मोदी सरकार ने साल 2027 में देशभर में जनगणना करवाने का फैसला लिया है। ये भारत की 16वीं जनगणना होगी, जिसकी छत्तीसगढ़ में 16 अप्रैल शुरुआत होने वाली है। पहले चरण में 16 अप्रैल से स्व-गणना प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं, 1 से 30 मई तक सर्वेयर घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। जनगणना जागरूकता को लेकर छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया से अहम जानकारी साझा की है। इस दौरान नागरिक पंजीकरण निदेशक कार्तिकेय गोयल भी मौजूद रहे।
16 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में स्व-गणना की शुरुआत
Janganana 2027 Kab Shuru Hogi मीडिया को संबोधित करते हुए मनोज कुमार पिंगुआ ने बताया कि 16 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत होगी। स्व-गणना के लिए se.cencus.gov.in जाकर फार्म भरा जा सकेगा। इस दौरान लोगों से 33 प्रश्न पूछा जाएगा, जिसका जवाब स्व-गणना के साथ-साथ सर्वेयर के भी देना होगा। जनगणना 2027 के लिए पूछे जाने वाले 33 सवालों में मकानों की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी मांगी जाएगी। उन्होंने बताया कि जनगणना के लिए दी जा रही सभी जानकारियां गुप्त रखी जाएगी, साथ ही जनगणना का डाटा टैक्स, पुलिस या अन्य जांच में उपयोग नहीं होगा।
1 से 30 मई तक सर्वेयर घर-घर जनगणना
उन्होंने आगे बताया कि जनगणना का डाटा बेहतर योजना बनाने के लिए होता है। जनगणना 2027 के लिए 62 हज़ार 5 सौ अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि स्व-गणना के दौरान एक आईडी जनरेट होगा, जिसे सर्वेयर को दिखाना होगा। उन्होंने बताया कि स्व-गणना ऐच्छिक है, अनिवार्य नहीं है।



