Home Blog Page 1199

King Cobra, Phyton जैसे जहरीले सांपों की खेती कर करोड़ों कमाते हैं लोग; जानें क्यों किया जाता है सांप का पालन?

0

Snake Farming: आपने फसलों, फलों और सब्जियों की खेती के बारे में तो जरूर सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सांपों की खेती होती है? जी हां, चीन के एक गांव में सांपों की खेती की जाती है.

इस गांव का नाम जिसिकियाओ है, जहां के लोग सांपों की खेती (snake farming) पर निर्भर हैं. इस अनोखे व्यवसाय से गांव का लगभग हर दूसरा व्यक्ति जुड़ा हुआ है. इस गांव में 30 लाख से अधिक प्रकार के जहरीले सांप देखे जाते हैं, जिसमें से कोबरा, अजगर समेत कई जहरीले सांप शामिल हैं. लेकिन क्यों किया जाता है सांपों की खेती, चलिए पता करते हैं.

जिसिकियाओ सांपों का पालन उनके मांस और शरीर के अन्य अंगों के लिए किया जाता है. बता दें कि चीन के लोग सांप का मांस शौक से खाते हैं और उनके शरीर के अंगों का उपयोग दवाइयों के निर्माण में भी होता है. कुछ सांप फार्म चिकित्सा और वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए जहरीले सांपों का पालन करते हैं. सांप के जहर में बायोएक्टिव गुण होते हैं, जिनका उपयोग एंटीवेनम, फार्मास्यूटिकल्स और अन्य चिकित्सा उपचारों के विकास में किया जा सकता है. कुछ सांप की प्रजातियों (अजगर और बोआ) के खाल का उपयोग चमड़े के उत्पाद, जैसे- बैग, जूते और बेल्ट बनाने के लिए किया जाता है. ऐसी खास वस्तुओं की मांग को पूरा करने के लिए सांप का पालन (Snake Farm) इन प्रजातियों का प्रजनन करते हैं.

सांपों की किस तरह करते हैं कैद?
यहां पर सांपों को लकड़ी और कांच के छोटे-छोटे बक्सों में पाला जाता है. सांपों के बच्चे अंडों से बड़े हो जाते हैं, तो उन्हें प्लास्टिक की थैलियों में रखकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है. जब सांप बड़े हो जाते हैं, तो उन्हें फार्म हाउस से ले जाकर उनका जहर निकाले हैं और फिर उसका सिर काट देते हैं. सांप के मर जाने के बाद उनका मांस निकालकर अलग रख दिया जाता है, जिसका इस्तेमाल दवाओं, चमड़े के प्रोडक्ट्स और मीट के लिए किया जाता है. इन सबके कारण, सांपों के मांस की अच्छी कीमत मिलती है.

व्हाइट हाउस में अब तक गूंज रही पीएम मोदी के दमदार संबोधन की आवाजें, अमेरिका ने बताया-दुनिया का लोकप्रिय नेता

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा को ह्वाइट हाउस अब तक भुला नहीं पा रहा है। पीएम मोदी के दमदार संबोधन की आवाजें अब तक ह्वाइट हाउस की प्राचीरों से टकरा रही हैं। प्रधानमंत्री के प्रभावशाली व्यक्तित्व ने अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय पर अमिटी छाप छोड़ दी है।

इसिलए अब अमेरिका भारत के साथ अपने संबंधों को लगातरा नई ऊंचाई पर पहुंचते देख रहा है। अमेरिका को गर्व हो रहा है कि वह भारत का दोस्त है, जहां के प्रधानमंत्री बेहद प्रभावशाली नरेंद्र मोदी हैं। अमेरिका के एक सांसद ने पीएम मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता कहा है।

मोदी की अमेरिका की ऐतिहासिक आधिकारिक यात्रा के एक महीने बाद प्रतिष्ठित अमेरिकी सांसदों और अमेरिका के राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा कि भारत-अमेरिका संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं। सांसदों और अधिकारियों ने 21 जून को व्हाइट हाउस के लॉन में 8,000 से अधिक भारतीय अमेरिकियों की उपस्थिति और अमेरिकी संसद में प्रधानमंत्री मोदी के प्रभावशाली संबोधन की सराहना की। उन्होंने मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच मुलाकात के बाद जारी संयुक्त बयान में परिलक्षित द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख बिंदुओं पर भी बात की।

प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिकी आलोचक भी हो गए प्रशंसक

सीनेट में बहुमत के नेता चक शूमर ने यहां ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘मैं उन्हें (मोदी को) पसंद करता हूं।’’ शूमर इस वर्ष की शुरुआत में अपनी पहली भारत यात्रा और उसके बाद प्रधानमंत्री के साथ बैठकें करने से पहले तक भारत और मोदी के आलोचक थे। शूमर और कई अन्य सांसद बाइडन द्वारा उनके लिए आयोजित वार्षिक ‘कांग्रेस पिकनिक’ के लिए बुधवार दोपहर व्हाइट हाउस के लॉन में एकत्र हुए। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘पिछले महीने (भारत के प्रधानमंत्री की) यात्रा बेहद सफल और महत्वपूर्ण थी। भारत के साथ संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं और जैसा कि आप जानते हैं, हमने कई प्रमुख लक्ष्यों की घोषणा की है। उनमें से कुछ को लागू किया जा रहा है।

भारत-अमेरिका संबंध पहुंचे नए मुकाम पर

पीएम मोदी द्वारा अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करने की पहल का नेतृत्व करने वाले ‘इंडिया कॉकस’ के सह-अध्यक्ष सांसद रो खन्ना ने कहा कि रक्षा, अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी को मजबूत करना प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का मुख्य बिंदु थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बहुत आशावान हूं और राष्ट्रपति ने वास्तव में इसे अगले स्तर पर ले जाने में मदद की है।’’ सदन में ऑरलैंडो का प्रतिनिधित्व करने वाले और भारत में मानवाधिकारों के मुद्दे को मोदी के साथ उठाने के लिए बाइडन को पत्र लिखने वाले 70 सांसद में शामिल मैक्सवेल एलेजांद्रो फ्रॉस्ट ने कहा कि वह भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बहुत आशावादी हैं।

अमेरिका सांसद ने कहा-पीए मोदी दुनिया के लोकप्रिय नेता

अमेरिका सांसद फ्रॉस्ट ने ‘कहा, ‘‘जब प्रधानमंत्री मोदी आए तो सड़कों पर लोग उन्हें देखने के लिए खड़े थे। जाहिर है कि वह दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं, इसलिए यहां उनका स्वागत करके बहुत अच्छा लगा।’’ पत्र के एक अन्य हस्ताक्षरकर्ता सीनेटर बेन कार्डिन ने कहा कि भारत, अमेरिका का एक महत्वपूर्ण भागीदार है। कार्डिन ने कहा, ‘‘हमने कुछ क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों के साथ-साथ कुछ मानवाधिकार मुद्दों पर हमारी कुछ चिंताओं को लेकर स्पष्ट चर्चा की है। उनके बीच अच्छी बातचीत हुई। भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण भागीदार है।’’ सांसद ब्रैड शर्मन ने कहा कि मोदी का दूसरी बार कांग्रेस को संबोधित करना बहुत अच्छा रहा। 

मणिपुर में दो महिलाओं से दरिंदगी का मुख्य आरोपी अरेस्ट, देश भर में मचा है हंगामा

0

मणिपुर में दो महिलाओं निर्वस्त्र कर परेड कराए जाने के मामले के मुख्य आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया है। इस घटना का वीडियो बुधवार से वायरल हो रहा है, जिस पर देश भर में हंगामा मचा है।

यह मामला 4 मई का है, जिस पर अब तक पुलिस की ओर से ऐक्शन ना लिए जाने पर लोगों का गुस्सा फूटा है। इम्फाल से महज 35 किलोमीटर की दूरी पर नांगपोक थानाक्षेत्र की इस घटना को लेकर राज्य सरकार बुरी तरह घिरी हुई है। राज्य के ही थाउबल इलाके से घटना के मुख्य आरोपी को अरेस्ट किया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद मणिपुर में एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है, जो बीते ढाई महीने से जातीय संघर्ष की आग में जल रहा है।

मैतेई समुदाय के लोगों को एसटी का दर्जा दिए जाने की हाई कोर्ट की सलाह पर यह बवाल 3 मई को शुरू हुआ था। इसके बाद से ही आगजनी और हिंसा का दौर जारी है। अब तक मणिपुर की हिंसा में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि दो महीने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई है।

इस घटना को लेकर 18 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन अब तक कोई ऐक्शन क्यों नहीं हुआ। वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस पर दबाव बना है और अब जाकर मुख्य आरोपी को अरेस्ट किया गया है। वीडियो में सैकड़ों लोगों को महिलाओं को नंगा कर घुमाते देखा जा सकता है, लेकिन अब तक ये लोग पुलिस की पहुंच से दूर हैं। इस बीच विपक्ष ने मणिपुर के मामले को संसद में उठाने की बात कही है। वहीं सरकार का कहना है कि वह चर्चा के लिए तैयार है।

विपक्ष ने मांगा सीएम बीरेन सिंह का इस्तीफा, प्रतिनिधिमंडल की मांग

कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने मणिपुर के सीएम एन. बीरेन सिंह का इस्तीफा मांगा है। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल को भी भेजने की मांग की है। सरकार ने मणिपुर में इंटरनेट पर रोक लगा दी है। इसके अलावा देश भर के लिए एडवाइजरी जारी की है कि मणिपुर की घटना का वीडियो किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर ना किया जाए।

सीएम बघेल का बड़ा एलान- अपने खर्च पर गरीबों के लिए पक्के मकान बनवाएगी राज्य सरकार

0

चुनावी साल में छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने बड़ा दांव चल दिया है. बघेल सरकार ने एलान किया कि केंद्र सरकार के पीएम आवास योजना की जगह अब राज्य की सरकार अपने खर्च में गरीबों के लिए पक्का मकान बनाएगी।

इस योजना का नाम ग्रामीण आवास न्याय योजना रखा गया है. सीएम ने कहा कि आवासहीन परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है. सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 की सर्वे सूची के आधार पर प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास की पात्रता निर्धारित होने से वर्तमान स्थिति में प्रदेश के ज़रूरतमंद परिवारों को आवास स्वीकृति में कठिनाई हो रही है. इसे दूर करने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर पात्र परिवारों के लिए राज्य के संसाधनों से “ग्रामीण आवास न्याय योजना” शुरू करने का एलान किया गया. मानसून सत्र के दूसरे दिन इसकी घोषणा की गई है.

बघेल सरकार के बड़े एलान

  • 37 हजार संविदा कर्मचारियों को सविंदा वेतन में 27 फीसदी की वृद्धि का एलान.
  • बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया.
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की 2 हजार करोड़ रूपए की महत्वपूर्ण घोषणाएं की.
  • ग्रामीण आवास न्याय योजना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया.
  • लगभग 5 लाख शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोत्तरी, इस प्रकार मूल वेतन पर अब तक कुल 42 फीसदी बढ़ोतरी.
  • 4 फीसदी बढ़ोतरी होने से 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार पर पड़ेगा.
  • 37000 संविदा कर्मियों के वेतन में 27 फीसदी वृद्धि, इससे 350 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा.
  • दैनिक वेतन भोगी के वेतन में 4000 रुपए मासिक वृद्धि, इससे 240 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा.
  • 1650 अतिथि शिक्षकों के वेतन में 2 हजार रुपए मासिक की बढ़ोत्तरी, इससे 4 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा.
  • 6000 पटवारियों को 500 रुपए मासिक संसाधन भत्ता, इससे 4 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा.
  • सभी शासकीय सेवकों को 7 वें वेतनमान पर बी श्रेणी शहर के लिए 9 फीसदी एवं सी और अन्य शहरों के लिए 6 फीसदी गृह भाड़ा भत्ता दिया जाएगा.
  • सभी पुलिस आरक्षकों को 8000 रुपए किट वार्षिक भत्ता दिया जाएगा, इसका 40 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा.
  • मितानिन ट्रेनर, ब्लाक कोआर्डिनेटर एवं हेल्प डेस्क आपरेटर को प्रतिदिन दैनिक प्रोत्साहन भत्ता 100 रुपए दिया जाएगा. इससे 11 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा.
  • 10 हजार पंचायत सचिवों को 2500 से 3000 रुपए मासिक दिया जाएगा. इससे 50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा. इसके अतिरिक्त उन्हें अर्जित अवकाश, दस लाख रुपए तक की उपादान राशि और पांच लाख रुपए तक चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति का लाभ भी दिया जाएगा.
  • मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत अधिकतम सहायता राशि की सीमा 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी गई है.

विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ की पहली बैठक कल, मॉनसून सत्र में मोदी सरकार को घेरने पर बनेगी रणनीति

0

विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A की पहली बैठक गुरुवार को होगी. इस बैठक में मॉनसून सत्र में मोदी सरकार को घेरने पर साझा रणनीति बनेगी. सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के चेंबर में होगी.

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और यह 11 अगस्त तक चलेगा. विपक्षी दल के एक नेता ने बताया कि मॉनसून सत्र के पहले दिन से संसद में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई है.

सूत्रों के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि बेंगलुरु में मंगलवार को हुई विपक्षी बैठक में जिस रणनीति पर चर्चा हुई थी, उसे संसद में भी विपक्षी दलों द्वारा अपनाया जाएगा. सूत्रों ने कहा कि सभी पार्टी नेताओं ने सर्वसम्मति से उन मुद्दों पर साथ आने का फैसला किया, जिन्हें वे संसद में सरकार के खिलाफ उठाना चाहते हैं.

गठबंधन को दिया गया नया नाम

इससे पहले 17-18 जुलाई को बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक हुई थी. कांग्रेस की बुलाई इस बैठक में 26 दल के नेता शामिल हुए थे. बैठक में नए गठबंधन का नाम I.N.D.I.A यानी इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस रखा गया है.

बैठक के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गठबंधन को INDIA नाम क्यों दिया गया, इसकी वजह बताई. उन्होंने कहा, ये लड़ाई विपक्ष और बीजेपी के बीच नहीं है. लड़ाई बीजेपी की विचारधारा और उनकी सोच के खिलाफ है. वो देश पर हमला कर रहे हैं. बेरोजगारी फैल रही है. ये लड़ाई देश के लिए है इसलिए इंडियन नेशनल डेवेलपमेंटल इंक्लूसिव एलायंस (INDIA) नाम चुना गया.

‘जीतेगा भारत’ रखी गई टैगलाइन

गठबंधन का नाम ‘INDIA’ रखने के बाद इसकी टैगलाइन Jeetega Bharat (जीतेगा भारत) रखी गई है. इसका लक्ष्य है कि 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराना. बताया जा रहा है कि जीतेगा भारत (भारत जीतेगा) पर अंतिम फैसला कल देर रात विचार-विमर्श के बाद लिया गया. टैगलाइन को कई क्षेत्रीय भाषाओं में दिखाया जाएगा.

‘INDIA’ गठबंधन के पास 150 सीटें

बेंगलुरु में हुई बैठक में जो 26 दल शामिल हुए, उनके पास लोकसभा में NDA की 330 सीटों की तुलना में 150 सीटें हैं. इतना ही नहीं इन दलों की दिल्ली समेत 11 राज्यों में सरकार भी है. इस गठबंधन में कांग्रेस, टीएमसी, शिवसेना (उद्धव गुट), एनसीपी (शरद पवार गुट), सीपीआई, सीपीआईएम, जदयू, डीएमके, आम आदमी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, आरजेडी, समाजवादी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, आरएलडी, सीपीआई (ML), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (M), मनीथानेया मक्कल काची (MMK), एमडीएमके, वीसीके, आरएसपी, केरला कांग्रेस, केएमडीके, एआईएफबी, अपना दल कमेरावादी शामिल हैं.

NDA से मोदी, ‘INDIA’ से कौन… PM उम्मीदवार घोषित करने से क्यों बच रहा विपक्ष?

0

2024 के चुनाव की सियासी पिच तैयार हो चुकी है और टीमें भी. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाला सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) जीत की हैट्रिक लगाने के लिए एकजुट है तो, विपक्ष भी एनडीए का मुकाबला करने के लिए I.N.D.I.A. नाम से नए गठबंधन के साथ तैयार है.

I.N.D.I.A. यानी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस. एनडीए में जहां 38 दल हैं तो वहीं विपक्षी गठबंधन में अभी 26 पार्टियां.

विपक्ष के गठबंधन की तस्वीर साफ हो रही है लेकिन नेतृत्व को लेकर सवाल कायम हैं. एनडीए का चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही होंगे. दूसरी तरफ, बेंगलुरु बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये सवाल पूछा गया कि विपक्षी गठबंधन का चेहरा कौन होगा? गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा? बैठक की अध्यक्षता करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसके जवाब में कहा कि कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाई जाएगी. इसमें 11 सदस्य होंगे. संयोजक और सह संयोजक भी बनाए जाएंगे जो सभी घटक दलों में समन्वय स्थापित करने का काम करेंगे. खड़गे के जवाब को इस बात का संकेत माना जा रहा है कि विपक्ष नरेंद्र मोदी के मुकाबले किसी नेता को आगे कर चुनाव मैदान में उतरने की जगह सामूहिक नेतृत्व के फॉर्मूले पर आगे बढ़ेगा.

प्रेसिडेंशियल स्टाइल बनाम सामूहिक नेतृत्व

साल 1996 के चुनाव से ही बीजेपी प्रधानमंत्री पद के लिए अपना चेहरा आगे कर चुनाव लड़ती रही है. 1998 में एनडीए की स्थापना के बाद भी ये परंपरा कायम है. 1996 से 2004 तक अटल बिहारी वाजपेयी बीजेपी के पीएम उम्मीदवार रहे तो 2009 में एनडीए ने लालकृष्ण आडवाणी पर दांव लगाया. दूसरी तरफ, 2004 के चुनाव में जब यूपीए अस्तित्व में आई थी, तब भी गठबंधन ने वाजपेयी के मुकाबले किसी नेता को आगे नहीं किया था. यूपीए की सरकार बनी और डॉक्टर मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने. 2009 में भी यूपीए ने सत्ता में वापसी की और मनमोहन पीएम बने रहे.

साल 2014 के चुनाव में एनडीए ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया. यूपीए का चेहरा मनमोहन ही थे. एनडीए को जीत मिली. 2019 के चुनाव में भी विपक्ष ने किसी भी नेता को पीएम कैंडिडेट के रूप में प्रोजेक्ट नहीं किया. हालांकि, कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार की बागडोर संभाली और उनको ही पीएम पद के लिए विपक्ष का अघोषित चेहरा माना गया.

बीजेपी को प्रेसिडेंशियल स्टाइल सूट करती है और पार्टी की रणनीति विपक्ष को अपनी इसी पिच पर लाने की है. बीजेपी चाहती है कि विपक्ष चेहरा घोषित कर दे. इससे चुनाव पीएम मोदी और उस नेता के बीच का बन जाएगा. दूसरी तरफ विपक्ष 2024 की लड़ाई को एनडीए बनाम I.N.D.I.A. बनाना चाहता है. विपक्ष की रणनीति चुनावी जंग को एक चेहरे की जगह सामूहिक नेतृत्व के फॉर्मूले से लड़ने की है.

सामूहिक नेतृत्व का फॉर्मूला विपक्ष के लिए क्यों जरूरी

सामूहिक नेतृत्व का फॉर्मूला कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के चुनाव में सफलतापूर्वक आजमाया है जहां कई गुट थे. राजस्थान चुनाव में सचिन पायलट और अशोक गहलोत की रार समाप्त कर चुनाव मैदान में उतरने के लिए भी कांग्रेस ने सामूहिक नेतृत्व का ही फॉर्मूला दिया. गठबंधन में अलग-अलग पृष्ठभूमि की पार्टियां हैं, ऐसे में कांग्रेस ये समझ रही है कि पीएम कैंडिडेट पर आम राय बना पाना कठिन है. मोदी सरनेम केस में सजा के बाद राहुल गांधी लोकसभा चुनाव लड़ पाएंगे? इसे लेकर भी संदेह है. ऐसी स्थिति में पार्टी नहीं चाहती कि साथ आई पार्टियां केवल नेतृत्व के नाम पर छिटक जाएं और दोष उसके मत्थे आए.

परिवारवाद, भ्रष्टाचार बनाम महंगाई, बेरोजगारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष की बैठक से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अंडमान निकोबार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया. पीएम ने विपक्षी दलों पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद को लेकर जमकर हमला बोला. पीएम ने विपक्ष की इस जुटान को मजबूरी बताया. पीएम ने यूपीए सरकार के कार्यकाल का भी जिक्र किया और कहा कि तब सरकार जैसे-तैसे 10 साल चली लेकिन जब फैसले की बात आती थी तब गठबंधन की मजबूरियां गिना दी जाती थीं.

दूसरी तरफ, बेंगलुरु की बैठक के बाद विपक्ष ने भी अपनी लकीर खींच दी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश में इस समय महंगाई चरम पर है. युवाओं के लिए रोजगार बड़ी समस्या है. महंगाई और बेरोजगारी इस समय बड़े मुद्दे हैं. उन्होंने ये भी कहा कि हम सरकार की नाकामियों को उजागर करेंगे. पीएम मोदी के बयान से साफ हो गया है कि बीजेपी भ्रष्टाचार और परिवारवाद के साथ ही यूपीए सरकार की नाकामियों को लेकर जनता के बीच जाएगी. वहीं, विपक्ष महंगाई और बेरोजगारी के साथ ही मोदी सरकार की नाकामियों को लेकर.

परिवार कल्याण बनाम जनहित

पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि इन पार्टियों के लिए अपने परिवार का कल्याण पहले आता है. हमारे लिए देश. बेंगलुरु की बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम के वार पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि हम सत्ता के लिए साथ नहीं आ रहे हैं. सीबीआई, ईडी का दुरुपयोग कर विपक्ष के नेताओं को टारगेट किया जा रहा है. जनता महंगाई, बेरोजगारी से त्रस्त है. हम जनहित के लिए साथ आए हैं.

न्यू इंडिया बनाम इंडिया के आइडिया पर अटैक

साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई थी. इसमें न्यू इंडिया को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया था. 2019 की चुनावी जंग को बीजेपी ने ‘न्यू इंडिया बनाम विपक्ष का मोदी रोको अभियान’ की थीम पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. बीजेपी को इसका लाभ भी हुआ और पार्टी अकेले 303 सीटें जीतने में सफल रही थी. एनडीए ने 350 से अधिक सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की थी. इसबार विपक्ष की रणनीति चुनाव को ‘न्यू इंडिया बनाम इंडिया के आइडिया पर अटैक’ की थीम पर लाने की है.

बेंगलुरु की बैठक के बाद सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने गठबंधन के नए नाम I.N.D.I.A. का ऐलान किया. खड़गे ने समन्वय के लिए कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाने, दिल्ली में गठबंधन का सचिवालय खोलने और अगली बैठक के लिए मुंबई का चयन किए जाने की भी जानकारी दी. अंत में राहुल गांधी बोलने आए. राहुल गांधी ने कहा कि हम यही सोच रहे थे कि हमारी लड़ाई किसके साथ है? बीजेपी इंडिया के आइडिया पर अटैक कर रही है. संविधान पर अटैक कर रही है.

विपक्ष की रणनीति के पीछे क्या

बीजेपी की रणनीति साफ है- चुनाव को पीएम मोदी के चेहरे पर केंद्रित किया जाए. विपक्ष 2019 के चुनाव में इसका नुकसान उठा चुका है. इसबार विपक्ष की रणनीति चुनाव को ‘सेंट्रलाइज’ की जगह ‘लोकलाइज’ करने की है. 2019 में राहुल गांधी ने राफेल का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था. विपक्ष ने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी को निशाने पर रखा था लेकिन जब चुनाव नतीजे आए तो बीजेपी और एनडीए को 2014 से भी अधिक सीटें मिल चुकी थीं. हाल के कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस ने किसी नेता को टारगेट करने की जगह मुद्दों पर फोकस किया और सूबे में पार्टी की सरकार भी बनी. कांग्रेस की रणनीति लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी की पिच पर जाकर दो चेहरों के बीच की लड़ाई बनाने की जगह सत्ता पक्ष को महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर लाने की है.

Monsoon Session 2023: मानसून सत्र से पहले केंद्र ने आज बुलाई सर्वदलीय बैठक, उद्धव ठाकरे की शिवसेना को नहीं मिला न्योता

0

Parliament Monsoon Session 2023: संसद के 20 जुलाई से से शुरू होने जा रहे मानसून सत्र से एक दिन पहले आज यानी 19 जुलाई को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र से संबंधित कई मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए बुलाई गई है।

इस बैठक में मानसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी दलों के साथ चर्चा की जाएगी। इस बीच, विधायक विनायक राउत ने News18 को बताया कि सरकार ने सर्वदलीय बैठक के लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को नहीं बुलाया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना (UBT) सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ इस मुद्दे को उठाएंगे।

संसदीय कार्य मंत्रालय के अनुसार, संसद के मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर दोनों सदनों के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक बुधवार को अपराह्न 3 बजे संसदीय ग्रंथालय भवन में बुलाई गई है। संसद के सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की परंपरा रही है, जिसमें विभिन्न दल अपने मुद्दों को रखते हैं। इस बैठक में सरकार के वरिष्ठ मंत्री शामिल होते हैं। ऐसी कई बैठकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया है।

17 बैठकें प्रस्तावित (Parliament Monsoon Session)

उधर, राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ द्वारा मंगलवार (18 जुलाई) को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक को टाल दिया गया, क्योंकि कई दलों के नेता उपलब्ध नहीं थे। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को होगी, जो 11 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान संसद के दोनों सदनों की कुल 17 बैठकें प्रस्तावित हैं।

सत्र हंगामेदार रहने के आसार (Parliament Monsoon Session)

मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। एक ओर जहां सत्ता पक्ष महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगा। वहीं दूसरी ओर विपक्ष मण‍िपुर हिंसा, रेल सुरक्षा, महंगाई और अडानी मामले पर JPC गठित करने की मांग सहित अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।

21 नए विधेयक होंगे पेश (Parliament Monsoon Session)

लोकसभा सचिवालय के एक बुलेटिन के अनुसार, संसद के मानसूत्र सत्र या 17वीं लोकसभा के 12वें सत्र के दौरान लिए जाने वाले सरकारी कार्यों की संभावित सूची में 21 नए विधेयकों को पेश एवं पारित करने के लिए शामिल किया गया है। इसमें दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार संशोधन विधेयक 2023 भी शामिल है। यह विधेयक संबंधित अध्यादेश का स्थान लेने के लिए पेश किया जाएगा। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध रही है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि सत्र में महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने हैं। ऐसे में सभी दलों को सत्र चलाने में सहयोग करना चाहिए, क्योंकि सरकार नियम एवं प्रक्रिया के तहत किसी भी विषय पर चर्चा कराने से पीछे नहीं हट रही है। वहीं, हाल में कांग्रेस पार्टी की संसदीय रणनीति समूह की बैठक में सत्र के दौरान मण‍िपुर हिंसा, रेल सुरक्षा, संघीय ढांचे पर कथित आक्रमण, GST को PMLA के दायरे में लाने और महंगाई पर चर्चा कराने की मांग पर जोर देने की बात कही गई थी।

Weather Update: महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट, यमुना का पानी Taj Mahal तक पहुंचा

0

Today Weather Update: देश के ज्यादातर राज्यों में मानसून का कहर अभी जारी है। मौसम विभाग (Weather department) का कहना है कि फिलहाल बारिश का यह सिलसिला जारी रहने वाला है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक लगभग सभी राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों के अलावा उत्तर पश्चिम भारत के हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों तक जोरदार बारिश हो सकती है।

पश्चिमी भारत में हो सकती है भारी बारिश

भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) के मुताबिक, अगले पांच दिनों के दौरान मध्य महाराष्ट्र के अलावा गोवा और कोंकण इलाके में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र के विदर्भ, तेलंगाना और ओडिशा में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश देखने को मिल सकता है। यदि हम उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो पूर्वी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, केरल और तटीय कर्नाटक में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

मथुरा और आगरा में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर

अगर हम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) की बात करते हैं, तो आज यहां हल्की बारिश हो सकती है। फिलहाल यहां जलभराव धीरे-धीरे कम हो रहा है। आज यहां का अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिल्ली में तबाही मचाने के बाद यमुना ने मथुरा और आगरा में अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू किया है। मथुरा (Mathura) और आगरा (Agra) में यमुना का जलस्तर (Yamuna’s water level) खतरे का निशान पार कर चुका है। 45 सालों के रिकॉर्ड तोड़ते हुए यमुना का पानी ताजमहल की दीवारों तक पहुंच चुका है।

गुजरात में गिर अभयारण्य भी डूबा

इस समय महाराष्ट्र (Maharashtra) और गुजरात (Gujarat) में भारी बारिश हो रही है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई (Mumbai) के अलावा कोंकण इलाके में आने वाले रायगढ़ जिले में बारिश के कारण सड़कें और हाईवे जलमग्न हो चुके हैं। यहीं हाल इस समय गुजरात के साैराष्ट्र इलाके का है। जोरदार बारिश की वजह से शेरों के लिए मशहूूर गुजरात के गिर अभयारण्य (Gir Sanctuary) में पानी भर चुका है।

हीरा-सोना खोजने के लिए ई टेंडर जारी : छत्तीसगढ़ के किस हिस्से में होनी है तलाश… पढ़िए

0

रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद और कांकेर जिले में सोना और महासमुंद के ही बसना-2 खदान में हीरा मिलना कन्फर्म होने के बाद से शासन ने ई टेंडर जारी कर दिया है। जीएसआई के सर्वे के बाद इन ब्लॉकों में सोने और हीरे के होने की संभावना जताई गई, जिसके बाद ई टेंडर जारी किया गया।

अफसरों का कहना है कि, यह टेंडर केवल पूर्वेक्षण के लिए है और इसके लिए 21 अगस्त तक आवेदन मंगाए गए हैं।

बताया जा रहा है कि, 18 अगस्त तक टेंडर फार्म खरीदे जा सकते हैं। इसके लिए पिछले कई महीनों से सर्वे चल रहा था। इससे पहले भी एक हीरे की खदान और मिली थी, लेकिन वह मामला हाईकोर्ट में चला गया इस वजह से वहां पर खनन का काम शुरू नहीं हो पाया। वहीं गरियाबंद जिले के पायलीखंड के 4600 वर्गकिमी इलाके में हीरा मिलने की पुष्टि हो चुकी है।

लटक गया था मामला

यहां पूर्वेक्षण के लिए मध्यप्रदेश के समय में टेंडर जारी हुआ था। एक कंपनी को इसके लिए लाइसेंस दिया गया और उन्होंने सर्वे भी पूरा कर लिया लेकिन राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ के खनिज विभाग ने उस कंपनी का ठेका रद्द कर दिया था। इसके बाद मामला माइंस ट्रिब्यूनल में गया। जहां सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया गया। तब छत्तीसगढ़ सरकार ने ट्रिब्यूनल के आदेश को हाईकोर्ट में चैलेंज किया। फिलहाल यह मामला हाईकोर्ट में चल रहा है।

इतनी जमीन पर हीरा-सोना मिलने की उम्मीद

वहीं हाल ही में महासमुंद के चनत-जोगीदादर में रकबा के 176 हेक्टेयर की जमीन पर और कांकेर जिले में तुमरीसुर-गरदा 2 में रकबा 240 हेक्टेयर जमीन पर सोने की खदान और वहीं महासमुंद के बसना-2 में रकबा 2500 हेक्टेयर की जमीन पर हीरे के खदान होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

पूर्वेक्षण के बाद होगी माइनिंग

अब इन खदानों के लिए पूर्वेक्षण का टेंडर जारी हुआ है। यानि जिस कंपनी को टेंडर मिलेगा, उसे पूर्वेक्षण का लाइसेंस दिया जाएगा और संबंधित कंपनी ही बताएगी कि खदानों में कितना पोटेंशियल है। इसके बाद माइनिंग लीज के लिए अलग टेंडर होगा और जिस कंपनी को टेंडर मिलेगी, वही खदान में माइनिंग कर सकेगी। पूर्वेक्षण में एक-दो साल भी लगने की संभावना है।

करंट से एक की हुई थी मौत, देखने पहुंचे तो बिछ गईं 15 और लाशें : चमोली हादसे की पूरी कहानी

0

उत्तराखंड के चमोली में बुधवार को भयानक हादसा हुआ। यहां अलकनंदा नदी किनारे नमामि गंगे प्रॉजेक्ट साइट पर करंट लगने से 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 बुरी तरह जख्मी हो गए। मृतकों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल है।

हादसा सुबह करीब 11:30 बजे हुआ। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोक जाहिर करते हुए कहा कि घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले प्रॉजेक्ट साइट के केयरटेकर गनेश लाल की करंट लगने से मौत हो गई। जब स्थानीय लोगों और उसके परिवार को घटना की जानकारी मिली तो सभी घटनास्थल की ओर दौड़े। चौकी प्रभारी भी मौके पर पहुंचा। सभी लोग मृतक के पास पहुंचे। लेकिन यहां फैले करंट की चपेट में आ गए। अलकनंदा नदी से लगे साइड रेलिंग में करंट आने की वजह से यह हादसा हुआ। नमामि गंगे प्रॉजेक्ट के तहत यहां सीवरेज प्लांट का निर्माण चल रहा था।

घटना में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों को बेहतर इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स एयरलिफ्ट किया गया है। चमोली में मौजूद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि अब तक कुल 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 9 जख्मी हैं। घायल लोगों को ऋषिकेश एरलिफ्ट करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। मंत्री ने बताया कि सुबह करीब 11:30 पर सबसे पहले सिक्यॉरिटी गार्ड गणेश लाल की करंट लगने से मौत हुई। गणेश की मौत के बाद वहां पर लोग एकत्रित हो गए और उन्होंने रेलिंग को छूल लिया जिसमें करंट उतरा हुआ था।

इन 16 लोगों की हुई मौत
1- उप निरीक्षक प्रदीप रावत चौकी पीपलकोटी
2- होमगार्ड मुकुंद राम s/o श्यामदास निवासी हरमानी चमोली उम्र 55
3- होमगार्ड गोपाल s/o माधव सिंह निवासी ग्राम रूपा चमोली उम्र 57 वर्ष
4- होमगार्ड सोबत लाल निवासी ग्राम पाडुली
5-सुमित पुत्र स्वर्गीय चंद्र सिंह अस्वाल निवासी ग्राम रांगतोली चमोली उम्र 25 वर्ष
6- सुरेंद्र पुत्र विजय लाल निवासी हरमानी चमोली उम्र उम्र 33
7- देवी लाल पुत्र असील दास निवासी हर्मनी उम्र 45 वर्ष
8- योगेंद्र सिंह पुत्र महिपाल सिंह निवासी हर्मनी
9- सुरेंद्र सिंह रावत पुत्र स्वर्गीय गोपाल सिंह निवासी हर्मनी उम्र 38 वर्ष
10- विपिन पुत्र सोबत निवासी पाटोली गोपेश्वर उम्र 26 वर्ष
11- मनोज कुमार निवासी हर्मनी उम्र 38 वर्ष
12- सुखदेव पुत्र एलम दास ग्राम रंगतोली चमोली उम्र 33 वर्ष
13- प्रमोद कुमार पुत्र सुदामा लाल निवासी हर्मनी
14- दीपू कुमार पुत्र महेंद्र लाल निवासी हर्मनी उम्र 33
15- महेंद्र लाल निवासी हरमनी उम्र 48 वर्ष
16- गणेश पुत्र महेंद्र लाल निवासी हरमनी उम्र 27 वर्ष

इनका चल रहा इलाज
1-महेश कुमार (22) पुत्र रूपदास, खैनुरी
2-नरेंद्र लाल (35) पुत्र असील दास, हरमनी
3-आनंद (42) पुत्र गम्मालाल, पाटुली
4-धीरेंद्र रावत (41) पुत्र राजेंद्र रावत
5-पवन राठौर पुत्र उदय सिंह, चमोली
6-सुशील कुमार (27) पुत्र सुदामा लाल, हरमनी
7-संदीप मेहरा (34) पुत्र सुलोचन,रुद्रप्रयाग
8-सुभाष खत्री पुत्र दौलत
9-राम चंद्र खैनूरी पुत्र पुष्कर लाल, खैनूरी