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राजनांदगांव में धान खरीदी अभियान में किसानों की खुशी, अब तक 1294 करोड़ की धान खरीदी

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राजनांदगांव। जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी अभियान तेज़ी से चल रहा है। अब तक जिले के 1,09,810 पंजीकृत किसानों से 5,452,815.20 क्विंटल धान की खरीदी हुई है, जिसकी कुल कीमत 1,294 करोड़ 51 लाख 17 हजार रूपए है। इस अभियान से किसानों में उत्साह और संतोष की लहर देखने को मिल रही है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जितेन्द्र यादव के निर्देशन में धान खरीदी कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। धान खरीदी केन्द्रों पर इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाइस, श्रमिकों की पर्याप्त संख्या और आर्द्रता मापी यंत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिले के 96 धान खरीदी केन्द्रों में खरीदी दर व सूचनाओं के लिए फ्लेक्स भी लगाए गए हैं।

धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किसानों को “तुंहर हाथ” मोबाइल एप के माध्यम से टोकन जारी किए जा रहे हैं। इससे किसानों का समय बच रहा है और उन्हें सुविधा मिल रही है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी केन्द्रों की सतत निगरानी रखी जाए और कोचियों या बिचौलियों द्वारा अवैध धान की खरीदी पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

धान का उठाव भी लगातार जारी है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,724,437.20 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि खरीदी और उठाव दोनों प्रक्रिया तेज़ी से और पारदर्शिता के साथ जारी रहेगी, ताकि किसानों को समय पर उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके।

राजनांदगांव में अवैध शराब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, 16 लाख रुपये की शराब और 3 वाहन जब्त

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राजनांदगांव। जिले में अवैध शराब के खिलाफ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जितेन्द्र यादव के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ने पिछले तीन महीनों में बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान विभाग ने कुल 214 प्रकरणों में 16 लाख 3 हजार 192 रुपये की अवैध शराब और 3 वाहन जब्त किए हैं।

प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इन प्रकरणों में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश राज्य निर्मित शराब के साथ-साथ अवैध हाथ भट्ठी मदिरा भी शामिल है। विभाग ने कुल 1615.48 बल्क लीटर शराब, जिसकी कीमत करीब 11 लाख 43 हजार 192 रुपये है, और 3 वाहन जिनकी कीमत लगभग 4 लाख 60 हजार रुपये है, जब्त किए हैं।

आबकारी विभाग ने इन मामलों में आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है और उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही, जिले में अवैध शराब के विक्रय को रोकने के लिए होटल, ढाबों और मदिरा दुकानों की नियमित जांच की जा रही है। सभी वृत्त प्रभारियों को इस अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

कुल मिलाकर, यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन अवैध शराब के व्यापार पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने के लिए गंभीर है और इसके खिलाफ लगातार संघर्ष जारी रहेगा।

मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान : कांग्रेस नेता मजदूरों के साथ उतरे कार्यस्थल पर, खुद चलाया फावड़ा

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राजनांदगांव। मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को राजनांदगांव ब्लॉक के ग्राम ढोढ़िया और लिटिया में मनरेगा मजदूरों के बीच पहुंचकर कार्यस्थल पर संवाद किया। इस दौरान जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार और कांग्रेसजनों ने मजदूरों के साथ खुद फावड़ा चलाया, मिट्टी ढोकर फेंकी और श्रम कर मजदूरों का हाथ बंटाया। कार्यस्थल पर मौजूद मनरेगा मजदूरों से सीधा संवाद करते हुए कांग्रेस नेताओं ने उनकी समस्याएं सुनीं और जमीनी हकीकत को करीब से समझा।
जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने मजदूरों से चर्चा करते हुए मनरेगा अधिनियम के तहत मिलने वाले अधिकारों, रोजगार की गारंटी और योजनागत ढांचे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों की आजीविका और सम्मान से जुड़ा कानून है।
जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि मनरेगा मजदूरों के अधिकारों में कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रोजगार के दिन घटाना, मजदूरी भुगतान में देरी और योजनाओं को कमजोर करना सीधे-सीधे गरीबों पर हमला है। मजदूरों को न्यूनतम 400 रुपये की मजदूरी मिलनी चाहिए, जबकि नई योजना में सरकार यह अधिकार भी छीन रही है। कांग्रेस मनरेगा को कमजोर करने के हर प्रयास के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के माध्यम से गांव-गांव जाकर मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इस अवसर पर राजनांदगांव ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष एवं जनपद सदस्य रोहित चंद्राकर, उत्तर ब्लॉक अध्यक्ष चेतन भानुशाली, दक्षिण ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण साहू, ढोढ़िया सरपंच दिल्लू साहू और लिटिया सरपंच गोपीचंद गायकवाड़, वीरेंद्र चंद्राकर, हेमंत बंजारे, नीलम वर्मा, बीसेदास मारकंडे, जुगरु मंडले, किशन वर्मा, तिरथ पटेल, नीलम यादव, केजु साहू, मंगलू साहू, लिखन साहू, मेघनाथ साहू, डेरहा निषाद, देशु विश्वकर्मा, परस साहू, महेश दिवाकर उपस्थित रहे। सभी ने अभियान को मजदूर हित में जरूरी बताते हुए इसे आगे बढ़ाने की बात कही। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और मजदूरों के हक की इस लड़ाई में कांग्रेस पूरी ताकत से खड़ी रहेगी।

गौ सेवा संकल्प के साथ बच्चों ने दी गौ विज्ञान परीक्षा

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राजनांदगांव। भारतीय संस्कृति में गौ एवं मानव जीवन में उसके महत्व को ध्यान में रखते हुए गौ पालन और गौ संवर्धन के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा प्रदेशभर में गौ विज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया। इसी क्रम में राजनांदगांव जिले में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने परीक्षा में सहभागिता की।
जिले में कुल 262 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में करीब 6200 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें राजनांदगांव विकासखंड से 2191, डोंगरगढ़ से 1216, डोंगरगांव से 1309 तथा छुरिया से 1484 विद्यार्थियों ने पंजीयन कर परीक्षा दी। परीक्षा में विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर के विद्यार्थी शामिल हुए।
परीक्षा का सफल आयोजन जिला नोडल संतोष कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। वहीं विकासखंड स्तर पर राजनांदगांव से मिथलेश वर्मा, डोंगरगढ़ से संपत वर्मा, डोंगरगांव से ईश्वर जोशी और छुरिया से लक्ष्मण साहू नोडल के रूप में व्यवस्था संभालते रहे। विभाग संयोजक पारस वर्मा, गौ सेवा जिला अध्यक्ष जीवन जंघेल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
आयोजकों के अनुसार गौ विज्ञान परीक्षा के माध्यम से बच्चों में गौ सेवा, संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया, ताकि भारतीय संस्कृति और परंपराओं से नई पीढ़ी को जोड़ा जा सके।

जोगी कांग्रस ने मल्टीस्पेशलिटी नाम वाले निजी अस्पतालों की जांच की मांग, सीएमएचओ को ज्ञापन

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राजनांदगांव। जिले में संचालित निजी अस्पतालों द्वारा नियमों के विपरीत अपने नाम के साथ मल्टीस्पेशलिटी और सुपर स्पेशलिटी शब्द जोड़ने के मामले को लेकर अजीत जोगी युवा मोर्चा ने आपत्ति जताई है। मंगलवार को मोर्चा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शमशुल आलम की उपस्थिति में युवा जिला महासचिव ऋषभ रामटेके ने कार्यकर्ताओं के साथ जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के नाम ज्ञापन सौंपकर जांच व कार्रवाई की मांग की।
शमशुल आलम ने कहा कि जिले और शहर में कई ऐसे निजी अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जिन्होंने अपने नाम में मल्टीस्पेशलिटी या सुपर स्पेशलिटी शब्द जोड़ रखा है, जबकि उनके पास इस श्रेणी के अस्पतालों के लिए आवश्यक मापदंड मौजूद नहीं हैं। उन्होंने बताया कि मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों में 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, आधुनिक तकनीकी उपकरण और जरूरी सुविधाएं होना अनिवार्य है, लेकिन कई अस्पतालों में ये व्यवस्थाएं नहीं हैं। इसके बावजूद वे मरीजों को गुमराह कर खुद को मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल बता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अस्पतालों में एक ही डॉक्टर अलग-अलग समय पर विभिन्न बीमारियों का इलाज करता है।
जिला महासचिव ऋषभ रामटेके ने कहा कि जिन अस्पतालों में मल्टीस्पेशलिटी जैसी सुविधाएं नहीं हैं, उन्हें यह दर्जा देने वालों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित दस्तावेजों की प्रतिलिपि उपलब्ध कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो जोगी कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।
इस दौरान अजीत जोगी युवा मोर्चा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शमशुल आलम, जिला महासचिव ऋषभ रामटेके के साथ अंकू पांडे, साहिल खान, आकाश गेडाम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

धर्मापुर आश्रम के बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो : क्रिस्टोफर पॉल

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राजनांदगांव। धर्मांतरण और मतांतरण को लेकर बीते एक सप्ताह से जिले में मचे बवाल के बीच अब नाबालिग बच्चों की पढ़ाई का मामला सामने आया है। धर्मापुर में विदेशी फंड से बनाए गए चर्च और आश्रम से रेस्क्यू किए गए बच्चों की शिक्षा बाधित होने पर छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन ने चिंता जताई है।

नेहरू नगर निवासी डेविड चाको द्वारा धर्मापुर में बनाए गए चर्च व आश्रम में कांकेर जिले से लाए गए करीब एक दर्जन नाबालिग आदिवासी बच्चों को पिछले तीन वर्षों से गैरकानूनी रूप से रखे जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बच्चों को रेस्क्यू कर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को सौंपा, जहां से उन्हें उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया।

पढ़ाई पर पड़ा असर
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिस्टोफर पॉल ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव को पत्र लिखकर कहा कि ये बच्चे धर्मापुर क्षेत्र के आसपास के स्कूलों में पढ़ाई कर रहे थे। अब उन्हें वापस कांकेर भेज दिए जाने से उनकी पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो गई है और उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष खराब होने की आशंका है।

परीक्षा में शामिल कराने की मांग
पॉल ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें पुनः यहां लाने की व्यवस्था की जाए या कम से कम इस सत्र में वार्षिक परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए, ताकि बच्चों का एक साल बर्बाद न हो। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों की शिक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

चिखली पुलिस की बड़ी कार्रवाई : चाकू लहरा कर राहगीरों को डराने वाला आदतन बदमाश गिरफ्तार

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राजनांदगांव। 19 जनवरी 2026 की रात को चिखली पुलिस ने एक आदतन बदमाश को गिरफ्तार कर उसके पास से धारदार चाकू बरामद किया। यह बदमाश चिखली के हनुमान मंदिर के पास राहगीरों को चाकू लहरा कर डराने धमकाने का काम कर रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी तुलसी उर्फ छोटू शर्मा (28 वर्ष), निवासी चिखली दीनदयाल नगर को मौके पर रंगे हाथ पकड़ लिया और उसके कब्जे से एक लोहे का धारदार चाकू जब्त किया।

आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही
आरोपी के खिलाफ धारा 25 और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस द्वारा यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई थी।

शांति भंग करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार
इसी दौरान पुलिस ने मोहल्ले के दो बदमाशों को भी गिरफ्तार किया, जो लोगों के साथ झगड़ा कर अशांति फैला रहे थे। इन बदमाशों की पहचान सुधीर नायडू (19 वर्ष) और योगेश कुमार मड़ामे (27 वर्ष) के रूप में हुई है। सुधीर नायडू दीनदयाल नगर का और योगेश मड़ामे शांतिनगर का निवासी है। दोनों के खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में धारा 170, 126, 135(3) बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान
चिखली पुलिस क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत अवैध गांजा, शराब की बिक्री, असामाजिक तत्वों, गुंडा-बदमाशों और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस सफलता में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चन्द्र मरई, प्र.आर. अरूण कुमार नेताम, अरविंद साहू, म.प्र.आर. वंदना पटले, आर0 सुनील बैरागी, चन्द्रकपूर आयाम, गोपाल पैकरा, जितेन्द्र कश्यप, तामेश्वर भुआर्य, नागेश्वर साहू और चौकी चिखली स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पुलिस की तत्परता और समर्पण से क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।

ट्रैक्टर चोरी का खुलासा : एक अपचारी बालक सहित 5 आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। जिले के गैंदाटोला थाना क्षेत्र में 14 जनवरी 2026 को हुई ट्रैक्टर चोरी का पुलिस ने खुलासा कर लिया है। प्रार्थी जीवनलाल पटेल ने अपने घर के सामने खड़ा स्वराज 735 ट्रैक्टर (क्रमांक CG 08 AL 8685) चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। ट्रैक्टर की कीमत लगभग 3,50,000 रुपये बताई गई।

पुलिस की कार्रवाई:
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी डोंगरगांव श्रीमती मंजूलता बाज के पर्यवेक्षण में थाना गैंदाटोला प्रभारी निरीक्षक कौशलेश देवांगन और सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना के आधार पर ट्रैक्टर को ग्राम खुर्सीपार, चिरपोटा जंगल क्षेत्र से बरामद किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक अपचारी बालक को भी गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में बताया कि उसने योगेश साहू, देवेन्द्र साहू, यशवंत कुमार नेताम और अजय कुमार के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

चोरी में प्रयुक्त वाहन बरामद:
घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार (क्रमांक CG 05 X 8600) ग्राम साकरदाहरा, थाना डोंगरगांव के पास मिली, जिसमें चारों आरोपी सवार थे। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपियों ने चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों के मेमोरण्डम कथन के आधार पर कार और चोरी में प्रयुक्त पेचकस जब्त किए गए।

न्यायिक कार्रवाई:
20 जनवरी 2026 को चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। अपचारी बालक को किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत कर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया।

पुलिस की सराहनीय भूमिका:
इस कार्रवाई में थाना गैंदाटोला प्रभारी निरीक्षक कौशलेश देवांगन, सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार, सउनि. मेघनाथ सिन्हा, आर. मोहित साहू, आर. नरेश प्रधान और सायबर सेल के आर. परिवेश वर्मा, मनीष वर्मा, हेमंत साहू, आदित्य राजपूत का सराहनीय योगदान रहा।

नया संदेश:
पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के दम पर जिले में बढ़ते वाहन चोरी के मामलों पर नियंत्रण पाया जा रहा है। आरोपी गिरफ्तार होने से आम जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।

Nitin Nabin: नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर RJD की पहली प्रति

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नितिन नबीन को मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया. उन्होंने जेपी नड्डा का स्थान लिया है. उनके अध्यक्ष बनने के साथ ही ऐसे वक्त में पार्टी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है जब वह देश की राजनीति पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है.

इस बीच बिहार में सियासत भी शुरू हो गई है.

‘मोदी-शाह ने नितिन नबीन का नाम आगे कर दिया’

आरजेडी के प्रवक्ता एजाज अहमद ने परिवारवाद का मुद्दा उठाते हुए बीजेपी को घेरा. आरजेडी का कहना है कि आरएसएस ने मोदी शाह पर दबाव बनाया था कि संघ के पसंद का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए. इससे छुटकारा पाने के लिए मोदी-शाह ने नितिन नबीन का नाम आगे कर दिया.

एजाज अहमद ने कहा कि बीजेपी परिवारवाद पर सवाल उठाती है दिखावे के लिए. आज बीजेपी ने परिवारवाद की राजनीति को आगे बढ़ाने का काम किया है. क्या बीजेपी अब परिवारवाद के अनुसार चलेगी? बीजेपी सफाई दे.

क्यों उठ रहा परिवारवाद का सवाल?

बता दें कि नितिन नबीन के पिता नवीन सिन्हा बिहार में बीजेपी के विधायक हुआ करते थे. 2006 में उनका निधन हो गया था. उप चुनाव हुआ तो नितिन नबीन जीत गए. अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया. बांकीपुर (पटना जिला) से वे अभी विधायक हैं. अब राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है तो आरजेडी परिवारवाद से इसको जोड़ते हुए बीजेपी को घेर रही है. हालांकि लालू परिवार को बीजेपी परिवारवाद को लेकर हमेशा घेरते रही है.

दूसरी ओर पार्टी (बीजेपी) के शीर्ष पद पर आसीन होने वाले नितिन नबीन अब तक के सबसे युवा व्यक्ति हैं. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वरिष्ठ मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी और अन्य लोग भाजपा मुख्यालय में मौजूद थे. नितिन नबीन बीजेपी के 12वें अध्यक्ष बने, जिसकी स्थापना 1980 में हुई थी और उसी वर्ष उनका जन्म भी हुआ था. सुर्खियों से दूर रहने वाले नितिन नबीन 14 दिसंबर को बीजेपी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त हुए थे. इसके बाद बिहार सरकार में कानून और न्याय, शहरी विकास और आवास मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था.

बजट 2026: ‘चीन के एक्शन से बचाओ.’, क्यों कंपनियां लगा रही मदद की सरकार

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एक फरवरी को केन्द्रीय बजट पेश होने वाला है और इससे पहले अलग-अलग सेक्टर सरकार से अपनी-अपनी मांगें रख रहे हैं. उद्योग जगत न सिर्फ वित्तीय राहत की उम्मीद कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर दूसरे देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए भी सरकार से सहयोग चाहता है.

इन्हीं क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर भी शामिल है, जिसने चीन में लगाए गए प्रतिबंधों का हवाला देते हुए सरकार से संरक्षण और राहत की मांग की है.

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का कहना है कि चीन द्वारा मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले कई अहम कंपोनेंट्स के निर्यात पर रोक लगाने से वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ा है. भारत में मोबाइल फोन निर्माण काफी हद तक आयातित पार्ट्स पर निर्भर है, ऐसे में चीन के प्रतिबंधों ने उत्पादन लागत और आपूर्ति दोनों को जोखिम में डाल दिया है. इसी वजह से कंपनियां सरकार से बजट में ऐसे कदम उठाने की मांग कर रही हैं, जिससे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिल सके.

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने सरकार से मोबाइल पार्ट्स जैसे माइक्रोफोन, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) और वियरेबल्स पर कस्टम ड्यूटी में कटौती की मांग की है. इसके साथ ही, अन्य जरूरी कंपोनेंट्स पर भी टैरिफ कम करने की अपील की गई है, ताकि मोबाइल फोन की कुल उत्पादन लागत घटाई जा सके. आईसीईए के सदस्य संगठनों में एप्पल, फॉक्सकॉन, शाओमी, वीवो और ओप्पो जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आईसीईए ने सरकार को बताया है कि चीन की ओर से मैन्युफैक्चरिंग इनपुट्स पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण सप्लाई चेन में अनिश्चितता काफी बढ़ गई है. भारत की आयात पर निर्भरता इस जोखिम को और बढ़ा रही है. ऐसे में उद्योग संगठन ने मांग की है कि मोबाइल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले आयातित कंपोनेंट्स पर जीरो ड्यूटी का लाभ दिया जाए, ताकि कंपनियों को राहत मिल सके और उत्पादन प्रभावित न हो.

उद्योग निकाय ने यह भी याद दिलाया कि पिछले बजट 2025-26 में सरकार ने कई कैपिटल गुड्स को सीमा शुल्क से बाहर रखा था. इसी तर्ज पर मोबाइल फोन उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले आयातित कंपोनेंट्स और लिथियम आयन सेल पर भी सीमा शुल्क शून्य किया जाना चाहिए. संगठन का कहना है कि इन जरूरी कंपोनेंट्स के बिना न केवल उत्पादन लागत बढ़ेगी, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया भी बाधित हो सकती है.

आईसीईए ने आगे कहा कि बैटरी मैटेरियल्स की वैश्विक आपूर्ति पहले से ही अनिश्चित बनी हुई है और चीन द्वारा निर्यात पर रोक लगाए जाने से यह समस्या और गंभीर हो गई है. ऐसे में भारत में जल्द से जल्द घरेलू बैटरी और लिथियम सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित करना बेहद जरूरी हो गया है. इसी को ध्यान में रखते हुए उद्योग संगठन ने लिथियम सेल मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी पर भी सीमा शुल्क माफ करने की मांग सरकार से की है, ताकि भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके.