देशों के बीच तकनीकी सहयोग, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देना था। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ऊर्जा, सौर और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में साझेदारी के अवसरों पर जोर दिया।

राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान कई निवेश प्रस्तावों पर सकारात्मक चर्चा हुई है। आने वाले महीनों में जापान और दक्षिण कोरिया के निवेशक छत्तीसगढ़ में संभावित परियोजनाओं के लिए विस्तृत सर्वेक्षण और मूल्यांकन करेंगे। इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह दौरा छत्तीसगढ़ के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ स्थापित संबंध राज्य में औद्योगिक विकास, विदेशी तकनीकी हस्तक्षेप और रोजगार सृजन के लिए लाभकारी होंगे। इसके साथ ही यह राज्य की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूती प्रदान करेगा।

स्थानीय उद्योगपतियों और व्यापारिक संगठनों ने भी इस दौरे का स्वागत किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री का यह प्रयास राज्य में निवेशकों के विश्वास को मजबूत करेगा और छत्तीसगढ़ को भारत के निवेश हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

मुख्यमंत्री की यह विदेश यात्रा राज्य के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ की विकास गति में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

राज्य सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि निवेशकों के साथ सहयोग और संवाद निरंतर जारी रहेगा, जिससे छत्तीसगढ़ को स्थायी और सतत विकास की राह पर अग्रसर किया जा सके।

”India US Trade War – अमेरिका के टैरिफ अटैक का भारत ने निकाला तोड़, क्या इन 40 देशों के समर्थन से पलटेगा गेम?”

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”India US Trade War – अमेरिका के टैरिफ अटैक का भारत ने निकाला तोड़, क्या इन 40 देशों के समर्थन से पलटेगा गेम?”

भारत जिस तरह से आज के समय में आगे बढ़ रहा है उसे देखकर अमेरिका बुरी तरह से बौखला गया है। ऐसे में उसने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला लिया। अब अमेरिका द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद भारतीय कपड़ा उद्योग को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप के प्लान पर पानी फेरने के लिए भारत अब 40 दूसरे देशों के बाजारों में अपने कपड़ा उद्योग को आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।

दरअसल इस मामले में अधिकारियों के मुताबिक भारत ने इसके लिए ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, मेक्सिको, पोलैंड, रूस, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूएई, ब्रिटेन जैसे 40 बड़े देशों के साथ इस अभियान को शुरू करने वाला है। अमेरिकी आयात में कमी के चलते भारत में कई बड़े कपड़ा उत्पादक बंद होते नजर आ रहे हैं, उन्हें इस मुसीबत से उभारने के लिए भारत ने यह कदम उठा रहा है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका भारत के कुल कपड़ा निर्यात का 29 प्रतिशत खरीदता है। जबकि ध्यान देने वाली बात ये है कि तमाम 40 देश 5-6 प्रतिशत ही भारत से खरीदते हैं। अब भारत इस लक्ष्य को बढ़ाने में जुट गया है। भारत किसी भी तरह से अमेरिका के आगे हार मानने को तैयार नहीं है वो अमेरिका के हर कदम का मुंहतोड़ जवाब देने वाला है।

अमेरिका द्वारा टैक्स के वार के बाद भारत यूरोपियन यूनियन से कार्बन टैक्स में छूट मांगता हुआ नजर आ सकता है। EU पहले ही अमेरिका को टैक्स में कुछ छूट दे चुका है। अब भारत भी अपने साथ इस तरह के कदम की उम्मीद करता है। इस बारे में EU के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल मिलकर बैठक कर सकते हैं।

“बिहार चुनाव रैली: PM नरेंद्र मोदी-उनकी मां का अपमान करने वाला शख्स गिरफ्तार, BJP का जोरदार हमला”

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“बिहार चुनाव रैली: PM नरेंद्र मोदी-उनकी मां का अपमान करने वाला शख्स गिरफ्तार, BJP का जोरदार हमला”

बिहार के दरभंगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान करने के केस में एक व्यक्ति जिसका नाम रिज़वी है, उसे बिहार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। 27 अगस्त को बिहार में कांग्रेस-राजद गठबंधन ने ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ रैली का आयोजन किया था।

दौरान रिज़वी ने पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हुए उनका अपमान किया था। इस पूरी घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया, जिससे राजनीतिक गलियारों में जबरदस्त तरीके से बवाल मच गया।

बिहार में घटित इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नाराजगी जताते हुए दिखाई दिए हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘दरभंगा में कांग्रेस-राजद के मंच से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और उनकी दिवंगत माँ के खिलाफ इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा निंदनीय ही नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र पर भी कलंक है।’ नाराजगी वाले नेताओं की लिस्ट में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल होते हुए दिखाई दिए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव का विरोध जताते हुए उनसे माफी मांगने के लिए कहा। अपनी बात में जेपी नड्डा ने कहा, ‘कांग्रेस की ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के मंच से प्रधानमंत्री का जिस तरह से अपमान किया गया, वह बेहद निंदनीय है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार की संस्कृति का अपमान किया है। उन्हें तुरंत माफ़ी मांगनी चाहिए।’

जिस वक्त पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी मां के बार में रिजवी ने उल्टा-सीधा कहा उस वक्त राहुल गांधी और तेजस्वी यादव स्टेज पर मौजूद नहीं थे। बिहार चुनाव को लेकर विपक्षी दलों की इस रैली ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच जारी है।