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Rs 500 Notes Supply From ATM: एटीएम से 500 रुपए के नोटों की सप्लाई बंद! जानिए सरकार ने क्या कहा?

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Rs 500 Notes Supply From ATM: एटीएम से 500 रुपए के नोटों की सप्लाई बंद! जानिए सरकार ने क्या कहा?

कई जगह दावा किया गया है कि 90 प्रतिशत एटीएम 31 मार्च, 2026 तक 500 रुपए के नोट जारी करना बंद कर देंगे और 75 प्रतिशत एटीएम 30 सितंबर तक ऐसा कर देंगे. इसके अतिरिक्त, इसमें लोगों को अपने 500 रुपए के नोट समाप्त करने की सलाह दी गई थी और यह भी कहा गया था कि भविष्य में एटीएम के माध्यम से केवल 100 और 200 रुपए के नोट ही उपलब्ध होंगे.

Rs 500 Notes From ATM: केंद्र सरकार ने मंगलवार को दोहराया कि 500 रुपए के नोटों की सप्लाई बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है और एटीएम से 100 रुपए और 200 रुपए के नोटों के साथ-साथ 500 रुपए के नोट भी निकलते रहेंगे. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि किसी विशेष मूल्यवर्ग के नोटों की छपाई का निर्णय सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के परामर्श से लेती है ताकि जनता की लेन-देन संबंधी मांगों को पूरा करने के लिए मूल्यवर्ग मिश्रण बनाए रखा जा सके.

सरकार ने क्या कुछ कहा?

राज्य मंत्री ने कहा, “आरबीआई ने सूचित किया है कि बार-बार इस्तेमाल होने वाले बैंक नोटों तक जनता की पहुंच बढ़ाने के अपने प्रयास के तहत, 28 अप्रैल, 2025 को ‘एटीएम के माध्यम से 100 रुपए और 200 रुपए के बैंक नोटों का वितरण’ शीर्षक से एक परिपत्र जारी किया गया है, जिसमें सभी बैंकों और व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटरों (डब्ल्यूएलएओ) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि उनके एटीएम नियमित रूप से 100 रुपए और 200 रुपए के बैंक नोट वितरित करें.”

लगभग 75 प्रतिशत एटीएम 30 सितंबर तक कम से कम एक कैसेट से 100 रुपए या 200 रुपए के बैंक नोट वितरित करेंगे. इसके अलावा, लगभग 90 प्रतिशत एटीएम 31 मार्च, 2026 तक कम से कम एक कैसेट से 100 रुपए या 200 रुपए के बैंक नोट वितरित करेंगे.

रविवार को सरकार ने एक वॉट्सऐप मैसेज को ‘असत्य’ करार दिया, जिसमें दावा किया गया था कि आरबीआई ने बैंकों को 30 सितंबर तक एटीएम के माध्यम से 500 रुपए के नोट जारी करना बंद करने का आदेश दिया है. सरकार ने कहा कि ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है.

भ्रामक मैसेज

इस भ्रामक संदेश में यह भी दावा किया गया था कि 90 प्रतिशत एटीएम 31 मार्च, 2026 तक 500 रुपए के नोट जारी करना बंद कर देंगे और 75 प्रतिशत एटीएम 30 सितंबर तक ऐसा कर देंगे. इसके अतिरिक्त, इसमें लोगों को अपने 500 रुपए के नोट समाप्त करने की सलाह दी गई थी और यह भी कहा गया था कि भविष्य में एटीएम के माध्यम से केवल 100 और 200 रुपए के नोट ही उपलब्ध होंगे.

CG: पूर्व CM भूपेश बघेल को SC ने दिया झटका, कहा- HC जाइए” “संपन्न लोग सीधे यहां क्यों पहुंच जाते हैं?

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SC ने कहा कि यह एक नया चलन बन गया है- जैसे ही कोई संपन्न व्यक्ति यहां आता है तो हम अपने निर्देशों को बदलने लगते हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो आम लोगों और उनके साधारण वकीलों के लिए उच्चतम न्यायालयों में कोई जगह नहीं बचेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने धनाढ्य और संपन्न लोगों द्वारा सीधे उसका रुख कर आपराधिक मामलों में राहत मांगने के चलन पर नाराजगी जताई और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे को हाई कोर्ट जाने को कहा क्योंकि उनके मामलों की जांच केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही है। ये मामले छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले और अन्य मामलों से संबंधित हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सोमवार को पिता-पुत्र से पूछा कि शीर्ष अदालत को प्राथमिकी, गिरफ्तारी व रिमांड तथा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के खिलाफ उनकी याचिकाओं पर विचार क्यों करना चाहिए?

शीर्ष अदालत ने ये भी पूछा कि याचिकाकर्ता हाईकोर्ट क्यों नहीं गए, जो खुद भी एक संवैधानिक न्यायालय है और ऐसे मामलों पर फैसला कर सकता है। पीठ ने कहा, ‘‘हम इसी समस्या को झेल रहे हैं। उच्च न्यायालय इस मामले का फैसला क्यों नहीं कर सकता? अगर ऐसा नहीं होगा तो फिर उन अदालतों का क्या मतलब है? यह एक नया चलन बन गया है- जैसे ही कोई संपन्न व्यक्ति उच्चतम न्यायालय आता है, हम अपने निर्देशों को बदलने लगते हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो आम लोगों और उनके साधारण वकीलों के लिए उच्चतम न्यायालयों में कोई जगह नहीं बचेगी।’’

SC क्यों पहुंचे थे पिता-पुत्र? भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल ने अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और पीएमएलए के प्रावधानों को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक एम. सिंघवी ने कहा, “गिरफ्तारी का यह सिलसिला पूरे देश में देखा जा रहा है और प्रवर्तन निदेशालय जैसी जांच एजेंसियां टुकड़ों में आरोपपत्र दाखिल कर रही हैं, किसी को भी फंसा रही हैं और सभी को गिरफ्तार कर रही हैं।

”ईडी पर क्या-क्या आरोप?

पूर्व मुख्यमंत्री की तरफ से पैरवी कर रहे कपिल सिब्बल ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं चल सकता। लोगों का नाम प्राथमिकी या शुरुआती आरोपपत्रों में नहीं होता, लेकिन अचानक उनके नाम पूरक आरोपपत्र में आ जाते हैं और उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है।’’ बघेल के बेटे की ओर से पेश सिंघवी ने कहा कि उनके मुवक्किल का नाम दो-तीन आरोपपत्रों में नहीं था, लेकिन मार्च में उनके घर पर अचानक छापा मारा गया और बाद में एक पूरक आरोपपत्र में उनका नाम आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

ED SC के फैसले का उल्लंघन कर रहा:

सिब्बल सिब्बल ने दलील दी कि ईडी शीर्ष अदालत द्वारा 2022 के फैसले में निर्धारित कानून का उल्लंघन कर रहा है, जिसमें गिरफ्तारी के उसके अधिकार को बरकरार रखा गया था। कपिल सिब्बल ने कहा कि इसलिए याचिका में पीएमएलए की धारा 50 और 63 की वैधता को चुनौती दी गई है। ये धाराएं अधिकारियों को किसी भी व्यक्ति को तलब करने, दस्तावेज मंगवाने, जांच के दौरान बयान दर्ज करने और झूठा बयान देने पर सजा देने का अधिकार देती हैं।

हाई कोर्ट छुट्टी पर है क्या?

सरकार की  SC से राहुल गांधी को फटकार के बाद बोली कांग्रेस; चीन मुद्दा छेड़ा हाई कोर्ट जाने का आदेश पीठ ने पूछा कि अगर ईडी कानून का पालन नहीं कर रहा था या प्रक्रिया से भटक रहा था, तो क्या कोई इसे अदालत के संज्ञान में लेकर आया या जांच एजेंसियों की कार्रवाई को चुनौती दी। पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत पहले भी कह चुकी है कि आरोपपत्र दाखिल होने के बाद आगे की जांच केवल अदालत की अनुमति से ही हो सकती है। पीठ ने कहा, ‘‘ऐसे कई मामले होते हैं जहां कानून वैध होता है, लेकिन उस पर की गई कार्रवाई अवैध हो सकती है।’’ अदालत ने दोनों याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे अपने मामले से जुड़े सभी तथ्य उच्च न्यायालय के समक्ष रखें।

पीएमएलए की धाराओं 50 और 63 को चुनौती देने के संबंध में पीठ ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ता इस मुद्दे पर नई रिट याचिकाएं दाखिल कर सकते हैं, और न्यायालय उन पर सुनवाई लंबित मामलों के साथ करेगा। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने उन्हें उच्च न्यायालय जाने की अनुमति दी और उच्च न्यायालय से कहा कि वह उनकी याचिकाओं पर जल्दी सुनवाई करे।

 

”CG : सीएम विष्णु देव साय लगातार बस्तर को डेवलप करने के लिए नई नई योजनाओं का क्रियान्वयन”

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”CG : सीएम विष्णु देव साय लगातार बस्तर को डेवलप करने के लिए नई नई योजनाओं का क्रियान्वयन”

रायपुर: सीएम विष्णु देव साय लगातार बस्तर को डेवलप करने के लिए नई नई योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे हैं. बस्तर में बीते एक साल में सबसे ज्यादा बदलाव स्वास्थ्य के क्षेत्र में आया है. राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्ता मान्यता से लेकर विशेषज्ञों की भर्ती तक की प्रक्रिया शामिल है

बस्तर में स्वास्थ्य क्रांति: 1 जनवरी, 2024 से 16 जून, 2025 के बीच, बस्तर संभाग के 130 स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (एनक्यूएएस) के तहत प्रमाणित किया गया है. 4 अगस्त 2025 को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इनमें 1 जिला अस्पताल, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और 113 उप-स्वास्थ्य केंद्र (एसएचसी) शामिल किए गए हैं. इसमें मुख्य रुप से कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे अति संवेदनशील ज़िलों के 14 संस्थानों ने मान्यता प्राप्त कर लिया है, जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सेवा प्रदान करने के प्रति जागरुक है. 65 अतिरिक्त संस्थान वर्तमान में प्रमाणन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं.

नियद नेल्लनार योजना: स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने नियाद नेल्लनार योजना के तहत आयुष्मान कार्ड नामांकन में तेज़ी लाई है. केवल एक वर्ष में, संभाग में 36,231 आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जिससे 52.6% कवरेज प्राप्त हुआ है. इसका फायदा ये मिला कि 6,816 लाभार्थियों ने 8.22 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य सहायता प्राप्त की है, जिससे हज़ारों परिवारों को वास्तविक और समय पर राहत मिली है.

स्वास्थ्य सेवा सबको मुहैया कराना: शासन की कोशिश है कि गांव गांव तक गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिले. स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर बनाने के लिए हेल्थ सेवा का विस्तार और कर्माचरियों की संख्या बढ़ाई गई है. पिछले 18 महीनों में ही, बस्तर संभाग में 33 चिकित्सा विशेषज्ञ, 117 चिकित्सा अधिकारी और एक दंत चिकित्सक की नियुक्ति की गई. इसके अतिरिक्त, 75 राज्य-स्तरीय और 307 ज़िला-स्तरीय कर्मचारी एवं प्रबंधकीय पदों पर नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि 291 और पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है.

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा: पूरे छत्तीसगढ़ में एक समान गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के राज्य के उद्देश्य से काम किया जा रहा है. बस्तर में चल रहे मलेरिया-मुक्त अभियान पर हमें जोर देना है. घर-घर जाकर जांच, तत्काल उपचार और जागरूकता लोगों के बीच बढ़ाई जा रही है. एनक्यूएएस के तहत, राज्य भर के स्वास्थ्य संस्थानों और विशेष रूप से बस्तर में आदर्श स्तर का प्रदर्शन स्वास्थ्य के क्षेत्र में किया जा रहा है.

मंत्री करेंगे बस्तर का दौरा: स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी और सुधार के लिए स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल 5 से 7 अगस्त तक बस्तर के तीन दिवसीय दौरे पर जाएंगे, जहां उनके साथ वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी होंगे. इस यात्रा कार्यक्रम में प्रमुख जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण, स्वायत्त निकायों की समीक्षा बैठकें, मलेरिया-मुक्त बस्तर अभियान का मूल्यांकन और प्रत्यक्ष मूल्यांकन के लिए बीजापुर और सुकमा के दूरदराज के गांवों का दौरा शामिल है.

जम्मू-कश्मीर, गोवा, बिहार और मेघालय के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक का निधन…

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जम्मू-कश्मीर, गोवा, बिहार और मेघालय के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक का 5 अगस्त 2025, मंगलवार को देहांत हो गया. वह कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और उनका इलाज चल रहा था. सत्यपाल मलिक ने 79 वर्ष की आयु में दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अंतिम सांस ली.

सत्यपाल मलिक के निजी सचिव केएस राणा ने यह जानकारी दी. दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के अनुसार पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का आज दोपहर 1.10 बजे निधन हो गया. सत्यपाल मलिक के सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर उनके निधन की जानकारी दी गई. सत्यपाल मलिक बिहार में भी राज्यपाल थे.

आधिकारिक जानकारी के अनुसार सत्यपाल मलिक को किडनी की समस्या थी. उन्होंने कृषि आंदोलन, भ्रष्टाचार और कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बेबाक राय के लिए सुर्खियां बटोरी थीं. अनुच्छेद 370 हटा तब राज्यपाल थे सत्यपाल मलिक बता दें जम्मू और कश्मीर में जब अनुच्छेद 370 और आर्टिकल 35 ए को समाप्त किया गया तब उस वक्त राज्यपाल सत्यपाल मलिक ही थे. जब जम्मू और कश्मीर को पूर्ण राज्य की जगह केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया, तब सत्यपाल मलिक केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्याल हो गए थे.

कैसा था सत्यपाल मलिक का सियासी सफर? 24 जुलाई 1946 को सत्यपाल मलिक, यूपी स्थित बागपत के मूल निवासी थे. मेरठ यूनवर्सिटी से विज्ञान में स्नातक और एलएलबी की डिग्री हासिल करने वाले सत्यपाल ने छात्र जीवन से राजनीति की दुनिया में कदम रखा. 1968-69 के दौरान वह छात्र संघ के अध्यक्ष भी चुने गए थे. उनके वह सन् 1974 में पहली बार विधानसभा के सदस्य चुने गए. इसके बाद सन् 1980 से 86 और 86-89 के दौरान वह यूपी से ही राज्यसभा गए.

सत्यपाल मलिक न सिर्फ राज्यसभा बल्कि लोकसभा के भी सदस्य थे. जनता दल के टिकट पर वह अलीगढ़ से 9वीं लोकसभा के लिए 1989-1991 सांसद थे. इसके बाद सन् 1996 में वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़े लेकिन चौथे नंबर पर आए और 40 हजार 789 मतों से चुनाव हार गए. इन सियासी दलों के साथ रहे सत्यपाल सत्यपाल मलिक वर्ष 2012 में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी नियुक्त किए गए थे. अब सियासी करियर में वह बीजेपी के अलावा, भारतीय क्रांति दल, जनता दल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, लोकदल और सपा में रहे.

सत्यपाल मलिक सितंबर 2017 से अगस्त 2018 तक बिहार, फिर 21 मार्च 2018 से 28 अगस्त 2018 तक ओडिशा के प्रभारी राज्यपाल, 23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 तक जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल, 3 नवंबर 2019 से 18 अगस्त 2020 तक गोवा और फिर 18 अगस्त 2020 से 3 अक्टूबर 2022 तक मेघालय के राज्यपाल थे.

किसने क्या कहा?

सत्यपालक मलिक के निधन पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शोक व्यक्त किया. सोशल मीडिया साइट एक्स पर अखिलेश ने लिखा- गोवा, बिहार, मेघालय और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे श्री सत्यपाल मलिक जी का निधन, अत्यंत दुःखद ! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें. शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं. भावभीनी श्रद्धांजलि !

भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े पूर्व राज्यपाल सतपाल मलिक के निधन की दुखद सूचना प्राप्त हुई ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें व परिवारजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें.

सत्यपाल के निधन पर जेडीयू के नेता केसी त्यागी ने कहा कि यह मेरे लिए निजी क्षति है. जब संयुक्त मेरठ था तो हम लोगों की राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक साथ हुई. दोनों चौधरी चरण सिंह की अगुवाई वाले लोकदल में लंबे समय तक साथ रहे. बाद में वीपी सिंह की सरकार में हम दोनों साथ सांसद बनें. उनके जाने से पश्चिमी यूपी की बहुत मजबूत आवाज बंद हो गई.

रालोद नेता रोहित अग्रवाल ने कहा कि पूर्व गवर्नर सतपाल मलिक जी का निधन दुखद है, प्रभु उनको अपने चरणों में स्थान दें. विनम्र श्रद्धांजलि. हरियाणा में कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व गवर्नर श्री सत्यपाल मलिक के निधन का दुखद समाचार मिला. मैं दिवंगत आत्मा की शांति व उनके प्रियजनों के लिए सम्बल की कामना करता हूँ. गाँव देहात व किसान समाज की जो आवाज़ सत्यपाल मलिक जी ने बुलन्द की, उसके लिए समाज सदैव उनका कृतज्ञ रहेगा.

कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने लिखा कि पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक जी का राजनीतिक जीवन सिद्धांतों और स्पष्टवादिता से भरा रहा. उन्होंने किसानों, लोकतंत्र और सच के पक्ष में खुलकर बोलने का साहस दिखाया. सत्यपाल मलिक जी का निधन सार्वजनिक जीवन में एक निर्भीक हस्ती के अंत का प्रतीक है.

सपा नेता आईपी सिंह ने भी सत्यपाल मलिक के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने लिखा कि अत्यंत दुःखद समाचार है किसान नेता पूर्व राज्यपाल चौधरी सत्यपाल सिंह मलिक जी नहीं रहे. देश की एक बेखौफ आवाज आज शांत हो गयी. भावभीनी श्रद्धांजलि. ओम शांति.

CG: राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज प्रदेश के कई जिलों में होगी भारी बारिश…

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CG: राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज प्रदेश के कई जिलों में होगी भारी बारिश। मौसम विभाग ने बारिश के साथ बिजली गिरने की जताई संभावना।

इन जिलों में हो सकती है बारिश : मौसम विभाग की तरफ से जारी अलर्ट के अनुसार, मंगलवार को दिन भर भीषण गर्मी पड़ने के बाद शाम को मौसम का मिजाज बदलेगा। देर शाम कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और जमकर बारिश भी हो सकती है। इतना ही नहीं प्रदेश के कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग की तरफ से जारी किए गए अलर्ट के अनुसार, रायपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, बालोद, राजनांदगांव, महासमुंद, बिलासपुर, धमतरी, बलौदाबजार, मुंगेली, दंतेवाड़ा समेत अन्य कई जिलों में जमकर बारिश होगी।

कई जिलों में रुक-रुककर होगी बारिश : वहीं, मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि, फ़िलहाल प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में कमी आएगी। प्रदेश के कई जिलों में रुक-रूककर बारिश होगी। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि, वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और बिना आवश्यक कारण के खुले स्थानों पर न जाएं।

छत्तीगसढ़ के रेलयात्रियों को बड़ा झटका त्यौहार के बीच रद्द रहेगी 26 एक्सप्रेस समेत 30 ट्रेनें..

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त्योहारी सीजन में 30 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी रायगढ़ स्टेशन पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य की वजह 26 एक्सप्रेस, 4 पैसेंजर ट्रेनें रद्द, 6 डायवर्ट

छत्तीसगढ़ में ट्रेनें रद्द : बताया जा रहा है कि, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तहत 27 अगस्त से 15 सितंबर तक अलग अलग दिनों में 30 ट्रेनें पूरी तरह से प्रभावित रहेंगी। जानकारी के मुताबिक इस दौरान 26 एक्सप्रेस और 4 पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी जबकि 6 ट्रेनें डायवर्ट की जाएंगी और 5 ट्रेनें गंतव्य से पहले खत्म हो जाएगी।

SECR ने जारी की सूचना : गौरतलब है कि, इस अवधि में गणेश पूजन के साथ तीज महोत्सव जैसे बड़े पर्व है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते है। ऐसे में रेलवे के इस फैसले का असर छत्तीसगढ़ के आम यात्रियों पर देखें को मिलेगा। ट्रेन रद्द रहने की स्थिति में उन्हें सड़क मार्ग से यात्रा करना होगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 26 से 28 अगस्त तक दिल्ली के प्रगति भवन में समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद करेंगे…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 26 से 28 अगस्त तक दिल्ली के प्रगति भवन में समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद करेंगे. यह आयोजन आरएसएस के शताब्दी वर्ष की शुरुआत से पहले एक बड़ी कवायद है, जिसका उद्देश्य संघ के कार्यों और उद्देश्यों को स्पष्ट करना तथा समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना है. इस तीन दिवसीय संवाद में शिक्षाविद, समाजसेवी, वैज्ञानिक, उद्योगपति, साहित्यकार और पत्रकार शामिल होंगे. इससे पहले 2018 में भागवत ने दिल्ली के विज्ञान भवन में ऐसा ही संवाद किया था. आरएसएस का शताब्दी वर्ष 2 अक्टूबर 2025 को नागपुर में विजयादशमी के अवसर पर शुरू होगा. इस मौके पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में विशेष संवाद सत्र होंगे, जहां समाज के प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया जाएगा. मार्च 2025 से अब तक 28,000 से अधिक लोगों ने ‘जॉइन आरएसएस’ के लिए नाम दर्ज कराया है, जो संगठन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है.

शताब्दी वर्ष के तहत देशभर में खंड, बस्ती और मंडल स्तर पर हिंदू सम्मेलन आयोजित होंगे, जहां सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होगी. हर शाखा पर विजयादशमी का आयोजन होगा, और नवंबर में 21 दिनों तक गृह संपर्क अभियान चलेगा. इस अभियान में स्वयंसेवक घर-घर जाकर संघ के उद्देश्यों को साहित्य के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएंगे. इसके अलावा, सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन हर जिला स्तर पर होगा, जिसमें हिंदू समाज के सभी समुदायों को एकजुट कर कुरीतियों को दूर करने और सद्भाव बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. अक्टूबर के बाद सभी जिला केंद्रों पर प्रमुख नागरिक गोष्ठियां आयोजित होंगी. युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम भी होंगे, ताकि उन्हें सामाजिक कार्यों से जोड़ा जा सके. ये आयोजन सामाजिक एकता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होंगे.

संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी का बड़ा बयान, ऑपरेशन सिंदूर पर बहस कराना विपक्ष की भूल

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पीएम मोदी ने आज एनडीए के संसदीय दल की बैठक को संबोधित किया. बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर देश की सेना का सम्मान है और इसे देश के सामने लाना जरूरी है. पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष ने इस मसले पर बहस की मांग कर खुद ही सेल्फ गोल कर लिया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि 5 अगस्त का दिन बेहद खास है क्योंकि इसी दिन राम जन्मभूमि का भूमि पूजन हुआ था. उन्होंने इसे देश की सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा ऐतिहासिक क्षण बताया.पीएम मोदी ने बिहार वोटर लिस्ट SIR पर क्या कहा बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में संविधान लागू करना ही नहीं चाहती थी, लेकिन एनडीए सरकार ने 370 हटाकर वहां संविधान को पूरी तरह लागू करने का काम किया.

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष SIR (Special Revision of Electoral Rolls) जैसे मुद्दों पर देश को गुमराह कर रहा है, लेकिन जनता सब देख रही है. ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पीएम ने बताया प्रेरणादायक पीएम मोदी ने यह भी कहा कि एनडीए सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को संसद में प्रभावी तरीके से रखा, और विपक्ष की रणनीति उलटी पड़ गई. उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को एक अच्छा और प्रेरणादायक अभियान बताया, और सभी सांसदों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की. बैठक के दौरान एनडीए के 25 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि गठबंधन के सभी घटक दलों को अपनी उपलब्धियों को देश के सामने रखना चाहिए.

पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना पीएम मोदी ने भाजपा संसदीय दल की बैठक में सांसदों से आगामी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की. उन्होंने खास तौर पर तिरंगा यात्रा और राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) जैसे आयोजनों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में कराने पर जोर दिया. बैठक में पीएम मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की मांग कर विपक्ष ने गलती की, और अब उन्हें फजीहत झेलनी पड़ रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ऐसा विपक्ष कहां मिलेगा जो अपने ही पैर पर पत्थर मारता है.

“प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया ऑब्जर्वेशन का जिक्र करते हुए कहा, “हम क्या कहें, जब सुप्रीम कोर्ट ने ही कह दिया… ये तो पत्थर मारना ही नहीं, ये ‘आ बैल मुझे मार’ है.” उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा, “ऐसे डिबेट रोज कराए… ये मेरा फील्ड है… इस फील्ड पर भगवान मेरे साथ है.” उन्होंने दोहराया कि विपक्ष ने बहस की मांग कर अपने ही पैर पर पत्थर मारा. प्रधानमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर कहा, “इतनी बड़ी फटकार कोई हो ही नहीं सकती जो कल सुप्रीम कोर्ट ने लगाई है.”

“Putrada Ekadashi: आज एकादशी की रात इन 3 उपायों से विष्णु जी को करें खुश, पूरी हो सकती है मनचाही इच्छा”

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“Putrada Ekadashi: आज एकादशी की रात इन 3 उपायों से विष्णु जी को करें खुश, पूरी हो सकती है मनचाही इच्छा”

_आज 5 अगस्त 2025 को श्रावण माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिस दिन पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। ये तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है, जिस दिन उनकी पूजा करने का विधान है। आमतौर पर ये व्रत निसंतान दंपति संतान सुख पाने के लिए रखते हैं। लेकिन अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी कई महिलाएं ये व्रत रखती हैं। हालांकि कई विष्णु भक्त श्री हरि को खुश करने के लिए भी ये उपवास रखते हैं। मान्यता है कि जिन लोगों के ऊपर विष्णु जी की विशेष कृपा रहती है, उन्हें जीवन का हर सुख मिलता है और सेहत भी अच्छी रहती है।

शास्त्रों में बताया गया है कि श्रावण पुत्रदा एकादशी के दिन प्रदोष काल व रात के समय विष्णु जी, धन की देवी मां लक्ष्मी और माता तुलसी की पूजा करना शुभ होता है। साथ ही कुछ विशेष उपाय भी किए जाते हैं। ये उपाय वो लोग भी कर सकते हैं, जिन्होंने आज व्रत नहीं रखा है। आइए अब विस्तार से जानते हैं पुत्रदा एकादशी की रात करने वाले तीन प्रभावशाली उपायों के बारे में।

ग्रह क्लेश दूर करने का उपाय जिन लोगों के घर में हर वक्त अशांति का माहौल रहता है, वो आज रात विष्णु जी की पूजा करें। साथ ही मंदिर में घी का एक दीपक जलाएं और 108 बार विष्णु मंत्र का जाप करें। पूजा करने के बाद पूरे घर में धूप का धुआं करें। इस दौरान ‘ॐ’ का उच्चारण करें। ऐसा करने से आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा और आए-दिन हो रहे लड़ाई-झगड़े कम होंगे।

पैसों की कमी दूर करने का उपाय जो लोग लंबे समय से धन संकट का सामना कर रहे हैं, वो आज एकादशी की रात विष्णु जी की तस्वीर के सामने घी का एक दीपक जलाएं और उन्हें गोमती चक्र अर्पित करें। इस दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें। मंत्र जाप के बाद आरती करें और अपनी गलतियों के लिए माफी मांगें। फिर विष्णु जी को अर्पित किए गोमती चक्र को शुद्ध लाल रंग के कपड़े में बांधकर घर की तिजोरी में रख दें।

ऐसा करने से आपके घर में धन का वास होगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। रोगों से मुक्ति पाने का उपाय यदि आप आए-दिन बीमार हो जाते हैं या घर का कोई सदस्य हर समय अस्वस्थ रहता है तो आज रात विष्णु जी की पूजा करें। घर के मंदिर, मुख्य द्वार, रसोई और हर कमरे में एक घी का दीपक जलाएं। साथ ही विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। इससे आपको और घरवालों को मानसिक शांति मिलेगी और सेहत भी अच्छी रहेगी।

यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ दिलाने 15 अगस्त तक विशेष अभियान…

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”प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ दिलाने 15 अगस्त तक विशेष अभियान”

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नवीन पात्र हितग्राहियों के लिए 15 अगस्त 2025 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत योजना का लाभ लेने से वंचित पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केन्द्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार एवं मजदूरी के क्षति के एवज में नकद राशि के रूप में आंशिक क्षतिपूर्ति प्रदान करना है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जिले की हजारों महिलाएं लाभान्वित हो रही है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरूप्रीत कौर ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 7293 एवं वर्ष 2025-26 में 2000 से अधिक गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को संबल मिला है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को पहले बच्चे के जन्म पर 2 किस्तों में गर्भावस्था के पंजीयन पर एवं 6 महीने के भीतर एक बार प्रसव पूर्व जांच कराएं जाने पर पहली किस्त के रूप में 3000 रूपए एवं दूसरी किस्त के रूप में 2000 रूपए बच्चे के जन्म के पंजीकरण तथा बीसीजी, पोलियो, डीटीपी एवं हिपेटाइसिस बी या इसके समानांतर प्रथम चक्र का टीका लगाये जाने के बाद प्रदान की जाती है। वही दूसरी संतान बालिका होने पर एकमुश्त 6000 रूपए प्रदान किया जाता है। योजना का लाभ लेने महिला का बैंक खाता आधार सिडिंग होना आवश्यक है। राशि का भुगतान डीबीटी मोड के माध्यम से लाभार्थी के खाते में किया जाता है। हितग्राही को आंगनबाड़ी केन्द्र में पंजीकरण कराना आवश्यक है। फार्म के साथ स्वयं, पति व परिवार के सदस्य का मोबाईल नंबर, महिला के बैंक खाते का विवरण, जच्चा-बच्चा कार्ड जमा करना, आधार कार्ड का विवरण जमा करना होता है।

पात्रता हेतु एक आवश्यक दस्तावेज राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, ई-श्रम कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड जमा करना होता है। साथ ही द्वितीय संतान बालिका का जन्म पंजीकरण एवं बालिका के प्रथम चक्र का संपूर्ण टीकाकरण की जानकारी जमा करना आवश्यक है। योजना का लाभ लेने हेतु एलएमपी (अंतिम माहवारी) से 570 दिवस अथवा बच्चे के जन्म के 270 दिवस के भीतर आवेदन किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ लेने से निर्धारित अवधि और पात्रता को पूरा करने वाले वंचित हितग्राही अपने निकटस्थ आंगनबाड़ी केन्द्र से सीधे संपर्क कर सकते है। इसके आवा अथवा मोबाईल एप (https://pmmvy.wcd.gov.in/apk/PMMVYsoft.apk) से भी आवेदन कर सकते है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के दूरभाष के 9406136904 एवं 7804905439 पर कार्यालयीन समय पर या हेल्प लाईन नंबर 14408 पर भी संपर्क कर सकते है।