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दिल्ली विधानसभा में आज से फिर घमासान, स्कूल बिल और CAG रिपोर्ट पर AAP-बीजेपी में दो-दो हाथ

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दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू होने जा रहा है, जो 8 अगस्त तक चलेगा. इस बार का सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है, क्योंकि दिल्ली विधानसभा अब पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस हो गई है. विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायकों से आग्रह किया है कि वे इस ई-विधान सभा में सक्रियता से भाग लें और निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन करें.
इस मानसून सत्र के दौरान दिल्ली की राजनीति में गरमाहट तय मानी जा रही है. सत्र के पहले ही दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सदन में दो अहम कैग (CAG) रिपोर्टें पेश करेंगी. पहली रिपोर्ट वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए राज्य वित्त से जुड़ी है, जबकि दूसरी रिपोर्ट ‘भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों के कल्याण’ विषय पर केंद्रित होगी.
शिक्षा मंत्री पेश करेंगे फीस कंट्रोल बिल
विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार, दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद सदन में ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस तय करने और उसे कंट्रोल करने में पारदर्शिता) विधेयक, 2025’ पेश करेंगे. इस विधेयक को लेकर पहले से ही राजनीति गरमा चुकी है.

आशीष सूद ने पत्रकारों से कहा, ‘इस सत्र में हम कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे, जिनमें फीस अधिनियम (Fee Bill) प्रमुख है. दिल्ली की जनता को आश्वस्त करता हूं कि उनकी चिंताओं पर सदन में गंभीरता से चर्चा होगी और उनके हित में कानून बनाया जाएगा.’
AAP ने फीस बिल को बताया साजिश

आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी सरकार के इस फीस बिल को सीधे अभिभावकों पर हमला और प्राइवेट स्कूलों के लिए तोहफा बताया है. आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस विधेयक को ‘शिक्षा माफिया को बचाने के लिए बनाया गया कानून’ करार देते हुए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से तीखे सवाल पूछे हैं.
सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘जब 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुई, तो लगभग हर प्राइवेट स्कूल ने फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी. कुछ स्कूलों ने तो 80 से 82 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई. अभिभावकों ने डीपीएस द्वारका जैसे स्कूलों के बाहर कई दिनों तक प्रदर्शन किया. बच्चों को कक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया, उन्हें लाइब्रेरी में बैठाया गया, और स्कूलों के बाहर बाउंसर तैनात किए गए.’
उन्होंने आरोप लगाया कि नए विधेयक में ऑडिट और निरीक्षण की व्यवस्था जानबूझकर हटाई गई है, जिससे स्कूलों को मनमानी करने की खुली छूट मिल जाएगी.
सदन में हो सकता है हंगामा
माना जा रहा है कि विधानसभा में कैग रिपोर्ट और फीस विधेयक को लेकर बीजेपी और आप के बीच तीखी बहस और हंगामा हो सकता है. बीजेपी सरकार जहां आप के पुराने कार्यकाल की कैग रिपोर्टों के जरिए हमलावर हो सकती है, वहीं आम आदमी पार्टी स्कूल फीस को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति में जुट गई है.
गौरतलब है कि बीजेपी सरकार ने इससे पहले भी आम आदमी पार्टी के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न मामलों में कैग की रिपोर्टें विधानसभा में पेश की थीं, जिन पर खूब बहस और आरोप-प्रत्यारोप हुए थे.
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पेपरलेस और डिजिटल विधानसभा के इस पहले सत्र में कितना सार्थक विमर्श होता है, और किसे राजनीतिक बढ़त मिलती है.

21 में से 12 पाकिस्तानी… जम्मू-कश्मीर के युवाओं ने हाथ से फेंकी AK-47

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पाक‍िस्‍तान की हमेशा कोश‍िश रही क‍ि जम्‍मू कश्मीर के युवाओं के हाथ में AK-47 थमा दी जाए. उन्‍हें बरगलाया जाए, खून की होली खेलने के ल‍िए उकसाया जाए. वर्षों तक पाक‍िस्‍तानी खुफ‍िया एजेंसी आईएसआई इस काम में लगी रही. उसे कुछ कामयाबी भी मिली जब बड़ी संख्‍या में स्‍थानीय युवाओं ने इनके बहकावे में आकर हथ‍ियार उठा ल‍िए. लेकिन बीते 5 साल में तस्‍वीर एकदम बदल चुकी है. अब जम्मू-कश्मीर के युवाओं ने AK-47 उतारकर फेंक दी है. इसे एक आंकड़े से आप समझ सकते हैं क‍ि 7 मई 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 6 अलग-अलग एनकाउंटर हुए, जिसमें 21 आतंकी मारे गए. लेकिन आप जानकर हैरान होंगे क‍ि इनमें 12 पाक‍िस्‍तानी नागर‍िक थे. इनके मुकाबले स्‍थानीय आतंक‍ियों की संख्‍या कम थी. अगर आप बीते 5 साल का आंकड़ा देखेंगे तो वाकई चौंक जाएंगे.
7 मई 2025 को पहलगाम में हुए अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों का जवाब अब निर्णायक मोड में दिख रहा है. ताबड़तोड़ एनकाउंटर हो रहे हैं. गल‍ियों से लेकर जंगलों तक और पहाड़‍ियों से लेकर नद‍ियों तक, आतंक‍ियों को तलाश जा रहा है. ड्रोन लगाए गए हैं.‍ सिक्‍योरिटी फोर्स एक एक मूवमेंट पर नजर रख ही है. और हां, स्‍थानीय लोग खुलकर सेना के साथ आ गए हैं. इसी वजह से आतंकी ढेर क‍िए जा रहे हैं. लेकिन अब घुसपैठ कर आने वाले पाकिस्तानी आतंकियों की तादाद ज्यादा है, जबकि कश्मीरी युवाओं की भागीदारी में भारी गिरावट आई है. इसे आप इन आंकड़ों से समझ सकते हैं.

साल मारे गए कुल आतंकी पाकिस्तानी आतंकी स्थानीय आतंकी
2018 257 57 200
2019 152 38 114
2020 221 58 163
2021 180 54 126
2022 187 56 131
2023 147 52 95
2024 112 60 52
2025 59 *(जुलाई तक)* 31* 28*
स्रोत-गृहमंत्रालय
ट्रेंड देखकर पाक‍िस्‍तानी आर्मी बेचैन
ट्रेंड साफ है, अब आतंकवाद का चेहरा ‘लोकल’ से बदलकर ‘क्रॉस बॉर्डर’ होता जा रहा है. पहले जहां मारे गए आतंकियों में 70% तक स्थानीय युवा होते थे, अब ये आंकड़ा 45% से भी कम रह गया है. ये दिखाता है क‍ि पाक‍िस्‍तानी सेना और खुफ‍िया एजेंसियों को अब कश्मीर में लोग नहीं मिल रहे हैं, जिन्‍हें वे बरगला सकें. यही वजह है क‍ि उन्‍हें पाक‍िस्‍तान से आतंकी भेजने पड़ रहे हैं. कश्मीरी नौजवान खुद को इस खेल से दूर करते जा रहे हैं. यह देखकर पाक‍िस्‍तानी आर्मी और खुफ‍िया एजेंसी बेचैन हैं.
नई भर्ती नहीं, ट्रेंड आतंकी ही बचे
लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे गुट नई भर्ती की बजाय ट्रेंड आतंकियों को भेजने में लगे हैं. ये आतंकी पूंछ, राजौरी और कुपवाड़ा जैसे इलाकों से फॉरेस्ट रूट्स के जरिए घुसपैठ कर रहे हैं. ड्रोन से हथियार गिराना, LOC के पास लॉन्च पैड और हाई-कॉलिबर रडार जैमर अब उनकी रणनीति का हिस्सा बन गया है. सेना के पूर्व अधिकारी ब्रिगेडियर एसके. चहल कहते हैं क‍ि पहले लोकल रिक्रूटमेंट आईएसआई के ल‍िए आसान था. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. आज का कश्मीरी युवा बंदूक नहीं लैपटॉप उठा रहा है. पाकिस्तानी आतंकी अकेले पड़ते जा रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर के युवाओं में बदलाव क्यों?
सरकार ने जम्मू-कश्मीर में हुनर से रोजगार तक जोड़ने के कई कार्यक्रम चलाए हैं. 2020 से अब तक 50,000 से ज्‍यादा युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी गई.
पहले जहां इंटरनेट पर रोक की वजह से तमाम कामकाज रुक जाता था, वहीं अब कनेक्टिविटी और ऑनलाइन लर्निंग बढ़ी है.
युवाओं का झुकाव पढ़ाई, जॉब और बिजनेस की ओर हुआ है.
आर्मी और पुलिस के ऑपरेशन अब टारगेटेड और इंटेलिजेंस-बेस्ड हो गए हैं. मिलिटेंसी में शामिल युवाओं को परिवार के कहने पर आत्मसमर्पण के मौके मिलते हैं.
शाह ने संसद में क‍िया था ऐलान
गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था, जम्मू-कश्मीर के नौजवान अब विकास की राह पर हैं. आतंकवाद अब पार से भेजे गए आतंक‍ियों तक सीमित है. एनएसए अज‍ित डोभाल ने कहा था क‍ि अभी जो लड़ाई लड़ी जा रही है, वो लोकल नहीं, एक्सटर्नल डिजाइन के खिलाफ है.

रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की खास पहल से 3 नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हुआ है. इसमें छत्तीसगढ़ को भी रायपुर-जबलपुर नई ट्रेन सेवा की बड़ी सौगात मिली है. उन्होंने नई रेल सेवा के लिए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल का बजट 21 गुना बढ़ा है. इस साल 6 हजार 900 करोड़ की राशि मिली है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रेल परियोजनाएं संचालित है, जो छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़ की लागत से डेवलप किया जा रहा है. बस्तर में भी नई रेल परियोजनाओं की सौगात मिली है.
यात्रियों का सफर होगा आसान
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के यात्री अब आसानीसे गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर की यात्रा कर पाएंगे. इससे क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. अमृत भारत स्टेशन योजना के जरिए प्रदेश के 32 स्टेशन का री डेवेलपमेंट हो रहा है. रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं.
चेक करें ट्रेन का शेड्यूल
रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे रवाना होगी. फिर रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी. वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी. इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें 1 एसी चेयर कार, 4 चेयर कार, 8 सामान्य कोच, 1 पावर कार और 1 एसएलआरडी कोच शामिल हैं.

CG Weather Today: मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने अलर्ट जारी किया है “

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CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में दो दिनों से मानसून पर ब्रेक लगा हुआ है। शनिवार से प्रदेश के कई जिलों में सूखा पड़ा रहा और लोगों को दिन भर गर्मी भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ी। रविवार सुबह से ही राजधानी समेत कई जिलों धुप निकली हुई है। वहीं, मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया था। वहीं अब मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के इन जिलों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग की तरफ से जारी अलर्ट के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और जमकर बारिश भी हो सकती है। वहीं कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है।

मौसम विभाग की तरफ से जारी किए गए अलर्ट के अनुसार, रायपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, बालोद, राजनांदगांव, महासमुंद, बिलासपुर, धमतरी, बलौदाबजार, मुंगेली, दंतेवाड़ा समेत अन्य कई जिलों में जमकर बारिश होगी।

मौसम विभाग ने लोगों से की अपील वहीं, मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि, आने वाले दिनों में मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश में कमी आ सकती है, लेकिन प्रदेश के अन्य जिलों में जोरदार बारिश होगी।

अभियान चलाकर पुलिस चौकी तुमडीबोड़ और यातायात राजनांदगांव द्वारा किया गया वाहन चेकिंग अभियान

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अभियान चलाकर पुलिस चौकी तुमडीबोड़ और यातायात राजनांदगांव द्वारा किया गया वाहन चेकिंग अभियान

दोपहिया वाहन में तीन सवारी, बिना हेलमेट, सीट बेल्ट नहीं लगाने, ओवर स्पीड, एवं अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर की गई कार्यवाही, लगभग 44 प्रकरणों में 50 हजार – रूपये की चालानी कार्यवाही.

दिनांक 02.08.2025 को सुबह 10ः00 बजे से शाम 06ः00 बजे तक यातायात नियमों का उल्लघंन करने वालो के विरूद्ध ओवर स्पीड, तीन सवारी, बिना सीट बेल्ट पर की गई कार्यवाही।

पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव श्री मोहित गर्ग के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुलदेव शर्मा के दिशा निर्देश व नगर पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी श्री दिलीप पटेल, प्रभारी यातायात श्री नवरतन कश्यप टीम गठित कर पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़ में एमसीपी लगाकर संदिग्ध लोगों पर नजर बनाये रखने और सघनता व सतर्कता के साथ वाहन चेकिंग करने व दुपहिया और चौपहिया वाहन सवारों पर नजर रखने तथा शराब, मादक पदार्थों एवं अन्य सामग्रियों पर रोकथाम करने हेतु वाहनों की चेकिंग करने तथा कानून-व्यवस्था को अधिक सुद्वढ़ बनाये रखने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही करने की दिशा निर्देश दिया गया था। जिसके तहत् पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़, व यातायात पुलिस राजनादगांव द्वारा आज दिनांक 02/08/2025 को एमसीपी लगाकर आने जाने वाले संदिग्ध, वाहन, वस्तु व्यक्ति की जांच की गई। चेकिंग के दौरान यातायात नियमों का उल्लघंन करने वालो के विरूद्ध (तीन सवारी, बिना सीट बेल्ट, ओवर स्पीड, एवं अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ) पुलिस चौकी तुमडीबोड़ व यातायात पुलिस द्वारा लगभग 44 प्रकरणों में 50 हजार – रूपये की चालानी कार्रवाई कर यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के संबंध में जागरूक किया गया।

Ex CJI डी वाई चंद्रचूड़ को मिला नया ठिकाना, रिटायरमेंट के 265 दिनों बाद खाली किया सरकारी बंगला

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भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख का आधिकारिक आवास खाली कर दिया है. भारत के 50वें सीजेआई जस्टिस चंद्रचूड़ आठ नवंबर, 2024 को रिटायर हो गए थे. हाल में, नई दिल्ली के 5, कृष्ण मेनन मार्ग स्थित सीजेआई के आधिकारिक आवास पर उनके निर्धारित समय से अधिक वक्त तक रहने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था.

जस्टिस चंद्रचूड़ ने सात जुलाई को ‘पीटीआई’ से बातचीत में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि सामान बांध लिया गया है और वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ जल्द ही किराये पर सरकारी आवास में चले जाएंगे. जस्टिस चंद्रचूड़, उनकी पत्नी कल्पना और बेटियां प्रियंका और माही पांच कृष्ण मेनन मार्ग, नई दिल्ली स्थित सीजेआई के आधिकारिक आवास में रह रहे थे. प्रियंका और माही दोनों दिव्यांग हैं.
जस्टिस चंद्रचूड़ ने बंगले में निर्धारित समय से अधिक वक्त तक रहने के कारणों को विस्तार से बताते हुए कहा था, “हमने वास्तव में अपना सामान बांध लिया है. हमारा सामान पहले ही पूरी तरह बांधा जा चुका है. कुछ सामान पहले ही नए घर में भेज दिया गया है और कुछ यहां भंडार कक्ष में रखा हुआ है.”
वह सरकारी बंगले में कथित तौर पर निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा केन्द्र सरकार को भेजे गए पत्र का जवाब दे रहे थे. पूर्व सीजेआई ने विवाद पर दुख जताया था और अपनी बेटियों की मेडिकल स्थिति का हवाला दिया था, जिन्हें ‘व्हीलचेयर’ अनुकूल घर की आवश्यकता थी.
घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था कि रिटायरमेंट के बाद उन्होंने तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना से बात की थी, जो उनके उत्तराधिकारी बने थे, और उन्हें बताया था कि उन्हें 14, तुगलक रोड स्थित बंगले में लौटना है, जहां वह सीजेआई बनने से पहले रहते थे.

जस्टिस खन्ना ने हालांकि जस्टिस चंद्रचूड़ को सीजेआई के बंगले में ही रहने को कहा था, क्योंकि जस्टिस खन्ना आधिकारिक आवास में नहीं रहना चाहते थे. सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने एक जुलाई को केंद्र को पत्र लिखकर कहा था कि जस्टिस चंद्रचूड़ सीजेआई बंगले में अनुमति प्राप्त अवधि से अधिक समय तक रहे हैं और उसने संपत्ति खाली कराने की मांग की थी.

‘कोई जमीन खरीदने आए तो बोलो हमें हिस्‍सेदारी दो’, राज ठाकरे ने फिर उठाया मराठी बनाम बाहरी का मुद्दाedc

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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने बाहरी और मराठी के मुद्दे को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. उन्‍होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि गुजरात में बाहरी व्यक्ति जमीन नहीं खरीद सकता है, लेकिन महाराष्ट्र में आकर कहीं से कोई भी जमीन खरीदता है और उद्योग चालू करता है. राज ठाकरे ने कहा कि अब आगे से अगर कोई जमीन खरीदने आए तो आप अपनी जमीनें मत बेचना, बल्कि उनको बोलना कि हमें कंपनी में हिस्सेदारी दो और मराठी लोगों को काम पर रखो.

इस अवसर पर राज ठाकरे ने कहा कि मुझे पता चला है कि महाराष्ट्र सरकार सरकारी खर्च पर गुजराती साहित्य सम्मेलन करवाने जा रही है. सरकार ने जानबूझकर यह किया है ताकि हम इस पर प्रतिक्रिया दें और सरकार को राजनीति करने का मौका मिल जाए. हम अब सरकार के बहकावे में नहीं आएंगे, लेकिन जब हमें लगेगा कि सरकार महाराष्ट्र को बर्बाद करने के लिए कदम उठा रही है, तब हम अवश्य आवाज उठाएंगे. आप सभी लोग जागृत रहिए और बारीकी से नजर रखिए कि आखिर सरकार कर क्या रही है.
उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर आरोप लगाते हैं कि हम हिंदी-मराठी का मुद्दा उठाकर बाहरी लोगों को परेशान करते हैं, लेकिन गुजरात से दो बार बिहारी लोगों को भगाया गया. वहां पर जिस व्यक्ति ने बिहारियों के खिलाफ आंदोलन किया और उन्हें मारकर राज्य के बाहर किया उसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी पार्टी में लेकर विधायक बना दिया. आप अपने राज्य को व्यवस्थित रख रहे हैं और दूसरे के राज्यों में अगर वे अपनी भाषा और संस्कृति को बचाने की बात करें तो उसे आप उसे बदनाम करते हैं.
उल्‍लेखनीय है कि हाल ही में महाराष्ट्र में ‘मराठी बनाम हिंदी’ विवाद ने तूल पकड़ा था. इस दौरान मराठी नहीं बोलने को लेकर मनसे कार्यकर्ताओं ने उत्तर भारतीयों पर कई जगह हमला किया था, इन घटनाओं ने सियासी रंग ले लिया था.

‘अहमदाबाद एयरपोर्ट पर आत्माएं… इंडिया इंडिया प्लेन क्रैश पर ये कैसा दावा, वीडियो देखकर चौंके लोग

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‘अहमदाबाद एयरपोर्ट पर आत्माएं… इंडिया इंडिया प्लेन क्रैश पर ये कैसा दावा, वीडियो देखकर चौंके लोगअहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश हुए एयर इंडिया के विमान की यादें आज भी लोगों के जहन में ताजा हैं. जून में हुए इस विमान हादसे में 270 लोगों की जान चली गई थी. इस भीषण त्रासदी के कारणों को लेकर कई सवालों के जवाब अब भी नहीं मिल पाए हैं. हालांकि इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बेहद अजीबोगरीब दावा किया गया है.

वायरल हो रहे इस वीडियो में खुद को ‘पिछले जन्म का एक्सपर्ट’ बताने वाले संजीव मलिक यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि एयर इंडिया हादसे में मारे गए यात्रियों की आत्माएं अब भी अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ‘अटकी’ हुई हैं. उन्होंने गुजरात के लोगों से अपील की है कि इन आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना सभा आयोजित की जाए.

वीडियो देखकर भड़के लोग

इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं दो खेमों में बंटी दिखीं. एक वर्ग ने मलिक के दावे को स्वीकार करते हुए लिखा, ‘मैं उनसे सहमत हूं, यह बात अजीब लग सकती है लेकिन कर्म का प्रभाव ऐसी घटनाओं में होता है.
वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने इस दावे की तीखी आलोचना की. एक यूज़र ने टिप्पणी की, ‘प्लीज ऐसी अफवाहें न फैलाएं, सरकार को इस जगह का पुनर्निर्माण करना चाहिए और छात्रों को दोबारा यहां लाना चाहिए.’ एक अन्य ने तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा, ‘प्लीज इस तरह की घृणित बातें फैलाना बंद करें.’
एक यूज़र ने व्यंग्य में लिखा, ‘आपको किस आत्मा ने बताया? आत्माएं खुद आकर इंटरव्यू देने लगी हैं क्या?’ वहीं एक रेस्क्यू वॉलंटियर ने लिखा, ‘माफ कीजिए, लेकिन मैंने दो सप्ताह वहां आपदा प्रबंधन टीम के साथ काम किया है, वहां ऐसी कोई बात नहीं है, अंधविश्वास फैलाना बंद कीजिए.’

क्या है कि संविधान का अनुच्छेद 51A(h)?

इस वीडियो के विरोध में कुछ लोगों ने संविधान का भी हवाला दिया. एक कमेंट में लिखा गया, ‘अनुच्छेद 51A(h) ने इस कमेंट सेक्शन को छोड़ दिया है.’
अनुच्छेद 51A(h) भारतीय संविधान के 11 मौलिक कर्तव्यों में से एक है, जो प्रत्येक नागरिक से ‘वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और सुधार की भावना’ विकसित करने की अपेक्षा करता है. यह गैर-न्यायिक होते हुए भी यह दर्शाता है कि राज्य अपने नागरिकों से तर्क और विज्ञान आधारित सोच की अपेक्षा करता है.

यह वीडियो और उस पर आई प्रतिक्रियाएं एक बार फिर इस बहस को हवा देती हैं कि विज्ञान और विश्वास के बीच समाज किस दिशा में झुक रहा है. आत्मा, पुनर्जन्म और कर्म जैसे विषयों पर लोगों की सोच आज भी बंटी हुई है. लेकिन क्या सार्वजनिक मंचों पर ऐसे दावे करना सही है, या यह समाज में भ्रम और अंधविश्वास को बढ़ावा देते हैं- यह बहस फिर से गहराती दिख रही है.

कुलगाम में तीसरे दिन तीसरा आतंकी भी ढेर, अभी भी जारी है सेना का ऑपरेशन, काल बनकर बरस रही भारत की सेना

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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच जंगल क्षेत्र में आज तीसरे दिन भी मुठभेड़ जारी है. शुक्रवार से शुरू हुए ऑपरेशन अखल आज तीसरा दिन है. शनिवार को सुरक्षा के जवानों ने अब तक तीन आतंकवादियों को मार गिराया है. सेना के सूत्रों की ओर जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस मुठभेड़ के दौरान एक सेना का जवान घायल हो गया है. वहीं बताया जा रहा है कि जंगल में चार से पांच या उससे अधिक आतंकवादियों के घिरे होने की संभावना है.
एएनआई के हवाले से पता चला कि शनिवार को दो आतंकियों को मार गिराने के बाद रात में ऑपरेशन को रोक दिया गया था. मगर, सुबह-सुबह फिर से हलच शुरू हो गई. दोनों आतंकवादियों की पहचान और उनके समूह की पुष्टि की जा रही है. सेना के सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन अभी भी जारी है. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान पुलवामा निवासी हरीश नजीर डार के रूप में हुई है, जिसे कुलगाम मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने मार गिराया है.
भारतीय सेना की चिनार कोर ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया कि रात भर रुक-रुक कर और तीव्र गोलीबारी जारी रही. सतर्क सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की और संपर्क बनाए रखते हुए घेराबंदी और मज़बूत कर दी.’ जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात भी कुलगाम जिले के अखलदेवसर इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच चल रही मुठभेड़ स्थल पर पहुंचे. एसओजी, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ इस अभियान को अंजाम दे रहे हैं.

एक हफ्ते में तीसरा बड़ा ऑपरेशन

ऑपरेशन अखल पिछले सात दिनों में तीसरी बड़ी मुठभेड़ है. इससे पहले बुधवार को, पुंछ ज़िले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास घुसपैठ की कोशिश के बाद सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में ऑपरेशन शिवशक्ति के दौरान दो आतंकवादी मारे गए थे.

भारत ने कर दी डोनाल्ड ट्रंप की मुराद पूरी, भर जाएगा अमेरिका का खजाना, अब क्‍या करेंगे व्लादिमीर पुतिन

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अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के तमाम देशों के खिलाफ टैरिफ वॉर छेड़ रखा है. ट्रंप सरकार अमेरिकी प्रोडक्‍ट पर लगने वाले टैक्‍स को कम करने का दबाव लगातार डाल रहे हैं. साथ ही अमेरिकी उत्‍पादों के आयात को बढ़ाने की बात भी कर रहे हैं. कुछ दिनों पहले ही ट्रंप ने भारत के प्रोडक्‍ट पर 25 फीसद तक अतिरक्‍त टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. इन सब घटनाक्रमों के बीच अब एक बड़ी खबर सामने आई है. भारत ने अमेरिका से एनर्जी इंपोर्ट को काफी बढ़ा दिया है. इस कदम को दोनों देशों के बीच ट्रेड बैलेंस की स्थिति बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्‍ड ट्रंप के जनवरी 2025 में अमेरिकी राष्‍ट्रपति पद पर वापसी के बाद भारत ने अमेरिका से ऊर्जा आयात में तेज़ी से इज़ाफा किया है. जनवरी से जून 2025 के दौरान भारत ने अमेरिका से कच्‍चे तेल का आयात 51% बढ़ाया है, जो दोनों देशों के बीच उभरती ऊर्जा साझेदारी को दर्शाता है. सूत्रों मानें तो यह बढ़त फरवरी 2025 में वाशिंगटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुए समझौते का नतीजा है. इस समझौते के तहत भारत ने अमेरिकी ऊर्जा आयात को 15 अरब डॉलर से बढ़ाकर 25 अरब डॉलर करने की बात कही थी. साथ ही दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्‍य तय किया है.

कच्‍चे तेल के आयात में भारी वृद्धि

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारत का अमेरिका से कच्चे तेल का आयात 114% बढ़कर 3.7 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 1.73 अरब डॉलर था. जुलाई 2025 में यह रफ्तार और बढ़ी जब अमेरिका से कच्चे तेल का आयात जून की तुलना में 23% अधिक रहा. इससे अमेरिका का हिस्सा भारत के कुल कच्चे तेल आयात में 3% से बढ़कर 8% हो गया है.
भारत ने अमेरिका से तरल प्राकृतिक गैस (LNG) के आयात को भी तेजी से बढ़ाया है. फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में एलएनजी आयात 1.41 अरब डॉलर से बढ़कर 2.46 अरब डॉलर हो गया. ICRA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत वशिष्ठ के अनुसार, ‘अमेरिकी एलएनजी की कीमत हेनरी हब बेंचमार्क पर आधारित होने के कारण अन्य स्रोतों की तुलना में अधिक कॉम्पिटिटिव है. साथ ही अमेरिका में कई नए एलएनजी प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं, जिससे भारतीय कंपनियां लॉन्‍ग टर्म कॉन्‍ट्रैक्‍ट के लिए अमेरिका की ओर रुख कर रही हैं.’ ट्रंप प्रशासन ने सत्ता संभालते ही एलएनजी निर्यात लाइसेंस पर बाइडन सरकार द्वारा लगाई गई रोक को हटा दिया था. अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) का अनुमान है कि 2028 तक अमेरिका की एलएनजी निर्यात क्षमता दोगुनी हो जाएगी.

भविष्‍य की मांग और रणनीतिक साझेदारी

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) का अनुमान है कि 2030 तक भारत वैश्विक तेल मांग वृद्धि का सबसे बड़ा ड्राइवर बन जाएगा और एलएनजी की मांग 78% बढ़कर 64 अरब घन मीटर सालाना हो जाएगी. ऐसे में भारत की अमेरिकी ऊर्जा की ओर बढ़ती निर्भरता रणनीतिक दृष्टि से अहम है. सूत्रों के अनुसार, ‘लंबी अवधि के एलएनजी और कच्‍चे तेल अनुबंधों को लेकर भारतीय और अमेरिकी कंपनियों के बीच अरबों डॉलर के समझौते पर चर्चा चल रही है. भारत अमेरिका को अपनी ऊर्जा सुरक्षा का सबसे भरोसेमंद साझेदार मानता है.’

रूस पर चोट?

गौरतलब है कि रूस भारत का सबसे बड़ा एनर्जी एक्‍सपोर्टर है. हाल के दिनों में भारत ने रूस से पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट की खरीद को काफी बढ़ाया था. लेकिन, बदले हालात में जब भारत अमेरिका से एनर्जी इंपोर्ट को बढ़ा रहा है तो इसका सबसे ज्‍यादा असर रूस पर पड़ सकता है. भारत का रूस से जारी तेल आयात अमेरिका के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. ट्रंप प्रशासन ने भारत पर दबाव बढ़ाया है कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए मॉस्को के साथ अपनी ऊर्जा साझेदारी पर पुनर्विचार करे. डोनाzल्‍ड ट्रंप और उनके मंत्रियों की ओर से भारत-रूस एनर्जी ट्रेड पर खुले तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं.