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”Krishna Janmashtami 2025: 16 अगस्त को मनाया जाएगा जन्माष्टमी महोत्सव ..”

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Krishna Janmashtami 2025: भगवान के जन्म के समय कृतिका नक्षत्र है, जो कि शुभदायी है, अर्थात जन्माष्टमी महोत्सव 16 अगस्त शनिवार को अष्टमी और नवमी तिथि की युति में मनाई जाएगी। सावन मास में महीनेभर तक शहर के शिवालय आस्था से छलके। अब शहर के राधाकृष्ण मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियां चल रही हैं। फूलों के झूले सज गए हैं। महिला मंडलियां राधारानी को उस झूले पर झुलाते हुए मंगल गीत गा रही हैं। 16 अगस्त को आधी रात शहरभर में नंद घर आनंद भयो की धूम रहेगी। महोत्सव को लेकर समितियों में अच्छा खासा माहौल है। राधाकृष्ण के लिए मथुरा वृंदावन से पोशाक मंगवाई गई है।

Krishna Janmashtami 2025: जन्माष्टमी महोत्सव का दुर्लभ संयोग
शास्त्रों के अनुसार, द्वापरयुग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्र कृष्णपक्ष अष्टमी तिथि को आधी रात रोहिणी नक्षत्र में हुआ है। जब ये दोनों संयोग होते तो उसे जन्म जयंती योग कहा जाता है। यह दुर्लभ संयोग कभी-कभी बनता है। शंकराचार्य आश्रम के ज्योतिषी स्वामी इंदुभवानंद तीर्थ महाराज बताते हैं कि भगवान के जन्म के समय जयंती योग का संयोग नहीं है। इस बार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के समय न तो अष्टमी तिथि रहेगी और न ही रोहिणी नक्षत्र। भगवान के जन्म के समय कृतिका नक्षत्र है, जो कि शुभदायी है, अर्थात जन्माष्टमी महोत्सव 16 अगस्त शनिवार को अष्टमी और नवमी तिथि की युति में मनाई जाएगी।

”CG: राहुल गांधी की ओर से चुनाव में वोट चोरी का आरोप लगाने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है, भाजपा-कांग्रेस ने एक-दूसरे पर निशाना साधते हुए कहा ..”

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अगले चरण में 11 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला कांग्रेस कार्यालयों में भी कांग्रेसजनों एवं बुद्धिजीवियों तथा मीडिया के समक्ष राहुल गांधी की 7 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस की रेकॉर्डिंग दिखाई जाएगी।

राहुल गांधी की ओर से चुनाव में वोट चोरी का आरोप लगाने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। भाजपा-कांग्रेस ने एक-दूसरे पर कटाक्ष किया है। कांग्रेस ने जहां चुनाव आयोग को ही मतदाताओं का डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है, तो भाजपा ने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा, उनको चुनाव आयोग के सामने सबूत पेश करना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों ने चुनावी गड़बड़ियों को लेकर की गई नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस की रेकार्डिंग को कांग्रेस भवन में रविवार को एक बार फिर से देखा। नेताओं ने राहुल गांधी द्वारा दिए गए तथ्यों को तार्किक और गंभीर बताते हुए कहा कि इससे साफ हो रहा है कि देश की चुनाव प्रणाली में गड़बड़ियां की जा रही हैं। चुनाव आयोग को इसका जवाब देश की जनता को देना चाहिए।
आज फिर दिखाई जाएगी रेकॉर्डिंग: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल के निर्देश पर प्रदेश मुख्यालय में राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस की रेकॉर्डिंग फिर से दिखाई गई। अगले चरण में 11 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला कांग्रेस कार्यालयों में भी कांग्रेसजनों एवं बुद्धिजीवियों तथा मीडिया के समक्ष राहुल गांधी की 7 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस की रेकॉर्डिंग दिखाई जाएगी।
कांग्रेस की मांग है कि चुनाव आयोग यदि अपनी निष्पक्षता को प्रमाणित करना और अपनी विश्वसनीयता को पुन:स्थापित करना चाहता है तो उसे पहले मशीन-पठनीय मतदाता डेटा तत्काल सार्वजनिक करना चाहिए और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इसके साथ ही राहुल गांधी के उठाए सवालों का साथ ही चुनाव आयोग जवाब दें।
कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व सांसद छाया वर्मा, महामंत्री सकलेन कामदार, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महेंद्र छाबड़ा, प्रमोद दुबे सहित अन्य उपस्थित थे। पंकज शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष उधो वर्मा, पूर्व महापौर एजाज ढेबर, पूर्व एमआईसी सदस्य श्रीकुमार मेनन युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा, कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष अरूण ताम्रकार, डॉ. अजय साहू सहित अन्य उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सियासी हमला बोला है। साव ने वोट चोरी मामले में राहुल और कांग्रेस को कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अनर्गल मुद्दा उठाकर भाग जाते हैं, अपनी बात को सही साबित नहीं कर पाते। उनकी इस पुरानी आदत को देश की जनता जान चुकी है।
साव ने कहा कि चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को बार बार नोटिस दिया कि आप अपनी बातों को साबित करें। सबूत देकर प्रमाणित करें, लेकिन उन्होंने आयोग को अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। उल्टे वे कहते है कि मैंने संविधान की शपथ ली है, इसलिए मेरी बात को सही मानो। आप जो कहेंगे उसे कैसे सही माना जाए, इसे तो सबूत देकर साबित करना पड़ेगा।
दरअसल, राहुल गांधी सबूत देने से भाग रहे हैं। राहुल गांधी की भागने की पुरानी आदत है। इसके साथ ही साव ने कहा कि वे संसद में कोई मुद्दा उठाएंगे और फिर भाग जाएंगे। जनता के बीच कुछ मुद्दा उठाएंगे फिर भाग जाएंगे। अब वोटर लिस्ट पर सवाल उठाया है कि चुनाव आयोग उनकी बातों को सुनना चाहता है, उनको सबूत और तथ्य देने कह रहे हैं, लेकिन वो भाग रहे हैं। इसका मतलब है कि वो केवल भ्रम फैला रहे हैं, इनके झूठ और भ्रम पर देश की जनता नहीं आने वाली है।

”CG: रायपुर एयरपोर्ट पर विस्तारा फ्लाइट में फंसे कांग्रेस विधायक समेत सभी यात्री ..”

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रायपुर: राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर रविवार सुबह एक बड़ा मामला सामने आया, जब दिल्ली से रायपुर आई विस्तारा फ्लाइट का गेट लैंडिंग के बाद नहीं खुल पाया। इस कारण यात्री करीब आधा घंटे तक विमान के अंदर फंसे रहे।

जानकारी के अनुसार, विस्तारा फ्लाइट को सुबह 8:40 बजे रायपुर पहुंचना था, लेकिन देरी से उड़ान भरने के कारण यह करीब 10 बजे लैंड हुई। लैंडिंग के बाद गेट में आई तकनीकी गड़बड़ी के चलते यात्री बाहर नहीं निकल सके।

घटना के चलते यात्रियों में नाराज़गी देखने को मिली और प्रबंधन से जवाबदेही की मांग की गई। बताया जा रहा है कि विस्तारा फ्लाइट AI-2797 के गेट में खराबी आने के कारण ऐसा हुआ है।

”CG: राजधानी में छाए रहेंगे बादल, कई जिलों में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट ..”

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से मानसून की गतिविधियों रोक लगी हुई है। प्रदेश में एक हफ्ते से ज्यादा समय से बारिश नहीं हुई है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में भीषण गर्मी और उमस पड़ रही है, जिससे जनता का हाल बेहाल हैं। उमस और भीषण गर्मी से परेशां लोगों के लिए मौसम विभाग ने एक राहत भरी खबर दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए जारी किया अलर्ट; मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में अगले 3 दिनों रक बारिश होने की संभावना हैं। साथ ही मौसम विभाग ने बताया कि, आज दिन भर राजधानी रायपुर में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी होगी। मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, बलरामपुर, रामानुजगंज, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, मनेंद्रगढ़ और जशपुर समेत कई अन्य इलाकों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इतना ही नहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी संभावना जताई है।

बिजली गिरने की भी संभावना; मौसम विभाग ने आगे बताया कि, प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश होने के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान भी चलेगा। इतना ही नहीं प्रदेश के कई इलाकों में बिजली गिरने की संभावना भी मौसम विभाग द्वारा जताई गई है। ऐसे में बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से छुटकारा मिलेगा। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि, वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और बिना आवश्यक कारण के खुले स्थानों पर न जाएं।

”CG: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी; राज्य के एक लाख 41 हजार 879 पात्र बीमित किसानों को 152.84 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा ..”

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छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सोमवार को उनके बैंक खाते में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मौसम आधारित फसल बीमा योजना तहत के तहत पैसे जारी किए जाएंगे। राज्य के एक लाख 41 हजार 879 पात्र बीमित किसानों को डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।

“छत्तीसगढ़ के किसानों के खाते में कल आएंगे 152.84 करोड़ रुपए, फसल बीमा योजना के तहत मिलेगा पैसा”

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सोमवार को उनके बैंक खाते में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मौसम आधारित फसल बीमा योजना तहत के तहत पैसे जारी किए जाएंगे। राज्य के एक लाख 41 हजार 879 पात्र बीमित किसानों को कुल 152 करोड़ 84 लाख 62 हजार रुपये का दावा राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मौसम आधारित फसल बीमा योजना तहत छत्तीसगढ़ राज्य के एक लाख 41 हजार 879 पात्र बीमित किसानों को कुल 152 करोड़ 84 लाख 62 हजार रुपये का दावा राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। इसमें खरीफ सीजन 2024 के 33 हजार 943 पात्र किसानों को 10 करोड़ 25 लाख 97 हजार रुपये तथा रबी सीजन 2024-25 के एक लाख 7 हजार 936 पात्र किसानों को 142 करोड़ 58 लाख 65 हजार रुपये का दावा भुगतान शामिल है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत यह भुगतान सोमवार को राष्ट्रव्यापी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण आधारित स्वचालित प्रणाली के माध्यम से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित कार्यक्रम में होगी।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा होंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किशोरी लाल मीना विशिष्ट अतिथि होंगे।

यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से आरंभ होगा। छत्तीसगढ़ के पात्र बीमित किसानों को वर्चुअल मोड से कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर कार्यालय उप संचालक कृषि तथा विकासखंड स्तर पर कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी में जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसे प्रभावी कार्यक्रम किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल हानि से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह दावा भुगतान हमारे किसानों के विश्वास और आत्मनिर्भरता को और मजबूत करेगा। हमारी सरकार खेती को लाभकारी बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक तकनीक के प्रसार और फसल विविधीकरण के माध्यम से प्रदेश की कृषि को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पित है।

“उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए खुशखबरी, अब इतनी मिलेगी LPG सब्सिडी!”

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“उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए खुशखबरी, अब इतनी मिलेगी LPG सब्सिडी!”

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत एलपीजी गैस सब्सिडी को लेकर बड़ा फैसला लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी जारी रखने को मंजूरी दे दी गई. यह सुविधा वित्त वर्ष 2025-26 तक उपलब्ध होगी लेकिन साल में अधिकतम 9 बार सिलेंडर भराने पर ही इसका लाभ मिलेगा.

सरकार का अनुमान है कि इस फैसले पर करीब 12,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इसका सीधा फायदा करोड़ों उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलेगा, जिनकी जेब पर महंगाई के बीच राहत पहुंचेगी.

क्यों लिया गया यह फैसला? भारत अपनी लगभग 60% एलपीजी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है. वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव से गरीब परिवारों पर असर न पड़े, इसके लिए मई 2022 में सरकार ने हर सिलेंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी शुरू की थी. यह साल में अधिकतम 12 बार के रिफिल पर लागू होती थी और 5 किलो के सिलेंडर के लिए भी अनुपातिक रूप से दी जाती थी. अब 200 रुपये की जगह 300 रुपये की सब्सिडी मिलने से उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए एलपीजी और सस्ती होगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से रसोई गैस का लगातार और किफायती उपयोग बढ़ेगा.

एलपीजी खपत में आया सुधार पिछले कुछ वर्षों में उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों के बीच एलपीजी इस्तेमाल में लगातार बढ़ोतरी हुई है. 2019-20 में प्रति लाभार्थी औसतन 3 बार रिफिल कराया जाता था, जो 2022-23 में बढ़कर 3.68 और 2024-25 में करीब 4.47 हो गया. आंकड़े बताते हैं कि अब अधिक लोग एलपीजी का नियमित उपयोग कर रहे हैं, जिससे धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं भी कम हुई हैं.

2016 में शुरू हुई थी उज्ज्वला योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में हुई थी. इसका मकसद गरीब परिवारों, खासकर महिलाओं को बिना किसी अग्रिम जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराना था. 1 जुलाई 2025 तक देशभर में करीब 10.33 करोड़ कनेक्शन दिए जा चुके हैं. इस योजना के तहत लाभार्थियों को सिलेंडर, रेगुलेटर, पाइप, डीजीसीसी पुस्तिका और इंस्टॉलेशन शुल्क पर कोई खर्च नहीं करना पड़ता. उज्ज्वला 2.0 के तहत तो पहला रिफिल और एक चूल्हा भी मुफ्त दिया जाता है. इन सभी खर्चों को सरकार और तेल कंपनियां मिलकर वहन करती हैं, जिससे गरीब परिवार बिना किसी आर्थिक बोझ के रसोई गैस का इस्तेमाल शुरू कर पाते हैं.

“अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा आम आदमी की पहुंच से कैसे हुए दूर? RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बताया”

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“अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा आम आदमी की पहुंच से कैसे हुए दूर? RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बताया”

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कार्यक्रम में बोलते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा आम आदमी की पहुंच से दूर हो गई हैं.

“उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार पर कैसे बनेगी सहमति, विपक्षी दलों से संपर्क साध रहे खरगे”

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विपक्षी गठबंधन इंडिया उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त उम्मीदवार उतारेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे संभावित नामों पर चर्चा करने और इस पर आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क कर रहे हैं।

सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। खरगे ने कहा कि विपक्षी गठबंधन में यह प्रबल भावना है कि विपक्षी दलों को नतीजे की परवाह किए बिना मजबूत राजनीतिक संदेश भेजने के लिए मुकाबले से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार चुनने पर कोई चर्चा नहीं हुई है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार-विमर्श के लिए इंडिया गठबंधन के साझेदारों के बीच बातचीत चल रही है। खरगे आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क कर रहे हैं।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, सभी दलों में इस बात पर आम सहमति है कि इंडिया उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए संयुक्त उम्मीदवार उतारेगा। हालांकि, विपक्षी खेमे के एक वर्ग का मानना है कि भाजपा की ओर से अपने उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही इंडिया को अपना उम्मीदवार तय करना चाहिए। हाल के समय में इंडिया के घटक दलों के बीच एकता बढ़ी है, जिन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित चुनाव धांधली के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया है। एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए इंडिया के शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर रात्रिभोज बैठक आयोजित की। बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के साथ-साथ भाजपा-निर्वाचन आयोग के वोट चोरी मॉडल के खिलाफ लड़ने की प्रतिबद्धता जताई।

खरगे के आवास पर विपक्षी गुट की बैठक लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद जून 2024 में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी गुट के शीर्ष नेताओं की बैठक के बाद आमने सामने की यह पहली बैठक थी। बैठक में 25 दलों के कई नेता मौजूद थे जिनमें खरगे, सोनिया गांधी, एनसीपी-(एसपी) प्रमुख शरद पवार, नेशनल कॉन्फ्रेंस सुप्रीमो फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, सपा के अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, डीएमके के तिरुचि शिवा व टीआर बालू, माकपा के एमए बेबी, भाकपा के डी राजा, भाकपा (माले) के दीपांकर भट्टाचार्य और एमएनएम प्रमुख कमल हासन शामिल थे।

‘वोट चोरी मॉडल’ के बारे में बताया बैठक के दौरान राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग के माध्यम से भाजपा के कथित तौर पर वोट चोरी मॉडल पर एक प्रस्तुति दी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस बैठक को सबसे सफल बैठकों में से एक बताया। यह पूछा गया कि क्या उपराष्ट्रपति चुनाव पर भी चर्चा हुई? इस पर उन्होंने कहा, ‘उपराष्ट्रपति चुनाव पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई। इसके लिए और भी मौके हैं।’ खरगे सोमवार को इंडिया अलायंस के सांसदों के लिए रात्रिभोज का भी आयोजन करेंगे। जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 4 अगस्त की शाम को अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया, हालांकि उनके इस्तीफे के पीछे अन्य कारणों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

एनडीए गठबंधन की मजबूत स्थिति दोनों सदनों की प्रभावी संख्या 781 है। उपराष्ट्रपति पद के लिए विजयी उम्मीदवार को 391 वोट हासिल करने होंगे, बशर्ते सभी पात्र मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें। उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य मतदान करते हैं। इनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं। ऐसा मालूम होता है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पक्ष में लगभग 422 सदस्य हैं। निर्वाचन आयोग ने 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए पिछले अधिसूचना जारी कर दी है। धनखड़ के उत्तराधिकारी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी, राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी को तीन नामांकन पत्र प्राप्त हुए, जिन्हें क्रमानुसार न होने के कारण अस्वीकार कर दिया गया। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है। दस्तावेजों की जांच 22 अगस्त को की जाएगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 25 अगस्त है।

“इस बार महिला बन सकती है उपराष्ट्रपति! NDA इस दिन करेगी उम्मीदवार का ऐलान, PM मोदी लेंगे फाइनल फैसला”

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President Election 2025: एनडीए (NDA) उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए जल्द ही अपना उम्मीदवार घोषित कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा स्तर पर फाइनल चर्चा शुरू हो चुकी है और 12 से 13 अगस्त के बीच नाम का ऐलान संभव है।

उम्मीद है कि मंगलवार (12 अगस्त) तक कम से कम सिद्धांत रूप में सहमति बन जाएगी। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी इस बार ऐसे उम्मीदवार को चुन सकती है जो पूरी राजनीतिक पारी में गैर-विवादित रहा हो और जिसके पास संसदीय कार्यों का व्यापक अनुभव हो। एक बीजेपी राज्यसभा सांसद ने कहा, “उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जिसे संसदीय प्रक्रिया और नियमों की गहरी समझ हो, ताकि राज्यसभा का संचालन कुशलता से किया जा सके।

कौन होगा अगला उपराष्ट्रपति? रेस में इस नेता का नाम सबसे आगे, जल्द होगा बड़ा ऐलान

चर्चा में कई नाम, पीएम मोदी दे सकते हैं ‘सरप्राइज’ मौजूदा समय में गुजरात, कर्नाटक, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के राज्यपालों के नाम चर्चा में हैं। इसके अलावा गोवा के पूर्व राज्यपाल का नाम भी संभावित सूची में है। पार्टी के कुछ नेता मानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उम्मीदवार चयन में चौंका सकते हैं।

महिला उम्मीदवार पर भी विचार द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सूत्रों ने एक पूर्व बीजेपी महिला सांसद, जो ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) से हैं, भी संभावित उम्मीदवार के रूप में सामने आई हैं। हालांकि, संभावना ज्यादा है कि यह पद किसी मौजूदा या पूर्व राज्यपाल को मिले। लेकिन अगर बीजेपी महिला उम्मीदवार को चुनती है, तो यह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बाद महिला सशक्तिकरण का एक और बड़ा संदेश होगा।

Vice President: कौन बनेगा विपक्ष का उपराष्ट्रपति उम्मीदवार? कैसे नेता को INDIA ब्लॉक करेगी आगे? मंथन जारी

महिला उम्मीदवारों की बात करें तो फिलहाल खबरों में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का ही नाम उछला है।

वसुंधरा राजे ने हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जो जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के बाद बेहद अहम मानी जा रही है।

धनखड़ के उपराष्ट्रपति बनने से पहले संभावित उम्मीदवारों की सूची में वसुंधरा राजे का नाम भी शामिल था, हालांकि अंतिम निर्णय में धनखड़ को यह जिम्मेदारी दी गई थी। अब उनके इस्तीफे के बाद, राजस्थान में बीजेपी के लिए जाट समुदाय को साधना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

दो बार राजस्थान की मुख्यमंत्री रह चुकीं वसुंधरा राजे का प्रदेश की राजनीति में खासा प्रभाव है। पार्टी के भीतर यह राय है कि अगर अगला उपराष्ट्रपति राजस्थान से चुना जाता है, तो इसमें वसुंधरा राजे की सहमति और भूमिका भी अहम होगी।

इस पद की दौड़ में सिक्किम के राज्यपाल और राजस्थान के मूल निवासी ओम माथुर का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, वसुंधरा राजे और ओम माथुर के बीच पुरानी राजनीतिक खटास किसी से छिपी नहीं है, जिससे पार्टी के लिए राजे को साधना और भी जरूरी हो जाता है। इसके अलावा, बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी निकट है, और इस पद के लिए भी वसुंधरा राजे का नाम पहले सामने आ चुका है।

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उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए अब तक कौन-कौन से नाम चर्चा में सबसे आगे?

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 6 अगस्त को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। ऐसे में कई लोग मानते हैं कि यह उनके लिए उपराष्ट्रपति जैसे अगले बड़े पद की जिम्मेदारी संभालने का सही समय है।

उत्तर प्रदेश से आने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व रेल राज्य मंत्री रह चुके मनोज सिन्हा ने अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में स्थिरता लाने में अहम भूमिका निभाई, ऐसा उनके समर्थकों का कहना है। हालांकि, उनका कार्यकाल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की छाया में समाप्त हुआ, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी।

2. वीके सक्सेना दिल्ली के उपराज्यपाल वीक. सक्सेना को लेकर राजनीतिक गलियारों में इन दिनों बड़े पद की संभावनाओं पर चर्चा तेज है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल नेताओं में से एक हो सकते हैं।

कॉर्पोरेट सेक्टर से राजनीति में आए वीके सक्सेना ने दिल्ली की राजनीति में अहम भूमिका निभाई। माना जाता है कि उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार की कई प्रशासनिक योजनाओं को रोकने में बड़ी भूमिका निभाई-चाहे वह नियुक्तियों से जुड़ा मामला हो या दिल्ली जल बोर्ड की नीतियां। कहा जाता है कि सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक तरह से बाधा का काम किया, जो जनधारणा की लड़ाई में केजरीवाल के लिए नुकसानदेह साबित हुआ।

3. रामनाथ ठाकुर अगर खबरों पर भरोसा किया जाए तो एनडीए उपराष्ट्रपति पद के लिए पिछड़े या अति पिछड़े वर्ग से उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रहा है। कई एनडीए सांसदों ने, नाम न छापने की शर्त पर, पुष्टि की है कि सत्तारूढ़ गठबंधन का रुझान पिछड़े वर्ग से उम्मीदवार चुनने की ओर है। चर्चा में चल रहे नामों में से एक है रामनाथ ठाकुर – जो पूर्व बिहार मुख्यमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित कर्पूरी ठाकुर के पुत्र हैं। रामनाथ ठाकुर, जो फिलहाल कृषि राज्य मंत्री हैं, नाई (हजाम) समुदाय से आते हैं, जिसे अति-पिछड़ा वर्ग श्रेणी में रखा जाता है।

4. हरिवंश सिंह उपराष्ट्रपति पद के लिए चर्चा में चल रहे प्रमुख नामों में जेडीयू के राज्यसभा उपसभापति हरिवंश सिंह का नाम भी शामिल है। हरिवंश सिंह 2020 से इस पद पर हैं और उन्हें सरकार का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है।

पीटीआई की एक पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा राज्यपाल को भी उपराष्ट्रपति बनाने पर विचार कर सकती है – ठीक वैसे ही जैसे जगदीप धनखड़, जो उपराष्ट्रपति बनने से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। इसके अलावा, संसद का अनुभव रखने वाले किसी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री या शीर्ष संगठनात्मक नेता का नाम भी पूरी तरह से खारिज नहीं किया गया है।

5. आचार्य देवव्रत आचार्य देवव्रत वर्तमान में गुजरात के राज्यपाल हैं और इससे पहले हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के पद पर कार्य कर चुके हैं। वे आर्य समाज से जुड़े रहे हैं और कुरुक्षेत्र स्थित एक गुरुकुल में प्राचार्य के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। हिंदी में स्नातकोत्तर डिग्री के साथ उनके पास 30 से अधिक वर्षों का शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव है।

6. शेषाद्रि चारी शेषाद्रि चारी का नाम भी उपराष्ट्रपति की रेस में चल रहा है। शेषाद्रि चारी संघ के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर के संपादक रह चुके हैं। इन्हें वैचारिक और राजनीतिक संतुलन का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। यह एक अनुभवी राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, रणनीतिकार और विदेश नीति विश्लेषक हैं, साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय स्वयंसेवक भी हैं।

“उपराष्ट्रपति के लिए विपक्ष उतारेगा ‘दिग्गज’ उम्मीदवार, इस पार्टी का नहीं होगा चेहरा, क्या है पूरी प्लानिंग”

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“उपराष्ट्रपति के लिए विपक्ष उतारेगा ‘दिग्गज’ उम्मीदवार, इस पार्टी का नहीं होगा चेहरा, क्या है पूरी प्लानिंग”

INDIA गठबंधन ने तय किया है कि वह उपराष्ट्रपति चुनाव में एक ‘दिग्गज’ और प्रभावशाली उम्मीदवार उतारेगा, ताकि BJP को बिना मुकाबले जीत (वॉकओवर) का मौका न मिले।

गठबंधन का मानना है कि मौजूदा वक्त में जब संविधान पर हमला हो रहा है, तब चुनाव में सीधी टक्कर देना जरूरी है, भले ही आंकड़े उनके पक्ष में न हों। इतना ही नहीं इनपुट ये भी हैं कि आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव में INDIA गठबंधन इस बार कांग्रेस का चेहरा न उतारने का फैसला लगभग तय कर लिया है। मकसद साफ है -सभी विपक्षी दलों को एकजुट करना और BJP के खिलाफ अधिकतम वोट जुटाना, जिसमें आम आदमी पार्टी (AAP) के कम से कम 11 वोट भी शामिल हैं।

कौन होगा अगला उपराष्ट्रपति? रेस में इस नेता का नाम सबसे आगे, जल्द होगा बड़ा ऐलान यह फैसला लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सरकारी आवास पर डिनर के बाद हुई क्लोज-डोर मीटिंग में लिया गया। बैठक में नेताओं ने कहा कि BJP की रणनीति पर नजर रखते हुए ऐसा उम्मीदवार सामने लाना चाहिए, जो न सिर्फ राजनीतिक रूप से मजबूत हो, बल्कि “आइडिया ऑफ इंडिया” की लड़ाई भी आगे बढ़ा सके।

राजनीति के बाहर से हो सकता है विपक्ष का उपराष्ट्रपति उम्मीदवार!

चर्चा में यह भी राय बनी कि उम्मीदवार राजनीति से बाहर का कोई सम्मानित और पहचाना हुआ चेहरा हो सकता है। राहुल गांधी के अलावा बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, के.सी. वेणुगोपाल (कांग्रेस), अखिलेश यादव (सपा), उद्धव ठाकरे (शिवसेना-UBT), कनीमोझी (DMK), सुप्रिया सुले (NCP-SP), डेरेक ओ’ब्रायन (TMC) और एम.ए. बेबी (CPI-M) मौजूद थे।

हालांकि, डिनर में शामिल सभी नेता उपराष्ट्रपति चुनाव पर हुई चर्चा में मौजूद नहीं थे। चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति के चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है और नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त है।

कौन बनेगा विपक्ष का उपराष्ट्रपति उम्मीदवार? कैसे नेता को INDIA ब्लॉक करेगी आगे? मंथन जारी

पिछली गलती से सबक राहुल गांधी की डिनर बैठक में शामिल एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने कहा, “हम पिछली बार की गलती दोहराना नहीं चाहते”। यह इशारा 2022 के उपराष्ट्रपति चुनाव की ओर था, जब विपक्ष ने कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मार्गरेट अल्वा को उम्मीदवार बनाया था। उस समय संसद में दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी टीएमसी ने कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करने से मना कर दिया था।

TMC का रुख और बाकी दलों की स्थिति हिन्दुस्तान टाइम्स के सूत्रों के मुताबिक, इस बार चर्चा के दौरान टीएमसी ने भी साफ किया कि वह अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी। 24 जुलाई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए INDIA गठबंधन “सामूहिक रूप से फैसला” करेगा। बैठक में खड़गे ने यह मुद्दा उठाया और सभी दलों की राय जानी।

सभी नेताओं की सहमति थी कि गठबंधन को चुनाव लड़ना चाहिए, भले ही NDA के पास पर्याप्त संख्या बल हो। विपक्ष का मानना है कि “BJP को वॉकओवर नहीं देना चाहिए और वैचारिक आधार पर लड़ाई लड़नी चाहिए”।

उपराष्ट्रपति के लिए कांग्रेस उम्मीदवार क्यों नहीं?

एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने साफ कहा कि AAP के 11 सांसद (स्वाति मालीवाल को छोड़कर) कांग्रेस उम्मीदवार को वोट नहीं देंगे। इसके अलावा संभावित सहयोगी बीजेडी और वाईएसआरसीपी भी कांग्रेस उम्मीदवार के साथ नहीं आएंगे। दूसरी ओर, TMC उम्मीदवार का भी रास्ता आसान नहीं है, क्योंकि वाम दलों के 16 सांसद किसी भी हालत में TMC उम्मीदवार को वोट नहीं देंगे।

कैसा होगा विपक्ष का उपराष्ट्रपति चेहरा?

अब गठबंधन के सामने दो विकल्प खुले हैं – या तो किसी राजनीतिक दल के नेता को उतारा जाए, या फिर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले किसी सामाजिक रूप से प्रभावशाली चेहरे को मैदान में लाया जाए।

राहुल गांधी की डिनर बैठक और में क्या-क्या हुआ?

करीब 25 दलों के 50 नेताओं के साथ हुए डिनर में राहुल गांधी ने “वोट चोरी” पर एक प्रेजेंटेशन दिया, जो कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की जांच के नतीजों पर आधारित था।

तेजस्वी यादव ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष संशोधन (SIR) को लेकर “धांधली” के आरोप लगाए और सभी नेताओं को 1 सितंबर को पटना में होने वाले विरोध कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया।

इस विरोध कार्यक्रम की शुरुआत 10 अगस्त को होगी, जिसमें राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और CPI(ML)L सहित सहयोगी दलों के नेता पदयात्रा करेंगे। वहीं, के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि 11 अगस्त को सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग तक मार्च करेगा।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने राज्य से जुड़े चार राज्यसभा पदों को भरने में हो रही देरी और दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव न कराने पर भी सवाल उठाया।

बैठक में कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्री – सिद्धारमैया, सुखविंदर सिंह सुक्खू और ए. रेवंत रेड्डी – के अलावा टी.आर. बालू, कमल हासन, महबूबा मुफ्ती, डी. राजा, दीपांकर भट्टाचार्य और जी. देवराजन जैसे नेता भी मौजूद रहे।