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“क्या है नई Royal Enfield Hunter की कीमत? खरीदने से पहले जान लीजिए डिटेल्स”

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“क्या है नई Royal Enfield Hunter की कीमत? खरीदने से पहले जान लीजिए डिटेल्स”

Royal Enfield ने अपनी सबसे सस्ती बाइक Hunter 350 को एक नए अवतार में पेश किया है. अब इसे नए कलर ऑप्शन Graphite Grey कलर में भी खरीदा जा सकेगा, जिसकी कीमत 1 लाख 76 हजार 750 रुपये एक्स-शोरूम है.

यह नया कलर मिड वेरिएंट में मौजूद है और हंटर के कुल 7 कलर ऑप्शन में शामिल हो गया है. नई Royal Enfield Hunter के फीचर्स अपग्रेडेड रॉयल एनफील्ड हंटर में कई मॉडर्न फीचर्स शामिल किए गए हैं, जिनमें LED हेडलैंप, ट्रिपर नेविगेशन पॉड और टाइप-सी यूएसबी चार्जिंग पोर्ट जैसे अपग्रेड्स मिलते हैं. इसके अलावा सीट को ज्यादा डेंसिटी वाले फोम के साथ अपडेट किया गया है. ये फीचर्स राइडर के एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाते हैं, जो खासतौर पर लंबी सवारी के लिए परफेक्ट है. बाइक में आरामदायक सवारी के लिए नया रियर सस्पेंशन और बेहतर सीटिंग कम्फर्ट मिलता है.

Royal Enfield Hunter की पावर अब इंजन की बात की जाए तो हंटर 350 में 349सीसी J-सीरीज एयर-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलता है. ये पावरट्रेन 20.2 बीएचपी और 27 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है. ये इंजन 5-स्पीड गियरबॉक्स और स्लिप असिस्ट क्लच के साथ मिलता है. इस नए कलर एडिशन की बुकिंग रॉयल एनफील्ड डीलरशिप, ऑफिशियल वेबसाइट और ऐप के माध्यम से शुरू हो चुकी है.

नया ग्रेफाइट ग्रे वेरिएंट आपको मैट फिनिश के साथ मिलेगा, जो कि काफी आकर्षक लुक देता है. इसमें Neon येलो हाइलाइट्स लगे हैं और ये शहरी ग्रेफिटी आर्ट से इंस्पायर्ड है. ये कलर रियो व्हाइट और डैपर ग्रे के साथ मिड वेरिएंट में भी मौजूद है. रॉयल एनफील्ड हंटर 350 का नया रंग मिड-वेरिएंट में उपलब्ध है. हंटर 350 को युवा ग्राहकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है और यह सिटी राइडिंग के लिए एक स्टाइलिश विकल्प है. यह बाइक अब रियो व्हाइट, डैपर ग्रे और ग्रेफाइट ग्रे रंगों में उपलब्ध है.

“दिल्ली-NCR को PM मोदी ने दी बड़ी सौगात, UER-II और द्वारका एक्सप्रेस-वे के नए सेक्शन का किया उद्घाटन”

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“दिल्ली-NCR को PM मोदी ने दी बड़ी सौगात, UER-II और द्वारका एक्सप्रेस-वे के नए सेक्शन का किया उद्घाटन”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (17 अगस्त 2025) देश की राजधानी दिल्ली में दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, द्वारका एक्सप्रेसवे के दिल्ली खंड और शहरी विस्तार सड़क-II (UER-II) का उद्घाटन किया.

इस दौरान पीएम मोदी ने रोहिणी में रोड शो भी किया. इस मौके पर उनके साथ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहे. करीब 11,000 करोड़ रुपये की लागत से बनी ये परियोजनाएं दिल्ली-एनसीआर की यातायात समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी.

UER-II प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद दिल्ली से गुजरने वाले लाखों लोगों की ज़िंदगी आसान हो जाएगी. पहले सिंघु बॉर्डर से द्वारका एक्सप्रेसवे तक की दूरी तय करने में लगभग ढाई घंटे लगते थे. अब यह सफर केवल 40 मिनट में पूरा होगा. रोजाना दिल्ली में प्रवेश करने वाले करीब 3 लाख वाहनों को शहर के अंदर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे न सिर्फ दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक जाम कम होगा बल्कि प्रदूषण और समय की बचत भी होगी.

द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली सेक्शन 10.1 किलोमीटर लंबे दिल्ली सेक्शन को बनाने में लगभग 5,360 करोड़ रुपये की लागत आई है. यह हिस्सा शिव मूर्ति चौक से द्वारका सेक्टर-21 और फिर वहां से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर तक फैला है. इस सेक्शन की खासियत है इसमें यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, डीएमआरसी की ब्लू और ऑरेंज लाइन है. वहीं आने वाला बिजवासन रेलवे स्टेशन और द्वारका क्लस्टर बस डिपो को आपस में जोड़ते हुए यह मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का बेहतरीन उदाहरण है.

दिल्ली-एनसीआर के लिए गेम-चेंजर सरकार का दावा है कि ये दोनों परियोजनाएं दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए गेम-चेंजर साबित होंगी. द्वारका एक्सप्रेसवे यात्रियों के लिए राहत का बड़ा साधन बनेगा. UER-II दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों से ट्रैफिक का दबाव कम करेगा. इससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और दिल्ली-हरियाणा कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.

“अमेरिका से कुछ भी खरीदना बंद कर दे भारत तो क्या होगा, किसे होगा ज्यादा नुकसान?”

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“अमेरिका से कुछ भी खरीदना बंद कर दे भारत तो क्या होगा, किसे होगा ज्यादा नुकसान?”

भारत और अमेरिका दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं और एक-दूसरे के अहम कारोबारी साझेदार भी हैं. दोनों देशों के बीच हर साल अरबों डॉलर का व्यापार होता है. अगर किसी वजह से भारत और अमेरिका के बीच व्यापार पूरी तरह बंद हो जाए, तो यह एक बड़ा सवाल है कि आखिर किसे सबसे ज्यादा नुकसान होगा.

अगर भारत और अमेरिका के बीच व्यापार पूरी तरह बंद हो जाए तो दोनों देशों पर स्पष्ट रूप से असर पड़ेगा, लेकिन इस स्थिति में भारत को अपेक्षाकृत ज्यादा नुकसान होगा. चलिए इस बारे में विस्तार से जानें.

किसको होगा ज्यादा नुकसान भारत की अर्थव्यवस्था अमेरिका के मुकाबले काफी छोटी है और उसकी वैश्विक व्यापार पर निर्भरता ज्यादा है. अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, यहां फार्मास्यूटिकल्स, आईटी सेवाएं, कपड़ा, रत्न-आभूषण जैसे क्षेत्रों का बड़ा हिस्सा जाता है. अगर अचानक व्यापार ठप हो जाता है तो इन उद्योगों पर सीधी मार पड़ेगी, इस वजह से न सिर्फ इन कंपनियों की आय गिरेगी, बल्कि लाखों लोगों की नौकरियां भी खतरे में आ जाएंगी. विदेशी मुद्रा भंडार, नए निवेश और स्टार्टअप सेक्टर पर भी गंभीर नेगेटिव असर होगा.

क्या कहते हैं आंकडे सबसे पहले आंकड़ों पर नजर डालते हैं. साल 2023-24 में भारत और अमेरिका के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 118 अरब डॉलर का रहा है. इसमें भारत ने अमेरिका को करीब 77 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि अमेरिका से लगभग 41 अरब डॉलर का आयात किया. यानी भारत का अमेरिका के साथ लगभग 36 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस है. अगर व्यापार बंद हो जाता है तो भारत को नुकसान होगा, क्योंकि अमेरिकी बाजार भारतीय आईटी कंपनियों, फार्मा और कपड़ा उद्योग के लिए सबसे बड़ा ग्राहक है. लाखों नौकरियां सीधे-सीधे प्रभावित होंगी. आईटी सेक्टर की कमाई का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका से ही आता है.

अमेरिका को महंगी पड़ेंगी जेनरिक दवाएं इसके उलट स्थिति में अगर अमेरिका की बात की जाए तो वहां के लिए भारतीय बाजार और आपूर्ति के ऑप्शन तेजी से उपलब्ध हो सकते हैं, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और कुछ दवाएं. हां, लेकिन अमेरिका को भी जेनरिक दवाएं और कुछ अन्य वस्तुएं महंगी मिल सकती हैं और कई कंपनियों को नया आपूर्तिकर्ता खोजना पड़ेगा. मगर अमेरिका की बड़ी और विविध अर्थव्यवस्था और उसके अनेक बिजनेस पार्टनर उसे इस नुकसान से जल्दी उबार सकते हैं.

अमेरिका का क्या रहेगा हाल कुल मिलाकर, भारत के लिए अमेरिकी बाजार का नुकसान उसकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार और उद्योगों पर अधिक गंभीर असर डालेगा, वहीं अमेरिका पर असर अपेक्षाकृत सीमित रहेगा. इसी वजह से विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसी व्यापारिक बंदी की स्थिति में भारत को आर्थिक और सामाजिक दोनों लिहाज से झटका ज्यादा लगेगा.

“Himachal Pradesh: मंडी जिले में बादल फटा, फ्लैश फ्लड से तबाही, चपेट में आए गौशालाएं और दर्जनों घर”

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“Himachal Pradesh: मंडी जिले में बादल फटा, फ्लैश फ्लड से तबाही, चपेट में आए गौशालाएं और दर्जनों घर”

मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. कई जगह बादल फटने और फ्लैश फ्लड आने से लोगों के घर, खेत, गौशालाएं और मवेशी बह गए.

दर्जनों सड़कें बंद हो गईं और नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से लोग खौफ में हैं. प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव टीमें भेज दी गई हैं.

आरंग और बथेरी में तबाही का मंजर पधर उपमंडल के आरंग में खड्ड ने रौद्र रूप धारण कर लिया. तेज बहाव ने घरों को खतरे में डाल दिया और कई गौशालाएं बह गईं. बथेरी और उसके आसपास का हाल बेहाल है. यहां बादल फटने से मलबा सीधे घरों और खेतों में घुस गया. कई वाहन मलबे में दब गए, तो कई सीधे तेज धारा में बह गए. खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है.

शाला नाला में बादल फटने से पुल बहा उतरशाल क्षेत्र में शाला नाला उफान पर आ गया. यहां बादल फटने से भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर आया और शाला पुल बह गया. इस घटना में आसपास के कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है. वहीं 7 गौशालाएं पूरी तरह बर्बाद हो गईं और कई मवेशियों के बहने की खबर है. हालांकि राहत की बात यह है कि जान-माल का कोई नुकसान सामने नहीं आया है.

कटौला में पुल बहा, घर बहे कटौला तहसील में भी फ्लैश फ्लड ने तबाही मचाई. शेगली पंचायत में एक घर बह गया, जबकि कटौला से माहुर को जोड़ने वाला पुल भी तेज बहाव में बह गया. आसपास के इलाकों में लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं. लगातार बढ़ते पानी से लोगों में दहशत का माहौल है.

सड़कें और बिजली व्यवस्था ठप भारी बारिश और भूस्खलन से मंडी जिले की कई सड़कें बंद हो गई हैं. बजौरा-मंडी, मंडी-कुल्लू और मंडी-जोगिंदरनगर मार्ग जगह-जगह स्लाइडिंग होने से अवरुद्ध हैं. ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी सड़कें भी मलबा आने से बंद हो गई हैं.

हिमाचल प्रदेश में इस वक्त 311 सड़कें और 2 नेशनल हाईवे बंद पड़े हैं. 348 ट्रांसफार्मर और 119 पेयजल योजनाएं भी ठप हो चुकी हैं. सिर्फ मंडी जिले में ही 175 सड़कें, 322 बिजली ट्रांसफार्मर और 44 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं.

प्रशासन ने मौके पर राहत-बचाव कार्य तेज कर दिया है. JCB मशीनें लगाकर सड़कों को खोलने का काम जारी है. डीसी मंडी ने बताया कि अब तक जान का कोई नुकसान नहीं हुआ है और प्रभावित इलाकों का सर्वे कराया जा रहा है. जिन परिवारों को नुकसान हुआ है, उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी.

विधायक ने जताया दुख द्रंग के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने बारिश से हुए नुकसान पर दुख जताया और कहा कि प्रशासन हर प्रभावित व्यक्ति की मदद करेगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें.

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत दी गई है.

“‘पूरे हिन्दुस्तान में RSS-बीजेपी संविधान मिटाने में लगे हैं, जहां भी चुनाव होता है वो…’, वोटर अधिकार यात्रा में जमकर बरसे राहुल गांधी”

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“‘पूरे हिन्दुस्तान में RSS-बीजेपी संविधान मिटाने में लगे हैं, जहां भी चुनाव होता है वो…’, वोटर अधिकार यात्रा में जमकर बरसे राहुल गांधी”

लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार (17 अगस्त, 2025) को सासाराम से वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत की. बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये संविधान को बचाने की लड़ाई है.

पूरे हिन्दुस्तान में आरएसएस-बीजेपी संविधान को मिटाने में लगे हैं. जहां भी चुनाव होता है वो जीतते हैं. राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा के समय हमारा गठबंधन चुनाव जीतता है और उसके 4 महीने बाद बीजेपी का गठबंधन चुनाव जीतता है. जब हमने इसकी इंक्वायरी की तो पता चला कि एक करोड़ नए वोट पैदा कर दिए. लोकसभा और विधानसभा चुनावों में एक करोड़ वोटर का अंतर था. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में सारे रिकॉर्ड निकाले. एक विधानसभा में एक लाख वोटरों की चोरी हुई.

हम वोट चोरी नहीं करने देंगे- राहुल गांधी नेता विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि लोकसभा के चुनाव और विधानसभा के चुनाव चोरी किए जा रहे हैं. हम चुनावों में चोरी नहीं होने देंगे. बिहार की जनता चोरी नहीं होने देगी, हम वोट चोरी नहीं करने देंगे. चोरी चुनाव आयोग कर रहे हैं, हम ये चोरी नहीं होने देंगे.

राहुल गांधी की यात्रा को लेकर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम राहुल गांधी की इस यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए हैं. हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक करीब 115 दंडाधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है. सभा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है. भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए हेलीपैड और सभा स्थल तक पहुंचने वाले कई मार्गों को अस्थायी रूप से बदल दिया गया है. राहल गांधी अपनी इस यात्रा में बिहार के कई जिलों का दौरा करेंगे.

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नन्हें बाल गोपालों के संग मुख्यमंत्री निवास में हर्षोल्लास के साथ मनाई जन्माष्टमी

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में इस बार जन्माष्टमी का उत्सव राजधानी रायपुर के बैरन बाजार स्थित आंगनबाड़ी के नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ मनाया। बच्चों ने राधा और कृष्ण का रूप धरकर अपनी अठखेलियों और मनमोहक वेशभूषा से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।

राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। पूरे निवास परिसर को फूलों, रंगीन रोशनियों और सजावट से सुसज्जित किया गया, जिससे वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया।

कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने कृष्ण-लीला की झांकियां और प्रसंग प्रस्तुत किए। उनकी मासूमियत और भावपूर्ण अभिनय ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री निवास बच्चों की हंसी और उल्लास से गुलजार रहा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर तरक्की की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीला हमें धर्म, नीति और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देती है। छत्तीसगढ़ की जनता की मेहनत और आस्था से प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है। हमारा संकल्प है कि भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ को न्याय, सद्भाव और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक सभी बच्चों को अपने हाथों से चाकलेट, शिक्षण सामग्री और प्रसाद का वितरण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ते हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री राम सेवक पैकरा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, मितुल कोठारी, सुनील पिल्ले, मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

25 वर्षों की विकास यात्रा में छत्तीसगढ़ ने हर क्षेत्र में रचे नए कीर्तिमान : मुख्यमंत्री श्री साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित आईबीसी 24 स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप कार्यक्रम में 12वीं कक्षा की प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली प्रदेश की बेटियों को सम्मानित किया और उन्हें सहायता राशि के चेक प्रदान किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर मेधावी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने बेटियों से कहा कि आने वाले समय में उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पुरस्कार बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान कर रहा है। गरीब परिवारों के होनहार बच्चों के लिए यह स्कॉलरशिप उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और यह उनके उच्च शिक्षा को आगे बढ़ाने में बेहद सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ बनने से पूर्व हमारा अंचल लंबे समय तक विकास की दौड़ में पीछे रहा। श्रद्धेय अटल जी के प्रयासों से यह राज्य अस्तित्व में आया तथा इसकी विकास यात्रा शुरू हुई। उन्होंने कहा कि अब हमने प्रदेश के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप तैयार किया है, जिस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। हर एक प्रदेशवासी के सहयोग और भागीदारी से हम विकसित छत्तीसगढ़ का सपना पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूल मंत्र है। पिछले 25 वर्षों में प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर की कई शैक्षणिक संस्थाएं स्थापित हुई हैं। आईआईटी, आईआईएम, एम्स के साथ-साथ 10 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। प्रदेश के बच्चों का गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का सपना अब साकार हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज युक्तियुक्तकरण के निर्णय से प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। कर्रेगुट्टा जैसे सुदूर अंचलों में, जहां कभी स्कूलों में ताले लगे रहते थे, वहां भी अब शिक्षक पहुंच चुके हैं। हमने शिक्षकों की व्यवस्था में मौजूद असंतुलन को दूर किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से भरपूर और औद्योगिक विकास की असीम संभावनाओं वाला प्रदेश है। नई औद्योगिक नीति के परिणामस्वरूप महज़ डेढ़ वर्ष में ही 6.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस औद्योगिक नीति में रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। आने वाले वर्षों में युवाओं को प्रदेश में ही कौशल अनुरूप रोजगार मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री से संवाद किया।गरियाबंद की प्रिया बघेल ने खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के संबंध में प्रश्न किया। इस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेलो इंडिया सेंटर के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं, खुशी देवांगन ने तकनीक और एआई से जुड़े सवाल पूछे, जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तकनीक-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और इसके लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।

कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से 12वीं कक्षा में जिला टॉपर और राज्य की प्रवीण्य सूची में स्थान पाने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आईबीसी 24 समूह के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल सहित गणमान्य नागरिक, प्रदेश भर से पहुंची छात्राएं और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने एसबीआई साइबर सुरक्षा रथ को झंडी दिखाकर किया रवाना

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर से एसबीआई साइबर सतर्कता रथ (ऑडियो-वीडियो वैन) को झंडी दिखाकर रवाना किया और राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तकनीक ने मानव जीवन को आसान और सहज बनाया है। डिजिटल लेन-देन तेज और सुविधाजनक हुए हैं, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता और सावधानी से लोग साइबर धोखाधड़ी से बच सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जागरूकता अभियान लोगों में साइबर सुरक्षा की समझ बढ़ाने का एक प्रभावी प्रयास है। इसके अंतर्गत ऑडियो-वीडियो संदेश, नुक्कड़ नाटक और कठपुतली नाटक के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में 29 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां साइबर ठगी के मामले अधिक होते हैं और इस रथ का विशेष फोकस उन स्थानों पर रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी किसी से साझा न करें और अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने कहा कि साइबर ठग आए दिन नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। ज़रा सी लापरवाही मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग जागरूक हों और साइबर अपराध से स्वयं को सुरक्षित रखें।

उल्लेखनीय है कि डिजिटल माध्यम से हो रही धोखाधड़ी और अनाधिकृत लेन-देन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने “हर भारतीय का बैंकर” होने के नाते राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान 15 अगस्त से 30 नवंबर 2025 तक चलेगा। यह रथ प्रदेश के सभी 33 जिलों में जाएगा और नाचा दल व नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी देगा।

भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है। इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम श्री राकेश सिन्हा, एजीएम श्री दीपक कुमार सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी हमारे राज्य के निर्माता हैं। अटल जी का छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के भौगोलिक क्षेत्र को नए राज्य का स्वरूप देकर प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान किया, जिसके लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। पत्रकार, कवि और राजनेता के रूप में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। भारत के प्रधानमंत्री हों या विदेश मंत्री—हर भूमिका में उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की अमिट छाप छोड़ी। उनके प्रधानमंत्रित्व काल में अनेक ऐसी योजनाएँ लागू की गईं, जिनसे ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाना, किसानों को सहूलियत प्रदान करना, आदिवासी विभाग का गठन जैसे कार्य ऐतिहासिक रहे। श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी भारत के प्रत्येक नागरिक की स्मृतियों में आज भी जीवित हैं।

श्री साय ने कहा कि वे ऐसे राजनेता थे जिन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी का स्नेह प्राप्त हुआ। अटल जी माँ भारती की यश और प्रतिष्ठा के लिए आजीवन समर्पित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अटल जी के साथ उनकी अनेक स्मृतियाँ जुड़ी हुई हैं, जो उन्हें निरंतर प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी युगपुरुष थे, जिन्होंने सुशासन का मंत्र दिया और आज हम उसी पथ पर आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ का विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके साथ ही हम यह पूरा वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं और इस संबंध में वर्षभर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जन-जन की सहभागिता से साकार होगा विकसित छत्तीसगढ़ का सपना: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का दिन है। अंग्रेजी साम्राज्यवाद से लड़ते हुए हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर हमें स्वतंत्रता का उजाला सौंपा।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और सेना के वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि हम छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षाें की विकास यात्रा को ’’छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’’ के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने यह भी घोषणा कि रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली जल्द ही लागू की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस अवसर पर हम विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लें। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता श्रद्धेय अटल जी के सुशासन का दृढ़ संकल्प हमें शक्ति देता है। हम निश्चित ही जन-जन की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को साकार करेंगे। गोस्वामी तुलसीदास जी का कथन ‘‘रामकाजु कीन्हें बिनु मोहि कहां बिश्राम‘‘ हमारा आदर्श वाक्य है और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के सिद्धांत हमारे पथप्रदर्शक हैं।

राष्ट्रहित में स्वदेशी अपनाएं

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वदेशी को जन-आंदोलन का रूप दिया है। आत्मनिर्भर भारत 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। स्वतंत्रता दिवस का यह प्रेरक अवसर हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि – हर नागरिक स्वदेशी वस्तु खरीदना देशभक्ति का कार्य माने, हर व्यवसाय गुणवत्ता और स्थिरता को अनिवार्य मानें, हर नवाचारी सबसे पहले भारत के बारे में सोचे, हर किसान पर्यावरण अनुकूल समावेशी कृषि को अपनाए और हर क्षेत्र निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े।

वोकल फॉर लोकल अभियान में अग्रणी छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आगे बढ़ाने में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका हो। स्वदेशी रोजगार सृजन का ही नहीं देशभक्ति का भी एक उपक्रम है। हम नई औद्योगिक नीति के जरिए प्रदेश में बनने वाले उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री जी के लोकल फॉर ग्लोबल विजन पर काम कर रहे हैं। अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाने से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों को रोजगार मिलता है। इसका सीधा परिणाम देश और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के रूप में सामने आता है। हमारी आयात निर्भरता कम होती है। हम खादी को बढ़ावा देकर स्थानीय बुनकरों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इससे हमें टैक्सटाइल क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई को प्रोत्साहित कर हम मेक इन इंडिया अभियान में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देना होगा।

जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान हो हमारा ध्येय वाक्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई के लिए प्रधानमंत्री जी द्वारा दिया गया जीरो डिफेक्ट – जीरो इफेक्ट का मंत्र अत्यंत कारगर है। हमारे गांव, नगर और जिले स्तर पर तैयार होने वाली वस्तुएं गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं है। इसके लिए उन्हें डिजिटल संसाधनों, नवाचार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और एआई जैसी तकनीक को अपनाना होगा। अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान… के ध्येय वाक्य के साथ हम आगे बढ़ेंगे।

प्राकृतिक खेती हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया अभियान के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करते हुए भारत सैन्य उपकरणों का निर्यातक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आज जलवायु संकट का सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ रहा है। कृषि क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में रसायन मुक्त, प्राकृतिक खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होगी। श्रीअन्न, दलहन-तिलहन और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ के हमारे किसान भाई कृषि लागत को कम कर सकते हैं। इससे रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।

स्वतंत्रता संग्राम के नायकों का पुण्य स्मरण

मुख्यमंत्री ने देश की आजादी की लड़ाई में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे गये परलकोट विद्रोह के नायकों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि इस वर्ष परलकोट विद्रोह के 200 वर्ष पूरे हो गए हैं। आज भी शहीद गेंदसिंह की वीरता के किस्से प्रदेश की जनता उतने ही गौरव भाव से सुन रही है। भूखे और उत्पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए शहीद वीरनारायण सिंह द्वारा की गई लड़ाई को कौन भूल सकता है। उन्होंने रायपुर सिपाही विद्रोह के नायक हनुमान सिंह जी का भी इस अवसर पर स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भूमकाल विद्रोह के माध्यम से वीर गुंडाधुर ने अपनी मातृभूमि के लिए जिस अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया, वो इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। शहीद यादव राव, वेंकट राव, धुरवा राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा सहित हमारे अनेक जनजातीय नायकों का बलिदान देशभक्ति की अद्भुुत मिसाल है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपना अटल संकल्प पूरा किया और देश के नक्शे में छत्तीसगढ़ का एक नये राज्य के रूप में उदय हुआ। अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। हमारे पास समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हैं और अपार उत्साह समेटे हुए विपुल जन संसाधन है। एक नवंबर 2000 को जब यह राज्य बना, तब हमने एक सपना देखा था, एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी छत्तीसगढ़ का। आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि हम उस दिशा में तेजी से आगे बढ़़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने आपातकाल के पचास बरस पूरे होने पर लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि आपातकाल के बेहद कठिन दौर में यातनाओं की परवाह न करते हुए उन्होंने लोकतंत्र की मशाल थामें रखी। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के लिए अपने हिस्से की जिम्मेदारी हमें निभानी है। हमें यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को मूर्त रूप देना है।

हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है, जिन्होंने अपने असीम शौर्य और साहस से मातृभूमि का शीश हमेशा ऊंचा रखा। वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद पाकिस्तान की ओर से हुए आक्रमण से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक हर बार हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है। पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी कृत्य का बदला लेने हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिन्दूर चलाया गया। यह ऑपरेशन दुनियाभर में भारत के पराक्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गई है। हमारा चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिण धु्रव पर पहुंच चुका है और शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में तिरंगा लहरा दिया है। इस सफलता के पीछे देशवासियों की कड़ी मेहनत और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और अथाह इच्छा शक्ति की विशेष भूमिका है।

मार्च 2026 तक देश को आतंकवाद से मुक्त करने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस गौरवशाली दिन हम अपने सुरक्षाबलों के जवानों का अभिनंदन करते हैं, जिन्होंने नक्सलियों को उनके ठिकानों में घुसकर मात दी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हम मार्च 2026 तक देश को माओवादी आतंक से मुक्त करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 20 महीनों में हमारे जवानों ने 450 माओवादियों को न्यूट्रलाइज और 1578 को गिरफ्तार किया है। हमारे जवानों ने माओवादियों के शीर्ष नेताओं बसवराजू और सुधाकर को न्यूट्रलाइज करने में सफलता पायी। राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर 1589 माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं। इनके पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का असली मतलब तब है, जब आखिरी व्यक्ति तक लाभ पहुँचे। ताड़मेटला में जहां हमारे 76 जवानों ने माओवादी हमले में शहादत दी थी, उसके समीप ही चिंतागुफा के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण-पत्र मिला है। यहां हर महीने औसतन 20 प्रसव होते हैं और हजारों ग्रामीण निःशुल्क इलाज की सुविधा ले रहे हैं। नक्सलवाद के कम होते ही बस्तर में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। 50 बंद स्कूल फिर से खोले गए और कई गांवों में पहली बार बिजली पहुंची। नियद नेल्ला नार अर्थात आपका अच्छा गाँव योजना से 327 गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। पामेड़, जो कभी नक्सलियों का गढ़ था, वहां अब बैंक की शाखा खुल गई हैं।

पूरा हो रहा है हर नागरिक के पक्का घर का सपना

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 महीनों में हमने प्रदेश के नागरिकों को प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दी गई गारंटियों को पूरा करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किये हैं। कैबिनेट की पहली बैठक में हमने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। पीएम जनमन योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए 34 हजार और नक्सल पीड़ित व आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास मंजूर किए गए। पात्रता नियम आसान किए गए हैं और नए लाभार्थियों के लिए आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वे कराया गया है। इस तरह हर नागरिक का पक्का घर पाने का सपना पूरा हो रहा है।

महतारी वंदन योजना: माताओं-बहनों को 11 हजार 728 करोड़ रूपए की सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सरकार बनने के तीन महीने के भीतर हमने महतारी वंदन योजना शुरू की। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को अब तक 11 हजार 728 करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। रायगढ़ जिले से हमने महिला समूहों को रेडी टू ईट फूड निर्माण का काम सौंपा है और इसका विस्तार जल्द ही हम अन्य जिलों में करेंगे।

किसानों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसान भाइयों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सबसे ज्यादा मूल्य मिल रहा है। हमने पिछले खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की है। राज्य में फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए कृषक उन्नति योजना के दायरे का विस्तार किया गया है। धान के बदले अब अन्य खरीफ फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 11 हजार रूपए तथा दलहन-तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने वाले कृषकों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि श्रमिकों को प्रतिवर्ष 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 26 लाख किसान भाइयों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। इस योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति के 32 हजार 500 किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। खरीफ सीजन में हमने खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। वैश्विक तनाव के कारण जहां डीएपी की आपूर्ति में कुछ कमी आयी, वहां हमने भरपूर मात्रा में नैनो डीएपी उपलब्ध कराकर किसान भाइयों की दिक्कत दूर की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राज्य में सहकारिता की सम्भावनाओं को साकार कर रहे हैं। खेती-किसानी के साथ-साथ हम पशुधन और मत्स्यपालन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। राज्य में दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से हमने एमओयू किया है। वर्ष-2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में हम सहकार से समृद्धि के मंत्र पर चलते हुए राज्य में सहकारी गतिविधियों को नई ऊंचाई दे रहे हैं।

शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे कि शिक्षा के जरिए समाज में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। हमने नई शिक्षा नीति को लागू करने के साथ ही इसके प्रावधानों के अनुरूप स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है। अब सुकमा के दुर्गम गांव में भी शिक्षक हैं। राजधानी रायपुर से लेकर पहाड़ी कोरवा बसाहट वाले स्कूलों तक पूरे प्रदेश में शिक्षक-छात्र अनुपात एक समान है। हमारे स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। हम शासकीय विद्यालयों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान भी संचालित कर रहे हैं। पेरेण्ट्स टीचर मीटिंग तथा न्यौता भोज के माध्यम से हमने बच्चों के शैक्षणिक विकास में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की है, जिसका बेहतर परिणाम मिल रहा है। हमने स्कूलों के रखरखाव एवं अधोसंरचना विकास के लिए 133 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

नवा रायपुर में आकार ले रही एजुकेशन सिटी

नवा रायपुर में हम सौ एकड़ में एजुकेशन सिटी बना रहे हैं। विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यहां साइंस सिटी का भी निर्माण कर रहे हैं। नवा रायपुर में हमने नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी के कैंपस का भूमिपूजन किया है। देश में लागू नये कानूनों में फारेंसिक का महत्व काफी बढ़ गया है, जिससे राज्य के युवाओं को इस क्षेत्र में करियर निर्माण के अवसर सुलभ होंगे। छत्तीसगढ़ में आईटी और एआई क्रांति दस्तक दे चुकी है। हम नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया की सिलिकॉन वैली के रूप में तैयार कर रहे हैं। नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नॉलाजी की स्थापना करने जा रहे हैं, जिससे आईटी का बड़ा टैलेंट पूल यहां तैयार होगा।

बस्तर संभाग के सभी विकासखण्डों में कौशल विकास केन्द्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जॉब मार्केट की जरूरत के मुताबिक वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं। स्किल इंडिया मिशन के तहत नवा रायपुर में लाइवलीहुड सेंटर आफ एक्सीलेंस आरंभ कर रहे हैं। जनजातीय बहुल बस्तर संभाग के सभी 32 विकासखंडों में, कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से युवाओं को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। आईआईटी के पूर्व विद्यार्थियों की संस्था पैन आईआईटी के साथ वंचित समुदायों के कौशल विकास के लिए हमने एमओयू किया है। युवाओं को कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उन्हें विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिलें।

राज्य में 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हमने नई स्टार्टअप नीति बनाई है। इसके माध्यम से हम राज्य के 100 तकनीकी संस्थाओं के 50 हजार छात्र-छात्राओं तक पहुंच बनाएंगे। राज्य में हमने 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। ईज ऑफ लिविंग के साथ ही स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर बढ़ते हुए हमने 350 से अधिक रिफॉर्म किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से प्रदेश में निवेश सरल, सहज और पारदर्शी हो गया है।

निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य

उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति की बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की भव्य इमारत तैयार होगी। नई औद्योगिक नीति में हमने सबसे ज्यादा जोर पॉवर सेक्टर पर दिया है। इस सेक्टर में हमें 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे छत्तीसगढ़ विकसित भारत का पावर हाउस बनेगा। निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य बन चुका है। हमने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ ही रायपुर में भी इन्वेस्टर्स समिट किये। इन समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हमें मिल चुके हैं।

नई औद्योगिक नीति में हम नये जमाने के उभरते हुए उद्योगों को भी विशेष अनुदान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन हमने किया है। लगभग 11 सौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस यूनिट से हमने चिप निर्माण के क्षेत्र में कदम रख दिया है। हम टैक्सटाइल क्षेत्र में संभावनाओं को अवसर में बदलना चाहते हैं। इसके लिए हम नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नॉलाजी का कैंपस स्थापित करने जा रहे हैं। इसकी अनुमानित लागत 271 करोड़ रुपए होगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण गठन का निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए प्राधिकरण गठन का निर्णय लिया है। यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए कार्य करेगा। यह प्राधिकरण योजना बनाने, निवेश को बढ़ावा देने, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का भी काम करेगा। अब जमाना ई-कॉमर्स का है। इसे प्रोत्साहित करने हमारी लॉजिस्टिक नीति विशेष रूप से उपयोगी होगी और प्रदेश में तेजी से इनलैंड कंटेनर डिपो तथा ड्राईपोर्ट में निवेश होगा।

नई रेल लाइनें बनेंगी ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश की जो संभावनाएं पैदा हुई हैं, उसके पीछे एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर हुए कामों की बड़ी भूमिका है। वर्ष 2030 तक हम उतनी ही रेल लाइन बिछा देंगे, जितनी 1853 में रेलवे शुरू होने से लेकर वर्ष 2014 तक बिछाई गई थी। रावघाट से जगदलपुर, केके लाइन का दोहरीकरण, तेलंगाना के कोठागुडेम से किरंदुल तक नई रेल परियोजनाएं बस्तर की भाग्य रेखा साबित होंगी। खरसिया से परमालकसा जाने वाली रेल लाइन प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। नई रेल लाइनें ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां साबित होंगी। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से हमने कार्गाे सुविधा भी आरंभ की है। धनबाद और विशाखापट्नम जैसे औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी से हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रदेश की आर्थिक सेहत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां बिजली की खपत कितनी है। हमारा प्रदेश जीरो पॉवर कट स्टेट है। हमारे राज्य में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत 2 हजार 211 यूनिट है, जबकि देश का औसत ऊर्जा खपत प्रति व्यक्ति 1 हजार 255 यूनिट है।

हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में हमने बड़ा कदम उठाया है। हम हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से आमजन अब बिजली उपभोक्ता से बिजली उत्पादनकर्ता बन रहेे हैं। इस योजना के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना पर केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। एक किलोवॉट के सौर संयंत्र पर केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। दो किलोवॉट पर केन्द्र द्वारा 60 हजार रूपए और राज्य द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 90 हजार रूपए तथा तीन किलोवॉट का सौर संयंत्र लगाने पर केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल एक लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। मैं प्रदेश की जनता से आग्रह करता हूँ कि इस योजना का त्वरित लाभ उठाएं।

सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता

सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हमने ई-ऑफिस प्रणाली को सभी विभागों में कार्यान्वित किया है। हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। हमने सरकारी खरीदी में पारदर्शिता लाने जेम पोर्टल को अपनाया है। भ्रष्टाचार के मामलों की ईओडब्ल्यू द्वारा पूरी तत्परता से जांच की जा रही है। पब्लिक पॉलिसी में युवाओं को आगे लाने हमने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना आरंभ की है। इसके जरिए युवा आईआईएम रायपुर में दो वर्षीय फेलोशिप कर रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से हम आपके गांव, आपके मोहल्ले तक पहुंचे। सुशासन तिहार में 41 लाख से अधिक आवेदन में से अधिकतर आवेदनों का हमने गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया है।

हमने रजिस्ट्री से संबंधित 10 क्रांतिकारी पहल की है। अब ऑनलाईन रजिस्ट्री की सुविधा, रजिस्ट्री के साथ ही अब नामांतरण, आधार प्रमाणीकरण, रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज बनाने की सुविधा के साथ पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारा अब केवल पांच सौ रुपए शुल्क में हो जाता है। हमने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक के माध्यम से नियमों को सरल किया है। 5 डिसमिल से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं होगी। इसका उद्देश्य अवैध प्लाटिंग और जमीन को छोटे टुकड़ों में बांटकर बिक्री पर रोक लगाना है। हमने जनविश्वास विधेयक के माध्यम से राज्य के 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन किया है। आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किये गये छोटे-छोटे तकनीकी उल्लंघन अब अपराध की श्रेणी में नहीं आएंगे।

विकसित छत्तीसगढ़ का नेतृत्व युवा शक्ति के हाथों में होगा। युवाओं के लिए शासकीय पदों में भर्ती पर सरकार तेजी से काम कर रही है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार व्यापम की परीक्षा का साल भर का कैलेंडर जारी किया गया है।

खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। नई औद्योगिक नीति में हमने खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान प्रावधान किये हैं। युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए हमने युवा रत्न सम्मान योजना आरंभ करने का निर्णय लिया है।

नवा रायपुर में बन रही मेडिसिटी

स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए 441 करोड़ रुपए की लागत से हम स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर कर रहे हैं। राज्य के 543 सरकारी अस्पतालों को क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की लगातार भर्ती की जा रही है। पिछले महीने हमने एनएचएम के तहत 109 संविदा चिकित्सकों तथा 563 बांड अनुबंधित चिकित्सकों की नियुक्ति की है। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी बना रहे हैं, जहां राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल संचालित होंगे।

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों की सूरत संवारने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ की गई है। इसके तहत सात नगर निगमों में 157 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इनमें आक्सीजोन, बस टर्मिनल, बायपास, आडिटोरियम निर्माण जैसे काम शामिल हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक हासिल की है। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में बिल्हा की हमारी स्वच्छता दीदियों की विशेष रूप से प्रशंसा की है।

बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू होगी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना

हमारी सरकार शहरों के साथ-साथ गाँवों में भी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना को प्रथम चरण में हम बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू करने जा रहे हैं। इन बसों का संचालन स्थानीय लोग ही करेंगे। इससे ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी और उनकी रोज़मर्रा की परेशानियाँ दूर होंगी।

बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना को गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना पर आगे बढ़ रहे हैं। 50 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना के माध्यम से 200 मेगावाट बिजली के उत्पादन के साथ ही लगभग 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 9 सिंचाई परियोजनाओं में 522 करोड़ रुपए की राशि से सुधार कार्य कराया जाएगा।

चरण पादुका योजना की फिर से शुरूआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक कदम उठा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की राशि 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी गई है। इससे साढ़े 12 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के 50 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान संग्राहकों के पैरों में छालें न पड़े, कांटे न चुभे, इसके लिए हमने चरण पादुका योजना फिर से शुरू की है। हर्बल औषधियों को बढ़ावा देने हमने फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल के तहत दुर्ग जिले के जामगांव (एम) में हाल ही में हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट का लोकार्पण किया है। इससे दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर सुलभ हुए हैं।

आकार ले रहा आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित स्मारक

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को प्रोत्साहित करने हमारी सरकार ने बैगा, गुनिया, सिरहा लोगों को 5-5 हजार रुपए की सालाना सम्मान निधि प्रदान करने का निर्णय लिया है। नवा रायपुर में हमने ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण किया जा चुका है। प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम के जनजातीय नायकों को समर्पित शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक-सह-संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। बस्तर की जनजातीय संस्कृति की झलक देश-दुनिया को दिखाने हमने बस्तर पंडुम का आयोजन किया। बस्तर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र में है। बस्तर के धुड़मारास को यूएन पर्यटन संगठन ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चुना है। होम-स्टे को प्रोत्साहित करने हमने छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति बनाई है।

छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर में वृक्ष आवरण की वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी प्राकृतिक संपदा को न केवल हम सहेजे हुए हैं अपितु उसका निरंतर संवर्धन भी कर रहे हैं। वन पारिस्थितिकी सेवा को हमने ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल की है। हाल ही में भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट आई है, इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है, जो देश में सबसे ज्यादा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर प्रदेश में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत विगत वर्ष में साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

कलाकारों और साहित्यकारों को प्रतिमाह 5 हजार रूपए पेंशन

राज्य की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में कलाग्राम की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कलाकारों और साहित्यकारों को दी जाने वाली पेंशन राशि 2 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रति माह कर दी गई है। प्रदेश के 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से भांचा राम के दर्शन लाभ मिला। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से भी हम तीर्थयात्रियों को देश भर के पुण्यस्थलों की यात्रा करा रहे हैं।

‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में हमने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट के रूप में एक ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जिसके माध्यम से हम विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करेंगे। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है जिसने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है। इसमें हमने निकटवर्ती, मध्यवर्ती और दीर्घकालीन लक्ष्य रखे हैं। इन्हें प्राप्त करने हमने सामाजिक आर्थिक विकास के 13 थीम चुने हैं और इनके क्रियान्वयन के लिए 10 मिशन तैयार किये हैं। छत्तीसगढ़ राज्य को संवारने के लिए आप सभी के सहयोग से हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हम सभी विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें।