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“इन चार गांवों में पहली बार फहराया गया तिरंगा, आजादी के बाद लगभग 8 दशक का इंतजार”

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“इन चार गांवों में पहली बार फहराया गया तिरंगा, आजादी के बाद लगभग 8 दशक का इंतजार”

उत्तर महाराष्ट्र के नंदुबार जिले के आदिवासी गांव उदाड्या में आजादी के लगभग आठ दशक के बाद पहली बार तिरंगा फहराया गया है। सतपुड़ा की घनी पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव में जहां पर अब तक बिजली भी नहीं पहुंची मोबाइल नेटवर्क की कभी-कभार ही पहुंच पाता है।

वहां पर एक एनजीओ ने अपने कार्यकर्ताओं की मदद से 30 बच्चों और गांव वालों के साथ मिलकर यह काम किया। मुंबई से करीब 500 किलोमीटर और सबसे नजदीकी तहसील से लगभग 50 किलोमीटर दूर बसे इस छोटे से गांव में करीब 400 लोग रहते हैं। यहां कोई सरकारी स्कूल, ग्राम पंचायत दफ्तर भी नहीं है इसीलिए यहां पर कभी भी तिरंगा नहीं फहराया गया। इन बच्चों की मदद के लिए यहां पर एक वाईयूएनजी फाउंडेशन के नाम से एनजीओ काम करता है, जो बच्चों को पढ़ाई में भी मदद करता है।

इस क्षेत्र में तीन वर्षों से बच्चों की पढ़ाई लिखाई में मदद कर रहे इस एनजीओ ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर चार छोटे-छोटे गांवों उदाड्या, खपरमाल, सदरी और मंझनीपड़ा में तिरंगा फहराने का फैसला किया। इसके बाद इन चारों गांवों के एनजीओ वाले स्कूलों में पढ़ने वाले 250 बच्चे और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पहली बार तिरंगा फहराया गया।

एनजीओ के संस्थापक संदीप देओरे ने कहा, “यह इलाका प्राकृतिक सुंदरता, उपजाऊ मिट्टी और नर्मदा नदी से समृद्ध है। लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां तक पहुंचना काफी मुश्किल होता है। हमारी इस पहल का मकसद सिर्फ पहली बार झंडा फहराना नहीं था, बल्कि स्थानीय लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के बारे में भी जागरूक करना था। ” उन्होंने कहा, “यहां के आदिवासी बहुत आत्मनिर्भर जीवन जीते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि वे सभी हमारे संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को जानते हों। बाहर मजदूरी करते समय या फिर रोजमर्रा के लेन-देन में अकसर इन लोगों का शोषण होता है या इन्हें लूटा जाता है।”

एक स्थानीय निवासी भुवान सिंह पावरा ने बताया कि गांव के लोग दूसरे इलाकों तक पहुंचने के लिए या तो कई घंटे पैदल चलते हैं या फिर नर्मदा नदी में संचालित नौका का प्रयोग करते हैं। भुवन ने कहा कि यहां एनजीओ का स्कूल उनकी जमीन पर चलता है। शिक्षा की कमी यहां सबसे बड़ी समस्या है, और वह नहीं चाहते की अगली पीढ़ी भी इसी तकलीफ से गुजरे। इन गांवों में अब तक बिजली नहीं पहुंची है, इसलिए ज्यादातर घर सोलर पैनल पर ही निर्भर हैं।

यहां के लोग पावरी बोली बोलते हैं, जो सामान्य मराठी या हिंदी से काफी अलग है जिससे बाहरी लोगों के लिए उनसे संवाद करना मुश्किल होता है। देओरे ने बताया कि शुरुआत में लोगों का विश्वास जीतना कठिन था, लेकिन जब वे इस काम के उद्देश्य को समझ गए, तो उनका सहयोग आसान हो गया। यह एनजीओ अपने शिक्षकों के वेतन और स्कूलों के लिए बुनियादी ढांचे की व्यवस्था के लिए दान पर निर्भर है। लेकिन ये स्कूल अनौपचारिक होने के कारण यहां सरकारी स्कूलों की तरह मध्याह्न भोजन योजना लागू नहीं की जा सकती।

सरकार द्वारा नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अकसर इन दूरदराज के गांवों में नहीं आते। हालांकि, कई जगह स्थिति अलग है जैसे खपरमाल की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आजमीबाई अपने गांव में ही रहती हैं और ईमानदारी से अपना काम करती हैं।

“पाकिस्तान में बाढ़ से भारी तबाही; मरने वालों की संख्या बढ़कर 321 हुई, कई लोग लापता”

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“पाकिस्तान में बाढ़ से भारी तबाही; मरने वालों की संख्या बढ़कर 321 हुई, कई लोग लापता”

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हाल ही में आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 320 हो गई। प्रांत के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। मूसलाधार बारिश के कारण प्रांत के विभिन्न जिलों में अचानक बाढ़ आ जाने के कारण शुक्रवार को 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता फैजी ने बताया कि प्रांत के बाजौर, बुनेर, स्वात, मनाहरा, शांगला, तोरघर और बटाग्राम जिलों में भारी बारिश हुई। बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के कारण 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई।

पीडीएमए ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अचानक आई बाढ़ के कारण 321 लोग मारे गए, जिनमें से कम से कम 184 लोगों की मौत बुनेर में हुई है। उसने कहा कि 36 लोगों की मौत शांगला में हुई, जबकि मनसेहरा में 23, स्वात में 22, बाजौर में 21, बटाग्राम में 15, लोअर दीर में 5 लोगों की मौत हो गई। एबटाबाद में एक बच्चा डूब गया। पीडीएमए प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया था कि मृतकों या घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि प्रभावित क्षेत्रों में अब भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।

मूसलाधार बारिश ने पूरे देश में कहर बरपाया मॉनसून के मौसम की जून के अंत में शुरुआत होने के बाद से कई बार हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे देश में कहर बरपाया है। विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और उत्तरी क्षेत्रों में बाढ़, भूस्खलन और विस्थापन ने परेशानी बढ़ा दी है। नागरिकों से सतर्क रहने, मूसलाधार बारिश, बाढ़ के दौरान सावधानी बरतने और संवेदनशील क्षेत्रों यात्रा करने से बचने का आग्रह किया गया है। विशेष रूप से पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अगले पांच से छह दिनों तक उत्तरी क्षेत्रों में जाने से बचें।

‘वोट चोरी’ के आरोपों से घिरा चुनाव आयोग कल करेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस, गंभीर सवालों के जवाब देने की तैयारी”

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‘वोट चोरी’ के आरोपों से घिरा चुनाव आयोग कल करेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस, गंभीर सवालों के जवाब देने की तैयारी”

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने घोषणा की है कि वह रविवार, 17 अगस्त को दोपहर 3 बजे नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा। यह जानकारी आयोग के डायरेक्टर जनरल (मीडिया) द्वारा दी गई है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी महत्वपूर्ण घोषणाएं और अपडेट साझा कर सकते हैं, जो आगामी चुनावों और मतदाता सूची संशोधन से संबंधित हो सकते हैं। इसके अलावा, ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोपों से घिरा भारत निर्वाचन आयोग अब इन आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकता है। दरअसल यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में हो रही है, जब विपक्षी दलों, खास तौर पर कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूची में कथित धांधली और ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाकर आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

‘वोट चोरी’ के आरोपों का सिलसिला पिछले कुछ महीनों से, विशेष रूप से 2024 के लोकसभा चुनावों और उसके बाद हुए विधानसभा चुनावों के बाद, विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में व्यापक पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 7 अगस्त को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक के बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का हवाला देते हुए दावा किया था कि लगभग 1,00,250 वोटों की चोरी हुई। उन्होंने मतदाता सूची में डुप्लीकेट वोटर, फर्जी पते, और एक ही पते पर सैकड़ों वोटरों के नाम होने जैसे गंभीर आरोप लगाए।

राहुल ने यह भी कहा कि अगर यह धांधली न हुई होती, तो कांग्रेस कर्नाटक में 16 लोकसभा सीटें जीत सकती थी, लेकिन उसे केवल 9 सीटें मिलीं। इसके अलावा, राहुल गांधी ने महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों में भी मतदाता सूची में अनियमितताओं का दावा किया, जिसमें पांच महीनों में असामान्य रूप से लाखों वोटरों के नाम जोड़े जाने की बात कही गई। उन्होंने निर्वाचन आयोग पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया और मांग की कि आयोग डिजिटल और मशीन-रीडेबल मतदाता सूची सार्वजनिक करे।

हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के एजेंडे के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि चुनाव आयोग कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर जवाब दे सकता है।

निर्वाचन आयोग का जवाब कांग्रेस नेता के आरोपों के जवाब में, निर्वाचन आयोग ने पहले ही कई बार अपनी स्थिति स्पष्ट की है। 11 अगस्त को, आयोग ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों के दावों को “तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक” करार देते हुए खारिज किया था। आयोग ने सोशल मीडिया पर एक फैक्ट-चेक पोस्ट के जरिए कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है और उसने पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किया है।

आयोग ने कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के हवाले से दावा किया कि राहुल गांधी द्वारा बताए गए कुछ वोटरों (जैसे आदित्य श्रीवास्तव और विशाल सिंह) के नाम केवल कर्नाटक की मतदाता सूची में पाए गए, न कि उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों में, जैसा कि आरोप लगाया गया था। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी 7 अगस्त को एक पत्र जारी कर कहा था कि मतदाता सूची जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और निर्वाचक पंजीकरण नियम 1960 के तहत पारदर्शी तरीके से तैयार की गई थी, और कांग्रेस के साथ मसौदा और अंतिम मतदाता सूचियां साझा की गई थीं।

निर्वाचन आयोग हटाए गए 65 लाख मतदाताओं का विवरण कारण समेत प्रकाशित करे: न्यायालय बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को बृहस्पतिवार को निर्देश दिया कि वह बिहार की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख मतदाताओं का विवरण प्रकाशित करे और साथ ही उन्हें शामिल न करने के कारण भी बताए। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बिहार में मतदाता सूची की एसआईआर कराने के 24 जून के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।

इसने कहा कि 65 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में थे, लेकिन मसौदा सूची से हटा दिए गए थे। मसौदा सूची को एक अगस्त को प्रकाशित किया गया था। जिन लोगों की मृत्यु हो गई है, जो पलायन कर गये हैं या अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में चले गए हैं, उनके नामों की सूची पंचायत स्तर के कार्यालय और जिला स्तर के निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालय में कारणों समेत प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया। पीठ ने टेलीविजन समाचार चैनलों और रेडियो के अलावा स्थानीय भाषाओं एवं अंग्रेजी दैनिकों समेत समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक प्रचार करने पर जोर दिया, ताकि लोगों को उन स्थानों के बारे में जानकारी दी जा सके जहां सूची उपलब्ध होगी।

” पंजाब के हर वर्ग की सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को समझने में सफल हुई पंजाब सरकार: मुख्यमंत्री”

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” पंजाब के हर वर्ग की सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को समझने में सफल हुई पंजाब सरकार: मुख्यमंत्री”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाबियों से आह्वान किया कि वे पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाकर इसकी प्राचीन शान को बहाल करने का संकल्प लें, ताकि एक समृद्ध और गतिशील रंगीला पंजाब बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने सभी देशवासियों, विशेष रूप से पंजाबियों को हार्दिक बधाई दी ..

यहां जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान तिरंगा फहराने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी देशवासियों, विशेष रूप से पंजाबियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने फरीदकोट की पवित्र धरती पर महान सूफी संत बाबा फरीद जी को श्रद्धा और सम्मान भी अर्पित किया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बाबा फरीद जी को पंजाबी साहित्य का पहला महान कवि माना जाता है, क्योंकि उन्होंने आम लोगों की भाषा में अपनी बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में पंजाबियों की अनूठी और बेमिसाल भूमिका जगजाहिर है। उन्होंने कहा कि यह भी एक रिकॉर्ड है कि 80 प्रतिशत से अधिक महान देशभक्त, जिन्होंने अपनी जानें कुर्बान कीं या ब्रिटिश साम्राज्य के अत्याचारों का किसी न किसी रूप में शिकार हुए, पंजाबी थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सदियों पुराने ब्रिटिश साम्राज्यवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए चले स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित अधिकांश आंदोलनों का नेतृत्व बहादुर पंजाबियों ने किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महान शहीदों और मातृभूमि के सच्चे सपूतों जैसे शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव, लाला लाजपत राय, शहीद ऊधम सिंह, शहीद करतार सिंह सराभा, दीवान सिंह कालेपानी, बाबा राम सिंह, सोहन सिंह भकना और कई अन्य अनसुने नायकों ने स्वतंत्रता के अंतिम लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने खून का एक-एक कतरा बहा दिया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम की विभिन्न लहरों जैसे कूका, गदर, बब्बर अकाली, किसान, कामा गाटा मारू त्रासदी, जलियांवाला बाग नरसंहार, गुरुद्वारा मुक्ति आंदोलन, जैतो मोर्चा और परजा मंडल आंदोलन में महान योद्धाओं द्वारा दी गई कुर्बानियों से हमारी युवा पीढ़ियों में देशभक्ति और राष्ट्रवाद की भावना पैदा होगी। भगवंत सिंह मान ने दुख व्यक्त किया कि जब देश का बाकी हिस्सा स्वतंत्रता का उत्सव मना रहा था, तब भी पंजाब एक हिंसक विभाजन के भयानक दौर से गुजर रहा था, जिसमें लाखों पंजाबियों ने अपनी जानें गंवाईं, बेघर हुए और कई अन्य अपनी जमीनें और संपत्तियां खो बैठे।

भारत को आंतरिक या बाहरी हमले का सामना करना पड़ा मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी, जब कभी भारत को आंतरिक या बाहरी हमले का सामना करना पड़ा, पंजाबियों ने देश का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि यह एक सर्वमान्य सत्य है कि राज्य के मेहनती किसानों ने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भगवंत सिंह मान ने भारत की कठिन संघर्ष से प्राप्त स्वतंत्रता की रक्षा और संरक्षण करने तथा समग्र विकास, शांति और समृद्धि के युग की शुरुआत करने में पंजाबियों के शानदार योगदान की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि जब भी हमारे देश की संप्रभुता को बाहरी और आंतरिक हमलों से खतरा हुआ, तब बहादुर पंजाबियों ने देश की अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए सीना तानकर लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस खुशी और उत्सव का अवसर होने के साथ-साथ राज्य के तेजी से विकास के लिए आत्म-निरीक्षण और नए लक्ष्य निर्धारित करने का भी महत्वपूर्ण क्षण है। भगवंत सिंह मान ने लोगों से एक सौहार्दपूर्ण और समानता वाला समाज सुनिश्चित करके स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरा करने के लिए खुद को फिर से समर्पित करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने पंजाब में शांति और सामुदायिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य भाग्यशाली है कि उसे नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहादत दिवस मनाने का अवसर प्राप्त हुआ है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि गुरु साहिब जी की शहादत को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और उनके चरण छूए हुए कस्बों और गांवों के लिए विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब के विकास और प्रगति के लिए ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में कई गारंटियों को पूरा किया है।

पंजाब सरकार की असाधारण पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने एक ऐतिहासिक योजना ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जिसके तहत प्रत्येक परिवार को सरकारी या निजी अस्पताल में 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में किसान, व्यापारी, सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी शामिल होंगे। इसके लिए कोई आय सीमा नहीं है और पंजाब के सभी तीन करोड़ निवासी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वर्तमान में 881 आम आदमी क्लीनिक चल रहे हैं, जहां प्रतिदिन 70,000 लोग इलाज करवाते हैं और जल्द ही 200 और क्लीनिक खोले जाएंगे।

सरकारी स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंस के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकारी स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंस के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है और यह गर्व की बात है कि पंजाब ने भारत सरकार द्वारा आयोजित नेशनल अचीवमेंट सर्वे में केरल को भी पीछे छोड़कर पहला स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि 848 सरकारी स्कूलों के छात्रों ने नीट परीक्षा पास की है, जबकि 265 छात्रों ने जे.ई.ई. मेन्स और 45 ने जे.ई.ई. एडवांस्ड परीक्षा पास की है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस वर्ष 8वीं, 10वीं और 12वीं के परिणामों में लड़कियों ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है और राज्य सरकार सरकारी स्कूलों के छात्रों, विशेष रूप से लड़कियों के लिए परिवहन सुविधा प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रिंसिपलों और शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर, फिनलैंड और अहमदाबाद की प्रतिष्ठित संस्थाओं में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि 115 सरकारी स्कूलों के नाम स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों और प्रमुख हस्तियों के नाम पर रखे गए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि कौशल-आधारित शिक्षा की मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य में आई.टी.आई. सीटों की संख्या 35,000 से बढ़ाकर 52,000 की गई है।

पंजाब में नशे के खिलाफ आर-पार की जंग लड़ने की बात दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने इस नेक कार्य में समर्थन के लिए सभी पंजाबियों का तहेदिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने ड्रग माफिया को संरक्षण दिया, जिसके कारण नशे का बड़े पैमाने पर प्रसार हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने युद्ध नशे के विरुद्ध के रूप में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ड्रग सप्लाई नेटवर्क को लगभग खत्म कर दिया गया है, ड्रग डीलरों के साथ सख्ती से निपटा जा रहा है, बुलडोजरों ने उनकी संपत्तियों को ध्वस्त किया है, नशे के व्यापार में शामिल नेताओं को जेल भेज दिया गया है, और शहरों व गांवों में बचाव कमेटियां बनाई गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि इस जंग को जन आंदोलन में बदला गया है और गांव अपने आप को नशा मुक्त घोषित करने के प्रस्ताव पास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 553 किलोमीटर लंबी पंजाब-पाकिस्तान सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया गया है और पंजाब ऐसा करने वाला पहला राज्य बन गया है। भगवंत सिंह मान ने पंजाब से नशे के खतरे को पूरी तरह खत्म करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने यह भी बताया कि गैंगस्टरों को खत्म करने के लिए एक एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स बनाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को पूरी तरह पारदर्शी ढंग से और मेरिट के आधार पर 55,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की खेल शान को बहाल करने के लिए नई खेल नीति (2023) लागू की गई है और 13,000 आधुनिक स्टेडियम बनाए जाएंगे, जिनमें से 3,083 निर्माणाधीन हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि “खेडां वतन पंजाब दीयां” के तीन सीजन पहले ही आयोजित किए जा चुके हैं और युवाओं को मैदानी खेलों में नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि उनकी ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में लगाकर उन्हें नशे से दूर रखा जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज पंजाबी हॉकी, क्रिकेट, बास्केटबॉल और अन्य भारतीय टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें फरीदकोट से अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी रूपिंदर सिंह और निशानेबाज सिफत कौर समरा ने पंजाब का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2022 से राज्य के 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, जिससे प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 35,000 रुपए की बचत हो रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि किसानों को घरेलू, औद्योगिक और अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ धान के सीजन के दौरान निर्बाध बिजली मिल रही है।

राज्य सरकार ने ईजी-रजिस्ट्रेशन और ई-जमाबंदी सेवाएं शुरू करके राजस्व सुधार पेश किए हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि तहसीलों से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने ईजी-रजिस्ट्रेशन और ई-जमाबंदी सेवाएं शुरू करके राजस्व सुधार पेश किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि मार्च 2022 से राज्य सरकार को 1.14 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 4.5 लाख नौकरियां पैदा होने की संभावना है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि औद्योगिक नीति बनाने के लिए 24 क्षेत्रीय कमेटियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील्स और अन्य बड़े उद्योगपति व्यापार अनुकूल माहौल के कारण पंजाब में निवेश करने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क हादसों के कारण होने वाली मौतों के मामले में पंजाब देश भर में अग्रणी था, जिसके कारण राज्य में सड़क सुरक्षा बल का गठन किया गया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के अध्ययन के अनुसार सड़क सुरक्षा बल (एस.एस.एफ.) ने सड़क हादसों में 48 प्रतिशत की कमी लाई है। उन्होंने कहा कि इस बल को 144 आधुनिक वाहन प्रदान किए गए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपनी जानें कुर्बान करने वाले बहादुर सैनिकों और पुलिस कर्मियों की महान कुर्बानियों के सम्मान में राज्य सरकार उनके परिवारों को एक करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक पर्यावरण हितैषी पहल के रूप में राज्य में 17,000 से अधिक तालाबों की सफाई के लिए विशेष परियोजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करने के लिए पंजाब रूरल ट्रांसफॉर्मेशन फेलोशिप शुरू की गई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह योजना गांवों के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में क्रांतिकारी कदम साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फेलोशिप योजना के तहत ब्लॉक स्तर पर 154 युवाओं का चयन और नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि ये युवा बी.डी.पी.ओ. के साथ मिलकर गांवों के लिए विकास योजनाएं तैयार करने और लागू करने तथा विकास कार्यों की निगरानी में सहायता करेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहली बार राज्य के स्कूलों में नशा विरोधी पाठ्यक्रम शुरू किया गया है ताकि छात्रों को नशे की बुराई के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में मेगा पी.टी.एम. (माता-पिता-शिक्षक बैठक) आयोजित की गई, जिसमें 20 लाख माता-पिता और छात्रों ने हिस्सा लिया।

सरकारी खजाने का एक-एक पैसा पंजाबियों की भलाई और राज्य के विकास के लिए समझदारी से इस्तेमाल किया जा रहा है मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा पंजाबियों की भलाई और राज्य के विकास के लिए समझदारी से इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशा विरोधी अभियान के हिस्से के रूप में नशे के खिलाफ जंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने के लिए पहली बार पुरस्कार नीति शुरू की गई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब पुलिस में भर्ती और पदोन्नति को सुचारू बनाया गया है ताकि फोर्स में मानव शक्ति को बढ़ाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से दबे-कुचले लोगों के लिए कल्याण योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता संग्राम के बहादुर योद्धाओं और शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में नहरी प्रणाली को पुनर्जनन पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने एक ओर दशकों से वंचित किसानों को नहरी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की है और दूसरी ओर बेशकीमती भूजल को बचाया है।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने परेड कमांडर गजलप्रीत कौर आई.पी.एस. के नेतृत्व में बी.एस.एफ., पंजाब पुलिस (पुरुष और महिला), पंजाब सशस्त्र पुलिस, पंजाब होम गार्ड, राजस्थान सशस्त्र पुलिस, एन.सी.सी., पी.ए.पी. पाइप और ब्रास बैंड की टुकड़ियों के शानदार मार्च पास्ट के दौरान सलामी ली।

इस अवसर पर उद्योगिक प्रमोशन, मनरेगा, मार्कफेड, डेयरी विकास और वेरका, आम आदमी क्लीनिक (स्वास्थ्य विभाग), फसली विविधता, खेडां वतन पंजाब दीयां और अन्य क्षेत्रों में प्राप्तियों को दर्शाने वाली सात झांकियां भी समारोह की शोभा बढ़ा रही थी।

इससे पहले, एक रंगारंग कार्यक्रम में पी.टी. शो, टेंट पैगिंग, स्कूली छात्रों द्वारा विभिन्न प्रदर्शन, गिद्दा, भांगड़ा और स्कूल व कॉलेज के छात्रों द्वारा प्रस्तुत अन्य लोक नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी निहाल सिंह, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों, कारगिल युद्ध के नायकों और शहीद सिपाहियों के परिवारों का भी सम्मान किया।

Delhi-NCR के लोगों को PM Modi देंगे बड़ी सौगात, मात्र चंद मिनटों में पहुंच सकेंगे एयरपोर्ट; जानें सबकुछ”

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Delhi-NCR के लोगों को PM Modi देंगे बड़ी सौगात, मात्र चंद मिनटों में पहुंच सकेंगे एयरपोर्ट; जानें सबकुछ”

NCR के लोगों को PM Modi देंगे बड़ी सौगात

जानकारी के मुताबिक कल PM Modi कल दो एक्सप्रेसवे Dwarka Expressway और Urban Extension Road की उद्घाटन करने जा रहे है। जो दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा। सबसे खास बात है कि यह स्ट्रैच नोएडा और इंदिरा गांधी इंटनेशल एयरपोर्ट की दूरी काफी कम देगा, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। वहीं इस मार्ग के खुलने से पश्चिमी दिल्ली और एनसीआर उपनगरों से आने वाले यात्रियों को सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा। रिंग रोड पर भीड़भाड़ कम होगी।

Dwarka Expressway से किन लोगों को होगा ज्यादा फायदा: गौरतलब है कि Dwarka Expressway के शुरू होने से गुरूग्राम के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है। सबसे खास बात है कि एनएच-48 पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को ये एक्सप्रेसवे लगभग खत्म कर देगा. इस एक्सप्रेसवे से गुरुग्राम से निकलने के 10 मिनट बाद आप एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं। इसके अलावा अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 के शुरू होने के बाद सोनीपत और पानीपत हाईवे पहुंचने में एक घंटे से भी कम का समय लगेगा। इसके अलावा इंटरनेशल फ्लाइट पकड़ने वाले लोग जो पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल से आ रहे है, वह भी 20 मिनट में एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। माना जा रहा है कि धौला कुआं से आने वाली गुरूग्राम की रोड पर आधा ट्रैफिक कम हो जाएगा। अभी धौला कुआं से गुरूग्राम आने जाने में घंटों लग जाते है।

“Petrol Diesel Price Today: बस-ट्रक मालिकों की हो गई बल्ले-बल्ले, 13 रुपए सस्ता हुआ डीजल, देशभर में लागू हो गए नए रेट, जानिए आज क्या है भाव”

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“Petrol Diesel Price Today: बस-ट्रक मालिकों की हो गई बल्ले-बल्ले, 13 रुपए सस्ता हुआ डीजल, देशभर में लागू हो गए नए रेट, जानिए आज क्या है भाव”

सरकार ने एक बार फिर डीजल के रेट में बदलाव करते हुए कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। वहीं, पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पेट्रोल-डीजल के नए रेट कल आधी रात से पूरे देश में लागू कर दिए गए हैं।

बता दें कि सरकार ने ये फैसला अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई ताबड़तोड़ गिरावट के बाद लिया है। तो चलिए जानते हैं आज क्या है पेट्रोल-डीजल का रेट?

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने डीजल के रेट में 12.84 रुपए की कटौती की है। जबकि पेट्रोल के रेट में आज कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, केरोसिन ऑयल (मिट्टी का तेल) की कीमत 7.19 रुपए और लाइट डीज़ल की कीमत 8.20 रुपए की कमी की गई है। डीजल 12.84 रुपए सस्ता होने के बाद अब 272.99 रुपए प्रति लीटर हो गया है। जबकि केरोसिन ऑयल (मिट्टी का तेल) की कीमत 7.19 रुपए घटकर 178.27 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं, लाइट डीज़ल की कीमत 8.20 रुपए घटकर 162.37 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है। बता दें कि पहले, सरकार ने पेट्रोलियम लेवी बढ़ाई थी, जिससे जनता को पूरी राहत नहीं मिल सकी।

ईंधन का प्रकार

पुरानी कीमत नई कीमत अंतर पेट्रोल

  • (सुपर) PKR 264.61, 264.61
  • हाई-स्पीड डीज़ल PKR 285.83, 272.99, -12.84
  • लाइट-स्पीड डीज़ल PKR 170.36, 162.37, -8.20
  • केरोसिन ऑयल PKR 185.46, 178.27, -7.19

दूसरी ओर सूत्रों के अनुसार, पेट्रोल और डीज़ल पर लेवी 2.50 रुपए प्रति लीटर बढ़ाई गई है। डीज़ल पर लेवी 74.51 रुपए से बढ़ाकर 77.01 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है। इसके अलावा, डीज़ल पर फ्रेट मार्जिन 0.20 रुपए बढ़ाकर 6.24 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं पेट्रोल पर लेवी 75.52 रुपए से बढ़ाकर 78.02 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि पेट्रोल और डीज़ल दोनों पर 2.50 रुपए प्रति लीटर का “क्लाइमेट सपोर्ट लेवी” लगाया गया है। पेट्रोल और डीज़ल दोनों पर डीलरों का मार्जिन 8.64 रुपए प्रति लीटर, जबकि वितरकों का मार्जिन 7.87 रुपए प्रति लीटर तय किया गया है। पेट्रोल और डीज़ल पर बिक्री कर (सेल्स टैक्स) की दर फिलहाल शून्य बनी हुई है।

“कृष्ण जन्माष्टमी पर 56 भोग का महत्व और पूरी लिस्ट | जानें क्या-क्या चढ़ाया जाता है”

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Janmashtami 2025 का पर्व शनिवार, 16 अगस्त को देशभर में भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग अर्पित करते हैं। मान्यता है कि 56 भोग लगाने से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

56 भोग की परंपरा कैसे शुरू हुई? कहानी के अनुसार, जब श्रीकृष्ण ने सात दिन तक गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की, तो वे भोजन नहीं कर पाए। इसके बाद मां यशोदा ने आठ दिन के छूटे भोजन को मिलाकर 56 व्यंजन बनाए और श्रीकृष्ण को अर्पित किए। तभी से जन्माष्टमी पर 56 भोग लगाने की परंपरा शुरू हुई।

56 भोग में शामिल प्रमुख व्यंजन मिठाइयां (Sweets) पंजीरी, पंचामृत, रस मलाई, खीर, रसगुल्ला, मालपुआ, रबड़ी, लड्डू, मोहनथाल, मक्खन, मूंग दाल हलवा, श्रीखंड, मथुरा पेड़ा, कलाकंद, बासुंदी, मिश्री मावा आदि।

  • अनाज (Grains चावल, दाल, कढ़ी, मीठा चावल, चना, पूरी, रोटी।
  • फल (Fruits) सेब, आलूबुखारा, आम, केला, अनार, नाशपाती, नारियल।
  • सुखे मेवे (Dry Fruits) बादाम, किशमिश, अखरोट, चिरौंजी, मखाना।
  • सब्जियां (Vegetables) कद्दू, लौकी, पत्ता गोभी।
  • पेय (Drinks) बादाम मिल्क, नारियल पानी, लस्सी, शिकंजी।
  • नमकीन और स्नैक्स (Snacks) नमकीन, शक्कर पारा, मठरी, पकौड़े,            चीला, चटनियां।
  • मुखवास (Mukhwas) पान, सौंफ, गुलकंद, इलायची।

धार्मिक महत्व भक्तों का विश्वास है कि 56 भोग अर्पित करने से श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और घर में समृद्धि, सौभाग्य व खुशहाली आती है।

  • थाली सजाने का तरीका थाल को पीले या लाल कपड़े से सजाएं।
  • बीच में माखन-मिश्री और पंचामृत रखें।
  • गोलाई में सभी व्यंजन सजाएं और बीच में लड्डू गोपाल विराजमान करें।
  • थाली में तुलसी पत्र अवश्य रखें।

CG: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया।

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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का आगाज : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। यह महोत्सव 15 अगस्त 2025 से शुरू होकर आगामी 6 फरवरी 2026 तक पूरे 25 सप्ताह तक पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास और जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा। साय ने कहा कि यह महोत्सव केवल शासकीय आयोजन न होकर हम सभी प्रदेशवासियों का महोत्सव है, जिसमें राज्य के हर वर्ग, हर समाज और हर उम्र के लोगों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जन सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि हम सब विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने और दृढ़ संकल्प को लेकर आगे बढ़ेंगे तो मंजिल जरूर मिलेगी।

लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण: मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि अटल के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन संभव हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का है।
छत्तीसगढ़ी रंग में रंगा रैम्प… परंपरा से वेस्टर्न तक फैशन शो में प्रतिभागियों ने दिखाया जलवा .. साय ने कहा कि रजत महोत्सव के दौरान प्रदेश के लोकप्रिय ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे पारंपरिक आयोजन भी होंगे, जो स्थानीय खेलों और लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा देंगे। जनभागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और विकास की भावना के साथ मनाया जाने वाला यह रजत महोत्सव राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
इतने रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा धान: साय ने कहा कि राज्य गठन से पहले किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता था। सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का आदर्श मॉडल विकसित किया, जिसके माध्यम से आज लाखों परिवार निःशुल्क खाद्यान्न का लाभ ले रहे हैं और कोई भी भूखा नहीं सोता। उन्होंने कहा कि वर्तमान में धान 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक खरीदा जा रहा है। पिछले दो वर्षों में किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि सीधे स्थानांतरित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की स्थापना छत्तीसगढ़ में हुई। आर्थिक विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य की जीएसडीपी 21 हज़ार करोड़ रुपए से बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है, जिसे अगले पाँच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि फार्मा, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल जैसे नये युग के उद्योगों में नई औद्योगिक नीति लागू करने के बाद अब तक 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित किया गया है।
25 सप्ताह तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन: महोत्सव के दौरान आगामी 25 सप्ताह तक राज्य के विभिन्न विभागों, सामाजिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने जनता से अपील की कि वे पूरे उत्साह के साथ इसमें शामिल हों।
विशेषांक, लोगो और वेब पोर्टल का लोकार्पण: शुभारंभ कार्यक्रम में रजत महोत्सव विशेषांक पुस्तक का विमोचन, लोगो और वेब पोर्टल का अनावरण भी किया गया। संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह अवसर हमारे इतिहास को दोबारा जीने और अपनी संस्कृति पर गर्व करने का है। उन्होंने विशेष रूप से इस महोत्सव में गरीबों, युवाओं, आम नागरिकों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी विभागों को एक-एक सप्ताह का समय आबंटित किया है, जिसके दौरान विभागीय गतिविधियों का ग्राम स्तर तक आयोजन कर जनता को शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।

ये लोग रहे मौजूद: इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब एवं पुरंदर मिश्रा, राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, कलेक्टर गौरव कुमार, संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक तथा स्कूली छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

CG: रायपुर में आज इन जगहों पर जमकर मनाई जाएगी ‘श्री कृष्ण जन्माष्टमी’..

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रायपुर: देशभर के साथ ही आज छत्तीसगढ़ में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है। राधा -कृष्ण के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की कतार नजर आ रही है तो वही शाम होते ही दही हांडी फोड़, मनमोहक और जीवंत झांकियों के प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। बात करें रायपुर से इतर बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, भिलाई, रायगढ़, अम्बिकापुर, राजनांदगांव की तो यहाँ के राधा-कृष्णा मंदिरों में सुबह से ही कृष्ण भक्तों की कतार नजर आ रही है। यह सिलसिला पूरे दिन जारी रहेगा जबकि शाम होते ही कई तरहके सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे। जन्माष्टमी के मौके पर राधा-कृष्णा के मंदिरन को फूल और फलों से सजाया गया है।

बात करें राजधानी रायपुर की तो यहाँ की कृष्ण जन्माष्टमी की धूम सबसे अलग और वृहद् होने वाली है। रायपुर के हर गली मोहल्ले में जन्माष्टमी का उल्लास सुबह से ही देखने को मिल रहा है।

रायपुर के खाटू श्याम मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, गोपाल मंदिर और इस्कॉन मंदिर में भक्तों का पहुंचना शुरू हो चुका है। इन मंदिरों को फूलों से सजाया गया है। रात को जन्मोत्सव का ही आयोजन होगा जबकि कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे। इस पूरे आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम ने खास इंतज़ाम किये है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए बड़े पैमाने पर पुलिस बलों की तैनाती शहर के मुख्य मार्ग और मंदिरों के आसपास की गई है। पार्किंग, यातयात, मंदिरों में दर्शन, दही हांडी और दूसरी व्यवस्थाओं पर पुलिस और प्रशासन की पैनी निगाह बनी हुई है।

CG: खुलेआम खतरनाक चाकूओं की बिक्री पर हाई कोर्ट ने जतायी नाराजगी, गृह विभाग हलफनामा दाखिल करने के निर्देश ..

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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने खुलेआम खतरनाक और डिजाइनर चाकूओं की बिक्री पर चिंता जताई है। कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गृह विभाग के प्रमुख सचिव को पक्षकार बनाया और व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। बिलासपुर में 2025 में अबतक 120 चाकूबाजी के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 7 लोगों की जान जा चुकी है।

डिजाइनर चाकूओं की बिक्री पर हाई कोर्ट में सुनवाई, दुकानों पर और ऑनलाइन खतरनाक चाकूओं की बिक्री, बिलासपुर में बढ़े चाकूबाजी के मामले, 2025 में 7 की मौत ..

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिलासपुर में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं और खतरनाक चाकुओं की खुलेआम व आनलाइन बिक्री को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मीडिया में प्रकाशित खबर कि शहर में पान दुकानों, जनरल स्टोर्स और गिफ्ट शाप में 100 से 500 रुपये में डिजाइनर, बटन और फोल्डिंग चाकू बिना किसी पूछताछ के आसानी से खरीदे जा सकते हैं।

कोर्ट ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए गृह विभाग के प्रमुख सचिव को पक्षकार बनाया और व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि, ऑनलाइन व खुलेआम ये खतरनाक चाकू कैसे बिक रहे हैं, बेचने और खरीदने वाले दोनों पर कार्रवाई करें। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, ये बटनदार, डिजाइनर चाकू कोई सब्जी काटने के लिए तो लेता नहीं होगा, इसकी गंभीरता को समझिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि आपके पास आर्म्स एक्ट भी है तो फिर इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

120 मामले, 7 मौतें, 122 घायल

कोर्ट में पेश रिपोर्ट के अनुसार, बिलासपुर में सिर्फ जनवरी से जुलाई 2025 के बीच चाकूबाजी की 120 घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 122 लोग घायल हुए। कई मामले मामूली कहासुनी या विवाद में भड़ककर हुए। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत कुछ कार्रवाइयां जरूर कीं, लेकिन हथियारों की आसानी से उपलब्धता ने हालात को और गंभीर बना दिया।

ऑनलाइन बिक्री पर जताई चिंता

सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल प्रफुल्ल एन. भारत ने कोर्ट को बताया कि ऐसे खतरनाक चाकू न केवल बाजार में बल्कि आनलाइन प्लेटफार्म पर भी बिक रहे हैं। राज्य सरकार ने आनलाइन बिक्री पर भी कार्रवाई की है, लेकिन पूरी तरह रोकने के लिए सख्त और ठोस रणनीति की जरूरत है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।