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WhatsApp में आ रहा तगड़ा प्राइवेसी फीचर, आपकी मर्जी के बिना कोई देख नहीं पाएगा आपका स्टेटस”

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WhatsApp में आ रहा तगड़ा प्राइवेसी फीचर, आपकी मर्जी के बिना कोई देख नहीं पाएगा आपका स्टेटस”

WhatsApp अपने यूजर्स के लिए नया प्राइवेसी फीचर टेस्ट कर रहा है। यह फीचर यूजर्स को इस बात की आजादी देगा कि वो अपनी मर्जी से किसे अपना स्टेटस दिखाना चाहते हैं और किसे नहीं? मेटा के इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप के दुनिया भर में करोड़ों यूजर्स हैं।

भारत में भी इस ऐप को 50 करोड़ से ज्यादा लोग यूज करते हैं। ऐसे में वाट्सऐप के नए फीचर्स का यूजर्स को इंतजार रहता है। वाट्सऐप भी अपने यूजर्स के डिमांड के मुताबिक, ऐप में नए-नए फीचर्स जोड़ता रहता है।

स्टेटस शेयर करने का नया ऑप्शन

WhatsApp के इस नए प्राइवेसी फीचर को Android बीटा वर्जन में देखा गया है। WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फीचर को एंड्रॉइड वर्जन 2.24.12.27 में देखा गया है। इसमें यूजर्स को स्टेटस शेयर करते समय उनसे किससे छिपाना है और किसे दिखाना है, यह पूछा जाएगा। यूजर अपनी सहूलियत के हिसाब से स्टेटस को जिनसे शेयर करना चाहते हैं, दिखा सकते हैं।

WhatsApp Privacy Feature

WABetaInfo द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में इस फीचर की झलक देखी जा सकती है। यूजर्स को स्टेटस शेयर करते समय पूछा जाएगा कि वो All Contacts यानी सभी कॉन्टैक्ट को या फिर किसी Specific Contacts (चुनिंदा कॉन्टैक्ट्स) को अपना स्टेटस शेयर करना चाहते हैं। यूजर अगर ऑल कॉन्टैक्ट्स को सेलेक्ट करेंगे तो उनका स्टेटस सभी यूजर को दिखाई देगा।

प्राइवेसी फीचर होगा अपग्रेड

फिलहाल यूजर्स को स्टेटस शेयर करते समय तीन ऑप्शन दिखाई देते हैं, जिनमें My Contacts, My contacts Except और Only Share With Specific कॉन्टैक्ट्स शामिल हैं। यूजर अपना स्टेटस या तो अपने कॉन्टैक्ट्स को या फिर किसी स्पेसिफिक कॉन्टैक्ट को छोड़कर सभी को या फिर किन्हीं चुनिंदा कॉन्टैक्ट्स को शेयर कर सकते हैं। नए प्राइवेसी फीचर में यूजर के पास केवल दो ऑप्शन मिलेंगे।

 WhatsApp Privacy Feature

यूजर को All Contacts वाले ऑप्शन में ही यह विकल्प मिलेगा कि वो किस कॉन्टैक्ट के साथ अपना स्टेटस शेयर नहीं करना चाहते हैं। वहीं, Specific Contacts वाले ऑप्शन में यूजर को यह ऑप्शन मिलेगा को वो किन्हीं लिमिटेड कॉन्टैक्ट्स को अपना स्टेटस शेयर करना चाहते हैं। इसका मतलब साफ है कि यूजर्स को अब स्टेटस शेयर करते समय इन दोनों ऑप्शन में से किसी एक को ही चुनना होगा।

BSNL के इस 395 दिन वाले प्लान ने उड़ाई सबकी ‘नींद’, अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ मिलेगा भरपूर डेटा

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BSNL के इस 395 दिन वाले प्लान ने उड़ाई सबकी ‘नींद’, अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ मिलेगा भरपूर डेटा

BSNL के पास हर यूजर्स के लिए अलग-अलग तरह के रिचार्ज प्लान हैं। देश की सबसे पुरानी और सरकारी टेलीकॉम कंपनी जल्द ही पूरे देश में अपनी 4G सेवाएं शुरू करने वाली है। यही नहीं, भारत संचार निगम लिमिटेड प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां Jio और Airtel को टक्कर देने के लिए 5G पर भी काम कर रही है।

हाल ही में कंपनी ने करोड़ों रुपये नेटवर्क अपग्रेड और टावर अपग्रेड के लिए इन्वेस्ट किए हैं। पिछले दिनों आई एक रिपोर्ट की मानें तो भारत संचार निगम लिमिटेड इस साल अगस्त तक पूरे देश में 4G सेवा बहाल कर सकती है।

जल्द शुरू होगी 4G सेवा

भारत संचार निगम लिमिटेड ने अभी तक आधिकारिक तौर पर 4G सेवाएं शुरू नहीं की है। कंपनी ने पंजाब और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में 4G सेवा ट्रायल के तौर पर उपलब्ध करा रही हैं। हालांकि, कंपनी ने प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को टक्कर देने के लिए सस्ते और ज्यादा बेनिफिट्स वाले रिचार्ज प्लान जरूर लॉन्च किए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा यूजर्स कंपनी के साथ बने रहे। कंपनी का एक ऐसा ही प्रीपेड रिचार्ज प्लान है, जिसमें यूजर्स को 395 दिनों की लंबी वैलिडिटी ऑफर की जा रही है। साथ ही, यूजर्स को भरपूर डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग का लाभ मिलता है।

395 दिनों वाला प्लान

BSNL का यह रिचार्ज प्लान 2,399 रुपये में आता है। इस प्लान में यूजर्स को पूरे देश में कहीं भी, किसी भी नेटवर्क पर कॉल करने के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग बेनिफिट मिलता है। साथ ही, इस प्रीपेड प्लान में फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलेगा। यह प्रीपेड रिचार्ज प्लान डेली 2GB डेटा और 100 फ्री SMS के साथ आता है। इस तरह से कुल मिलाकर यूजर को इस प्लान में 790GB हाई स्पीड डेटा का लाभ मिलेगा। भारत संचार निगम लिमिटेड के इस प्रीपेड प्लान का सीधा मुकाबला Airtel के 1799 रुपये वाले रिचार्ज प्लान से है।

Airtel के इस प्लान से मुकाबला

एयरटेल के इस रिचार्ज प्लान में यूजर्स को 365 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। यह प्लान भी अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग, फ्री नेशनल रोमिंग जैसे बेनिफिट्स के साथ आता है। हालांकि, इस प्लान में यूजर्स को कुल 24GB डेटा का लाभ मिलेगा। साथ ही, पूरे साल भर के लिए 3,600 फ्री SMS मिलेगा।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री हुई रॉकेट, सालाना आधार पर 40.31% की तेजी, जानें FY2024 में कितनी बिकीं

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इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री हुई रॉकेट, सालाना आधार पर 40.31% की तेजी, जानें FY2024 में कितनी बिकीं

भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री टॉप गियर में है। इसकी धमक लेटेस्ट आंकड़ बता रहे हैं। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की बिक्री साल-दर-साल (YoY) आधार पर 40.31 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 17,52,406 यूनिट हो गई।

IANS की खबर के मुताबिक, जेएमके रिसर्च एंड एनालिटिक्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईवी बिक्री में बढ़ोतरी का नेतृत्व दोपहिया और तिपहिया वाहनों ने किया, जिसने कुल बिक्री में 94 प्रतिशत का योगदान दिया।

इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की बिक्री भी जोरदार

ईवी दोपहिया वाहनों की बिक्री साल-दर-साल आधार पर 29 प्रतिशत बढ़कर 10,09,356 यूनिट हो गई। कुल ईवी बिक्री में इस कैटेगरी का योगदान 57.60 प्रतिशत रहा। ईवी तिपहिया वाहनों में, जिसमें यात्री और मालवाहक वाहन शामिल हैं, बिक्री साल-दर-साल आधार पर 56 प्रतिशत बढ़कर 6,34,969 यूनिट हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कम परिचालन लागत, बढ़ती लॉजिस्टिक्स मांग और अंतिम-मील कनेक्टिविटी इस सेगमेंट में वृद्धि के प्रमुख वजह हैं।

इलेक्ट्रिक कार की तूफानी बिक्री

इलेक्ट्रिक कार खंड की बिक्री में साल-दर-साल आधार पर 82 प्रतिशत की वृद्धि हुई, वित्त वर्ष 2024 में 99,085 इकाइयों की बिक्री दर्ज की गई। इलेक्ट्रिक बसों की बिक्री साल-दर-साल आधार पर 85 प्रतिशत की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2024 में 3,708 इकाई तक पहुंच गई। बता दें, मारुति सुजुकी, हुंदै, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स जैसी बड़ी कंपनियां विभिन्न खंडों की मांग को पूरा करने के लिए नई ईवी मॉडल लाने की तैयारी में हैं। कई उद्योग अनुमानों में कहा गया है कि ईवी का 2030 तक भारत के वाहन बाजार में हिस्सा लगभग 20 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। उम्मीद यह की जा रही है कि इलेक्ट्रिक वाहन जल्द मुख्यधारा का हिस्सा होंगे।

भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री में सबसे बड़ी कंपनी टाटा मोटर्स ने कुछ दिनों पहले कहा था कि कंपनी का लक्ष्य 2026 तक अपने इलेक्ट्रिक मॉडल की संख्या को 10 करने का है। मर्सिडीज-बेंज इंडिया भी साल 2024 में 12 नए उत्पाद उतारने की तैयारी में है। इनमें से तीन नए बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) होंगे।

छत्तीसगढ़ : सतनामी समुदाय गुरु घासीदास को मानने वाले सतनामी समाज की आस्था का प्रतीक?

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छत्तीसगढ़ : सतनामी समुदाय गुरु घासीदास को मानने वाले सतनामी समाज की आस्था का प्रतीक?

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में हुए बवाल के बाद जैतखाम क्या है यह लोगों की जिज्ञासा का विषय बन गया है. सतनामी समाज के लिए एक तरह से उनकी जीत का प्रतीक है जैतखाम. छत्तीसगढ़ में दुनिया का सबसे ऊंचा जैतखाम भी बना है जो कि कुतुब मीनार से भी ऊंचा है.

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में रविवार को हुए बवाल के बाद हर कोई सतनामी समुदाय और जैतखाम के बारे में जानना चाहता है. सतनामी समुदाय गुरु घासीदास को मानने वाले हैं और उनका सबसे पवित्र चिन्ह जैतखाम है जिस पर सफेद रंग की ध्वजा लहराई जाती है. जब भी जैतखामों की बात की जाती है तो राज्य के गिरौदपुरी में स्थित सबसे ऊंचे जैतखाम का जिक्र जरूर किया जाता है. यह जैतखाम 2014 में बनकर तैयार हुआ था जो कि ऊंचाई में कुतुब मीनार से भी ऊंचा है.

दरअसल छत्तीसगढ़ में बलौदा बाजार में जैतखाम को काटने के मामले में गुस्साए सतनामी समाज के अनुयायियों ने उग्र और हिंसक प्रदर्शन किया है. सतनामी समाज के लोगों ने पूरे कलेक्टर ऑफिस को घेर लिया और आग के हवाले कर दिया है. सतनामी समुदाय के लोग जैतखाम काटने के मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं जबकि इस मामले में डिप्सी सीएम पहले ही न्यायिक जांच के लिए आदेश दे चुके हैं. इसी बात से नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया है.

सतनामी समाज और जैतखाम दोनों ही नाम छत्तीसगढ़ राज्य के लिए बहुत आम हैं क्योंकि यहां पर लगभग सभी गांवों में सतनामी लोग रहते हैं. यहां गांव-गांव में जैतखाम बने हुए हैं और रोजाना इसे मानने वाले इस पवित्र स्तंभ की पूजा भी करते हैं. सतनामी समुदाय गुरु घासीदास को मानने वाले हैं. इस समाज के लोग हमेशा सच्चाई पर चलते हैं और सतनाम का जप करते हैं.

समाज के लोगों के लिए सबसे खास आस्था का प्रतीक है जैतखाम. यह सतनामियों के लिए आस्था की पताका है जिसका महत्व उनके लिए बहुत ज्यादा है. जहां-जहां सतनामी रहते हैं वहां ये लोग किसी विशेष स्थान को देखकर जैतखाम को बनाते हैं इसके ऊपर सफेद रंग की ध्वजा फहराई जाती है. यह सतनामियों के लिए विजय का प्रतीक है और इसलिए इसका महत्व कहीं ज्यादा बढ़ जाता है. जैतखाम की बात की जा रही है तो बता दें कि छत्तीसगढ़ में एक जैतखाम है जो कि कुतुब मीनार से भी ऊंचा और देखने में बहुत खूबसूरत है.

रायपुर से करीब 145 किलोमीटर दूर बाबा गुरु घासीदास की जन्म स्थली मौजूद है जिसका नाम है गिरौदपुरी. जहां सतनामियों में जैतखाम के प्रति आस्था को देखते हुए सुंदर और भव्य जैतखाम बनाया है. ऊंचाई की बात करें तो यह कुतुब मीनार से भी ऊंजा है. इसे 2014 में बनकर तैयार किया था. इस जैतखाम की ऊंचाई 77 मीटर है जबकि कुतुब मीनार की ऊंचाई 72.5 मीटर है. 2007-08 में इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था जिसे 2014 में बनाकर पूरा किया गया.

छत्तीसगढ़ : बलौदा बाजार की घटना कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ और आगजनी का मामला अब तक 100 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी…

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छत्तीसगढ़ : बलौदा बाजार की घटना कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ और आगजनी का मामला अब तक 100 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी…

कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ और आगजनी का मामला।  अब तक सबसे बड़ी प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटना है। कलेक्टर और एसपी कार्यकाल जला देना सामान्य बात नहीं है। इस घटना के लिए जो भी जिम्मेदार है उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए’

Baloda Bazar Violence: बताया जा रहा है कि आगजनी की घटना को अंजाम देने वाले 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनकी पहचान की जा रही है। फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बन की तैनाती की गई है। साथ ही गृहमंत्री ने स्थानीय नेताओं और रहवासियों को अलसुबह तक बैठक लेकर शांति बनाए रखने की अपील की है।

छत्तीसगढ़ : बलौदा बाजार जिले में कल हुई हिंसा पर कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान…

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छत्तीसगढ़ : बलौदा बाजार जिले में कल हुई हिंसा पर कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान…

बलौदा बाजार जिले में कल हुई हिंसा पर कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इस घटना पर कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है और ऐसी घटना पहली बार हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस्तीफा देना चाहिए।

बघेल ने सरकार पर आरोप लगाया कि घटना को लेकर अब लीपापोती किया जा रहा है। समाज के लोगों को सरकार शांत करा पाने में नाकाम रही है। न्यायिक जांच की घोषणा पहले क्यों नहीं की गई? उनका कहना है कि सरकार से कानून व्यवस्था संभल ही नहीं रही तो गृहमंत्री को अपना पद छोड़ देना चाहिए, क्योंकि सच्चाई है कि खुफिया विभाग पूरी तरह फेल रहा है।

बताया जा रहा है कि आगजनी की घटना को अंजाम देने वाले 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनकी पहचान की जा रही है। फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बन की तैनाती की गई है। साथ ही गृहमंत्री ने स्थानीय नेताओं और रहवासियों को अलसुबह तक बैठक लेकर शांति बनाए रखने की अपील की है।

छत्तीसगढ़ : राज्य जीएसटी विभाग और अन्य विभागों के लिए राजस्व हानि बड़ी मात्रा में टैक्स चोरी रोकने के लिए इंटेलिजेंस साफ्टवेयर…

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छत्तीसगढ़ : राज्य जीएसटी विभाग और अन्य विभागों के लिए राजस्व हानि बड़ी मात्रा में टैक्स चोरी रोकने के लिए इंटेलिजेंस साफ्टवेयर…

राज्य जीएसटी विभाग आइआइटी भिलाई व अन्य निजी एजेंसियों की मदद से एक ऐसा साफ्टवेयर बना रहा है, जिससे बड़ी मात्रा में टैक्स चोरी पकड़ में आ सकती है।

इस साफ्टेवयर से व्यवसायियों के रिटर्न से मिलान किया जाएगा।

राज्य जीएसटी विभाग आइआइटी भिलाई व अन्य निजी एजेंसियों की मदद से एक ऐसा साफ्टवेयर बना रहा है, जिससे बड़ी मात्रा में टैक्स चोरी पकड़ में आ सकती है। इस साफ्टेवयर की मदद अलग-अलग व्यवसायिक क्षेत्रों में स्थापना से लेकर निर्माण व उत्पादन तक टैक्स की जानकारी फीड होगी, जो कि जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के बाद व्यवसायियों के रिटर्न से मिलान किया जाएगा।

रजिस्टर्ड डीलर्स के जीएसटी रिटर्न से मिलान करने पर टैक्स चोरी पकड़ में आएगी। यह साफ्टवेयर विभागीय होगा। इसमें रजिस्टर्ड डीलर्स की पूरी कुंडली होगी। आइआइटी की मदद से इस साफ्टवेयर में सभी तरह के करयुक्त व्यवसायों के उत्पादों में लगने वाले सभी तरह के टैक्स की जानकारी होगी।

जीएसटी रिटर्न में धोखाधड़ी करने वाले डीलर्स के रिटर्न का पूरा ब्यौरा इस साफ्टवेयर में डाला जाएगा। अलग-अलग चरणों में टैक्स में कहां गड़बड़ी की गई यह सब इस साफ्टवेयर की मदद से पकड़ा जा सकेगा।

राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) से लेकर अन्य प्रकार के छूट लेने वाले डीलरों को भी इस साफ्टवेयर की मदद से पकड़ा जा सकेगा,वहीं फर्जी ई-वे बिल से लेकर बोगस बिल के मामलों में भी यह साफ्टवेयर कारगर सिद्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अन्य विभागों के लिए बन रहा इंटेलिजेंस साफ्टवेयर : राज्य जीएसटी विभाग के अलावा अन्य विभागों में भी राजस्व हानि रोकने के लिए इंटेलिजेंस साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है।

स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग द्वारा एनजीडीआरएस साफ्टवेयर, खनिज विभाग की खनिज आनलाइन 2.0, जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य जल सूचना केंद्र साथ ही वित्त विभाग द्वारा आइएफएमआइएस 2.0 बनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य बजट प्रस्तुत करने के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट की घोषणा की थी, जिसके बाद राज्य जीएसटी ने साफ्टवेयर बनाने की कवायद शुरू की।

ईज आफ डूइंग बिजनेस भी ”इस साफ्टवेयर की मदद से एक क्लिक पर डीलरों की जानकारी मिल पाएगी। राज्य जीएसटी के अधिकारियों के मुताबिक न सिर्फ निगरानी बल्कि डीलरों को रिफंड नहीं मिलने से लेकर समय-सीमा में कार्यों को पूरा करने को लेकर भी अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ : आने वाले दिनों में मौसम अलग-अलग रंग दिखाएगा. राज्य के कई इलाकों में बारिश होने के आसार हैं.

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छत्तीसगढ़ : आने वाले दिनों में मौसम अलग-अलग रंग दिखाएगा. राज्य के कई इलाकों में बारिश होने के आसार हैं.

हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि इस बारिश के बीच कई इलाकों में अधिकतम तापमान करीब-करीब 3 डिग्री बढ़ जाएगा. प्रदेश के कुछ इलाकों में क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ बारिश होगी.

इसके साथ ही कई जिलों में बिजली गिरने की भी आशंका है. गौरतलब है कि, वैसे तो प्रदेश में सुकमा के रास्‍ते मानसून की एंट्री हो चुकी है. लेकिन, वह कुछ दिनों से वहीं अटका हुआ है. वह आगे नहीं बढ़ पा रहा. इसलिए मानसून पूर राज्य पर छाने में समय ले रहा है.

मौसम विभाग का कहना है कि 13 जून के बाद से ही सभी इलाकों में बारिश की उम्मीद की जा सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक, नागालैंड से बिहार के पूर्वी हिस्ते तक एक पूर्व पश्चिम द्रोणिका काफी ऊंचाई तक फैली हुई है. इसके अलावा हवा का एक चक्र भी कई किमी तक फैला दिख रहा है.

इसका असर प्रदेश के मौसम पर पड़ेगा. इसी असर के वजह से बारिश होगी. विभाग के मुताबिक, दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश ज्यादा हो सकती है. गौरतलब है कि 10 जून को प्रदेश में सबसे गर्म तिल्दा रहा.

यहां अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि इस साल प्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश होने के आसार हैं.

तिल्दा 43.3 डिग्री
रायपुर 41 डिग्री
राजनांदगांव 41 डिग्री
अंबिकापुर 41 डिग्री
दुर्ग 41 डिग्री
बस्तर 37 डिग्री

छत्तीसगढ़ : बलौदाबाजार जिले में उग्रवाद भड़की हिंसा, कलेक्टर और एसपी कार्यालयों में पथराव, 200 से अधिक दोपहिया और करीब 50 चारपहिया वाहनों को फूंक दिया… कार्यवाही जारी’

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छत्तीसगढ़ : बलौदाबाजार जिले में उग्रवाद भड़की हिंसा, कलेक्टर और एसपी कार्यालयों में पथराव, 200 से अधिक दोपहिया और करीब 50 चारपहिया वाहनों को फूंक दिया… कार्यवाही जारी’

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में 17 मई से चल रहा सतनामी समाज का प्रदर्शन सीबीआइ जांच की मांग को लेकर सोमवार शाम को उग्र हो गया।

प्रदर्शनकारियों ने सोमवार की शाम कलेक्टर और एसपी कार्यालयों में आग लगा दी। पथराव किया, 200 से अधिक दोपहिया और करीब 50 चारपहिया वाहनों को फूंक दिया। लगभग एक घंटे तक बलौदाबाजार कलेक्टर परिसर व शहर के कई इलाकों में तोड़फोड़ की। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कई उपद्रवियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना की खबर मिलने पर रायपुर रेंज के आइजी अमरेश मिश्रा, बिलासपुर रेंज के आइजी संजीव शुक्ला समेत अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आलाधिकारियों को तनाव कम करने और शांति बहाली के निर्देश दिए हैं।

इसलिए भड़की हिंसा

15 मई की देर रात सतनामी समाज के धार्मिक स्थल गिरौदपुरी धाम से करीब पांच किमी दूर मानाकोनी बस्ती स्थित बाघिन गुफा में लगे धार्मिक चिह्न जैतखाम को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लोगों का आरोप है कि पकड़े गए लोग असली आरोपित नहीं हैं और पुलिस दोषियों को बचा रही है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रविवार को ही इस मामले की न्यायिक जांच की घोषणा की थी, लेकिन समाज के लोग सीबीआइ जांच की मांग कर रहे थे। वे सोमवार दोपहर लगभग ढाई बजे ज्ञापन देने के लिए कलेक्टर परिसर पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारी और पुलिस बल के बीच झड़प शुरू हो गई। बैरिकेड को तोड़कर भीड़ कलेक्टर परिसर में पहुंच गई। लोगों ने पथराव के साथ गाड़ियों में तोड़फोड़ और आग लगाना शुरू कर दिया। इससे कलेक्टर परिसर के कई विभागों के दस्तावेज जलकर राख हो गए। आग बुझाने पहुंची दमकम की कई गाड़ियों को भी भीड़ ने आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शन हिंसक होने के बाद सैकड़ों कर्मचारियों और लोग फंसे हुए थे। उन्हें पुलिस ने कार्यालय के पीछे के रास्ते बाहर निकाला।

देर रात विज्ञप्ति जारी कर पुलिस ने किया दावा –

लगभग 100 मोटरसाइकिल और 30 से अधिक चार पहिया वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी. भीम आर्मी, भीम रेजीमेंट एवं भीम क्रांतिवीर सेना के कार्यकर्ता और पदाधिकारी के द्वारा मचाया गया उत्पात। 25 से अधिक पुलिसकर्मी और कर्मचारी अधिकारी गंभीर रूप से घायल। उपद्रवियों द्वारा किए गए तोड़फोड़ और आगजनी का आंकलन किया जा रहा है। दशहरा मैदान में सतनामी समाज के 7000 से 8000 लोग इकट्ठा थे. प्रदर्शनकारी अपने साथ पेट्रोल डीजल लेकर आए थे.

बलौदाबाजार शहर में धारा 144 लागू, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

परिस्थितियों को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा के.एल. चौहान ने धारा 144 लगा दी है जहां नगरपालिका बलौदाबाजार सीमा क्षेत्र में आगामी आदेश तक रैली या जुलूस पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

सतनामी समाज द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन का आह्वान किया गया था, लेकिन सभी ने उग्र होकर पुलिस पर पथराव किया। बैरिकेड तोड़कर कलेक्टर कार्यालय परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद गाड़ियों में आग लगा दी। परिसर में भी तोड़फोड़ की गई।

– सदानंद कुमार, एसएसपी, बलौदाबाजार

अप्रिय स्थिति पर आइजी व कमिश्नर को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव और डीजीपी को तलब कर घटना की प्रारंभिक जानकारी ली एवं घटना की रिपोर्ट भी मंगी गई है। गिरौदपुरी की अमर गुफा मामले में पूर्व में ही न्यायिक जांच के लिए गृहमंत्री विजय शर्मा को निर्देशित किया जा चुका है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और सभी से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री-छत्तीसगढ़

17 मई से चल रहा था शांतिपूर्ण प्रदर्शन

जैतखाम तोड़े जाने से नाराज समाज के लोग कलेक्ट्रेट के पास स्थित दशहरा मैदान में बीते 17 मई से ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसमें दूसरे राज्यों के सतनामी समाज के लोग भी शामिल हुए थे। 18 मई को कलेक्टर केएल चौहान और एसएसपी सदानंद कुमार को आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन सौंपा था। सोमवार को प्रदर्शन के दौरान लोग सीबीआइ जांच की मांग को लेकर लेकर उग्र हो गए। इसके बाद हालात बिगड़ते चले गए।

क्या है जैतखाम

जैत यानी जय और खाम यानी खंभा। जैतखाम मूलरूप से सतनामी पंथ के ध्वज का नाम है, जो उनके संप्रदाय का प्रतीक है।

15 मई से लेकर 10 जून तक क्या क्या हुआ

  • 15 मई : सतनामी समुदाय के धार्मिक स्थल गिरौदपुरी धाम से करीब पांच किमी मानाकोनी बस्ती स्थित बाघिन गुफा में लगे धार्मिक चिन्ह जैतखाम को देर रात अज्ञात लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया।
  • 16 मई : सुबह लोगों को पता चला तो उन्होंने मौके पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
  • 17 मई : सामाजिक लोगों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर किया।
  • 19 मई : मानाकोनी बस्ती में समाज के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चक्काजाम किया था।
  • 19 मई : पुलिस ने इस मामले में बिहार निवासी तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि नल-जल योजना कार्य में ठेकेदार पैसे नहीं दे रहा था। इसलिए शराब के नशे में तोड़फोड़ कर दी।
  • 20 मई : समाज के लोगों की बैठक बुलाई, जिसमें कहा गया कि जिन लोगों को पुलिस आरोपित बता रही है, वे असली दोषी नहीं है। मुख्य दोषी लोगों को पकड़ने की मांग को लेकर आंदोलन की रूप रेखा बनाई।
  • 21 मई : पुलिस और प्रशासन को दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद से ही लगातार समाज के लोग आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग करते रहे।
  • आठ जून : कलेक्टर ने प्रशासनिक अफसरों, पुलिस अफसरों और समाज के लोगों के साथ शांति समिति की बैठक बुलाई। इसमें अपील की गई कि आंदोलन से बचें। साथ ही इस पूरे मामले की जांच मजिस्ट्रियल जांच कराने की बात कही गई।
  • नौ जून: प्रदेश के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच कराने की घोषणा की।
  • नौ जून : इसी दिन प्रशासन की अनुमति से कलेक्ट्रेट के पास दशहरा मैदान में समाज ने 10 जून को एक दिवसीय प्रदर्शन की अनुमति मांगी।

भाजपा ने जताई साजिश की आशंका, कांग्रेस बोली सरकार की लापरवाही

बलौदाबाजार में हुई हिंसा के बाद राज्य में राजनीति सरगर्म हो गई है। भाजपा ने वारदात में साजिश की आशंका जताई है। वहीं कांग्रेस ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। सतनामी समाज के गुरु व आरंग के भाजपा विधायक खुशवंत साहेब ने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद धार्मिक प्रतीकों के साथ हुई तोड़फोड़ के मामलों में कड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य सरकार ने जैतखंभ मामले के न्यायिक जांच के आदेश पहले ही दे दिए हैं। जैतखंभ को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपितों को 48 घंटे में पकड़ा गया है। सोमवार को समाज के लोग शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे थे। कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर जा रहे थे। साजिश के तहत उनके बीच असामाजिक व उपद्रवी तत्व शामिल थे, जिन्होंने भीड़ को उकसाया। जिससे हिंसा हुई है। समाज के लोगों से अपील करता हूं कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखे।

रोकी जा सकती थी घटना, शांति की अपील : भूपेश बघेल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इंटरनेट मीडिया एक्स पोस्ट पर लिखा कि शासन-प्रशासन द्वारा यदि समय पर आवश्यक कदम उठाए होते तो लोगों की नाराजगी को इस हद तक जाने से रोका जा सकता था। सतनामी समाज बाबा घासीदास के बताए शांति व सद्भाव के रास्ते पर चलने वाला समाज है। मैं समाज के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।

कड़ी कार्रवाई होगी-विजय शर्मा

हिंसा फैलाने वाले तत्वों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।

विजय शर्मा, गृहमंत्री छत्तीसगढ़

आयोजकों पर होगी कार्रवाई- आइजी

कलेक्टरेट अभियान के आयोजकों ने शांतिपूर्ण आंदोलन की अनुमति ली थी। हिंसा हुई है, सार्वजनिक सम्पति को नुकसान पहुंचाया गया है। आयोजकों पर कार्रवाई होगी। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच करेगी।

छत्तीसगढ़ : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल में बिलासपुर के सांसद को शहरी विकास एवं आवास राज्यमंत्री बनाया गया है।

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छत्तीसगढ़ : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल में बिलासपुर के सांसद को शहरी विकास एवं आवास राज्यमंत्री बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ में आवास से वंचित लोगों के अपने घर के सपने को अब तोखन साहू साकार करने में सहयोग करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल में बिलासपुर के सांसद को शहरी विकास एवं आवास राज्यमंत्री बनाया गया है।

तोखन साहू यह पद संभालने वाले प्रदेश के पहले सांसद बने हैं। राज्य गठन के बाद से केंद्र सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा पाने वालों में तोखन साहू सातवें सांसद हैं।

स्व दिलीप सिंह जूदेव 29 जनवरी 2003 से 17 नवंबर 2003 तक वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री थे। रमेश बैस ने 13 अक्टूबर 1999 से 30 सितंबर 2000 तक केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्यमंत्री, 30 सितंबर 2000 से 29 जनवरी 2000 तक केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री, 29 जनवरी 2003 से 8 जनवरी 2004 तक केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), खान मंत्रालय तथा 9 जनवरी 2004 से मई 2004 तक केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण एवं वन मंत्रालय संभाला था। 13 अक्टूबर 1999 से 29 जनवरी 2003 तक वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री डा रमन सिंह थे।

चरणदास महंत ने 12 जुलाई 2001 से 26 मई 2014 तक केंद्रीय राज्यमंत्री, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का पदभार संभाला था। 26 मई 2014 से 30 मई 2019 तक विष्णुदेव साय केंद्रीय खान एवं इस्पात राज्यमंत्री थे। 30 मई 2019 से 7 दिसंबर 2023 तक भारत के जनजातीय मामलों की राज्यमंत्री रेणुका सिंह थी।

केंद्र सरकार में सबसे अधिक बार राज्यमंत्री का दर्जा पाने वालों में रमेश बैस है। ये चार बार राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं, जो वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। राज्य बनने के बाद से अभी तक केंद्रीय कैबिनेट में राज्यमंत्री के तौर पर ही सांसदों को जगह मिली है।

विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ में बनेंगे सहयोगी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने साल 2047 तक भारत को पूरी तरह से विकसित भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर काम में जुटे हैं। मोदी मंत्रिमंडल में शहरी विकास एवं आवास राज्यमंत्री तोखन साहू विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य पूरा करने में काफी सहायक सिद्ध होंगे।