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यातायात पुलिस ने सारथी दिवस मनाया, वाहन चालकों को सम्मानित किया

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राजनांदगांव। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के 24वें दिन यातायात पुलिस ने सारथी दिवस (ड्राइवर दिवस) मनाया। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी नवरतन कश्यप के नेतृत्व में यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अच्छे वाहन चालकों को सम्मानित करना और अन्य वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना था।

इस अवसर पर, नया बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और महावीर चौक पर बस और ऑटो चालक, जो सीट बेल्ट और वर्दी पहनकर वाहन चला रहे थे, उन्हें गुलाब के फूल देकर सम्मानित किया गया। साथ ही वाहन चालकों को शराब पीकर वाहन न चलाने, ओवरस्पीड, ओवरलोड, रांग साइड और सीट बेल्ट का पालन न करने के खतरों के बारे में जागरूक किया गया।

यातायात पुलिस ने चौक-चौराहों पर पाम्पलेट और पोस्टर वितरित कर यातायात नियमों का प्रचार किया और सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे सुरक्षित वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें।

इसके अलावा, यातायात पुलिस ने दिग्विजय कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में ग्राम घोरदा के विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में जानकारी दी गई। हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने, बिना लाइसेंस वाहन चलाने के दुष्परिणाम, यातायात नियमों के उल्लंघन पर होने वाली कानूनी कार्यवाही और सड़क दुर्घटनाओं के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में 100 विद्यार्थी लाभान्वित हुए।

राजनांदगांव यातायात पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे दुपहिया वाहन चलाते वक्त हेलमेट पहनें, तीन सवारी न करें, तेज गति से वाहन न चलाएं, और सीट बेल्ट का उपयोग जरूर करें। साथ ही, नशे की हालत में वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें। पुलिस ने यह भी कहा कि विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जन जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा।

डोंगरगांव पुलिस की अवैध शराब पर कार्रवाई, 50 पाव शराब जब्त

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राजनांदगांव। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश पर डोंगरगांव थाना क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 23 जनवरी को थाना डोंगरगांव पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को 50 पाव देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम कोकपुर में एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से कुल 9 बल्क लीटर देशी मदिरा (50 पाव) बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 4000 रुपये बताई जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुरज कुमार कोसरे (21 वर्ष) के रूप में हुई, जो ग्राम तिलईरवार, पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़, थाना लालबाग का निवासी है। आरोपी के कब्जे से जब्त शराब को मौके पर पंचनामा तैयार कर विधिवत जब्त किया गया।

थाना डोंगरगांव पुलिस ने कहा है कि अवैध शराब के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस कार्रवाई में निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, प्रधान आरक्षक संदीप देशमुख और आरक्षक हेमंत सूर्यवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को चिखली पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

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राजनांदगांव। जिले के चिखली थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया गया। घटना में आरोपी द्वारा शादी का प्रलोभन देकर नाबालिग को अपने घर बुलाने और फिर दुष्कर्म करने का आरोप है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को पीड़िता की मां ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया कि उनकी नाबालिग बेटी को आरोपी खोमेश साहू (18 वर्ष), निवासी कांकेतरा, ओपी चिखली ने शादी का झांसा देकर अपने घर बुलाया और वहां जबरदस्ती शारीरिक शोषण किया। पीड़िता की मां की शिकायत पर चिखली पुलिस ने धारा 64(2)(एम), 69 बीएनएस, 4,6 पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू की।

मामला गंभीर और संवेदनशील होने के कारण पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री किर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के मार्गदर्शन में चिखली पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की। पुलिस ने आरोपी खोमेश साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। इसके बाद, आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

स्व. ए.आर. देवांगन स्मृति 7 ए साइड हॉकी प्रतियोगिता 28 से, 8 क्लबों की टीमें उतरेंगी मैदान में

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राजनांदगांव। जिला हॉकी संघ राजनांदगांव और सीनियर मॉर्निंग ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में स्व. ए.आर. देवांगन स्मृति 7 ए साइड हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन 28 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। प्रतियोगिता गौरवपथ स्थित अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान में खेली जाएगी। आयोजन को लेकर मैदान सहित सभी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।

जिला हॉकी संघ के सचिव शिवनारायण धकेता ने बताया कि यह प्रतियोगिता पिछले पांच वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता का उद्देश्य सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों को खेल से जोड़े रखना और उन्हें नियमित रूप से मैदान पर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करना है। इसमें 65 वर्ष तक के वरिष्ठ खिलाड़ी और 16 वर्ष तक के जूनियर व सब-जूनियर खिलाड़ी एक साथ खेलते नजर आएंगे।

प्रतियोगिता में सीनियर व जूनियर वर्ग की कुल 8 क्लबों की टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें सिटी क्लब, पैंथर्स क्लब, यूथ क्लब, मूनलाइट क्लब, लालबाग क्लब, स्वस्तिक क्लब, एमसी इलेवन और शहीद राधे मोतीपुर क्लब शामिल हैं।

आयोजन सचिव आशीष सिन्हा ने बताया कि मुकाबले लीग-कम-नॉकआउट पद्धति से खेले जाएंगे। प्रतियोगिता को आकर्षक बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम को सजाया-संवारा जा रहा है। मैदान के चारों ओर ब्रांडिंग बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जबकि स्टेडियम के बाहरी हिस्से में रंग-रोगन का कार्य भी जारी है।

आयोजन समिति ने खेल प्रेमियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर रोमांचक हॉकी मुकाबलों का आनंद लें और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं।

रायपुर साहित्य उत्सव में कविता पाठ के लिए आभा श्रीवास्तव का आमंत्रण

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राजनांदगांव। जिले की वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती आभा श्रीवास्तव को 23 से 25 जनवरी तक रायपुर में आयोजित होने वाले रायपुर साहित्य उत्सव में कविता पाठ के लिए आमंत्रित किया गया है। यह साहित्य उत्सव राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित आयोजन है, जिसमें देशभर के जाने-माने साहित्यकार, कवि, लेखक और विचारक भाग लेते हैं।

श्रीमती आभा श्रीवास्तव इस तीन दिवसीय साहित्य उत्सव में राजनांदगांव का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज कराएंगी और कविता-पाठ के माध्यम से अपने साहित्यिक विचारों तथा सामाजिक संवेदनाओं को श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत करेंगी। उनके चयन से न केवल उनकी व्यक्तिगत साहित्यिक उपलब्धियों को सम्मान मिला है, बल्कि यह राजनांदगांव जिले की साहित्यिक परंपरा को भी राष्ट्रीय पहचान प्रदान करता है।

साहित्यिक योगदान और कृतियां
आभा श्रीवास्तव का साहित्यिक योगदान बहुआयामी और समृद्ध रहा है। अब तक उनकी कुल 13 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें अग्रगामी, अभिनंदन, पकडंडी (भारत का इतिहास), संदर्भ छत्तीसगढ़, पलाश के रंग, शंकर, वास्तु स्थिति, श्रद्धांजलि, सफर, आंखों का तारा, छत्तीसगढ़ तब और अब, अशोक, कविता के रंग और भारत जैसी महत्वपूर्ण कृतियां शामिल हैं। उनके लेखन में इतिहास, संस्कृति, समाज और मानवीय भावनाओं का सशक्त और संवेदनशील चित्रण देखने को मिलता है।

पुरस्कार और सम्मान
श्रीमती आभा श्रीवास्तव को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक योगदान के लिए कई साहित्यिक सम्मानों से नवाजा जा चुका है। वर्तमान में वे उजाला आकाश नामक साहित्यिक पत्रिका की संपादक हैं और उनके लेखन और काव्य का प्रसारण रेडियो एवं दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित माध्यमों पर भी होता रहा है।

रायपुर साहित्य उत्सव में उनकी सहभागिता से साहित्य प्रेमियों को समृद्ध रचनात्मक अनुभव प्राप्त होगा और युवा रचनाकारों को भी प्रेरणा मिलेगी।

सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ किसानों का बिगुल : विचारपुर–पंडरिया भाठा में महापंचायत, ज़मीन वापसी और आंदोलन जारी रखने का ऐलान

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खैरागढ़–छुईखदान–गंडई। क्षेत्र में प्रस्तावित सीमेंट फैक्ट्री परियोजना को रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को विचारपुर–पंडरिया भाठा में विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में हजारों की संख्या में महिला–पुरुष किसानों की भागीदारी रही, जहां एक स्वर में परियोजना के विरोध और जमीन वापसी की मांग उठी।

तीन अहम फैसले: जमीन वापसी, आंदोलन जारी, मंदिर निर्माण

महापंचायत में किसानों ने सर्वसम्मति से तीन बड़े निर्णय लिए। पहला निर्णय यह रहा कि सीमेंट कंपनी द्वारा किसानों से खरीदी गई जमीन उसी कीमत पर वापस ली जाए। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे कंपनी को पूरी राशि लौटाने को तैयार हैं और इस प्रक्रिया में प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा रखते हैं। यह भी तय हुआ कि यदि जमीन बेचने वाला किसान उसे वापस नहीं लेना चाहे, तो प्राथमिकता गांव के किसी अन्य किसान को दी जाएगी।

दूसरा निर्णय यह लिया गया कि जब तक प्रस्तावित सीमेंट परियोजना पूरी तरह रद्द नहीं होती, तब तक आंदोलन और विरोध लगातार जारी रहेगा। किसानों ने एकजुटता बनाए रखने और किसी भी प्रकार के दबाव में न आने का संकल्प लिया।

तीसरे निर्णय के तहत महापंचायत स्थल पर हनुमान मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया। पहले ही दिन मंदिर निर्माण हेतु एक-एक रुपये के दान का आह्वान किया गया, जिसमें अभूतपूर्व समर्थन मिला।

₹2.58 लाख से अधिक दान, 55 गांवों की मिट्टी से नींव

किसान अधिकार संघर्ष समिति के संरक्षक गिरवर जंघेल, अध्यक्ष लुकेश्वरी जंघेल एवं संयोजक सुधीर गोलछा ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए पहले दिन ही ₹2,58,153 की राशि एकत्रित हुई, जो मुख्य रूप से एक-एक रुपये के सिक्कों और छोटे नोटों के रूप में आई। यह राशि किसानों की सामूहिक आस्था और एकजुटता का प्रतीक मानी जा रही है।

इसके साथ ही 55 गांवों से किसानों द्वारा अपने खेतों की मिट्टी लाकर मंदिर की नींव में डाली गई। विशेष रूप से वृंदावन और प्रयागराज की पवित्र मिट्टी भी इस अवसर पर लाई गई, जिसे नींव में शामिल किया गया। किसानों ने इसे आंदोलन की सांस्कृतिक और धार्मिक एकता से जोड़कर देखा।

निर्माण समिति गठित, 2 अप्रैल को प्राण-प्रतिष्ठा

महापंचायत में मंदिर निर्माण के लिए समिति का गठन किया गया, जिसमें वीरेंद्र जंघेल (विचारपुर) को निर्माण समिति का अध्यक्ष बनाया गया। निर्णय लिया गया कि मंदिर का प्रारंभिक निर्माण तुरंत शुरू किया जाएगा और 2 अप्रैल, हनुमान जयंती के दिन मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। उसी दिन इसी स्थल पर फिर से महापंचायत और विशाल भंडारे का आयोजन होगा।

राजनीति से दूरी, केवल किसान हित सर्वोपरि

सभा में यह भी स्पष्ट किया गया कि आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है। किसी भी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध की चर्चा नहीं की गई। वक्ताओं ने कहा कि किसानों के संघर्ष का श्रेय कोई व्यक्ति या दल नहीं ले, यह केवल किसानों की सामूहिक लड़ाई है।

29 तारीख को ज्ञापन सौंपने की तैयारी

महापंचायत में लिए गए निर्णयों के संबंध में किसान अधिकार संघर्ष समिति द्वारा 29 तारीख को प्रशासन को लिखित ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। फरवरी और मार्च में प्रत्येक गांव से प्रतिनिधियों की बैठकों के माध्यम से आंदोलन की रणनीति को और मजबूत किया जाएगा। महापंचायत में मोती लाल जंघेल, राजकुमार जंघेल, मन्नू चंदेल, संजू जंघेल, रमेश साहू, श्रवण जंघेल, कामदेव जंघेल, प्रमोद सिंह, मुकेश पटेल, बीरेंद्र जंघेल, केदार जंघेल, मंगलू राम साहू, अमर साहू, प्रियंका जंघेल, लक्की जंघेल, पवन जंघेल, कुमार यादव, सजन साहू, लेख राम आदि किसान उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी का तिरुवनंतपुरम दौरा: विकास का सपना केवल भाजपा-एनडीए..

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प्रधानमंत्री मोदी का तिरुवनंतपुरम दौरा

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम का दौरा किया, जहां उन्होंने कहा कि केवल भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए ही केरल के विकास के सपने को साकार कर सकता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूडीएफ और एलडीएफ को राज्य के विकास में कोई रुचि नहीं है। पीएम मोदी ने एक्स पर साझा करते हुए कहा कि उनका तिरुवनंतपुरम दौरा अविस्मरणीय था।

एक दिन पहले, उन्होंने चार नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और तिरुवनंतपुरम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। सभा में बोलते हुए, उन्होंने भाजपा की नगर निगम में ऐतिहासिक जीत की सराहना की, इसे वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) द्वारा दशकों से की गई उपेक्षा का अंत बताया।

प्रधानमंत्री ने दोनों मोर्चों की आलोचना करते हुए कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ ने केरल को भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन की राजनीति में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि भले ही ये पार्टियां अलग-अलग प्रतीकों का उपयोग करती हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक रणनीतियाँ और एजेंडा समान हैं। दोनों पार्टियों को पता है कि हर पांच साल में सत्ता में आने का मौका मिलता है, फिर भी मूल मुद्दे अनसुलझे रहते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि दशकों से एलडीएफ और यूडीएफ ने तिरुवनंतपुरम की अनदेखी की है, जिससे शहर बुनियादी सुविधाओं से वंचित रह गया है। भाजपा ने पहले ही एक विकसित तिरुवनंतपुरम की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने शहर के निवासियों से विश्वास रखने का आग्रह किया कि वह बदलाव, जिसका वे लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, अब आने वाला है।

शशि थरूर ने संसद में पार्टी के रुख का पालन करने की बात कही…

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर का बयान

कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने शनिवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी संसद में पार्टी के निर्धारित रुख का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि उनकी एकमात्र सार्वजनिक असहमति ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संबंध में थी।

केरल साहित्य महोत्सव के एक सत्र में सवालों का जवाब देते हुए थरूर ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया था और उन्हें इस पर कोई पछतावा नहीं है। उनका यह बयान हाल की उन खबरों के संदर्भ में आया है, जिनमें उनके पार्टी नेतृत्व से मतभेद की चर्चा की गई है।

कुछ अटकलें यह भी हैं कि थरूर इस बात से ‘आहत’ हैं कि राहुल गांधी ने हाल ही में कोच्चि में एक कार्यक्रम में उनके नाम का उल्लेख नहीं किया, जबकि वह वहां उपस्थित थे। इसके अलावा, राज्य के नेताओं द्वारा उन्हें बार-बार ‘दरकिनार’ करने की कोशिश की जा रही है।

थरूर ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि एक पर्यवेक्षक और लेखक के रूप में उन्होंने पहलगाम घटना के बाद एक समाचार पत्र में एक स्तंभ लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस घटना की सजा मिलनी चाहिए और ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत को विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और पाकिस्तान के साथ लंबे समय तक टकराव में नहीं पड़ना चाहिए। किसी भी कार्रवाई को आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाने तक सीमित रहना चाहिए।

कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि उन्हें आश्चर्य हुआ कि भारत सरकार ने ठीक वही किया जैसा उन्होंने कहा था। थरूर ने यह भी उल्लेख किया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने यह सवाल उठाया था कि ‘अगर भारत खत्म हो जाएगा तो कौन जीवित रहेगा?’

उन्होंने कहा, ‘जब भारत दांव पर हो, जब भारत की सुरक्षा और दुनिया में उसका स्थान दांव पर हो तो भारत पहले आता है।’

थरूर ने कहा कि बेहतर भारत के निर्माण की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब राष्ट्रहित की बात आती है, तो भारत को सर्वोपरि होना चाहिए।

भारत के वस्त्र क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि: रोजगार सृजन…

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भारत के वस्त्र क्षेत्र ने पिछले दशक में अद्भुत वृद्धि देखी है – 2014 में 8.4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर आज लगभग 16 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो रोजगार सृजन का एक बड़ा मंच बन गया है, सरकार के अनुसार।

वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया कि घरेलू बाजार भी 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 13 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा, जबकि देश के निर्यात में महामारी के बाद 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

यहां 74वें भारत अंतरराष्ट्रीय वस्त्र मेले (IIGF) को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि IIGF एक विश्वसनीय मंच है, और “मैं कह सकता हूं कि भारत अंतरराष्ट्रीय वस्त्र मेला अब अंतरराष्ट्रीय वस्त्र खरीदारों के लिए एक प्रमुख वैश्विक मंच बन गया है।”

उन्होंने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने वस्त्र क्षेत्र में सभी बाधाओं को समाप्त कर दिया है, जैसे कि QCO को हटाना, RoDTEP और RoSCTL योजनाओं को बढ़ाना, आयात शुल्क को छह महीने के लिए कम करना और उल्टे शुल्क संरचना को सुधारना।

“हमने उद्योग को RoDTEP और RoSCTL योजनाओं के माध्यम से 50,000 करोड़ रुपये का समर्थन दिया है,” मंत्री ने कहा।

सिंह ने आगे कहा कि चुनौतियों ने हमें मजबूती और स्थिरता बनाए रखने में मदद की है।

“हमारे निर्यात विविधीकरण अभियान ने 40 नए देशों में सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं,” उन्होंने उल्लेख किया।

मंत्री ने बताया कि अर्जेंटीना में 77 प्रतिशत, मिस्र में 30 प्रतिशत, पोलैंड और जापान में 20 प्रतिशत और स्वीडन और फ्रांस में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो एक बहुत ही उत्साहजनक संकेत है।

सकारात्मक खबर यह है कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता अगले कुछ दिनों में हस्ताक्षरित किया जाएगा, उन्होंने जोड़ा।

“हमारे पास एक युवा कार्यबल, कच्चा माल और विदेशी मुद्रा का अधिशेष है, इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम सभी लक्ष्यों को प्राप्त करें,” मंत्री ने कहा।

भारत विदेशी मानकों पर निर्भरता से दूर हो रहा है और स्वदेशी पहलों जैसे VisionNxt और IndiaSize के माध्यम से अपने मानकों को विकसित कर रहा है।

AEPC के अध्यक्ष डॉ. ए. सक्थिवेल ने कहा कि देश के सभी हिस्सों से प्रदर्शकों की उपस्थिति हमारे विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की गहराई और चौड़ाई को उजागर करती है, जबकि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की उत्साही भागीदारी भारतीय क्षमताओं में विश्वास को फिर से पुष्टि करती है।

“मुझे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि अप्रैल-दिसंबर 2025-26 के दौरान संचयी RMG निर्यात 11,584.3 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है,” उन्होंने जोड़ा।

ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर खामेनेई के सहयोगी का बयान…

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ईरान में विरोध प्रदर्शनों की स्थिति

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के एक सहयोगी ने भारत से दुर्लभ रूप से यह स्वीकार किया कि ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में कई लोग मारे गए हैं।

हालांकि, उन्होंने बड़े पैमाने पर राज्य हिंसा के आरोपों को खारिज करते हुए, इन आंकड़ों को फर्जी और विदेशी हितों से प्रेरित बताया। खामेनेई के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान और उसके आस-पास की स्थिति में सुधार होगा, और उन्होंने देश के आर्थिक संकट के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “हम शांति और सुरक्षा की कामना करते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसा नहीं चाहते हैं। यह संकट और समस्याएं पूरे मध्य पूर्व को प्रभावित कर रही हैं।”

आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा

इलाही ने यह भी बताया कि ईरान की आर्थिक समस्याएं मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार जनता की शिकायतों का समाधान करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा, “सरकार को जनता की मांगों को सुनना चाहिए और समस्याओं का समाधान करना चाहिए। राष्ट्रपति ने भी कहा है कि हम जनता की बात सुन रहे हैं और उनकी समस्याओं को हल करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ समस्याएं उनके नियंत्रण से बाहर हैं, क्योंकि अधिकांश संकट विदेशों से आए गैर-कानूनी प्रतिबंधों के कारण हैं।

विरोध प्रदर्शनों की वास्तविकता

इलाही ने कहा कि ईरान आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा है और कुछ लोग इस स्थिति का लाभ उठाकर अपने स्वार्थ पूरे कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की स्थिति के बारे में धारणाएं विकृत हैं और इन्हें वास्तविकता से अलग करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमें स्थिति की वास्तविकता और तथ्यों को समझना होगा, और कल्पनाओं को अलग करना होगा, जो पत्रकारों और दुश्मनों द्वारा बनाई गई हैं।”