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बीजेपी : राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले नेताओं मे मंत्रणा का दौर शुरु, जानें- क्या है पार्टी की रणनीति!

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छत्तीसगढ में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने दो सूची मे 85 प्रत्याशियों के नाम का एलान कर दिया है.

जिसमें सरगुजा संभाग के 14 विधानसभा सीट में एक सीट को छोडकर सभी 14 सीट पर बीजेपी ने अपने चेहरे तय कर लिए हैं.

लेकिन जिस चौदहवीं सीट पर कंडीडेट डिसाइड नहीं हुआ है. उसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.

चर्चा इसलिए भी तेज हो गई है क्योंकि इस सीट से खुद डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव तीन बार से विधायक हैं और बीजेपी का इस सीट पर चेहरा डिसाईड ना करना.

राजनैतिक पंडितों को भी परेशान कर रहा है. क्योंकि चर्चा कुछ और ही है.

बीजेपी ने अपनी दूसरी सूची में आज 8 नामों का एलान कर दिया है.

आचार संहिता लगने के चंद घंटो में जारी बीजेपी की सूची मे सरगुजा के कुछ नाम हैरान कर देने वाले हैं.

तो कुछ नाम को टिकट मिलना तय माना जा रहा था. दरअसल आज जारी बीजेपी की दूसरी सूची में सूबे की पहली विधानसभा भरतपुर-सोनहत से केन्द्रीय मंत्री और सरगुजा सांसद रेणुका सिंह को टिकट दिया गया है.

उसके बाद बीजेपी ने मनेन्द्रगढ विधानसभा से पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल और बैकुंठपुर विधानसभा से पूर्व केबिनेट मंत्री भईया लाल राजवाडे को फिर से टिकट दिया गया है.

इधर बलरामपुर जिले के सामरी विधानसभा से बीजेपी ने जिला पंचायत सदस्य और पूर्व संसदीय सचिव सिद्धनाथ पैकरा की धर्मपत्नी उधेश्वरी पैकरा को प्रत्याशी बनाया है.

अब बात करें संभाग के जशपुर जिले की तो जशपुर विधानसभा से रायमुनि भगत , कुनकुरी विधानसभा से पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय के साथ ही पत्थलगांव विधानसभा से मौजूदा सांसद गोमती साय को बीजेपी ने टिकट दिया है.

अम्बिकापुर नहीं हुआ फाइनल


बीजेपी की दूसरी सूची मे छत्तीसगढ की दूसरी हाई प्रोफाइल सीट अम्बिकापुर से बीजेपी ने कोई भी नाम तय नहीं किया है.

जिसके बाद अब अम्बिकापुर के बीजेपी नेता और राजनीति दिलचस्पी रखने वाले नेताओं मे मंत्रणा का दौर शुरु हो गया है.

गौरतलब है कि अम्बिकापुर सीट से सूबे के डिप्टी सीएम और पूर्व नेता प्रतिपक्ष टी एस सिंहदेव कांग्रेस के तय उम्मीदवार माने जा रहे है.

ऐसे में इसके पहले बीजेपी में जिन तीन नाम को यहाँ से प्रत्याशी के लिए भेजा था. उस पर अब तक मुहर ना लग पाने से तरह तरह की चर्चाएँ होने लगी है.

एक चर्चा तो ये है कि बीजेपी आलाकमान अब अम्बिकापुर से डमी कैंडिडेट उतारने के मूड में नही है. और टी एस सिंहदेव के सामने जिताऊ कंडीडेट बीजेपी के लिए बडी चुनौती है.

पांच नाम पहली सूची में घोषित


सरगुजा संभाग की 14 सीट के लिए बीजेपी ने पहली सूची मे 5 नाम घोषित किए थे.

उसमें सूरजपुर के प्रेमनगर सामान्य सीट से भूलन सिंह और भटगांव सामान्य सीट से जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी राजवाडे का नाम तय हो गया था.

उसी के साथ सूरजपुर की प्रतापपुर सीट से शकुंतला पोर्ते और रामानुजगंज से पूर्व राज्य सभा सांसद और पूर्व गृहमंत्री रामविचार नेताम पर बीजेपी ने दांव खेला है.

वहीं अम्बिकापुर जिले की लुंड्रा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी ने पूर्व महापौर प्रबोध मिंज को उम्मीदवार बनाया था.

जिसके साथ सोमवार 9 अक्टूबर को जारी दूसरी सूची मे 8 नामों पर मुहर लग गई है. मतलब अब बीजेपी ने संभाग की 14 मे 13 सीट पर अपने चेहरे तय कर दिए है.

बस बचा है तो डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव के सामने चेहरा उतारने का.

14 सीट पर कांग्रेस कब्जा


सरगुजा संभाग की 14 सीट पर 2018 में हुए चुनाव में सभी सीट पर बीजेपी का हार का मुँह देखना पडा था.

और कांग्रेस ने सभी 14 सीट जीतकर सूबे में कांग्रेस सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी.

इसके साथ ही प्रदेश में कांग्रेस का 15 साल का वनवास भी खत्म हो गया था. दरअसल 2018 के चुनाव में ये चर्चा थी कि अगर कांग्रेस सरकार बनती है तो टी एस सिंहदेव सीएम बनेंगे.

सरगुजिहा सरकार के नारे का ऐसा असर हुआ कि संभाग से बीजेपी का सूपडा साफ हो गया था.

इस बार परिस्थितियाँ 2018 जैसी नहीं है. ऐसा खुद टी एस सिंहदेव सार्वजनिक मंच में कह चुके है.

बहरहाल देखना दिलचस्प होगा कि आखिर जिस अम्बिकापुर सीट को लेकर बीजेपी आलाकमान इतनी लंबी मंत्रणा कर रहा है.

इस सीट के लिए बीजेपी के बटुआ में आलाकमान पका क्या रहा है.

छत्तीसगढ़ : 13 अक्टूबर से शुरू होगी नामांकन की प्रक्रिया, सात नवंबर को डाले जाएंगे पहले चरण के वोट

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छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों के एलान के साथ ही निर्वाचन आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है. प्रथम चरण में प्रदेश की 20 विधानसभा सीटों पर सात नवंबर को मतदान होना हैं.

इसके लिए सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है. 11 अक्टूबर और 12 अक्टूबर को पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.

इसके बाद 13 अक्टूबर से नामांकन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. 20 अक्टूबर को नामांकन फॉर्म भरने का अंतिम दिन है. वहीं 23 अक्टूबर तक नाम वापसी की तारीख तय की गई है.

इसके बाद 24 अक्टूबर से सभी राजनीतिक दल चुनावी प्रचार प्रसार में जुटेंगे और आगामी पांच नवंबर तक दलों का चुनाव प्रचार-प्रसार जारी रहेगा.

इसके बाद सात नवंबर को प्रदेश के 20 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा. इस बार प्रत्याशी ऑनलाइन नामांकन भी भर सकेंगे.

हालांकि उन्हें शपथ लेने जिला निर्वाचन कार्यालय जाना होगा.

बस्तर संभाग की 12 और दुर्ग संभाग की आठ सीटों में पहले चरण में सात नंवबर को मतदान होना है और इसके लिए सभी राजनीतिक दलों के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारियों ने भी तैयारी शुरू कर दी है.

मतदान के लिए काफी कम समय है. ऐसे में पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारियों को 11 और 12 अक्टूबर को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा.

20 अक्टूबर को नामांकन फॉर्म भरने का अंतिम दिन

इस प्रशिक्षण के बाद 13 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

चुनाव के तारीख एलान होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है.

सोमवार दोपहर से ही यहां सभी राजनीतिक दलों और नेताओं के होर्डिंग्स और पोस्टर हटाने का काम शुरू कर दिया गया है. बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम ने जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव आयोग से मिले निर्देश के अनुसार प्रत्याशियों को अपने नामांकन में अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि या किसी तरह के जुर्म में शामिल रहने की स्थिति में उसकी जानकारी अखबार और अन्य माध्यम से सार्वजनिक रूप से देनी होगी.

13 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और 20 अक्टूबर तक नामांकन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है. 23 अक्टूबर तक नाम वापसी की तारीख तय की गई है.

बस्तर कलेक्टर ने क्या कहा

कलेक्टर ने बताया कि बस्तर जिले के तीन विधानसभाओं में कुल 6 लाख 15 हजार 917 मतदाता हैं. वहीx 781 मतदान केंद्र हैं, इनमें से कुछ मतदान केंद्र अति संवेदनशील है, जहां जल्द से जल्द फोर्स की तैनाती भी की जानी है.

राजनीतिक दलों को चुनावी प्रचार प्रसार के लिए 24 अक्टूबर से पांच नवंबर तक का समय दिया गया है.

चुनाव के तारीखों के एलान के साथ ही सोमवार के देर शाम बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है.

बस्तर संभाग की पूरी 12 विधानसभा सीटों और दुर्ग संभाग के आठ विधानसभा सीटों में प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी गई है.

बताया जा रहा है कि 11 अक्टूबर या 12 अक्टूबर तक कांग्रेस भी अपनी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर सकती है.

हालांकि बस्तर संभाग में अब तक भाजपा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा के बाद कहीं गुटबाजी की स्थिति देखने को नहीं मिल रही है.

जानिए ;क्या आप जानते हैं प्लास्टिक की बोतल पर छपे इस कोड का आखिर मतलब क्या होता है!

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आजकल प्लास्टिक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. पानी की बोतलें प्लास्टिक की ही होती हैं. आपने प्लास्टिक की बोतलों पर छपे कई तरह के कोड देखे होंगे. लेकिन क्या आप इनका अर्थ जानते हैं. इन कोड को रेज़ीन आइडेंटीफिकेशन कोड कहा जाता है.

रेज़ीन वह पदार्थ है जिससे प्लास्टिक बना होता है. विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक के लिए कोड की संख्या 1 से 7 तक होती है.

कोड 1: PET या PETE का प्रतिनिधित्व करता है.

यह सबसे आम प्रकार की प्लास्टिक होती है, जिसका इस्तेमाल कोल्ड ड्रिंक की बोतल, जार, ओवन-ट्रे, डिटर्जेंट और क्लीनर कंटेनर आदि में होता है. इनका लंबे समय तक उपयोग करना हानिकारक हो सकता है. अगर आप कोई पदार्थ इसमें लंबे समय तक रखते हैं तो एंटीमनी नाम का पदार्थ रिसने लगता है.

कोड 2: HDPE का प्रतिनिधित्व करता है.

यह उच्च घनत्व पॉलिथीन से बने होते हैं. दूध, पानी, जूस के कंटेनर्स आदि बनाने में इनका इस्तेमाल होता है. यह प्लास्टिक हार्मोनल समस्या पैदा कर सकते हैं.

कोड 3: PVC का प्रतिनिधित्व करता है.

यह प्लास्टिक पॉलिविनाइल क्लोराइड से बने होते हैं. इस तरह की प्लास्टिक से खिलौने, शैंपू की बोतल, माउथवॉश की बोतलें, क्लीनर की बोतलें, खिड़की के फ्रेम आदि बनाए जाते हैं. यह प्लास्टिक व्यक्ति के हार्मोनल विकास को रोक सकते हैं.

कोड 4:LDPE का प्रतिनिधित्व करता है.

यह प्लास्टिक कम घनत्व वाले पॉलिथीन से बने उत्पाद होते हैं. इनका इस्तेमाल देवेंद्र विभिन्न फिल्मों, पैकेजों, खाद्य और दवा उत्पादों की पैकेजिंग के निर्माण के लिए किया जाता है. हालांकि इन पदार्थों को अगर सूरज की रोशनी में रखा जाए तो इनमें से नोनिलफ़ेनॉल स्रावित होने लगता है.

कोड 5: PP का प्रतिनिधित्व करता है.

यह प्रो पॉलिप्रोपिलीन से बने होते हैं. इस तरह की प्लास्टिक का इस्तेमाल दही का कप, कुछ पानी की बोतलें, केचप की बोतलें और दवा के कंटेनर आदि बनाने में किया जाता है. यह मादक पेय पदार्थों के संपर्क में आते हैं तो खतरनाक फॉर्मल्डेहाइड का रिसाव हो सकता है.

कोड 6: PS का प्रतिनिधित्व करता है.

इस प्रकार की प्लास्टिक का इस्तेमाल डिस्पोजल प्लास्टिक, पैकेट, प्लेट्स, बाइक हेलमेट जैसी चीजें बनाने में किया जाता है. लेकिन यह गर्म होने पर जहरीले रसायन स्रावित करती है, जिससे कैंसर भी हो सकता है.

कोड 7: मूल रूप से उन प्लास्टिक का प्रतिनिधित्व करता है जो कि ऊपर सूचीबद्ध नहीं हैं.

इस प्रकार के प्लास्टिक से बहुत खतरनाक होती है. अगर इससे बिस्फेनॉल A (बीपीए) का स्राव होता होता है जिससे यह कैंसर जैसी बीमारी को जन्म दे सकती है. इसीलिए इस तरह की प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.Loading …Dailyhunt

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव ऐलान…

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राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव कराने को लेकर चुनाव आयोग आज प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है. कॉन्फ्रेंस में होने वाले विधानसभा चुनाव का आज ऐलान हो होगा.

राजस्थान, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव को अगले साल होने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है. राजस्थान, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है तो मध्य प्रदेश में बीजेपी काबिज है.

नवंबर महीने के मध्य से चुनावी प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जो दिसंबर के मध्य तक चल सकती है. संभावना है कि चुनाव आयोग मतदान के लिए 10 से 15 दिसंबर के बीच की तारीख तय करे. दरअसल, मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं, जिसमें से बीजेपी के 128, कांग्रेस के 98, बसपा के एक और तीन निर्दलीय विधायक हैं. वहीं छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटें है, जिनमें कांग्रेस के 71, बीजेपी के 15, बसपा के दो, जेजेएस एक विधायक हैं. वहीं राजस्थान में कुल 200 विधानसभा सीटें है, जिसमें कांग्रेस के 108, बीजेपी के 70, आरएलडी एक, आरएलएसपी 3, बीटीपी 2, लेफ्ट 2 और 13 निर्दलीय विधायक हैं.

2018 में चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की थी. साल 2018 में छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव कराए गए थे. मध्य प्रदेश और राजस्थान में एक ही चरण में चुनाव कराए गए थे. छत्तीसगढ़ में पहले चरण का मतदान 18 विधानसभा सीटों के लिए 12 नवंबर को जबकि दूसरे चरण का मतदान 72 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को हुआ था. इसी तरह मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को एक चरण में चुनाव हुए थे, जबकि दोनों राज्यों में चुनाव की मतगणना 11 दिसंबर 2018 को एक साथ हुई थी.

राज्यों में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा से पहले, चुनाव आयोग ने राजस्थान, मिजोरम, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में चुनाव तैयारियों का जायजा लिया है. चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को अपने पर्यवेक्षकों की एक बैठक बुलाई थी.

ICC Cricket World Cup 2023: भारतीय स्पिनर्स की फिरकी में फंसे कंगारू, मैक्सवेल-मार्श-ग्रीन सभी फ्लॉप

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India vs Australia, ICC Cricket World Cup 2023: रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और रवीचंद्रन अश्विन की तिकड़ी के सामने ऑस्ट्रेलियाई टीम चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में सिर्फ 199 रन ही बना सकी.

भारतीय स्पिनर्स कंगारू बल्लेबाजों के लिए पहेली साबित हुए. भारत के लिए सबसे सफल गेंदबाज रवींद्र जडेजा रहे. सर जडेजा ने 10 ओवर में 2 मेडन के साथ सिर्फ 28 रन दिए और 3 विकेट चटकाए. वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए स्टीव स्मिथ ने सबसे ज्यादा 46 रन बनाए.

भारत की घातक गेंदबाजी का आलम यह रहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी. ऑस्ट्रेलिया का मिडिल ऑर्डर भारतीय गेंदबाजों के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखर गया.

वॉर्नर और स्मिथ ने दिलाई ठोस शुरुआत, मिडिल ऑर्डर पूरी तरह रहा फ्लॉप

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तूफानी बल्लेबाजी के लिए फेमस मिचेल मार्श खाता खोले बिना ही आउट हो गए. उन्हें जसप्रीत बुमराह ने विराट कोहली के हाथों कैच आउट कराया. इसके बाद स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर ने ठोस शुरुआत दिलाई. दोनों दूसरे विकेट के लिए 69 रनों की साझेदारी की. हालांकि, गेंद पुरानी होने के बाद इन दोनों के लिए भी रन बनाना मुश्किल हो गया.

वॉर्नर 52 गेंदों में 6 चौकों की मदद से 41 रन बनाकर आउट हुए. उन्हें कुलदीप यादव ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया. इसके बाद मार्नल लाबुशेन और स्टीव स्मिथ के बीच 36 रनों की साझेदारी हुई, लेकिन स्मिथ के आउट होते ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज तू चल मैं आया की तर्ज पर आउट हुए.

स्मिथ ने 71 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 46 रन बनाए. वहीं लाबुशेन 41 गेंदों में 27 रन बनाकर पवेलियन लौटे. इसके बाद ग्लेन मैक्सवेल 15, एलेक्स कैरी 00, कैमरून ग्रीन 08 और कप्तान पैट कमिंस सिर्फ 15 रन ही बना सके.

अंत में मिचेल स्टार्क ने 35 गेंदों में दो चौकों और एक छक्के की बदौलत 28 रन बनाकर टीम का स्कोर 200 के करीब पहुंचाया. वहीं एडम जम्पा 06 और जोश हेजलवुड एक रन पर नाबाद लौटे.

भारत के लिए रवींद्र जडेजा ने सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके. इसके अलावा कुलदीप यादव और जसप्रीत बुमराह ने दो-दो विकेट चटकाए. वहीं हार्दिक पांड्या, मोहम्मद सिराज और रविचंद्रन अश्विन को एक-एक सफलता मिलीं.

Sugar Prices: ज्यादा हुआ भाव, आपकी जेब पर हो सकता है ये असर

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चीनी से लोगों का स्वाद बिगड़ने लगा है. ग्लोबल मार्केट में चीनी की कीमतें कई सालों के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे घरेलू बाजार में भी दबाव पड़ रहा है.

फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन की एक ताजी रिपोर्ट के अनुसार, चीनी की वैश्विक कीमतें सितंबर महीने में ऐसे उच्च स्तर पर पहुंच गईं, जो करीब 13 सालों में सबसे ज्यादा है. एफएंडओ की मानें तो वैश्विक स्तर पर चीनी की कीमतें बढ़ाने में भारत का भी योगदान है. संगठन का कहना है कि अल नीनो के चलते भारत और थाईलैंड में गन्ने की फसल प्रभावित हुई है. इसका असर चीनी की कीमतों पर दिख रहा है.

संयुक्त राष्ट्र की कृषि एजेंसी ने बताया कि सितंबर महीने के दौरान ओवरऑल खाने-पीने की चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. हालांकि चीनी की कीमतें बाकियों की तुलना में ज्यादा बढ़ी हैं. एफएंडओ की चीनी की कीमतों का सूचकांक अगस्त की तुलना में सितंबर महीने के दौरान 9.8 फीसदी बढ़ा. अब सूचकांक नवंबर 2010 के बाद सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया है.

एफएंडओ का शुगर प्राइस इंडेक्स लगातार दूसरी महीने बढ़ा है. सितंबर महीने की रिकॉर्ड तेजी से पहले अगस्त महीने में भी इस सूचकांक में तेजी देखी गई थी. एजेंसी का कहना है कि अल नीनो के चलते गन्ने के उत्पादन का परिदृश्य खराब हुआ है. अगर गन्ने की उपज प्रभावित होगी तो सीधे तौर पर चीनी के उत्पादन पर असर पड़ेगा. इसी आशंका ने चीनी की कीमतें बढ़ा दी है. इससे फिलहाल राहत मिल पाने का कोई संकेत भी नहीं दिख रहा है.

भारत और थाईलैंड दोनों प्रमुख वैश्विक चीनी उत्पादक देश हैं. दोनों देशों में इस साल गन्ने की फसल अल नीनो से प्रभावित हुई है. अल नीनो एक मौसमी डेवलपमेंट है, जो अमूमन 7 से 9 साल में एक बार होता है और इसका असर 9 से 12 महीने तक देखने को मिलता है. संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी का कहना है कि अल नीनो के अलावा कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें भी चीनी के भाव बढ़ा रही हैं.

इजराइल का बड़ा एक्शन ! हमास के सैकड़ों आतंकवादी मार गिराए, कई बंधक बनाए

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इजराइली सेना के एक अधिकारी ने कहा कि गाजा और दक्षिणी इजराइल में हमास के साथ जारी लड़ाई में ”सैकड़ों आतंकवादी” मारे गए हैं और कई अन्य को बंधक बना लिया गया है।

रियर एडमिरल डेनियल हेगारी ने फिलीस्तीनी आतंकवादी समूह द्वारा इजराइल पर अप्रत्याशित हमला किए जाने, सैकड़ों लोगों की हत्या करने और कई लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाने के 24 घंटे से अधिक समय बाद रविवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में यह जानकारी दी। इजराइल दक्षिणी हिस्से में आतंकवादियों से लड़ रहा है और उसने गाजा में हवाई हमलों में कई इमारतों को नेस्तनाबूद कर दिया है।

बता दें फिलिस्तीन स्थित आंतकी संगठन हमास के दर्जनों आतंकियों ने गाजा से जमीन, समुद्र और हवाई रास्ते से इजरायल में घुसपैठ की। । हमास के अलावा इन हमलों में दो और आतंकी संगठनों के शामिल होने की खबरें हैं। हमास के साथ इजरायल पर हुए हमलों में सराया अल-कुद्स और अल-कसम ब्रिगेड ने भी इजरायल को निशाना बनाया। अल कुद्स फिलिस्तीन के इस्लामिक जेहाद मूवमेंट की ही एक शाखा है। इन दोनों संगठनों ने हमास के साथ मिलकर इजरायल में खूनी खेल खेला। अल कसम हमास से जुड़ा संगठन है।

विजयाराजे सिंधिया की बेटी और मध्य प्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने अचानक अगला विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा

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सिंधिया राज घराने की राजमाता विजयाराजे सिंधिया की बेटी और मध्य प्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने अचानक अगला विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा करके राजनीति में हलचल मचा दी है।

यशोधरा राजे के इस फैसले ने भाजपा को भी चौंका दिया है। हालांकि, भाजपा नेतृत्व ने अभी तक इस मामले पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन यशोधरा ने शिवपुरी जाकर एक बार फिर अपना संकल्प दोहरा दिया।

यशोधरा के इस निर्णय से ग्वालियर-चम्बल में केवल बीजेपी की ही नहीं जय विलास पैलेस की राजनीति में भी बड़े बदलाव आएंगे। एक तरफ अब राजनीति में सिर्फ ज्योतिरादित्य सिंधिया का एकछत्र राज हो जाएगा, वहीं बीजेपी में सक्रिय उन लोगों का भविष्य धुंधला हो जाएगा, जिनकी अगुवाई यशोधरा राजे करती थीं।

यशोधरा के समर्थकों को संभालना BJP के लिए चुनौती

बीजेपी के लिए चिंता की बात यह है कि राजमाता की राजनीतिक विरासत को बीजेपी के साथ संभालकर कैसे रखा जाए। जो लोग माधवराव सिंधिया के नेतृत्व में भी काम नहीं कर सके और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भी नहीं रहे, वह मूलत: बीजेपी के लोग हैं, लेकिन राजमाता सिंधिया के प्रति उनकी आस्था है, जिसे यशोधरा राजे सिंधिया के साथ जाकर वह पूरा कर रहे थे। अब उनका क्या होगा और वह क्या करेंगे। इस बात की चिंता भारतीय जनता पार्टी को निश्चित तौर पर करनी होगी।

दरअसल, चार दिन पहले शिवपुरी जिले में मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने समर्थकों के बीच जाकर अपने खराब स्वास्थ्य की बात कहकर यह ऐलान कर दिया था कि अबकी बार मैं चुनाव नहीं लड़ रही हूं। यशोधरा राजे के चुनाव नहीं लड़ने की बात पूरे प्रदेश में आग की तरह फैल गई। उसके बाद से मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के बयान लगातार सामने आ रहे हैं कि वह इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रही है। अब इस बयान के अलग-अलग मतलब निकालकर नए-नए कयास भी लगाए जा रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मंत्री यशोधरा ने अपने राजनीतिक करियर से संन्यास ले लिया है तो कोई यह कह रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के आने के कारण वह अपने आपको पार्टी में असहज महसूस कर रही थीं, इस कारण ही उन्होंने यह निर्णय लिया है।

हमास के हमले में अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत, इस्राइल के पलटवार से गाजा में 230 लोगों की मौत

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हमास के चरमपंथियों ने शनिवार को एक प्रमुख यहूदी अवकाश के दौरान इजराइल पर अप्रत्याशित हमला कर दिया, जिसमें 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोगों को बंधक बना लिया गया। जवाबी कार्रवाई में इजराइल ने भी गाजा पट्टी में हवाई हमले शुरू किए। वहीं, इस्राइल की ओर से पलटवार में गाजा पट्टी से करीब 250 मौतों की बातें सामने आ रही हैं।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमास ‘‘ऐसी कीमत चुकाएगा, जिसके बारे में उसने कभी सोचा भी नहीं होगा।”

इस बीच अमेरिका-भारत समेत कई देशों ने इस आतंकी हमले की निंदा की है। इजराइली नागरिकों तथा सैनिकों की हत्या की बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, हमास ने गाजा पट्टी पर एक सीमा बाड़ को विस्फोटकों से उड़ा दिया और उसके बाहर 22 स्थानों में घुसकर हमला किया।

कई स्थानों पर वे घंटों तक घूमते रहे और इजराइली नागरिकों तथा सैनिकों की हत्या की। हमास चरमपंथियों और इजराइली सुरक्षाबलों के बीच मध्यरात्रि के बाद भी खेल जारी रही। चरमपंथियों ने दो कस्बों में लोगों को बंधक बना रखा है, जबकि एक अन्य कस्बे में एक पुलिस थाने पर कब्जा कर लिया है।   इजराइली मीडिया ने बचाव सेवा अधिकारियों के हवाले से बताया कि हमास के हमले में कम से कम 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 1,500 से अधिक अन्य घायल हुए हैं। यह इजराइल में हाल के दशकों में हुए सबसे वीभत्स हमलों में से एक है।

गाजा पट्टी में इजराइल के हमलों में कम से कम 232 लोग मारे गए हैं और 1,700 से अधिक अन्य घायल हो गए हैं। हमास के लड़ाकों ने गाजा में इजराइल के कई नागरिकों और सैनिकों को बंदी बना लिया है। सोशल मीडिया पर इसकी खौफनाक तस्वीरें सामने आई हैं। इस हमले के एक बड़े संघर्ष में तब्दील होने का खतरा पैदा हो गया है।

हमास-इजराइल के बीच पिछले संघर्षों में गाजा में बड़े पैमाने पर लोगों की मौत और विनाश हुआ था। 

इस काले दिन का बदला लेगी इजराइल नेतन्याहू ने शनिवार रात को टेलीविजन पर दिए संबोधन में कहा कि इजराइली सेना हमास की युद्ध क्षमताओं को खत्म करने के लिए हरसंभव उपाय का इस्तेमाल करेगी और ‘‘इस काले दिन का बदला लेगी।

” उन्होंने आगाह किया कि ‘‘इस युद्ध में वक्त लगेगा। यह मुश्किल होगा।” नेतन्याहू ने पहले घोषणा की थी कि इजराइल अभी युद्ध कर रहा है। रात होने के बाद गाजा में इजराइली हमले तेज हो गए।

बड़े-बड़े विस्फोटों के जरिये कई रिहायशी इमारतें ढहा दी गईं। इजराइली सेना ने बताया कि हमास ने 3,500 से अधिक रॉकेट दागे। 

गाजा के राफाह शहर में शनिवार देर रात इजराइल के हवाई हमले में एक मकान ढह गया, जिससे वहां रह रहे एक परिवार के 12 सदस्यों की मौत हो गई। उत्तरी जेबालया शहर में एक अन्य हवाई हमले में एक परिवार के 10 सदस्यों की जान चली गई। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मकानों को क्यों निशाना बनाया गया है। गाजा और इजराइल में लड़ाई के बीच फलस्तीनियों ने शनिवार रात को वेस्ट बैंक के आसपास के शहरों में प्रदर्शन किया।

अफगानिस्तान में भूकंप से तबाही 2000 लोगों की मौत…

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अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में बीते दिन आए भूकंप की वजह से कम से कम 2000 लोगों की मौत का आंकड़ा सामने आया है. ये आंकड़ा तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने दिया है.

देश के सूचना एवं संस्कृति मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल वाहिद रायन ने कहा कि हेरात में भूकंप से मरने वालों की संख्या मूल रूप से बताई गई संख्या से ज्यादा है. उन्होंने तत्काल मदद की अपील करते हुए कहा कि करीब छह गांव तबाह हो गए हैं और सैकड़ों नागरिक मलबे में दब गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के दफ्तर से एक अपडेट में कहा गया है कि 465 घरों के तबाह होने की सूचना है और 135 क्षतिग्रस्त हो गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के दफ्तर ने कहा, भागीदारों और स्थानीय अधिकारियों का अनुमान है कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि ध्वस्त इमारतों के नीचे कुछ लोगों के फंसे होने की खबरों के बीच खोज और बचाव प्रयास जारी हैं.

गौरतलब है कि शनिवार को हेरात प्रांत में भूंकप के चार झटके महसूस किए गए.

‘लोगों की मदद करें सुरक्षा एजेंसी’

तालिबानी सरकार में वित्त मामलों के उप-प्रधानमंत्री अब्दुल गनी बरादर ने घायल और मरने वालों को लेकर शोक जाहिर किया है. तालिबान ने हेरात के भूकंप प्रभावी इलाकों में स्थानीय संगठनों को जल्द से जल्द पहुंचने की गुजारिश की है.

तालिबान ने कहा है कि सहायता संगठन जल्द से जल्द घायलों को अस्पताल लेकर जाएं और उन लोगों के रहने के लिए जगह मुहैया कराएं जो भूकंप की वजह से बेघर हो गए हैं.

तालिबान ने कहा है कि सुरक्षा एजेंसियां मलबे में दबे लोगों को निकालने में मदद करें. लोगों को निकालने में जितनी भी संसाधनों की जरूरत हो उसका इस्तेमाल करें.