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CG: दिनभर रुक-रुककर बारिश और हल्की फुहारों के बीच मंगलवार को अधिकतम तापमान औसत से नीचे, न्यूनतम तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई ..

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CG: दिनभर रुक-रुककर बारिश और हल्की फुहारों के बीच मंगलवार को अधिकतम तापमान औसत से नीचे, न्यूनतम तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई ..

दुर्ग जिले में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात को3.4 मिमी. बारिश हुई थी, जबकि मंगलवार को सुबह से ही मौसम बन गया। काले बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी होती रही।

दिनभर रुक-रुककर बारिश और हल्की फुहारों के बीच मंगलवार को दुर्ग जिले का अधिकतम तापमान औसत से नीचे आ गया। दिन का पारा 29.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उधर, न्यूनतम तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई। पारा सामान्य से 4.3 डिग्री की गिरावट के बाद 20.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
दुर्ग जिले में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात को3.4 मिमी. बारिश हुई थी, जबकि मंगलवार को सुबह से ही मौसम बन गया। काले बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी होती रही।
इसके बाद दोपहर में जिले के एक-दो स्थानों पर अच्छी बारिश हुई। 4.2 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई। शाम-रात तक भी बौछारें जारी रहीं। मौसम विभाग के विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि, दक्षिण तटिय ओडिशा पर बने अवदाब के प्रभाव से बुधवार को दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है, जबकि मध्य छत्तीसगढ़ के दुर्ग और रायपुर जिलों में इसके प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश संभावित है।
मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर बताया है कि, दुर्ग जिले के एक-दो स्थानों पर अवदाब के प्रभाव से भारी बारिश हो सकती है, लेकिन बौछारों और रुक-रुककर हल्की बारिश का दौर 23 अगस्त तक बना रह सकता है।

CG: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक ..

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CG: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक ..

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब ’’पेशी पर पेशी’’ का दौर खत्म हो। सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर ही किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरुस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी निगरानी और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रेकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें।
बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सडक़, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा।

छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोडक़र जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए।

CG: बिहार चुनाव से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के विस्तार को विशेषज्ञ भाजपा का एक बड़ा राजनीतिक दाव ..

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CG: बिहार चुनाव से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के विस्तार को विशेषज्ञ भाजपा का एक बड़ा राजनीतिक दाव ..

बिहार चुनाव से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के विस्तार को विशेषज्ञ भाजपा का एक बड़ा राजनीतिक दाव मान रहे हैं, 3 नए विधायकों को मंत्री बनाकर भाजपा बिहार में भी OBC-SC वोट बैंक को साधना चाहती है। जिन तीन विधायकों को मंत्री बनाया जा रहा है, वे यादव समाज, वैश्य समाज और सतनामी समाज से आते हैं।

छत्तीसगढ़ केबिनेट में नए चेहरे

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार का मंत्रिमंडल बुधवार को विस्तारित होगा। तीन नए चेहरों को मंत्री पद देकर भाजपा जातीय और राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश में है। ये विस्तार बिहार के विधानसभा चुनाव को भी साधेगा। दरअसल, इसमें अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और वैश्य समाज से प्रतिनिधियों को शामिल किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश में यादव समाज से डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद भाजपा ने बिहार चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ में भी ओबीसी व यादव समाज से आने वाले दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री बनाने का निर्णय लिया है। 2023 की जाति आधारित गणना में बिहार में यादव जाति की आबादी राज्य-स्तरीय 14.26 प्रतिशत है।

CG: मंत्रिमंडल का विस्तार, साय केबिनेट में 3 नए मंत्री बुधवार को शपत लेंगे, राज्य में पहली बार हरियाणा के तर्ज पर बनाए जाएंगे 14 मंत्री ..

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CG: मंत्रिमंडल का विस्तार, साय केबिनेट में 3 नए मंत्री बुधवार को शपत लेंगे, राज्य में पहली बार हरियाणा के तर्ज पर बनाए जाएंगे 14 मंत्री ..

छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का विस्तार बुधवार को होने वाला है, साय केबिनेट में 3 नए मंत्री बुधवार को शपत लेंगे। जिनमें दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव, अंबिकापुर के विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग के विधायक गुरु खुशवंत साहेब शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार 14 मंत्री हो जाएंगे।

छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का विस्तार

विधायक से मंत्री बन रहे गजेंद्र यादव को मिल सकती है शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी, नए मंत्री खुशवंत साहेब को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग दिया जा सकता है, राज्य में पहली बार हरियाणा के तर्ज पर बनाए जाएंगे 14 मंत्री, फिलहाल हैं 11 मंत्री.

रायपुर: मंत्रिमंडल विस्तार से पहले विभागों के बंटवारे को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार की देर रात मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव, अंबिकापुर के विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग के विधायक गुरु खुशवंत साहेब से बातचीत कर मंत्रणा की।

माना जा रहा है कि तीनों नेताओं को मंत्री पद की शपथ बुधवार को दिलाने के बाद उन्हें विभाग भी बांट दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार गजेंद्र यादव को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वे पं. रविशंकर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर हैं। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उन्हें स्कूल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सौंपे जाने की संभावना है। इसके लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से तकनीकी शिक्षा विभाग लिया जा सकता है।

“केंद्रीय कैबिनेट का तोहफा: कोटा को मिला नया एयरपोर्ट, ओडिशा को हाईटेक रिंग रोड की सौगात, कई और फैसलों पर लगी मुहर”

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“केंद्रीय कैबिनेट का तोहफा: कोटा को मिला नया एयरपोर्ट, ओडिशा को हाईटेक रिंग रोड की सौगात, कई और फैसलों पर लगी मुहर”

केंद्र सरकार ने मंगलवार (19 अगस्त) को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। पहला, राजस्थान के कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को हरी झंडी दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत ₹1507 करोड़ होगी।

वहीं, दूसरा बड़ा फैसला ओडिशा के लिए है, जहां कटक और भुवनेश्वर के बीच ₹8307 करोड़ की लागत से एक आधुनिक 6-लेन रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा।

कोटा में बनेगा आधुनिक एयरपोर्ट कोटा में लंबे समय से एक बड़े एयरपोर्ट की मांग की जा रही थी। वर्तमान में मौजूद एयरपोर्ट छोटा है और सीमित क्षमता वाला है। इस मांग को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने बूंदी जिले में नया एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी दी है। राजस्थान सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए 1000 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि नए एयरपोर्ट का रनवे 3200 मीटर लंबा होगा और टर्मिनल भवन करीब 20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला होगा। यह एयरपोर्ट प्रति वर्ष 20 लाख यात्रियों की क्षमता संभाल सकेगा और इसे आगामी दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि 2014 में जहां देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे, अब उनकी संख्या बढ़कर 162 हो गई है। उन्होंने कोटा को न केवल एजुकेशन हब बल्कि इंडस्ट्रियल सेंटर भी बताया और कहा कि देशभर से छात्र और प्रोफेशनल्स यहां आते हैं, इसलिए एयर कनेक्टिविटी बेहद जरूरी थी।

देश में हवाई यात्रियों की संख्या 41 करोड़ के पार केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया कि देश में हवाई यात्रियों की संख्या में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। पहले यह आंकड़ा 16 करोड़ के करीब था, जो अब बढ़कर 41 करोड़ तक पहुंच चुका है। ऐसे में देशभर में नए एयरपोर्ट्स की जरूरत बढ़ गई है, और सरकार उसी दिशा में कार्य कर रही है।

ओडिशा को मिला हाईटेक रिंग रोड कैबिनेट बैठक में ओडिशा के कटक और भुवनेश्वर के लिए एक और बड़ी सौगात दी गई है। दोनों शहरों के बीच 8307 करोड़ रुपये की लागत से 111 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाया जाएगा। यह सड़क एक्सप्रेसवे की तर्ज पर बनेगी और पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड होगी। सड़क को 6 लेन में बनाया जाएगा और इसे तैयार करने में ढाई साल का समय लगेगा।

सरकार का कहना है कि यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोदय विजन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूर्वी भारत को इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास के क्षेत्र में मजबूत बनाना है।

“उपराष्ट्रपति चुनाव: INDIA अलायंस से अलग हो चुकी AAP किसे देगी समर्थन? पार्टी ने लिया बड़ा फैसला”

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“उपराष्ट्रपति चुनाव: INDIA अलायंस से अलग हो चुकी AAP किसे देगी समर्थन? पार्टी ने लिया बड़ा फैसला”

इंडिया गठबंधन से बाहर हो चुकी आम आदमी पार्टी ने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपना रुख साफ कर दिया है. अरविंद केजरीवाल ने फैसला किया है कि आम आदमी पार्टी उपराष्ट्रपति चुनाव में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी का समर्थन करेगी.

मंगलवार (19 अगस्त) को आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इसकी जानकारी दी. न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि बी सुदर्शन रेड्डी विपक्ष के उम्मीदवार हैं. बता दें कि NDA ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है.

कौन हैं बी सुदर्शन रेड्डी? बी सुदर्शन रेड्डी 16 साल से अधिक समय तक संवैधानिक अदालतों में सेवाएं दे चुके हैं. जुलाई 1946 में जन्मे न्यायमूर्ति रेड्डी को 2 मई, 1995 को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया

5 दिसंबर 2005 को वह गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए. 12 जनवरी, 2007 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने. 8 जुलाई 2011 को सेवानिवृत्त हुए रिटायर हुए. 27 दिसंबर 1971 को हैदराबाद में आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हुए. 1988 से 1990 के दौरान उच्च न्यायालय में सरकारी वकील के रूप में सेवा दी

1990 के दौरान छह महीने के लिए केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता के रूप में भी काम किया. उस्मानिया विश्वविद्यालय के कानूनी सलाहकार और स्थायी वकील भी रह चुके हैं. मार्च 2013 में गोवा के पहले लोकायुक्त बने थे, सात महीने के भीतर ही इस्तीफा दे दिया. हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता एवं मध्यस्थता केंद्र के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं.

कब है उपराष्ट्रपति का चुनाव? उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर को चुनाव होना है. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है. जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद चुनाव कराया जा रहा है.

“‘यूरोप के देश नहीं होने देंगे शांति समझौता’, डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ कर पुतिन के करीबी ने EU को लगा दी लताड़”

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“‘यूरोप के देश नहीं होने देंगे शांति समझौता’, डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ कर पुतिन के करीबी ने EU को लगा दी लताड़”

अलास्का में डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन की बैठक के बाद यूक्रेन में शांति समझौते को लेकर अमेरिका में चर्चाओं का दौर जारी है. व्हाइट हाउस में ट्रंप-जेलेंस्की के साथ-साथ यूरोपीय देशों के कई नेताओं की मीटिंग हुई, जिसमें यूक्रेन युद्ध को लेकर चर्चा हुई. व्हाइट हाउस में मीटिंग के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की और यूरोपीय नेताओं पर जमकर निशाना साधा.

लावरोव के अनुसार, ट्रंप शांति समझौता चाहते हैं, जो लंबे समय तक हो, जबकि यूरोपीय देश सीजफायर के पक्ष में है. पुतिन के करीबी ने की ट्रंप की तारीफ सर्गेई लावरोव ने रूसी न्यूज चैनल Russia24 को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘अलास्का में व्लादिमीर पुतिन के साथ ट्रंप की बैठक का माहौल बहुत अच्छा था. यह स्पष्ट था कि अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम ईमानदारी से इस युद्ध को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. वे ऐसा परिणाम चाहते हैं जो लंबे समय के लिए, टिकाऊ और विश्वसनीय हो.’

शांति समझौता नहीं चाहता यूरोपीय देश: लावरोव ट्रंप-जेलेंस्की की बैठक का जिक्र करते हुए लावरोव ने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि सीजफायर की जरूरत नहीं है और रूस-यूक्रेन के बीच शांति समझौता किया जा सकता है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भी यही रुख है, लेकिन यूरोप ऐसा नहीं चाहता है. यूरोपीय नेताओं ने हर समय केवल सीजफायर पर जोर दिया, ताकि वे बाद में यूक्रेन को हथियार आपूर्ति करते रहेंगे.’

ट्रंप के साथ बैठक के लिए यूरोपीय देश भी पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (18 अगस्त 2025) को व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और यूरोपीय लीडर्स के साथ मीटिंग की. रॉयटर्स की रिपोर्ट में ये दावा किया गया था इस बैठक में यूरोपीय नेता इसलिए आए ताकि ट्रंप किसी भी समझौते को लेकर जेलेंस्की पर दवाब नहीं बना पाएं. हालांकि ट्रंप-जेलेंस्की की मुलाकात पिछली बार की तुलना में काफी अच्छी रही. दोनों नेता मीडिया के सामने एक-दूसरे की तारीफ करते नजर आए.

यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने पर हुई चर्चा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि फिलहाल इतनी जल्दी सीजफायर संभव नहीं है. हालांकि मीटिंग में यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने पर चर्चा हुई. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय देश मिलकर इस पर काम करेंगे. इस बैठक के बीच में ही ट्रंप ने पुतिन से फोन पर करीब 40 मिनट बात की. मीटिंग के बाद जेलेंस्की ने बताया कि सुरक्षा गारंटी के बदले यूक्रेन यूरोप के पैसों से 90 अरब डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपये) के अमेरिकी हथियार खरीदेगा.

“Chhattisgarh Cabinet Expansion: छत्तीसगढ़ में होगा कैबिनेट विस्तार, ये 3 नेता बनेंगे मंत्री”

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“Chhattisgarh Cabinet Expansion: छत्तीसगढ़ में होगा कैबिनेट विस्तार, ये 3 नेता बनेंगे मंत्री”

छत्तीसगढ़ में भारी अटकलों के बाद आखिरकार विष्णु देव साय मंत्रिमंडल का विस्तार तय हो गया है. बुधवार (20 अगस्त) को सुबह 10:30 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा. जिसमें करीब तीन बीजेपी विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं.

बीजेपी विधायक दल के सचेतक सुशांत शुक्ला ने पत्र जारी कर इसको पुष्टि की है. सूत्रों के मुताबिक दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब नए मंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हैं.

तीनों विधायकों को दी गई सूचना मंत्रिमंडल विस्तार के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज में तीन नए मंत्रियों के लिए तीन नए वाहन तैयार कर लिए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक मंत्री पद की शपथ लेने वाले तीनों विधायकों को भी आधिकारिक सूचना भेज दी गई है, ताकि वह समय पर शपथ ग्रहण के लिए राजभवन पहुंच सकें. इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यपाल रामेन डेका से राजभवन में मुलाकात की थी.

सीएम के विदेश दौरे के पहले मंत्रिमंडल विस्तार दरअसल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 अगस्त को जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर रवाना हो रहे हैं. सीएम के विदेश दौरे पर जाने के पहले मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरे करने की तैयारी पिछले 5 दिनों से चल रही थी. पिछले दिनों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत देते हुए कहा था कि इंतजार करते रहिए, कुछ हो सकता है.

“दुनिया में कहां-कहां वोट चोरी हुई? राहुल गांधी के आरोपों से शुरू हुई चर्चा”

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“दुनिया में कहां-कहां वोट चोरी हुई? राहुल गांधी के आरोपों से शुरू हुई चर्चा”

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने साल 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी वोट चोरी के आरोप लगाए हैं.

इसके साथ ही देश भर में जागरूकता अभियान शुरू किया है. आइए जान लेते हैं कि आखिर दुनिया में कब कहां वोट चोरी के मामले सामने आए?

सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि वोट चोरी है क्या? दरअसल, वोट चोरी का मतलब और कुछ नहीं, बल्कि चुनाव में धांधली से है. मतदाता सूची में गड़बड़ी, किसी का वोट किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा डालना, एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना जैसे मामलों को वोट चोरी के रूप में देखा जा सकता है.

इस पर लगाम कसने के लिए कांग्रेस ने अब अपने नेता राहुल गांधी की डिजिटल वोटर लिस्ट देने की मांग का समर्थन किया है. इस मांग के लिए समर्थन जुटाने के लिए एक वेबसाइट जारी की है. साथ ही लोगों को मिस्ड कॉल के जरिए इस अभियान से जोड़ने के लिए एक मोबाइल नंबर भी जारी किया है.

अमेरिकी चुनाव में भी लगते रहे हैं धांधली के आरोप दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में भी धांधली के आरोप लगते रहे हैं. खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2016 के चुनाव में धांधली के आरोप लगाए थे. हालांकि, बाद में वह खुद ही चुनाव में धांधली के मामले में फंस गए थे.

डोनाल्ड ट्रंप पर साल 2020 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में जॉर्जिया में धांधली का आरोप लगा था. आरोप था कि डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्जिया के अफसरों पर दबाव डालकर जो बाइडन की जीत को पलटने की कोशिश की थी. आरोप था कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए ट्रंप और जॉर्जिया के राज्य सचिव ब्रैड रैफेंसपर्गर के बीच फोन पर बात हुई थी. इसमें ट्रंप ने रैफेंसपर्गर से जॉर्जिया में चुनाव जीतने के लिए जरूरी वोट ढूंढने के लिए कहा था. हालांकि, बाद में ट्रंप लगातार इस तरह की किसी भी धांधली से इनकार करते रहे हैं. इसके अलावा अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने रिपोर्ट दी थी कि राष्ट्रपति पद के चुनाव में रूस ने हस्तक्षेप किया था. अब रूसी राष्ट्रपति के हवाले से ट्रंप बार-बार कह रहे हैं कि उनके चुनाव में रूस ने हस्तक्षेप नहीं किया था.

डोनाल्ड ट्रंप पर लगे थे आरोप. तुर्की में छपे थे ज्यादा बैलट पेपर, सामने आया फर्जीवाड़ा तुर्की में सात जून 2015 को हुए आम चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे थे. यह और बात है कि तब सत्ताधारी न्याय और विकास पार्टी 40.9 फीसदी वोट पाकर भी चुनाव हार गई थी. इसके बावजूद आरोप लगे थे कि चुनाव प्रचार के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan ने धांधली करने की योजना बनाई थी. इसमें यह भी शामिल था कि सत्ताधारी दल ने चुनाव में सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया.

सबसे बड़ा आरोप जो था, वह था गलत वोटर डाटा का. जिस तरह से वोटर लिस्ट में गलती के आरोप कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगा रहे हैं, उसी तरह से वोटर डाटा के गलत इस्तेमाल का आरोप तब तुर्की के राष्ट्रपति पर लगाया गया था. तुर्की के सुप्रीम इलेक्टोरल काउंसिल पर तब जरूरत से ज्यादा बैलट पेपर छपवाने का आरोप लगा था, जिससे विवाद और भी बढ़ गया था.

रोमानिया के राष्ट्रपति चुनाव सवालों के घेरे में आया था साल 2014 में हुआ रोमानिया के राष्ट्रपति पद का चुनाव भी सवालों के घेरे में रहा था. चुनाव का पहला चरण दो नवंबर 2014 को पूरा हुआ था, पर किसी भी प्रत्याशी को 50 फीसदी से अधिक वोट नहीं मिले थे, इसलिए 16 नवंबर 2014 को फिर से चुनाव कराए गए थे. इसमें Klaus Iohannis को राष्ट्रपति घोषित किया गया था. तब मतदाताओं ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया था और पूरी वोटिंग प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे.

इस नतीजे पर इसलिए भी सवाल खड़े हुए थे, क्योंकि दूसरे चरण के चुनाव से ठीक पहले नए राष्ट्रपति दौड़ में कहीं थे ही नहीं. इस चुनाव में घूसखोरी के आरोप तक लगे थे. कहा गया था कि चुनाव प्रचार के दौरान 6.5 मिलियन लोगों को खाना बांटा गया था.

तुर्की के तत्कालीन राष्ट्रपति एर्दोगन पर लगे थे आरोप.

आठ में से छह राज्यों में बढ़त के बावजूद हार गए थे रायला ओडिंगा केन्या में दिसंबर 2007 में हुआ आम चुनाव पर भी धांधली की छाया पड़ी थी. इस चुनाव में किबाकी और रायला ओडिंगा के बीच सीधा मुकाबला था. ओपिनियन पोल में साफ-साफ रायला आगे थे, जबकि किबाकी को विजेता घोषित कर दिया गया था. हालांकि, नेशनल एसेंबली में ओडिंगा की पार्टी ने बहुमत हासिल की थी. देश के आठ में से छह राज्यों में भी ओडिंगा की पार्टी को बहुमत मिला था.

ऐसे में चुनाव पर सवाल खड़े होने लगे थे. इसको देखते हुए किबाकी ने जल्दबाजी में पदभार संभाल लिया, जिसके बाद देश भर में हिंसा भड़क उठी थी. इसमें 1300 लोग मारे गए थे जबकि छह लाख से ज्यादा पलायन कर गए थे. हालांकि, बाद में ओडिंगा और किबाकी ने मिल कर सरकार बना ली और ओडिंगा को प्रधानमंत्री बनाया गया था.

“नेहरू ने देश को 2 बार बांटा, सिंधु जल संधि से नहीं हुआ कोई फायदा… NDA सांसदों की बैठक में बोले PM मोदी”

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“नेहरू ने देश को 2 बार बांटा, सिंधु जल संधि से नहीं हुआ कोई फायदा… NDA सांसदों की बैठक में बोले PM मोदी”

NDA Parliamentary Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) संसदीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्वीकार किया था कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि से भारत को कोई लाभ नहीं हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नेहरू ने देश का दो बार बंटवारा किया था, एक बार रेडक्लिफ रेखा के जरिए और दूसरी बार उस संधि के जरिए, जिसके तहत नदी का 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को दे दिया गया। यह समझौता भी किसान विरोधी था। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नेहरू ने एक बार देश का बंटवारा किया और फिर दोबारा। सिंधु जल संधि के तहत 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को दे दिया गया। बाद में, अपने सचिव के माध्यम से नेहरू ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि इससे कोई लाभ नहीं हुआ।

सिंधु जल संधि किसानों के साथ विश्वासघात: जगदम्बिका पाल बैठक में मौजूद भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर करने को नेहरू द्वारा विश्वासघात बताया और कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री को इसके लिए संसद की मंजूरी लेनी चाहिए थी। पाल ने एएनआई से कहा कि देश के साथ विश्वासघात हुआ है। अगर वह (जवाहरलाल नेहरू) लोकतांत्रिक चुनाव में प्रधानमंत्री होते तो उन्हें इसके लिए संसद की मंजूरी लेनी चाहिए थी। कैबिनेट और संसद के विश्वास के बिना वह पाकिस्तान गए और समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद अकेले वापस आ गए। यह हमारे किसानों के साथ विश्वासघात है।

हमें गर्व है कि प्रधानमंत्री ने तथ्य बताए: रविशंकर प्रसाद प्रधानमंत्री की टिप्पणी की सराहना करते हुए भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार की पाकिस्तान को 80 करोड़ रुपये देने के लिए आलोचना की। भाजपा नेता ने कहा कि हमें गर्व है कि प्रधानमंत्री ने तथ्य बताए। नेहरू जी ने न केवल कैबिनेट की मंजूरी या चर्चा के बिना संधि पर हस्ताक्षर किए, बल्कि उन्हें 80 करोड़ रुपये भी दिए। जब भी किसी संधि पर हस्ताक्षर किए जाते हैं, तो वह संसद में चर्चा के बाद ही किया जाता है। 14 अगस्त को भारत ने सिंधु जल संधि के तहत हेग स्थित मध्यस्थता न्यायालय द्वारा हाल ही में दिए गए फैसले को दृढ़ता से खारिज कर दिया और कहा कि न्यायालय में क्षेत्राधिकार, वैधता और क्षमता का अभाव है।

भारत ने स्थगित कर दिया है सिंधु जल संधि साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान एएनआई के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए जायसवाल ने कहा कि भारत ने कभी भी तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय की वैधता, औचित्य या क्षमता को स्वीकार नहीं किया है। इसलिए इसके फैसले अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं, कानूनी स्थिति से रहित हैं और इनका भारत के जल उपयोग के अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ता है। अप्रैल में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद, जिसमें 26 लोग मारे गए थे भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को तब तक स्थगित कर दिया है, जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन का त्याग नहीं कर देता।

भारत और पाकिस्तान के बीच नौ वर्षों की बातचीत के बाद 1960 में विश्व बैंक की सहायता से सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किये गये थे जो इस संधि का एक हस्ताक्षरकर्ता भी है। इस संधि के तहत पश्चिमी नदियां (सिंधु, झेलम, चिनाब) पाकिस्तान को तथा पूर्वी नदियां (रावी, व्यास, सतलुज) भारत को आवंटित की गयी हैं। इस बीच, उसी बैठक में प्रधानमंत्री ने एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का भी परिचय कराया और उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय का जमीनी नेता बताया। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह (राधाकृष्णन) ओबीसी समुदाय के एक जमीनी नेता हैं, स्वभाव से सरल हैं और राजनीति में खेल नहीं करते हैं।