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अमेरिका में होगा शटडाउन, व्हाइट हाउस ने कर दिया ऐलान, सीनेट में नहीं पास हो सका फंडिंग बिल

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अमेरिका में मंगलवार देर रात बड़ा संकट खड़ा हो गया. सरकारी खर्चा चलाने के लिए जरूरी फंडिंग बिल सीनेट में पास नहीं हो पाया. नतीजा यह हुआ कि आधी रात से ही अमेरिकी सरकार के कई दफ्तरों में कामकाज रुक जाएगा, यानी स्थानीय समय के मुताबिक 12 बजे (सुबह 9:30 भारतीय समय) के बाद वहां शटडाउन शुरू हो गया. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनेट में यह बिल पास करने के लिए 60 वोट चाहिए थे, लेकिन सिर्फ 55 वोट ही मिल पाए और यह प्रस्ताव गिर गया. रिपब्लिकन लीडर जॉन थ्यून ने इस पर नाराजगी जताई, लेकिन उम्मीद भी जताई कि जल्द ही कोई समझौता हो सकता है. उन्होंने कहा – ‘डेमोक्रेट्स ने आज रात सरकार बंद की है, लेकिन हम इसे कल दोबारा खोल सकते हैं.’

रिपब्लिकन पार्टी का कहना है कि यह एक ‘साफ-सुथरा फंडिंग बिल’ था, जिसे डेमोक्रेट्स ने राजनीति के चलते पास नहीं होने दिया. दूसरी तरफ, डेमोक्रेट्स की मांग थी कि इस बिल में हेल्थकेयर सब्सिडी का विस्तार और घरेलू योजनाओं में हुई कटौतियों को वापस लिया जाए. गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, इस वोट के बाद व्हाइट हाउस बजट ऑफिस ने मेमो जारी कर कहा कि अब सभी सरकारी एजेंसियां अपने-अपने ‘शटडाउन प्लान’ लागू करें. साथ ही इसके लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया. इस नोटिस पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के बजट डायरेक्टर रसेल वॉट ने हस्ताक्षर किए.

क्या होता है अमेरिकी शटडाउन?

अमेरिका में, गवर्नमेंट शटडाउन तब होता है जब अमेरिकी संसद 30 सितंबर तक सरकार को चलाने के लिए पैसा मंज़ूर नहीं कर पाती है. अमेरिकी संविधान के अनुसार, सरकारी विभागों और कार्यक्रमों को चलाने के लिए संसद को हर साल पैसे देने वाले बिल पास करने होते हैं. बिल पास न होने पर सरकार के पास खर्च करने के लिए कानूनी अधिकार नहीं रहता. इसका असर यह होगा कि हजारों फेडरल कर्मचारी बिना वेतन छुट्टी पर भेजे जाएंगे और कई कर्मचारियों को बिना सैलरी काम करना पड़ेगा. रक्षा मंत्रालय ने साफ कहा है कि सैन्य अधिकारी और रिजर्व फोर्स काम पर आते रहेंगे, लेकिन उन्हें अभी भुगतान नहीं मिलेगा.
डेमोक्रेट नेता चक शूमर ने रिपब्लिकन पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा- ‘उन्होंने अमेरिका को शटडाउन में धकेल दिया है. लाखों अमेरिकी परिवार अब बैठकर सोचेंगे कि बिल कैसे भरें.’ उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में जनता रिपब्लिकन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराएगी. इस शटडाउन से रोजमर्रा की कई सरकारी सेवाएं प्रभावित होंगी. फूड सेफ्टी जांच, एयर ट्रैवल कंट्रोल, संघीय अदालतें और दूसरी अहम सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. सीएनएन की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका में 1980 से अब तक 14 बार शटडाउन हो चुका है. सबसे लंबा शटडाउन 2018-19 में ट्रंप के कार्यकाल में हुआ था, जो 35 दिन तक चला था.

मल्लिकार्जुन खरगे की तबियत बिगड़ी, आधी रात ले जाए गए अस्पताल

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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को मंगलवार देर रात बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. खरगे को सांस लेने में हल्की दिक्कत महसूस होने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर अस्पताल ले जाया गया.

सूत्रों के मुताबिक, खरगे की हालत स्थिर है और डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है. अस्पताल प्रशासन की ओर से जल्द ही उनकी सेहत को लेकर विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी किया जा सकता है.

खरगे के दफ्तर ने जारी किया बयान

82 वर्षीय खरगे हाल के दिनों में लगातार राजनीतिक कार्यक्रमों और बैठकों में व्यस्त रहे थे. कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने खड़गे के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है.
खरगे के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘चिंता की कोई बात नहीं है. वे बेंगलुरु स्थित अपने आवास पर थोड़ी सांस फूलने की शिकायत के बाद अस्पताल गए थे. डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में कहा है कि कुछ भी गंभीर नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें चेक-अप के लिए अस्पताल में रखा गया है. डॉक्टरों की जांच पूरी होने के बाद हम स्थिति पर ट्वीट करेंगे.’
खरगे भारत के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं और कांग्रेस पार्टी के एक प्रमुख स्तंभ रहे हैं. उन्होंने अक्टूबर 2022 में सोनिया गांधी के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया. तब से, उन्होंने कई महत्वपूर्ण चुनावों में पार्टी का मार्गदर्शन किया है और इसकी राष्ट्रीय रणनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
1942 में जन्मे खरगे का राजनीतिक सफर दशकों लंबा है. इस दौरान उन्होंने सांसद, केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया है. उनके करियर की पहचान एक ज़मीनी नेता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा है, जिसमें मज़बूत संगठनात्मक कौशल भी शामिल है. पार्टी अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने कांग्रेस को उसके सबसे चुनौतीपूर्ण राजनीतिक दौर से उबारने का भार उठाया है.

दुबई पुलिस में दर्ज होगा ट्रॉफी चोरी का केस, मोहसिन नकवी को जाना पड़ सकता है जेल, BCCI ने दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

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भारत ने मैदान में पसीना बहाकर एशिया कप 2025 जीता, लेकिन ट्रॉफी पर कब्ज़ा जमा बैठे हैं मोहसिन नकवी! एशियन क्रिकेट काउंसिल के चीफ पर सनसनीखेज़ आरोप है कि उन्होंने विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपने की बजाय उसे होटल ले जाकर ‘हथिया’ लिया. यह हरकत ना सिर्फ खेल भावना के खिलाफ है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट की साख पर भी सवाल खड़े कर रही है.

बीसीसीआई इस बेशर्मी से तिलमिलाई हुई है और अब दुबई पुलिस में चोरी का मामला दर्ज करवाने पर गंभीरता से विचार कर रही है. सवाल अब ये खड़ा होता है कि क्या एशिया कप की ट्रॉफी अब खेल का सम्मान है या सियासी मोहरा बन चुका है जहां व्यक्तिगत अहम् एक दूसरे पर भारी पड़ रहा है.

मोहसिन नकवी पर पुलिस केस!
भारत के फाइनल जीते अब 72 घंटे से ज़्यादा हो चुके हैं और मोहसिन नकवी ने ना तो ट्रॉफी भारत को सौंपी है और ना ही उसको एशियन क्रिकेट काउंसिल के दफ़्तर भेजा है. मंगलवार को ACC की बैठक में ज़ोर-शोर से ये विवाद उठा और कई देशों के प्रतिनिधियों ने इसका विरोध भी किया पर मोहसिन नकवी अपनी ज़िद पर अड़े रहे और ट्राफ़ी उनके होटल के कमरे में पड़ी रही. अब बीसीसीआई ने सख़्त क़दम उठाने का मन बना लिया है और वो मोहसिन नकवी पर ट्रॉफी चोरी और जबरन क़ब्ज़ा की शिकायत लिखित रूप से दुबई पुलिस को करने का मन बना चुके हैं . सूत्रों की मानें तो बोर्ड ने मोहसिन नकवी के 72 घंटे का समय दिया है और इस दौरान वे ट्रॉफ़ी ACC के आफिस नहीं पहुँचाते तो अधिकारिक रूप से दुबई पुलिस में केस दर्ज कराया जाएगा और ऐसा होता है तो मोहसिन नकवी कीं गिरफ़्तारी होना तय है और उनको जेल भी जाना पड़ सकता है . मोहसिन नकवी दुबई छोड़कर कर ट्रॉफी के साथ पाकिस्तान ना भाग पाएँ इसके लिए भी बीसीसीआई यूएई में लगातार बात कर रही है.
दुबई का क़ानून सख्त है
दुबई में अपराध दर कम है और यहाँ के कानून हर तरह की आपराधिक गतिविधि पर सख्त सज़ा का प्रावधान करते हैं.एक कर्मचारी द्वारा नियोक्ता की संपत्ति चुराने पर भी 5 से 7 साल तक की कैद की सज़ा हो सकती है, और इस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है. दुबई में चोरी या जबरन कब्ज़े के लिए सजा अपराध की गंभीरता पर निर्भर करती है, और इसमें कम से कम 6 महीने की कैद से लेकर 3 साल तक की कैद के साथ जुर्माना शामिल हो सकता है. कुछ गंभीर चोरी के मामलों में 3 से 15 साल तक की कैद हो सकती है. यानि यूएई के क़ानून के हिसाब से जाए और मोहसिन नकवी के खिलाफ मामला दर्ज होता है तो उनको लंबे समय तक जेल में रहना पड़ सकता है.

Online Farud : पीएम समृद्धि योजना के नाम पर व्यवसायी से 73 लाख की ऑनलाइन ठगी…

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Online Fraud: बिलासपुर के एक मेडिकल व्यवसायी को जालसाजों ने पीएम समृद्धि योजना के तहत 70 लाख के लोन पर 30% छूट दिलाने का झांसा दिया। प्रोसेसिंग और इंश्योरेंस फीस जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर जालसाजों ने व्यवसायी से कुल 73 लाख की ठगी कर ली। लोन न मिलने पर जब व्यवसायी ने पैसे वापस मांगे, तो जालसाज और पैसे जमा करने का दबाव बनाने लगे।

सकरी में रहने वाले मेडिकल व्यवसायी को 30 प्रतिशत छूट के साथ 70 लाख लोन दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने 73 लाख की ठगी कर ली। जब व्यापारी ने अपने रुपये मांगे तो जालसाज और रुपये जमा करने पर सारे रुपये एक साथ वापस करने झांसा देने लगे। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत सकरी थाने में की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।

सकरी के नेचर सिटी में रहने वाले राजेश पांडेय (50) मेडिकल व्यवसायी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 12 फरवरी की दोपहर उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से काल आया। फोन करने वाले ने खुद को निजी फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी जिग्नेश त्रिवेदी बताया। उसने व्यवसायी को बताया कि पीएम समृद्धि योजना के तहत 50 लाख का लोन मिल सकता है। व्यापार के लिए लोन की आवश्यकता होने पर व्यवसायी ने उससे बातचीत की। तब जिग्नेश ने लोन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए व्यवसायी से दस्तावेज मांगे।

CG: पूर्व सीएम बघेल ने ED पर लगाए गंभीर आरोप…

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इंटरनेट मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने जांच एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बघेल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि ईडी गुंदागर्दी पर उतर आई है। व्यापारियों पर जबरन उनका नाम लेने का दबाव बनाया जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि उनका नाम लेने के लिए ईडी व्यापारियों पर दबाव बना रही है। सरकार के संरक्षण में अब पूरी तरह से गुंडागर्दी पर उतर आई है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया एक्स पर एक वीडियो के साथ पोस्ट साझा करते हुए उक्त आरोप लगाए हैं।

उन्होंने लिखा है कि व्यापारियों के यहां छापा मारने के बाद पूछताछ के नाम पर बुलाकर शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है। उनका, रामगोपाल अग्रवाल व अन्य लोगों के नाम लेने के लिए दवाब बनाया जा रहा है। पीड़ित शिकायत दर्ज कराने पुलिस के पास पहुंच रहे हैं तो न अपराध दर्ज हो रहा है और न ही मेडिकल जांच कराई जा रही है।

हेमंत चंद्राकर नाम के एक व्यापारी को सोमवार को ईडी के एक अधिकारी ने पूछताछ के बहाने बुलाकर बेरहमी से पीटा, गालियां दी व अभद्र व्यवहार किया। सिटी कोतवाली, रायपुर और छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी समझ लें कि कानून के अनुसार काम न करने वालों के नाम याद रखेंगे। कमलछाप बिल्ला लगाकर, ईडी के डर से काम करोगे तो प्रदेश की जनता सब दर्ज कर रही है।

राजधानी के कंचन गंगा कालोनी, राेहिनीपुरम निवासी हेमंत चंद्राकर ने सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत देकर ईडी के उप निदेशक नीरज सिंह पर पूछताछ के दौरान मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

चंद्राकर में शिकायत पत्र में लिखा है कि उन्हें सोमवार को सुबह साढे़ दस बजे ईडी कार्यालय पूछताछ के लिए बुलाया गया था। रात साढ़े आठ बजे तक पूछताछ की गई और मंगलवार को फिर से उपस्थित हाेने के निर्देश दिए गए।

अधिकारी नीरज सिंह ने पूछताछ के दौरान अनुचित व्यवहार किया। यह स्वीकार करने के लिए दबाव डाला गया कि भूपेश बघेल के नजदीकी विजय भाटिया, रामगोपाल अग्रवाल, आशीष वर्मा, मंदीप चावल और उनके एजेंट आदित्य अग्रवाल, शाश्वत जैन, किशोर चंद्राकर, सतपाल सिंह छाबड़ा को कमीशन देकर कार्य किया गया है।

हेमंत चंद्राकर का रोते हुए इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो भी प्रसारित हुआ है। इसमें चंद्राकर कह रहे हैं कि किसी से कोई पैसा नहीं लिया है। बिजनेस किया है। अधिकारी कह रहे हैं कि परिवार को जेल में डाल देंगे। हमें मार दो साहब, नहीं जीना है।

 

CG: सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन…

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सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन 1 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे राजधानी रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय परिसर के कृषि मंडपम में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े करेंगी।

इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री केदार कश्यप, टंकराम वर्मा, गुरु खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, इन्द्र कुमार साहू, अनुज शर्मा तथा महापौर मीनल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

राज्य स्तरीय आयोजन में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, उनके कल्याण, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा समाज में उनकी सक्रिय भूमिका को सशक्त करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, अनुभव साझा करने के सत्र, स्वास्थ्य जांच शिविर एवं प्रेरक वार्ता का भी आयोजन होगा।

जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में वृद्धजन के योगदान को मान्यता देना, उन्हें सम्मानित करना और उनकी सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा और उनके अधिकारों एवं कल्याण से संबंधित जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों द्वारा वृद्धजन कल्याण से जुड़ी नवीनतम सरकारी योजनाओं एवं पहलों की जानकारी भी साझा की जाएगी, जिससे समाज के वरिष्ठ नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

BJP को अब कैसे बंगाली विरोधी बताएगी TMC? पीएम मोदी ने ममता के नैरेटिव को लगा दिया पलीता

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को महाअष्टमी के पावन अवसर पर दिल्ली के चित्तरंजन पार्क (CR Park) में काली बाड़ी मंदिर में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख-कल्याण की प्रार्थना की. पीएम मोदी के इस कदम को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है. पीएम मोदी के इस कदम ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उस लंबे समय से चले आ रहे नैरेटिव को सीधी चुनौती दी है, जिसमें वह बीजेपी को बंगाली संस्कृति और परंपराओं से दूर बताती रही है.
पश्चिम बंगाल की सियासत में वर्षों से टीएमसी यह प्रचार करती रही कि बीजेपी बंगाली पहचान को नहीं समझती और उसे ‘बंगाल विरोधी’ के रूप में पेश करती है. खासतौर पर अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने के बाद टीएमसी ने इसे ‘बंगाल पर हमले’ की तरह दिखाने की कोशिश की थी. मगर पीएम मोदी का चित्तरंजन पार्क की काली बाड़ी दुर्गा पूजा में शिरकत करना इस आरोप को कमजोर करता दिख रहा है.

पीएम मोदी बंगाली संस्कृति को किया सलाम

प्रधानमंत्री मोदी ने न सिर्फ पूजा-अर्चना की, बल्कि बंगाली संस्कृति की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को सार्वजनिक मंच से सलाम किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा, ‘चित्तरंजन पार्क बंगाली संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है. हमारे समाज की एकता और सांस्कृतिक जीवंतता का सच्चा सार इन समारोहों में जीवंत हो उठता है. मैंने सभी के सुख और कल्याण की प्रार्थना की.’
इस कार्यक्रम में मौजूद भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने पूरी श्रद्धा से पूजा की और देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया. उनके इस भावपूर्ण सहभागिता ने बंगाली समाज के प्रति गहरा सम्मान दिखाया.’ वहीं बीजेपी विधायक शिखा राय ने कहा कि, ‘वे कहीं भी पूजा कर सकते थे, लेकिन देवी ने उन्हें यहां बुलाया, जो मेरा मानना ​​है कि हम सभी पर उनकी दिव्य कृपा दर्शाता है.’
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस कदम से बीजेपी यह संदेश देने में सफल रही है कि पार्टी बंगाली संस्कृति के खिलाफ नहीं, बल्कि उसके साथ खड़ी है. पीएम मोदी का यह दौरा पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को यह याद दिलाने का काम करेगा कि भाजपा भी दुर्गा पूजा जैसी बंगाल की आत्मा मानी जाने वाली परंपराओं का उतना ही सम्मान करती है.
अब सवाल यह है कि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी इस कदम के बाद बीजेपी को कैसे बंगाली विरोधी ठहराएगी. पीएम मोदी का यह कदम निश्चित रूप से टीएमसी के नैरेटिव पर सीधा वार है और आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में इसके असर देखने को मिल सकते हैं.

एयर इंडिया-एयरबस ने मिलाया हाथ, गुरुग्राम में तैयार करेंगे हाई-टेक ट्रेनिंग हब, 5000+ पायलट होंगे तैयार

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एयर इंडिया और एयरबस ने मिलकर गुरुग्राम में एक सुपर एडवांस्ड पायलट ट्रेनिंग सेंटर की शुरुआत की है. ये नया सेंटर एयर इंडिया एविएशन ट्रेनिंग एकेडमी का हिस्सा है और अगले दस सालों में 5,000 से ज्यादा नए पायलट्स को ट्रेन करेगा. यह एकेडमी तेजी से ग्रो कर रही इंडियन एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा. 12 हजार स्क्वायर मीटर का यह सेंटर टॉप-क्लास टेक्नोलॉजी से लैस है. इसमें 10 फुल फ्लाइट सिमुलेटर्स, एडवांस्ड क्लासरूम्स और ब्रीफिंग रूम्स हैं.

यह सेंटर खास तौर पर एयरबस A-320 और A-350 एयरक्राफ्ट फैमिली के लिए पायलट्स को ट्रेन करेगा. इसके कोर्सेज को डायरेक्‍टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) और यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (ईएएसए) ने अप्रूव किया है. यानी, यहां पर पायलट्स की ट्रेनिंग ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के हिसाब से होगी. अभी सेंटर में दो A-320 सिम्युलेटर्स हैं, और बाकी छह A320 और दो A350 सिम्युलेटर्स धीरे-धीरे इंस्टॉल किए जाएंगे.

स्ट्रैटेजिक इनवेस्टमेंट है यह एकेडमी
इस एकेडमी को लेकर एयरबस के प्रेसिडेंट जुर्गेन वेस्टरमियर का कहना है कि यह सेंटर इंडियन एविएशन के फ्यूचर के लिए हमारी साझा सोच को दिखाता है. ये सिर्फ एक जॉइंट वेंचर नहीं, बल्कि इंडियन एयरोस्पेस इंडस्ट्री के लिए एक स्ट्रैटेजिक इनवेस्टमेंट है. इंडिया एयरबस के लिए एक स्ट्रैटेजिक पावरहाउस है. यह एकेडमी सेंटर इसके पोटेंशियल को दिखाता है. वहीं, एयर इंडिया के एमडी कैंपबेल विल्सन का कहना है कि एयर इंडिया अभी एक्सपैंशन मोड में है और हमारे पास 570 नए एयरक्राफ्ट्स का ऑर्डर है.
गुरुग्राम का ये नया ट्रेनिंग सेंटर हमारे पायलट्स को ट्रेन और अपस्किल करेगा, ताकि हम वर्ल्ड-क्लास एयरलाइन बनने के अपने मिशन को पूरा कर सकें. ये सेंटर हमारी ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी और एयर इंडिया को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. एयरबस के साथ मिलकर हम इंडिया की तेजी से बढ़ती एविएशन मार्केट के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहे हैं. ये ट्रेनिंग सेंटर एयर इंडिया के पूरे देश में फैले पायलट ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को गुरुग्राम की एविएशन ट्रेनिंग एकेडमी में कंसॉलिडेट करेगा.
50000 से ज्‍यादा प्रोफेशनल्‍स होंगे तैयार
यह एकेडमी साउथ एशिया की सबसे बड़ी एविएशन ट्रेनिंग अकादमी है, जो 2024 में शुरू हुई थी. अभी ये रोज 2000 से ज्यादा एविएशन प्रोफेशनल्स को ट्रेंड कर रही है. अगले कुछ सालों में ये 50 हजार से ज्यादा प्रोफेशनल्स को ट्रेंड करेगी, जिनमें पायलट्स, केबिन क्रू, ग्राउंड हैंडलिंग, इंजीनियरिंग और सिक्योरिटी स्टाफ शामिल हैं. इस एकेडमी में सेफ्टी एण्‍ड इमरजेंसी प्रोसीजर्स के लिए बेस्ट-इन-क्लास इक्विपमेंट हैं. केबिन क्रू के लिए सर्विस ट्रेनिंग, ग्रूमिंग, वॉइस और एक्सेंट ट्रेनिंग भी दी जाती है.
ग्राउंड और सिक्योरिटी स्टाफ के लिए डिपार्चर कंट्रोल, कस्टमर सर्विस, एयरपोर्ट सिक्योरिटी और रिफ्रेशर कोर्सेज हैं. इसके अलावा, एयर इंडिया महाराष्ट्र के अमरावती में साउथ एरिश की सबसे बड़ी फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (एफटीओ) भी बना रही है. डीजीसीए लाइसेंस्ड ये एफटीओ हर साल 180 कमर्शियल पायलट्स को ग्रेजुएट करेगा, ताकि एयर इंडिया के फ्लीट एक्सपैंशन की डिमांड पूरी हो सके. इसके अलावा, एयर इंडिया बेंगलुरु में अपनी नई एमआरओ फैसिलिटी के पास एक बेसिक मेंटीनेंस ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (बीटीएमओ) भी शुरू कर रही है, जो 2027 में ऑपरेशनल होगी.
एएमई प्रोग्राम के तहत मिलेगी ऑन जॉब ट्रेनिंग
बीएमटीओ में डीजीसीए सर्टिफाइड दो साल का एयरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियर्स (एएमई) प्रोग्राम होगा, जिसके बाद दो साल की प्रैक्टिकल ऑन-जॉब ट्रेनिंग दी जाएगी. यह सेंटर न सिर्फ एयर इंडिया को, बल्कि पूरे इंडियन एविएशन सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा. इंडिया की एविएशन इंडस्ट्री के लिए ये एक सुनहरा मौका है और Air India-Airbus मिलकर इसे हकीकत में बदल रहे हैं. आपको बता दें कि बराबरी के इस जॉइंट वेंचर वाली एक एकेडमी का उद्घाटन सिविल एविएशन मिनिस्‍टर किंजरापु राममोहन नायडू ने मंगलवार को किया है.

CG: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवरात्रि के पावन पर्व पर विगत रात्रि राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न गरबा समारोहों में शामिल हुए।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवरात्रि के पावन पर्व पर विगत रात्रि राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न गरबा समारोहों में शामिल हुए। उन्होंने मातारानी का दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर रायपुर शहर गरबा के रंग में सराबोर दिखाई दिया और हर तरफ़ उत्सव का उल्लास वातावरण में व्याप्त था।

मुख्यमंत्री साय भानपुरी स्थित कच्छ कड़वा पाटीदार समाज, आशीर्वाद भवन में गुजराती लोहाणा महाजन समाज द्वारा आयोजित “झणकारो 2025”, इनडोर स्टेडियम में “रंगीलो रास 2025” तथा ओमाया पार्क में “रास गरबा उत्सव” में सम्मिलित हुए। इन आयोजनों में समाजजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक कच्छ पगड़ी पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। गरबा की धुनों और रंगारंग माहौल में मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने जनसमूह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।

प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवरात्रि उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है। यह पर्व सामाजिक समरसता को और मजबूत करता है तथा जन-जन में ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में देवी को विभिन्न स्वरूपों में पूजा जाता है और मातृशक्ति के आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी, धमतरी में मां अंगारमोती एवं बिलईमाता, सरगुजा और रतनपुर में मां महामाया, डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी जैसे अनेक स्वरूपों में माता प्रदेश में विराजमान हैं। इन सभी शक्तिपीठों का आध्यात्मिक महत्व न केवल प्रदेश की आस्था को मजबूत करता है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन ही यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जीएसटी रिफॉर्म लागू कर देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है। यह सुधार न केवल व्यापार को सुगम बनाएगा बल्कि उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ भी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘बचत उत्सव’ के माध्यम से आम नागरिकों की जेब में पैसों की उल्लेखनीय बचत हो रही है और यह अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने लोगों से आह्वान किया कि जब भी बाजार जाएँ तो स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी को प्राथमिकता दें। स्वदेशी से न केवल देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है बल्कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है और यही देश की समृद्धि का आधार बनेगा।

इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंडल आयोग के अध्यक्ष सहित कच्छ कड़वा पाटीदार समाज और गुजराती लोहाणा महाजन समाज के वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

“ई-कॉमर्स से फूड तक GST में कटौती, फिर भी जेब ढीली! 3000 से ज्यादा शिकायतों पर मंत्रालय की कड़ी नजर”

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उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय पेंडिंग श‍िकायतों के मामलों पर कड़ी नजर रख रहा है. साथ ही विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर कंपनियां GST कट का फायदा ग्राहकों को नहीं देंगी तो उनके खिलाफ ‘अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस’ के तहत क्लास एक्शन शुरू किया जा सकता है.

उपभोक्ता मामलों के विभाग (Department of Consumer Affairs) ने उन कंपनियों के खिलाफ सख्ती दिखाई है, जो सरकार द्वारा किए गए GST रेट कट का फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचा रही हैं. मंत्रालय को अब तक 3,487 से ज्यादा शिकायतें और पूछताछ मिल चुकी हैं.

68 पर्सेंट डायरेक्ट विभाग की सचिव निधि खरे ने बताया कि इनमें से लगभग 68% सीधे तौर पर शिकायतें हैं, जबकि बाकी पूछताछ के मामले हैं. करीब 1,700 शिकायतें केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को भेजी जा चुकी हैं.

सबसे ज्यादा शिकायतें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (घरेलू उपकरण) और प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स से जुड़ी हैं. लोगों ने शिकायत की है कि दुकानदार और कंपनियां या तो गलत GST रेट चार्ज कर रहे हैं या फिर सरकार की ओर से नोटिफाई किए गए टैक्स कट को लागू ही नहीं कर रहे.

प्रोडक्ट्स पर डिस्काउंट पर…

कई मामलों में यह भी पाया गया कि ई-कॉमर्स कंपनियों ने प्रोडक्ट्स पर डिस्काउंट दिखाया लेकिन उसमें GST कट का फायदा पूरी तरह से नहीं दिया. वहीं कुछ मामलों में प्रोडक्ट की कीमत बढ़ाकर GST कट का असर खत्म कर दिया गया, जिसे प्रॉफिटियरिंग (नाजायज मुनाफाखोरी) माना जा रहा है.

इन शिकायतों का हल निकालने के लिए मंत्रालय ने नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पर एक अलग से GST शिकायत कैटेगरी बना दी है. मंत्रालय ने साफ कहा है कि वह हर पेंडिंग केस पर बारीकी से नजर रख रहा है. अगर कंपनियां ग्राहकों को GST कट का फायदा देने से बचती रहीं, तो उनके खिलाफ अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस के तहत सख्त एक्शन शुरू किया जाएगा.