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”AIIMS के डॉक्टर बड़ी संख्या में क्यों छोड़ रहे नौकरी? दिल्ली से रायपुर-ऋषिकेश तक सामने आए ये आंकड़े ..”

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AIIMS से डॉक्टरों का छोड़कर जाना चिंता का विषय है. संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2024 के बीच 20 AIIMS से 429 डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया. सबसे ज्यादा 52 डॉक्टरों ने दिल्ली AIIMS छोड़ा, जो कि सबसे प्रतिष्ठित संस्थान है.

“देश भर के AIIMS में सीनियर डॉक्टर्स की भारी कमी’

AIIMS के डॉक्टर बड़ी संख्या में क्यों छोड़ रहे नौकरी? दिल्ली से रायपुर-ऋषिकेश तक सामने आए ये आंकड़े

देशभर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में डॉक्टरों की कमी एक बड़ी समस्या बन गई है. सरकार द्वारा संसद में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2024 के बीच 20 AIIMS से 429 डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया है. सबसे ज्यादा 52 इस्तीफे दिल्ली AIIMS से हुए, जो देश का सबसे प्रतिष्ठित संस्थान है. इसके बाद ऋषिकेश और रायपुर AIIMS का नंबर आता है. इन इस्तीफों के पीछे मुख्य वजह बेहतर वेतन और सुविधाओं की कमी है.

AIIMS से डॉक्टरों का छोड़कर जाना चिंता का विषय है. संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2024 के बीच 20 AIIMS से 429 डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया. सबसे ज्यादा 52 डॉक्टरों ने दिल्ली AIIMS छोड़ा, जो कि सबसे प्रतिष्ठित संस्थान है.

इसके बाद ऋषिकेश AIIMS से 38, रायपुर से 35, बिलासपुर से 32 और मंगलागिरी से 30 डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया. एक डॉक्टर ने बताया कि निजी क्षेत्र में वेतन AIIMS की तुलना में चार से दस गुना ज्यादा है.

“AIIMS भुवनेश्वर में नर्सिंग अफसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, गिरफ्तारी के बाद 3 हजार स्टाफ हड़ताल पर”

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“सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या लगातार घट रही है.

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“पटना एम्स में डॉक्टरों की हड़ताल, विधायक पर लगा बदसलूकी का आरोप”

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“दिल्ली एम्स में मरीजों के रेफरल की प्रक्रिया हुई डिजिटाइज्ड, मरीजों का होगा तुरंत इलाज”

दिल्ली एम्स में मरीजों के रेफरल की प्रक्रिया हुई डिजिटाइज्ड, मरीजों का होगा तुरंत इलाज&”AIIMS Doctors: 2022-24 में 429 डॉक्टरों ने छोड़ी नौकरी”

आंकड़ों के मुताबिक, 20 AIIMS में हर तीन में से एक फैकल्टी पद खाली है. दिल्ली AIIMS में 1,306 स्वीकृत पदों में से 462 (35%) खाली हैं. भोपाल AIIMS में 23% और भुवनेश्वर में 31% पद खाली हैं. सरकार ने सेवानिवृत्त फैकल्टी को संविदा पर रखने और विजिटिंग फैकल्टी की योजना शुरू की है, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है.

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रायबरेली की क्या स्थिति?

रायबरेली AIIMS में डॉक्टरों की भारी कमी है. यहां 200 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर (SRD) के स्वीकृत पदों में से 80% से ज्यादा खाली हैं. मेडिकल फैकल्टी के 200 स्वीकृत पदों में से करीब आधे पद खाली हैं. इस कमी की वजह से अस्पताल अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा है और सर्जरी के लिए मरीजों को डेढ़ साल तक का इंतजार करना पड़ रहा है.

डॉक्टरों की कमी के पीछे क्या वजह?

डॉक्टरों की कमी के पीछे कई वजहें हैं. रायबरेली AIIMS में कर्मचारियों के लिए पर्याप्त आवास नहीं हैं. कैंपस के पास ग्रामीण इलाका है, जिससे कनेक्टिविटी की समस्या है. हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी बहुत कम है क्योंकि रायबरेली टियर 3 शहर में आता है. इसके अलावा, 9 एकड़ विवादित जमीन की वजह से कैंपस की बाउंड्री वॉल नहीं बन पाई है, जिससे सुरक्षा की समस्या है.

मूलभूत सुविधाओं का अभाव…

कई डॉक्टरों का कहना है कि नए AIIMS में जरूरी सुविधाओं की कमी है. कैंपस के पास अच्छे स्कूल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स नहीं हैं. नेटवर्क की समस्या भी है, जिससे ऑनलाइन सर्विसेज का उपयोग करना मुश्किल है. एक डॉक्टर ने बताया कि दिल्ली जैसे महानगरों के मुकाबले इन शहरों की लाइफस्टाइल युवा डॉक्टरों को आकर्षित नहीं कर पाती.

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AIIMS की दयनीय स्थिति पर सियासी हलचल…

अमेठी के सांसद केएल शर्मा ने कहा कि रायबरेली AIIMS की स्थिति पर सांसद राहुल गांधी ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र भी लिखा था. उन्होंने कहा कि सरकार ने स्टाफ की तादाद कम कर दी है और 960 बेड के अस्पताल को 610 बेड तक सीमित कर दिया है. राहुल गांधी ने अपने पत्र में मैन पावर और मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया था.

सीनियर फैकल्टी की कमी

देश के 12 एम्स में प्रोफेसर्स के आधे से ज्यादा पद खाली हैं. AIIMS जम्मू में 33 में से 29 पद खाली हैं, जबकि रायबरेली में 26 पद खाली हैं. एडिशनल और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है. डॉक्टरों का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर में मिल रहे बेहतर वेतन और सुविधाओं के अभाव की वजह से अनुभवी डॉक्टर AIIMS में नहीं रुकना चाहते.

असिस्टेंट प्रोफेसर्स से चल रहा काम

असिस्टेंट प्रोफेसर्स की संख्या ही AIIMS में डॉक्टरों की गिनती को बनाए हुए है. असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए कम अनुभव की जरूरत होती है, इसलिए इन पदों पर भर्ती ज्यादा हुई है. हालांकि, जब बाकी सुविधाओं की कमी जुड़ जाती है, तो ये डॉक्टर भी ज्यादा वक्त तक नहीं रुकते. रायबरेली AIIMS में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर भी कम हैं.

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या कहा?

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने फरवरी 2025 में राज्यसभा में बताया था कि विभिन्न AIIMS में स्वीकृत पदों को भरना एक लगातार प्रक्रिया है. उन्होंने कहा था कि सरकार खाली पदों को जल्द भरने के लिए कदम उठा रही है. हालांकि, विपक्ष और डॉक्टरों का मानना है कि यह पर्याप्त नहीं है और इस समस्या के लिए एक स्थायी समाधान की जरूरत है.

”CG: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर राज्य को मिली डीएपी और यूरिया के आवंटन की मंजूरी ..”

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छत्तीसगढ़ को यूरिया और डीएपी खाद की अतिरिक्त आवंटन की मंजूरी मिल गई है। गौरतलब है, दिल्ली में कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के सांसदों ने मुलाकात कर यूरिया और डीएपी खाद की आपूर्ति के संबंध में बातचीत की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर केन्द्रीय रासायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने छत्तीसगढ़ को यूरिया और डीएपी खाद की अतिरिक्त आवंटन की मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि केन्द्रीय रासायन और उर्वरक मंत्री से दिल्ली में कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के सांसदों ने मुलाकात कर छत्तीसगढ़ राज्य को यूरिया और डीएपी खाद की आपूर्ति के संबंध में चर्चा की।

कृषि मंत्री नेताम और सांसदों ने राज्य के किसानों को खरीफ सीजन में रोपा-ब्यासी के समय पड़ने वाले खाद की अतिरिक्त जरूरत की जानकारी देते हुए उनसे खरीफ सीजन के लिए छत्तीसगढ़ को निर्धारित सप्लाई प्लान के अतिरिक्त 50-50 हजार टन यूरिया और डीएपी खाद आवंटित किए जाने का आग्रह किया है। केन्द्रीय मंत्री नड्डा इस पर छत्तीसगढ़ को अतिरिक्त खाद उपलब्ध कराने उर्वरक मंत्रालय अधिकारियों को निर्देशित किया।

केन्द्रीय उर्वरक मंत्री नड्डा से मुलाकात के दौरान कृषि मंत्री नेताम और लोकसभा सांसद सर्वश्री संतोष पाण्डेय, विजय बघेल, कमलेश जांगड़े और रूपकुमारी चौधरी और राज्यसभा सांसद देवेन्द्र बहादुर सिंह, छत्तीसगढ़ मार्कफेड प्रबंध संचालक किरण कौशल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में यूरिया और डीएपी खाद की आपूर्ति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के किसान मुख्य रूप से धान की फसल लेते हैं। खरीफ सीजन में किसान अगस्त-सितंबर माह में रोपा-बियासी का कार्य करते हैं। वर्तमान में रोपा-बियासी का काम तेजी से चल रहा है। इस समय धान के पौधों को तेजी से बढ़वार और बेहतर उत्पादन के मद्देनजर किसानों को इस समय ज्यादा फोस्फेटिक खाद की जरूरत पड़ती है।

कृषि मंत्री नेताम और सांसदों ने केन्द्रीय उर्वरक मंत्री को बताया कि सप्लाई प्लान के अनुसार छत्तीसगढ़ को माह जुलाई तक यूरिया की 5.99 लाख तथा डीएपी की 2.68 लाख मेट्रिक टन आपूर्ति निर्धारित थी, जिसके विरूद्ध यूरिया की 4.63 लाख तथा डीएपी की 1.61 लाख मेट्रिक टन मात्रा राज्य को मिली हुई है। माह अगस्त के लिए यूरिया की 57,600 मेट्रिक टन तथा डीएपी की 36,850 मेट्रिक टन का सप्लाई प्लान निर्धारित है। चूंकि इन उर्वरकों की सबसे ज्यादा जरूरत अगस्त माह में होती है। इसलिए निर्धारित सप्लाई प्लान के अतिरिक्त यूरिया तथा डीएपी की 50-50 हजार मेट्रिक टन अतिरिक्त मात्रा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ साल 2025 में भारत सरकार द्वारा उर्वरक यूरिया-07 लाख 12 हजार मेट्रिक टन, डीएपी 03 लाख 10 हजार मेट्रिक टन तथा एमओपी-60 हजार मे.टन का लक्ष्य मिला है, जिसके विरुद्ध 11 अगस्त तक 06 लाख 72 हजार मे.टन यूरिया, 02 लाख 14 हजार मे.टन डीएपी तथा 80 हजार मे.टन एमओपी का भण्डारण किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि डीएपी के प्रतिस्थापन के संबंध में वैकल्पिक उर्वरकों के रुप में एनपीके 01 लाख 80 हजार मे.टन लक्ष्य के विरुद्ध 02 लाख 37 हजार मे.टन और एसएसपी 02 लाख मे. टन लक्ष्य के विरुद्ध 02 लाख 95 हजार मे.टन का भण्डारण किया गया है। इसी प्रकार डीएपी की कमी की पूर्ति एनपीके और एसएसपी उर्वरकों से की जा रही है।

”टैरिफ के घमासान के बीच पीएम मोदी की ट्रंप से हो सकती है मुलाकात ! अगले महीने UNGA बैठक में होंगे शामिल ..”

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सितंबर महीने के आखिरी में पीएम मोदी अमेरिका का दौरा करने वाले हैं. ऐसे में अटकले लगाई जा रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र द्वारा यहां जारी वक्ताओं की सूची के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के वार्षिक उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित कर सकते हैं. इस दौरान अमेरिका पीएम मोदी का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात हो सकती है. ये सत्र 9 सितंबर को आरंभ होगा और ये 80वां सत्र है. ये बैठक 23 से 29 सितंबर के बीच होगी.

इसमें ब्राजील पारंपरिक रूप से सत्र का पहला वक्ता होगा. उसके बाद अमेरिका होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 23 सितंबर को प्रतिष्ठित यूएनजीए मंच से विश्व नेताओं को संबोधित करेंगे. व्हाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल में यह उनका संयुक्त राष्ट्र सत्र को पहला संबोधन होगा.

महासभा के 80वें सत्र की उच्च स्तरीय बहस के लिए वक्ताओं की सूची के अनुसार भारत के शासनाध्यक्ष 26 सितंबर की सुबह सत्र को संबोधित करेंगे. इसी दिन इजराइल, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के शासनाध्यक्ष भी संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस को संबोधित करेंगे.

पीएम मोदी इस साल फरवरी में वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए अमेरिका गए थे. बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने 2025 की शरद ऋतु तक पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण पर बातचीत करने की योजना की घोषणा की थी.

पिछले सप्ताह ट्रंप द्वारा 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने संबंधी कार्यकारी आदेश की घोषणा ऐसे समय में की गई, जब प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए छठे दौर की वार्ता के लिए अमेरिका का एक दल 25 अगस्त से भारत के दौरे पर आएगा.

दोनों देश इस वर्ष शरद ऋतु (अक्टूबर-नवंबर) तक समझौते के पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य बना रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस के लिए वक्ताओं की सूची अभी अस्थायी है और अगले कुछ हफ़्तों में कार्यक्रम और वक्ताओं में बदलाव की संभावना है.

इस वर्ष यह सत्र इजराइल-हमास युद्ध और यूक्रेन संघर्ष के बीच आयोजित हो रहा है. ट्रंप ने कहा है कि अपने दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल के छह महीनों में उन्होंने कई युद्धों को सुलझाया है. इनमें आर्मेनिया और अजरबैजान, कंबोडिया और थाईलैंड, इजराइल और ईरान, रवांडा और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, मिस्र और इथियोपिया और सर्बिया और कोसोवो के बीच शांति समझौता शामिल है. ट्रंप ने बार-बार भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए संघर्ष को रोकने का श्रेय लिया है.

”CG: स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की तैयारी पूरी हो चुकी है, स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा ..” 

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रायपुर: छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की तैयारी पूरी हो चुकी है। रायपुर स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल की जा रही है। सीएम विष्णुदेव साय पुलिस परेड ग्राउंड में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण करेंगे। इस दौरान अश्व दल, बैगपाइपर, एनसीसी कैडेट्स समेत सुरक्षा बलों की कुल 17 टुकड़ियां परेड करेंगी।

वहीं मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में भी फुल ड्रेस रिहर्सल की जा रही है। इस दौरान डीजीपी कैलाश मकवाना ने रिहर्सल का जायजा लिया। इस दरमियान अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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”CG: कोरबा ग्रामीण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु 13 अगस्त 2025 से 27 अगस्त 2025 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है ..”

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कोरबा: एकीकृत बाल विकास परियोजना कोरबा (ग्रामीण) अंतर्गत ग्राम पंचायत चाकामार के आंगनबाड़ी केन्द्र चाकामार 03 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पद की पूर्ति हेतु इच्छुक आवेदिकाओं से 13 अगस्त 2025 से 27 अगस्त 2025 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है।
जिला प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि, इस संबंध में अधिक जानकारी हेतु कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना कोरबा (ग्रामीण) से संपर्क किया जा सकता है।

इसी तरह बेमेतरा जिले की एकीकृत बाल विकास परियोजना अंतर्गत वर्तमान में नवीन स्वीकृत पद एवं रिक्त पद हेतु आ.बा. सहायिका के पद पर शासन द्वारा निर्धारित निर्देश एवं मानदंडों के अनुसार नियमानुसार नियुक्ति किया जाना हैं। इसके अंतर्गत एकीकृत बाल विकास परियोजना विकासखण्ड बेरला के ग्राम कोदवा आं.बा.केन्द्र कोदवा 01 ग्राम पंचायत कोदवा मे आं.बा. सहायिका के 01 पद पर आवेदन आमंत्रित किया गया हैं।

आवेदन संबंधित नगरीय की आवेदिकाओ द्वारा आवेदन पत्र भरकर निर्धारित तिथि में 11 अगस्त 2025 से 25 अगस्त 2025 तक एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय बेरला में कार्यालयीन समय 10:00 से 5:30 बजे तक सीधे अथवा पंजीकृत डाक द्वारा जमा किये जायेगे। निर्धारित तिथि के पश्चात् प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किये जावेगे।

आंगनबाड़ी सहायिका के पद हेतु निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8 वीं परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होना चाहिए। एक वर्ष या अधिक सेवा अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। आवेदिका को ग्रामीण क्षेत्रों में उसी नगरी वार्ड की स्थानीय निवासी होनी चाहिए जिस वार्ड में आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए विज्ञापन जारी हुआ है। तथा नगरीय क्षेत्र में उसी वार्ड की निवासी होनी चाहिए जिस वार्ड हेतु विज्ञापन जारी हुआ है। सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रति के साथ आवेदन पत्र सम्बन्धित एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय में निर्धारित अंतिम तिथि तक सीधे अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ को मिली डीएपी और यूरिया के अतिरिक्त आबंटन की मंजूरी

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर केन्द्रीय रासायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने छत्तीसगढ़ को यूरिया और डीएपी खाद की अतिरिक्त आबंटन की मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि केन्द्रीय रासायन एवं उर्वरक मंत्री से दिल्ली में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के सांसदों ने मुलाकात कर छत्तीसगढ़ राज्य को यूरिया और डीएपी खाद की आपूर्ति के संबंध में चर्चा की।

कृषि मंत्री श्री नेताम और सांसदों ने राज्य के किसानों को खरीफ सीजन में रोपा-ब्यासी के समय पड़ने वाले खाद की अतिरिक्त आवश्यकता की जानकारी देते हुए उनसे खरीफ सीजन के लिए छत्तीसगढ़ को निर्धारित सप्लाई प्लान के अतिरिक्त 50-50 हजार टन यूरिया और डीएपी खाद आबंटित किए जाने का आग्रह किया है। केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा इस पर छत्तीसगढ़ को अतिरिक्त खाद उपलब्ध कराने उर्वरक मंत्रालय अधिकारियों को निर्देशित किया।

केन्द्रीय उर्वरक मंत्री श्री नड्डा से मुलाकात के दौरान कृषि मंत्री श्री नेताम और लोकसभा सांसद सर्वश्री संतोष पाण्डेय, श्री विजय बघेल, श्रीमती कमलेश जांगड़े और श्रीमती रूपकुमारी चौधरी और राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र बहादुर सिंह, छत्तीसगढ़ मार्कफेड प्रबंध संचालक श्रीमती किरण कौशल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में यूरिया और डीएपी खाद की आपूर्ति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के किसान मुख्य रूप से धान की फसल लेते हैं। खरीफ सीजन में किसान अगस्त-सितंबर माह में रोपा-बियासी का कार्य करते हैं। वर्तमान में रोपा-बियासी का काम तेजी से चल रहा है। इस समय धान के पौधों को तेजी से बढ़वार और बेहतर उत्पादन के मद्देनजर किसानों को इस समय ज्यादा फोस्फेटिक खाद की जरूरत पड़ती है।

कृषि मंत्री श्री नेताम और सांसदों ने केन्द्रीय उर्वरक मंत्री को बताया कि सप्लाई प्लान के अनुसार छत्तीसगढ़ को माह जुलाई तक यूरिया की 5.99 लाख तथा डी.ए.पी. की 2.68 लाख मेट्रिक टन आपूर्ति निर्धारित थी जिसके विरूद्ध यूरिया की 4.63 लाख तथा डी.ए.पी. की 1.61 लाख मेट्रिक टन मात्रा राज्य को प्राप्त हुई है। माह अगस्त के लिए यूरिया की 57,600 मेट्रिक टन तथा डी.ए.पी. की 36,850 मेट्रिक टन का सप्लाई प्लान निर्धारित है। चूंकि इन उर्वरकों की सर्वाधिक आवश्यकता अगस्त माह में होती है। इसलिए निर्धारित सप्लाई प्लान के अतिरिक्त यूरिया तथा डी.ए.पी. की 50-50 हजार मेट्रिक टन अतिरिक्त मात्रा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

खरीफ सीजन में खाद भंडारण एवं वितरण

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ वर्ष 2025 में भारत सरकार द्वारा उर्वरक यूरिया-07 लाख 12 हजार मेट्रिक टन, डी.ए.पी. 03 लाख 10 हजार मेट्रिक टन तथा एम.ओ.पी.-60 हजार मे.टन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके विरुद्ध 11 अगस्त तक 06 लाख 72 हजार मे.टन यूरिया, 02 लाख 14 हजार मे.टन डी.ए.पी. तथा 80 हजार मे.टन एम.ओ.पी. का भण्डारण किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि डी.ए.पी. के प्रतिस्थापन के संबंध में वैकल्पिक उर्वरकों के रुप मेंएन.पी.के. 01 लाख 80 हजार मे.टन लक्ष्य के विरुद्ध 02 लाख 37 हजार मे.टन एवं एस.एस.पी. 02 लाख मे. टन लक्ष्य के विरुद्ध 02 लाख 95 हजार मे.टन का भण्डारण किया गया है। इसी प्रकार डी.ए.पी. की कमी की पूर्ति एन.पी.के एवं एस.एस.पी. उर्वरकों से की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शहीद विनोद सिंह कौशिक मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में शामिल, मेधावी छात्रों का बढ़ाया उत्साह

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में आयोजित शहीद विनोद सिंह कौशिक मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी ही राष्ट्र का भविष्य है और उनकी मेहनत, लगन एवं संकल्प से प्रदेश और देश नई ऊँचाइयों को छुएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह अवसर अत्यंत गर्व और उत्साह का है, जब हम अपनी नई पीढ़ी के होनहार, परिश्रमी और प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन शहीद विनोद सिंह कौशिक की स्मृति में विगत तीन वर्षों से हो रहा है और यह कार्यक्रम समूचे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को आगे बढ़ने और कुछ नया करने की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद विनोद सिंह कौशिक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि वीर सपूत शहीद विनोद सिंह कौशिक माओवादियों से लड़ते हुए वर्ष 2018 में नारायणपुर में शहीद हो गए थे। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने हेतु उनकी स्मृति में न्यास का गठन किया गया है और इसके माध्यम से प्रतिभाओं का सम्मान किया जाना अनुकरणीय पहल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में हम मार्च 2026 तक नक्सली आतंक को समाप्त करने की दिशा में अग्रसर हैं। केंद्र और राज्य की डबल इंजन की सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। लगातार नक्सल ऑपरेशनों में सफलता मिल रही है, करोड़ों के इनामी नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस सम्मान समारोह के माध्यम से हम केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों का ही नहीं, बल्कि देश के भविष्य निर्माता बच्चों का भी सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आपने जो उपलब्धि हासिल की है, उसमें निःसंदेह आपकी मेहनत है, लेकिन इसके पीछे परिवार, गुरुजनों और समाज का भी अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि राज्य में ही सभी उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थान उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय करने, निरंतर मेहनत करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने का संदेश दिया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने वीर सपूत शहीद विनोद सिंह कौशिक को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप जीवन के ऐसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर हैं, जहाँ से भविष्य की दिशा तय होती है। आपके प्रयासों से न केवल आपका, बल्कि देश और प्रदेश का उज्ज्वल भविष्य निर्माण होगा। आपके सपनों के साथ आपके माता-पिता, शिक्षक और रिश्तेदारों की उम्मीदें भी जुड़ी हुई हैं। इन सपनों को साकार करने के लिए समर्पित भाव से निरंतर मेहनत करें। श्री साव ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ‘डिप्रेशन’ और ‘निराशा’ जैसे शब्द अपनी डिक्शनरी से हमेशा के लिए हटा दीजिए, क्योंकि निराश व्यक्ति कभी सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। उत्साह और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ें।

इस अवसर पर विधायक सर्वश्री अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजेश पांडे, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

स्वच्छता में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने में स्वच्छता दीदियों का अमूल्य योगदान : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ‘स्वच्छता संगम’ में शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अहम योगदान देने वाली स्वच्छता दीदियों के पैर पखारकर उनका सम्मान किया। बिलासपुर के बहतराई इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में 260 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। उन्होंने घोषणा की कि स्वच्छता में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नगरीय निकाय को एक करोड़ रुपए, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले को 50 लाख रुपए तथा तीसरा स्थान पाने वाले को 25 लाख रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर विधायकगण श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री दिलीप लहरिया और श्री सुशांत शुक्ला, बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि ‘स्वच्छता संगम-2025’ में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘स्वच्छता संगम’ के सफल आयोजन के लिए नगरीय प्रशासन विभाग को बधाई देते हुए कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में हमारी सफाई दीदियों का योगदान अतुलनीय है, और आज उनके पैर पखारकर हमने उन्हें सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। तब से हम निरंतर स्वच्छता के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए नई उपलब्धियां अर्जित कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में उल्लेखनीय सफलता पाई है। यह उपलब्धियां हमें और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न नवाचार लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर ‘हर घर तिरंगा’ लहराने और प्रदेश को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए जनसहभागिता का आह्वान किया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के इतिहास का गौरवशाली दिन है। प्रधानमंत्री ने 2014 में स्वच्छता का बीड़ा उठाया और आज यह जन आंदोलन का रूप ले चुका है। स्वच्छता में प्रगति करते हुए हमने राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है और राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री से पुरस्कार प्राप्त किए हैं। हमारे नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर छह पुरस्कार प्राप्त होना गर्व की बात है। रायपुर नगर निगम को गार्बेज-फ्री सिटी में सेवन-स्टार रेटिंग मिली है। 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में अकेले छत्तीसगढ़ के 58 शहरों को थ्री-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है। सोर्स सेग्रीगेशन और अपशिष्ट प्रबंधन में भी हमारे शहरों ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। स्वच्छता के सभी मापदंडों पर छत्तीसगढ़ में तेजी से कार्य हो रहा है। हमारा उद्देश्य है कि हमारे शहर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनें तथा स्वच्छता छत्तीसगढ़ की पहचान बने।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में राज्य के 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सात नगरीय निकायों को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों पुरस्कृत होने का गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में इन नगरीय निकायों के साथ ही संभाग स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 से अधिक नगरीय निकायों को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने संपत्ति कर जमा करने का ऑनलाइन पोर्टल किया लॉन्च

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में तीन नगर निगम—बिरगांव, भिलाई-चरोदा और धमतरी—तथा 43 नगर पालिकाओं में ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने की सुविधा के लिए जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल का शुभारंभ किया। एक साथ 46 शहरों में ऑनलाइन संपत्ति कर भुगतान की यह सुविधा स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे कर संग्रहण में भी तेजी आएगी।

‘स्वच्छता संगम’ में नगरीय निकायों में स्वच्छता और शहरी सौंदर्यीकरण के मानकों को ऊंचा उठाने के लिए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 पर आधारित वीडियो का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने 63.57 करोड़ के 24 कार्यों का किया लोकार्पण, 197 करोड़ से अधिक के 25 कार्यों का किया भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘स्वच्छता संगम’ में 260 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने बिलासपुर जिले में विभिन्न विभागों के 63 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत के 24 निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण किया तथा 197 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के 25 कार्यों का भूमिपूजन भी किया।

इस अवसर पर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, सभी नगरीय निकायों के महापौर, सभापति, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, निगम आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के वरिष्ठ अभियंता, स्वच्छता दीदियां एवं स्वच्छता कमांडोज़ बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय को बस्तर के ऐतिहासिक ‘गोंचा महापर्व’ का आमंत्रण : ‘तुपकी’ भेंट कर किया गया सम्मान

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मुख्यमंत्री साय पायनियर समूह के स्थापना दिवस एवं छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नदृष्टा एवं निर्माता भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित संगोष्ठी समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन राजधानी स्थित श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वासियों के लिए नए राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ का निर्माण भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की ही देन है। हम उनके सपनों के अनुरूप छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास पथ पर अग्रसर हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव-गांव में सड़कों का जाल बिछाने में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का महत्वपूर्ण योगदान है। गांव तक आज विकास की जो धार पहुंची है, वह अटल जी का ही आशीर्वाद है। उनके शासनकाल में ही देश में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना लागू हुई और टेलीकॉम इंडस्ट्री में भी महत्वपूर्ण कार्य हुए। श्री अटल जी ने ही देश में अनुसूचित जनजाति का अलग से विभाग गठित कर आदिवासी क्षेत्रों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया।

कार्यक्रम में पायनियर समूह के 10 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने समूह को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज जिस निर्भीकता एवं निष्पक्षता के साथ पायनियर समूह ने छत्तीसगढ़ में 10 साल पूरे किए हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। आगे भी इसी निर्भीकता और निष्पक्षता से बढ़ते हुए यह समूह आम जनता की आवाज बने। इसके साथ ही उन्होंने बालाजी ग्रुप द्वारा महिलाओं की नि:शुल्क डिलीवरी एवं उपचार करने के कार्य की सराहना करते हुए बधाई दी।

श्री अटल जी को याद करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्हें 2004 तक सांसद के रूप में उनके साथ कार्य करने का अवसर मिला। वे देश में तीन बार प्रधानमंत्री बने और वादे के अनुरूप सन 2000 में मध्यप्रदेश से अलग कर छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। वे न केवल कुशल राजनीतिज्ञ, बल्कि साहित्यकार और कवि भी थे। वे अपने भाषणों और बातों को बेहद सधी हुई और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत करते थे। विपक्षी भी उनके भाषण के कायल होते थे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि पायनियर रायपुर संस्करण का शुभारंभ 2016 में हुआ था और आज यह 10वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस 10 साल की यात्रा आसान नहीं थी। उन्होंने समूह को इसके लिए बधाई दी। उन्होंने याद किया कि पायनियर के प्रथम संस्करण 2016 के शुभारंभ अवसर पर अरुण जेटली जी उपस्थित हुए थे और उन्होंने अपनी शुभकामनाएं दी थीं। आज 10 साल बाद पायनियर व बालाजी ग्रुप न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में, बल्कि समाचार जगत में भी गौरवपूर्ण स्थान बना चुका है और पायनियर को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। पायनियर ने 169 सालों से अलग-अलग शहरों में अपनी यात्रा जारी रखते हुए नाम कमाया है।

अटल जी को याद करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वे कई समाचार पत्रों के संपादक भी रहे। ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से गांवों को जोड़ने का काम श्रद्धेय अटल जी ने किया। सर्व शिक्षा अभियान के तहत उन्होंने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के कार्य भी किए। विदेश के दबाव के बावजूद परमाणु परीक्षण हमारे अटल जी के नेतृत्व में ही पूरा हो पाया। इस दौरान उन्होंने अटल जी से जुड़े 45 साल पुराने कई संस्मरण भी साझा किए।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थापना दिवस की बधाई दी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, डॉ. देवेंद्र नायक, डॉ. नीता नायक सहित पायनियर समूह और बालाजी ग्रुप के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

ड्रेसर ग्रेड-1 एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला) पदों पर भर्ती हेतु चयन सूची जारी

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जिले में फार्मासिस्ट ग्रेड-2, ड्रेसर ग्रेड-1, ड्रेसर ग्रेड-2, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (पुरुष), ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला) एवं डार्करूम असिस्टेंट के कुल 90 पदों पर भर्ती हेतु 11 जुलाई 2025 तक विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा निर्धारित समय सीमा में कार्यभार ग्रहण नहीं किए जाने के कारण, ड्रेसर ग्रेड-1 एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला) पदों पर चयन सह प्रतीक्षा सूची से अभ्यर्थियों का चयन कर नियुक्ति आदेश जारी किया गया है। यह आदेश कार्यालयीन सूचना पटल पर चस्पा कर दिया गया है तथा जिले की वेबसाइट
www.raigarh.gov.in
एवं
https://cghealth.nic.in
in पर भी अपलोड कर दिया गया है। विस्तृत जानकारी के लिए उक्त वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं।