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रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन मुकेश अंबानी परिवार के साथ ब्रदीनाथ पुहंचे बद्रीनारायण मंदिर में पूजा-अर्चना किये…

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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन व एमडी मुकेश अंबानी गुरुवार को अपने परिवार के साथ बद्रीनारायण मंदिर में पूजा-अर्चना करने बद्रीनाथ पहुंचे.

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ-साथ बीकेटीसी के पूर्व सीईओ बीडी सिंह ने उनका स्वागत किया.

अंबानी परिवार को मंदिरों और पवित्र तीर्थस्थलों पर नियमित रूप से जाने के लिए जाना जाता है.

मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी नीता अंबानी और परिवार के अन्य सदस्य भगवान गणपति का आशीर्वाद लेने के लिए मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर गए थे. उन्होंने गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाने के लिए अपने मुंबई स्थित आवास एंटीलिया में एक फंक्शन की भी मेजबानी की थी.

मुकेश अंबानी ने पिछले साल अपने सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी की मंगेतर राधिका मर्चेंट के साथ बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम के दर्शन भी किए थे.

अंबानी ने आंध्र प्रदेश में तिरुपति बालाजी मंदिर के दर्शन के दौरान ₹1.5 करोड़ का दान भी दिया. सितंबर में, उन्होंने राजस्थान के नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर का दौरा किया और प्रार्थना की.

महंगाई से मिलेगी राहत, सरकार ने कर दिए ये इंतजाम, इन चीजों के नहीं बढ़ेंगे दाम

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फेस्टिव सीजन में आम जनता को खुशखबरी मिल सकती है. इस दौरान किचन की और खाने-पीने की कई चीजें सस्ती हो सकती हैं.

फेस्टिव सीजन में आटा, चावल, दाल, तेल और चीनी की कीमतों में कोई इजाफा नहीं होगा.

ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार ने इनकी आपूर्ति को पूरा करने और महंगाई कंट्रोल करने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं.

सरकार ने इन सामानों के एक्सपोर्ट पर बैन लगा दिया है और स्टॉक ​होल्डिंग लिमिट लगा दी है. इसके अलावा मार्केट में गेहूं, चावल, चना और प्याज को उतारने का फैसला किया है. सरकार के इन सभी फैसलों का फायदा त्योहारों में आम जनता को होगा.

इन चीजों के नहीं बढ़ेंगे दाम

फेस्टिव सीजन के दौरान चीनी, आटे और तेल की सबसे ज्यादा खपत होती है. आमतौर पर त्योहारों का सीजन आते ही चीनी समेत खाने-पीने की चीजों की कीमतें चरम पर पहुंच जाती हैं, लेकिन इस बार ये कीमतें नहीं बढ़ेंगी. गेहूं का आटा, बेसन, डेयरी आइटम, खाना पकाने का तेल और चीनी की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है.

चीनी की आपूर्ति पूरी करने के लिए अहम कदम

देश में चीनी की आपूर्ति में कमी आई है, लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि इससे त्योहारी सीजन में दाम पर कोई कमी नहीं आएगी. सरकार चीनी के नए स्टॉक को बाजार में उतार सकती है. दिवाली के दौरान चीनी के दाम में बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है. वहीं, पर्याप्त स्टॉक से आपूर्ति भी मैंटेन रहेगी.

डेयरी प्रोडक्ट भी रह सकते हैं स्थिर

तेज बढ़ोतरी के बाद दूध की कीमतें स्टेबल हो गई हैं. त्योहारों के कारण घी, दूध और अन्य डेयरी प्रोडक्ट की खपत ज्यादा होती है ऐसे में इसकी कीमत में कोई बढ़ोतरी देखने की उम्मीद नहीं है.

छत्तीसगढ़ : प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा का विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयांन…

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छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान हो चुका है.

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने विधानसभा चुनाव में बीजेपी विधायकों का टिकट कट सकता है,

समय के मुताबिक और स्वाभाविक रूप से लोग बदले जाते हैं. साथ ही साथ उन्होंने दावा किया कि इस बार महिलाओं को पहले से ज्यादा टिकट भी दिए जाएंगे. कुमारी शैलजा ने बताया कि कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक एक दो दिन में होनी है . इसके बाद उम्मीदवारों की सूची भी जारी कर देंगे.

भाजपा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने काम किया टिकटों पर विचार किया जा रहा है, टिकट देने में भाजपा से कोई कंपटीशन नहीं है. कांग्रेस अपनी जरूरत के मुताबिक फैसला करती है और समय से फैसला करती है. भाजपा को अच्छा लगा इसके लिए कोई फैसला नहीं करते. कुमारी शैलजा ने कहा कि कांग्रेस में बदलाव होता है, समय के साथ होना भी चाहिए.

महिलाओं को चुनाव मैदान में पिछली बार से जायदा मौका दें. राज्य में 71 विधायक हैं, कुछ तो बदले जाएंगे समय के हिसाब से बदले जाएंगे. शैलजा ने कहा कि सारे 71 को कैसे बदल देगें और क्यों बदल देंगे. सीटवार देख रहे हैं, जहां जरूरत होगी, वहां पर बदलाव करेंगे.

उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल मुख्यमंत्री हैं और उन्होंने अच्छा काम किया है. कांग्रेस के और भी नेता हैं जिन्होंने पिछली बार भी काम किया था और अब भी कर रहे हैं. पार्टी में दिग्गज नेता हैं और उनका प्रभाव भी है. पार्टी की मजबूती के लिए वो लोग भी काम कर रहे हैं, सब मिलकर काम कर रहे हैं.

भारत में अभी खत्म नहीं हुआ कोरोना, पिछले 24 घंटे में मिले 72 केस, 300 एक्टिव केस…

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COVID 19 , corona virus, India , corona infections

भारत में कोरोना खत्म नहीं हुआ है. एक बार फिर देश में कोरोना वायरस के केस मिलने लगे हैं. पिछले 24 घंटे में कोरोना के 72 नए मरीज मिले हैं.

इतना ही नहीं एक्टिव केस भी बढ़कर 300 के पार हो गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को ये आंकड़े जारी किए.

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक कोरोना के 4.49 करोड़ केस मिल चुके हैं. वहीं, मरने वालों की संख्या भी 5.32 लाख तक पहुंच गई है.

कोरोना से 4.44 करोड़ लोग ठीक हो चुके हैं. देश में रिकवरी रेट 98.81% है. वहीं, मृत्यु दर 1.18% है. अब तक देश में कोरोना वैक्सीन की 220.67 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं.

चीन के वुहान शहर से निकले नए कोरोना वायरस SARS-CoV-2 से होने वाली बीमारी का आधिकारिक नाम कोविड-19 रखा गया है.

इस नए कोरोना वायरस से सांस संबंधी संक्रमण होता है जिससे सामान्य जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं.

कोरोना वायरस के मुख्य लक्षण हैं- बुखार, सूखी खांसी, थकान और सांस लेने में तकलीफ. कुछ मरीजों में नाक बहना, गले में खराश, नाक बंद होना.

राजस्थान विधानसभा चुनाव की तारीख बदल दी गयी , अब 23 नहीं बल्कि 25 नवंबर को मतदान जारी किया गया…

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चुनाव आयोग ने राजस्थान में चुनाव की तारीख बदल दी है. अब राजस्थान में मतदान 23 नवंबर को नहीं बल्कि 25 नवंबर को होगा.

चुनाव आयोग ने पहले राजस्थान में मतदान की तारीख 23 नंवबर घोषित की थी.

लिहाजा चुनाव आयोग की ओर से वोटिंग के लिए पूर्व में घोषित की गई 23 नंवबर की तारीख को बदले जाने की काफी मांग हो रही थी.

जनप्रतिनिधियों ने भी इस ओर ध्यान दिलाया था. उसके बाद चुनाव आयोग ने सभी पक्षों को देखते हुए बुधवार को दोपहर में इसमें बदलाव किए जाने पर अपनी मुहर लगा दी.

केन्द्रीय चुनाव आयोग की ओर से वोटिंग की तारीख में किए गए बदलाव के बाद अब राजस्थान विधानसभा चुनाव का शेड्यूल बदल गया है.

अब चुनाव की अधिसूचना 30 अक्टूबर को जारी होगी. नामांकन की अंतिम तारीख 6 नवंबर रहेगी. नामांकन पत्रों की जांच 7 नवंबर को होगी.

9 नंवबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. उसके बाद मतदान 25 नवंबर को होगा. मतगणना 3 दिसंबर को ही होगी.

पांच दिसंबर को चुनाव प्रकिया पूरी तरह से संपन्न कर दी जाएगी.

देश के युवाओं के लिए बनेगी ‘मेरा युवा भारत’ संस्था, मोदी कैबिनेट का अहम फैसला

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मोदी कैबिनेट ने युवाओं के लिए ‘मेरा युवा भारत’ संस्था बनाने का फैसला किया है.

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि देश में 15 से 19 साल के बीच लगभग 40 करोड़ युवा है.

इन युवाओं के लिए MyBharat नामक संस्था बनाने का निर्णय लिया है. भारत का युवा अपनी जिम्मेदारी को समझता है. पंच प्राण में पीएम कर्तव्य बोध की बात भी करते हैं.

अनुराग ठाकुर ने बताया कि पीएम की अध्यक्षता की कैबिनेट में दुनिया की सबसे बड़ी आबादी युवाओं से जुड़ी है. 15 से 19 साल के बीच 40 करोड़ युवा हैं. ये भारत की बड़ी ताकत है.

‘My bharat’ ‘मेरा युवा भारत’ नाम की संस्था बनाने का निर्णय लिया गया है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता इन सब क्षेत्र में योगदान अगर किसी को देना होगा तो ये प्लेटफॉर्म का बड़ा सहारा होगा.

पीएम की इच्छा है कि देश के करोड़ों युवा इससे जुड़ें और अपना योगदान दें. 31 अक्टूबर को इसे राष्ट्र के लिए समर्पित किया जाएगा. यानी सरदार पटेल की जयंती के दिन इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत होगी.

भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में ‘My bharat’


अनुराग ठाकुर ने कहा कि स्वच्छ भारत 75 लाख किलो प्लास्टिक इकठ्ठा करने का लक्ष्य रखा था तो हमारे युवा ने 100 लाख किलो प्लास्टिक का लक्ष्य हासिल किया.

इसके तहत एक डिजिटल प्लेटफार्म तैयार करने की बात है. ‘My bharat’ भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कारगर साबित होगा.

युवा संवाद यूथ पार्लियामेंट सांस्कृतिक कार्यक्रम एक्सचेंज कार्यक्रम जैसे काम के लिए यह प्लेटफार्म कारागार साबित होगा.

कोविड के दौरान भी युवाओं ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया और सहयोग दिया है. युवाओं में सेवा भाव और कर्तव्यबोध हो और आत्मनर्भर भारत बनाने की लगन हो तो अगले 25 साल में भारत को विकसित भारत बनाने में बड़ी भूमिका हो सकती है.

निर्वाचन आयोग ने जिन 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा की है, यहां 7 पार्टियों ने दोनों राष्ट्रीय दलों की क्रमबद्ध सूचि प्रेषित करते है|

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निर्वाचन आयोग ने जिन 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा की है, उनमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस के बीच अब तक सीधा मुकाबला रहा है, लेकिन इस बार यहां 7 पार्टियों ने दोनों राष्ट्रीय दलों की क्रमबद्ध सूचि प्रेषित करते है|

मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस को 45-45 प्रतिशत वोट मिल सकता है. मध्य प्रदेश में कांग्रेस को 13-125 सीटें और बीजेपी को 104-116 सीटें मिलने का अनुमान है.

राजस्थान में बीजेपी को 47% और कांग्रेस को 42% वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है. यहां बाकी दलों को 11 प्रतिशत वोट मिलने की बात कही गई थी. छत्तीसगढ़ में भी कांटे की लड़ाई है. कांग्रेस को 45 से 51 सीटें और बीजेपी को 39 से 45 सीटें मिल सकती हैं.

ऐसे में तीनों राज्यों में इन 7 पार्टियों की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है. हालांकि, इनमें से कुछ पार्टियों को कांग्रेस और बीजेपी साधने की कवायद में जुटी है.

भारतीय आदिवासी पार्टी- राजस्थान के आदिवासी नेताओं ने सितंबर 2023 में भारतीय आदिवासी पार्टी (बाप) की स्थापना की है. पार्टी के अधिकांश नेता भारतीय ट्राइबल पार्टी में रह चुके हैं. 2018 में भारतीय ट्राइबल पार्टी ने विधानसभा की 2 सीटों पर जीत हासिल की थी.

ट्राइबल पार्टी के दोनों विधायक अब भारतीय आदिवासी पार्टी के साथ हैं. इस पार्टी का मुख्य जनाधार डूंगरपुर, सलम्बूर, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में है. भारतीय आदिवासी पार्टी राजस्थान विधानसभा के 17 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है.

भारतीय आदिवासी पार्टी के नेता सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं. संगठन में पुराने नेताओं के साथ-साथ नए लोगों को भी जगह दी गई है. राजस्थान की 200 में से 25 सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित है. इनमें से अधिकांश सीटों पर अभी कांग्रेस का कब्जा है.

पिछले चुनाव में भारतीय ट्राइबल पार्टी ने 2 सीटों पर जीत हासिल की थी और 1 सीट पर दूसरे नंबर पर रही थी. बीटीपी को 0.7 प्रतिशत वोट मिले थे. जानकारों का कहना है कि इस बार अगर आदिवासी के युवाओं और बुजुर्गों का सामंजस्य बन गया, तो भारतीय आदिवासी पार्टी दोनों दल का खेल बिगाड़ सकती है.

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी- नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी भी इस बार कांग्रेस और बीजेपी का खेल खराब करने की तैयारी में है. 2018 में आरएलपी को 3 सीटों पर जीत मिली थी. 2 सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार दूसरे नंबर पर थे.

हनुमान बेनीवाल पहले एनडीए गठबंधन का हिस्सा रह चुके हैं. 2020 में किसान आंदोलन की वजह से उन्होंने मोदी सरकार से समर्थन वापस ले लिया था.

2018 में आरएलपी को 2.4 प्रतिशत वोट मिले थे. जाटलैंड नागौर, बाड़मेर और जोधपुर में पार्टी की मजबूत पकड़ है. पार्टी ने शुरू में 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही थी, लेकिन बेनीवाल अब कम सीटों पर मजबूती से लड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं.

राजस्थान में जाट करीब 10-12 प्रतिशत के आसपास हैं. पहले जाट कांग्रेस और बीजेपी के वोटर्स माने जाते थे, लेकिन 2018 में आरएलपी ने लगभग ढाई प्रतिशत वोट झटल लिए. अगर पार्टी का परफॉर्मेंस इस बार पहले की तुलना में बेहतर रहती है, तो कांग्रेस और बीजेपी को बड़ा झटका लग सकता है.

जोगी कांग्रेस- छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के नाम पर बनी इस पार्टी के कर्ता-धर्ता वर्तमान में अमित जोगी हैं. 2018 में इस पार्टी के सिंबल पर 5 विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. जोगी कांग्रेस ने इस बार सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है.

2018 के चुनाव में भले जोगी कांग्रेस को 5 सीटों पर जीत मिली हो, लेकिन पार्टी 10 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस का खेल खराब करने में कामयाब रही थी. जोगी कांग्रेस के 2 उम्मीदवार तो दूसरे नंबर पर भी रहे थे. पार्टी को 2018 में कुल 7.5 प्रतिशत वोट मिले थे.

कोरबा, राजनांदगांव, मारवाही इलाके में जोगी कांग्रेस की मजबूत पकड़ है. चुनाव में अगर पार्टी का परफॉर्मेंस बढ़, तो बीजेपी और कांग्रेस की टेंशन बढ़ सकती है. हालांकि, अमित जोगी की राह भी इस बार आसान नहीं रहने वाली है.

अजित जोगी के निधन के बाद 2021 में अमित अपने पारंपरिक सीट को नहीं बचा पाए थे, इसलिए इस बार राह आसान नहीं रहने वाली है.

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में मजबूत पकड़ रखने वाली गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी इस बार कांग्रेस और बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा सकती है. गोंगपा की ताकत को देखते हुए कांग्रेस ने उससे गठबंधन पर बात भी की थी, लेकिन सीटों को लेकर पेंच नहीं सुलझ पाया.

मध्य प्रदेश में मुख्य रूप से गोंगपा का आधार बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, सिवनी, छिंदवाड़ा और बैतूल और छत्तीसगढ़ के कोरबा में है. 2018 में मध्य प्रदेश की 2 और छत्तीसगढ़ के 1 सीट पर गोंगपा के उम्मीदवार दूसरे नंबर पर थे.

मध्य प्रदेश में गोंगपा ने 20 सीटों पर राष्ट्रीय पार्टियों का खेल खराब किया था. गोंगपा ने इस बार दोनों राज्यों में बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया है. समझौते के तहत बहुजन समाज पार्टी 178 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी 52 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

मध्य प्रदेश में आदिवासी वोटरों की संख्या करीब 2 करोड़ हैं, जो विधानसभा की 84 सीटों का समीकरण उलट-पलट सकते हैं.

बहुजन समाज पार्टी- मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी भी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव मैदान में है. इन राज्यों में बीएसपी की कमान मायावती ने भतीजे आकाश आनंद के पास है. आकाश कई जगहों पर रोड-शो भी कर चुके हैं.

राजस्थान की बात की जाए, तो यहां बीएसपी पूर्वी इलाके में खास फोकस कर रही है. 2018 में बीएसपी को राजस्थान के 6 सीटों पर जीत मिली थी. हालांकि, बाद में पार्टी के सभी विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए थे.

2018 में बीएसपी के 2 उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे थे. पार्टी को कुल 4 प्रतिशत वोट भी मिला था. राजस्थान में बीएसपी इस बार 60 सीटों पर फोकस कर रही है. वहीं मध्य प्रदेश में भी बीएसपी को 2018 में 2 सीटों पर जीत मिली थी. एक विधायक बाद में बीजेपी में शामिल हो गए थे.

पिछली बार मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर बीएसपी के उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे थे. बीएसपी ने यहां पर गोंगपा से गठबंधन किया है. पार्टी को ग्वालियर चंबल और आदिवासी इलाकों में जीत की उम्मीद है.

छत्तीसगढ़ में भी बीएसपी को 2 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि पार्टी के 4 उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे थे. पार्टी को कुल 3.4 प्रतिशत वोट भी मिला था. बीएसपी यहां भी मजबूती से चुनाव लड़ने की बात कह रही है.

आम आदमी पार्टी- हाल ही में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त करने वाली आम आदमी पार्टी भी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव लड़ने की घोषणा की है. आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तीनों राज्यों का कई बार दौरा कर चुके हैं.

आम आदमी पार्टी राजस्थान के पंजाब, दिल्ली, गुजरात से सटे इलाकों की सीटों ज्यादा फोकस कर रही है. वहीं मध्य प्रदेश में विंध्य के इलाके में आप का फोकस ज्यादा है. पिछले साल सिंगरौली के महापौर चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए आम आदमी पार्टी जीत दर्ज की थी.

मध्य प्रदेश में तो आप ने कई उम्मीदवारों के नाम का ऐलान भी कर दिया है. मध्य प्रदेश में आम आदमी पार्टी का यह पहला चुनाव है. ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी गुजरात की तरह यहां भी कमाल कर सकती है.

गुजरात में आप को 12.92% वोट मिले थे, जिसकी वजह से कांग्रेस को करीब 30 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था. जानकारों का कहना है कि अगर शहरी इलाकों में आप ने बढ़िया प्रदर्शन किया, तो बीजेपी को और ग्रामीण इलाकों में बढ़िया प्रदर्शन किया तो कांग्रेस को नुकसान होगा.

समाजवादी पार्टी- उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी भी मध्य प्रदेश में सक्रिय है. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हाल ही में मध्य प्रदेश गए थे, जहां 3-4 रैलियों में शामिल हुए. 2018 में सपा को मध्य प्रदेश की एक सीट पर जीत मिली थी. पार्टी के 5 उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे थे.

सपा ने कांग्रेस को गठबंधन का प्रस्ताव भी दिया है, लेकिन अभी तक बात नहीं बनी है. सपा ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस के सामने 7 सीटों का डिमांड रखा है. सपा अकेले अगर चुनाव लड़ेगी, तो पार्टी मुख्य रूप से बुंदेलखंड और बघेलखंड के इलाकों में अपना उम्मीदवार उतारेगी. सपा को पिछले चुनाव में 1.30% वोट मिले थे.

अगर पार्टी पुराने परफॉर्मेंस को भी दोहराने में कामयाब रहती है, तो कई सीटों पर बीजेपी-कांग्रेस का खेल खराब हो सकता है.

एमपी-राजस्थान में 1 तो छत्तीसगढ़ में 2 चरणों में मतदान

चुनाव आयोग के मुताबिक छत्तीसगढ़ और मिजोरम में 7 नवंबर से चुनाव हैं. छत्तीसगढ़ में दो फेज 7 और 17 नवंबर को मतदान होंगे. मध्य प्रदेश में मतदान 17 नवंबर, राजस्थान और तेलंगाना में 23 और 30 नवंबर को मतदान होगा. सभी राज्यों की मतगणना 3 दिसंबर को होगी.

आयोग ने इस बार मतदान और प्रचार का गैप कम रखा है. मध्य प्रदेश में विधानसभा की जहां 230 सीटें हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटें हैं. राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटें हैं, जबकि तेलंगाना में 119 और मिजोरम में 40 सीटें हैं.

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछली बार कांग्रेस की सरकार आई थी. हालांकि, ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत के बाद 2020 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिर गई. सिंधिया 28 कांग्रेस विधायक और अपने समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए.

Navratri celebration: 3 KG की पगड़ी पर शख्स ने राम मंदिर, पीएम मोदी, चंद्रयान-3 को किया प्रदर्शित, कला देख यूजर्स हुए मंत्रमुग्ध

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Gandhinagar man made 3KG turban Video Viral: नवरात्रि का त्यौहार आने में बस कुछ दिन ही बाकी रह गए हैं। इसके आने से पहले ही देशभर में इसकी तैयारियां जोरो-शोरो से की जा रही हैं। साथ ही नवरात्रि आयोजकों ने अपने नृत्य कार्यक्रमों को सर्वोत्तम और अनूठी थीम देने के लिए काम करना शुरू कर दिया।

इसी बीच गुजरात के गांधीनगर से एक बहुत ही अनोखा वीडियो देखने को मिला है। यहां एक शख्स ने नवरात्रि के उत्सव को लेकर तीन किलो वजनी पगड़ी बनाई है और उसे अपने सिर पर सजा रखा है। इस पगड़ी की एक खास बात है कि इसमें राम मंदिर, चंद्रयान-3 की सफलता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदर्शित किया गया है। शख्स की इस कला को देखकर उनकी हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।

3 KG की पगड़ी बनाई गुजरात के शख्स ने

वीडियो में आप देख सकते हैं कि उनकी 3 किलो की पगड़ी अयोध्या के राम मंदिर की एक लघु छवि, ‘फिर एक बार मोदी सरकार’ के साथ पीएम मोदी की एक छोटी मूर्ति, दो मोर के खिलौने, चंद्रयान -3 की सफलता की एक लघु मूर्ति और दो खिलौनों से सजी है। साथ ही दाए और बाए पुरुष और महिला को डांडिया पोशाक में प्रदर्शित कर रखा है।

कला देख यूजर्स हुए मंत्रमुग्ध

हर साल 10 दिनों तक मनाया जाने वाला हिंदू त्यौहार नवरात्रि इस वर्ष 15 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इन दस दिनों के दौरान लोग देश भर में आयोजित होने वाले नवरात्रि कार्यक्रमों में डांडिया और गरबा नृत्य में भाग लेते हैं। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में आयोजक त्यौहार मनाने के लिए बड़े आयोजन करते हैं।बता दें कि नवरात्रि भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। इस त्यौहार को विशेष रूप से देश के पश्चिमी हिस्से में लोग भव्य तरीके से मनाने की तैयारी कर रहे हैं। नवरात्रि आयोजकों ने गुजरात के गांधीनगर में एक शख्स ने अनोखी पगड़ी बनाई, जिस पर ‘राम राज्य’, ‘राम मंदिर’, ‘चंद्रयान-3 की सफलता’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदर्शित किया गया है।

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) आज अपना 81वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं।

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11 अक्टूबर का दिन बेहद खास आज ही के दिन बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का जन्म हुआ था। आज ही के दिन वो 81 साल के हो गए हैं। एक्टर ने अपनी उम्र से कहीं ज़्यादा बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है।

वो इकलौते ऐसे एक्टर हैं जिन्हें बॉलीवुड और टीवी हर प्लेटफार्म पर बस प्यार ही हासिल हुआ। शायद फैंस की प्यार है जिसकी वजह से आज भी अमिताभ यंग स्टार्स को कड़ी टक्कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं बिग बी के लिए ये जर्नी इतनी भी आसान नहीं थी। कई उतार-चढाव देखने के बाद उन्होंने आज ये मकाम हासिल किया है। चलिए आज के इस खास दिन पर जानते हैं उनकी 70 के दशक में जिन्होंने एक्टर को कामयाबी के तख़्त पर बिठा दिया।

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) आज अपना 81वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। आज का दिन बॉलीवुड के शहंशाह के साथ-साथ उनके करोड़ो फैंस के लिए भी बेहद खास है।

सभी लोग बिग बी से बेहद प्यार करते हैं। अक्सर आपने अमिताभ बच्चन के को-स्टार्स को उनकी तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए देखा होगा

महानायक अमिताभ बच्चन सिनेमाजगत में अपनी एक अलग ही पहचान रखते है। एक्टर की एक्टिंग का हर कोई ऐसा दीवाना है, जिसकी कोई सीमा नहीं। फिल्मों से लेकर रियल लाइफ तक बिग बी ने अपने हर किरदार को बेहद शानदार तरीके से निभाया है।

आज अभिनेता का जन्मदिन है और इस खास मौके पर हम आपको उनसे जुड़े कुछ खास किस्से बताने जा रहे हैं। आइए जान लेते हैं…

अमिताभ बच्चन ने शुरू किया था करियर

आज से करीब 40 से 45 साल पहले की अगर बात करें तो उस समय अमिताभ बच्चन ने अपने करियर की शुरूआत की थी। फिल्मी दुनिया में कदम रखने से पहले एक्टर ‘आल इंडिया रेडियो’ गए थे और सोचा था कि इसी में अपना करियर बनाएंगे। वो दौर ऐसा था कि उस समय अमीन सयानी ‘ऑल इंडिया रेडियो’ के अनाउंसर हुआ करते थे।

अमीन सयानी रेडियो की दुनिया की जानी-पहचानी आवाज

बता दें कि अमीन सयानी की आवाज रेडियो की दुनिया जानी-पहचानी आवाज है। हर कोई उनकी आवाज का दीवाना होता था। इस दौरान बिग बी ने भी वहां पर जॉब के लिए एप्लाई किया था और उनकी जॉब की एप्लीकेशन अमीन सयानी के पास ही गया था। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि एक समय था जब मैं बहुत बिजी था और उस टाइम सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ऑडिशन देने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि मैंने उनकी आवाज सुने बिना ही उन्हें रिजेक्ट कर दिया था।

भारतीय सिनेमा अपना एक शानदार अभिनेता खो देता- अमीन

हालांकि इसके आगे उन्होंने कहा कि इसके कुछ टाइम के बाद ही मैंने उनकी फिल्म ‘आनंद’ देखी थी और उस समय जब मैंने उनकी आवाज को सुना तो वो मुझे बहुत ही बेमिसाल लगी। इसके आगे उन्होंने कहा कि मुझे अपने उस इंकार पर आज बहुत ही बुरा लगता है, लेकिन दूसरी तरफ सोचता हूं कि जो हुआ अच्छा ही हुआ। इसके आगे उन्होंने कहा कि अगर आज वो रेडियो में होते तो शायद मैं सड़क पर होता। साथ ही भारतीय सिनेमा अपना एक शानदार अभिनेता खो देता।

छत्तीसगढ़ : विपक्षी दल बीजेपी, मौजूदा कांग्रेस सरकार की कमान भूपेश बघेल है! ‘राज्य में किसकी सरकार बनेगी’ आंकड़ों से समझे?

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छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है. 9 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने राज्य में विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान कर दिया है.

जिसमें 90 विधानसभा सीटों वाले राज्य छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होगा.

पहले चरण की वोटिंग 7 नवंबर और दूसरे चरण की वोटिंग 17 नवंबर को होगी.

वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी और सब कुछ साफ हो जाएगा कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी.

चुनाव से ठीक पहले वोटर की गिनती समझने की कोशिश की गयी है कि आखिर जनता का मूड क्या है?

सरकार की कुर्सी पर कांग्रेस को 45 फीसदी वोट मिल सकते हैं.

विपक्षी दल बीजेपी के खाते में 44 फीसदी वोट शेयर जा सकता है. यानी वोट शेयर के मामले में कांग्रेस, बीजेपी से थोड़ी आगे दिख रही है.

अन्य के खाते में 11 फीसदी वोट शेयर जा सकते हैं.

छत्तीसगढ़ में किसे कितनी सीटें?

आंकड़ों की मानें तो कांग्रेस को 45 से 51 सीटें मिल सकती हैं. बीजेपी के खाते में 39 से 45 सीटें मिल सकती हैं.

अन्य के खाते में शून्य से दो सीटें मिल सकती हैं. राज्य में विधानसभा की कुल सीटें 90 हैं.

बहुमत का आंकड़ा 46 है. छत्तीसगढ़ में मौजूदा कांग्रेस सरकार की कमान भूपेश बघेल संभाल रहे हैं.

मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम में चुनाव की तारीखों का एलान हो गया है. इसमें करीब 90 हजार लोगों से बात की गई है.