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तकनीक में ये 5 देश का कोई तोड़ नहीं जाने कहा ठहरता है भारत

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चीन ने टेक्नोलॉजी को लेकर ज्यादा काम तो नहीं किया। लेकिन यहां पर कई एडवांस हथियारों, को बनाया गया है जिनकी सप्लाई अन्य देशों में होती है। हालांकि अगले 10-20 सालों में यहां यह देश और अधिक विकसित हो जाएगा।

इजराइल: इजराइल में प्राइवेट इंडस्ट्री काफी सक्सेसफुल, है। दुनिया के सबसे ज्यादा एडवांस हथियार इजराइल ने ही बनाए हैं। इसके अलावा कृषि के क्षेत्र में भी इस देश ने आधुनिक मशीनों का प्रयोग करना शुरु कर दिया है। यही नहीं पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा पीसी इजराइल में हैं। इसके साथ ही सिलिकॉन चिप और फ्लैश, ड्राइव का आविष्कार यहीं हुआ था।

इंग्लैंड: इंग्लैंड साइंटिफिक, रिसर्च का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां पर कई साइंटिफिक, पेपर्स बनाए गए हैं। इसके अलावा दुनिया के कई जाने-माने सांइटिस्टों, ने यहीं पर जन्म लिया। पिछले दो-तीन सौ सालों से लेकर अभी तक इंग्लैंड ने वैज्ञानिकों ने कई आविष्कार किए हैं। कंज्यूमर लेवल से लेकर मिलिट्री लेवल तक हर क्षेत्र में इंग्लैंड ने काफी तरक्की कर ली है।

कनाडा: कनाडा को टेक्नोलॉजिस्ट्स, का घर कहा जाता है। हेनरी वुडवर्ड जिन्होंने पहले लाइट बल्ब का आविष्कार किया था, वे कनाडियन, ही थे। इसके अलावा हेल्थ इनोवेशन, से लेकर स्पेस टेक्नोलॉजी तक कई क्षेत्रों में कनाडा ने अच्छा काम किया है। हाई स्पीडी ऑप्टिक केबल्स और क्वांटम कंप्यूटिंग पर कनाडा ने महारत हासिल की है।

भारत: तकनीकी रूप से विकसित देशों में भारत का पांचवां स्थान है। हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा आईटी हब है। आईटी और सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में भारत ने काफी तरक्की कर ली है। यहां की संस्कृत भाषा को कंप्यूटर के लिए सबसे आसान भाषा माना जाता है। यही वजह है कि नासा भी अपने कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में संस्कृत को शामिल करने का मन बना रहा है।

मुंबई के एक ही एरिया में रहते हैं ये 5 सितारे, यहां जाकर इनसे मिल सकते हैं आप!

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दोस्तों बॉलीवुड फिल्म जगत के अधिकतर सितारे मुंबई में ही रहते है, बहुत कम सितारे है जो मुंबई से बाहर रहते है।आज आपको फिल्म जगत की कुछ सितारों के घर मुंबई के किस एरिया में है बताने वाले है। यदि आप मुंबई जा रहे हैं तो बांद्रा स्थित कुछ इलाकों के बारे में जान लीजिए क्योंकि बॉलीवुड के मुख्य सितारे इसी इलाके में रहते हैं। ताकि आप आप अपने फेवरेट सितारे से मिलाने का मौका न खो दे!

5) रणबीर कपूर – बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर फिल्म जगत के जाने माने अभिनेताओ में से एक है । उन्होंने अपने हैंडसम लुक और एक्टिंग की मदद से देश की लाखों लड़कियों को अपना दीवाना बना दिया है। रणबीर कपूर मुंबई के बांद्रा वेस्ट में पाली हिल एरिया में रहते हैं। इस एरिया में उन्हें मिलने के लिए उनके फैंस आते ही रहते हैं।

4) शाहरुख खान – बॉलीवुड फिल्म जगत के किंग खान अभिनेता शाहरुख खान के अरबों रुपए का घर बांद्रा स्थित इलाके में है इस इलाके का नाम बांद्रा वेस्ट है। किंग खाने के घर को मन्नत के नाम से भी जानते हैं।

3) रेखा – अपने ज़माने की पोपुलर 65 वर्षीय खूबसूरत एक्ट्रेस रेखा को भला कौन नहीं जानता होगा। यह शाहरुख खान के घर के नजदीक रहती है। इसका भी घर उसी रोड पर है जहां शाहरुख खान का घर स्थित है।

2) दीपिका पादुकोण – बॉलीवुड फिल्म जगत की खुबसूरत और सबसे महंगी अभिनेत्रियो में से एक दीपिका पादुकोण बॉलीवुड की पोपुलर एक्ट्रेस है। दीपिका पादुकोण भी बांद्रा वेस्ट के पाली हिल एरिया में रहती है। मुंबई का पोश एरिया कहा जाता है, यहां मुंबई के बड़े अमीर घरानों के लोग रहते हैं।

1) सलमान खान – बॉलीवुड के दबंग अभिनेता सलमान खान के चाहने वाले लाखो करोड़ो है। इसके घर का पता जानना हर कोई चाहता है। तो बता दें सलमान खान बांद्रा के सबसे लोकप्रिय ठिकाने में रहते हैं। सलमान खान के घर का नाम गैलेक्सी अपार्टमेंट है।

10 तस्वीरें जो अपने पीछे लाखों सवाल छोड़ जाती हैं, देखकर नहीं होगा यकीन

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आज हम आपके लिए 10 ऐसी तस्वीरें लेकर आए हैं, जिन्हें देखकर आप हैरान रह जाएंगे। यह तस्वीरें कुछ ऐसी जिन्हें देखकर आपको यकीन नहीं होगा कि ऐसा भी कुछ हो सकता है। यह तस्वीरें अपने पीछे लाखों सवाल भी छोड़ जाएंगी जिनका उत्तर शायद ही किसी के पास हो।

1. कंक्रीट के अंदर दबा हुआ एक पुराना फोन जो अभी भी एकदम वैसी ही अवस्था में था जैसे यह पहले था।

2. एक पेड़ जिसे बीच से काटा गया तो उसके अंदर एक सुंदर सी कलाकृति देखने को मिली।

3. कई दिनों बाद एक कार का हुड खोला गया तो देखा गया कि उसके अंदर बहुत सारी चीजें थी जो गिलहरियां लेकर आई थी यह गिलहरियों के छूटने का स्थान भी था।

4. फ्रांस में रोमन छत की टाइलों के ऊपर आप बिल्लियों के पैरों के निशान देख सकते हैं, आज के समय में से लेकर पुराने समय में भी बिल्लियां लोगों को कुछ इसी तरह परेशान करती थी।

5. यह एक रोड के ऊपर की परत है जो बताती है कि सड़क को कितने बार बनाया गया है।

6. इनकी शादी की अंगूठी हो गई थी जो इन्होंने 50 साल बाद इसे पाया और वह एकदम वैसी ही थी।

7. एक विशालकाय पेड़ जो पानी के बहाव के साथ रहकर किनारे पर आ गया था।

8. एक पेड़ जिसे बीच से कांटा गया तो उसके अंदर एक सुंदर कलाकृति मिली है, ना यह हैरानी की बात।

9. समुद्र की लहरों के साथ यह बल्ब किनारे पर आ गया था जब इसे देखा गया तो इसके ऊपर कई सारे समुद्री जीव और पौधे मिले।

10. इंडोनेशिया में एक छिपकली मिली जो कि छोटे ड्रैगन की तरह लग रही थी।

आउटगोइंग कॉल्स के लिए चार्ज नहीं लेगी वोडाफोन-आइडिया

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रिलायंस जियो की ओर से दूसरी कंपनियों के नेटवर्क पर आउटगोइंग कॉल के बदले ग्राहकों पर चार्ज लगाने के बीच देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन -आइडिया ने कहा है कि वह अपने ग्राहकों से आउटगोइंग कॉल के लिए किसी भी तरह का चार्ज नहीं लेगी।

वोडाफोन-आइडिया ने ट्वीट कर कहा है कि वह अपने ग्राहकों से किसी भी प्रकार का आउटगोइंग कॉल शुल्क नहीं लेगी। कंपनी का कहना है कि फ्री मतलब फ्री है और उसके ग्राहक अनलिमिटेड प्लान्स में अनलिमिटेड कॉल्स का लुत्फ उठाते रहेंगे। रिलायंस जियो ने दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने पर 6 पैसे प्रति मिनट का चार्ज लगा दिया है। जियो का कहना है कि दूसरी कंपनियों को कॉल करने पर उसे इंटरकनेक्शन यूसेज चार्ज (आईयूसी) देना पड़ता है। इस मद में वह अब तक 13 हजार करोड़ रुपए का भुगतान कर चुका है।

आईयूसी की मौजूदा दर 2017 से लागू है : जब कोई ग्राहक एक कंपनी से दूसरी कंपनी के ग्राहक को कॉल करता है तो कॉल करने वाली कंपनी को कॉल रिसीव करने वाली कंपनी को इंटरकनेक्शन यूसेज चार्ज यानी आईयूसी का भुगतान करना पड़ता है। वर्तमान में इसके लिए कंपनियों को 6 पैसे प्रति मिनट का भुगतान करना पड़ता है। मौजूदा दर 1 अक्टूबर 2017 से लागू है।

केजरीवाल का बड़ा ऐलान, ऑड-ईवन में CNG गाड़ियों को राहत नहीं, महिलाओं को छूट

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑड-ईवन स्कीम से जुड़े कई बड़े ऐलान किए हैं. राष्ट्रीय राजधानी में 4 नवंबर से शुरू होकर 15 नवंबर तक ऑड-ईवन स्कीम लागू रहेगी. शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस संबोधित करते हुए दिल्ली सीएम ने घोषणा की कि इस योजना के तहत सीएनजी गाड़ियों को राहत नहीं दी जाएगी.

महिलाओं को छूट
वहीं महिलाओं को इससे छूट रहेगी. यह योजना सुबह 8 बजे से शुरू हो कर रात 8 बजे तक चलेगी. दिल्ली सीएम ने बताया कि जिस गाड़ी को महिला ड्राइव कर रही होगी या उसमें महिला बैठी होगी उसे छूट होगी. इसके अलावा गाड़ी में अगर 12 साल तक का बच्चा है उसे भी इस योजना के तहत छूट दी जाएगी.

टू-व्हीलर पर अभी तक फैसला नहीं वायु प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए सराकर ने यह कदम उठाया है. इससे पहले लागू हुए ऑड-ईवन स्कीम में सीएनजी गाड़ियों पर छूट थी लेकिन इस बार इसे खत्म कर दिया गया है. टू-व्हीलर पर यह स्कीम लागू होगी या नहीं इसपर अभी फैसला नहीं हुआ है. फिलहाल सीएम केजरीवाल ने फाइन से जुड़ा भी कोई ऐलान नहीं किया है.

पिक ऑवर में मिल सकती है टू व्हीलर पर छूट
दरअसल, सरकार टू व्हीलर पर भी इस योजना को लागू करना चाहती है. लेकिन अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं हो पाया है. दिल्ली सीएम ने इस मामले को लेकर सुझाव मांगे थे. समिति ने अपने सुझाव में कहा है कि बाइक को इस योजना में पूरी तरह से शामिल करना संभव नहीं है. पिक ऑवर में छूट देनी पड़ेगी. अब सरकार क्या कदम उठाती है, यह देखने वाली बात है. हालांकि पिछली बार जब यह स्कीम लागू हुई थी तो बाइक को छूट थी.

KBC 11: खेल से जुड़े इस सवाल पर इन खिलाड़ियों ने मांगी लाइफलाइन, फिर जीते 25 लाख

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 सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले शो कौन बनेगा करोड़पति का ‘कर्मवीर स्पेशल एपिसोड’ बहुत खास रहा। इस स्पेशल एपिसोड में पैरालंपिक खिलाड़ी दीपा मलिक और मानसी जोशी पहुंचीं। कौन बनेगा करोड़पति के इस स्पेशल एपिसोड में पहुंचीं इन खिलाड़ियों ने अपने सफर के बारे में बताया। दीपा मलिक एक पैरा एथलीट हैं जबकि मानसी जोशी पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। दीपा मलिक को हाल ही में खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।मानसी जोशी
केबीसी में पहुंचीं थी मानसी और दीपा

शो के दौरान उन्होंने होस्ट अमिताभ बच्चन से बातचीत करते हुए अपने सफर के बारे में बताया। 2019 में मानसी ने पैरा-बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में वूमन्स सिंगल्स में गोल्ड जीता था। साल 2011 में मानसी के साथ एक दर्दनाक हादसा हुआ था, जब एक सड़क हादसे में उन्होंने अपनी पैर खो दिए थे। लेकिन इसके बावजूद मानसी ने हार नहीं मानी और यही वजह है कि हर कोई आज उनके इस जज्बे को सलाम करता है। मानसी केबीसी में पैरालंपिक मेडलिस्ट दीपा मलिक के साथ पहुंची थीं।

क्रिकेट
क्रिकेट से जुड़े इस सवाल पर अटकीं

शो के दौरान इनसे जो सवाल पूछे गए, उनमें से एक था- राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित होने वाले पहले पैरालंपिक एथलीट कौन हैं। इसका जवाब था- देवेंद्र झाझड़िया। इसके बाद अगला सवाल था- तैराकी में सबसे तेज स्ट्रोक कौन सा है? जिसका सही जवाब था- फ्री स्टाइल। इसके अलावा एक सवाल पूछा गया- मानव शरीर की सबसे लंबी मांसपेशी सारटोरियस कहां स्थित होती है? जिसका सही जवाब था- जांघ। हालांकि, क्रिकेट से जुड़े एक सवाल का जवाब दीपा और मानसी को मालूम नहीं था।

कर्मवीर स्पेशल एपिसोड
दोनों खिलाड़ियों ने जीते 25 लाख

इस सवाल का जवाब देने के लिए उन्होंने लाइफलाइन आस्क द एक्सपर्ट की मदद ली और 25 लाख रु जीतने में कामयाब रहीं। इसी के साथ हूटर बज गया और यहीं पर कर्मवीर स्पेशल एपिसोड समाप्त हो गया। कर्मवीर स्पेशल एपिसोड में पहुंचीं इन खिलाड़ियों ने बिग बी को उनको जन्मदिन के मौके पर बधाई दी। बिग बी के जन्मदिन के मौके पर दीपा ने सरप्राइज के तौर पर उनको एक वीडियो दिखाया। इस वीडियो को देखकर बिग बी काफी भावुक हो गए।

आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार, प्याज 60 रुपए किलो तो टमाटर 80 के पार

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मोदी राज में आर्थिक मंदी के बाद महंगाई ने भी पैर पसारना शुरू कर दिया है। महंगाई से लोग त्रस्त हैं। राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में प्याज पहले से ही रुला रहा था, वहीं अब टमाटर भी लाल हो रहा है। जो टमाटर कुछ दिनों पहले 30 से 40 रुपए किलो बिक रहा था, उसके दाम अब 80 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं, प्याज की कीमत कई महीनों से 60 रुपए किलो के आसपास ही बनी हुई है। ऐसे में लोग कम में काम चलाने को मजबूर हो रहे हैं।

प्याज मंडी के अंदर प्याज का दाम 30 से 40 रुपए किलो तक पहुंच गया है। जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। आजादपुर मंडी में थोक भाव में प्याज 30 से 40 रूपए किलो बिक रहा है। वहीं आम खुदरा बाजार में ये रेट 50 से 60 रुपए किलो तक पहुंच गया है। प्याज की आवक में भी भारी कमी आई है और कई जगहों पर भारी बारिश होने के कारण प्याज की नई फसल बर्बाद हो गई है। यही वजह है कि प्याज के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आमल यह है कि जो एक किलो प्याज खरीदते थे वो अब 250 ग्राम से ही काम चला रहे हैं।

वहीं, बात करें टमाटर की तो यह प्याज को पीछे छोड़ चुका है। मंडी में ही टमाटर की कीमत 50 के पार चला गया है। दिल्ली की मंडियों में टमाटर 50 से 55 रुपए किलो मिल रहा है। यही टमाटर लोगों के घर पहुंचते-पहुंचते 70 से 80 तक हो जाता है। जानकारों का कहना है कि बारिश की वजह से टमाटर और प्याज की फसलें काफी बर्बाद हो गई हैं। आने वाले दिनों में भी प्याज और टमाटर के दाम में कमी की उम्मीद कम ही है। ऐसे में आगे भी महंगे प्याज और टमाटर खरीदने के लिए तैयार रहिए।

देश और अर्थव्‍यवस्‍था के प्रति गंभीर नहीं हैं पीएम मोदी-वित्‍त मंत्री, सरकार के पास राजस्व की भारी कमी : कांग्रेस

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देश में बिगड़ी अर्थव्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि आर्थिक मंदी के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है।

उन्होंने आगे कहा, “मोदी सरकार को पता ही नहीं है कि अर्थव्यवस्था को कैसे चलाना है। सरकार की गलती की वजह से ही आज भारतीय अर्थव्यस्था का ये हाल हुआ है।” उन्होंने आगे कहा, “पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश और अर्थव्यवस्था के प्रति गंभीर नहीं हैं। सत्‍ता में आने के बाद सरकार के पिछले चार महीनों के कार्यकाल को देखने के बाद यही लगता है कि पीएम और वित्त मंत्री देश और अर्थव्यवस्था के प्रति गंभीर नहीं है। देश में 35 लाख नौकरियां केवल ऑटोमोबाइल सेक्टर में खत्म हुई हैं।”

आनंद शर्मा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का आज जो हाल है वैसा आजादी के बाद पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि पिछले 7 साल में सबसे बड़ी गिरावट हमारे निर्माण क्षेत्र में आयी है। गंभीर चिंता इस बात को लेकर है कि निवेश टूट रहा है। पूंजीगत वस्तुओं में 21% गिरावट आयी है।

उन्होंने आगे कहा, “टेक्सटाइल सेक्टर में मिल बंद हो रही है। हथकरघा का जाना-माना पानीपत केंद्र लगभग बंद हो गया है, चमड़ा उद्योग संकट में है। सरकार के पास राजस्व की भारी कमी है। सितंबर के आंकड़ों के अनुसार सरकार ने लगभग 24 लाख करोड़ रुपए का बजट अनुमान रखा था, जो 18% से ऊपर है। ये पहले 5 महीने में 7% भी नहीं हुआ। भारत की सरकार का जीएसटी रिफंड, एक्सपोर्ट रिफंड और पीएसयू के बिना भुगतान वाले बिल का आंकड़ा लगभग ₹10 लाख करोड़ है। अगर इसको जोड़ लिया जाए तो, राजकोषीय घाटा 3.3% न होकर 8% से ऊपर होगा।”

इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार द्वारा विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ये सरकार बदले की भावन से काम कर रही है और विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बना रही है। जो भी दलें उनका विरोध कर रही है उन पर दबाव बनाने के लिए विपक्षी दलों पर कार्रवाई की जा रही है।” उन्होंने कहा कि टीएमसी, टीडीपी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं जो उनका विरोध कर रहे हैं इसलिए, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

महाबलीपुरम शी जिनपिंग: जानिए कृष्‍णा की बटर बॉल कैसे पहुंच गयी महाबलीपुरम

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 तमिलनाडु के समुद्र तट पर बसे महाबलीपुरम ऐतिहासिक स्‍थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। इस अवसर पर नरेन्‍द्र मोदी ने शी जिनपिंग को महाबलीपुरम स्थित कृष्णा बटरबॉल के समाने खड़े होकर फोटो करवायी। दोनों नेताओं की एक तस्‍वीर अब सोशल मीडिया में लोगों के कौतूहल का विषय बन गई है। इस तस्‍वीर में पीएम मोदी और शी चिनफिंग के पीछे एक बड़ा सा पत्‍थर दिखाई दिखाई दे रहा है जो बेहद खतरनाक तरीके से आगे की ओर काफी झुका हुआ है। यह विशालकाय ग्रेनाइड पत्थर है जो कि क़ष्‍णा बटर बॉल के नाम से बेहद प्रसिद्ध है। आपको यह कौतूहल नहीं हो रहा कि मथुरा में जन्‍में भगवान कृष्‍ण के मक्खन की बॉल कैसे यहां पहुंची और महाबलीपुरम का कृष्‍णा से क्या कनेक्शन हैं? आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक कृष्‍णा बटर बॉल से जुड़ी हुई ऐसी कई रोचक जानकारियां।

250 टन की हैं ‘कृष्णा बटर बॉल’

महाबलीपुरम में स्थित विशालकाय ग्रेनाइड पत्थर है जिसे ‘कृष्णा बटर बॉल’कहते हैं। कृष्‍णा बटर बॉल या वानिराई काल (आकाश के भगवान का पत्‍थर) एक पहाड़ी के ऊपर स्थित है। इस ‘कृष्‍णा बटर बॉल’ की ऊंचाई 20 फीट है और यह 5 मीटर चौड़ी है। चट्टान का आधार 4 फीट से भी कम है, जबकि यह एकदम पहाड़ी की ढलान पर स्थित है। पत्थर का वजन करीब 250 टन है। यह चट्टान चार फीट से भी कम पहाड़ी के ढलान पर स्थित है। कृष्‍णा बॉल को देखकर ऐसा लगता है कि यह कभी भी गिर सकता है लेकिन इस पत्‍थर को हटाने के लिए पिछले 1300 साल में कई प्रयास किए गए लेकिन सभी विफल रहे। इसी वजह से रिस्‍क उठाने वाले लोग ही इस पत्‍थर के नीचे बैठते हैं। यह पत्‍थर करीब 45 डिग्री के स्‍लोप पर है।

स्वर्ग से आयी हैं यह कृष्‍णा की बटर बॉल

कहा जाता है कि यह पत्थर सीधे स्वर्ग से गिरकर यहां आया है। ऐसा कहा जाता है कि यह कृष्ण के मक्खन का टुकड़ा है, जो खाते वक्त स्वर्ग से गिर गया था। इसी वजह से इस पत्थर को भगवान का पत्थर भी कहते हैं। हालांकि ये कल्पित कथाएं हैं। इस विशालकाय पत्थर को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक महाबलीपुरम आते हैं। हिंदू धर्मावलंबियों का मानना है कि भगवान कृष्‍ण अकसर अपनी मां के मटके से माखन चुरा लेते थे और यह प्राकृतिक पत्‍थर दरअसल, श्रीकृष्‍ण द्वारा चुराए गए मक्‍खन का ढेर है जो सूख गया है। बता दें कि महाबलीपुरम एक ऐतिहासिक शहर है जिसे ममल्लापुरम भी कहा जाता है। बंगाल की खाड़ी के किनारे बसा ये शहर 7वीं और 8वीं शताब्दी में बने अपने भव्य मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।

प्राकृतिक आपदाएं भी हिला न सकी
प्राकृतिक आपदाएं भी हिला न सकी

पहली बार सन 630 से 668 के बीच दक्षिण भारत पर शासन करने वाले पल्‍लव शासक नरसिंह वर्मन ने इसे हटवाने का प्रयास किया। उनका मानना था कि यह पत्‍थर स्‍वर्ग से गिरा है, इसलिए मूर्तिकार इसे छू न सकें। पल्‍लव शासक का यह प्रयास विफल रहा। 250 टन वजनी पत्‍थर ‘कृष्‍णा बटर बॉल’ को पिछले करीब 1300 सौ वर्षों से भूकंप, सुनामी, चक्रवात समेत कई प्राकृतिक आपदाओं के बाद भी अपने स्‍थान पर बना हुआ है। यही नहीं इस पत्‍थर को हटाने के लिए कई बार मानवीय प्रयास किए गए लेकिन सभी विफल रहे। दुनियाभर से महाबलीपुरम पहुंचने वाले लोगों के लिए प्राकृतिक पत्‍थर से बना कृष्‍णा बटर बॉल को देखकर अचंभित हो जाते हैं।

सात हाथी मिलकर भी नहीं हटा सके यह पत्‍थर

वर्ष 1908 में ब्रिटिश शासन के दौरान मद्रास के गवर्नर आर्थर लावले ने इसे हटाने का प्रयास शुरू किया। लावले को डर था कि अगर यह विशालकाय पत्‍थर लुढ़कते हुए कस्‍बे तक पहुंच गया तो कई लोगों की जान जा सकती है। इससे निपटने के लिए गवर्नर लावले ने सात हाथियों की मदद से इसे हटाने का प्रयास शुरू किया लेकिन कड़ी मशक्‍कत के बाद भी यह पत्‍थर टस से मस नहीं हुआ। आखिरकार गवर्नर लावले को अपनी हार माननी पड़ी। अब यह पत्‍थर स्‍थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।

कृष्‍णा की बटर बॉल पर गुरुत्‍वाकर्षण भी बेअसर

इस पत्‍थर पर गुरुत्‍वाकर्षण का भी कोई असर नहीं है। उधर, स्‍थानीय लोगों का मानना है कि या तो ईश्‍वर ने इस पत्‍थर को महाबलीपुरम में रखा था जो यह साबित करना चाहते थे कि वह कितने शक्तिशाली हैं या फिर स्‍वर्ग से इस पत्‍थर को लाया गया था। वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि यह चट्टान अपने प्राकृतिक स्‍वरूप में है। भूवैज्ञानिकों का मानना है कि धरती में आए प्राकृतिक बदलाव की वजह से इस तरह के असामान्‍य आकार के पत्‍थर का जन्‍म हुआ है।
वर्तमान समय में विज्ञान के इतना प्रगति करने के बाद भी अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि 4 फीट के बेस पर यह 250 टन का पत्‍थर कैसे टिका हुआ है। कुछ लोगों का यह दावा है कि पत्‍थर के न लुढ़कने की वजह घर्षण और गुरुत्‍वाकर्षण है। उनका कहना है कि घर्षण जहां इस पत्‍थर को नीचे फिसलने से रोक रहा है, वहीं गुरुत्‍कार्षण का केंद्र इस पत्‍थर को 4 फीट के बेस पर टिके रहने में मदद कर रहा है। इतिहास को पसंद करने वाले चीनी राष्‍ट्रपति को पीएम मोदी ने कृष्‍णा बटर बॉल दिखाकर दोनों देशों के बीच रिश्‍ते में इस विशालकाय पत्‍थर की तरह मजबूती लाने की भरपूर कोशिश की।

प्याज पर महिलाओं के बीच हुआ खूनी संघर्ष, पांच को ले जाना पड़ा अस्पताल

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 प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी ने उत्तर प्रदेश के एक गांव में एक हिंसक झड़प को जन्म दे दिया। दरअसल, एक स्थानीय महिला प्याज खरीदने को लेकर विक्रते से मोल-भाव कर रही थी तभी वहां खड़ी एक महिला के कटाक्ष से दोनों में झगड़ा शुरू हो गया, विवाद इतना बढ़ा की देखते ही देखते यह हिंसक झड़प में परिवर्तित हो गया। इसमें और महिलों के शामिल होने से झड़प में घायल पांच महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मामला बुधवार का है, जब नेहा कलाखोरी गांव में प्याज के दाम को लेकर दुकानदार से बहस कर रही थी। उसी समय उसकी पड़ोसन दीप्ति में उसपर आर्थिक असमर्थता को लेकर कटाक्ष करते हुए दुकानदार के कहा कि, वह नेहा से बहस ना करे क्योंकि वह प्याज नहीं खरीद सकती इसमें दुकानदार का ही समय बर्बाद होगा। इतना सुनते ही नेहा ने दीप्ति को गलियां दी और वहां परिवार की अन्य महिलाएं भी इकट्ठा हो गईं। दूसरी महिलाओं के बहस में शामिल होने से लाड़ाई हिंसक हो गई और नेहा-दीप्ति के परिवार की तीन-तीन महिलाएं घायल हो गईं।

मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों को अदालत में पेश किया। इस विवाद को लेकर 6 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को कोर्ट ने जमानत पर छोड़ दिया। बता दें, भारतीय भोजन में प्याज का अहम स्थान है और कई लोग प्याज की कीमतें बढ़ने से उसे खरीदने में असमर्थ हैं। हाल ही में बढ़ी प्याज की कीमत से लोग काफी परेशान हैं।

37% बढ़े प्याज के दाम

नवरात्र के बाद एक बार फिर प्याज के दामों में उछाल आया है इस समय रिटेल बाजार में प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं। किसानों के प्रदर्शन की वहज से भी इसपर असर पड़ा है, बाजार में इस समय प्याज 60 से 70 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। वहीं, टमाटर की कीमत से भी जनता परेशान है। रिटेल बाजार में टमाटर प्याज से भी महंगा मिल रहा है, टमाटर के लिए लोगों को 70 से 80 रुपये खर्च करना पड़ रहा है।