Home विदेश वैश्विक जीडीपी का 25 प्रतिशत हिस्सा, अपार अवसर होंगे पैदा; भारत-EU मुक…

वैश्विक जीडीपी का 25 प्रतिशत हिस्सा, अपार अवसर होंगे पैदा; भारत-EU मुक…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होने की घोषणा की। भारतीय ऊर्जा सप्ताह 2026 को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया और इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता वैश्विक जीडीपी का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा कवर करता है। उन्होंने बताया कि सोमवार को भारत और यूरोपीय संघ के बीच इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जो 140 करोड़ भारतीयों के साथ-साथ यूरोपीय नागरिकों के लिए भी अपार अवसर पैदा करेगा। यह दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक व्यापार दोनों मजबूत होंगे।

पीएम मोदी ने इस समझौते को ब्रिटेन और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ हुए करारों का पूरक बताया। उन्होंने वस्त्र, रत्न व आभूषण, चमड़ा तथा चप्पल-जूते जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवाओं और उद्योगपतियों को बधाई दी। मोदी ने कहा कि यह एफटीए विनिर्माण क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा देगा और सेवा क्षेत्र का विस्तार करेगा। इससे भारत में निवेशकों और व्यवसायियों का भरोसा बढ़ेगा, क्योंकि यह समझौता वैश्विक स्तर पर भारत को एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि भारत सभी क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह समझौता लोकतंत्र और नियम-आधारित व्यवस्था के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान औपचारिक घोषणा

यह समझौता लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद 27 जनवरी को भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान औपचारिक रूप से घोषित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के निर्यात को बढ़ावा देगा और यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच प्रदान करेगा। हालांकि, औपचारिक हस्ताक्षर लीगल स्क्रबिंग के बाद कुछ महीनों में होंगे और समझौता अगले वर्ष से प्रभावी होने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ऊर्जा, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने वाला कदम भी बताया है।