अमेरिका में होगा शटडाउन, व्हाइट हाउस ने कर दिया ऐलान, सीनेट में नहीं पास हो सका फंडिंग बिल
Online Fraud: बिलासपुर के एक मेडिकल व्यवसायी को जालसाजों ने पीएम समृद्धि योजना के तहत 70 लाख के लोन पर 30% छूट दिलाने का झांसा दिया। प्रोसेसिंग और इंश्योरेंस फीस जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर जालसाजों ने व्यवसायी से कुल 73 लाख की ठगी कर ली। लोन न मिलने पर जब व्यवसायी ने पैसे वापस मांगे, तो जालसाज और पैसे जमा करने का दबाव बनाने लगे।
सकरी में रहने वाले मेडिकल व्यवसायी को 30 प्रतिशत छूट के साथ 70 लाख लोन दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने 73 लाख की ठगी कर ली। जब व्यापारी ने अपने रुपये मांगे तो जालसाज और रुपये जमा करने पर सारे रुपये एक साथ वापस करने झांसा देने लगे। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत सकरी थाने में की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।
सकरी के नेचर सिटी में रहने वाले राजेश पांडेय (50) मेडिकल व्यवसायी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 12 फरवरी की दोपहर उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से काल आया। फोन करने वाले ने खुद को निजी फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी जिग्नेश त्रिवेदी बताया। उसने व्यवसायी को बताया कि पीएम समृद्धि योजना के तहत 50 लाख का लोन मिल सकता है। व्यापार के लिए लोन की आवश्यकता होने पर व्यवसायी ने उससे बातचीत की। तब जिग्नेश ने लोन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए व्यवसायी से दस्तावेज मांगे।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इंटरनेट मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने जांच एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बघेल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि ईडी गुंदागर्दी पर उतर आई है। व्यापारियों पर जबरन उनका नाम लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि उनका नाम लेने के लिए ईडी व्यापारियों पर दबाव बना रही है। सरकार के संरक्षण में अब पूरी तरह से गुंडागर्दी पर उतर आई है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया एक्स पर एक वीडियो के साथ पोस्ट साझा करते हुए उक्त आरोप लगाए हैं।
उन्होंने लिखा है कि व्यापारियों के यहां छापा मारने के बाद पूछताछ के नाम पर बुलाकर शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है। उनका, रामगोपाल अग्रवाल व अन्य लोगों के नाम लेने के लिए दवाब बनाया जा रहा है। पीड़ित शिकायत दर्ज कराने पुलिस के पास पहुंच रहे हैं तो न अपराध दर्ज हो रहा है और न ही मेडिकल जांच कराई जा रही है।
हेमंत चंद्राकर नाम के एक व्यापारी को सोमवार को ईडी के एक अधिकारी ने पूछताछ के बहाने बुलाकर बेरहमी से पीटा, गालियां दी व अभद्र व्यवहार किया। सिटी कोतवाली, रायपुर और छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी समझ लें कि कानून के अनुसार काम न करने वालों के नाम याद रखेंगे। कमलछाप बिल्ला लगाकर, ईडी के डर से काम करोगे तो प्रदेश की जनता सब दर्ज कर रही है।
राजधानी के कंचन गंगा कालोनी, राेहिनीपुरम निवासी हेमंत चंद्राकर ने सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत देकर ईडी के उप निदेशक नीरज सिंह पर पूछताछ के दौरान मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
चंद्राकर में शिकायत पत्र में लिखा है कि उन्हें सोमवार को सुबह साढे़ दस बजे ईडी कार्यालय पूछताछ के लिए बुलाया गया था। रात साढ़े आठ बजे तक पूछताछ की गई और मंगलवार को फिर से उपस्थित हाेने के निर्देश दिए गए।
अधिकारी नीरज सिंह ने पूछताछ के दौरान अनुचित व्यवहार किया। यह स्वीकार करने के लिए दबाव डाला गया कि भूपेश बघेल के नजदीकी विजय भाटिया, रामगोपाल अग्रवाल, आशीष वर्मा, मंदीप चावल और उनके एजेंट आदित्य अग्रवाल, शाश्वत जैन, किशोर चंद्राकर, सतपाल सिंह छाबड़ा को कमीशन देकर कार्य किया गया है।
हेमंत चंद्राकर का रोते हुए इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो भी प्रसारित हुआ है। इसमें चंद्राकर कह रहे हैं कि किसी से कोई पैसा नहीं लिया है। बिजनेस किया है। अधिकारी कह रहे हैं कि परिवार को जेल में डाल देंगे। हमें मार दो साहब, नहीं जीना है।
सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन 1 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे राजधानी रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय परिसर के कृषि मंडपम में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े करेंगी।
इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री केदार कश्यप, टंकराम वर्मा, गुरु खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, इन्द्र कुमार साहू, अनुज शर्मा तथा महापौर मीनल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
राज्य स्तरीय आयोजन में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, उनके कल्याण, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा समाज में उनकी सक्रिय भूमिका को सशक्त करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, अनुभव साझा करने के सत्र, स्वास्थ्य जांच शिविर एवं प्रेरक वार्ता का भी आयोजन होगा।
जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में वृद्धजन के योगदान को मान्यता देना, उन्हें सम्मानित करना और उनकी सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा और उनके अधिकारों एवं कल्याण से संबंधित जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों द्वारा वृद्धजन कल्याण से जुड़ी नवीनतम सरकारी योजनाओं एवं पहलों की जानकारी भी साझा की जाएगी, जिससे समाज के वरिष्ठ नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवरात्रि के पावन पर्व पर विगत रात्रि राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न गरबा समारोहों में शामिल हुए। उन्होंने मातारानी का दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर रायपुर शहर गरबा के रंग में सराबोर दिखाई दिया और हर तरफ़ उत्सव का उल्लास वातावरण में व्याप्त था।
मुख्यमंत्री साय भानपुरी स्थित कच्छ कड़वा पाटीदार समाज, आशीर्वाद भवन में गुजराती लोहाणा महाजन समाज द्वारा आयोजित “झणकारो 2025”, इनडोर स्टेडियम में “रंगीलो रास 2025” तथा ओमाया पार्क में “रास गरबा उत्सव” में सम्मिलित हुए। इन आयोजनों में समाजजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक कच्छ पगड़ी पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। गरबा की धुनों और रंगारंग माहौल में मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने जनसमूह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।
प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवरात्रि उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है। यह पर्व सामाजिक समरसता को और मजबूत करता है तथा जन-जन में ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में देवी को विभिन्न स्वरूपों में पूजा जाता है और मातृशक्ति के आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी, धमतरी में मां अंगारमोती एवं बिलईमाता, सरगुजा और रतनपुर में मां महामाया, डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी जैसे अनेक स्वरूपों में माता प्रदेश में विराजमान हैं। इन सभी शक्तिपीठों का आध्यात्मिक महत्व न केवल प्रदेश की आस्था को मजबूत करता है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन ही यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जीएसटी रिफॉर्म लागू कर देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है। यह सुधार न केवल व्यापार को सुगम बनाएगा बल्कि उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ भी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘बचत उत्सव’ के माध्यम से आम नागरिकों की जेब में पैसों की उल्लेखनीय बचत हो रही है और यह अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने लोगों से आह्वान किया कि जब भी बाजार जाएँ तो स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी को प्राथमिकता दें। स्वदेशी से न केवल देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है बल्कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है और यही देश की समृद्धि का आधार बनेगा।
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंडल आयोग के अध्यक्ष सहित कच्छ कड़वा पाटीदार समाज और गुजराती लोहाणा महाजन समाज के वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय पेंडिंग शिकायतों के मामलों पर कड़ी नजर रख रहा है. साथ ही विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर कंपनियां GST कट का फायदा ग्राहकों को नहीं देंगी तो उनके खिलाफ ‘अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस’ के तहत क्लास एक्शन शुरू किया जा सकता है.
उपभोक्ता मामलों के विभाग (Department of Consumer Affairs) ने उन कंपनियों के खिलाफ सख्ती दिखाई है, जो सरकार द्वारा किए गए GST रेट कट का फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचा रही हैं. मंत्रालय को अब तक 3,487 से ज्यादा शिकायतें और पूछताछ मिल चुकी हैं.
68 पर्सेंट डायरेक्ट विभाग की सचिव निधि खरे ने बताया कि इनमें से लगभग 68% सीधे तौर पर शिकायतें हैं, जबकि बाकी पूछताछ के मामले हैं. करीब 1,700 शिकायतें केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को भेजी जा चुकी हैं.
सबसे ज्यादा शिकायतें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (घरेलू उपकरण) और प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स से जुड़ी हैं. लोगों ने शिकायत की है कि दुकानदार और कंपनियां या तो गलत GST रेट चार्ज कर रहे हैं या फिर सरकार की ओर से नोटिफाई किए गए टैक्स कट को लागू ही नहीं कर रहे.
प्रोडक्ट्स पर डिस्काउंट पर…
कई मामलों में यह भी पाया गया कि ई-कॉमर्स कंपनियों ने प्रोडक्ट्स पर डिस्काउंट दिखाया लेकिन उसमें GST कट का फायदा पूरी तरह से नहीं दिया. वहीं कुछ मामलों में प्रोडक्ट की कीमत बढ़ाकर GST कट का असर खत्म कर दिया गया, जिसे प्रॉफिटियरिंग (नाजायज मुनाफाखोरी) माना जा रहा है.
इन शिकायतों का हल निकालने के लिए मंत्रालय ने नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पर एक अलग से GST शिकायत कैटेगरी बना दी है. मंत्रालय ने साफ कहा है कि वह हर पेंडिंग केस पर बारीकी से नजर रख रहा है. अगर कंपनियां ग्राहकों को GST कट का फायदा देने से बचती रहीं, तो उनके खिलाफ अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस के तहत सख्त एक्शन शुरू किया जाएगा.