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अभियान चलाकर पुलिस चौकी तुमडीबोड़ और यातायात राजनांदगांव द्वारा किया गया वाहन चेकिंग अभियान

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अभियान चलाकर पुलिस चौकी तुमडीबोड़ और यातायात राजनांदगांव द्वारा किया गया वाहन चेकिंग अभियान

दोपहिया वाहन में तीन सवारी, बिना हेलमेट, सीट बेल्ट नहीं लगाने, ओवर स्पीड, एवं अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर की गई कार्यवाही, लगभग 44 प्रकरणों में 50 हजार – रूपये की चालानी कार्यवाही.

दिनांक 02.08.2025 को सुबह 10ः00 बजे से शाम 06ः00 बजे तक यातायात नियमों का उल्लघंन करने वालो के विरूद्ध ओवर स्पीड, तीन सवारी, बिना सीट बेल्ट पर की गई कार्यवाही।

पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव श्री मोहित गर्ग के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुलदेव शर्मा के दिशा निर्देश व नगर पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी श्री दिलीप पटेल, प्रभारी यातायात श्री नवरतन कश्यप टीम गठित कर पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़ में एमसीपी लगाकर संदिग्ध लोगों पर नजर बनाये रखने और सघनता व सतर्कता के साथ वाहन चेकिंग करने व दुपहिया और चौपहिया वाहन सवारों पर नजर रखने तथा शराब, मादक पदार्थों एवं अन्य सामग्रियों पर रोकथाम करने हेतु वाहनों की चेकिंग करने तथा कानून-व्यवस्था को अधिक सुद्वढ़ बनाये रखने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही करने की दिशा निर्देश दिया गया था। जिसके तहत् पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़, व यातायात पुलिस राजनादगांव द्वारा आज दिनांक 02/08/2025 को एमसीपी लगाकर आने जाने वाले संदिग्ध, वाहन, वस्तु व्यक्ति की जांच की गई। चेकिंग के दौरान यातायात नियमों का उल्लघंन करने वालो के विरूद्ध (तीन सवारी, बिना सीट बेल्ट, ओवर स्पीड, एवं अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ) पुलिस चौकी तुमडीबोड़ व यातायात पुलिस द्वारा लगभग 44 प्रकरणों में 50 हजार – रूपये की चालानी कार्रवाई कर यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के संबंध में जागरूक किया गया।

Ex CJI डी वाई चंद्रचूड़ को मिला नया ठिकाना, रिटायरमेंट के 265 दिनों बाद खाली किया सरकारी बंगला

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भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख का आधिकारिक आवास खाली कर दिया है. भारत के 50वें सीजेआई जस्टिस चंद्रचूड़ आठ नवंबर, 2024 को रिटायर हो गए थे. हाल में, नई दिल्ली के 5, कृष्ण मेनन मार्ग स्थित सीजेआई के आधिकारिक आवास पर उनके निर्धारित समय से अधिक वक्त तक रहने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था.

जस्टिस चंद्रचूड़ ने सात जुलाई को ‘पीटीआई’ से बातचीत में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि सामान बांध लिया गया है और वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ जल्द ही किराये पर सरकारी आवास में चले जाएंगे. जस्टिस चंद्रचूड़, उनकी पत्नी कल्पना और बेटियां प्रियंका और माही पांच कृष्ण मेनन मार्ग, नई दिल्ली स्थित सीजेआई के आधिकारिक आवास में रह रहे थे. प्रियंका और माही दोनों दिव्यांग हैं.
जस्टिस चंद्रचूड़ ने बंगले में निर्धारित समय से अधिक वक्त तक रहने के कारणों को विस्तार से बताते हुए कहा था, “हमने वास्तव में अपना सामान बांध लिया है. हमारा सामान पहले ही पूरी तरह बांधा जा चुका है. कुछ सामान पहले ही नए घर में भेज दिया गया है और कुछ यहां भंडार कक्ष में रखा हुआ है.”
वह सरकारी बंगले में कथित तौर पर निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा केन्द्र सरकार को भेजे गए पत्र का जवाब दे रहे थे. पूर्व सीजेआई ने विवाद पर दुख जताया था और अपनी बेटियों की मेडिकल स्थिति का हवाला दिया था, जिन्हें ‘व्हीलचेयर’ अनुकूल घर की आवश्यकता थी.
घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था कि रिटायरमेंट के बाद उन्होंने तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना से बात की थी, जो उनके उत्तराधिकारी बने थे, और उन्हें बताया था कि उन्हें 14, तुगलक रोड स्थित बंगले में लौटना है, जहां वह सीजेआई बनने से पहले रहते थे.

जस्टिस खन्ना ने हालांकि जस्टिस चंद्रचूड़ को सीजेआई के बंगले में ही रहने को कहा था, क्योंकि जस्टिस खन्ना आधिकारिक आवास में नहीं रहना चाहते थे. सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने एक जुलाई को केंद्र को पत्र लिखकर कहा था कि जस्टिस चंद्रचूड़ सीजेआई बंगले में अनुमति प्राप्त अवधि से अधिक समय तक रहे हैं और उसने संपत्ति खाली कराने की मांग की थी.

‘कोई जमीन खरीदने आए तो बोलो हमें हिस्‍सेदारी दो’, राज ठाकरे ने फिर उठाया मराठी बनाम बाहरी का मुद्दाedc

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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने बाहरी और मराठी के मुद्दे को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. उन्‍होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि गुजरात में बाहरी व्यक्ति जमीन नहीं खरीद सकता है, लेकिन महाराष्ट्र में आकर कहीं से कोई भी जमीन खरीदता है और उद्योग चालू करता है. राज ठाकरे ने कहा कि अब आगे से अगर कोई जमीन खरीदने आए तो आप अपनी जमीनें मत बेचना, बल्कि उनको बोलना कि हमें कंपनी में हिस्सेदारी दो और मराठी लोगों को काम पर रखो.

इस अवसर पर राज ठाकरे ने कहा कि मुझे पता चला है कि महाराष्ट्र सरकार सरकारी खर्च पर गुजराती साहित्य सम्मेलन करवाने जा रही है. सरकार ने जानबूझकर यह किया है ताकि हम इस पर प्रतिक्रिया दें और सरकार को राजनीति करने का मौका मिल जाए. हम अब सरकार के बहकावे में नहीं आएंगे, लेकिन जब हमें लगेगा कि सरकार महाराष्ट्र को बर्बाद करने के लिए कदम उठा रही है, तब हम अवश्य आवाज उठाएंगे. आप सभी लोग जागृत रहिए और बारीकी से नजर रखिए कि आखिर सरकार कर क्या रही है.
उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर आरोप लगाते हैं कि हम हिंदी-मराठी का मुद्दा उठाकर बाहरी लोगों को परेशान करते हैं, लेकिन गुजरात से दो बार बिहारी लोगों को भगाया गया. वहां पर जिस व्यक्ति ने बिहारियों के खिलाफ आंदोलन किया और उन्हें मारकर राज्य के बाहर किया उसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी पार्टी में लेकर विधायक बना दिया. आप अपने राज्य को व्यवस्थित रख रहे हैं और दूसरे के राज्यों में अगर वे अपनी भाषा और संस्कृति को बचाने की बात करें तो उसे आप उसे बदनाम करते हैं.
उल्‍लेखनीय है कि हाल ही में महाराष्ट्र में ‘मराठी बनाम हिंदी’ विवाद ने तूल पकड़ा था. इस दौरान मराठी नहीं बोलने को लेकर मनसे कार्यकर्ताओं ने उत्तर भारतीयों पर कई जगह हमला किया था, इन घटनाओं ने सियासी रंग ले लिया था.

‘अहमदाबाद एयरपोर्ट पर आत्माएं… इंडिया इंडिया प्लेन क्रैश पर ये कैसा दावा, वीडियो देखकर चौंके लोग

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‘अहमदाबाद एयरपोर्ट पर आत्माएं… इंडिया इंडिया प्लेन क्रैश पर ये कैसा दावा, वीडियो देखकर चौंके लोगअहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश हुए एयर इंडिया के विमान की यादें आज भी लोगों के जहन में ताजा हैं. जून में हुए इस विमान हादसे में 270 लोगों की जान चली गई थी. इस भीषण त्रासदी के कारणों को लेकर कई सवालों के जवाब अब भी नहीं मिल पाए हैं. हालांकि इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बेहद अजीबोगरीब दावा किया गया है.

वायरल हो रहे इस वीडियो में खुद को ‘पिछले जन्म का एक्सपर्ट’ बताने वाले संजीव मलिक यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि एयर इंडिया हादसे में मारे गए यात्रियों की आत्माएं अब भी अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ‘अटकी’ हुई हैं. उन्होंने गुजरात के लोगों से अपील की है कि इन आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना सभा आयोजित की जाए.

वीडियो देखकर भड़के लोग

इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं दो खेमों में बंटी दिखीं. एक वर्ग ने मलिक के दावे को स्वीकार करते हुए लिखा, ‘मैं उनसे सहमत हूं, यह बात अजीब लग सकती है लेकिन कर्म का प्रभाव ऐसी घटनाओं में होता है.
वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने इस दावे की तीखी आलोचना की. एक यूज़र ने टिप्पणी की, ‘प्लीज ऐसी अफवाहें न फैलाएं, सरकार को इस जगह का पुनर्निर्माण करना चाहिए और छात्रों को दोबारा यहां लाना चाहिए.’ एक अन्य ने तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा, ‘प्लीज इस तरह की घृणित बातें फैलाना बंद करें.’
एक यूज़र ने व्यंग्य में लिखा, ‘आपको किस आत्मा ने बताया? आत्माएं खुद आकर इंटरव्यू देने लगी हैं क्या?’ वहीं एक रेस्क्यू वॉलंटियर ने लिखा, ‘माफ कीजिए, लेकिन मैंने दो सप्ताह वहां आपदा प्रबंधन टीम के साथ काम किया है, वहां ऐसी कोई बात नहीं है, अंधविश्वास फैलाना बंद कीजिए.’

क्या है कि संविधान का अनुच्छेद 51A(h)?

इस वीडियो के विरोध में कुछ लोगों ने संविधान का भी हवाला दिया. एक कमेंट में लिखा गया, ‘अनुच्छेद 51A(h) ने इस कमेंट सेक्शन को छोड़ दिया है.’
अनुच्छेद 51A(h) भारतीय संविधान के 11 मौलिक कर्तव्यों में से एक है, जो प्रत्येक नागरिक से ‘वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और सुधार की भावना’ विकसित करने की अपेक्षा करता है. यह गैर-न्यायिक होते हुए भी यह दर्शाता है कि राज्य अपने नागरिकों से तर्क और विज्ञान आधारित सोच की अपेक्षा करता है.

यह वीडियो और उस पर आई प्रतिक्रियाएं एक बार फिर इस बहस को हवा देती हैं कि विज्ञान और विश्वास के बीच समाज किस दिशा में झुक रहा है. आत्मा, पुनर्जन्म और कर्म जैसे विषयों पर लोगों की सोच आज भी बंटी हुई है. लेकिन क्या सार्वजनिक मंचों पर ऐसे दावे करना सही है, या यह समाज में भ्रम और अंधविश्वास को बढ़ावा देते हैं- यह बहस फिर से गहराती दिख रही है.

कुलगाम में तीसरे दिन तीसरा आतंकी भी ढेर, अभी भी जारी है सेना का ऑपरेशन, काल बनकर बरस रही भारत की सेना

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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच जंगल क्षेत्र में आज तीसरे दिन भी मुठभेड़ जारी है. शुक्रवार से शुरू हुए ऑपरेशन अखल आज तीसरा दिन है. शनिवार को सुरक्षा के जवानों ने अब तक तीन आतंकवादियों को मार गिराया है. सेना के सूत्रों की ओर जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस मुठभेड़ के दौरान एक सेना का जवान घायल हो गया है. वहीं बताया जा रहा है कि जंगल में चार से पांच या उससे अधिक आतंकवादियों के घिरे होने की संभावना है.
एएनआई के हवाले से पता चला कि शनिवार को दो आतंकियों को मार गिराने के बाद रात में ऑपरेशन को रोक दिया गया था. मगर, सुबह-सुबह फिर से हलच शुरू हो गई. दोनों आतंकवादियों की पहचान और उनके समूह की पुष्टि की जा रही है. सेना के सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन अभी भी जारी है. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान पुलवामा निवासी हरीश नजीर डार के रूप में हुई है, जिसे कुलगाम मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने मार गिराया है.
भारतीय सेना की चिनार कोर ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया कि रात भर रुक-रुक कर और तीव्र गोलीबारी जारी रही. सतर्क सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की और संपर्क बनाए रखते हुए घेराबंदी और मज़बूत कर दी.’ जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात भी कुलगाम जिले के अखलदेवसर इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच चल रही मुठभेड़ स्थल पर पहुंचे. एसओजी, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ इस अभियान को अंजाम दे रहे हैं.

एक हफ्ते में तीसरा बड़ा ऑपरेशन

ऑपरेशन अखल पिछले सात दिनों में तीसरी बड़ी मुठभेड़ है. इससे पहले बुधवार को, पुंछ ज़िले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास घुसपैठ की कोशिश के बाद सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में ऑपरेशन शिवशक्ति के दौरान दो आतंकवादी मारे गए थे.

भारत ने कर दी डोनाल्ड ट्रंप की मुराद पूरी, भर जाएगा अमेरिका का खजाना, अब क्‍या करेंगे व्लादिमीर पुतिन

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अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के तमाम देशों के खिलाफ टैरिफ वॉर छेड़ रखा है. ट्रंप सरकार अमेरिकी प्रोडक्‍ट पर लगने वाले टैक्‍स को कम करने का दबाव लगातार डाल रहे हैं. साथ ही अमेरिकी उत्‍पादों के आयात को बढ़ाने की बात भी कर रहे हैं. कुछ दिनों पहले ही ट्रंप ने भारत के प्रोडक्‍ट पर 25 फीसद तक अतिरक्‍त टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. इन सब घटनाक्रमों के बीच अब एक बड़ी खबर सामने आई है. भारत ने अमेरिका से एनर्जी इंपोर्ट को काफी बढ़ा दिया है. इस कदम को दोनों देशों के बीच ट्रेड बैलेंस की स्थिति बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्‍ड ट्रंप के जनवरी 2025 में अमेरिकी राष्‍ट्रपति पद पर वापसी के बाद भारत ने अमेरिका से ऊर्जा आयात में तेज़ी से इज़ाफा किया है. जनवरी से जून 2025 के दौरान भारत ने अमेरिका से कच्‍चे तेल का आयात 51% बढ़ाया है, जो दोनों देशों के बीच उभरती ऊर्जा साझेदारी को दर्शाता है. सूत्रों मानें तो यह बढ़त फरवरी 2025 में वाशिंगटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुए समझौते का नतीजा है. इस समझौते के तहत भारत ने अमेरिकी ऊर्जा आयात को 15 अरब डॉलर से बढ़ाकर 25 अरब डॉलर करने की बात कही थी. साथ ही दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्‍य तय किया है.

कच्‍चे तेल के आयात में भारी वृद्धि

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारत का अमेरिका से कच्चे तेल का आयात 114% बढ़कर 3.7 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 1.73 अरब डॉलर था. जुलाई 2025 में यह रफ्तार और बढ़ी जब अमेरिका से कच्चे तेल का आयात जून की तुलना में 23% अधिक रहा. इससे अमेरिका का हिस्सा भारत के कुल कच्चे तेल आयात में 3% से बढ़कर 8% हो गया है.
भारत ने अमेरिका से तरल प्राकृतिक गैस (LNG) के आयात को भी तेजी से बढ़ाया है. फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में एलएनजी आयात 1.41 अरब डॉलर से बढ़कर 2.46 अरब डॉलर हो गया. ICRA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत वशिष्ठ के अनुसार, ‘अमेरिकी एलएनजी की कीमत हेनरी हब बेंचमार्क पर आधारित होने के कारण अन्य स्रोतों की तुलना में अधिक कॉम्पिटिटिव है. साथ ही अमेरिका में कई नए एलएनजी प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं, जिससे भारतीय कंपनियां लॉन्‍ग टर्म कॉन्‍ट्रैक्‍ट के लिए अमेरिका की ओर रुख कर रही हैं.’ ट्रंप प्रशासन ने सत्ता संभालते ही एलएनजी निर्यात लाइसेंस पर बाइडन सरकार द्वारा लगाई गई रोक को हटा दिया था. अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) का अनुमान है कि 2028 तक अमेरिका की एलएनजी निर्यात क्षमता दोगुनी हो जाएगी.

भविष्‍य की मांग और रणनीतिक साझेदारी

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) का अनुमान है कि 2030 तक भारत वैश्विक तेल मांग वृद्धि का सबसे बड़ा ड्राइवर बन जाएगा और एलएनजी की मांग 78% बढ़कर 64 अरब घन मीटर सालाना हो जाएगी. ऐसे में भारत की अमेरिकी ऊर्जा की ओर बढ़ती निर्भरता रणनीतिक दृष्टि से अहम है. सूत्रों के अनुसार, ‘लंबी अवधि के एलएनजी और कच्‍चे तेल अनुबंधों को लेकर भारतीय और अमेरिकी कंपनियों के बीच अरबों डॉलर के समझौते पर चर्चा चल रही है. भारत अमेरिका को अपनी ऊर्जा सुरक्षा का सबसे भरोसेमंद साझेदार मानता है.’

रूस पर चोट?

गौरतलब है कि रूस भारत का सबसे बड़ा एनर्जी एक्‍सपोर्टर है. हाल के दिनों में भारत ने रूस से पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट की खरीद को काफी बढ़ाया था. लेकिन, बदले हालात में जब भारत अमेरिका से एनर्जी इंपोर्ट को बढ़ा रहा है तो इसका सबसे ज्‍यादा असर रूस पर पड़ सकता है. भारत का रूस से जारी तेल आयात अमेरिका के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. ट्रंप प्रशासन ने भारत पर दबाव बढ़ाया है कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए मॉस्को के साथ अपनी ऊर्जा साझेदारी पर पुनर्विचार करे. डोनाzल्‍ड ट्रंप और उनके मंत्रियों की ओर से भारत-रूस एनर्जी ट्रेड पर खुले तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं.

एक समोसा को पचने में कितना वक्त लगता है? 99% लोग नहीं जानते होंगे यह बात, जानकर फटी रह जाएंगी आंखें

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समोसा भारत का सबसे लोकप्रिय स्नैक है. इसका चटपटा स्वाद देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में लोगों को दीवाना बना देता है. चाय के साथ समोसा का स्वाद दोगुना हो जाता है. यही वजह है कि तमाम लोग रोज समोसा का आनंद लेते हैं. समोसा दिखने में छोटा होता है, लेकिन इसे पचाना आसान नहीं होता है. समोसे में मैदा, आलू और डीप फ्राई तेल की भरपूर मात्रा होती है, जिसकी वजह से इसे पचने में ज्यादा वक्त लगता है.

समोसा को पचाने में कितना वक्त लगता है?

एक्सपर्ट्स की मानें तो एक मीडियम साइज के समोसे को पूरी तरह पचने में 6 से 8 घंटे तक का समय लग सकता है. दरअसल समोसा में मैदा और डीप फ्राई किया गया तेल शामिल होता है. ये चीजें पेट में लंबे समय तक रहती हैं और पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं. अगर आपने एक साथ 2-3 समोसे खा लिए, तो आपका पाचन तंत्र दिनभर जूझता रहता है. आप पहले से पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो समोसा को पचाना और भी ज्यादा मुश्किल काम हो सकता है.

पाचन पर क्यों पड़ता है बुरा असर?

मैदा एक रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट है, जिसमें फाइबर की मात्रा बिल्कुल नहीं होती है. इसकी वजह से आंतों में चिपचिपा पदार्थ बन जाता है. समोसा तलने के लिए उपयोग किया जाने वाला तेल बार-बार गर्म किया जाता है, जिससे उसमें ट्रांस फैट बनता है. ये दोनों चीजें पाचन को धीमा करती हैं और गैस, एसिडिटी या कब्ज जैसी समस्याओं को पैदा कर देती हैं. अगर आप पहले से किसी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो समोसा को अवॉइड करना ही बेहतर है.
खाली पेट समोसा खाना आपके शरीर के लिए और भी भारी पड़ सकता है. जब पेट में कोई दूसरी चीज न हो और अचानक भारी, तला हुआ खाना चला जाए, तो पाचन एंजाइम्स को इसे तोड़ने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे पेट फूलना, भारीपन या मरोड़ की समस्या हो सकती है. खासकर उन लोगों में परेशानी ज्यादा होती है, जिनका पाचन पहले से कमजोर है. धीमी पाचन क्रिया का मतलब है कि खाना लंबे समय तक पेट में रुका रहेगा. इससे न केवल कम एनर्जी मिलती है, बल्कि शरीर अतिरिक्त फैट के रूप में इसे जमा भी करता है.

तो क्या कभी समोसा नहीं खाना चाहिए?

अगर आप रोज समोसा या अन्य डीप फ्राइड चीजें खाते हैं, तो यह मोटापे, ब्लड शुगर बढ़ने और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी गंभीर समस्याओं की वजह बन सकता है. हालांकि ऐसा नहीं है कि समोसे को हमेशा के लिए छोड़ देना चाहिए. इसे कभी-कभी, सीमित मात्रा में खाना समझदारी है. अगर आप समोसे का आनंद लेना ही चाहते हैं, तो इसे घर पर कम तेल में सेंककर और आटे से बनाएं. साथ ही सलाद या छाछ जैसे हल्के फूड्स के साथ खाएं ताकि पाचन में संतुलन बना रहे.

रूस से सस्ता तेल खरीदता है भारत, मगर मजे करते हैं अमेरिकी… एक्सपर्ट का ये विश्लेषण पढ़ चौंधिया जाएंगी आपकी भी आंखें

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अमेरिका लगातार भारत पर दबाव बना रहा है कि वह रूस से तेल खरीदना बंद कर दे. शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप ने एक अजीबोगरीब दावा करते हुए कहा कि उन्होंने सुना है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा जो एक ‘अच्छा कदम’ है. ट्रंप ने साथ ही कहा कि उन्हें इस बारे में हालांकि कोई ठोस जानकारी नहीं है. ट्रंप ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे पता चला है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा. मैंने यही सुना है. मुझे नहीं पता कि यह बात सही है या गलत, लेकिन यह एक अच्छा कदम है. देखते हैं क्या होता है.’ अमेरिका का कहना है कि इससे रूस को फायदा मिलता है. टाइम्स ऑफ इंडिया में लिखे अपने एक लेख में एक्सिस बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट नीलकंठ मिश्रा ने बताया है कि अगर भारत और चीन जैसे देशों ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया तो पूरी दुनिया में हाहाकार मचना तय है.
इसका सीधा असर सिर्फ रूस या भारत पर नहीं, बल्कि अमेरिकी जनता और खुद डोनाल्ड ट्रंप को भी भुगतना पड़ जाएगा. 2022 में जब रूस पर पहली बार वैश्विक प्रतिबंध लगे, तब ब्रेंट क्रूड और रूसी यूराल ग्रेड के बीच तेल की कीमतों में 30 डॉलर प्रति बैरल का अंतर था. लेकिन आज ये अंतर घटकर मात्र 2-3 डॉलर रह गया है यानी भारत को अब बहुत ज्यादा आर्थिक फायदा नहीं हो रहा. अगर भारत रोजाना 1.5 से 2 मिलियन बैरल तेल रूस से लेता है, तो साल भर में 1-2 अरब डॉलर की बचत होती है. लेकिन भारत जैसी 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए यह राशि बहुत बड़ी नहीं है.
रूस से तेल खरीदने पर क्यों चिढ़ा है US?
इतनी कम संख्या के बावजूद, पश्चिमी मीडिया और राजनेता पिछले तीन सालों से रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए चीन और भारत को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं, और यहां तक कहा है कि यूक्रेन के लोगों की दुर्दशा से दोनों को फायदा हो रहा है. वहीं अमेरिका के कई सांसद आरोप लगाते हैं कि भारत रूस को युद्ध लड़ने के लिए इसके जरिए फंडिंग दे रहा है. लेकिन सच्चाई कुछ और है. रूस प्रतिदिन लगभग 95 लाख बैरल तेल का उत्पादन करता है. घरेलू खपत को ध्यान में रखते हुए, यह लगभग 70 लाख बैरल तेल और रिफाइंड उत्पादों के बराबर निर्यात करता है, जिसमें से लगभग 45 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात होता है. लगभग 40 लाख बैरल से भी कम तेल समुद्री रास्ते से भेजा जाता है और उसमें से आधे से भी कम अब भारत आता है.

भारत अगर रूस से तेल खरीदना अगर बंद कर दे तो अमेरिका खुश हो जाएगा. लेकिन पूरे दुनिया में तेल की कीमतों में आग लग जाएगी. एक्सपर्ट् का कहना है कि दुनिया भर में तेल की मांग कमजोर है, ओपेक देशों की सप्लाई बढ़ रही है और तेल का भंडार भी ज्यादा है, इसलिए यह कुछ हद तक राहत देने वाल है, लेकिन फिर भी कच्चे तेल की कीमत 10 से 15 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं. इससे भारत को अरबों डॉलर का घाटा होगा. लेकिन दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ेंगी. एक्सपर्ट बताते हैं कि यह मंदी और महंगाई एक साथ (जिसे स्टैगफ्लेशन कहते हैं) का खतरा बढ़ जाएगा. अमेरिका में भी ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी, जिस से वहां सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ेगा. अमेरिका में तो पेट्रोल पंपi]k, पर महंगाई से चुनावी समीकरण ही बदल सकते हैं.+

डोनाल्‍ड ट्रंप की धमकियों से नहीं झुका भारत, रूस से ऑयल इंपोर्ट जारी, बेदम साबित हुई रॉयटर्स की रिपोर्ट

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डोनाल्‍ड ट्रंप और उनकी सरकार की आंखों में भारत-रूस की दोस्‍ती लंबे समय से खटक रही है. ट्रंप खुद और उनके टॉप ऑफिशियल्‍स रूस से तेल आयात पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं. न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारतीय कंपनियों ने रूस से होने वाले ऑयल इंपोर्ट को रोक दिया है. अब एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय कंपनियों ने रूस से तेल का आयात नहीं रोका है.

न्‍यूज एजेंसी ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से शनिवार को बताया कि भारतीय रिफाइनर (भारतीय कंपनियां) ऑयल इंपोर्ट से जुड़े फैसले मूल्य, कच्चे तेल की गुणवत्ता, लॉजिस्टिक्स और अन्य आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखकर लेते हैं. यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध विकल्पों और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों से चलता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस के संबंध मजबूत और समय की कसौटी पर खरे रहे हैं और इन्हें किसी तीसरे देश के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए.

रॉयटर्स की रिपोर्ट बेदम

यह रिएक्‍शन रॉयटर्स की उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले सप्ताह रूस से स्पॉट क्रूड ऑयल खरीदना बंद कर दिया है. रिपोर्ट में इसके पीछे छूट में कमी और बढ़ते जीयो-पॉलिटिकल प्रेशर का हवाला दिया गया था. इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया था कि उन्हें सुनने में आया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा और इसे एक अच्छा कदम बताया था. हालांकि, भारत की ओर से इसे खारिज करते हुए कहा गया कि तेल खरीद अब भी जारी है. सूत्रों ने कहा, ‘रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल उत्पादक है और भारत (जो अपनी 85% कच्चे तेल की जरूरतें आयात से पूरी करता है) ने अपनी ऊर्जा रणनीति (Energy Strategy) को मौजूदा चुनौतियों के अनुसार ढाला है, ताकि वह सस्ती और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित कर सके.’
डोनाल्‍ड ट्रंप ने हाल में भारत के खिलाफ तीखा रुख अपनाते हुए 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की और भारत-रूस के रक्षा और ऊर्जा संबंधों पर पेनाल्‍टी लगाने की बात कही. उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकोनॉमी’ कहकर तंज भी कसा था. उन्होंने कहा, ‘भारत दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ लगाता है. अब वह 1 अगस्त से 25% टैरिफ के साथ-साथ अतिरिक्त दंड का भी भुगतान करेगा.’ हालांकि, टैरिफ के प्रभावी होने की तिथि को बाद में टाल दिया गया था. हालांकि भारत ने अभी तक संयमित और संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए अपना रुख स्पष्ट किया है कि वह राष्ट्रीय हित में और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत ही तेल आयात के फैसले करता है.

बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान, बिहार-बंगाल में 4 दिनों तक हाई अलर्ट, दिल्ली-NCR में भी झमाझम

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मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में हो रही हलचल को लेकर अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के नॉर्थ हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से मानसून एक्टिव हो रहा है. इसकी से पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान लगाया है. मौसम विभाग ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि रविवार तक दक्षिण बंगाल के जिलों उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली, पूर्व और पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, पुरुलिया और बांकुरा में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. वहीं, मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में दिन में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है.
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में हो रही हलचल की वजह से बिहार में अगले 48 घंटे तक बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि बिहार के दरभंगा से मानसून का ट्रफ गुजर रहा है. मौसम विभाग ने बताया कि आज भी 5 अगस्त तक बिहार में लो प्रेशर बने रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया कि अगले 48 घंटे 19 जिलों के लिए काफी क्रिटिकल हैं. इन जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि 5 दिन के बाद मौसमी गतिविधियां थमने की संभावना है.
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि 6 अगस्त तक कई जिलों में बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी यूपी के कई जिलों में आज बारिश होने की संभावना है. वहीं, पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.

7 दिनों तक बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक से सात अगस्त तक सात दिनों के लिए आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा, गरज के साथ तूफान और तेज हवाएं चलने का शुक्रवार को अनुमान जताया है. मौसम विभाग ने एक से पांच अगस्त तक उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश (एनसीएपी), यनम, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश (एससीएपी) और रायलसीमा में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भविष्यवाणी की है.

rtfgvbदिल्ली में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन दिनों में फिर से बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार और रविवार के बीच गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है. मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली में शनिवार से बारिश कमी आ सकती है. दिल्ली में गरज या बिजली कड़कने के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश होगी. अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है.