प्राइवेट इक्विटी फर्म केकेआर समर्थित इनक्रेड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (InCred Holdings) अपना आईपीओ लेकर आ रही है. गुरुवार, 5 फरवरी को मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से कंपनी को इस इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के जरिए फंड जुटाने की मंजूरी मिल गई है.
इससे पहले मामले से जुड़े लोगों के हवाले से पीटीआई ने 9 नवंबर, 2025 को अपनी रिपोर्ट में बताया था कि फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म इनक्रेड ने पिछले नवंबर में प्री-फाइलिंग रूट के जरिए सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DHRP) जमा कराया था. इसका मतलब है कि कंपनी ड्राफ्ट पेपर्स में IPO की जानकारी का खुलासा बाद के चरणों तक रोक सकती है. यह बाजार की स्थितियों के आधार पर जरूरी जानकारियों का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस लेने का भी मौका देती है.
इन कंपनियों को भी मिली IPO लाने की मंजूरी
जिन दूसरी कंपनियों को रेगुलेटरी मंजूरी मिली है, उनमें लेजर पावर एंड इंफ्रा, सेडेमैक मेकाट्रॉनिक्स, आर्डी इंडस्ट्रीज, आर्मी इन्फोटेक, आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स और शंकरेश ज्वैलर्स शामिल हैं. इन कंपनियों ने भी पिछले साल सितंबर और नवंबर के बीच अपने ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे और 2 से 6 फरवरी के बीच सेबी से ऑब्जर्वेशन मिले थे.
ये मंजूरी 2026 की शुरुआत में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड, शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और अमागी मीडिया लैब्स जैसे तीन बड़े IPOs के भारतीय प्राइमरी मार्केट में आने के बाद मिली है.
इनक्रेड होल्डिंग के आईपीओ का साइज लगभग 3,000-4,000 करोड़ रुपये के बीच होने की संभावना है. आईपीओ में नए शेयरों के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल भी शामिल रहेगा.
क्या करती है कंपनी?
InCred NBFC InCred फाइनेंशियल सर्विसेज की सहायक कंपनी है. IIFL कैपिटल सर्विसेज ऑफर के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर है. साल 2016 में भूपिंदर सिंह ने इनक्रेड ग्रुप की शुरुआत की थी. इसके निवेशकों में अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, TRS (टीचर रिटायरमेंट सिस्टम ऑफ टेक्सास), KKR, ओक्स, एलेवर इक्विटी और मूर वेंचर पार्टनर्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं. कंपनी अपने 3 वर्टिकल्स- इनक्रेड फाइनेंस, इनक्रेड कैपिटल और इनक्रेड मनी के जरिए अपना ऑपरेशन चलाती है. 2022 में इनक्रेड फाइनेंस को केकेआर इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ मर्ज किया गया.



