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CG: रायपुर में सक्रिय बदमाशों के गैंग की सूची बना रही पुलिस, राजधानी में बढ़े गिरोह के आंकड़े, अब होगी ताबड़तोड़ कार्रवाई…

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पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद अपराधियों की नए सिरे से डिजिटल कुंडली यानी डोजियर तैयार किया जा रहा है। शहर में सक्रीय गैंग का आंकड़ा 21 पहुंच गया है। कमिश्नरी के 21 थानों से मिली जानकारी के आधार पर 19 गैंग की सूची बनाई गई है।

पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद अपराधियों की नए सिरे से डिजिटल कुंडली यानी डोजियर तैयार होने में ही चौकाने वाला खुलासा हुआ है। तैयार हो रहे डोजियर में खुलासा हुआ है कि, एक समय में जहां 10 गैंग शहर में थे वो बढ़कर 21 पहुंच गया है। कमिशनरेट में तैयार हो रहे डोजियर में उन सभी गिरोहों को शामिल किया जा रहा है, जो पिछले 10 सालो से लगातार अपराध में सक्रिय हैं। इस डोजियर में आरोपियों का नाम, पता, फोन नंबर, सक्रिय इलाका, गैंग के सदस्यों की संख्या और उन पर दर्ज मामलों की जानकारी शामिल की जा रही है।

बढ़ गई राजधानी में सक्रीय गैंग की संख्या

कमिश्नरी के 21 थानों से मिली जानकारी के आधार पर 19 गैंग की सूची बनाई गई है। कमिश्नरी बनने से पहले इन्हीं 21 थानों में गैंग्स की संख्या 10 थी। शहर में इन दिनो सक्रिय गैंग में रक्सेल गैंग, मोनू व ग्यास गैंग,रवि साहू गैंग, मुकेश बनिया गैंग, बबलू व आबिद गैंग, आसिफ गैंग, अज्जू सिंधी व हटेला गैंग, यासिन अली गैंग, डीएम गैंग, उदय गैंग, बादशाह गैंग, सचदेव ग्रुप, भीम महानंद ग्रुप, बादल रक्सेल ग्रुप, राठी ग्रुप, बेहरा गैंग गवली गैंग, ईरानी गैंग और रवि साठे गैंग शामिल हैं। हालांकि कुछ निष्क्रिय हो चुके गिरोहों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।

शुरू की जाएगी मॉनिटरिंग

इसके साथ ही चाकूबाज, लुटेरे, चोरों और ड्रग्स व नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों का भी डोजियर तैयार किया जा रहा है। इसके बाद इनकी मॉनिटरिंग शुरू की जाएगी, जिसमें थानों के साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी निगरानी करेगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हर थाने की अपनी गुंडा-बदमाश और निगरानी

सूची होती है। यह थानों में दर्ज एफआईआर के आधार पर तैयार होती है इसे थाने में प्रदर्शित कर इसकी मॉनिटरिंग होती है लेकिन अब जिला स्तर पर डोजियर तैयार किया जा रहा है इनकी निगरानी जिला स्तर पर की जाएगी।

किस गैंग में है कितने सदस्य

इनमें से कुछ शातिर गैंग्स की बात करे तो रक्सेल गैंग इस गैंग में संजय रवसेल, रवि, ऋषभ समेत परिवार के सदस्यों के साथ 11 बाहरी लोग भी शामिल हैं। इनके सभी के खिलाफ चाकूबाजी, हत्या और मारपीट के 32 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वही तंजीर गैंग सुमित रक्सेल हत्याकांड के बाद सामने आया इसमें मोनू उर्फ तंजीर खान और हिस्ट्रीशीटर हरा सोनू समेत 17 लोग शामिल हैं। इनके खिलाफ 10 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। फिलहास गैंग के कई आरोपी जेल में सजा काट रहे हैं। बबलू रहमानिया गैंग बब्लू रहमानिया चौक का निवासी आबिद डॉन उर्फ आबिद हसन इसका सरगना है गैंग में 13 सदस्य हैं जिनपर करीब 20 से ज्यादा संगीन धाराओ में FIR दर्ज हैं इनके सदस्य मकान, दुकान खाली कराने समेत मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल पाए जाते हैं।

यासिन ईरानी गैंग भी इन दिनो सक्रीय है इसका सरगना यासिन अली है जिसको NDPS मामले में 20 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, ये गैंग राजातालाब ईरानी डेरा से सड्डू इलाके में शिफ्ट हो गया है। कुछ नाबालिगों समेत 14 सदस्य इस गैंग में शामिल है और इन पर गांजा तस्करी, रंगदारी, चाकूबाजी और हत्या के कई मामले दर्ज है।

ड्रग्स तस्करी में शामिल है ये लोग

ड्रग्स तस्करी गिरोह के बारे में बताया जा रहा है कि, इन दिनो मनमोहन गिरोह और नव्या अख्तर मलिक और विधि अग्रवाल गिरोह काफी चर्चा में इस गिरोह के बारे में राज्य में राजनीति भी काफी हुई थी जिसके दौरान नव्या अख्तर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी हंगामा हुआ था। आपको बता दें कि, मनमोहन गिरोह में 8 से ज्यादा सदस्य हैं जो सभी रायपुर सैट्रल जेल में बंद हैं ये दिल्ली से ड्रग्स लाकर सप्लाई करते थे।

वहीं नव्या मलिक और विधि अग्रवाल गिरोहः ड्रग्स पार्टी आयोजित करता है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व मुंबई से ड्रग्स मंगाता है। हालांकि ज्यादात्तर गैंग के सरगना और गुर्गे जेल में या तो सजा काट रहे है या विचाराधीन स्थिति में है। फिलहाल पुलिस को इनका डोजियर बनाने के साथ साथ लगातार निगरानी रखने की आवशकता है क्योंकि जानकार बताते है कि कही न कही इनके बाहर बचे गुर्गेो की भिड़त की खबरे सामने आती रहती है।