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CG” सुदूर वनांचल के ग्राम हथरेल में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, संवैधानिक कार्यशाला एवं कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम का किया गया आयोजन”

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” गोंड़ समाज द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में समाज प्रमुख, विषय विशेषज्ञों के अलावा बड़ी संख्या में युवा-युवती एवं स्वजातिजन हुए शामिल ”

गोण्डवाना समाज केन्द्र सुवरबोड़ के द्वारा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चैकी जिले के सूदूर वनांचल के ग्राम हथरेल में रविवार, 12 अप्रैल को ’सांस्कृतिक, संवैधानिक एवं कैरियर गाइडेंस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस एक दिवसीय समारोह में समाज प्रमुखों, विषय विशेषज्ञों, अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवा-युवती एवं गोंड समाज के लोगों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में गोण्डवाना समाज के पूर्व संभागीय महासचिव श्री तुकाराम कोर्राम उपस्थित थे।

इसके अलावा कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में समाज सेवी श्री शंकर शाह कुंजाम, गोण्डवाना समाज के अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के संभागीय संरक्षक श्री चंद्रेश ठाकुर, थाना प्रभारी मोहला श्री ईश्वर धु्रव, अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक संघ के जिला अध्यक्ष श्री अरविंद कुमार गोटे, पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष श्री लखन सोरी, अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के संभागीय कोषाध्यक्ष श्री शिव कलामे, केन्द्र अध्यक्ष सुवरबोड़ श्री पुरन सिंह कुमोटी, खाद्य निरीक्षक श्री धरमुराम किरंगे सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।

इस एक दिवसीय कार्यशाला में अतिथियों एवं विषय विशेषज्ञों के द्वारा समाज के नवोदित पीढ़ी एवं स्वाजातीय जनों को गोण्डवाना समाज की गौरवशाली संस्कृति, विरासत, इतिहास के अलावा उनके संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ युवा-युवतियों को प्रतियोगी परीक्षा के अलावा व्यापार व्यवसाय तथा नशा उन्मुलन आदि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

इस अवसर पर मुख्य प्रशिक्षक श्री तुकाराम कोर्राम ने गोंड़ी भाषा एवं संस्कृति के अलावा गोंड़ समाज के इतिहास एवं विरासत के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी। अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के संभागीय संरक्षक श्री चंद्रेश ठाकुर ने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति विश्व की समस्त संस्कृतियों की जननी है।

जिसका उल्लेख प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने अपने विश्व विख्यात पुस्तक डिस्कवरी आफ इंडिया में किया है। श्री ठाकुर ने कहा कि समाज को आगे ले जाने के लिए केवल संस्कृति एवं विरासत के गौरवगान करने भर से काम नही बनेगी। हम सभी को हमारे समाज में प्रवेश कर रही नशापान जैसे कुरीतियों को दूर करना होगा।

उन्होंने कहा कि शराब एवं नशापान किसी भी समाज के संस्कृति का हिस्सा नही हो सकता वरन् वह समाज के पतन का सबसे बड़ा कारण है। श्री ठाकुर ने शिक्षा एवं संगठन को समाज के विकास के लिए ब्रह्मास्त्र बताते हुए आने वाले पीढ़ी को उच्च शिक्षित, ज्ञानवान एवं संस्कारी बनाने को कहा।

उन्होंने नवयुवकों को सीख देते हुए कहा कि दुनिया में कोई भी कार्य असंभव नही है। उसे प्राप्त करने के लिए व्यक्ति के पास बड़ी सोंच, दृढ़ ईच्छा शक्ति और लक्ष्य के प्रति समर्पण होना चाहिए। श्री ठाकुर ने समाज के नई पीढ़ी को कड़ी मेहनत, त्याग एवं साधना से जीवन में उपलब्धि हासिल कर समाज के विकास में योगदान देने को कहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष श्री लखन सोरी ने समाज के युवा-युवतियों को प्रतियोगी परीक्षाओं तथा व्यापार व्यवसाय के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी।

उन्होंने कहा कि हमारे युवा-युवतियों के सामने शासकीय नौकरी के अलावा व्यापार-व्यवसाय तथा आधुनिक तरीके से खेती किसानी के माध्यम से अपने जीवन को सजाने संवारने के लिए व्यापक अवसर है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी श्री ईश्वर धु्रव ने समाज के युवा-युवतियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन होने के संबंध में महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने युवा-युवतियों को विपरित परिस्थितियों में भी कभी हार नही मानने की समझाईश दी।

अनुसूचित जनजाति संघ के जिला अध्यक्ष श्री अरविंद गोटे, श्री मन्ने मण्डावी सहित अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज के युवा-युवतियों को महत्वपूर्ण सीख दी। समारोह में सर्कल अध्यक्ष बोटेझर श्री भावसिंह कुमोटी, सर्कल अध्यक्ष मड़ियानवाड़वी श्री रैयसिंग सोरी, सर्कल अध्यक्ष हथरेल श्री सुखराम तुलावी, हथरेल सर्कल सचिव श्री प्रेमलाल मंडावी, बोटेझर सर्कल सचिव श्री दिनेश कुमार धुर्वे, सर्कल सचिव भोजटोला श्री रेशम नुरेटी, सर्कल सचिव मड़ियानवाड़वी श्री शेषराम धुर्वे व्याख्याता श्री जे. आर. कोरचे,  अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के ब्लाॅक सचिव मोहला श्री मन्ने मंडावी, प्रधानपाठक श्री धनसिंह कुंजाम, शिक्षक श्री कृष्ण कुंजाम, सचिव श्री सीताराम उपस्थित थे।