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“मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त का कौन करता है चयन? कितनी मिलती है सैलरी और सुविधाएं”

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“मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त का कौन करता है चयन? कितनी मिलती है सैलरी और सुविधाएं”

भारत में चुनाव आयोग लोकतंत्र की रीढ़ माना जाता है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार होता है। लेकिन विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर सवाल उठाया है।

कांग्रेस पार्टी समेत अन्‍य विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। हालांकि 17 अगस्‍त को चुनाव आयोग प्रमुख आयुक्‍त ने प्रेस कान्‍फ्रेंस करके बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)और विपक्षी पार्टियों के लोकसभा और राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में वोट चोरी के आरोपों का करारा जवाब दिया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वोट चोरी की बातें केवल जनता को गुमराह करने की कोशिश है। ये भारत के संविधान का अपमना है। उन्‍होंने ये भी कहा कि चुनाव आयोग और बिहार के 7 करोड़ वोटर किसी भी झूठे आरोप से डरने वाले नहीं हैं।

ये पहली बार नहीं है इससे पहले भी विपक्ष चुनाव आयोग के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त और कार्यप्रणाली पर भी लगातार सवाल उठाता रहा है। आइए जानते हैं कौन मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की नियुक्ति करता है और इन्‍हें कितनी सैलरी और सुविधाएं मिलती हैं?

कैसे होता है मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त का चयन? भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त का पद अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह लोकसभा, विधानसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावों में केंद्रीय भूमिका निभाता है।

मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन केंद्र सरकार द्वारा लागू 2023 अधिनियम के तहत होता है। इस अधिनियम के अनुसार, एक तीन सदस्यीय समिति होती है जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। इस समिति में नेता प्रतिपक्ष और कानून मंत्री भी शामिल होते हैं। यह समिति राष्ट्रपति को मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम की सिफारिश करती है।

चयन प्रक्रिया में, पहले एक समिति पांच नामों को शॉर्टलिस्ट करती है। इसके बाद, प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और कानून मंत्री वाली तीन सदस्यीय समिति इन शॉर्टलिस्ट किए गए नामों में से एक नाम को अंतिम सिफारिश के लिए राष्ट्रपति के पास भेजती है।

एक बार जब मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम की सिफारिश राष्ट्रपति को मिल जाती है, तो राष्ट्रपति उस पर अपनी अंतिम मुहर लगाते हैं। इसके बाद एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाती है। अधिसूचना जारी होने के बाद, नियुक्त चुनाव आयुक्त निर्वाचन आयोग में अपने पद और गोपनीयता की शपथ लेते हैं। यह नियुक्ति पूरी तरह से राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल छह वर्ष का होता है या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले पूरा हो। उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के समकक्ष दर्जा प्राप्त होता है, और उन्हें समान वेतन व भत्ते मिलते हैं।

मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त को कितनी मिलती है सैलरी? भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का पद सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के समकक्ष होता है, जिसमें वेतन और सुविधाएं भी समान स्तर की मिलती हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त आमतौर पर भारत सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी होते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयुक्तों को प्रति माह 3.5 लाख रुपये वेतन मिलता है। इसके अतिरिक्त, उन्हें 34,000 रुपये का मासिक व्यय भत्ता भी मिलता है, जो पूरी तरह से कर-मुक्त है। चुनाव आयुक्तों को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के समान वेतन और दर्जा प्राप्त होता है।

मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त को क्‍या मिलती हैं सुविधाएं? मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त को आवास, सरकारी वाहन, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी मिलती हैं। इसके अलावा, उन्हें स्वयं, जीवनसाथी और आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए साल में तीन लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) की सुविधा भी दी जाती है।

मुख्‍य चुनाव आयुकत का कार्यकाल? मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों का कार्यकाल 6 साल या 65 वर्ष की आयु तक होता है, जो भी पहले पूरा हो। यह पद देश में चुनावों को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

CG: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विदेश दौरे पर सवाल उठाएं ..

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CG: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विदेश दौरे पर सवाल उठाएं ..

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विदेश दौरे पर सवाल उठाएं हैं। उन्होंने कहा, कुछ दिन पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी एक हफ्ते के अमेरिका प्रवास पर गये थे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विदेश दौरे पर सवाल उठाएं हैं। उन्होंने कहा, कुछ दिन पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी एक हफ्ते के अमेरिका प्रवास पर गये थे। उनके वहां जाने का प्रदेश को क्या फायदा हुआ, आज तक उन्होंने प्रदेश की जनता को नहीं बताया।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी विदेश होकर आए हैं। अब मुख्यमंत्री जा रहे उम्मीद है कि उनके विदेश यात्रा का प्रदेश को कुछ फायदा मिलेगा, क्योंकि इन विदेश यात्राओं पर प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई का लाखों रुपए खर्च होता है।

बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य के आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन पर अधिकार को बेदखल करने का काम भाजपा सरकार कर रही है। प्रदेश के अनेक जिलों के आदिवासियों के द्वारा धारित जमीनों के सरकारी रेकार्ड गायब किए जा रहे हैं, ताकि आदिवासियों के जमीन पर दावों को खारिज किया जा सके। हमारे नेता राहुल गांधी ने ‘कागज मिटाओ, अधिकार चुराओ’ के टैग के साथ आदिवासियों के पट्टे गायब करने का आंकड़ा जारी किया है।

CG: रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है।

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CG: रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है।

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को मूर्त रूप देते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार “रेडी-टू-ईट” निर्माण का कार्य पुनः सौंपा है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ की 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र प्रदान किए थे। इसके बाद मशीन इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से किया गया और अब रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतरलिया से “रेडी-टू-ईट” उत्पादन का शुभारंभ हो चुका है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि देशभर में 3 करोड़ “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य रखा गया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेज गति से कार्य कर रहा है। रायगढ़ इस अभियान में अग्रणी जिला बना है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने ग्राम कोतरलिया में “रेडी-टू-ईट” निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मशीन चलाकर निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और महिलाओं को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ से प्रारंभ हुई यह पहल शीघ्र ही प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी और यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। इन समूहों को प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। रायगढ़ जिले की परियोजनाओं—रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू के अंतर्गत चयनित समूह जल्द ही “रेडी-टू-ईट” उत्पादन प्रारंभ करेंगे। फिलहाल इसकी शुरुआत कोतरलिया से हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने “रेडी-टू-ईट” उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्य—दोनों को नई दिशा प्रदान करेगी।

“8वें वेतन आयोग पर लेटेस्ट अपडेट, करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए झटका, कब तक होगा लागू?”

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“8वें वेतन आयोग पर लेटेस्ट अपडेट, करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए झटका, कब तक होगा लागू?”

केंद्र सरकार द्वारा आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा को लगभग सात महीने हो चुके हैं। हालांकि, सरकार अभी तक इसके कार्यान्वयन की दिशा में आगे नहीं बढ़ पाई है। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों में उत्सुकता बनी हुई है, लेकिन लेटेस्ट रिपोर्ट्स के अनुसार इसका क्रियान्वयन 2028 तक टल सकता है।

अगर पिछले रुझानों पर नजर डालें तो हर वेतन आयोग लगभग 10 साल के अंतराल पर लागू हुआ है। 6वां वेतन आयोग 2006 में लागू हुआ था और 7वां वेतन आयोग 2016 में, इसलिए संभावना है कि 8वां वेतन आयोग भी इसी पैटर्न के तहत 2026 से 2028 के बीच लागू हो। फिलहाल कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) बढ़ोतरी और अन्य भत्तों के जरिए राहत मिल रही है, लेकिन पूरी वेतन संरचना में बदलाव के लिए उन्हें कुछ और साल इंतजार करना पड़ सकता है।

क्या है डिटेल बता दें कि सात महीने बीत जाने के बावजूद, सदस्यों और अध्यक्ष की नियुक्ति अभी भी लंबित है। 8वें वेतन आयोग का मुख्य उद्देश्य महंगाई के असर को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की आय में सुधार करना होगा। इस आयोग के तहत बेसिक सैलरी, ग्रेड पे, भत्तों और पेंशन संरचना में बदलाव किए जाने की संभावना रहती है। कर्मचारियों का मानना है कि महंगाई की दर और खर्चे के बढ़ने के हिसाब से मौजूदा वेतन संरचना अपर्याप्त है, इसलिए नई सैलरी स्ट्रक्चर की जरूरत महसूस की जा रही है। आयोग का गठन होने के बाद विशेषज्ञ कर्मचारी संगठनों और सरकार से चर्चा कर सिफारिशें पेश करेंगे। हालांकि, अभी इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक टाइमलाइन सामने नहीं आई है।

आर्थिक परिस्थितियों, सरकारी राजस्व और बजटीय दबावों को देखते हुए 8वें वेतन आयोग के क्रियान्वयन में देरी हो सकती है। अगर इसे 2028 तक लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों को तब तक महंगाई भत्ता (DA hike) और अन्य राहत उपायों के सहारे ही संतुलन बनाना पड़ेगा। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कुछ और वर्षों तक इंतजार करना पड़ सकता है।

8वें वेतन आयोग में अब तक के डेवलपमेंट बता दें कि केंद्र ने इस वर्ष 16 जनवरी को 8वें वेतन आयोग की घोषणा की। राष्ट्रीय संयुक्त सलाहकार परिषद (एनसी-जेसीएम) के कर्मचारी पक्ष ने कैबिनेट सचिव को एक मसौदा प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसमें उनकी प्रमुख मांगें सूचीबद्ध थीं। एनसी-जेसीएम सरकार और उसके कर्मचारियों के बीच संवाद का एक मंच है, विशेष रूप से साझा हित और कर्मचारी कल्याण के मामलों पर। तब से, 8वें वेतन आयोग पर अधिक प्रगति नहीं देखी गई है। वर्तमान गति को देखते हुए, और पिछले वेतन आयोग से तुलना करने पर, नए वेतन आयोग की सिफारिशें 2028 की शुरुआत तक ही लागू हो पाएंगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि 7वें वेतन आयोग के मामले में, आधिकारिक अधिसूचना की तारीख से लेकर कार्यान्वयन की तारीख तक 27 महीने लग गए थे। इसलिए, यह मानते हुए कि सरकार इस वर्ष अगस्त में 8वें वेतन आयोग को औपचारिक रूप से अधिसूचित करती है, इसकी सिफारिशें वास्तविक रूप से जनवरी 2028 से लागू हो सकती हैं। हालांकि, यह आवश्यक नहीं है कि 8वां वेतन आयोग 7वें वेतन आयोग के समान समय-सीमा का पालन करेगा। सिद्धांततः, नए पैनल की सिफारिशों को रिकॉर्ड समय में लागू किया जा सकता है।

“सासाराम से राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की बिहार यात्रा शुरू, सभी नेताओं ने सासाराम में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। 

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“सासाराम से राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की बिहार यात्रा शुरू, सभी नेताओं ने सासाराम में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। 

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की वोट अधिकार यात्रा सासाराम से शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस यात्रा को रवाना किया।

इससे पहले सभी नेताओं ने सासाराम में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित विसंगतियों का मुद्दा उठाकर महागठबंधन के नेता जनता के बीच जाएंगे।

सासाराम के सुअरा हवाई अड्डा मैदान में रविवार को जनसभा का आयोजन किया गया। सभास्थल पर भारी भीड़ जुटी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी विशेष विमान से गयाजी एयरपोर्ट पहुंचे, वहां से हेलिकॉप्टर से सासाराम आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल, वीआईपी चीफ मुकेश सहनी, सीपीआई माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई नेता मंच पर मौजूद रहे। महागठबंधन के कार्यक्रम में बिहार के अलग-अलग जिलों से लोग पहुंचे। सभा में वोट चोर गद्दी छोड़ के नारे लगाए गए।

चोरों को हटाइए, बीजेपी को भगाइए- लालू यादव आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने छोटे से संबोधन में कहा, “चोरों को हटाइए, बीजेपी को भगाइए, हमें जिताइए। चोरी करने वाली भाजपा को किसी भी कीमत पर आने नहीं देना है। सब लोग एक हो जाइए। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव सब मिलकर सरकार को उखाड़कर फेंकिए। लोकतंत्र को मजबूत बनाइए।” लालू ने मंच से अपना पुराना अंदाज भी दिखाया और कहा, ‘लागल-लागल झुलनिया में धागा, बलम कलकत्ता चला।”

बीजेपी चुनाव चोरी करवा रही- राहुल गांधी सासाराम में मंच से संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी देश में चुनावों की चोरी कर रही है। वोट चोरी करके बीजेपी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव जीत रही है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के जरिए अब बिहार में भी चुनाव को चोरी करने का प्रयास किया जा रहा है। मगर हम ऐसा नहीं होने देंगे।

राहुल गांधी ने महाराष्ट्र और कर्नाटक का उदाहरण दोहराया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव 2024 के 4 महीने हुए विधानसभा चुनाव में 1 करोड़ वोटर जादू से बढ़ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नए वोटरों के जरिए बीजेपी ने महाराष्ट्र चुनाव जीत लिया। राहुल ने कहा कि हमने जांच की तो पता चला कि लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक की एक लोकसभा सीट की एक विधानसभा में एक लाख वोट चोरी हुए। यह सीट बीजेपी ने जीत ली थी।

आपके वोट की चोरी नहीं, डकैती हो रही है- तेजस्वी यादव आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर पर निशाना साधते हुए कहा कि आपके वोट की चोरी नहीं हो रही, बल्कि डकैती डाली जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहारियों को चूना लगाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह बिहार है, यहां चूना खैनी के साथ रगड़ दिया जाता है। बिहारी भले ही गरीब हैं, लेकिन यहां का बच्चा-बच्चा तीखी मिर्ची वाला काम करते हैं। हम बेइमानी नहीं होने देगे।

तेजस्वी ने नीतीश सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर उनकी योजनाओं की नकल करने का आरोप लगाया। तेजस्वी ने कहा, “1500 रुपये पेंशन बढ़ेंगे, सरकार ने 1100 बढ़ा दी। डोमिसाइल, फ्री बिजली, एग्जाम फॉर्म फ्री जैसी घोषणाओं की भी नीतीश सरकार ने चोरी की। 20 साल नीतीश को, 11 साल मोदी को देख लिया, अब खटारा सरकार को बदलने का काम करना है।

तेजस्वी ने खरगे को अभिभावक, राहुल को बड़ा भाई बताया बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में मल्लिकार्जुन खरगे को अपना अभिभावक और राहुल गांधी को बड़ा भाई बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नाक में दम कर रखा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी समेत महागठबंधन के शीर्ष नेताओं को इस यात्रा निकालने पर धन्यवाद दिया।

भाषण के बीच भड़क गए मल्लिकार्जुन खरगे सासाराम में वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत से पहले जनसभा के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन अपने भाषण के बीच लोगों पर भड़क गए। दरअसल, तेजस्वी और राहुल के बाद खरगे संबोधन देने आए। खरगे ने थोड़ा ज्यादा समय लिया तो लालू यादव को सुनने आए लोग उतावले होने लगे। वे हल्ला करने लगे तो खरगे उनपर बिफर गए। उन्होंने कहा, “अगर आपको सुनना है तो सुनो, अगर 10 लोग भी होंगे तो मैं भाषण करता रहूंगा।”

मुकेश सहनी बोले- चुनाव आयोग पीएम मोदी की जेब में है विकासशील इंसान पार्टी के मुखिया मुकेश सहनी ने अपने संबोधन में कहा कि यह यात्रा लोकतंत्र को बचाने की यात्रा है। आज हमारे पास वोट है, तो हम देश के रूप में बंधे हुए हैं। वोट का अधिकार नहीं होता तो लालू यादव सीएम नहीं बनते, एक मल्लाह का बेटा बिहार में मंत्री नहीं बनता। हम वोट के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से देश में सरकार जरूरी है, उसी तरह विपक्ष भी जरूरी है। विपक्ष वोट अधिकार की लड़ाई लड़ रहा है। मगर चुनाव आयोग हमसे ही लड़ाई लड़ रहा है। आयोग के पास कोई जवाब नहीं है। हमें दुश्मन मानकर रविवार की छुट्टी के दिन आज ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है। सहनी ने दावा किया कि चुनाव आयोग पीएम नरेंद्र मोदी की जेब में है।

वोट चोरी करके बनी सरकार – भूपेश बघेल मंच से बोलते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सासाराम से आज एक ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत होने जा रही है। जहां भी अन्याय और अत्याचार होता है, अधिकार छीने जाते हैं तो पूरे देश के लोग सिर्फ राहुल गांधी की तरफ उम्मीद की तरफ देखती है। राहुल गांधी ने बता दिया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार चुनी हुई सरकार नहीं है, वोट चोरी करके यह सरकार बनी है।

पप्पू यादव बोले- राहुल गांधी किसी के फायदा-नुकसान के लिए नहीं निकले हैं पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भी सासाराम पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी भारत की जनता की आवाज बनने के लिए 10,000 किलोमीटर पैदल चले हैं, वे युवाओं की बात करते हैं। राहुल संविधान की रक्षा के लिए निकले हैं, वे राजनीतिक फायदा-नुकसान के लिए नहीं निकले हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नफरत मिटाने, चुनाव आयोग की लूट रोकने, किसानों के कल्याण और युवाओं के रोजगार के लिए निकले हैं।

दीपांकर बोले- वोट चोरी नहीं चलेगी लेफ्ट पार्टी सीपीआई माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि वोट चोरी, वोट बंदी नहीं चलेगी। उन्होंने रविवार से शुरू हो रहे वोटर अधिकार यात्रा में आमलोगों से शामिल होने की अपील की। इस यात्रा में शामिल होने के लिए पटना से सासाराम रवाना होने के पूर्व मीडिया से बातचीत में ये बातें कही।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के 35 लाख मजदूर जो बाहर रहते हैं उनके नाम हटा दिए गए हैं। युवा मंटू पासवान को जीवित होते हुए मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह आजादी का महीना है और आजादी के साथ ही हमें संविधान मिला है औऱ इस संविधान से ही वोट देने का अधिकार मिला है।

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्रा का पूरा रूट मैप राहुल और तेजस्वी यादव की यात्रा का पहला चरण 16 दिनों का होगा। 1 सितंबर को पटना में इस यात्रा का समापन होगा। इस यात्रा का पूरा रूट मैप पहले ही जारी कर दिया गया था। शुक्रवार को सासाराम से डेहरी ऑन सोन, रोहतास। 18 को कुटुंबा, औरंगाबाद, देव, गुरारू। 18 को पुनामा वजीरगंज, गया से नवादा होते हुए बरबीघा तक जाएगी। 20 अगस्त को ब्रेक रहेगा। 21 को तीन मोहानी दुर्गा मंदिर, शेखपुरा से सिकंदरा, जमुई होकर मुंगेर पहुंचेगी। 22 को मुंगेर से सुल्तानगंज होकर भागलपुर। 23 को बरारी, कुरसेला से कोढ़ा और कटिहार होते हुए पूर्णिया पहुंचेगी। 24 अगस्त को पूर्णिया से अररिया होकर नरपतगंज। 25 को ब्रेक रहेगा।

26 अगस्त को यह यात्रा सुपौल से शुरू होकर फुलपरास, सकरी, मधुबनी होकर दरभंगा पहुंचेगी। 27 को दरभंगा से मुजफ्फरपुर होकर सीतामढ़ी, 28 को सीतामढ़ी से मोतिहारी होकर पश्चिम चंपारण, 29 को बेतिया से गोपालगंज होकर सीवान। 30 अगस्त को छपरा से आरा पहुंचेगी। 31 अगस्त को ब्रेक रहेगा और 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में बड़ी रैली के साथ यात्रा का समापन होगा।

“‘पूरे हिन्दुस्तान में RSS-बीजेपी संविधान मिटाने में लगे हैं, जहां भी चुनाव होता है वो…’, वोटर अधिकार यात्रा में जमकर बरसे राहुल गांधी”

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“‘पूरे हिन्दुस्तान में RSS-बीजेपी संविधान मिटाने में लगे हैं, जहां भी चुनाव होता है वो…’, वोटर अधिकार यात्रा में जमकर बरसे राहुल गांधी”

लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार (17 अगस्त, 2025) को सासाराम से वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत की. बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये संविधान को बचाने की लड़ाई है.

पूरे हिन्दुस्तान में आरएसएस-बीजेपी संविधान को मिटाने में लगे हैं. जहां भी चुनाव होता है वो जीतते हैं. राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा के समय हमारा गठबंधन चुनाव जीतता है और उसके 4 महीने बाद बीजेपी का गठबंधन चुनाव जीतता है. जब हमने इसकी इंक्वायरी की तो पता चला कि एक करोड़ नए वोट पैदा कर दिए. लोकसभा और विधानसभा चुनावों में एक करोड़ वोटर का अंतर था. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में सारे रिकॉर्ड निकाले. एक विधानसभा में एक लाख वोटरों की चोरी हुई.

हम वोट चोरी नहीं करने देंगे- राहुल गांधी नेता विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि लोकसभा के चुनाव और विधानसभा के चुनाव चोरी किए जा रहे हैं. हम चुनावों में चोरी नहीं होने देंगे. बिहार की जनता चोरी नहीं होने देगी, हम वोट चोरी नहीं करने देंगे. चोरी चुनाव आयोग कर रहे हैं, हम ये चोरी नहीं होने देंगे.

राहुल गांधी की यात्रा को लेकर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम राहुल गांधी की इस यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए हैं. हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक करीब 115 दंडाधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है. सभा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है. भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए हेलीपैड और सभा स्थल तक पहुंचने वाले कई मार्गों को अस्थायी रूप से बदल दिया गया है. राहल गांधी अपनी इस यात्रा में बिहार के कई जिलों का दौरा करेंगे.

“‘ग्रीन दिल्ली-क्लीन दिल्ली के मंत्र को मजबूत करना है’, 11 हजार करोड़ की सौगात देकर बोले PM मोदी”

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“‘ग्रीन दिल्ली-क्लीन दिल्ली के मंत्र को मजबूत करना है’, 11 हजार करोड़ की सौगात देकर बोले PM मोदी”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (17 अगस्त 2025) को यूईआर-2 का उद्घाटन किया. इससे सिंघु बॉर्डर से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे तक यात्रा का समय कम हो जाएगा. पहले लगभग दो घंटे लगते थे, लेकिन अब यह दूरी तय करने में केवल 40 मिनट लगेंगे.

दिल्ली वालों को 11 हजार करोड़ की सौगात देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक्सप्रेसवे का नाम द्वारका के नाम पर रखा गया है. कार्यक्रम रोहिणी में हो रहा है और वातावरण जन्माष्टमी के उल्लास से भरा हुआ है. मैं भी द्वारका की धरती से हूं और आज पूरा वातावरण सचमुच कृष्णमय हो गया है.

पीएम मोदी ने कहा कि अगस्त के ये महीना आजादी और क्रांति के रंग में रंगा होता है. आजादी के इसी महोत्सव के बीच आज देश की राजधानी दिल्ली, देश में हो रही विकास क्रांति की साक्षी बन रही है. थोड़ी देर पहले दिल्ली को द्वारका एक्सप्रेस वे और अर्बन एक्सटेंशन रोड की कनेक्टिविटी मिली है. इससे दिल्ली के गुरुग्राम के और पूरे NCR के लोगों की सुविधा बढ़ेगी. दफ्तर आना-जाना, फैक्ट्री आना-जाना और आसान होगा, सभी का समय बचेगा. हमारे व्यापारी, कारोबारी और किसानों को विशेष लाभ होने वाला है.

ये विकसित होते भारत की राजधानी है- मोदी प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत क्या सोच रहा है. उसके सपने और संकल्प क्या हैं? ये सबकुछ आज पूरी दुनिया अनुभव कर रही है. दुनिया, जब भारत को देखती है, परखती है तो उसकी पहली नजर हमारी राजधानी दिल्ली पर पड़ती है. दिल्ली को हमें विकास का ऐसा मॉडल बनाना है, जहां सभी को महसूस हो कि हां, ये विकसित होते भारत की राजधानी है.

अर्बन एक्सटेंशन रोड की विशेषता अर्बन एक्सटेंशन रोड की विशेषता यह दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करने में मदद कर रही है. अर्बन एक्सटेंशन रोड के निर्माण में लाखों टन कचरे का इस्तेमाल किया गया है. कूड़े के पहाड़ों को कम करके, अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग सड़क निर्माण में किया गया है. यह वैज्ञानिक तरीके से किया गया है. भलस्वा लैंडफिल पास ही में स्थित है. पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि यहां आसपास रहने वाले परिवारों के लिए कितनी समस्याएं हैं. हमारी सरकार दिल्ली के लोगों को ऐसी हर समस्या से मुक्त करने में लगी हुई है.

दिल्ली की भाजपा सरकार पर क्या बोले पीएम? पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्ली की भाजपा सरकार यमुना जी की सफाई में भी लगातार जुटी हुई है.मुझे बताया गया है कि यमुना से इतने समय में 16 लाख मीट्रिक टन शिल्ट हटाई जा चुकी है.इतना ही नहीं, बहुत कम समय में ही दिल्ली में 650 DEVI इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गई हैं.भविष्य में ये इलेक्ट्रिक बसें करीब 2 हजार का आंकड़ा पार कर जाएंगी. ये Green Delhi – Clean Delhi के मंत्र को और मजबूत करता है.

पिछली सरकारों ने दिल्ली को बर्बाद किया- पीएम पीएम मोदी ने कहा कि कई सालों बाद, राष्ट्रीय राजधानी में भाजपा की सरकार बनी है. लंबे समय तक हम सत्ता के आस-पास भी नहीं थे और हम देख सकते हैं कि पिछली सरकारों ने दिल्ली को कैसे बर्बाद किया और उसे कितने गहरे गड्ढे में धकेल दिया. मैं जानता हूं कि नई भाजपा सरकार के लिए दिल्ली को अतीत की बढ़ती समस्याओं से बाहर निकालना कितना मुश्किल है. पहले तो उस गड्ढे को भरने में ही बहुत मेहनत लगेगी और उसके बाद ही प्रगति दिखाई देगी, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि आपने दिल्ली में जो टीम चुनी है. वह कड़ी मेहनत करेगी और शहर को दशकों से चली आ रही समस्याओं से बाहर निकालेगी.

 

“ट्रंप के टैरिफ का असर! सुधरने लगे चीन से रिश्ते, आज भारत आएंगे चीनी विदेश मंत्री वांग यी; डोभाल और जयशंकर से होगी मुलाकात”

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“ट्रंप के टैरिफ का असर! सुधरने लगे चीन से रिश्ते, आज भारत आएंगे चीनी विदेश मंत्री वांग यी; डोभाल और जयशंकर से होगी मुलाकात”

अमेरिका ने दुनिया के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों भारत और चीन पर ज्यादा-से-ज्यादा टैरिफ लगाए हैं. ट्रंप के टैरिफ की वजह से दोनों पड़ोसी देशों के बीच रिश्तों में गरमाहट वापस लौटी है.

इसका असर भी दिखने लगा है, क्योंकि चीन के विदेश मंत्री वांग यी 18-19 अगस्त को भारत का दौरा करने वाले हैं. इस दौरान वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के साथ भारत-चीन सीमा विवाद पर 24वें दौर की स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव्स (SR) वार्ता करेंगे.

भारत और चीन का द्विपक्षीय संबंध केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामरिक और भू-राजनीतिक महत्व भी रखता है. 2020 के गलवान संघर्ष के बाद से रिश्तों में तनाव बना हुआ है. हालांकि हाल के महीनों में दोनों देशों ने सैनिकों की सीमित वापसी और संवाद तंत्र को सक्रिय कर कुछ सकारात्मक संकेत दिए हैं. इसी कड़ी में चीन के विदेश मंत्री और पोलित ब्यूरो सदस्य वांग यी का भारत दौरा बेहद अहम माना जा रहा है.

अजीत डोभाल के साथ भारत-चीन सीमा विवाद पर बैठक इस दौरान वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के साथ भारत-चीन सीमा विवाद पर 24वें दौर की स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव्स (SR) वार्ता करेंगे. दोनों ही नेता अपने-अपने देशों के लिए विशेष प्रतिनिधि नामित हैं और सीमा वार्ता में उनकी भूमिका निर्णायक है. माना जा रहा है कि इस बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैनिकों की तैनाती कम करने, संवाद बढ़ाने और विश्वास बहाली जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता वांग यी की मुलाकात विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी होगी. यहां व्यापार, कूटनीति, वीजा नियमों में ढील और हवाई संपर्क बहाली जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. भारत और चीन के बीच व्यापारिक संबंध काफी गहरे हैं, लेकिन सीमा तनाव ने इन्हें प्रभावित किया है.

मोदी की चीन यात्रा से पहले अहम तैयारी वांग यी का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन दौरे की संभावना जताई जा रही है. वे 31 अगस्त और 1 सितंबर को SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन के तियानजिन जा सकते हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री 29 अगस्त को जापान की यात्रा करेंगे. ऐसे में यह दौरा एक तरह से शिखर सम्मेलन से पहले की भूमिका तैयार करने वाली कूटनीतिक पहल है.

सीमा तनाव कम करने की कोशिशें जून 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद से संबंधों में खटास आई थी. दोनों देशों ने कई क्षेत्रों से सैनिक हटाए हैं, लेकिन अब भी 50-60 हजार सैनिक LAC पर तैनात हैं. सीमा तनाव कम करने के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करना, पर्यटक वीजा जारी करना और सीधी उड़ानों की बहाली जैसे कदमों पर चर्चा चल रही है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री जयशंकर भी हाल ही में चीन गए थे, जिससे संकेत मिलता है कि दोनों देश संवाद को आगे बढ़ाना चाहते हैं.

“डिजिटल ट्रांजैक्शन से गंदे नोटों पर लगाम, चार महीने में इतने अरब करेंसी हुई चलन से बाहर, RBI ने जारी किए आंकड़े”

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“डिजिटल ट्रांजैक्शन से गंदे नोटों पर लगाम, चार महीने में इतने अरब करेंसी हुई चलन से बाहर, RBI ने जारी किए आंकड़े”

देश में डिजिटल क्रांति और यूपीआई लेन-देन में आई तेज़ी ने न केवल नकद लेन-देन को कम किया है, बल्कि गंदे और क्षतिग्रस्त नोटों की संख्या पर भी लगाम लगाई है. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि पिछले एक साल में ऐसे नोटों की संख्या में करीब 41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.

नोटों की बर्बादी पर लगी ब्रेक पहले अक्सर देखा जाता था कि लोग नोटों पर अनावश्यक चीजें लिख देते थे, उन्हें मोड़कर रखते थे या सही तरीके से इस्तेमाल नहीं करते थे. इन वजहों से नोट जल्दी खराब हो जाते थे. लेकिन अब डिजिटल भुगतान की ओर बढ़ते रुझान, लोगों की जागरूकता और केंद्रीय बैंक की सख़्ती ने इस समस्या को काफी हद तक कम कर दिया है.

चार महीने में कितने नोट चलन से बाहर आरबीआई हर साल क्षतिग्रस्त नोटों को बाजार से बाहर करता है. अप्रैल से जुलाई 2024 के बीच कुल 8.43 अरब नोट वापस लिए गए थे, जबकि इसी अवधि में 2025 में यह संख्या घटकर 5.96 अरब रह गई. यदि अलग-अलग मूल्य वर्ग की बात करें तो साल 2024 में अप्रैल से जुलाई के बीच 500 रुपये के 3.10 अरब, 200 रुपये के 85.63 करोड़, 100 रुपये के 2.27 अरब और 50 रुपये के 70 करोड़ नोट चलन से बाहर किए गए थे.

इसी अवधि के दौरान 2025 में 500 रुपये के 1.81 अरब, 200 रुपये के 56.27 करोड़, 100 रुपये के 1.07 अरब और 50 रुपये के 65 करोड़ रुपये चलन से बार किए गए. इन आँकड़ों से साफ है कि डिजिटल लेन-देन के चलते नकद का इस्तेमाल घट रहा है. इससे न केवल गंदे और पुराने नोटों की संख्या कम हुई है, बल्कि अर्थव्यवस्था में नकदी पर निर्भरता भी लगातार घट रही है. आने वाले समय में यह रुझान और तेज़ हो सकता है.

“Whatsapp स्क्रीन रखिए सेफ नहीं तो उड़ जाएंगे खाते से पैसे! ऐसे हो रही साइबर ठगी, जानें कैसे बचें”

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“Whatsapp स्क्रीन रखिए सेफ नहीं तो उड़ जाएंगे खाते से पैसे! ऐसे हो रही साइबर ठगी, जानें कैसे बचें”

हाल ही में OneCard ने अपने ग्राहकों को एक खतरनाक ऑनलाइन घोटाले के बारे में चेतावनी दी है जिसे WhatsApp Screen Mirroring Fraud कहा जाता है. इस धोखाधड़ी में ठग लोगों को स्क्रीन शेयरिंग चालू करने के लिए फंसाते हैं और फिर उनकी निजी जानकारी जैसे OTP, बैंक डिटेल्स, पासवर्ड और मैसेज चुरा लेते हैं.

इसके बाद पीड़ित व्यक्ति आर्थिक नुकसान, बैंक अकाउंट पर कंट्रोल खोने और यहां तक कि पहचान चोरी (Identity Theft) का शिकार हो सकता है. यह फ्रॉड कैसे काम करता है? ठग खुद को बैंक या किसी वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताकर कॉल करते हैं और अकाउंट में समस्या होने का बहाना बनाते हैं.

धोखेबाज यूज़र को स्क्रीन शेयरिंग शुरू करने के लिए कहते हैं और फिर व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए स्क्रीन एक्सेस ले लेते हैं. जब यूज़र बैंकिंग ऐप, UPI या पासवर्ड डालता है तो ठग रियल-टाइम में सबकुछ देख लेते हैं और लेन-देन कर लेते हैं. कई बार ठग मोबाइल में कीबोर्ड लॉगर इंस्टॉल कर देते हैं जिससे वे हर टाइप किए गए शब्द, पासवर्ड और OTP तक पहुंच जाते हैं.

चुराई गई जानकारी का इस्तेमाल ठग इन डेटा का इस्तेमाल करके अनधिकृत लेन-देन करते हैं, बैंक अकाउंट हैक कर लेते हैं, सोशल मीडिया और UPI अकाउंट तक एक्सेस पाते हैं, पीड़ित की पहचान का दुरुपयोग करते हैं.

क्या बैंकिंग ऐप्स सुरक्षित हैं? साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के अधिकांश बड़े बैंकिंग ऐप्स में स्क्रीन कैप्चर ब्लॉक, सिक्योर सेशन और टाइमआउट जैसे फीचर्स मौजूद हैं. लेकिन अगर ग्राहक अनजाने में स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति दे देते हैं तो कुछ ऐप्स की सुरक्षा को ठग आसानी से बायपास कर लेते हैं.

खुद को कैसे सुरक्षित रखें? क्या करें (Dos): कॉल करने वाले की पहचान हमेशा आधिकारिक नंबर से सत्यापित करें. केवल भरोसेमंद लोगों के साथ ही स्क्रीन शेयरिंग करें. मोबाइल में unknown sources से ऐप इंस्टॉल करने का विकल्प बंद रखें. संदिग्ध नंबर तुरंत ब्लॉक करें और शिकायत cybercrime.gov.in या 1930 पर करें. सभी फाइनेंशियल और मैसेजिंग ऐप्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें.

क्या न करें (Don’ts): अनजान या संदिग्ध कॉल का जवाब न दें. स्क्रीन शेयरिंग के दौरान कभी भी UPI, बैंकिंग या वॉलेट ऐप्स का इस्तेमाल न करें. दबाव डालने वाले कॉलर्स की बातों पर भरोसा न करें.