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हरियाणा के जींद में प्रॉपर्टी विवाद के चक्कर में खूनी खेल, गैस एजेंसी संचालक दो सगे भाइयों की गोली मारकर हत्या

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प्रॉपर्टी के विवाद की रंजिश में गैस एजेंसी संचालक दो सगे भाइयों दिलबाग (50) व सतीश (44) की गोली मारकर हत्या (Jind Double Murder Case ) कर दी। घटना मंगलवार रात करीब दो बजे गांव निर्जन में बाईपास पुल के निकट हुई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने सतीश के बेटे मोहित की शिकायत पर सुरेश-उसके बेटे को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ भी हत्या, हत्या के प्रयास व शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

पान ठेले पर टीशर्ट-जींस में पहुंचा युवक, बोला-हुक्का मिलेगा… पहले लिया हलके में, फिर सच्चाई पता चलते ही छूटे पसीने

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छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां दो सगे भाई पान का ठेला लगाते थे. मगर, शहर के बीचोंबीच पान के ठेले पर पान नहीं बल्कि हुक्के की गड़गड़ाहट बेची जा रही थी. पुलिस ने दो सगे भाई हुक्का बेचते गिरफ्तार किया है. क्राइम ब्रांच और पुलिस ने आरोपियों की दुकान और घर पर रेड मारकर करीब 20 लाख का माल बरामद किया है. इतना ही नहीं, इस मामले में दोनों भाई पहले भी जेल जा चुके हैं.

पुलिस ने बताया कि 8 अप्रैल की शाम क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि खम्हारडीह क्षेत्र के राजीव नगर के एक मकान में बड़ी मात्रा में हुक्का और फ्लेवर रखा हुआ है. यहां से हुक्का को अवैध तरीके से बेचा जाता है. पुलिस ने तुरंत एक शख्स को ग्राहक बनाकर भेजा और असलियत का पता किया. जब शख्स पहुंचा तो चौंकाने वाला मामला सामने आया.

26/11 अटैक मुंबई में, फिर तहव्वुर राणा को दिल्ली क्यों लाया जा रहा

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26/11 मुंबई हमले का साजिशकर्ता आतंकी तहव्वुर राणा स्पेशल प्लेन से भारत आ रहा है. किसी भी वक्त आतंकी तहव्वुर राणा की दिल्ली में लैडिंग हो सकती है. तहव्वुर राणा को तिहाड़ जेल में रखा जाएगा. इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है. भारत की एजेंसियों ने जो सबूत दिखाए, उसके आधार पर अमेरिका ने उसके प्रत्यर्पण पर मुहर लगा दी. अब भारत में मुंबई हमले को लेकर राणा के गुनाहों का हिसाब होगा. अब सवाल है कि 26/11 अटैक मुंबई में हुआ तो फिर तहव्वुर राणा को दिल्ली क्यों लाया जा रहा है? चलिए आज इसका कारण जानते हैं

तहव्वुर राणा को दिल्ली लाने की सबसे बड़ी वजह है एनआईए. जी हां, यह मामला एनआईए यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधीन है. दूसरी सबसे बड़ी वजह है कि एनआईए का मुख्यालय दिल्ली में ही है. 26/11 मुंबई अटैक से जुड़े इस केस में एनआईए ने 2011 में दिल्ली की एक विशेष अदालत में तहव्वुर राणा और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इसके अलावा आतंकी तहव्वुर राणा के खिलाफ ट्रायल दिल्ली की एनआईए स्पेशल कोर्ट में चलने की संभावना है. यहां पहले से ही इस मामले से जुड़े दस्तावेज और सबूत मौजूद हैं. दिल्ली में एनआईए की टीम तहव्वुर राणा का अदालत से हिरासत मांगेगी और फिर उससे पूछताछ होगी.

एयर इंडिया की फ्लाइट में फिर पेशाब कांड, बीच हवा में एक यात्री ने दूसरे यात्री पर किया पेशाब

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बीच हवा में यानी फ्लाइट में इन दिनों यात्री छोटी-छोटी बात पर आपा खो देते हैं. इन दिनों फ्लाइट की घटनाएं सुर्खियों में रहती है. खासकर दूसरे यात्री पर पेशाब करने की घटना काफी हो रही है. खबर है कि एयर इंडिया में एक बार फिर एक यात्री ने दूसरे यात्री पर पेशाब किया है. एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2336 दिल्ली से बैंकॉक जा रही थी.

प्राप्त जानकारी के अनुसार इसी फ्लाइट में एक यात्री ने दूसरे यात्री पर यूरिनेट किया. बताया जा रहा है कि पीड़ित एक बड़ी कंपनी का बड़ा अधिकारी है. पूरी घटना बिजनेस क्लास में हुई है. जिस यात्री ने दूसरे यात्री पर पेशाब किया है वह क्लास की 2 D सीट पर बैठा हुआ था.

स्कूलों की बढ़ती फीस पर किसकी हुकूमत, क्यों कोई रोक नहीं पा रहा इनकी मनमानी? पैरंट्स का दर्द

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कई सारे स्कूलों में फीस बढ़ने के मामले सामने आ रहे हैं जहां पर स्कूल नए सेशन के लिए स्टूडेंट्स के पैरेंट्स से बहुत ज्यादा फीस चार्ज कर रहे हैं। ऐसे में माता-पिता ने स्कूलों के इस मनमाने व्यवहार पर कई तरह से सवाल खड़े किए हैं जिनकी वजह से उनके बच्चों को पढ़ाने का खर्च बहुत तेजी से बढ़ गया है। स्कूलों के मनमाने व्यवहार के चलते फीस हर साल बढ़ती चली जा रही है और इस बारे में फीस रेगुलेशन करने के लिए नियम-कानूनों की कमी भी इस समस्या की एक बड़ी वजह बन रही है।

जिन स्कूलों की शिकायत सामने आ रही है, उनका कहना है कि फीस जरूरत और नियम के हिसाब से बढ़ाई गई है। अनऐडेड रिकॉग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूल्स की एक्शन कमिटी के प्रेजिडेंट भरत अरोड़ा का कहना है कि स्कूलों ने फीस दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट के तहत ही बढ़ाई है। ज्यादातर स्कूलों ने 5% से 10% तक ही इजाफा किया है। उधर, शिक्षा निदेशालय का कहना है कि फीस बढ़ाने के लिए इजाजत लेने का मामला अभी कोर्ट में पेंडिंग है। सुनवाई मई में है।

पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व के डबल गेम पर भड़का चीन, जिनपिंग ने रद्द कर दी यात्रा, जनरल मुनीर को चालबाजी पड़ेगी भारी

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पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व के डबल गेम पर चीन भड़का हुआ है। इसकी वजह इलाके में मिलने वाले कोबाल्ट जैसे रणनीतिक खनिज हैं, जिनके लिए लड़ाई तेज हो रही है। रक्षा और उच्च तकनीकी उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण खनिज अब चीन और अमेरिका जैसी शक्तियों के बीच प्रतिद्वंद्विता का केंद्र बन रहा है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूख्वा प्रांत में इन दुर्लभ खनिजों का भंडार है, लेकिन पाकिस्तानी सेना इसे ग्रेट गेम का जरिया बना रही है। चीन लंबे समय से इस इलाके में खनन कर रहा है, लेकिन अब पाकिस्तानी जनरल इसके जरिए अब बीजिंग को डबल क्रॉस करने की कोशिश कर रहे है, जिस पर चीन नाराज है।

पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व इन रणनीतिक खनिजों के गेम में अमेरिका को भी शामिल करना चाहता है। इस पर चीन तिलमिला गया है। पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल रजा ने सीनियर पत्रकार शाहीन सेहबाई के हवाले से बताया है कि चीन की नाराजगी का आलम है कि चीनी राष्ट्रपति और प्रीमियर समेत संभावित उच्च स्तरीय चीनी दौरे को रद्द कर दिया गया है। बीजिंग ने तो यहां तक कह दिया है कि अगर पाकिस्तानी सेना खनिज तक वॉशिंगटन के साथ नजदीकी बनाती है, तो पाकिस्तान पहले अपना अरबों डॉलर का कर्ज चुकाए।

एक बेटा सपा में, दूसरा बीजेपी में…’; भरे मंच से कांग्रेस नेता ने किस पर साधा निशाना? खरगे बजाते रहे ताली

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गुजरात के अहमदाबाद में कांग्रेस का 84वां अधिवेशन चल रहा है। आज अधिवेशन के दूसरे दिन झंडावंदन के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कार्यक्रम को संबोधित किया। इसके बाद पार्टी के अन्य नेताओं ने भी अपनी बात रखी। इस दौरान उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा ने अपनी ही पार्टी की नियुक्ति पर सवाल उठा दिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक व्यक्ति को शहर का अध्यक्ष बनाया है, लेकिन उनका एक बेटा समाजवादी पार्टी में है और दूसरा नेता भारतीय जनता पार्टी में है। ताज्जुब की बात है कि आलोक मिश्रा के इस बयान पर खरगे और सोनिया गांधी ताली बजा रहे थे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि आलोक मिश्रा का निशाना किसकी तरफ था।

मैं बीजेपी के हिंदुत्व के साथ नहीं’ चिराग पासवान का बड़ा बयान, बोले – मुझे तकलीफ इस बात की है

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न्यूज18 राइजिंग भारत समिट 2025 के मौके पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शिरकत की. उन्होंने बिहार के आगामी चुनाव, तेजस्वी यादव, धर्म और राजनीति पर खुलकर बात की. चिराग पासवान ने इस दौरान साफ कहा कि वह बीजेपी के हिंदुत्व के एजेंडे के साथ नहीं है. उन्होंने तो यहां तक कहा कि धर्म और राजनीति को अलग रहना चाहिए ताकि देश के असल मुद्दों पर बहस हो सके और उन पर ध्यान दिया जा सके.

मैं यह बताना चाहता हूं कि जब आप चिराग पासवान का विरोध करना चाहते हैं. मैं चाहता हूं एक ऐसी व्यवस्था चाहता हूं कि जहां पर धार्मिक संगठन राजनीतिक पक्षपात न करें. राजनेता और राजनीतिक दल धर्म की चर्चा न करें. जब हम राजनीति और धर्म को अलग कर देंगे तो मुझे लगता है कि एक बड़ी समस्या का हल अपने आप हो जाएगा.

यह पूछे जाने पर कि बीजेपी हिंदुत्व की पार्टी है. बीजेपी हिंदुत्व पर जो चर्चा करती है, उस पर चर्चा नहीं करनी चाहिए? इस पर चिराग पासवान ने कहा कि मुझे लगता है कि इस पर चर्चा किसी को नहीं करना चाहिए. मुझे लगता है कि यह व्यक्तिगत आस्था का विषय है. मैं टीका लगाऊं या कलेवा पहनूं, इस पर किसी को कुछ कहने का अधिकार नहीं होना चाहिए. धर्म व्यक्तिगत आस्था का विषय है. मुझे कहां जाना है, किस मंदिर या चर्च में जाना चाहिए, मुझे यह बताने वाले कोई कौन होता है.

चिलचिलाती धूप में खेतों में पहुंचीं एडीएम ऋतु पुनिया, दरांती उठाकर किसानों संग काटा गेहूं

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चिलचलाती धूप में किसानों के साथ दरांती लेकर गेहूं काट रहीं ये अधिकारी कोई और नहीं योगी सरकार में पीलीभीत की एडीएम ऋतु पुनिया हैं। अफसरशाही जब ज़मीन से जुड़ती है तो तस्वीरें अलग ही कहानी बयां करती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बुधवार को पीलीभीत की एडीएम वित्त एवं राजस्व ऋतु पुनिया जब पूरनपुर तहसील क्षेत्र के दौरे पर निकलीं, तो उनके हाथ में फाइलें नहीं, बल्कि दरांती थी। उन्होंने न सिर्फ खेत में जाकर गेहूं काटा, बल्कि किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी जानीं। पूरनपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भ्रमण के दौरान एडीएम ने किसानों को सरकारी खरीद प्रक्रिया की जानकारी दी और बताया कि अगर किसी किसान के पास 100 क्विंटल या उससे अधिक गेहूं है। सरकारी मोबाइल क्रय केंद्र उनके खेत या घर तक पहुंचकर सीधे गेहूं की खरीद करेंगे। साथ ही उन्होंने ये भी ऐलान किया कि मंडी जाने की बाध्यता खत्म होगी और किसान को दो कार्यदिवसों के भीतर भुगतान बैंक खाते में प्राप्त होगा

बर्दाश्त के बाहर होगी इस बार की गर्मी…अटलांटिक, प्रशांत और हिंद महासागर में कौन गोल-गोल घूम रहा है

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वैज्ञानिक शायराना अंदाज में कहते हैं कि धरती को बुखार हो गया है। इसका मतलब यह है कि तापमान 1850-1900 की औद्योगिक क्रांति से पहले के औसत की तुलना में 1.5 और 2 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार करने के करीब है। यह लोगों को गर्मी से होने वाली मुश्किलें जैसे जलवायु परिवर्तन के खतरों की तरफ धकेल रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ते तापमान के लिए इंसानी गतिविधियों से मौसम में हो रहा बदलाव जिम्मेदार है जिसे अस्थायी तौर पर अल नीनो को हवा दे रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि धरती के इस बुखार के पीछे कौन है? समंदरों में ऐसा क्या हो रहा है, जिससे दुनिया गर्म हो रही है।